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Mar 31, 2015

कमल विहार के व्यावसायिक भूखंड अब 25% और 36 किश्तों में

मूल भूस्वामियों को छोटे के बदले बड़े प्लॉट लेने का अवसर
9 और एजेंटो की नियुक्ति
रायपुर, 30 मार्च 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण संचालक मंडल ने इस बार की बजट बैठक के दौरान कई अन्य प्रस्तावों पर विचार कर हितग्राहियों व आवंटितियों को कई नई सुविधाएं दी हैं. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के अनुसार कमल विहार के व्यावसायिक भूखंडों का कब्जा अब मात्र 25% की राशि देने पर दे दिया जाएगा ताकि उस पर भवन निर्माण का कार्य तेजी से हो सके और तथा शेष भुगतान 36 समान मासिक किश्तों में करने की भी सुविधा दी जाएगी. कमल विहार में भवन निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए भूखंडधारियों को पानी के टैंकर की सुविधा, योजना में शामिल भूस्वामी जिन्हें भूमि के बदले विकसित भूखंड दिए गए हैं उन्हें अब अपने छोटे भूखंडों के बदले 2750 वर्गफुट से बड़े प्लॉट लेने की भी सुविधा मिलेगी. कमल विहार में आवेदन कर भूखंड नहीं लेने पर राशि राजसात करने की बदले अब पंजीयन राशि में मात्र 20% राशि की कटौती होगी. इसके अलावा प्राधिकरण की अन्य योजनाओं की संपत्ति विक्रय के लिए 9 और विक्रय अभिकर्ताओं की नियुक्ति तथा डुमरतराई में रीजनल व सिटी बस स्तर के बस टर्मिनल का निर्माण के प्रस्ताव का अनुमोदन संचालक मंडल व्दारा किया गया है.      
व्यावसायिक भूखंडों का कब्जा अब मात्र 25 प्रतिशत राशि में, भुगतान 36 माह में
      कमल विहार योजना में व्यावसायिक भूखंडों को विकसित करने के लिए अब 36 माह की किश्तों में निविदा के आधार पर दी जाएगी. निविदा के साथ ही आवेदक 10 प्रतिशत की राशि जमा करेगा. निविदा स्वीकृति के बाद निविदादाता को एक माह भीतर 15 प्रतिशत राशि जमा करना होगा. इस प्रकार उसे भूखंड का कब्जा लेने के पहले मात्र 25 प्रतिशत राशि ही प्राधिकरण को देनी होगी. भूखंड कब्जा लेने के बाद भूखंडधारी नियमानुसार भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ कर सकेगा. इसके बाद शेष 75 प्रतिशत राशि निविदाता को 36 माह की मासिक किश्तों में जमा करने की सुविधा मिलेगी. पूरी राशि जमा करने के बाद ही ऐसे आवेदकों के भूखंडों की रजिस्ट्री की जाएगी.
निर्माण के लिए कमल विहार में टैंकर से मिलेगा पानी
कमल विहार योजना में कुछ दिन पहले एक भूखंडधारी आशीष भट्टाचार्य ने सेक्टर एक में अपने मकान का निर्माण प्रारंभ किया है. चूंकि प्राधिकरण लगातार कई भूखंड स्वामियों की रजिस्ट्री कर उन्हें भूखंड का कब्जा सौंप रहा है. ऐसे में भवन का निर्माण करने वाले भूखंडधारियों को सहूलियत देने और निर्माण कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए प्राधिकरण ने टैंकर के माध्यम से पानी देने का निर्णय लिया है. इसके लिए प्राधिकरण के पानी के टैंकर योजना में ही निर्मित सम्पवेल से दस पैसे प्रति लीटर की दर से जल की आपूर्ति करेगा. प्राधिकरण इस हेतु साढ़े चार हजार लीटर के टैंकर उपलब्ध कराएगा, जिसके लिए आवंटिती को 450 रुपए का भुगतान करना होगा.   
योजना के मूल भूस्वामी छोटे भूखंड दे कर ले सकेंगे बडे भूखंड
कमल विहार में जिन भूस्वामियों को उनकी मूल भूमि के बदले अर्थात विनिमय में छोटे भूखंड मिले हैं वे अब 2750 वर्गफुट से बड़े आकार के भूखंड प्राधिकरण को अन्तर की राशि व अन्य देय प्रभार का भुगतान कर फ्रीहोल्ड में दूसरा भूखंड ले सकेंगे. संचालक मंडल ने इस प्रस्ताव को भी बैठक में स्वीकृति दी किन्तु ऐसे भूखंडों के संबंध में प्राधिकरण को विज्ञापन जारी कर आवेदन पत्र आमंत्रित करना होगा. 
पंजीयन राशि राजसात नहीं, मात्र 20% की कटौती
प्राधिकरण की कमल विहार योजना में भूखंड आवंटन के संबंध में पूर्व यह शर्त थी कि यदि आवेदक को लाटरी से आवंटन होता है और वह उस आवंटन को स्वीकार नहीं करता है तो ऐसी स्थिति में पूरी पंजीयन राशि राजसात हो जाएगी. संचालक मंडल ने अब इसमें आवेदकों को राहत देते हुए यह निर्णय लिया है कि लाटरी से भूखंड का आवंटन होने बाद किन्तु प्रथम किश्त देय होने के पहले यदि आवंटिती व्दारा जमा पंजीयन राशि वापस करने की मांग की जाती है तो पंजीयन राशि में 20 प्रतिशत राशि की कटौती कर शेष राशि बिना किसी ब्याज के आवेदक को वापस कर दी जाए. 
डुमरतराई में रीजनल व सिटी बस का टर्मिनल
रायपुर से जगदलपुर मुख्य मार्ग पर यातायात की सुगमता और सुविधा के लिए ग्राम डुमरतराई के 5 एकड़ भूमि पर बस टर्मिनल बनाने की सहमति प्राधिकरण संचालक मंडल ने देते हुए इसका प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया है. लगभग 14.51 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाले बस टर्मिनल में रीजनल स्तर की 8 बसों के लिए, सिटी स्तर की 3 बसों के लिए, रात में 5 रीजनल बसों और 3 सिटी स्तर की बसों के लिए पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध होगी. बस टर्मिनल परिसर के 30 हजार वर्गफुट क्षेत्र में दुकानों, रेस्टॉरेंट व अन्य मूलभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा. डुमरतराई की प्रस्तावित यह भूमि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की है जिस पर बस टर्मिनल का निर्माण रायपुर विकास प्राधिकरण करेगा और बाद में इसे संचालन के लिए नगर पालिक निगम रायपुर को सौंप दिया जाएगा. इस हेतु तीनों निकायों के बीच एक त्रिपक्षीय अनुबंध होना प्रस्तावित है.
संपति विक्रय करने के लिए अब 14 एजेंट
प्राधिकरण में नियुक्त विक्रय अभिकर्ता अब कमल विहार के अतिरिक्त इन्द्रप्रस्थ फेज 02 तथा रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर के भूखंड, भक्त माताकर्मा व्यवासायिक परिसर की दुकानें और कुशाभाऊ ठाकरे आवास योजना के फ्लैट्स भी विक्रय कर सकेंगे. पूर्व में प्राधिकरण ने कमल विहार योजना के ऐसे अविक्रित भूखंडों के लिए जो 3 बार विज्ञापन के बाद भी विक्रय नहीं हो पाए थे ऐसे भूखंडों के लिए 5 विक्रय अभिकर्ताओं मजिन्दर सिंह भामरा, भोजराज साहू, शशांक सिंह, चन्द्रकांत बावरिया और राजेश गिदवानी की नियुक्ति की थी. प्राधिकरण व्दारा इसके बाद पुनः विज्ञापन के माध्यम से और 9 और विक्रय अभिकर्ताओं की नियुक्ति की है जिसे संचालक मंडल ने अपनी स्वीकृति प्रदान की. इन विक्रय अभिकर्ताओं में अमित गुप्ता, आशीष कुमार सोनी, दीपक डागा, निर्मल कुमार जैन, सुशांत पोलाई, महेन्द्र कुमार जैन, रामनारायण मिश्रा, सुरेश कुकरेजा और सुरेश केशवानी शामिल हैं. इस प्रकार प्राधिकरण की संपत्तियों का विक्रय करने के लिए अब 14 एजेंटों की नियुक्ति हो चुकी है.
दो साल में भवन निर्माण नहीं तो पट्टा निरस्त

रायपुर विकास प्राधिकरण की विभिन्न पुरानी योजनाओं में जिन आवंटितियों ने दिए गए निर्धारित समय में भवनों का निर्माण नहीं किया है उनके पट्टे निरस्त कर उस पर पुर्नप्रवेश कर भूखंड का कब्जा वापस ले लिया जाएगा. प्राधिकरण संचालक मंडल की बैठक में कल यह निर्णय लिया गया. आरडीए ने अपनी विभिन्न पुरानी योजनाओं में 30 वर्षीय पट्टे में भूखंडों का आवंटन किया है. आवंटन के समय हुई रजिस्ट्री में इस बात का उल्लेख था कि आवंटिती एक वर्ष में भवन अनुज्ञा प्राप्त करेगा तथा दो वर्षों में भवन का निर्माण कर लेगा किन्तु आवंटितियों ने भूखंड पर कोई निर्माण नहीं कर उसे खाली रखा है. ऐसे आवंटितियों को आरडीए ने भवन निर्माण नहीं करने के लिए कारण बताओं सूचना जारी की है. इसके बावजूद भी आवंटितियों ने आज तक भवन का निर्माण नहीं किया है. संचालक मंडल का यह निर्णय छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश विकसित, भूमियों, गृहों भवनों तथा अन्य संरचनाओं का व्ययन नियम 1975 के नियम 38 व 51 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार लिया गया है.

Mar 30, 2015

आरडीए के बजट में कई नई योजनाएं

---------------------- बजट 2014 - 15 ---------------------
खारुन नदी तट विकास, मास्टर प्लॉन की एम.आर. रोड, ट्रांसपोर्ट नगर, बस टर्मिनल,
 एक नया उद्यान, ईएसी कॉलोनी का पुनर्निर्माण और नगर विकास योजना - 05

रायपुर, 30 मार्च 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण के वर्ष 2015 -16 के बजट में कई नई योजनाएं लाई गई है. कुछ योजनाएं बड़ी हैं तो कुछ छोटी. इसमें खारुन नदी तट विकास, ईएसी

कॉलोनी का पुर्ननिर्माण, शहर में विभिन्न क्षेत्रों में मास्टर प्लॉन के अनुसार प्रस्तावित एम. आर. रोड का निर्माण, टाटीबंध में ट्रांसपोर्ट नगर का विकास, डुमरतराई एवं महासमुन्द रोड पर बस टर्मिनल का निर्माण, रायपुर शहर में एक नया उद्यान और कमल विहार की तर्ज पर नगर विकास योजना क्रमांक 05 शामिल है. प्राधिकरण का वर्ष 2015
16 का कुल बजट 6 अरब 40 करोड़ 49 लाख 61 हजार का है. आरडीए के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज की उपस्थिति में आज मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने संचालक मंडल के सचिव के रुप में बजट प्रस्ताव रखा. जिसे आज संचालक मंडल ने सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान दी.
      बजट :- रायपुर विकास प्राधिकरण का इस वर्ष का बजट प्रारंभिक अवशेष के साथ 6 अरब 40 करोड़ 49 लाख 61 हजार का है. जिसमें 6 अरब 23 करोड़ 58 लाख 61 हजार की आवक तथा 5 अरब 98 करोड़ 23 लाख 49 हजार की जावक का अनुमान किया गया है. प्रारंभिक शेष के रुप में 16 करोड़ 90 लाख 72 हजार तथा अनुमानित अंतिम शेष की राशि 42 करोड़ 26 लाख 12 हजार रुपए का अनुमान लगाया गया है. वित्त वर्ष 2014 – 15 के लिए 2 अरब 16 करोड़ 55 लाख 41 हजार की आवक तथा 2 अरब 19 करोड़ 66 लाख 85 हजार रुपए का जावक पुनर्रीक्षित बजट प्रस्तुत किया गया.
जावक :- बजट में प्राधिकरण की विभिन्न विकास एवं निर्माण योजनाओं में 3 अरब 20 करोड़ 99 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे जो कुल बजट का 51.47 प्रतिशत होता है. कमल विहार ऋण की अदायगी हेतु 1 अरब 75 करोड़ रुपए प्रस्तावित है जो कि कुल बजट का 28.06 प्रतिशत होत है. प्राधिकरण के स्टॉफ के वेतन भत्ते आदि के भुगतान हेतु कुल बजट की 2.22 प्रतिशत राशि तथा कार्यालयीन व प्रशासनिक व्यय हेतु 3.60 प्रतिशत राशि का प्रावधान रखा गया है.
आवक :- आवक में अधिकांश हिस्सा भूखंडों व भवनों के विक्रय की प्रब्याजि से प्राप्त होगी. इससे प्राधिकरण को लगभग 3 अरब 63 करोड़ 67 लाख 85 हजार रुपए मिलेंगे जो कि कुल बजट का 58.32 प्रतिशत होता है. प्रस्तावित ऋण के रुप में प्राधिकरण को लगभग 1 अरब 62 करोड़ 25 लाख रुपए मिलेंगे जो कुल बजट का 26 प्रतिशत है. विविध आय एवं प्राप्तियों में लगभग 49 करोड़ 28 लाख रुपए मिलेंगे जो बजट का 7.90 प्रतिशत है. शासन से अनुदान के रुप 5.75 करोड़ रुपए जो कि 0.92 प्रतिशत है, भूभाटक से 15.038 करोड़ रुपए मिलेंगे जो 2.4 प्रतिशत तथा भूखंडों के फ्रीहोल्ड से होने वाली आवक रुपए 4.88 करोड़ होगी जो बजट का 0.78 प्रतिशत होता है.
प्रस्तावित नई योजनाएं :- वर्ष 2015 – 16 के बजट में नई योजनाओं में खारुन नदी तट विकास योजना है. योजना के अन्तर्गत खारुन नदी के तट के दोनों ओर तट का विकास और नौका विहार, सायकल ट्रैक, आमोद – प्रमोद के लिए पार्क, व्यावसायिक, आवासीय व कार्यालय हेतु योजना तैयार की जाएगी. इस हेतु राज्य शासन के निर्देश पर बजट में 550 लाख रुपए रखे गए हैं. जिलाधीश कार्यालय के पीछे ईएसी कालोनी हेतु 18.89 एकड़ क्षेत्र में आवासीय, व्यावसायिक और डेढ़ हजार दर्शक क्षमता वाले ऑडिटोरियम के निर्माण हेतु प्रस्तावित कर उसके लिए 220 लाख रुपए रखे गए हैं. शहर के यातायात के दबाव के कम करने के लिए डुमरतराई व महासमुन्द रोड पर बस टर्मिनल बनाने के लिए 50 लाख रुपए बजट में रखे गए हैं. जिसमें सलाहकार की नियुक्ति, भूमि अधिग्रहण व निर्माण कार्य शामिल हैं. नगर विकास योजना क्रमांक – 05 हेतु एक करोड़ रुपए का प्रावधान है. रायपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में एम. आर. रोड के निर्माण कार्य हेतु 5 करोड़, टाटीबंध में ट्रांसपोर्ट नगर के विकास हेतु एक करोड़ रुपए तथा रायपुर शहर में एक उद्यान हेतु 25 लाख रुपए का प्रावधान बजट में रखा गया है.  
वर्तमान योजनाएं :- 1600 एकड़ में विकसित की जा रही कमल विहार योजना में शेष विकास कार्यों के लिए बजट में 239.10 करोड़ रुपए, नगर विकास योजना क्रमांक – 01 के इन्द्रप्रस्थ योजना रायपुरा के फेज – 02 में 130 एकड़ क्षेत्र में अधोसंरचना का विकास कार्य किया जा रहा है इस यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से 78.75 करोड़ का ऋण लिया गया है तथा योजना हेतु बजट में 50.2 करोड़ रुपए, इन्द्रप्रस्थ फेज – 01 में निर्माणाधीन 120 फ्लैट्स के लिए 12 करोड़ रुपए, विशेषीकृत व्यवासायिक योजना (स्पेशल कर्मशियल जोन) के लिए 20 लाख रुपए तथा डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्ट नगर रावांभाठा में विकास कार्य हेतु 2.11 करोड़ रुपए का प्रावधान इस वर्ष के बजट में किया गया है.

प्राधिकरण संचालक मंडल की बैठक में अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे, आवास एवं पर्यावरण विभाग के अवर सचिव श्री जी.एल. सांखला, नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर के संयुक्त संचालक श्री संदीप बागड़े, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता श्री पी. के. खरे, नगर पालिक निगम के अपर आयुक्त डॉ. जे. आर. सोनी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री आर. के चौबे तथा प्राधिकरण के अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल उपस्थित थे. 

Mar 29, 2015

Another Good Opportunity to Purchase the Plots at Raipur, Chhattisgarh

Now Plots are also Available at Indraprastha Raipura (A Town Development Scheme No -1).

This site is located just 2KM from Raipura Chowk on Ring Road & just 1 KM from Ring Road (Opposite Honda Showroom) just before the Wonderland Amusement Park.



Mar 25, 2015

आरडीए में चेक व बैंक ड्रॉफ्ट अब शाम 5 बजे तक जमा होंगे

रायपुर 25 मार्च 2015. रायपुर विकास प्राधिकरण के कैश काऊन्टर में चेक व ड्रॉफ्ट अब शाम 5 बजे तक जमा हो सकेंगे. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने जनता की सुविधा के लिए

चेक व ड्रॉफ्ट जमा करने की अवधि को अब दो घंटे बढ़ा दिया है. इसके पहले नगद राशि के साथ चेक व ड्रॉफ्ट प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही जमा होते थे. प्राधिकरण में दो कैश काऊन्टर हैं जो कार्यालयीन दिनों में सोमवार से शुक्रवार तक 11 बजे से 3 बजे तक तथा शनिवार को 11 बजे से 2.30 बजे तक कार्य करते हैं. जबकि भोजन अवकाश का समय दोपहर 1.30 बजे से 2.00 बजे तक का है. श्री कावरे ने प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले हितग्राहियों व आवंटितियों की मांग पर यह सुविधा उपलब्ध कराई है.   

Mar 24, 2015

कमल विहार में विकास कार्य के लिए सेन्ट्रल बैंक ने और 100 करोड़ का ऋण दिया

रायपुर 24 मार्च 2015. कमल विहार योजना में विकास और निर्माण कार्य के लिए सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सदर बाजार शाखा ने रायपुर विकास प्राधिकरण को 100 करोड़ रुपए का दूसरा ऋण स्वीकृत किया है.
प्राधिकरण कार्यालय में आज मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे और सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सहायक महाप्रबंधक श्रीमती काकुलीदास ने ऋण के अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए.
सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया इससे पहले प्राधिकरण को 500 करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृत किया था. वर्तमान में योजना की लागत लगभग 1150 करोड़ रुपए है जिसमें विकास कार्यो के अतिरिक्त भूमि अर्जन, पूर्व से निर्मित संरचानाओं का मुआवजा भी शामिल है. 16 सौ एकड़ में विकसित हो रही कमल विहा योजना का दो दिन पहले प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने स्थल निरीक्षण कर योजना को जुलाई 2015 तक पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं. योजना में लगभग 75 प्रतिशत अधोसंरचना का कार्य पूरा हो चुका है. प्राधिकरण इस योजना में विश्वस्तरीय अधोसंरचना का विकास कर रहा है. योजना में एक रिंग रोड भी है जिसका काम लगभग पूरा हो गया है. प्राधिकरण इन दिनों योजना में विकसित किए गए आवासीय, व्यावसायिक, सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक, स्वास्थ्य तथा शैक्षणिक भूखंडो का हर शुक्रवार को आवंटन कर रहा है. प्राधिकरण कमल विहार में आज तक व्यावसायिक सहित अन्य आवासीय भूखंडों में विभिन्न आकार के लगभग साढ़े पांच सौ से ज्यादा भूखंडों का आवंटन कर चुका है. 

Mar 23, 2015

छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर का कार्यालय सील

7 करोड़ का बकाया वसूलने आरडीए ने की कार्रवाई
रायपुर 23 मार्च 2015. रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज शाम देवेन्द्रनगर स्थित छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर के बेसमेंट स्थित कार्यालय को सील कर दिया. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महादेव कावरे ने गत सप्ताह सिटी सेन्टर का निरीक्षण कर वहां के प्रबंधक को लगभग 7 करोड़ रुपए की बकाया राशि जमा करने का निर्देश दिया था. प्राधिकरण व्दारा इस हेतु 3 दिनों में राशि जमा करने के लिए पुनः नोटिस जारी किया था किन्तु बकाया राशि जमा नहीं कराई गई फलस्वरुप राजस्व शाखा व्दारा तालाबंदी व सील करने की कार्रवाई की गई.
 लगभग पांच साल पहले 10 अक्टूबर 2010 को प्रारंभ हुए छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर व्दारा किए गए अनुबंध के अनुसार उन्हें हर साल 2.65 करोड़ रुपए भूभाटक की राशि प्राधिकरण को देना है. भूभाटक की राशि जमा नहीं करने पर नियमानुसार लगातार सरचार्ज की राशि भी ली जाती है. प्राधिकरण की राजस्व शाखा ने इस संबंध में कई बार सिटी सेन्टर के प्रबंधक को नोटिस जारी कर व मौखिक रुप से राशि जमा करने के लिए कहा था किन्तु उनके व्दारा लगातार नोटिसों की अवहेलना की जाती रही. फलस्वरुप आज प्राधिकरण के सहायक राजस्व अधिकारी श्री आर.एस. दीक्षित के नेतृत्व में राजस्व शाखा ने सिटी सेन्टर के कार्यालय के तीन कक्षों में ताला लगा कर उसे सील कर दिया. देवेन्द्रनगर में छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर विकसित करने के लिए प्राधिकरण ने नागपुर की मेसर्स गुप्ता इन्फ्ररास्ट्रक्चर को सन 2008 में रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा डेव्हलपर के रुप में नियुक्त कर भूमि का आवंटन किया था. डेव्हलपर व्दारा सिटी सेन्टर मॉल का निर्माण करने के बाद से उसका व्यावसायिक रुप से संचालन  किया जा रहा है तथा इस समय यह राजधानी के सबसे लोकप्रिय मॉल के रुप में जाना जाता है.
सीईओ ने किया ईएसी कालोनी 
और देवेन्द्रनगर का निरीक्षण
आरडीए के सीईओ ने आज प्राधिकरण व्दारा पूर्व में रिडेव्हलेपमेंट प्लॉन के अन्तर्गत तैयार की गई योजना ईएसी कॉलोनी का अवलोकन किया. इसके बाद वे देवेन्द्रनगर गए जहां उन्होंने कई रिक्त भूखंडों की जानकारी ली और सेक्टर 5 स्थित एक भूखंड के स्वामी को साथ लगे भूखंड पर अवैध कब्जा कर दो मंजिला भवन निर्माण करने के लिए नोटिस देने का निर्देश अधिकारियों को दिया. 

Mar 22, 2015

कमल विहार रिंग रोड के किनारे के सभी सेक्टरों का प्राथमिकता से विकास होगा – श्री राजेश मूणत

शहर में ऩए होलसेल मार्केट बनाने की दिशा में भी विचार  

रायपुर 22 मार्च 2014. कमल विहार की रिंग रोड के किनारे के सभी सेक्टरों को अब प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण रुप से सौ प्रतिशत विकसित किया जाएगा. प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने आज योजना के निरीक्षण के दौरान उक्त निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि कमल विहार - फुण्‍डहर - रायपुर - नया धमतरी मार्ग पर पड़ने वाले चौक का लोक निर्माण विभाग से समन्वय कर डिजाईन तैयार कर अगले गुरुवार तक उसकी निविदा जारी करें. साथ ही उन्होंने कमल विहार के लिए तैयार किए जा रहे प्रवेश व्दार को एक महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया.
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के साथ स्थल निरीक्षण के दौरान श्री मूणत ने रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कमल विहार हमारे लिए एक महत्वपूर्ण योजना है इसलिए इसमें विकास कार्यों के लिए समयबध्द कार्यक्रम तैयार किया जाए. समय  समय पर उसके समयबध्द कार्यक्रम के अनुसार हो रहे विकास कार्यों का आंकलन किया जाए और यदि कोई परेशानी आती है तो इससे उन्हें अवगत कराया जाए. श्री मूणत ने कहा कि कमल विहार में चल रहे अधोसंरचना विकास कार्य में नया धमतरी मार्ग और पुराना धमतरी मार्ग से लगातार आने वाले भारी भरकम वाहनों के कारण यहां की सड़कों को नुकसान पहुंच सकता है. इसीलिए जब तक योजना का पूर्ण रुप से विकास कार्य नहीं हो जाता तब तक सड़कों पर बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए.
उन्होंने कहा कि भले ही कमल विहार के कुछ सेक्टरों में विकास का कार्य 90 प्रतिशत तक हो चुका है
किन्तु आज आवश्यक्ता इस बात की है कि हम सौ प्रतिशत विकास कार्य पूर्ण करें ताकि यहां भवन बनाने वाले आवंटितियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. मंत्री जी ने आगे कहा कि हर सेक्टर में दैनिक उपयोग की आवश्यक्ताओं के लिए छोटी दुकानों तथा बस टर्मिनल पर फैसीलिटी सेन्टर का निर्माण किया जाए. उन्होंने योजना में बड़े चौक - चौराहों का निर्माण किए जाने की भी आवश्यक्ता बताई और कहा कि इसकी प्लॉनिंग की जाए. श्री मूणत ने निर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रों को जुलाई 2015 के पहले सभी सेक्टरों के समस्त आंतरिक विकास कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया.
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने आगे कहा कि नगर विकास योजना बनाने के लिए आम लोगों का विश्वास जीतना इतना आसान नहीं था किन्तु प्राधिकरण के सभी स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कमल विहार के विकास और निर्माण का कार्य करके दिखाया है जिससे हम लोगों का विश्वास जीत सके हैं. श्री मूणत ने स्थल निरीक्षण के दौरान कहा कि भविष्य में कमल विहार के साथ सटे हुए क्षेत्रों में अनाधिकृत विकास न हो पाए इसके लिए मास्टर प्लॉन के प्रावधानों के अनुरुप विकास कार्य किया जाना चाहिए. कमल विहार क्षेत्र के विकसित होने से आस - पास के क्षेत्रों के भूस्वामियों को जो लाभ हो रहा है इसके लिए प्राधिकरण को अपने स्तर निर्धारित कर बैटरमैंट चार्ज जैसी राशि लेना चाहिए. 
स्थल कार्यालय में बैठक के दौरान मंत्री जी ने रायपुर शहर में विभिन्न प्रकार के होलसेल मार्केट विकसित करने की मंशा जताते हुए अधिकारियों से कहा कि इस दिशा में विभिन्न संगठनों से चर्चा कर कुछ प्रस्ताव बनाएं. इसके अतिरिक्त रायपुर शहर के तीन दिशाओं में महासमुन्द मार्ग, भिलाई मार्ग व धमतरी मार्ग की ओर ट्रांसपोर्टनगर व बस टर्मिनल बनाने की योजना पर चर्चा करते हुए कहा मंत्री जी ने इस हेतु भूमि का चयन व प्लॉनिंग करने का निर्देश दिया. उल्लेखनीय है कि धमतरी मार्ग में डुमरतराई में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल व्दारा उपलब्ध 5 एकड़ भूमि पर बस टर्मिनल बनाया जाना प्रस्तावित है जो प्राधिकरण और गृह निर्माण मंडल व्दारा संयुक्त रुप से विकसित किया जाएगा. इस हेतु एक एमओयू भी तैयार किया जा रहा है. मंत्री जी ने कमल विहार में आरक्षित खेल मैदानों में से एक बड़े खेल मैदान को विकसित करने के लिए भी कहा. बैठक के दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों ने कमल विहार योजना में भूस्वामियों को विकसित भूखंड देने के लिए की गई किए गए व्दितीय अनुबंध, जारी किए गए ज्ञापन और दिए गए भूखंड़ों के कब्जे की बारे में जानकारी दी.

स्थल निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण के अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी. आर. नारंग, कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टचार्य, योजना के सलाहकार श्री जाकिर खान, पीएमसी वैपकॉस के टीम लीडर श्री संजय वर्मा, ली एंड एसोसिएट के श्री आनंद वोलेटी और निर्माण कंपनी के श्री पी.के. गुप्ता व श्री मिथलेश उपस्थित थे. 

Mar 19, 2015

इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में 2 / 3 बीएचके और 3 बीएचके फ्लैट्स उपलब्ध

इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना में 21 और 25 लाख रुपए में 2 बीएचके और 3 बीएचके फ्लैट्स उपलब्ध हैं. इस फ्लैट्स योजना में पहले से ही 302 डुप्लेक्स आवास, ड़ॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना में पहले से ही 972 फ्लैेट्स हैं तथा यहां आवासीय भूखंड भी प्राधिकरण व्दारा उपलब्ध कराए गए हैं. इसके अतिरिक्त यहां छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा रिक्रिएशन पार्क और अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल भी है. 


Mar 18, 2015

ट्रांसपोर्टनगर में निर्माण नहीं करने वालों के पट्टे निरस्त करेगा आरडीए

निर्धारित उपयोग से अलग निर्माण करने वालों पर कार्रवाई की अनुशंसा
रायपुर, 18 मार्च 2015, डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा में आवंटित भूखंडों में निर्माण नहीं करने वाले भूखंडों को निरस्त कर पुर्नप्रवेश की कार्रवाई की जाएगी. रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महादेव कावरे ने आज स्थल निरीक्षण के दौरान यह
पाया कि कई भूखंड स्वामियों ने आज तक आवंटित भूखंड पर कोई निर्माण कार्य नहीं किया है. प्राधिकरण के राजस्व अधिकारी के अनुसार कुछ अवधि पहले 62 भूखंड स्वामियों को आवंटन के एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य नहीं करने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. नोटिस में यह कहा गया था कि भूखंडधारियों को भवन निर्माण के लिए एक वर्ष की अवधि में अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर भवन का निर्माण करना था किन्तु उक्त अवधि के बाद भी भवन निर्माण नहीं कराया गया है जो पट्टे की शर्तों का उल्लघंन है. इसके बाद भी इन व्यावसायिक भूखंडों पर निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है.
इसलिए प्राधिकरण अब पट्टे की शर्तों का उल्लघंन करने के कारण इनके पट्टे निरस्त कर उस पर पुर्नप्रवेश की कार्रवाई करेगा. स्थल निरीक्षण के दौरान यह बात भी सामने आई कि वेयर हाऊस प्रयोजन के लिए निर्धारित भूखंडों पर दुकानों का निर्माण कर पूरा काम्पलेक्स खड़ा कर लिया गया है. अतः ऐसे भवनों पर नियमानुसार कार्रवाई के लिए नगर निगम बीरगांव को अनुशंसा की जाएगी.

Mar 17, 2015

सार्वजनिक प्रसाधन को बनाया ऑफिस आरडीए सीईओ ने कहा खाली कराएं अवैध कब्जा

आरडीए कॉम्पलेक्स शारदा चौक में चार बड़े कार्यालय कक्ष विक्रय की तैयारी
रायपुर17 मार्च 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण की शास्त्री चौक स्थित हनुमान मंदिर योजना में एक सार्वजनिक प्रसाधन पर कब्जा कर ऑफिस चला रहे एक कम्प्यूटर दुकानदार तथा एक एक्सरे क्लिनिक व्दारा साफ सफाई के लिए छोड़ी गई गली पर किया गया कब्जा हटाने का निर्देश आरडीए प्रशासन ने दिया है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महादेव कावरे ने
आज स्थल निरीक्षण के दौरान जब यह पाया कि सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाए गए प्रसाधन का अवैध रुप से कब्जा कर वहां कम्प्यूटर का ऑफिस चलाया जा रहा है तथा एक एक्सरे क्लिनिक व्दारा पीछे की छोड़ी गई गली पर कब्जा कर व्यवसाय किया जा रहा है. तब उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दोनों दुकानदारों से उक्त कब्जा खाली कराया जाए और उनके विरुध्द नियमतः कार्रवाई की जाए. इस दौरान उन्होंने एक्सरे क्लिनिक व्दारा मेडिकल वेस्ट के निपटारे के संबंध में भी जानकारी ली गई.

श्री कावरे ने आज इसके पहले शहीद वीरनारायण सिंह व्यावसायिक परिसर, शारदा चौक, बॉम्बे मार्केट योजना का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने शारदा चौक जैसी महत्वपूर्ण योजना में च्वाईस सेन्टर, नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर, जनसंपर्क विभाग का सूचना केन्द्र से रिक्त हुए तीन कार्यालयों के कक्षों को रंगाई पुताई व मरम्मत कर व्ययन किए जाने प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश तकनीकी व राजस्व शाखा के अधिकारियों को दिया. उन्होंने कहा कि आरडीए की शहर के मध्य मे स्थित इन महत्वपूर्ण संपत्तियों का विज्ञापन के माध्यम प्रस्ताव आमंत्रित कर व्ययन किया जाए. बाम्बे मार्केट में आरडीए के सीईओ ने निरीक्षण के दौरान साफ सफाई करने तथा भूतल के दुकानदारों व प्रथम तल पर आंवटित कार्यालय कक्षों से नियमित रुप से किराया वसूली किए जाने निर्देश दिए. श्री कावरे ने घड़ी चौक स्थित शहीद वीरनारायण सिंह व्यावसायिक परिसर का भी निरीक्षण किया तथा वहां साफ सफाई बनाए रखने का निर्देश दिया ।

Mar 16, 2015

फ्लैट्स मालिकों ने राशि जमा नहीं की अब किरायेदार छोड़ कर जा रहे हैं फ्लैट्स

रायपुर16 मार्च 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण ने बकाया वसूली का कार्य तेज कर दिया है. आज डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत आरडीए ने हीरापुर, बोरियाखुर्द और रायपुरा के 28 फ्लैट्स को सील कर उसका कब्जा वापस ले लिया. लगातार हो रही कार्रवाई से अब फ्लैट्स में किराये में रह रहे कई किरायेदार मकान मालिकों व्दारा राशि जमा नहीं करने के कारण फ्लैट्स छोड़ कर जाने लगे है. कई ऐसे आवंटिति है जिन्होंने फ्लैट्स की किश्तों का भुगतान आवंटन
के बाद से नहीं किया है. फलस्वरुप फ्लैट की मूल राशि व सरचार्ज जोड़ने के बाद बकाया राशि फ्लैट की कीमत से भी ज्यादा हो गई है. उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण व्दारा डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के फ्लैट्स न्यून निम्न आय वर्ग को उनके रहने के लिए दिए गए थे किन्तु आवंटितियों व्दारा उसमें स्वयं निवास न कर किराये पर दे दिया गया है तथा उनके व्दारा लंबे समय से प्राधिकरण में किश्तों की राशि भी जमा नहीं की जा रही है.
आज प्राधिकरण की राजस्व शाखा ने हीरापुर में 17, बोरियाखुर्द में 4 व रायपुरा में 7 फ्लैट्स की बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण कुल 28 फ्लैट्स सील किए. लगातार चल रही वसूली और फ्लैट्स सील करने की कार्रवाई के कारण प्राधिकरण ने आज तक कुल 112 फ्लैट्स का कब्जा वापस ले लिया है. आज हीरापुर में विरेश प्रताप सिंह, रमेंश कुमार सिंह, जेठालाल चौहान, जितेन्द्र सिंह ठाकुर, श्रीमती रईस फातमा, श्रीमती धर्मज्ञा चौहान, अनवर हुसैन, एच. पी. चटर्जी, कुमारी राजेश्वरी मिश्रा, किशोर नायडू, सुधीर शर्मा, केशर सिंह, मोतीलाल चंद्रा, राम मिर्धा, श्रीमती शीला चौरड़िया, गोविन्दर सिंह, नारायण दास वैष्णव बोरियाखुर्द में श्रीमती रूना ठाकुर, श्रीमती पायल मेलवानी, फखरुल हसन, दीपक नायक तथा रायपुरा में श्रीमती गायत्री मानिकपुरी, बन्टी जेठानी, प्रकाश छारिया, श्रीमती लाजवंती अठवानी, सुरेश कुमार बजारी, के. गोवर्धन राव, और श्रीमती बबीता शर्मा के फ्लैट्स सील किए गए.

Mar 13, 2015

बकाया नहीं देने पर आरडीए ने आज तक 84 फ्लैट्स सील किए

अगले हफ्ते जारी रहेगा वसूली अभियान
रायपुर, 13 मार्च 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण ने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत बकाया राशि जमा नहीं करने वाले कुल 84 आवंटितियों के फ्लैट्स आज तक सील किए हैं. आज रायपुरा में 10 आवंटितियों के फ्लैट्स सील किए गए. इनमें वैभव गुप्ता, रत्नेश अवस्थी, सीताबाई यादव, श्रीमती रजिया खान, श्रीमती रेणु मिश्रा, रवि राघवानी, श्रीमती मीना कालाणी, अब्दुल शबनम शेख, श्रीमती डाली मुखर्जी और सतीथ सिंह राजपूत शामिल है। बोरियाखुर्द में 5 आवंटितियों के फ्लैट्स सील किए गए हैं. जिनमें श्रीमती दिलशाद खान, जियाद्दीन, श्रीमती सुशीला बड़वानी, विवेक प्रकाश साहू और कल्पना कश्यप शामिल हैं. प्राधिकरण का फ्लैट्स की बकाया राशि वसूली तथा फ्लैट्स सील करने का यह अभियान अगले हफ्ते भी जारी रहेगा तथा इसमें पुलिस की भी मदद ली जाएगी. 

Mar 12, 2015

आरडीए सीईओ श्री कावरे का हीरापुर का दौरा


खुले चेम्बर्स के ढ़क्कन और नए पाईप लगेंगे
दो सहायक अभियंताओं से कार्य में देरी के कारण मांगा गया स्पष्टीकरण
रायपुर, 12 मार्च 2015, हीरापुर स्थित डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना में नालियों के खुले चेम्बर्स को 7 दिनों में प्रीकास्ट आरसीसी ढ़ंक्कनों से ढ़ंक दिया जाएगा तथा सम्पवेल से पानी


की टंकियों तक पानी पहुंचाने के लिए 15 दिनों के अन्दर नए पाईप बिछा कर व्यवस्था कर दी जाएगी. नागरिकों की मांग पर कचरा रखने के लिए डस्टबिनों की व्यवस्था भी शीघ्र की जाएगी. रायपुर विकास प्राधिकण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने आज प्राधिकरण के इंजीनियर्स और नगर निगम के अधिकारियों के साथ किए गए स्थल निरीक्षण के दौरान उक्त निर्देश दिए.
श्री कावरे ने सम्पवेल का निरीक्षण किया और वहां के पम्प से टंकी तक पहुंचाए जाने वाले पानी का अवलोकन किया. उसमे किसी प्रकार की कोई गंदगी नहीं पाई गई. श्री कावरे ने नागरिकों से चर्चा के दौरान पूर्व में रखरखाव के लिए बनी नागरिक समिति के बारे में जानकारी ली तो लोगों
ने कहा कि समिति कार्य नहीं कर रही है. इस पर उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे जहां रहते है आपस में एक दूसरे को सहयोग करें तथा अपनी समिति के माध्यम से कालोनी की साफ सफाई तथा रखरखाव की व्यवस्थाओं पर स्वयं नजर रखे. प्राधिकरण के सीईओ ने कालोनी में रखरखाव कार्य के अन्तर्गत साफ सफाई तथा भवनों के रंगाई  पुताई के कार्य में देरी के लिए दो सहायक अभियंताओं से स्पष्टीकरण लिए जाने का निर्देश मुख्य अभियंता को दिया. स्थल भ्रमण के दौरान प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी. आर. नारंग, कार्यपालन अभियंता श्री एस. सी. झा, नगर निगम के जोन कमिश्नर श्री नीलांबर नायक, सहायक अभियंता श्री विजय सिंह भी उपस्थित थे.



बोरियाखुर्द में 9 फ्लैट्स सील 6 के ताले खुले

 बोरियाखुर्द में 9 फ्लैट्स सील 6 के ताले खुले
रायपुर, 12 मार्च 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण के राजस्व शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आज डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना बोरियाखुर्द में लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं करने वाले 9 आवंटितियों के फ्लैट्स सील कर दिए. इनमें जितेन्द्र सुखुजा, श्रीमती मीना बाई, मोहम्मद शकील, मधुप्रकाश मसीह, श्रीमती मनोरमाबाई रत्नाकर, श्रीमती पपिया चक्रवर्ती, श्रीमती मीना साहू, शेख समीर व फिरोज अहमद खोखर शामिल है.
बकाया राशि की लिए बोरियाखुर्द पहुंची आरडीए की राजस्व शाखा की टीम को आज मौके पर 6 आवंटितियों ने नगद तथा चेक से राशि का भुगतान किया, फलस्वरुपऐसे आवंटितियों के फ्लैट्स के ताले व सील खोल कर उसका कब्जा उन्हें वापस सौंप गया. प्राधिकरण के फ्लैट्स की बकाया राशि की वसूली के अंतर्गत राशि जमा नहीं करने वाले आवंटितियों के फ्लैट्स सील कर उसका कब्जा लेने की कार्रवाई कुछ समय से लगातार की जा रही है. फ्लैट्स का कब्जा वापस लेने के बाद अब प्राधिकरण रिक्त हुए ऐसे फ्लैट्स को विज्ञापन के माध्यम से आवंटन करने की भी तैयारी कर रहा है.                                

Mar 11, 2015

आरडीए के सीईओ ने देखा कमल विहार

कार्य की गुणवत्ता और मानिटरिंग दिया जोर
रायपुर, 11 मार्च 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी.कावरे ने आज कमल विहार का भ्रमण कर योजना की जानकारी ली. उन्होंने अधोसंरचना विकास का मॉडल,
निर्माणाधीन रिंग रोड, सेक्टर के विकास कार्यों का जायजा भी लिया. श्री कावरे ने निर्माण कार्य करने वाली कंपनी लार्सन एंड टूब्रो को निर्माण की गुणवत्ता का उच्च स्तर पर बनाए रखने तथा नियमित रुप से कार्य की मानीटरिंग किए जाने का निर्देश दिया. इस अवसर पर प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग, कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, सहायक अभियंता श्री के.पी. देवांगन, श्री एम.एस. पांडे, वैपकास के श्री संजय वर्मा तथा लार्सन एंड टूब्रो के श्री पी.के गुप्ता भी उपस्थित थे.


Mar 10, 2015

आरडीए में अनुपस्थित 19 कर्मचारियों को नोटिस

रायपुर, 10 मार्च 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में आज सुबह साढ़े 10 बजे अनुपस्थित पाए गए 19 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. नव पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने आज प्रातः साढ़े 10 बजे प्राधिकरण कार्यालय के राजस्व, तकनीकी, लेखा, स्थापना शाखा का निरीक्षण किया और किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली. श्री कावरे ने सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित रहें.

Mar 9, 2015

श्री कावरे ने आरडीए का कार्यभार संभाला

   राज्य शासन की प्राथमिकता के अनुसार विकास और निर्माण श्री कावरे
रायपुर, 09 मार्च 2015, राज्य शासन के आदेश के बाद नया रायपुर डेव्हलेपमेंट अथारिटी के महाप्रबंधक (प्रशासन) श्री महादेव कावरे ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन
अधिकारी का कार्यभार संभाल लिया. श्री अमित कटारिया के बस्तर के कलेक्टर बनाए जाने के बाद प्राधिकरण के सीईओ का प्रभार अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल से पास था. श्री अग्रवाल ने आज श्री कावरे को सीईओ का कार्यभार सौंपा. कार्यभार ग्रहण करने के बाद श्री कावरे ने कहा कि वे राज्य शासन की प्राथमिकता के अनुसार विकास और निर्माण कार्य करेंगे.
श्री कावरे ने 1994 में राज्य प्रशासनिक सेवा में डिप्टी कलेक्टर के रुप में रायपुर से अपनी नौकरी की शुरुआत की. बाद में वे गरियाबंद, बिलाईगढ़, सिवनी, नरसिंहपुर तथा रायपुर में पदस्थ रहे. श्री कावरे सिवनी व नरसिंहपुर में एसडीएम भी रहे. सन 2007 में राज्य शासन ने उन्हें अपर कलेक्टर के पद पर पद्दोन्नत करने के साथ ही रायपुर में पदस्थ किया. वे कुछ समय जिला पंचायत रायपुर के सीईओ भी रहे. श्री कावरे सन् 2009 से नया रायपुर डेव्हलेपमेंट अथॉरिटी में महाप्रबंधक (प्रशासन) के पद पर पदस्थ हैं. श्री कावरे ने जगदलपुर के इंजीनिरिंग कालेज से बी.ई. (सिविल) और आई.आई.टी. नई दिल्ली से एम.टेक (डिजाईन) की उपाधि हासिल की है. रायपुर विकास प्राधिकरण में कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने आज अधिकारियों की बैठक ले कर चल रहे विकास कार्यों और नई योजनाओं के संबंध में जानकारी ली.

कमल विहार में सबसे पहले घर का निर्माण प्रारंभ

रायपुर09 मार्च 2015नगर विकास योजना कमल विहार के सेक्टर एक में सबसे पहले घर का निर्माण प्रारंभ हो गया है. श्रीमती सोनाली भट्टाचार्य और श्री आशीष भट्टाचार्य ने गत दिनों कमल विहार के सेक्टर एक स्थित अपने भूखंड क्रमांक बी 118 में विधि विधान के साथ वास्तु पूजा अर्चना
 कर अपने नए आशियाने का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है. यही नहीं इस परिवार ने कमल विहार योजना में  सबसे पहले भवन अनुज्ञा प्राप्त करने, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से बैंक ऋण लेने और विद्युत विभाग से विद्युत कनेक्शन लेने का इतिहास भी अपने नाम कर दर्ज कर लिया है. 
लोक निर्माण विभाग में कार्यरत श्री आशीष भट्टाचार्य ने 1998 में अपनी पत्नी के नाम पर ग्राम बोरियाखुर्द में मकान बनाने के लिए एक प्रापर्टी डीलर से 17 सौ वर्गफुट का एक भूखंड खरीदा था. उन्होंने प्लॉट तो खरीद लिया था पर उसमें सड़कनालीबिजलीपानी की सुविधा कहां से मिलेगी यह तय नहीं था. बस यही सकून
था कि सस्ते में उन्हें एक प्लॉट मिल गया. सन् 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से आशीष भट्टाचार्य जैसे सैकड़ों लोगों ने इसी प्रकार के कागजों में कटे भूखंड खरीदे थे जिनका न तो कोई नक्शा पास था और न ही उसकी कोई कानूनी वैधता थी. एक प्रकार की इस अवैध कालोनी होने के कारण इसका न तो नक्शा पास हो सकता था और न ही विद्युत मंडल से विद्युत उपलबध हो पाता. अवैध रुप से ऐसे सैकड़ों भूखंडधारियों को सड़क  नालीबिजली व पानी की सुविधाएं चाहिए थी ताकि वे अपने लिए एक मकान बना सकें. पर शासन के नियमों के विरुद्ध कागजों में बनी ऐसी कालोनी के कारण वे कुछ भी नहीं कर पा रहे थे. ऐसे में लोगों को बैंकों से भी ऋण भी नहीं मिल रहा था. कई सालों से आम लोगों की ऐसी ही परेशानी को देखते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने समझा और शासन के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत को यह जिम्मेदारी दी कि वे रायपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से शहर के परेशान हो रहे नागरिकों को सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए रायपुर शहर को सुव्यवस्थित करें. उसके बाद राज्य शासन और रायपुर विकास प्राधिकरण ने आधुनिक तकनीक व सुविधाओं से युक्त कमल विहार योजना के क्रियान्वयन करने का निर्णय लिया. सन् 2008 में रायपुर नगर विकास के लिए कमल विहार जैसी योजना की परिकल्पना कर उसे साकार रुप देने का कार्य शुरु हुआ. और आज कमल विहार प्रदेश की एक आधुनिक कालोनी के रुप में विकसित हो रही है.
श्री भट्टाचार्य ने वैसे तो 26 जनवरी 2015 को अपना मकान बनाने के लिए सपरिवार वास्तु पूजा कर ली थी. लेकिन इसे पहले नवंबर 2014 में उन्होंने पहले नगर पालिक निगम रायपुर से भवन अनुज्ञा प्राप्त की फिर सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से ऋण लिया और गत सप्ताह ही छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी से अस्थायी विद्युत कनेक्शन ले कर भवन निर्माण प्रारंभ किया. श्री भट्टाचार्य ने बताया कि जब छत्तीसगढ़ शासन ने कमल विहार बनाने की घोषणा करते हुए कहा था कि अवैध प्लॉटिंग वालों को योजना में समाहित किया जाएगा तो सबसे ज्यादा खुशी उनके परिवार को ही हुई थी. लेकिन जब उन्हें 1700 वर्गफुट के बदले 773 वर्गफुट का भूखंड देने की जानकारी हुई तब उन्हें निराशा हुई थी सो उन्होंने रायपुर विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ शासन के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए थोड़े बड़े आकार भूखंड देने की मांग की थी. फलस्वरुप ऐसे सभी लोगों की मांग पर ध्यान देते हुए राज्य शासन की स्वीकृति के उपरांत एक स्लैब ऊपर के अर्थात थोड़े बड़े आकार के भूखंड देने की घोषणा की गई तो श्री भट्टाचार्य जैसे सैकड़ों लोगों को राहत मिली. फिर श्री भट्टाचार्य को रायपुर विकास प्राधिकरण ने उनकी मांग पर 928 वर्गफुट आकार का भूखंड दिया जिस पर वे अब अपना घर बना रहे हैं.    
            उल्लेखनीय है कि कमल विहार देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक है. इसका कुल क्षेत्रफल 1600 एकड़ है. यदि इस योजना के आकार की तुलना देवेन्द्रनगर से करें तो यह अकेले लगभग 12 देवेन्द्रनगर के तथा 25 शैलेन्द्रनगर के बराबर है. योजना में भूमि स्वामियों के ही लगभग 7 हजार भूखंड हैं. रायपुर विकास प्राधिकरण योजना में लगने वाली राशि के लिए लगभग 1100 आवासीय भूखंडों का विक्रय कर रहा है. इसके अतिरिक्त लगभग सौ व्यावसायिक व अन्य भूखंडों का विक्रय भी किया जा रहा है. योजना में रायपुर और छत्तीसगढ़ ही नहीं वरन देश के कई बड़े नगरों तथा विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों ने भी भूखंड लिया है तथा वे लगातार इसमें अच्छी रुचि भी दिखा रहे हैं.