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Sep 3, 2015

कमल विहार में पूर्व में की गई अवैध प्लॉटिंग में सड़क नाली उद्यान की भूमि नहीं, तो भूखंड देने पर होगा विचार


रायपुर 3 सितंबर 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि कमल विहार योजना में पूर्व में की गई अवैध प्लॉटिंग में जिन व्यक्तियों की भूमि सड़क, नाली या उद्यान में नहीं पाई जाती है तो उन्हें जांच के उपरांत विकसित भूखंड देने पर सकारात्मक रुप से विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों की भूमि सड़क, नाली या उद्यान की पाई जाएगी उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के साथ ही सड़क की भूमि पर विकसित भूखंड देने का दावा करने वाले लोगों की पहचान करने के लिए प्राधिकरण व्दारा सूची की पुनः जांच करवाई जा रही है. जांच में जिनकी भूमि सड़क, नाली व उद्यान में नहीं पाई जाएगी उनकों विकसित भूखंड देने पर विचार किया जाएगा.
दरअसल अवैध प्लॉटिंग वह है जो बिना कालोनाईजर लायसेंस के बनाई गई है तथा उसका मानचित्र कार्यालय नगर तथा ग्राम निवेश, रायपुर से अनुमोदित नहीं कराया गया है. हर प्लॉट के समक्ष सड़क होती है जो सार्वजनिक होती है उस पर कोई व्यक्ति न तो निर्माण कर सकता है और ना ही उस पर कोई घेरेबंदी कर सकता है. किन्तु कमल विहार में ऐसे ही अवैध प्लॉटिंग कर नागरिकों को अवैध रुप से प्लॉट बेचे गए हैं जिसमें ना तो नक्शा ही पास हो सकता था और ना ही इस पर बैंक से ऋण लिया जा सकता था.

श्री श्रीवास्तव ने आगे कहा कि अनिवार्य भूमि अधिग्रहण के बाद भी भूमिस्वामियों को विकसित भूखंड देना रायपुर विकास प्राधिकरण का जनहित में एक बड़ा निर्णय रहा है. प्राधिकरण संचालक मंडल के इस सद्भावना और परोपकारी निर्णय से सैकड़ों भूमिस्वामियों ने राहत की सांस ली है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जो प्राधिकरण व्दारा निर्धारित समय में अपनी भूमि के बदले विकसित भूखंड लेने की सहमति नहीं दे पाए थे और उनकी भूमि का अनिवार्य भूमि अर्जन तहत उन्हें मुआवजा (अवार्ड) पारित किया जा चुका है, यदि ऐसे भूमि स्वामी कमल विहार में विकसित भूखंड लेना चाहते हैं तो उनके मामलों में भूखंड की उपलब्धता के आधार पर भूखंड देने पर प्राधिकरण व्दारा सदभावनापूर्वक विचार किया जा रहा है.