Search This Blog

Dec 4, 2013

आरडीए के छगनलाल यादव 36 साल बाद सेवानिवृत

प्राधिकरण के तीनों कार्यालय भवनों में काम किया

रायपुर, 4 दिसंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण में 36 साल की सेवा के बाद छगनलाल यादव 30 नंवबर को भृत्य के पद से सेवानिवृत हो गए । इस अवसर पर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने श्रीफल और शॉल दे कर उनकी दीर्घ सेवाओं के लिए सम्मानित किया । श्री सोनी ने श्री यादव के स्वस्थ्य और उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें प्राधिकरण परिवार की ओर से बिदाई दी ।  

श्री छगनलाल यादव ने 1977 से रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में अपनी नौकरी की शुरुआत की थी । इस दौरान उन्हें प्राधिकरण के तीन कार्यालय भवनों में कार्य करने का अवसर किया । श्री यादव ने बताया कि 1977 में प्राधिकरण का कार्यालय विवेकानंद आश्रम स्थित भवन में लगता था । उसके बाद शास्त्री चौक के पास बजरंग मार्केट में और अब न्यू राजेन्द्रनगर स्थित भक्त माताकर्मा व्यवासायिक परिसर में कार्यालय लग रहा है ।  श्री यादव ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्होंने प्राधिकरण के तीनो कार्यालय भवनों में कार्य किया । श्री यादव ने नया रायपुर डेव्हलेपमेंट अथारिटी में भी कुछ बर्षों तक अपनी सेवाएं दी । बिदाई के इस अवसर पर प्राधिकरण के कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, सहायक अभियंता श्री अनवर खान, के.पी. देवांगन, लेखाधिकारी संदीप सिंह पाल, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेन्द सिंह सेंगर, महासचिव अब्दुल आरिफ और कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे ।

Dec 2, 2013

कमल विहार के प्लॉट देखने – खरीदनें की उत्सुकता बढ़ी

आरडीए कार्यालय से साढ़े 26 हजार के 53 आवेदन पत्र बिके

रायपुर, 2 दिसंबर 2013, कमल विहार में भूस्वामियों को भूखंड मिलने और आम आदमी के लिए भूखंडों की उपलब्धता का विज्ञापन प्रकाशन के बाद योजना क्षेत्र में प्लॉट देखने वालों की भीड़ बढ़ने लगी है । रविवार को कई लोग अपने परिवार के साथ कमल विहार पहुंचे और उपलब्ध प्लॉटों को घूम घूम कर देखा । सोमवार को भी कई लोग कमल विहार गए और योजना का जायजा लिया । पहले ही दिन लगभग 200 लोगों ने और दूसरे दिन लगभग 100 लोगों ने फोन पर प्लॉट के संबंध में पूछताछ की। उधर प्राधिकरण कार्यालय में आज साढ़े 26 हजार के 53 आवेदन पत्रो की नगद बिक्री हुई ।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के निर्देश पर कमल विहार के स्थल कार्यालय में चार सब इंजीनियरों की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है ताकि वे आंगतुकों को विक्रय किए जाने वाले भूखंड़ों का स्थल पर अवलोकन कराएं।  भूखंड़ क्रय करने के इच्छुकों ने रायपुर विकास प्राधिकरण के न्यू राजेन्द्रनगर स्थित कार्यालय से आज साढ़े 26 हजार के 53 आवेदन पत्र खरीदे। प्राधिकरण की वेबसाइट आरडीए रायपुर डॉट काम में निविदा के नियम, शर्तें, आवेदन पत्र तथा भूखंड का मानचित्र उपलब्ध होने के कारण कई लोग इंटरनेट से भी आवेदन पत्र डॉऊनलोड कर रहे हैं ।
रजिस्ट्री कार्यालय में आरडीए का लगा कैम्प कार्यालय
 रायपुर के कलेक्टोरेट स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय में आज प्राधिकरण के राजस्व शाखा ने कैम्प कार्यालय लगाकर कमल विहार के कई भूस्वामियों के अनुबंध और आवंटित भूखंडो की रजिस्ट्री की कार्रवाई की । जिनमें 5 के साथ अनुबंध और 7 के रजिस्ट्री के दस्तावेजों का निष्पादन किया गया । प्राधिकरण का यह कैम्प 7 दिसंबर तक जारी रहेगा जिससे लोगों को भूखंड आवंटन और उसकी रजिस्ट्री में सहूलियत हो । 

कमल विहार में सबसे पहले आवासीय भूखंड लेने का सुनहरा अवसर


Nov 30, 2013

कमल विहार के भूमिस्वामियों से अनुबंध के लिए आरडीए का पंजीयक कार्यालय में 2 से 7 तक कैम्प


रायपुर, 30 नवंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण ने कमल विहार योजना में शामिल हुए भूस्वामियों को भूखंड आवंटित करने की दिशा में अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है । पहले जिन भूस्वामियों ने कमल विहार योजना में आ रही अपनी भूमि प्राधिकरण को देने के लिए लिखित सहमति दी थी किन्तु पंजीयक कार्यालय में जा कर अनुबंध का निष्पादन नहीं कराया था ऐसे सभी भूस्वामियों से प्राधिकरण पहले अनुबंध करेगा फिर उसके बाद भूखंड के आवंटन के साथ रजिस्ट्री की जाएगी । इस हेतु प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के निर्देश पर सहायक राजस्व अधिकारी श्री आर.एस. दीक्षित कलेक्टोरेट कार्यालय स्थित पंजीयक कार्यालय में 2 से 7 दिसंबर तक कैम्प कर अनुबंध तथा फिर रजिस्ट्री की कार्रवाई करेंगे।
भूस्वामियों को अनुबंध निष्पादित कराने के लिए एक सौ रुपए के नॉन जुडिशियल स्टॉम्प, 5 पासपोर्ट फोटो, पहचान पत्र तथा भूमि के मूल दस्तावेज साथ लाना होगा । ऐसे भूमिस्वामियों को प्राधिकरण फोन से सूचना दे कर आमंत्रित कर रहा है ताकि वे शीघ्र ही इस प्रक्रिया को पूरी कर कमल विहार में पूर्ण विकसित भूखंड प्राप्त कर लें ।
प्राधिकरण ने कल से उन भूस्वामियों को भूखंड आवंटित कर रजिस्ट्री देने की कार्रवाई शुरु कर दी है जिन्होंने पहले ही अपनी भूमि देने की लिखित सहमति देते हुए अनुबंध का पंजीयक कार्यालय में निष्पादन करा लिया था । 

Nov 29, 2013

कमल विहार के 23 भूखंड़ों के विक्रय के लिए 19 दिसंबर को होगी निविदा

आरडीए का ऑफसेट मूल्य 1150 रुपए प्रति वर्गफुट

रायपुर, 29 नवंबर 2013, कमल विहार योजना में विकसित भूखंड चाहने वालों के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण प्रारंभिक रुप से सेक्टर 4, 6 व 8ए में 23 भूखंड़ों का विक्रय निविदा के माध्यम से करने जा रहा है । प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने दो दिन पहले एक बैठक में अधिकारियों को 2 दिसंबर से निविदा पत्रों का विक्रय शुरु करने के निर्देश दिए थे । श्री कटारिया ने बताया कि प्राधिकरण व्दारा निविदा के लिए पूर्ण रुप से विकसित भूखंड़ों का ऑफसेट दर 1150/- रुपए निर्धारित किया है । निविदादाता को इस दर के आधार पर अपना प्रस्ताव देना होगा । निविदा का प्रस्ताव 19 दिसंबर सांय 5 बजे तक प्राधिकरण कार्यालय की निविदा पेटी में डाला जा सकेगा ।

उल्लेखनीय है कि रायपुर विकास प्राधिकरण की जनभागीदारी से विकसित हो रही देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक कमल विहार छत्तीसगढ़ की एक ऐसी सुनियोजित योजना है जो आने वाले समय में राजधानी रायपुर को एक आधुनिक स्वरुप प्रदान करेगी । यहां एक ऐसी आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है जो अब तक विदेशों में ही देखी जाती रही है । इस योजना में आवासीय के साथ आमोद - प्रमोद, व्यावसायिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी है।

कमल विहार के भूस्वामियों को विकसित भूखंडो का आवंटन शुरु


पहला भूखंड श्रीमती बलविन्दर कौर को, 5 भूस्वामियों ने कराई रजिस्ट्री

रायपुर, 29 नवंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज कमल विहार योजना में भूस्वामियों को भूखंड आवंटन कर रजिस्ट्री की शुरुआत की । सबसे पहले भूखंड का आवंटन श्रीमती
बलविन्दर कौर के नाम पर हुआ। इसके बाद निरुपम चक्रवर्ती, समीरऩ चक्रवर्ती, लखमेश्वर सिंह और शरद कुमार दुबे को भूखंडों के आवंटन के साथ ही रजिस्ट्री के दस्तावेजों में प्राधिकरण की ओर से हस्ताक्षर किए गए ।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने दो दिन पहले ही अधिकारियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ से अनुमति मिलने के बाद कमल विहार योजना में भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया शुरु करने के निर्देश दिए थे । उसी क्रम में आज कमल विहार में श्रीमती बलविन्दर कौर को 773 वर्गफुट, निरुपम चक्रवर्ती को 645 वर्गफुट, समीरन चक्रवर्ती को 773 वर्गफुट, लखमेश्वर सिंह और शरद कुमार दुबे को 645 वर्गफुट के भूखंड का आवंटन किया गया । सभी को सेक्टर 6 में भूखंड दिए गए हैं।

भूस्वामियों को विकसित भूखंडो के आवंटन के साथ ही बहुप्रतीक्षित कमल विहार योजना में अब सभी भूस्वामियों को जिन्होंने पूर्व में अपनी भूमि योजना बनाने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण को देने की सहमति दी थी, उन्हें भूखंड मिलने की प्रक्रिया  शुरु हो गई है। भूस्वामियों को फोन पर सूचना दे कर आवंटन और रजिस्ट्री के लिए आमंत्रित किया जा रहा है ।

Nov 27, 2013

कमल विहार के भूस्वामियों को 29 से मिलेंगे विकसित भूखंड

सेक्टर 4,6 व 8ए के भूस्वामियों को फोन पर
सूचना दे कर अनुबंध के लिए आमंत्रित करेगा आरडीए

रायपुर, 27 नवंबर 2013, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ से अनुमति मिलने के बाद अब रायपुर विकास प्राधिकरण 29 नवंबर से कमल विहार योजना क्षेत्र में शामिल भूस्वामियों को
उनके भूखंडों का आवंटन शुरु करने जा रहा है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने बताया कि न्यू राजेन्द्रनगर के भक्त माता कर्मा परिसर में स्थित प्राधिकरण के नए कार्यालय भवन में भूखंडों का आवंटन कर अनुबंध किया जाएगा।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जिन भूस्वामियों को भूखंडों का आवंटन किया जाना है उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन पर सूचना दे कर कार्यालय में आमंत्रित कर अनुबंध किया जाएगा । कमल विहार योजना में सबसे पहले सेक्टर 4, 6 तथा 8ए के ऐसे भूस्वामी जिन्होंने पहले अपनी लिखित सहमति दी थी उन्हें भूखंड आवंटित कर अनुबंध किया जाना है । अनुबंध के लिए एक सौ रुपए का नॉन जुडिशियल स्टॉम्प, पांच फोटो तथा दो गवाहों की फोटो की आवश्यकता होगी । उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण व्दारा इसके पहले भूस्वामियों से उनकी भूमि प्राधिकरण को सौंपने तथा प्रस्तावित भूखंड आवंटन की सहमति का अनुबंध किया गया था । चूंकि कमल विहार में विकास का कार्य प्रगति पर है इसलिए अब भूस्वामियों को विकसित भूखंड आवंटित किया जाएगा । विकास कार्य की प्रगति के साथ ही भविष्य में अन्य सेक्टरों के भूस्वामियों को भी भूखंड आवंटित कर अनुबंध किया जाएगा।  

Oct 1, 2013

आरडीए कार्यालय भक्त माताकर्मा न्यू राजेन्द्रनगर के नए भवन में स्थानांतरित

कैश,जनसूचना व लोक सेवा गारंटी काऊन्टर 10 अक्टूबर तक बजरंग मार्केट में रहेगा



रायपुर, 1 अक्टूबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय बजरंग मार्केट, शास्त्री चौक से व्दितीय तल, भक्त माता कर्मा व्यावसायिक परिसर, न्यू राजेन्द्रनगर में स्थानांतरित हो गया है. बकाया तथा अन्य राशि जमा करने के कैश काऊन्टर, लोक सेवा गारंटी तथा जनसूचना के अधिकार संबंधी जानकारी हेतु काऊन्टर आगामी 10 अक्टूबर तक बजरंग मार्केट शास्त्री चौक स्थित प्राधिकरण के कार्यालय में पूर्ववत कार्यरत रहेगें. उसके बाद सभी काऊन्टर न्यू राजेन्द्रनगर स्थित नए कार्यालय में कार्य करना प्रारंभ कर देगें.
     प्राधिकरण कार्यालय का नया भवन कारपोरेट कार्यालय की तरह सर्वसुविधायुक्त है. यहां बेसमेंट सहित पूरे परिसर में पार्किंग की बेहतर सुविधा है. साथ ही आंगतुकों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है. 

Sep 26, 2013

रमन सरकार का लीज होल्ड प्लॉट को फ्री होल्ड करना और अवैध कॉलोनियों को राजसात करने का निर्णय ऐतिहासिक – श्री सुनील सोनी


रायपुर, 26 सितंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने कहा है कि लीज होल्ड प्लॉट को फ्री होल्ड करना और अवैध कालोनियों को राजसात करने का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल का एक ऐतिहासिक निर्णय है जिसके दूरगामी परिणाम होगें.
श्री सोनी ने कहा कि प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में हजारों आवासीय भूखंड व भवन आवंटित किए गए हैं. ये सभी 30 वर्षों पर लीज अर्थात पट्टे पर यानि एक प्रकार के किराये पर थे.  डॉ. रमन सिंह की सरकार ने ऐसे सभी आवासीय संपत्तियों को लीज से मुक्त करा कर भूखंड व भवन के स्वामियों को प्लॉट का मालिक बना दिया है. फ्रीहोल्ड होने से न तो भूभाटक देना पडेगा और न ही संपत्तियों को विक्रय करने के लिए कोई अनुमति लेनी पडेगी. उन्होंने कहा कि फ्रीहोल्ड करने के लिए राजस्व संबंधी तमाम दिक्कतें थी जिन्हें छतीसगढ़ भूमि धारण (विधिमान्यकरण) अधिनियम 2013 (वैलिडेशन एक्ट) बना और उसे विधानसभा में पारित कर कानूनी स्वरुप दिया गया है. छत्तीसगढ़ के राजपत्र में प्रकाशन के बाद भवन व भूखंडधारी अब अपनी संपत्तियों को फ्रीहोल्ड करने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण में अपना आवेदन प्रस्तुत करने लगे हैं.
प्राधिकरण की कमल विहार योजना के अधिसूचित क्षेत्र में आने वाले स्वागत विहार की कालोनी में अवैध रुप से शासकीय भूमि पर कब्जा कर बेचे जाने के मामले में पीडितों को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कैबिनेट में निर्णय लेकर एक बड़ी राहत दी है. छत्तीसगढ़ शासन का यह निर्णय अवैध कालोनी निर्माण के मामले में पूरे देश में शायद इकलौता निर्णय है जिससे पीडितों को सीधा न्याय मिला है. फर्जी तरीके से अवैध प्लॉट बेच कर जनता को परेशान करने वाले ऐसे लोगों की अवैध कालोनी और कालोनी बनाने वालों की संपत्ति को राजसात करने का  निर्णय भी अपने आप में अनूठा है.
श्री सोनी ने कहा कि स्वागत विहार में सरकारी भूमि पर लोगों को अवैध रुप से प्लॉट काट कर बेचे गए है. ऐसे पीडित लोग अपनी मेहनत की कमाई से खरीदे गए भूखंड़ों को आज तक देखने तक के लिए भटक रहे हैं. अवैध कालोनी बनाने वालों ने न सिर्फ अवैध प्लॉट बेच कर जनता को धोखा दिया वरन उनको लूटने का भी काम किया है. राज्य शासन का यह फैसला ऐसे लोगों के लिए खुशियां लेकर आया है. इससे पूरे राज्य में अवैध कालोनियों के निर्माण की प्रवृति पर रोक लगेगी.

Sep 25, 2013

अवैध कॉलोनी पर रोक लगाकर डॉ. रमन ने पीड़ितों को दिया सीधा न्याय – श्री सुनील कुमार सोनी

रायपुर, 25 सितंबर 2013, फर्जी तरीके से अवैध प्लॉट बेच कर जनता को परेशान करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के कैबिनेट के निर्णय का रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनके कैबिनेट नें जनहित में निर्णय ले कर यह बता दिया है कि राज्य सरकार जनता को न्याय दिलाने में कभी पीछे नहीं हटेगी. इसके लिए उन्होंने डॉ. रमन सिंह को साधुवाद दिया हैं.
श्री सोनी ने कहा कि सरकार रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना के अधिसूचित क्षेत्र में स्थित स्वागत विहार में सैकड़ों लोगों के साथ धोखा हुआ है. सरकारी भूमि पर लोगों को अवैध प्लॉट काट कर बेचे गए है. ऐसे पीडित लोग अपनी मेहनत की कमाई से खरीदे गए भूखंड़ों को देखने तक के लिए आज तक भटक रहे हैं. अवैध कालोनी बनाने वालों ने अवैध प्लॉट बेच कर न सिर्फ जनता को धोखा दिया गया है वरन उनको लूटने का भी काम किया है. यह फैसला ऐसे लोगों के लिए खुशियां लेकर आया है. राज्य शासन के इस निर्णय से उनको काफी राहत मिलेगी. 
श्री सोनी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अवैध प्लाटिंग से पीड़ितों को सीधे न्याय दिया है जो उनकी दूर की सोच को परिलक्षित करता है.. राज्य शासन के निर्णय से पूरे राज्य में अवैध कालोनियों के निर्माण की प्रवृति पर रोक लगेगी. अवैध प्लॉट बेचने वाले भूमाफियाओं और दलाल किस्म के लोगों की संपत्तियों को अधिग्रहित करने से वे अब लोगों को मूर्ख बनाने का काम नहीं कर सकेगें फलस्वरुप जनता को राहत मिलेगी. 

Sep 23, 2013

विकसित होते ही और लोकप्रिय होगा कमल विहार - श्री अनिमेष चौहान

सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक का कमल विहार दौरा

 रायपुर, 23 सितंबर 2013, कमल विहार के विकास के साथ ही जैसे - जैसे लोग इसे समझने लगेगें यह योजना और लोकप्रिय होती जाएगी, कोई भी योजनाएं अपने कार्यों और गुणवता के कारण ही लोकप्रिय होती है. रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना की अवधारणा, विकास और निर्माण की प्रगति देख कर सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक श्री अनिमेष चौहान ने उक्त बातें कही.
   
 कमल विहार योजना के विकास और निर्माण के लिए 550 करोड़ रुपए का ऋण देने वाले सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक श्री चौहान ने आज योजना स्थल का दौरा कर विकास कार्यों का जायजा लिया. योजना सलाहकार बिल्ट क्रॉफ्ट ने पावर पांईट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से कमल विहार की अवधारणा, योजना का प्रस्ताव तथा भूअर्जन की प्रक्रिया की जानकारी दी. श्री चौहान ने योजना में खासी दिलचस्पी लेते हुए कई सवाल भी पूछे. उन्होंने जानना चाहा कि नया रायपुर और कमल विहार योजना में क्या अन्तर है ? इस पर प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया ने बताया कि नया रायपुर में संपूर्ण भूमि का अर्जन कर विकास किया जा रहा है जबकि कमल विहार जनभागीदारी की योजना है जिसमें भूस्वामियों को उनकी मूल भूमि के बदले 35 प्रतिशत तक विकसित भूखंड निशुल्कः दिया जा रहा है. श्री चौहान को योजना में गरीबों के लिए बनाए जाने वाले 3276 ईडब्लूएस फ्लैट्स निर्माण के प्रस्ताव की भी जानकारी दी. उन्हें बताया गया कि कमल विहार क्षेत्र की एक मुख्य सड़क में आने वाले एक शासकीय स्कूल को नया भवन बना कर दिया गया है जो किसी भी निजी स्कूल के मामले में काफी बेहतर है. योजना में अधोसंरचना का विकास कर रही निर्माण कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए छात्र - छात्राओं के लिए पूरे स्कूल का फर्नीचर उपलब्ध कराया है.
श्री चौहान ने कमल विहार की प्रगति के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वे इतनी अच्छी योजना को देखने बार बार आते रहेगें. इस अवसर पर प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर श्री डी.एस.शाही, रीजनल मैनेजर श्री के. शिवानंद, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया सदर बाजार शाखा के चीफ मैनेजर श्री गौर, चीफ मैनेजर श्री अवधेश कुमार, सीनियर मैनेजर श्री मनीष त्रिपाठी, प्राधिकरण के वित्तीय सलाहकार श्री बंकिम शुक्ला, कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, लेखाधिकारी श्री संदीप सिंह पॉल, वैपकास के श्री संजय वर्मा व श्री एन.के. झा, एलएंडटी के श्री पी.के.गुप्ता व विकास गोयल उपस्थित थे.

Sep 18, 2013

श्री सुनील सोनी ने निभाया एक और वादा

न्यू राजेन्द्रनगर के 72 फ्लैट्स को बारिश के पानी से बचाने शुरु किया निर्माण 

रायपुर, 18 सितंबर 2013, न्यू राजेन्द्रनगर स्थित 72 फ्लैट्स के निवासी आज उस समय बेहद उत्साहित थे जब उनके परिसर को बारिश के पानी से डूबने से बचाने के लिए निर्माण कार्य की शुरुआत की गई. रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री नंद कुमार साहू और रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने आज 72 फ्लैट्स परिसर में भरने वाले वारिश के पानी की निकासी के लिए पूरे परिसर की कांक्रीट फ्लोरिंग, 5 ब्लॉक का बाहरी प्लॉस्टर और पुताई के कार्य की शुरुआत की.
 लगभग साढ़े 7 लाख रुपए की लागत से होने वाले कार्य के संबंध में विधायक श्री साहू और प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सोनी ने गत 31 जुलाई को नागरिकों से वायदा किया था कि जैसा उन्होंने देवेन्द्रनगर के साईनगर और चाणक्य फ्लैट्स तथा कटोरातालाब के मैथिलीशरण गुप्त अपार्टमेंट के लोगों के फ्लैट्स की मरम्मत करवा कर उनका जीवन बेहतर बनाया है उसी प्रकार 72 फ्लैट्स के नागरिकों के अच्छी सुविधाएं देगें. टेन्डर की औपचारिकता पूरी कर आज प्राधिकरण ने 72 फ्लैट्स के परिसर में निर्माण कार्य प्रारंभ कर अपना वादा पूरा किया.
इस अवसर पर नगर निगम के पार्षद पूर्व पार्षद संतोष सारथी, न्यू राजेन्द्रनगर के नागरिक गुरदीप सिंह टूटेजा, तोषन साहू, लीलाधर चन्द्राकर,राधाकृष्ण कुकरेजा, सुशील परिहार, सनत कुमार पांडे, दिलीप कुमार राजपाल, रवि ठाकुर, संदीप मिश्रा, दुर्गाशंकर पांडे सहित महिला मंडल की श्रीमती मनीषा, श्रीमती रेशमा छाबड़ा उपस्थित थी.

Sep 17, 2013

सिटी सेन्टर की दुकानों की निविदा दर में संशोधन

निविदा अब 1 अक्टूबर को
रायपुर, 17 सितंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण ने देवेन्द्रनगर स्थित छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर के व्दितीय तल पर 5 तथा तृतीय तल पर 6 दुकानों / कार्यालयों के लिए निर्मित स्थल को विक्रय करने के पूर्व प्रस्तावित आफसेट मूल्य में संशोधन किया है. व्दितीय तल में 3046 रुपए प्रति वर्गफुट तथा तृतीय तल में 2746 रुपए प्रति वर्गफुट की वृध्दि की गई है. इससे प्राधिकरण को बुनियादी तौर पर ही लगभग 11 करोड़ 32 लाख रुपए का लाभ होगा. संशोधन के अनुसार व्दितीय तल हेतु न्यूनतम दर 11,103 रुपए प्रति वर्गफुट तथा तृतीय तल हेतु 10,045 रुपए होगी.  
प्राधिकरण ने छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े मॉल की दुकानों के विक्रय के लिए गत 17 अगस्त को स्थानीय समाचार पत्रों में निविदा विज्ञापन का प्रकाशन किया था. उसके बाद प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने पाया कि निविदा की दर अर्थात ऑफसेट रेट बाजार भाव की तुलना में कम है. तब श्री सोनी ने निविदा की दरों में संशोधन किए जाने का निर्देश दिया. इसके बाद प्राधिकरण स्तर पर पुनः दरों का विश्लेषण कर संशोधित दरें प्रस्तावित कर उसे प्राधिकरण की वेबसाईट आरडीए रायपुर डॉट कॉम पर प्रकाशित कर दिया गया है.
प्राधिकरण ने निविदा की तिथि भी बढ़ा दी है. पहले निविदा की अंतिम तिथि 17 सितंबर थी जिसे अब बढ़ा कर 1 अक्टूबर कर दिया गया है. इच्छुक संस्था या व्यक्ति दुकाने लेने के लिए अपनी दरों का प्रस्ताव प्राधिकरण कार्यालय में 1 अक्टूबर तक प्रस्तुत कर सकते हैं. प्रस्ताव के संबंध में नियम एवं शर्ते प्राधिकरण की वेबसाईट आरडीए डॉट काम पर उपलब्ध है. उल्लेखनीय है कि लगभग पौने छह एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर प्रदेश का सबसे बड़ा मॉल है जो 10 अक्टूबर 2010 को प्रारंभ किया गया था.

Sep 10, 2013


अमित कटारिया आरडीए के सीईओ

रायपुर, 10 सितंबर 2013, नया रायपुर डेव्लेंहपमेट अथारिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन प्राधिकरण का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया. राज्य शासन के आदेश के बाद उन्होंने  आवास एवं पर्यावरण विभाग के उपसचिव की जिम्मेदारी भी ले ली है. श्री कटारिया इसके पूर्व में प्राधिकरण में दो साल तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी रह चुके हैं.

आधुनिक नहीं अब स्मार्ट शहरों की बारी
- सुनील कुमार सोनी
हमारे पूर्वजों ने लोगों के रहने के लिए शहरों की जो डिजाईऩ की थी वह उस समय की आवश्यकता के अनुरुप बेहतर थी । लेकिन आज के हमारे शहर टेक्नालाजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं ।
संचार और कम्प्यूटर टेक्नॉलाजी ने हमें जीवन के हर क्षेत्र को और बेहतर बना रहा है । कम्प्यूटर और नैनो टेक्नॉलाजी ने आज हमारे जीवन स्तर को तार्किक स्वरुप प्रदान करते हुए कई बेहतर विकल्प सामने ला खड़े किए हैं । ऐप्स, डीआईवाई सेंसर, नैनों चिप्स, स्मार्टफोन तथा वेब की तकनीक शहर निर्माण में अहम भूमिका में आगे आ गई है । अब हम अपनी सुगमता के लिए सिर्फ शहर ही नहीं बना रहे हैं वरन अपनी प्राकृतिक विरासत,संस्कृति, व्यापार और समुदाय के लिए शहर बना रहें हैं।
एक अनुमान के मुताबिक साल 2050 तक दुनिया की 75 प्रतिशत आबादी शहरों में निवास करेगी जिससे यातायात व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं पर ज़बर्दस्त दबाव होगा । इसलिए अब नए विकल्प के रुप में दुनियाभर में स्मार्ट शहरों का निर्माण शुरू हो चुका है। कहा जा रहा है कि अब जो स्मार्ट शहर बनेगें वे हमारी कल्पनाओं से परे होगें। भविष्य के इन शहरों में बिजली के ग्रिड से लेकर सीवर पाइप, सड़कें, कारें और इमारतें हर चीज़ एक एक नेटवर्क से जुड़ी होगी। यहां की इमारतें अपने आप बिजली बंद करेगी, स्वचालित कारें खुद अपने लिए पार्किंग ढूंढेंगी और यहां तक कि कूड़ादान भी स्मार्ट होगा। स्मार्ट शहर का मतलब होगा कि एक ऐसा शहर जो आपकी ज़रूरतों को अपने आप पूरा करे।
दुनिया की कई जानी मानी तकनीकी कंपनियां अब स्मार्ट शहरों का भविष्य तय कर रही हैं। वे शहर में जल के रिसाव से लेकर वायु प्रदूषण और ट्रैफिक जाम तक हर समस्या को सुलझाने के लिए नए नए सॉफ्टवेयर बना कर बेच रही हैं। नए स्मार्ट शहरों का भविष्य शहरों की इमारतों, बिजली के खंभों और पाइप पर लगे सेंसरों व्दारा रखी जाने वाली निगरानी से नियंत्रित होगा। सिंगापुर, स्टॉकहोम और कैलिफोर्निया में एक कंपनी यातायात के आंकड़े जुटा शहरों में लगने वाले जाम की एक घंटे पहले ही भविष्यवाणी कर रही है। वहीं रियोडिजेनेरियो में एक कंपनी ने नासा की तरह एक कंट्रोल रूम बना रखा है जहाँ लगी स्क्रीनें पूरे शहर में लगे संवेदकों और कैमरों से आंकड़े जुटाती हैं। डबलिन में एक कंपनी ने सिटी काउंसिल के साथ मिलकर मोबाइल फोन्स के लिए एक पार्कया ऐप्स तैयार किया है जो लोगों को शहर में पार्किंग की जगह ढूंढने में मदद करता है। अमरीकी शहर डुबुक में कंपनी स्मार्ट वाटर मीटर बना रही है जो कम्युनिटी पोर्टल के माध्यम से लोगों को डेटा उपलब्ध करा रही है ताकि वे पानी की अपनी खपत को देख सकें। एक अमरीकी कंपनी का मानना है कि हमें एक ऐसे शहर विकसित करने की ज़रूरत है जो लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। पहले यह संभव नहीं था क्योंकि तब ज्यादा सूचना उपलब्ध नहीं थीं। चीन दर्जनों ऐसे नए शहर बसाने की ओर बढ़ रहा है जिसमें रियोडिजेनेरियो की तरह कंट्रोल रूम स्थापित होंगै। स्मार्ट शहर का भविष्य तय करने के लिए स्मार्टफोन, ऐप्स, डीआईवाई सेंसर तथा वेब इस्तेमाल करने वाले लोग लिख रहे है। डोंट फ्लश मी एक छोटा डीआईवाई सेंसर और ऐप है जो अकेले दम पर न्यूयॉर्क की पानी से जुड़ी समस्याओं को सुलझा रहा है। इसी तरह सेंसर नेटवर्क एग लोगों को शहर की समस्याओं के प्रति सचेत कर रहा है।
एक शोध के आंकड़ों के अनुसार दुनिया में हर साल 20 लाख लोगों की मौत वायु प्रदूषण के कारण होती है शहरों में बढ़ती भीड़भाड़ के कारण यह समस्या और बदतर हो रही है। इस समस्या के आंकलन के लिए एक कंपनी सस्ते सेंसर बेचकर वायु की गुणवत्ता के बारे में आंकड़े जुटा रहा है। ताकि लोग इन सेंसरों को अपने घरों के बाहर लगाकर हवा में मौजूद ग्रीन हाउस गैसों, नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन मोनो ऑक्साइड के स्तर का पता लगा सकते हैं। इन आंकड़ों को इंटरनेट पर भेज कर एक नक्शे में जोड़कर दुनियाभर में प्रदूषण के स्तर को दिखाया जाता है। सेंटर फॉर एडवांस स्पेशिएल एनालिसिस लंदन के निदेशक हडसन स्मिथ के अनुसार  शहरों की स्थिति सुधारने में लोगों की भागीदारी बेहद अहम है। उनकी टीम में लंदन को स्मार्ट बनाने के लिए एक सिटी डैशबोर्ड विकसित किया है। रियोडिजेनेरियो के कंट्रोल रूम की तरह डैशबोर्ड प्रदूषण, मौसम और नदी के जल स्तर से संबधित आंकड़ों को समाहित करता है। साथ ही यह ट्विटर और शहर की खुशहाली पर भी नजर रखता है।
इन दिनों स्मार्ट शहरों के बारे में विकसित देशों में काफी चर्चा है लेकिन उनके पास ऐसी कोई तकनीक नहीं है जिससे वास्तव में लोगों की जिंदगी में बदलाव आ रहा है। पर यह उम्मीद जरूर है कि अगले पांच सालों में चीजें स्मार्ट हो जाएंगी। तब शहर का डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रेनों और सड़कों की तरह अहम हो जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या हम अपने शहरों कि बेहतर बनाने के चक्कर में उनकी सबसे बड़ी धरोधर को खो भी सकते हैं ? लेकिन यह बात तो तय है कि बेहतर सोच वाले स्मार्ट लोग ही स्मार्ट शहर बनाएंगे।
रायपुर विकास प्राधिकरण भी दुनिया की ऐसी कल्पनाओं को साथ ले कर चल रहा है। इसी दिशा में कमल विहार की कल्पना जो एक आम आदमी की योजना तो है पर हर किसी की कल्पना से परे... इसमें आम से खास सभी लोगों के सारे सपने गढ़ने का काम उनकी सोच से पहले कर दिया है ताकि आगे आने वाली टेक्नॉलाजी के लिए विकास के सभी रास्ते खुले रहें । हिन्दुस्तान के स्मार्ट शहर होने की दिशा में अग्रसर होते हुए हम अब रायपुरवासियों के सपने पूरे करने के लिए वचनबध्द है।
------------------------------------------------------------------------------------------------------------
-          सुनील कुमार सोनी, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं

Sep 6, 2013

कमल विहार में पारदर्शिता, कोई भी कागज-फाईल दिखाने को तैयार - सुनील कुमार सोनी

जिनकी सहमति उन्हें भूखंड दिया, जिन्होंने नहीं दी उन्हें मुआवजा

रायपुर, 6 सितंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने पूर्व शिक्षा मंत्री श्री सत्यनारायण शर्मा के कमल विहार योजना के संबंध में लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि श्री शर्मा जी पिछले दो सालों में कुछ भी नहीं बोले और अब जब चुनाव आ रहा है तो उन्हें कमल विहार याद आ रहा है. 


श्री सोनी ने कहा कि कमल विहार योजना पूरे नियमों के अन्तर्गत बनाई गई एक पारदर्शी योजना है. हम श्री शर्मा जी को योजना के बारे में पूरी जानकारी देने के लिए तैयार हैं वे जो फाईल या कागज देखना चाहें प्राधिकरण कार्यालय में उन्हें दिखा दिया जाएगा. इसके लिए उन्हें सूचना के अधिकार के तहत जानकारी लेने और समय खराब करने की भी जरूरत नहीं है. श्री सोनी ने आगे कहा कि कमल विहार योजाना में यदि कोई खोट या गल्ती होती तो बिलासपुर हाईकोर्ट भूस्वामियों की याचिका खारिज नहीं करता. हाईकोर्ट का निर्णय यह साबित करता है कि कमल विहार संवैधानिक रुप से एक सही और जनहित में बनाई जा रही आम आदमी की योजना है.
       श्री सोनी ने कहा कि कमल विहार में जिन भूस्वामियों ने विकसित भूखंड चाहे उन्हें उनकी सहमति के आधार पर अनुबंध कर प्लॉट दिए गए हैं. जिन्हें भूखंड नहीं चाहिए था उन्हें प्राधिकरण ने कलेक्टर गाईड लाईन के आधार पर मुआवाजा दिया. श्री सोनी ने कहा कि यह कहा जा रहा है कि 800 परिवारों को भूखंड नहीं दिया जा रहा है यह गलत है प्राधिकरण में 543 भूस्वामियों ने विकसित भूखंड लेने के लिए अपनी सहमति नहीं दी इसलिए उन्हें मुआवजा दिया जा रहा. मुआवजे की दर प्राधिकरण नहीं तय करता यह तो कलेक्टर व्दारा बनाई गई गाईड लाईन के आधार पर तय होता है. श्री सोनी ने कहा कि प्राधिकरण व्दारा समाचार, विज्ञापनों और नोटिस के माध्यम से कई बार भूस्वामियों को विकसित भूखंड और अनुबंध करने की सूचना दी गई है और यह सब रिकार्ड में दर्ज है. गत 4 जुलाई को श्री चुन्नीलाल प्रजापति को प्राधिकरण कार्यालय में मुआवजे का चेक दिया गया है. इसके बाद जो भी मुआवाजा लेने आएगा उसे पांच दिनों में मुआवजा की राशि दे दी जाएगी.
      प्राधिकरण के अध्यक्ष ने बताया कि 543 भूस्वामियों व्दारा कमल विहार योजना में विकसित भूखंड लेने की सहमति नहीं दिए जाने के कारण उनकी भूमि अर्जित की गई है. प्राधिकरण ने इस हेतु पिछले साल जुलाई को भू-अर्जन अधिकारी को राशि भी दे दी है. श्री सोनी ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग में रोड रास्ते की भूमि के लिए छोड़ी गई भूमि की जांच राजस्व अधिकारी व्दारा की जा रही है.
  800 सौ परिवारों को जिनकी बात कही जा रही है उनमें जिनकी भूमि 2900 वर्गफुट से अधिक थी उन्हें शासन के आदेश से एक स्लैब ऊपर की अतिरिक्त भूमि का आवंटन किया गया है. यह आवंटन कमल विहार में अधोसंरचना विकास के मद में आरक्षित रखी गई 10 प्रतिशत भूमि में से किया गया है. श्री सोनी ने कहा कि श्री सत्यनारायण शर्मा जी का यह कहना की 3500 परिवारों को धमकी दे कर अनुबंध कराया है यह भी पूर्णत निराधार है. भूस्वामियों ने अपनी सहमति से अनुबंध किया है. अनुबंध में स्पष्ट उल्लेख है कि यह प्रोविजनल अनुबंध है स्थल पर कब्जा देते समय अंतिम अनुबंध किया जाएगा. इसके पश्चात ही संबंधित विकसित भूखंड भूस्वामी के नाम से दर्ज होगा. जहां तक भूअर्जन की बात है इसकी कार्रवाई नियमों के अन्तर्गत भूअर्जन अधिकारी रायपुर व्दारा की जाती है रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा नहीं.
      श्री सोनी ने कहा कि श्री शर्मा कभी 3500 परिवारों की बात करते हैं कि उन्हें धमकी दे कर अनुबंध कराया गया है और कभी 800 परिवारों की बात करते हैं कि उन्हें आरडीए भूखंड नहीं दे रहा है. इन दोनों बातों पर वे पहले स्वयं ही आश्वस्त हो लें कि वे क्या कहना और समझना चाहते हैं. 

Sep 5, 2013

आयकर विभाग को आरडीए के बेहतर वित्तीय प्रबंधन देख कर हुआ आश्चर्य


जांच में आयकर कटौती और राशि जमा करने में कोई खामी नहीं
प्राधिकरण का कार्य प्रशंसनीय शीतल सारस्वत, आयकर उपायुक्त  

रायपुर, 5 सितंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में कल आयकर की कटौती कर उसे विभाग को भेजने के संबंध में आयकर की टीम को यह देख कर बड़ा आश्चर्य हुआ कि प्राधिकरण की लेखा शाखा का कार्य इतना व्यवस्थित कैसे है कि उनके कार्य में कोई खामी ही नहीं है. प्राधिकरण के 50 सालों के इतिहास में पहली बार आयकर विभाग ने कर भुगतान के संबंध में जांच की है. आयकर विभाग की उपायुक्त आयकर श्रीमती शीतल सारस्वत वर्मा ने प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अलेक्सपॉल मेनन से भी मुलाकात की और प्राधिकरण के वित्तीय प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए इसे अनुकरणीय बताया.
कल आयकर विभाग की उपायुक्त के नेतृत्व में आयकर विभाग की टीम ने प्राधिकरण व्दारा किए गए भुगतान किए गए देयकों की जांच की और पाया की सभी देयकों में नियमानुसार आयकर की कटौती कर आयकर विभाग में राशि जमा कराई गई है. दरअसल प्राधिकरण में पिछले कुछ वर्षों में किए गए कम्प्यूटरीकरण के फलस्वरुप तकनीकी, लेखा और राजस्व शाखा में बेहतर ढ़ंग से कार्य हो रहा है. प्राधिकरण के लेखा शाखा व्दारा ठेकेदारों, हितग्राहियों और सलाहकारों को आरटीजीएस प्रणाली से भुगतान किया जा रहा है. इसके अलावा प्राधिकरण  वित्तीय विशेषज्ञों कंपनियों की भी मदद ले रहा है.
आयकर विभाग के अधिकारियों व्दारा की गई यह जांच एक सामान्य प्रक्रिया है जिसमें उनके व्दारा संस्था व्दारा भुगतान किए जाने वाले देयकों में आयकर की कटौती की जांच की जाती है. आयकर विभाग ने प्राधिकरण में पूरी जांच के दौरान एक भी खामी नहीं पाई. आयकर विभाग ने यह पाया की प्राधिकरण व्दारा नियमित रुप से आयकर की कटौती कर विभाग के मद में राशि जमा कराई जा रही है तथा देयकों में कोई कमी नहीं है.


                                                

Aug 27, 2013

राजपत्र में प्रकाशन के बाद होगा फ्रीहोल्ड

आरडीए के आवासीय संपत्तियों को फ्रीहोल्ड करने के लिए शासन ने बनाया नया नियम

रायपुर, 27 अगस्त 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं को फ्रीहोल्ड करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने एक नया नियम बनाया है जो छत्तीसगढ़ विधानसभा से पारित हो चुका है.
छतीसगढ़ भूमि धारण (विधिमान्यकरण) अधिनियम 2013 का छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशन के बाद यह लागू हो जाएगा. इस नियम के अन्तर्गत प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में शामिल 325 एकड़ निजी भूमि अपने नाम पर दर्ज कराने के लिए राज्य शासन को पत्र भेजकर इसे राजपत्र में प्रकाशन कराने का अनुरोध किया गया है. इसके बाद प्राधिकरण व्दारा आवासीय संपत्तियों को फ्रीहोल्ड करना शुरु किया जाएगा. 

प्राधिकण के अध्यक्ष सुनील कुमार सोनी के अनुसार आवास एवं पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन व्दारा तैयार किए गए अधिनियम के अनुसार प्राधिकरण की उन सभी आवासीय योजनाएं की भूमि जो राजस्व रिकार्डों में दर्ज नहीं हो सकी थी वे अब इस अधिनियम से लागू होने के बाद नियमतः राजस्व रिकार्ड में दर्ज की जा सकेंगी. दरअसल पहले जब प्राधिकरण की योजनाएं बनी थी तब भूमि का अर्जन विधिवत ढ़ंग से नहीं हुआ था. भूमि का मुआवाजा तो दे दिया गया और उसका पांच और दस रुपए के स्टॉम्प पेपर पर लिखापढ़ी कर ली गई और ऐसा मान लिया गया कि भूमि प्राधिकरण की हो गई. प्राधिकरण ने फिर ऐसी सभी भूमियों पर अपनी योजनाएं तो बना ली लेकिन प्रक्रिया के अनुसार तहसील के राजस्व रिकार्ड में भूमि दर्ज नहीं हो सकी. इसलिए शैलेन्द्रनगर, कटोरातालाब, देवेन्द्रनगर, जलविहार, राजेन्द्रनगर जैसी कई आवासीय योजनाओं के हजारो आवासीय भूखंड और आवासीय भवन फ्रीहोल्ड नहीं हो सके. फ्रीहोल्ड का अर्थ है कि आवासीय भूखंड के धारक को भविष्य में प्राधिकरण को कोई भूभाटक नहीं देना होगा और न ही उसे अपने भूखंड के विक्रय करने के लिए किसी प्रकार की अनुमति लेनी होगी. फ्रीहोल्ड होने के बाद भूखंडधारियों भूभाटक और विक्रय की अनुमति लेने की औपचारिकता से पूरी तरह से मुक्त हो जाएंगे.

रायपुरा योजना की एक बड़ी बाधा दूर हुई – सुनील कुमार सोनी

इन्द्रप्रस्थ फेज 2 व विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र रायपुरा को
राज्य शासन ने दी स्टॉम्प और पंजीयन शुल्क में छूट

रायपुर, 27 अगस्त 2013, छत्तीसगढ शासन ने रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना के बाद अब रायपुरा स्थित इन्द्रप्रस्थ फेस - 2 और रायपुरा की विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र (SCZ Special Commercial Zone) में आने वाली भूमि के अनुबंध विलेख हेतु स्टॉम्प शुल्क व पंजीयन शुल्क की राशि में छूट दे दी है. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी के लगातार प्रयासों से मिली इस छूट से योजना के भूस्वामियों को एक बड़ी राहत मिली है. यदि यह छूट नहीं मिलती तो भूस्वामियों को प्राधिकरण से अनुबंध करने और स्टॉम्प शुल्क के रुप में लाखों रुपए का आर्थिक भार वहन करना पड़ता किन्तु इस छूट से अब मात्र 100 रुपए के स्टॉम्प पर ही प्राधिकरण और भूमि स्वामियों के मध्य अनुबंध का निष्पादन हो सकेगा. श्री सोनी ने घोषणा की कि प्राधिकरण व्दारा दोनो योजना में अधोसंरचना विकास स्वयं की राशि अथवा ऋण ले कर करेगा और योजना में शामिल भूस्वामियों से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लेगा.
नगर विकास योजना इन्द्रप्रस्थ फेस 2 रायपुर के 125 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है. योजना की लागत 96.60 करोड़ रुपए है. मुख्यतः यह आवासीय योजना है जिसमें भूस्वामियों को उनकी अविकसित भूमि के बदले 35 प्रतिशत क्षेत्र का पुनर्गठित विकसित भूखंड दिया जा रहा है. योजना में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी. योजना में 550 भूस्वामी शामिल हैं. इसमें से 60 प्रतिशत भूस्वामियों ने पुर्नगठित भूखंड लेने की सहमति दे दी है तथा शेष भूमि का अर्जन किया जाएगा. योजना के औपचारिक नियम एवं प्रक्रिया के अन्तर्गत नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 50 (8) के अन्तर्गत प्रकाशन कर समस्त कार्रवाई पूरी की जा चुकी है. योजना में मास्टर प्लॉन के प्रावधान के अनुरुप मुख्य मार्ग 24 मीटर चौड़ा होगा जिसकी लंबाई 2.8 किलोमीटर होगी.
रायपुरा की विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र 124.24 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगी जिसकी लागत लगभग 250 करोड़ रुपए होगी. रायपुर के मास्टर प्लॉन अर्थात रायपुर विकास योजना के अन्तर्गत बाजारों के विक्रेन्दीकरण किया जाना है. इसके अन्तर्गत विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए लॉजिस्टिक हब अर्थात वेयर हाऊस कार्यालय सहित, होलसेल व रिटेल व्यावसाय, होटल, कार्पोरेट कार्यालय विकसित होंगे. योजना में भूस्वामियों को उनकी भूमि का 46 प्रतिशत क्षेत्र के बराबर के पुनर्गठित विकसित भूखंड देते हुए 2 से 3 प्रतिशत तक निर्मित व्यावसायिक क्षेत्र भी आवंटित किया जाएगा. प्राधिकरण व्दारा योजना में आवंटित भूखंड़ों पर 4 साल में निर्माण करने की शर्त भी रखी गई है. इस योजना हेतु नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 50 (5) के अन्तर्गत गठित समिति व्दारा आपत्तियों की सुनवाई की जा चुकी है. समिति की रिपोर्ट आते ही प्रकाशन की अंतिम कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण व्दारा विकास और निर्माण प्रारंभ किया जाएगा. 

Aug 19, 2013

प्रदेश के सबसे बड़े मॉल में व्यवसाय के लिए मिलेगी दुकानें और कार्यालय

छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर देवेन्द्रनगर में दुकानों व कार्यालयों 
के लिए विक्रय का प्रस्ताव आमंत्रित किया आरडीए ने

रायपुर, 19 अगस्त 2013, राजधानी रायपुर के सबसे बड़े और लोकप्रिय मॉल छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर, देवेन्द्रनगर में दुकानों और कार्यालय के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने इच्छुक संस्थाओ और व्यक्तियों से दर का प्रस्ताव आमंत्रित किया है.
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने बताया कि व्दितीय तल पर 5 तथा तृतीय तल पर 6 दुकानें / कार्यालय हेतु निर्मित स्थल को विक्रय किया जाएगा. इस हेतु 17 सितंबर तक इच्छुक संस्था या व्यक्ति अपनी दरों का प्रस्ताव प्राधिकरण कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं. प्रस्ताव प्रस्तुत करने के संबंध में नियम एवं शर्ते प्राधिकरण की वेबसाईट आरडीएरायपुर डॉट काम पर उपलब्ध है. उल्लेखनीय है कि लगभग पौने छह एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर प्रदेश का सबसे बड़ा मॉल है जो 10 अक्टूबर 2010 को प्रारंभ किया गया था. 

Aug 16, 2013

स्वतंत्रता दिवस विकास का संकल्प लेने का दिन – श्री सुनील कुमार सोनी

आरडीए परिसर में अध्यक्ष श्री सोनी ने फहराया तिरंगा


रायपुर, 16 अगस्त 2013, स्वाधीनता दिवस के अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय परिसर में अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने राष्ट्रीय धवज फहराया. इस अवसर पर सोनी ने कहा कि आज के संदर्भों में स्वतंत्रता दिवस के मायने संकल्प दिवस है. हम सभी को आज देश और प्रदेश के समुचित विकास का संकल्प लेना चाहिए. उन्होंने प्राधिकरण की विकास योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन में हम रायपुर शहर का निरन्तर विकास कर रहे हैं. प्रदेश के मंत्रीव्दय श्री बृजमोहन अग्रवाल और श्री राजेश मूणत भी शहर विकास के लिए अपना भरपूर सहयोग दे रहे हैं. श्री सोनी ने आगे कहा कि प्राधिकरण शहर के लोगों के सपने को गढ़ने का काम कर रहा है इसलिए हमें और बेहतर ढ़ंग से कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए.
  
प्राधिकरण में झंडारोहण के अवसर पर उपाध्यक्षव्दय श्री रतनलाल डागा व श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग डॉ. रोहित यादव, प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अलेक्स पाल मेनन, राज्य शहरी विकास अभिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हिम शिखर गुप्ता, प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस.के. अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसढ़ के संयुक्त संचालक श्री एम. के. गुप्ता तथा रायपुर विकास प्राधिकरण सहित प्राधिकरण परिसर स्थित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे. 

Aug 8, 2013

आरडीए के बकायादारों को एकमुश्त राशि जमा करने पर 50% सरचार्ज की छूट

31 जुलाई को श्री सुनील सोनी व्दारा की गई घोषणा हुई पूरी

रायपुर, 8 अगस्त 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी की घोषणा के अनुसार प्राधिकरण की समस्त योजनाओं के आवासीय प्रकरणों में अद्यतन बकाया राशि का एक मुश्त भुगतान करने पर देय सरचार्ज में 50 प्रतिशत की छूट लागू कर दी गई है. यह छूट 10 सितंबर तक ही मिलेगी.
उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने 31 जुलाई को न्यू राजेन्द्रनगर में नागरिकों से मुलाकात के दौरान नागरिकों के आग्रह पर सरचार्ज राशि में छूट दिए जाने की घोषणा की थी. साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील भी की थी कि वे अपनी बकाया राशि समय पर जमा करे ताकि वे अनावश्यक सरचार्ज राशि के भार से बच सके. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अलेक्स पॉल मेनन ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए राजस्व शाखा को निर्देशित किया है कि वे बकायादारों को राशि जमा करने की जानकारी देते हुए बकाया वसूली के दौरान एकमुश्त भुगतान की स्थिति में सरचार्ज की राशि में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान करें.

आरडीए में हुई कई पदोन्नितयां

ए.डी. जॉन प्रशासकीय अधिकारी
चार उपअभियंता बने सहायक अभियंता
श्रीमती अवधिया पहली महिला कार्यालय अधीक्षक
 रायपुर, 8 अगस्त 2013, श्रीमती कुमदनी अवधिया रायपुर विकास प्राधिकरण में कार्यालय की नई अधीक्षक बनाई गई हैं. वे प्राधिकरण की पहली महिला है जिन्हें यह जिम्मेदारी मिली है. उन्हें सहायक ग्रेड - 1 से पदोन्नत किया गया है. मोहर्रिर रज्जाक खान को राजस्व निरीक्षक के पद पर, ज्ञानेश रेड्डी, सुधाकर राव ठोकने, रमेश राव को सहायक ग्रेड  3 से सहायक ग्रेड 2 पर पदोन्नत किया गया है. धर्मेन्द्र सिंह सेंगर को सहायक ग्रेड 3 से सहायक  ग्रेड - 2 पर पदोन्नत करते हुए स्टोरकीपर बनाया गया है.
इसके पूर्व आवास एवं पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन व्दारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निज सचिव ए.डी.जॉन को पदोन्नत कर प्रशासकीय अधिकारी बनाया गया है. चार उप अभियंता योगेशचन्द्र साहू, के.पी. देवांगन, राजीव अग्रवाल और अनिल गुप्ता को सहायक अभियंता पद पर पदोन्नत किया गया है. नगर पालिक निगम रायपुर में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत उप अभियंता (विद्युत) सुरेश सिंह कुंजाम को सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नति दी गई है. सभी अधिकारियों कर्मचारियों ने प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी, उपाध्यक्षव्दय श्री रतन लाल डागा व श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अलेक्स पॉल मेनन का आभार व्यक्त किया है. 

Jul 31, 2013

आरडीए में शासन के आदेश के बाद शुरु होगा फ्रीहोल्ड

न्यू राजेन्द्रनगर में विधायक के साथ जनता से रुबरु हुए श्री सुनील कुमार सोनी



        रायपुर, 31 जुलाई 2013, राज्य शासन से आदेश मिलने के बाद रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा फ्री होल्ड की कार्रवाई तुरुन्त शुरु की जाएगी. इस बारे में विधान सभा में नियम बन चुका है और जैसे ही फ्रीहोल्ड का आदेश प्राधिकरण को मिलेगा सभी योजनाओं में आंवटितियों के आवासीय भूखंड को फ्री होल्ड करने की कार्रवाई की जाएगी. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने आज न्यू राजेन्द्रनगर में स्थानीय नागरिकों से चर्चा के दौरान उक्त बातें कहीं. उनके साथ क्षेत्र के विधायक श्री नंद कुमार साहू भी थे.
        श्री सोनी आज न्यू राजेन्द्रनगर स्थित सेक्टर 7 के 72 फ्लैट्स में नागरिकों की समस्या से रुबरु होने गए थे. उन्होंने नागरिकों व्दारा सामुदायिक भवन की मांग पर कहा कि यदि इस हेतु प्राधिकरण के लेआऊट में ऐसा प्रावधान होगा तो वे भूमि उपलब्ध करा देगें. रायपुर के सांसद श्री रमेश बैस ने पहले ही सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 5 लाख रुपए की स्वीकृति दी है. नागरिकों ने 72 फ्लैट्स में सीवर लाईन और बरसात के गंदे पानी जमा होने की शिकायत पर सोनी ने इंजीनियरों को निर्देश दिया कि वे इसके लिए टेन्डर इत्यादि की आवश्यक स्वीकृति ले कर समस्या का निराकरण करवाएं. श्री सोनी ने नागरिकों को कहा कि वे अपनी बकाया राशि समय पर जमा करे ताकि वे अनावश्यक सरचार्ज राशि देने से बच सके. श्री सोनी ने नागरिकों को बताया कि प्राधिकरण ने इससे पहले नागरिकों की मांग पर देवेन्द्रनगर स्थित साई नगर व चाणक्य फ्लैट्स तथा कटोरातालाब स्थित मैथिली शरण गुप्त के फ्लैट्स की मरम्मत तथा अन्य समस्याओं का समाधान करवाया है उसी प्रकार न्यू राजेन्द्रनगर के नागरिकों की समस्याओं का निराकरण भी करवा देगें. श्री सोनी ने कहा कि बकाया राशि के चलते मूलभूत सुविधाओं के कार्य नहीं रोके जाएगें. श्री सोनी ने नागरिकों की शिकायत पर न्यू राजेन्द्रनगर मुख्य मार्ग पर स्थित अग्रवाल मिठाईवाला के मिठाई कारखाना व्दारा फैलाए जा रहे प्रदूषण के फलस्वरुप कारखाने को दस दिनों में हटाने का निर्देश अधिकारियों को दिया.
           इस अवसर पर सिंधी पंचायत के मुखी किशनचंद नारवानी, गुरदीप सिंह टुटेजा, मनोहर चतवानी, जगदीश खुराना, जेसानंद कोटवानी, गिरीश लाहेजा, स्वरुप टाटिया, शिवशक्ति महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती लोरे व अन्य महिला सदस्य तथा प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर.नारंग, कार्यपालन अभियंता श्री श्रीचंद झा, सहायक अभियंता श्री अनिल गुप्ता, उप अभियंता श्री संतोष सिंह उपस्थित थे.

Jul 18, 2013

कमल विहार के पहले सेक्टर का लोकार्पण अगस्त में

रायपुर, 18 जुलाई 2013, कमल विहार के पहले सेक्टर का लोकार्पण अगस्त में किए जाने की तैयारियों के सिलसिले में रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने आज स्थल का दौरा किया. उन्होंने स्थल निरीक्षण के दौरान निर्माण एजेंसी एलएंडटी, प्रोजेक्ट मैनेजमैंट कंसलटेंट वैपकॉस और प्राधिकरण के अधिकारियों से कहा कि कमल विहार के सेक्टर 6 को विकसित कर लोकार्पण करने का आश्य यह है कि कमल विहार कैसे बनेगा यह बताना है.

कमल विहार योजना में विकास और निर्माण कार्यों में तेजी लाने श्री सोनी गत मई से लगभग हर पखवाड़े योजना स्थल का दौरा कर रहे है. आज श्री सोनी ने आज निर्माण एजेंसी और प्राधिकरण के अधिकारियों को कहा कि भले ही बारिश का मौसम है पर जिन स्थानों पर वर्षा के कारण रुकावट नहीं होती उन स्थानों पर कार्य निरंतर जारी रखें. श्री सोनी ने कहा कि रिंग रोड निर्माण का काफी काम हो गया है अतः वहां सड़क के मध्य बिजली के खंबे, डिवाईडर और डिवाईडर के मध्य पौधे लगाने का कार्य अगस्त के पहले सप्ताह तक कर लिया जाए. उन्होंने सेक्टर 6 के अतिरिक्त अन्य 14 सेक्टरों में भी कार्य करने के लिए कुशल और अर्धकुशल मजदूरों का संख्या बढ़ाने को कहा. श्री सोनी ने वैपकॉस के टीम लीडर श्री संजय जैन से कहा कि वे कार्य में किसी भी परेशानी और बाधा की जानकारी उन्हें सीधे दे ताकि कार्य तेजी से हो सके. 

Jul 4, 2013

चुन्नीलाल प्रजापति को कमल विहार में भूमि के बदले मुआवजे का पहला चेक मिला


रायपुर, 4 जुलाई 2013, कमल विहार में भूमि के बदले मुआवजा चाहने वाले श्री चुन्नीलाल प्रजापति को आज रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी और उपाध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने एक लाख तीन हजार सात सौ पचास रुपए का चेक सौंपा. श्री प्रजापति ऐसे पहले व्यक्ति है जिन्हें प्राधिकरण ने उनकी सहमति पर भूमि के बदले मुआवजा दिया है. उनके 900 वर्गफुट आकार के भूखंड के मुआवजा राशि की गणना कलेक्टर गाईड लाईन के आधार पर की गई है.
          कमल विहार योजना में भूस्वामियों की सहमति के आधार पर उनकी मूल भूमि के बदले पुनर्गठित विकसित भूखंड अथवा भूमि के बदले कलेक्टर गाईड लाईन के आधार पर मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है. कमल विहार में लगभग साढ़े 4200 भूस्वामियों ने विकसित पुनर्गठित भूखंड लिए है तथा 42 भूस्वामियों ने मुआवजे की मांग की है. इसके पहले 212 भूस्वामियों ने भूमि के बदले मुआवजा मांगा था किन्तु बाद में योजना के विकास कार्य को देख कर लगभग 170 भूस्वामियों ने मुआवजे के बदले विकसित पुनर्गठित भूखंड की मांग की थी जिन्हें प्राधिकरण ने विकसित भूखंड का आवंटन कर दिया है.

Jun 29, 2013

आरडीए के मोहर्रिर कुमार वर्मा 30 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त

हर कर्मचारी का संस्था में किए कार्यों के कारण मोह होता है  सुनील सोनी


रायपुर, 29 जून 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण में कार्यरत मोहर्रिर श्री कुमार वर्मा 30 सालों की सेवा के बाद आज सेवानिवृत्त हो गए. इस मौके पर अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने उनका श्रीफल शाल से अभिनंदन किया. श्री सोनी ने कहा कि हर कर्मचारी को अपनी संस्था से मोह होता है और मोह इसलिए होता है क्योंकि उसने संस्था के लिए कार्य किया है. श्री सोनी ने कहा कि प्राधिकरण के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके बीच से सेवानिवृत होने वाले व्यक्ति का पूरा सम्मान करना चाहिए क्योंकि सभी लोग एक न एक दिन सेवानिवृत होगें.
प्राधिकरण के राजस्व शाखा में वसूली का कार्य करने वाले श्री कुमार वर्मा के बिदाई के कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कारपोरेशन के पूर्व अध्यक्ष श्री सचिदानंद उपासने, प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, कार्यपालन अभिंयता श्री पी.एम. कोल्हे, प्रशासकीय अधिकारी श्री ए.डी. जॉन, प्राधिकरण कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र सेंगर, सचिव श्री अब्दुल आरिफ सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.