Search This Blog

Apr 3, 2016

इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा और कमल विहार के भूस्वामियों से अनुबंध के लिए 5 से 7 अप्रैल तक रजिस्ट्री कार्यालय में विशेष शिविर

अनुबंध कर विकसित भूखंड लेने की लिए विशेष शिविर

रायपुर, 3 अप्रैल 2016, इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा और कमल विहार योजना के भूस्वामी जिनकी भूमि इन योजनाओं में शामिल की गई है उनके साथ अनुबंध के लिए रजिस्ट्री (पंजीयक कार्यालय) ऑफिस में एक विशेष शिविर 5, 6 व 7 अप्रैल को लगाया जा रहा है. रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने बताया कि इस शिविर में प्राधिकरण के राजस्व शाखा के अधिकारी और कर्मचारी उपलब्ध रहेंगे. शिविर के दौरान रजिस्ट्री कार्यालय में ही भूस्वामियों के अनुबंध तैयार कर वहीं पंजीयक के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. प्राधिकरण व्दारा योजना में शामिल होने के लिए पहला अनुबंध तथा विकसित भूखंड आवंटन के लिए निश्चयात्मक अनुबंध दोनो ही निष्पादित किए जाएंगे. श्री कावरे ने भूस्वामियों से अपील की है कि वे अनुबंध निष्पादित कर जल्द से जल्द प्राधिकरण से अपना सर्वसुविधायुक्त विकसित भूखंड प्राप्त कर लें.  

देवेन्द्रनगर के 100 भूखंडों पर भवन निर्माण नहीं करने का कारण पूछेगा आरडीए

जवाब उपयुक्त नहीं पाए जाने पर भूखंड का अनुबंध होगा निरस्त
 रायपुर, 3 अप्रैल 2016, देवेद्रनगर के सौ से ज्यादा रिक्त भूखंड जिन पर मकान नहीं बनाए गए हैं को रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा कारण बताओ सूचना दे कर यह पूछेगी कि उन्होंने नियम के अनुसार निर्धारित समय में अपने भूखंड पर भवन निर्माण का काम क्यों नहीं किया. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे और मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया ने आज सुबह राजस्व शाखा के अधिकारियों का साथ देवेन्द्रनगर के सभी सेक्टरों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने पाया कि कई भूखंड रिक्त पड़े हैं. वे आवंटित तो है और रिक्त भी पर उनमें अनुबंध की शर्तों के अनुरुपर निर्धारित दो वर्ष की अवधि में निर्माण कार्य नहीं किया गया है.
उल्लेखनीय है कि देवेन्द्रनगर 1983 से अस्तित्व में आई थी और वहां पांच सेक्टरों में आवासीय योजना विकसित की गई थी. इसके अतिरिक्त वहां व्यावसायिक योजना भी विकसित की गई थी. सन् 2008 में यहां प्रदेश के सबसे पहले मॉल की अवधारणा पर कार्य शुरु किया गया था जो 10 अक्टूबर 2010 को बन कर शुरु हो गया था.