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Sep 7, 2016

इंदौर विकास की योजनाएं देखनें आरडीए की टीम का दौरा

सुपर कॉरीडोर सहित कई व्यावसायिक, रिक्रिएशन और आवासीय योजनाएं देखी

रायपुर07 सितंबर 2016 , रायपुर शहर के विकास को ऩई दिशा देने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण की टॉप मैनेजमैंट टीम विकास योजनाओं का अध्ययन करने आज इंदौर पहुंची. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में उपाध्यक्षव्दय श्री गोवर्धन दास खंडेलवाल, श्री रमेश सिंह ठाकुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे और मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया इस टीम में शामिल हैं. कल इंदौर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राकेश सिंह आरडीए के दल को अपने विकास कार्यों के संबंध में एक प्रेजेन्टेशन देंगे तथा शहर विकास के लिए किए गए कार्यों तथा नए विकास कार्यों के संबंध में जानकारी देंगे और  विस्तृत चर्चा करेंगे.

छत्तीसगढ़ के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के निर्देश पर मध्यप्रदेश के इंदौर शहर का विकास कार्य देखने पहुंची आरडीए की टीम ने आज पहले 11 सौ एकड़ में बन रही सुपर कॉरीडोर की योजना को देखा. योजना में 75 मीटर की सड़क के दोनों ओर 300 मीटर के स्थान पर विभिन्न प्रकार के व्यासायिक  व अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं. इसके बाद टीम ने इंदौर विकास प्राधिकरण व्दारा 3 हजार युवाओं को रोजगार देने वाली एक नई व्यावसायिक योजना का अध्ययन किया. इस योजना में देश में आईटी सेक्टर की जानी मानी कंपनियां इंफोसिस और टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस को मध्यप्रदेश औद्य़ोगिक विकास निगम के माध्यम से बड़े प्लॉट उपलब्ध कराए गए है जिस पर आईटी कंपनियों व्दारा स्वयं भवनों का निर्माण किया जा रहा है. जिसमें आने वाले दिनों में युवाओं को रोजगार देने के लिए नए उद्यम की शुरुआत होगी. इंदौर विकास प्राधिकरण व्दारा पुराने समय के कलेक्टर कार्यालय भवन और उसके परिसर को नए स्वरुप के विकास को भी आरडीए की टीम ने देखा. इंदौर विकास प्राधिकरण ने अपनी स्कीम नंबर 140 में व्यावसायिक परिसर विकसित करते हुए उसके ऊपर विभिन्न आकार के फ्लैट्स का निर्माण किया गया है. इसके अतिरिक्त 200 एकड़ भूमि पर 40 करोड़ रुपए की लागत से एक रीजनल पार्क भी विकसित किया गया है, इसका भी रायपुर की टीम ने अवलोकन किया. रायपुर विकास प्राधिकरण के इस अध्ययन दौरे का मुख्य उद्देश्य यह है कि उसकी आगामी योजनाओं को बेहतर बनाने में अन्य शहरों में हो रहे विकास के अच्छे अनुभवों व नई तकनीकों और प्रक्रियाओं का समावेश किया जा सके.