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Jun 12, 2011

कमल विहार योजना पूरे देश के लिए मिसाल बनेगी – श्री सुनील सोनी

कमल  विहार योजना की एक परिकल्पना
 देश की सबसे बड़ी शहर विकास योजनाओं में से एक कमल विहार  का भूमिपूजन आज
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह होगें मुख्य अतिथि
रायपुर 11 जून 2011, छत्तीसगढ़ में शहर विकास की नई अवधारणा वाली समन्वित विकास की नगर विकास योजना कमल विहार में कल से विकास कार्य शुरु हो जाएगा. छत्तीसढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह राज्य की ऐसी पहली योजना का ग्राम डूंडा में शाम 4 बजे भूमिपूजन करेगें. लगभग 815 करोड़ रुपए लागत वाली इस योजना का भूमिपूजन कल केपीएस स्कूल के सामने होगा. भूमिपूजन कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद श्री रमेश बैस करेगें. कार्यक्रम के विशिष्टि अतिथि के रुप में प्रदेश के मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री राजेश मूणत, विधायक श्री नंद कुमार साहू, महापौर श्रीमती किरणमयी नायक उपस्थित रहेंगी. 

 प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी के अनुसार योजना के क्रियान्वयन से राज्य में सुव्यवस्थित शहरी विकास की दिशा में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि भविष्य में पूरे देश के लोग कमल विहार योजना का उदाहरण दे कर अन्य राज्यों में भी इसे अपनाएंगे. श्री सोनी ने कहा कि 1600 एकड़ क्षेत्र में बनने वाली नगर विकास योजना प्लॉटों के पुनर्गठन की योजना है. जिसमें आवासीय, व्यावसायिक, आमोद – प्रमोद, सार्वजनिक, अर्ध – सार्वजनिक, चौड़ी सड़कें जल प्रदाय, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लॉंट सहित कई आधुनिक सुविधाएं होगी. यह योजना जनभागीदारी के साथ नगर विकास की योजना है जो पहली बार छत्तीसगढ़ में क्रियान्वित की जाएगी. श्री सोनी ने कहा योजना पहले अधोसंरचना का विकास फिर बसाहट के सिध्दांत पर आधारित है.
कमल विहार योजना की एक और परिकल
कमल विहार योजना रायपुर धमतरी के नए और पुराने मार्ग के बीच ग्राम डूंडा, बोरियाखुर्द, डुमरतराई, देवपुरी व टिकरापारा के क्षेत्रों में विकसित की जाएगी. 15 सेक्टरों में विभाजित कमल विहार योजना में भूस्वामियों को उनकी अविकसित भूमि के बदल 35 से 58 प्रतिशत क्षेत्र के विकसित भूखंड दिए जाएगें. यह भूखंड उनकी भूमि या उसके आसपास ही दिए जाएगें. योजना में 75 मीटर की एक रिंग रोड व बायपास रोड होगी. इसमें सायकल ट्रैक आकर्षण का केन्द्र होगा. योजना में 24 घंटे 7 दिन जलप्रदाय किए जाने की परिकल्पना है. नालियां भी भूमिगत होगी तथा सड़कों से समानातंर सीवर लाईन का निर्माण किया जाएगा. इसके अतिरिक्त जल मल शोधन के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लॉट भी लगाया जाएगा. इससे उपचारित शोधित जल का पुनः उपयोग उद्यानों की सिंचाई के लिए किया जाएगा.
        आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों लिए कमल विहार में विकसित भूखंडों का 15 प्रतिशत अर्थात 79.14 एकड़ क्षेत्र आरक्षित रखा गया है. योजना में भूस्वामियों की संख्या 5095 है. सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया रायपुर नें योजना के अधोसंरचना विकास के लिए 500 करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृत किया है. प्राधिकरण ने योजना लगभग 3 वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है. प्राधिकरण व्दारा अधोसंरचना विकास के लिए योजना में विक्रय योग्य आरक्षित भूमि का विक्रय कर राशि अर्जित की जाएगी.
कमल विहार योजना में बनने वाली रिंग रोड
 प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी, उपाध्यक्षव्दय श्री रतन लाल डागा व श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ए. के. अग्रवाल देश की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक कमल विहार के भूमि पूजन के ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने की अपील की है.


  

छत्तीसगढ़ शासन व्दारा योजना पर दी गई छूट
* राज्य शासन व्दारा भूमि के बदल विकसित भूखंड आवंटन पर पंजीयन शुल्क से छूट * भूस्वामियों को आवंटित होने वाले विकसित भूखंड पर भूभाटक या अन्य कोई शुल्क देय नहीं * विकसित सभी भूखंड फ्री होल्ड होगें * भू स्वामियों को भूमि विक्रय करने के लिए किसी प्रकार की अनुमति की आवश्यक्ता नहीं * छोटे भूमि स्वामी जिन्हें 565 1042 वर्गफुट आकार के भूखंड आवंटित हैं को निर्धारित पात्रता से एक स्लैब ऊपर का भूखंड आवंटन का विकल्प दिया गया, अन्तर का क्षेत्रफल न्यूनतम दर पर देय होगा.      

कमल विहार योजना से भूस्वामियों को लाभ
* खाली पड़ी अविकसित भूमि के बदले सुविधायुक्त विकसित भूखंड * भूस्वामियो की भूमि के स्थान पर या आसपास ही विकसित भूखंड दिए जाएंगे * हर भूखंड फ्री होल्ड होगा, किसी भूखंड से कोई भू-भाटक नहीं लिया जाएगा. * भूखंड विक्रय करने की पूर्णतः छूट. कोई अनुमति लेने की आवश्‍यकता नहीं * विधि मान्य भूखंड होने से भवन का नक्शा पास कराने में कोई परेशानी नहीं * वित्तदायी संस्थाओं व बैंक इत्यादि से ऋण लेने के लिए सुविधाजनक   * नगर तथा ग्राम निवेश व्दारा स्वीकृत योजना होने के कारण भूखंड के मूल्य में तेजी व लगातार वृद्धि होने से भूस्वामियों को अधिक से अधिक लाभ की संभावना * चौड़ी सड़कों के निर्माण के कारण पार्किंग एवं यातायात की समस्‍या नहीं * सुगम यातायात हेतु 2 फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित * छोटे भू-स्‍वामियों को भूखंड के अभिन्‍यास अनुमोदन की आवश्‍यकता नहीं, केवल सक्षम प्राधिकारी से भवन अनुज्ञा प्राप्त करनी होगी * योजना में राजधानी रायपुर का पहला सी.बी.डी. अर्थात केंद्रीय व्‍यावसायिक क्षेत्र विकसित होगा * आमोद - प्रमोद की सुविधा * उन भूस्वामियों को भी आवासीय भूखंड मिलेंगे जिनकी भूमि मास्टर प्लॉन में सड़क या आमोद-प्रमोद के भू-उपयोग के लिए प्रस्तावित है * सार्वजनिक – अर्ध्दसार्वजनिक, सामाजिक, सांस्‍कृतिक, प्रशासनिक, शिक्षा व स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्ध होगी. 

Jun 9, 2011

मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिह 13 जून को देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक कमल विहार का करेगें भूमिपूजन

देश की सबसे बड़ी शहर विकास योजना
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह करेगें
13 जून को कमल विहार का भूमिपूजन
रायपुर 09 जून 2011, देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक कमल विहार का भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सोमवार 13 जून को करेगें. रायपुर विकास प्राधिकरण ने इस संबंध में तैयारी शुरु कर दी है. रायपुर के सांसद श्री रमेश बैस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेगें. कार्यक्रम के विशिष्टि अतिथि के रुप में प्रदेश के मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री राजेश मूणत, विधायक श्री नंद कुमार साहू, महापौर श्रीमती किरणमयी नायक उपस्थित रहेंगी. 
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी के अनुसार 1600 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली यह योजना प्लॉटों के पुनर्गठन की योजना है जिसमें आवासीय, व्यावसायिक, आमोद – प्रमोद, सार्वजनिक, अर्ध – सार्वजनिक, चौड़ी सड़कें जल प्रदाय, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लॉंट सहित कई आधुनिक सुविधाएं होगी. यह योजना जनभागीदारी के साथ नगर विकास की योजना है जो पहली बार छत्तीसगढ़ में क्रियान्वित की जाएगी.

        प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी, विधायक श्री नंद कुमार साहू उपाध्यक्षव्दय श्री रतन लाला डागा व श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ए. के. अग्रवाल ने आज संयुक्त रुप से दौरा कर कमल विहार योजना के ग्राम डूंडा क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने भूमिपूजन के संबंध में की जाने वाली तैयारियों के सिलसिलें में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. इस दौरान शहर के सी.एस.पी. श्री लाल उम्मेद सिह सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे. 

Jun 3, 2011

ट्रांसपोर्टनगर में 3 माह में निर्माण शुरू नहीं करने पर भूखंड होगें निरस्त

आरडीए के पदाधिकारियों का ट्रांसपोर्ट नगर का दौरा

डॉ. खूबचंद बघेल ट्रॉंसपोर्टनगर, रावांभांठा का निरीक्षण 


रायपुर 3 जून 2011. रायपुर शहर में यातायात का दबाव कम करने और शहर की सड़कों पर बेतरतीब ढंग से खड़ी ट्रकों की व्यवस्थित पार्किंग के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा रावांभाठा में निर्मित ट्रांसपोर्ट नगर अगले महीने से सुव्यवस्थित रूप में कार्य करने लगेगा. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी, उपाध्यक्षद्वय श्री रतन डागा एवं श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अशोक अग्रवाल ने आज ट्रांसपोर्ट नगर का निरीक्षण कर प्राधिकरण के अधिकारियों को एक माह में यहां समस्त बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवंटित भूखंडों पर अगले तीन माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं करने पर भूखंड आवंटन निरस्त कर दिया जाए तथा ट्रांसपोर्ट नगर में हुए अवैध कब्जों को एक महीने के भीतर हटाया जाए. 
उल्लेखनीय है कि विगत दिनों आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं की समीक्षा करते हुए डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्ट नगर में जल्द ही आवश्यक व्यवस्थाएं करते हुए यहां ट्रकों की पार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये थे. उसी तारतम्य में आज प्राधिकरण के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष द्वय और मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ट्रांसपोर्ट नगर में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया. अधिकारियों ने उन्हें बताया कि प्राधिकरण द्वारा रावांभाठा में 98 एकड़ भूमि पर ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण किया गया है. ट्रांसपोर्ट नगर में लगभग एक हजार भूखंड परिवहन तथा उससे संबंधित व्यवसायियों को आवंटित किए गए है. छह सौ से ज्यादा भूखंड धारकों द्वारा अपने भूखंड पर आवश्यक निर्माण करवाया गया है, जबकि 381 भूखंड धारकों द्वारा अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया है. श्री सोनी ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे समस्त भूखंड धारकों को नोटिस जारी कर तीन माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने को कहा जाए और यदि निर्धारित समय सीमा में उनके द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता है तो उनके भूखंड आवंटन निरस्त कर दिए जाएं. उन्होंने ट्रांसपोर्ट नगर में हो रहे अतिक्रमण को एक माह के भीतर हटाने के निर्देश दिए.
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर में कांक्रीटी सड़कों और पार्किंग स्थल सहित चार सुलभ शौचालयों और ड्राइवरों के ठहरने के लिए पांच शेड़ों का निर्माण किया जा चुका है. इसके साथ ही व्यावसायिक परिसर में 123 दुकानों और 24 हॉल भी बनाये जा चुके हैं. व्यवसायियों को पेयजल एवं विद्युत सुविधा भी उपलब्ध कराई जा चुकी है. यहां तीन ढाबों के निर्माण के लिए भी स्थान आरक्षित किया गया है. मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अग्रवाल ने प्राधिकरण के द्वारा इन ढाबों का निर्माण कर इच्छुक व्यवसायियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिया. प्राधिकरण के पदाधिकारियों और मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने प्राधिकरण द्वारा डॉ. श्यामप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के तहत बोरिया खुर्द में गरीबों के लिए बनाए गए मकानों का भी निरीक्षण किया. उन्होंने कमल विहार योजना क्षेत्र का दौरा कर योजना की तैयारियों का भी जायजा लिया. इस अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण के अधीक्षक अभियंता श्री डी.एस. परोहा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

Jun 2, 2011

कमल विहार योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाएं : श्री मूणत

बुनियादी अधोसंरचनाओं के विकास पर जोर दिया

रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं की समीक्षा की

प्राधिकरण के सभा कक्ष में आयोजित योजनाओं की समीक्षा बैठक
रायपुर,01 जून 2011, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने आज यहां रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि प्राधिकरण को रायपुर शहर के तेजी से हो रहे विस्तार और भावी स्वरूप को देखते हुए यहां बुनियादी अधोसंरचनाओं के विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए. उन्होंने प्राधिकरण की संपत्ति को अतिक्रमण से यथाशीघ्र मुक्त कराने और राजस्व वसूली पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिए. श्री मूणत ने हितग्राहियों की सुविधा के लिए प्राधिकरण द्वारा संचालित एकल खिड़की प्रणाली को और सुदृढ करते हुए नामांतरण, हस्तांतरण और अनापत्ति के प्रकरणों के जल्द निराकरण पर जोर दिया. श्री मूणत ने कमल विहार और गंजमंडी क्षेत्र विकास योजना सहित प्राधिकरण द्वारा संचालित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की.
मैनेजमैंट इन्फरमेशन सिस्टम व वेबसाइट का शुभारंभ
श्री मूणत ने रायपुर विकास प्राधिकरण के नव-निर्मित कम्प्यूटर कक्ष और प्राधिकरण की नयी वेबसाईट (www.rdaraipur.com) का भी लोकार्पण किया. इस अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी,उपाध्यक्ष द्वय श्री रतन डागा एवं श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अशोक अग्रवाल भी मौजूद थे.

            रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में श्री मूणत ने प्राधिकरण की नयी नगर विकास योजना कमल विहार के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए योजना में जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए. प्राधिकरण के अधिकारियों ने उन्हें बताया गया कि योजना क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के संबंध प्राप्त अधिकांश आपत्तियों का निराकरण कर लिया गया है और जल्द ही भू-स्वामियों के साथ अनुबंध की कार्रवाई शुरू की जाएगी. श्री मूणत ने कमल विहार योजना के सभी 15 सेक्टरों में सड़क,नाली, पेयजल,बिजली आदि बुनियादी अधोसंरचनाओं के योजनाबध्द विकास पर जोर देते हुए उनके निर्माण के लिए आगामी दो माह के भीतर निविदाएं जारी करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि योजना के तहत बनाये जाने वाले मुख्य मार्ग के लिए जल्द से जल्द निविंदा जारी की जाए. उन्होंने कमल विहार योजना रायपुर शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसके क्रियान्वयन में गति लाने के निर्देश दिए. श्री मूणत ने गंजमंडी क्षेत्र में 26 एकड़ भूमि पर नगर निगम रायपुर और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से व्यवसायिक परिसर के निर्माण की योजना की भी जानकारी ली. इस योजना का क्रियान्वयन प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा. श्री मूणत ने कहा कि योजना में उस क्षेत्र के पट्टाधारक व्यवसायियों के व्यवस्थापन का समुचित ध्यान रखा जाए. इसके साथ ही उन्होंने वहां अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम और प्राधिकरण द्वारा संयुक्त अभियान चलाए जाने की जरूरत पर बल दिया. अधिकारियों ने उन्हें बताया कि योजना के प्रारूप का प्रकाशन कर इस संबंध में दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गई है. श्री मूणत ने प्राप्त दावे-आपत्तियों के अनुसार योजना में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए.
         
            श्री मूणत ने रावांभाठा में प्राधिकरण द्वारा विकसित ट्रांसपोर्ट नगर में आबंटित भूखंडों अब तक निर्माण प्रारंभ न करने वाले व्यवसायियों के भू-खंड आबंटन निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे समस्त व्यवसायियों द्वारा तीन माह की समय-सीमा में निर्माण कार्य शुरू नहीं किये जाने पर उनके भू-खंड आबंटन निरस्त कर दिए जाएं. श्री मूणत ने रायपुर शहर के ट्रैफिक के दबाव को ध्यान में रखते हुए टाटीबंध में एक नये ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण जल्द शुरू और शहर के चारों ओर एक-एक ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित करने हेतु योजना बनाने को कहा. आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने रायपुरा में प्राधिकरण द्वारा निमाणाधीन इंद्रप्रस्थ फेज-1 योजना को जल्द से पूर्ण करने के निर्देश दिया. उन्होंने रायपुरा में ही बनने वाले इंद्रप्रस्थ फेज - 2 और एम्यूजमेंट पार्क की प्रगति की भी जानकारी ली. श्री मूणत ने प्राधिकरण द्वारा पूर्ण की जा चुकी योजनाओं में मकानों और दुकानों का आबंटन हितग्राहियों को जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए. उन्होंने प्राधिकरण की टिकरापारा और कटोरातालाब क्षेत्रों में संचालित आवासीय योजनाओं के अंतर्गत अतिक्रमण कर अवैध मकानों का निर्माण किए जाने की जांच के भी निर्देश दिए. बैठक में विशेष सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री एस.एस.बजाज सहित प्राधिकरण के कई अधिकारी उपस्थित थे।

May 28, 2011

आरडीए ने बोरियाखुर्द में 20 फ्लैट्स एवं बॉम्‍बे मार्केट में 5 दुकानों को सील किया

रायपुर 28 मई 2011. रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे वसूली अभियान के तीसरे दिन आज बोरियाखुर्द एवं बाम्‍बे मार्केट योजना के बकायादारों के फ्लैट एवं दुकानें सील की गई. बकाया राशि के संबंध में हितग्राहियों को कई बार सूचना दी गई है किंतु इसके बावजूद बकायादारों द्वारा राशि जमा नहीं की जा रही थी, जबकि हितग्राहियों से किए गए अनुबंध में समय पर राशि जमा किए जाने का उल्‍लेख है तथा समय पर राशि जमा नहीं किए जाने पर 15 प्रतिशत सरचार्ज देना पड़ता है. सोमवार को अभियान के तहत वसूली दल हीरापुर जाएगा.
 शहर के हृदयस्‍थल बाम्‍बे मार्केट योजना में भूतल के 2 एवं द्वितीय तल के 3 दुकानों तथा बोरियाखुर्द योजना में 20 हितग्राहियों के फ्लैटों को सील कर दिया गया.
उल्‍लेखनीय है कि डॉ. श्‍यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना हीरापुर, रायपुरा, बोरियाखुर्द एवं सरोना में अनेक हितग्राहियों द्वारा काफी समय से फ्लैटों की मासिक किश्‍तें जमा नहीं कराई जा रही है.
प्राधिकरण प्रशासन द्वारा बकायादारों को आगामी 15 दिनों के भीतर राशि जमा करने की अपील की गई है.

May 27, 2011

छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर से 3.83 करोड़ वसूलने आरडीए ने 10 जून तक का दिया समय

रायपुरा में 15 फ्लैट्स सील
कल बॉम्बे मार्केट और बोरियाखुर्द में होगी वसूली

छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर, देवेन्द्रनगर
रायपुर 26 मई 2011, छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर देवेन्द्रनगर से भूभाटक की 3 करोड़ 83 लाख रुपए की बकाया राशि वसूलने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री रतन लाल डागा ने मेसर्स गुप्ता इन्फ्रास्ट्रक्चर नागपुर को 10 जून तक समय दिया है. उधर रायपुरा में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना में बकाया राशि नहीं देने के कारण आज 15 फ्लैट्स सील किए गए. वसूली अभियान के अन्तर्गत कल प्राधिकरण का वसूली दल बॉम्बे मार्केट और बोरियाखुर्द जाएगा.
 प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में कई बार सूचना देने के बाद भी हितग्राही बकाया राशि जमा नहीं करते इस कारण प्राधिकरण व्दारा बकाया राशि वसूली का अभियान चलाया जा रहा है. देवेन्द्रनगर के लगभग पौने छह एकड़ में बने छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर को हर साल 2 करोड़ 66 लाख 53 हजार 315 रुपए का भूभाटक देय होता है. हर साल 10 जून तक राशि जमा नहीं करने पर सरचार्ज की राशि देय होती है, किन्तु सिटी सेन्टर व्दारा पिछले वर्ष का भूभाटक जमा नहीं किया है. रायपुरा में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत आवंटितियों पर लगभग 1 करोड़ 36 लाख 28 हजार 853 रुपए बकाया है. बॉम्बे मार्केट योजना में 52 लाख 91 हजार 583 रुपए की वसूली किया जाना है. बोरियाखुर्द के डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के हितग्राहियों से 90 लाख 42 हजार 228 रुपए का राशि लिया जाना है.  
 आज रायपुरा में प्राधिकरण के वसूली दल ने 15 फ्लैट्स को सील किया. जिन लोगो के फ्लैट्स सील किए गए उसमें संगीता श्रीवास्तव, संजय केसवानी, दीपक कुमार केवलानी, चन्द्रकांत वर्मा, रंजन सर्वे, स्नेहलता परुलकर, बिन्दु साहू, श्रीमती ममता रामटेके, श्रीमती प्रतिभा सिंह, प्रहलाद ध्रुव, श्रीमती प्रभा श्रीवास्तव, मजहर अहमद, विजय कुमार तिवारी, प्रहलाद राजपूत व सुखदेव कुमार चन्द्राकर शामिल है. फ्लैट्स सील किए जाने के बाद तीन फ्लैट्स मालिकों ने प्राधिकरण कार्यालय में आकर बकाया राशि का चेक जमा किया.   

May 26, 2011

आरडीए ने रायपुरा में 12 फ्लैट्स सील किए

आवंटितियों से साढ़े 4 करोड़ रुपया लेना है बाकी
रायपुर 26 मई 2011, रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना रायपुरा में लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं करने पर 'ए' ब्लॉक के 12 फ्लैट्स को सील कर दिया. प्राधिकरण प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि बकाया वसूली का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.

प्राधिकरण व्दारा डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत हीरापुर, सरोना, रायपुरा व बोरियाखुर्द में गत वर्षों में 3988 फ्लैट्स का निर्माण कर लाटरी व्दारा आवंटित किया है. फ्लैट्स 20 साल की मासिक किश्तों में आवंटित किए गए है. फ्लैट्स के कई आवंटिती तो नियमित रुप से किश्तों का भुगतान कर रहे हैं किन्तु कई आवंटिती ऐसे है जिन्होंने फ्लैट्स आवंटन के बाद से ही लगभग दो साल से राशि का भुगतान नहीं किया है.
प्राधिकरण के उपाध्यक्षव्दय श्री रतन लाल डागा व श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने गत दिनों एक बैठक में राजस्व बकाया की समीक्षा करते हुए निर्णय लिया था कि बकाया राजस्व वसूली के लिए सात मोहर्रिरों को स्थल पर नियमित रुप से भेजा जाए. इनमें मोहर्रिर कमरुद्दीन, विश्राम यादव, कुमार प्रसाद वर्मा, इस्मालुद्दीन, संतोष गुप्ता व गुलाम असकरी को वसूली कि जिम्मेदारी दी गई है. ये मोहर्रिर नियमित रुप से योजना स्थल पर आवंटितियों से बकाया राशि की वसूली कर प्राधिकरण कोष में जमा करेंगे.

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना में बकाया राशि का विवरण
क्रं.
योजना क्षेत्र
बकाया राशि (रुपए में)
1
हीरापुर
1,65,40,154
2
सरोना
58,16,599
3
रायपुरा
1,36,28,853
4
बोरियाखुर्द
90,42,228

योग
4,50,30,834

रायपुरा में आज श्री संतोष कुमार यादव, श्रीमती सत्या, श्री आलोक अवधिया, श्री देवेन्द्र केसरवानी, श्री रत्नेश कुमार, श्री भूरेष कुमार शर्मा, कुमारी वनिता धुरंधर, श्रीमती तारणी बाई, महेन्द्रधर दीवान, रविप्रकाश जैन तथा पुरुषोतम देवांगन के फ्लैट्स सील किए गए. प्राधिकरण की ओर से सहायक राजस्व अधिकारी श्री आर.एस. दीक्षित, योजना लिपिक धनीराम चन्द्राकर व अब्दुल आरिफ व मोहर्रिरों ने उक्त कार्रवाई की.

May 19, 2011

आरडीए सीईओ श्री अग्रवाल ने देखी प्राधिकरण की योजनाएं

रिक्रिएशन पार्क स्थल का अवलोकन करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ए.के.अग्रवाल
इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना को देखते हुए आरडीए के सीईओ श्री ए.के. अग्रवाल 

रायपुर 19 मई 2011, रायपुर विकास प्राधिकरण के नए सीईओ श्री ए.के. अग्रवाल ने आज प्राधिकरण की चार योजना क्षेत्रों का निरीक्षण किया. वे सबसे पहले न्यू राजेन्द्रनगर की भक्त माताकर्मा व्यावसायिक परिसर और गोविंद सारंग व्यावसायिक परिसर गए. उसके बाद उन्होंने कमल विहार योजना क्षेत्र का दौरा किया. इसके बाद उन्होंने रायपुरा स्थित इन्द्रप्रस्थ योजना में हुए विकास कार्यों का अवलोकन किया.

प्राधिकरण के अधिकारियों ने उन्हें विकसित योजनाओं तथा भावी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी. श्री अग्रवाल ने कमल विहार योजना में प्राधिकरण व्दारा अब तक की गई कार्रवाई की भी जानकारी ली. इन्द्रप्रस्थ योजना में प्रस्तावित अर्न्तराष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग तथा रिक्रियेशन पार्क, विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र, इन्द्रप्रस्थ फेज – 2 तथा इन्द्रप्रस्थ फेज -1 के बारे में भी अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया. स्थल निरीक्षण के दौरान उनके साथ योजना शाखा के प्रभारी अधिकारी और राजस्व अधिकारी प्रणव सिंह, सहायक अभियंता राजीव अग्रवाल उपस्थित थे.  

May 18, 2011

श्री अशोक कुमार अग्रवाल ने आरडीए सीईओ का कार्य संभाला

आरडीए में पहली औपचारिक मुलाकात करते हुए
          श्री सुनील कुमार सोनी और श्री ए. के अग्रवाल
रायपुर 18 मई 2011, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री अशोक कुमार अग्रवाल ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पदभार ग्रहण किया. कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी, उपाध्यक्षव्दय श्री रतन लाल डागा व श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा से मुलाकात की.
इस अवसर पर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सोनी ने कहा कि श्री अग्रवाल एक अच्छे व कुशल प्रशासक है वे उनके साथ नगर निगम भी आयुक्त के रुप में कार्य कर चुकें है तथा अब रायपुर विकास प्राधिकरण में भी वे बेहतर कार्य करेगें. इसके बाद श्री अग्रवाल ने प्राधिकरण की सभी शाखा के अधिकारियों से मुलाकात कर प्राधिकरण की वर्तमान योजनाओं की जानकारी ली.
श्री अग्रवाल रायपुर विकास प्राधिकरण के 2004 में पुनर्गठन के बाद चौथे मुख्य कार्यपालन अधिकारी है. वे 2000 बैच के आई.ए.एस अधिकारी है. इसके पूर्व वे रायगढ़ और कोरबा के कलेक्टर रह चुके हैं.

May 6, 2011

आरडीए में काम करने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध - श्री कटारिया

आरडीए में एक साथ किए कार्यों को यादगार बनाए रखने के लिए
श्री अमित कटारिया को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए ए.डी. जॉन और
अनिल गुप्ता परिदृष्य में  परिलक्ष्ति होते हुए श्री एस.एस. बजाज 
बिदाई कार्यक्रम में अधिकारी और कर्मचारी एक जुट हुए 
 रायपुर 06 मई 2011, जिले के प्रशासनिक अधिकारी के बजाय रायपुर विकास प्राधिकरण जैसी संस्था में रह कर शहर विकास करने के लिए एक बेहतर अवसर उपलब्ध है. ऐसी संस्था में रह कर शहर विकास में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है. हालांकि इसमें कई वर्ष लग जाते है पर हमे ऐसा बड़ा काम करना चाहिए जिससे पूरे राज्य और देश को हम कुछ दे सके. हमारा लक्ष्य और उद्देश्य बड़ा होना चाहिए ताकि संस्था का नाम हो. उन्होंने कहा कि आप जब भी कोई काम करें उसे बड़ी सोच के साथ करें उक्त बातें प्राधिकरण के निवर्तमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों व्दारा कल आयोजित बिदाई समारोह में कही. इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज भी उपस्थित थे
     नया रायपुर डेव्हलपमेंट अथारिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज ने कहा कि श्री कटारिया की दूरदृष्टि अर्थात विजन के कारण प्राधिकरण में दो सालों में हुए बदलाव को महसूस किया जा सकता है. श्री बजाज ने कहा कि हर व्यक्ति में उर्जा होती है. श्री कटारिया नें प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों की सकारात्मक उर्जा को पहचाना और सभी के साथ शहर विकास की दिशा में लगातार कार्य किया. श्री बजाज ने कहा तमाम अड़चनों के बावजूद प्राधिकरण ने कई बड़ी योजनाएं तैयार की है जिसका फायदा आने वाले समय में मिलेगा.  
      रायपुर विकास प्राधिकरण  में श्री एस.एस. बजाज और श्री अमित कटारिया लगभग दो साल तक रहे. उनके कार्यकाल के दौरान कई कार्य ऐसे थे जो पहली बार और वृहद स्तर पर हुए. जिसमें देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजना कमल विहार की संपूर्ण अवधारणा, रायपुरा में इन्द्रप्रस्थ फेज 2 आवासीय योजना, पुराना गंज मंडी में आधुनिक व्यापार केन्द्र की योजना, रायपुरा में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल व रिक्रियेशन पार्क योजना, राजस्व शाखा का कम्प्यूटरीकरण, एकल खिड़की के माध्यम से हितग्राहियों के 100 प्रतिशत प्रकरणों का नियमित निराकरण जैसे कार्य हुए. इसके अतिरिक्त नगर निगम रायपुर के को प्राधिकरण की विकसित की गई योजनाओं का हस्तांतरण, एल.पी.जी. शवदाह गृह संचालन के लिए सामाजिक संस्था 'बढ़ते कदम' को सौंपा गया, प्राधिकरण की पुरानी योजनाओं में शेष बची संपत्तियों का विक्रय, लेखा शाखा में पिछले 5 सालों के सिंगल एकांऊट सिस्टम को डबल एकांऊट सिस्टम में परिवर्तित करने का कार्य, रायपुर में 7 अन्य नगर विकास योजना व रायपुर के दूसरे ट्रांसपोर्टनगर की परिकल्पना का कार्य किया गया.
          इस मौके पर प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता श्री डी.एस. परौहा, कार्यपालन अभियंता श्री पी.आर.नारंग व श्री पी.एम. कोल्हे, लेखाधिकारी संदीप पाल, अभियंता संघ के अनिल गुप्ता, सहायक अभियंता गुरुचरण सिंह होरा, राजस्व अधिकारी प्रणव सिंह, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह सेंगर, सचिव अब्दुल आरिफ, सहायक राजस्व अधिकारी श्री रविशंकर दीक्षित, ए.डी. जॉन, प्रकाश कोमरे, राजन तामणे ने श्री बजाज और श्री कटारिया को सम्मान पत्र व स्मृति चिन्ह भेट किया. कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी तेजपाल सिंह ने किया.

Apr 20, 2011

हीरापुर में बड़े बकायादारों से वसूली शुरु, दो करोड़ रुपए का है बकाया

रायपुर 20अप्रैल 2011,रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना हीरापुर के बड़े बकायादारों से किश्तों की राशि की वसूली का अभियान शुरु किया.प्राधिकरण को इस योजना के बकायादारों से लगभग 2 करोड़ रुपए की राशि लेना है.
            प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री रतन लाल डागा के निर्देश पर सहायक राजस्व अधिकारी श्री रविशंकर दीक्षित ने प्राधिकरण के दल के साथ बड़े बकायादारों से संपर्क कर उन्हें लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं करने के संबंध में सूचित किया.बकायादारों को जानकारी दी कि उनके व्दारा लंबे समय से राशि जमा नहीं किये जाने के कारण सरचार्ज लग रहा तथा इससे उनकी बकाया राशि में लगातार वृध्दि हो रही है.इसलिए परेशानी से बचने के लिए उन्हें नियमित रुप से किश्तों का भुगतान करना चाहिए.
            प्राधिकरण के दल ने आज लगभग 70हजार रुपए की राशि की वसूली की.वसूली का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.श्री डागा के अनुसार कई बकायादार ऐसे हैं जिन्होंने फ्लैट आवंटन के बाद से लगभग दो साल से राशि का भुगतान नहीं किया है.

Apr 2, 2011

कमल विहार में एक स्लैब उच्चतर भूमि की सहमति देने की अवधि 8 अप्रैल तक बढ़ी

कमल विहार में बनने वाली रिंग रोड की परिकल्पना
रायपुर 02 अप्रैल 2011, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी ने कहा है कि कमल विहार योजना के ऐसे भूमि स्वामी जिन्हें पूर्व में 90 से 270 वर्गमीटर भूमि के बदले पुनर्गठित विकसित भूखंड प्रस्तावित किया गया था उन्हें अब एक स्लैब ऊपर का भूखंड लेने की सहमति देने की अवधि को बढ़ा कर 8 अप्रैल कर दिया गया है.

श्री सोनी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार जिन भूस्वामियों के पास 90 से 270 वर्गमीटर की भूमि है उन्हें अब प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित पुनर्गठित विकसित भूखंड से एक स्लैब ऊपर का विकसित भूखंड दिया जाएगा. इस हेतु पूर्व में प्रावधानित भूखंड से अधिक भूमि दिए जाने हेतु राज्य शासन द्वारा निर्धारित दर की राशि का भुगतान भूस्वामियों को करना होगा. इस हेतु भूस्वामियों को प्राधिकरण में लिखित आवेदन प्रस्तुत करना होगा. पहले इसकी अंतिम तिथि 25 मार्च थी इसे अब बढ़ा कर 8 अप्रैल शाम 5.30 तक कर दिया गया है.


Mar 29, 2011

शहर विकास करने आरडीए के बजट में बड़ी - बड़ी योजनाएं

आरडीए अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी  का पहला बजट साथ में
उपाध्यक्ष व्दय श्री रतन लाल डागा व श्री  प्रफुल्ल कुमार विश्वकर्मा व
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया
4 अरब 42 करोड 34 लाख 10 हजार रुपए का बजट
    ·   नई योजनाओं में --- 
 r कमलविहार r गंज मंडी में आधुनिक व्यापार केन्द्र r इन्द्रप्रस्थ फेज – 2 आवासीय योजना r थोक व्यापार हेतु रायपुरा में विशेषीकृत क्षेत्र r टाटीबंध में ट्रांसपोर्टनगर r नया कार्यालय भवन r शहर पुनर्निर्माण योजनाएं r शहर के मध्य नगर विकास की योजनाएं एवं सड़कों का विकास   
·         विकास योजनाओ पर 88.59 व स्थापना पर 2.74 प्रतिशत व्यय

       रायपुर 29 मार्च 2011, राजधानी रायपुर को मास्टर प्लॉन के अनुसार बेहतर स्वरुप देने की दिशा में रायपुर विकास प्राधिकरण ने बड़ी योजनाओं को हाथों में लिया है. फलस्वरुप आवासीय, व्यावसायिक व शहर पुनर्निर्माण की योजनाओं पर ध्यान केन्द्रित किया गया है. फलस्वरुप इस वर्ष 4 अरब 42 करोड 34 लाख 10 हजार रुपए की आवक और 4 अरब 47 करोड़ 58 लाख 96 हजार रुपए की जावक का बजट प्रस्तुत किया. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक में वर्ष 2011 – 12 के लिए संचालक मंडल की बैठक में नगद पध्दति का बजट प्रस्तुत किया गया
       प्राधिकरण के बजट में विकास योजनाओं पर पर 88.59 प्रतिशत और स्थापना व्यय पर 2.74 प्रतिशत खर्च होने का अनुमान व्यक्त किया गया है. जबकि कार्यालयीन व प्रशासनिक व्यय पर मात्र 1.56 प्रतिशत व्यय होगा. वर्तमान योजनाओं के संधारण व रखरखाव पर 0.39 प्रतिशत जल आपूर्ति परिचालन पर 0.13 प्रतिशत, भूभाटक पर शासन को देय राशि पर 0.03 प्रतिशत, ऋण अदायगी में 6.17 प्रतिशत, वाहन यंत्र – उपकरण, फर्नीचर के क्रय हेतु 0.11 प्रतिशत, नगर निगम को योजनाओं के हस्तांतरण पर 0.02 प्रतिशत, डिपाजिट वर्क पर 0.10 प्रतिशत तथा विविध समायोजन पर 0.17 प्रतिशत व्यय होगा.
कमल विहार : नगर विकास योजना के अन्तर्गत बहुप्रतीक्षित योजना कमल विहार के लिए सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से प्राप्त ऋण राशि में से इस वर्ष 314 करोड़ रुपए के खर्च किया जाएगा. इसमें विकसित पुर्नगठित भूखंडों के आवंटन के बाद शेष बची भूमि एवं संरचनाओं के अर्जन के लिए मुआवजे का भुगतान किया जाएगा. साथ ही रिंग रोड सहित मास्टर प्लॉन की मुख्‍य सड़कों एवं सेक्‍टर लेवल की सड़कों, नाली, पुलिया, सीवर लाईन, विद्युतीकरण एवं जल-आपूर्ति व्‍यवस्‍था का कार्य किया जाएगा.
गंज मंडी में आधुनिक व्यापार केन्द्र : गुरुद्वारा स्टेशन रोड, तेलघानी नाका, राठौर चौक, गुरुनानक चौक और संजय गांधी चौक के बीच के क्षेत्र में एक आधुनिक व्यापार केन्द्र बनाने की योजना है. नगर निगम रायपुर की इस योजना में विकास एवं निर्माण का कार्य रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाना है. योजना में विश्व स्तरीय निर्माण की सुविधा के साथ विकास किया जाना है. लगभग 26 एकड़ भूमि में इसे रायपुर के मॉस्टर प्लॉन के अनुसार पुनर्गठित एवं व्‍यावसायिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाना है. योजना की अनुमानित लागत रुपए लगभग 600 करोड़ है. गंज मंडी क्षेत्र में पहले से कार्यरत व्‍यावसायियों को इस योजना में बिना किसी विस्थापन के व्‍यवस्थित किया जाएगा. शेष भूमि पर भवनों का निर्माण कर विक्रय किया जाएगा. इस कन्‍सलटेन्‍सी के मद में रुपए एक करोड़ व निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. योजना को 3 साल में पूरा किए जाने का लक्ष्य है जिसमें  लगभग 6 सौ लोगों का पुर्नवास किया जाएगा.
इन्‍द्रप्रस्‍थ फेज - 2 रायपुरा : रायपुरा में इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स आवास योजना के साथ 131 एकड़ भूमि पर आवासीय कालोनी विकासित किए जाने हेतु भूअर्जन व स्थिल विकास के लिए 42.50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. योजना में भूस्वामियों को उनकी अविकसित भूमि के बदले विकसित पुनर्गठित भूखंड दिया जाएगा.
विशेषीकृत व्‍यावसायिक क्षेत्र : रायपुरा - रायपुरा में 116 एकड़ भूमि पर थोक बाजार, इलेक्‍ट्रॉनिक मार्केट, ज्वेलरी मार्केट आदि हेतु विशेषीकृत व्‍यावसायिक प्रयोजन क्षेत्र विकसित किए जाने हेतु योजना तैयार की जा रही है. तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह ले कर योजना का क्रियान्वयन हेतु कंसलटेंसी फीस हेतु एक करोड़ का प्रावधान रखा गया है.
टाटीबंध में ट्रांसपोर्टनगर योजना : भिलाई – दुर्ग राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टाटीबंध क्षेत्र में लगभग 200 एकड़ भूमि पर शहर का दूसरा ट्रांसपोर्टनगर विकसित किया जाना है ताकि शहर की यातायात व्यवस्था और बेहतर हो सके. योजना तैयार करने हेतु तकनीकी विशेषज्ञों को कंसलटेंसी फीस हेतु 50 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है. टाटीबंध क्षेत्र में 1986 में प्राधिकरण द्वारा 5 एकड़ भूमि मैकेनिक नगर विकसित किया गया है.
नया कार्यालय भवन : रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में वर्तमान भवन में कमरों की कमी एवं पार्किंग की समस्‍या के कारण नए कार्यालय भवन के लिए उपयुक्त स्थल चयन कर एक नया कार्यालय भवन बनाया जाना प्रस्तावित है. इस हेतु प्रारंभिक रुप से बजट में एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
शहर पुनर्निर्माण योजनाएं : शहर में कालीबाड़ी चौक के आसपास, सिटी कोतवाली, पुराना बस स्‍टैण्‍ड, जवाहर नगर के क्षेत्र में पुनर्निर्माण की योजनाएं प्रस्‍तावित की जा रही है. इन क्षेत्रों में नियोजित पुनर्निर्माण के द्वारा जनोपयोगी योजनाएं तैयार किए जाने हेतु सर्वे-प्‍लानिंग-नोटिफिकेशन एवं कन्‍सलटेन्‍सी के मद में एक करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया हैं. प्राधिकरण की बाम्‍बे मार्केट योजना में भी पुनर्निर्माण हेतु 50 लाख रुपए, पुराना बस स्टैन्ड व जवाहर बाजार में विकास एवं निर्माण हेतु  50 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है.
नगर विकास की अन्‍य योजनाएं एवं सड़कें : शहर के मध्य में स्थित ई.ए.सी. कॉलोनी क्षेत्र, सिंचाई कॉलोनी, शांति नगर, तहसील कार्यालय, सिटी कोषालय एवं खनिकर्म विभाग परिसर, केन्‍द्रीय जेल एवं संलग्‍न क्षेत्रों में नगर विकास के बेहतर योजनाएं बनाने के संबंध में विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी. इस हेतु सर्वे-प्‍लानिंग नोटिफिकेशन एवं कन्‍सलटेन्‍सी के मद में लगभग एक करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है.
इन्‍द्रप्रस्‍थ डुप्लेक्स – रायपुरा :  मास्टर प्लॉन में दिए गए प्रावधान के अनुसार योजना को रिंग-रोड से जोड़े जाने हेतु 24 मीटर चौड़ी सड़क निर्माण का प्रस्‍ताव है जिसके लिए बजट में 3 करोड़ 5 लाख रुपए रखे गए है. योजना में एक व्यावसायिक परिसर में भूतल पर दुकानें एवं प्रथम तल पर कम्युनिटी हॉल का निर्माण प्रस्‍तावित है. इस हेतु बजट में 50 लाख का प्रावधान है. योजना में 302 डुप्‍लेक्‍स मकानों का निर्माण पूरा करने के बाद नाली-पुलिया-सड़क आदि निर्माण किया जा रहा है.
डॉ. श्‍यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना – बोरियाखुर्द व रायपुरा :  केन्‍द्र शासन की एफोर्डेबल हाउसिंग स्‍कीम के अन्तर्गत न्यून निम्न आय वर्ग के लिए बोरियाखुर्द में 1800 फ्लैट्स के लिए 288 लाख रुपए व रायपुरा में बने 972 फ्लैट्स के लिए 174.57 लाख की स्वीकृत सब्सिडी से अधोसंरचना विकास के अंतर्गत सीमेंट कांक्रीट सड़कों का निर्माण किया जाएगा.
भक्त माताकर्मा व्‍यावसायिक परिसर : परिसर के पास की उपलब्‍ध लगभग 2 एकड़ भूमि पर  दूसरे चरण में व्यावसायिक योजना का प्रस्ताव है जिसके लिए बजट में 200 लाख रुपए रखा गया है.
आय के स्त्रोत : श्री सोनी द्वारा बजट में 4 अरब 42 करोड़ 34 लाख 10 हजार रुपए की आवक के संबंध में बताया कि बडी आवक राशि में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से कमल विहार योजना के लिए 314 करोड़, भक्त माताकर्मा व्यावसायिक परिसर से 23 करोड़ 98 लाख, डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा से साढ़े 5 करोड़, छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर देवेन्द्रनगर से 31 करोड़ 80 लाख, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना हीरापुर से 2 करोड़ 89 लाख, सरोना से 1 करोड़ 23 लाख, रायपुरा से 4 करोड़ 32 लाख, बोरियाखुर्द से 8 करोड 42 लाख, इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स रायपुरा से 30 करोड़ 15 लाख, केन्द्र शासन से एफोर्डेबल हॉऊसिंग स्कीम योजना रायपुरा व बोरियाखुर्द के लिए सबसिडी के रुप में 4 करोड़ 62 लाख, डिपाजिट वर्क के रुप में 1 करोड़ 31 लाख प्राप्त होगें. भूखंड व भवनों के विक्रय के अतिरिक्त भाड़ा क्रय, भूभाटक, किराया, व्यवस्थापन शुल्क एवं विविध आय से प्राप्तियां होगीं. 
         संचालक मंडल की बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी, उपाध्यक्ष श्री रतन लाल डागा व श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, अपर कलेक्टर श्री रमेश शर्मा, संचालक सदस्य नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर के संयुक्त संचालक श्री के.पी. वाजपेयी व श्री जाहिद अली, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  के अधीक्षण यंत्री श्री एच.एस.धींगरा उपस्थित थे.
रायपुर विकास प्राधिकरण, रायपुर (छत्तीसगढ़)
बजट - वित्त वर्ष : 2011 – 12
राशि लाखों में
क्र.
आवक
 % में
राशि
क्र.
जावक
% में
राशि
1.
भूखण्‍डों/भवनों के विक्रय से प्रब्‍याजि
19.872
8790.31
1.
योजना व्‍यय
88.586
39650.00
2.
भाड़ा क्रय-किश्‍त
4.138
1830.52




3.
किराया
0.442
195.68
2.
योजना- विद्युतीय संधारण-मरम्‍मत व्‍यय
0.054
24.00
4.
भू-भाटक
1.941
858.91

     - विविध संधारण व्‍यय
0.335
150.00
5.
व्‍यवस्‍थापन शुल्‍क
0.026
11.70




6.
जल आपूर्ति शुल्‍क
0.002
1.00
3.
जल आपूर्ति- परिचालन एवं संधारण व्‍यय
0.127
57.00
7.
विनियोजनों ब्‍याज से आय
0.045
20.00




8.
विविध आय एवं प्राप्तियां
0.666
294.77
4.
योजनान्‍तर्गत नजूल भूमि के लिए राज्‍य शासन को देय भू-भाटक
0.027
12.15
9.
प्रस्‍तावित ऋण
70.986
31400.00




10
केन्द्र शासन से अनुदान
1.046
462.57
5.
ऋण अदायगी


11.
राज्‍य शासन एवं नगर पालिक निगम से वार्षिक अभिदाय
0.004
1.62

i)                     मूल धन
i)
ii)                   ब्‍याज
1.013

5.154
453.44

2307.15
12
डिपाजिट – वर्क
0.298
131.92








6.
वाहन, यंत्र-उपकरण, फर्नीचर आदि का क्रय
0.112
50.00
13
समायोजन


7.
स्‍टाफ- वेतन, भत्ते आदि का भुगतान
2.740
1226.57

विविध समायोजन (पंजीयन शुल्‍क, ठेकेदार- धरोहर राशि, भविष्‍य निधि- अग्रिम, पार्ट-फायनल, फायनल समूह बीमा आदि)
0.531
235.10
8.
कार्यालयीन एवं प्रशासनिक व्‍यय
1.558
697.40




9.
नगर पालिक निगम को योजनाओं का हस्‍तांतरण
0.022
10.00




10
डिपाजिट-वर्क
0.103
46.25

उप-योग-

44234.10
11
समायोजन



प्रारंभिक शेष-

2751.38

विविध समायोजन (पंजीयन शुल्‍क, ठेकेदार- धरोहर राशि, भविष्‍य निधि, अग्रिम, पार्ट-फायनल, फायनल, समूह बीमा आदि)
0.168
75.00

योग

46985.48

उप-योग

44758.96





अंतिम शेष

2226.52





 कुल योग

46985.48