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Jul 1, 2011

बेहतर कार्य संस्कृति और समय प्रबंधन अपनाएं – श्री सुनील सोनी

आरडीए के राजस्व शाखा की समीक्षा
शारदा चौक दुकानों के सामने के अवैध कब्जे तोडे जाएगें
पहली बैठक - राजस्व शाखा की समीक्षा
 रायपुर, 01 जुलाई 2011, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य संस्कृति के साथ कार्य करने और समय का प्रबंधन अपनाने पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को और अधिक विश्वसनीय बनाने की आवश्यकता है ताकि हितग्राहियों में और विश्वास की भावना बने. श्री सोनी ने आज प्राधिकरण के राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में उक्त बातें कहीं. वे कल तकनीकी शाखा और सोमवार को योजना शाखा के कार्यों की भी समीक्षा करेगें.
समीक्षा बैठक में शारदा चौक के 64 दुकानदारों की लीज अवधि बढ़ाये जाने के संबंध में  बताया गया कि दुकानदारों ने नियमों का उल्लघंन कर बरामदे में अवैध रुप से निर्माण किया है. इसलिए दुकानों का नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है. इस पर निर्णय लिया गया कि ऐसी सभी दुकानें जिन्होंने बरामदे में कब्जा किया है उनके अवैध कब्जे तोड़ दिए जाएगें.
श्री सोनी ने कहा कि बाम्बे मार्केट में ऐसे किरायेदार जिनकी दुकानें सील कर दी गई है उसका कब्जा ले कर उसे निविदा के माध्यम से आवंटन किया जाए तथा प्राप्त होने वाली राशि  फिक्सड डिपाजिट की जाए.  
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सोनी ने आज रायपुर शहर की विकास योजनाओं को और अधिक गति देने के लिए बुलाई गई बैठक में कहा कि विश्व के सबसे बड़े व्यक्ति के पास भी उतना ही समय है जो आपके पास है. इसलिए राजस्व संबंधित सहित हर कार्य में टाईम मैंनेजमैंट का ध्यान रखें. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हुए काहा कि वे ऐसा काम करें जिससे संस्था का सम्मान बढ़े. श्री सोनी ने कहा कि प्राधिकरण में जो भी पत्र आते है उनका जवाब दे. यदि कोई कार्य नियम के अनुसार नहीं हो सकता है तो वैसा उत्तर दें और यदि कार्य हो सकता है तो वैसी सकारात्मक कार्रवाई करें.
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ए.के. अग्रवाल ने बैठक में बताया कि डॉ. खूबचंद बघेल ट्रॉंसपोर्टनगर के खाली भूखंड पर निर्माण नहीं करने वालों को नोटिस दे कर सूचना दी जा रही है 30 सितंबर तक निर्माण नहीं करने वालो का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा. ट्रॉसंपोर्टनगर में रिक्त भूखंडों के आवंटन हेतु की कार्रवाई शुरु करने के निर्देश भी दिए गए. न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया गया कि बिना सहमति अथवा भूअर्जन के कोई भी भूमि प्राधिकरण अब नहीं ले. इसके अतिरिक्त प्राधिकरण व्दारा क्रय की गई समस्त भूमि का रिकार्ड भी बनाए जाने का निर्णय लिया गया.