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Mar 4, 2010

जून तक शुरु होगा देवेन्द्रनगर का छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर

2500 लोगों को मिलेगा रोजगार

रायपुर, 04 मार्च 2010, छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे बड़ा सिटी सेन्टर छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर इस वर्ष जून तक शुरु हो जाएगा. इस संबंध में कल रायपुर विकास प्राधिकरण और डेव्हलपर कंपनी के बीच भूमि के पट्टे का निष्पादन हुआ. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया की उपस्थिति में प्राधिकरण और गुप्ता इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नागपुर की सीईओ श्रीमती नंदिता छिब्बर ने पट्टे पर संयुक्त रुप से हस्ताक्षर किए.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार राजधानी का बहुप्रतीक्षित सिटी सेन्टर कम मल्टीप्लेक्स देवेन्द्रनगर के 5.70 एकड़ क्षेत्र में बन रहा है और इसका निर्माण अब अंतिम चरण में है तथा जून तक इसे शुरु कर दिया जाएगा. डेव्हलपर के अनुसार सिटी सेन्टर में रिटेल, ऑफिस, मल्टीप्लेक्स व बजट होटल का व्यवसाय होगा. पहले चरण में रिटेल मार्केट की शुरुआत होगी. मल्टीप्लेक्स व बजट होटल अक्टूबर 2010 तक शुरु हो जाएगा. मॉल में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रुप से लगभग 25 सौ लोगों को रोजगार भी मिलेगा. इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सिटी सेन्टर में कई सुविधाएं और विशेषताएं होंगी. मॉल में बिग बाजार और ' मॉल विद इन मॉल ' की अवधारणा के अन्तर्गत देश के प्रसिध्द व्यवसायी श्री किशोर बियाणी के फ्यूचर ग्रुप का ' सेन्ट्रल ' भी होगा. बिग बाजार 80 हजार वर्ग फुट में और सेन्ट्रल 60 हजार वर्गफुट में होगा. मध्यवर्ग के लिए बेहतरीन रेडीमेड कपड़ों के लिए रिलायन्स ट्रेन्ड तथा पूरे परिवार के जूतों के लिए रिलायंस फूट प्रिन्ट भी होगा. स्थानीय स्तर के ब्रॉंड उत्पादनों के साथ इस मॉल में संपूर्ण वैवाहिक खरीददारी भी की जा सकेगी. इसके लिए दुर्ग की फर्म श्रीशिवम 25 हजार वर्गफुट मे अपना शोरुम शुरु करेगा.
गुप्ता इन्फ्रास्ट्रक्चर के जनरल मैनेजर आपरेशन्स श्री सुनील करमाकर के अनुसार छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर नागपुर की मेसर्स. गुप्ता इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्रायवेट लिमिटेड का एक संयुक्त उपक्रम है. इसमें गुप्ता कॉरपोरेशन के श्री पदमेश गुप्ता, फ्यूचर ग्रुप के श्री किशोर बियाणी तथा सिनेमैक्स के श्री कनकिया हैं. श्री करमाकर ने बताया कि हॉइपर मार्केट, एंकर स्टोर, ज्वेलरी, सिनेमैक्स पांच मल्टीप्लेक्स, फूड कोर्ट, हेल्थ क्लब की सुविधा देने वाला यह मॉल 11 लाख 25 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बन रहा है. प्राधिकरण ने राजधानी में सबसे पहले मल्टीप्लेक्स की अवधारणा की सोच के साथ 22 नंवबर 2005 को इसका भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हाथों करवाया था. आठ तल वाले मॉल में तीन बेसमेंट तथा ऊपर पांच तल होंगे. कार पार्किंग की व्यवस्था बेसमेंट के दो फ्लोर सहित परिसर में होगी तथा इसमे 8 सौ कारों की पार्किंग की जा सकेगी. मॉल में 13 लिफ्ट 11 एक्सलेटर तथा एक ट्रैव्हलर लेडर की सुविधा होगी. ट्रैव्हलर लेडर एक विशेष प्रकार एक्सलेटर है जिसमें सीढ़ी नहीं होगी. यह महिलाओं तथा बच्चों के लिए विशेष रुप से लगाई जा रही है जिसमें वे बेसमेंट से भूतल तक ट्रॉली भी ले जा सकेंगे.
छत्तीसगढ़ सिटी मॉल में पर्यावरण संरक्षण के प्रति बेहतर तकनीक का उपयोग किया गया है. इसी शुरुआत निर्माण कार्यों से की गई थी. इसमें फ्लाई एश ईटों का उपयोग किया गया है. भूजल को बचाने की दिशा में पूरे भवन का पानी वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली से भूमि के अन्दर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. बाथरुम व टॉयलेट के गन्दे पानी का पुर्नउपयोग के लिए यहां दो लाख लीटर क्षमता वाला  सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया गया है. मॉल परिसर को खूबसूरत बनाने की दिशा में 60 हजार वर्गफुट क्षेत्र में हरियाली विकसित करने हेतु लॉन लगाया जाएगा. कारों के धुएं से होने वाले वायु प्रदूषण को दूर करने के लिए फ्यूम एक्सट्रेक्शन सिस्टम लगाया जा रहा है. सिस्टम के माध्यम से प्रदूषित हवा भवन से बाहर हो जाएगी. विद्युत व्यवस्था के अतिरिक्त रुप से लगाए गए 15 किलोवॉट के चार जनरेटर से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को दूर करने के लिए साऊन्ड वैफलर्स लगाए गए है.
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े माल की वास्तुविदीय अवधारणा करने वाले मुंबई के आर्किटेक्ट श्री पी.जी.पतकी इस क्षेत्र के विशेषज्ञ है और उन्होंने मुंबई सहित देश के कई स्थानों में मॉल का निर्माण किया है. इंजीनियरिंग सर्विस का कार्य मुंबई के जॉन मैक्कएल द्वारा किया गया है. मॉल के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमैंट कन्सलटेंसी देश की मशहूर कंपनी टाटा कंसलटेंसी इंजीनियरिंग द्वारा दी जा रही है. सिविल इंजीनियरिंग का कार्य नागपुर की ए.एस.अय्यर कन्ट्रक्शन कंपनी व सिप्लेक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर कोलकात्ता तथा इलेक्ट्रीकल कार्य मल्टीनेशनल कंपनी एशिया ब्राऊन ब्रेवरी द्वारा किया जा रहा है.     
सुरक्षा के लिए भी छत्तीसगढ़ सिटी मॉल में विशेष ध्यान रखा गया है. पूरे भवन में फायर फॉयटिंग सिस्टम की व्यवस्था की गई है. इसके अन्तर्गत आग के संकेत मिलते ही आधुनिक उपकरण इसकी सूचना तत्काल बिल्डिंग मैनेजममेंट को देगा. इसके बाद स्वचालित प्रणालियों के माध्यम से आग जैसी किसी भी स्थिति पर तुरंत काबू कर लिया जाएगा. इस व्यवस्था के अन्तर्गत विद्युत न रहने पर भी डीजल फायर पंप के माध्यम से स्थिति पर काबू पाया जा सकेगा. सुरक्षा के लिए पूरे भवन में कई स्थानों पर सीसी टीवी की व्यवस्था की गई है. मॉल में आने वाले ग्राहकों सहित सभी को सूचना व जानकारी देने के लिए पब्लिक सिस्टम की व्यवस्था भी की गई है. प्राकृति आपदा प्रबंधन की स्थिति में भवन से बाहर निकलने के लिए आपात द्वारों का भी प्रावधान किया गया है.