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Mar 31, 2010

आरडीए ने आदर्श बाजार की शराब दुकान सील की

 रायपुर, 31 मार्च 2010, रायपुर विकास प्राधिकरण ने आदर्श बाजार में अवैध रुप से कब्जा कर चलाई जा रही अंग्रेजी शराब दुकान को आज सील कर दिया. दुकान क्रमांक सी 5.6 व 7 में गत कुछ वर्षों से अंग्रेजी शराब दुकान संचालित की जा रही थी.
अंग्रेजी शराब दुकान के संबंध में मोहल्ले के नागरिकों ने आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत से भी गुहार लगाई थी. फलस्वरुप श्री मूणत ने इस संबंध में प्राधिकरण को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के निर्देश पर प्राधिकरण के संपदा अधिकारी प्रीतपाल सिंह होरा, प्रभारी कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम.कोल्हे, सहायक राजस्व अधिकारी रविशंकर दीक्षित, आजाद चौक के थाना प्रभारी विकास ठाकुर, आमानाका थाना के प्रभारी शमशेर खान सहित पुलिस बल और प्राधिकरण के राजस्व अमले ने आज शाम को आदर्श बाजार जा कर अंग्रेजी शराब दुकान को सील कर दिया. प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि उक्त दुकान जबरिया कब्जा कर अवैध रुप से चलाई जा रही थी इस संबंध में पूर्व में दुकानदार को नोटिस भी दी गई थी. लेकिन उसके बाद भी अवैध रुप से दुकान संचालित हो रही थी. इसलिए आज दुकान सील करने की कार्रवाई की गई.  

Mar 30, 2010

आरडीए का अब तक का सबसे बड़ा बजट - कमल विहार पर जोर

आरडीए का अब तक का सबसे बड़ा बजट
कमल विहार के लिए 250 करोड
5 अरब 19 करोड 72 लाख 57 हजार रुपए का बजट
·         विकास योजनाओ पर 89.70 व स्थापना पर 1.92 प्रतिशत व्यय
·         कमल विहार हेतु हड़को से ऋण
·         मास्टर प्लान की सड़कों के लिए 10 करोड व शहर स्तर के उद्यान के लिए 1 करोड
·         वीरनारायण सिंह परिसर का मेट्रो शहर की तर्ज पर होगा कायाकल्प
·         अवैध निर्माण नियमितीकरण के लिए नगर निगम के साथ संयुक्त शिविर
रायपुर, 30 मार्च 2010, राजधानी की नई टाऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के फलस्वरुप रायपुर विकास प्राधिकरण ने अब तक का सबसे रिकार्ड तोड बजट प्रस्तुत किया है. बजट में कमल विहार योजना को सबसे ज्यादा महत्व देते हुए इस वर्ष 250 करोड रुपए खर्च का प्रावधान रखा गया है. रायपुरा में इन्द्रप्रस्थ आवासीय योजना का विस्तार तथा मास्टर प्लान में उल्लेखित विशेषीकृत व्यावसायिक भूउपयोग का विकास के साथ ही मेट्रो शहर की तर्ज पर शहीद वीरनारायण सिंह व्यावसायिक परिसर का कायाकल्प किया जाएगा. अफोर्डेबल हॉऊसिंग के अन्तर्गत बोरियाखुर्द में कम कीमत के 1296 फ्लैट्स तथा रायपुरा  में 120 मल्टीस्टोरी फ्लैट्स बनाने की घोषणा बजट में की गई है.
नई योजनाओं में शहर की पुरानी गंज मंडी, ईएसी कालोनी, तहसील कार्यालय, वन विभाग, कोषालय व अन्य शासकीय कार्यालय परिसर की भूमि का संबंधित विभागों की सहमति से नवनिर्माण का प्रस्ताव तथा मास्टर प्लान में उल्लेखित सड़कों के निर्माण हेतु 10 करोड रुपए व शहर स्तर के एक उद्यान के लिए एक करोड रुपए का प्रावधान भी बजट में किया गया है. प्राधिकरण के बजट में विकास योजनाओं पर पर 89.70 प्रतिशत और स्थापना व्यय पर 1.92 प्रतिशत खर्च होने का अनुमान व्यक्त किया गया है. जबकि कार्यालयीन व प्रशासनिक व्यय पर मात्र 0.51 प्रतिशत व्यय होगा.
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज वित्त वर्ष 2010 -11 के लिए प्राधिकरण के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट प्रस्तुत किया. बजट में 5 अरब 19 करोड 72 लाख 57 हजार रुपए की आवक एवं 5 अरब 10 करोड 32 लाख 83 हजार रुपए की जावक प्रस्तुत किया गया है जबकि प्राधिकरण के खाते में 15 करोड 55 लाख 13 हजार रुपए शेष है. वित्त वर्ष 2009-10 हेतु 59 करोड 12 लाख 25 हजार रुपए की आवक व 73 करोड 34 लाख 18 हजार रुपए की जावक का पुनरीक्षित बजट भी प्रस्तुत किया. नगद आवक जावक पध्दति पर आधारित बजट में टाऊन डेव्हलपमेंट स्कीम कमल विहार की 927 करोड रुपए की योजना प्रारंभ करने हेतु हाऊसिंग एंड अरबन डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (हड़को) से 500 करोड रुपए के ऋण लेने हेतु राज्य शासन से गारंटी ली जाएगी. टाटीबंध में ट्रांसपोर्टनगर निर्माण हेतु 10 करोड 30 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है. डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा में 12 एकड भूमि पर योजना के विस्तार के लिए 1 करोड 81 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है.
श्री बजाज और श्री कटारिया के अनुसार प्राधिकरण की नई योजनाओं में पुरानी गंज मंडी, ईएसी कालोनी, तहसील कार्यालय, वन विभाग, कोषालय आदि परिसरों की भूमि को मास्टर प्लान के अनुसार  नए सिरे से पुनर्गठन एवं भवनों के पुनर्निर्माण की योजनाएं संबंधित विभागों की सहमति से क्रियान्वित किया जाना प्रस्तावित है. इससे विभागों को नए और सुविधाजनक कार्यालय परिसर उपलब्ध होंगे. बजट में इसके लिए 10 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है.  
नगरघड़ी चौक के सामने स्थित शहीद वीरनारायण सिंह व्यावसायिक परिसर (अभ्युदय परिसर) को आवंटितियों के सहयोग से महानगरीय शैली में सुन्दर बनाने का उल्लेख बजट में किया गया है. इस पर 72.22 लाख रुपए का खर्च होगा. आवंटितियों ने परिसर के सुन्दर बनाने के लिए अपने हिस्से की राशि प्राधिकरण को देना भी शुरु कर दिया है.
प्राधिकरण की बोरियाखुर्द योजना में 1296 एल.आई.जी. फ्लैट्स का निर्माण स्व वित्तीय पध्दति के आधार पर किया जाएगा. इस हेतु 50 करोड 10 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है. इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना में आमोद प्रमोद की योजना के अन्तर्गत रिक्रियेशन पार्क व अन्तर्राष्ट्रीय स्वीमिंग पूल विकसित करने की योजना प्रक्रिया में है तथा इस वर्ष इस पर कार्य शुरु हो जाएगा. इसी योजना क्षेत्र के साथ लगे 100 एकड क्षेत्र के प्रथम चरण में इन्द्रप्रस्थ आवासीय योजना का विस्तार प्रस्तावित किया गया है. व्दितीय चरण में योजना के लगी हुई विशेषीकृत व्यवसायिक उपयोग की 150 एकड़ भूमि का विकास किया जाएगा. रायपुरा योजना में 120 मल्टीस्टोरी फ्लैट्स का निर्माण इस वित्त वर्ष में प्रारंभ किए जाने की घोषणा की गई है. प्राधिकरण के बजट में आदर्श बाजार योजना में व्यावसायिक भवन के पुनर्निर्माण का भी प्रस्ताव है पर यह जी.ई. रोड चौड़ीकरण के बाद ही किया जाएगा.
प्राधिकरण की योजनाओं में आवंटितियों द्वारा किए गए अवैध व अतिरिक्त निर्माण के फलस्वरुप भवन निर्माण, हस्तांतरण, नामांतरण, भारमुक्त प्रमाणपत्र व पट्टे का नवीनीकरण नहीं किए जाने की परेशानी को दूर करने के लिए संचालक मंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि इस हेतु नगर निगम रायपुर के साथ संयुक्त शिविर लगा कर मास्टर प्लान के नए फ्लोर एरिया रेशो तथा 10 प्रतिशत की सीमा तक के निर्माण वाले प्रकरणों का नियमितीकरण किया जाएगा.
प्राधिकरण की आय के संबंध में बजट में जो अनुमान दिए गए हैं उसके अनुसार भूखंड व भवनों के विक्रय से 1 अरब 47 करोड 62 लाख 14 हजार रुपए प्राप्त होंगे जो आय का 28.40 प्रतिशत होगा. जबकि योजना के विकास और निर्माण के लिए ऋण के रुप में 2 अरब 50 करोड 40 लाख 12 हजार रुपए लिए जाएगें जो 48.17 प्रतिशत होगा.
संचालक मंडल की बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, संचालक सदस्य नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर के संयुक्त संचालक श्री के.पी. वाजपेयी व श्री जाहिद अली, सहायक वन संरक्षक श्री विनोद मिश्रा, नगर निगम रायपुर के उपायुक्त श्री जी.एस. क्षत्री उपस्थित थे.   

Mar 27, 2010

कमल विहार योजना से प्लाट खरीदने वालों की जागरुकता बढ़ी

भूस्वामी योजना को जल्दी लागू करने के पक्ष में
रायपुर, 27 मार्च 2010, रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना ने एक ओर जहां आम नागरिकों को अवैध प्लाट खरीदने के प्रति सतर्क कर दिया है वहीं दूसरी ओर अवैध रुप से कृषि भूमि को छोटे छोटे प्लाट बना कर बेचने वाले भूमाफियाओं की नींद उड़ गई है. प्राधिकरण में चल रही आपत्ति सुनवाई के दौरान पहुंच रहे कई भूस्वामी अब कहने लगे है कि प्राधिकरण यह योजना जल्द से जल्द लागू करे ताकि उन्हे सही विकसित भूखंड मिल सके.
प्राधिकरण में सुनवाई में पहुंच रहे कई लोगों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अवैध प्लाटिंग करने वाले भूमाफिया रायपुर शहर के आसपास तथा सटे हुए गांवों में किसानों की कई एकड़ कृषि भूमि को सस्ते दामों में खरीद कर उस पर 1000, 1500, 2000, 2500, 4000, 5000 और 10,000 वर्गफुट के आकार के प्लाट बना कर बेचते रहे हैं. कई लोगो ने बताया कि भूमाफिया, किसान और प्लाट खरीददार के बीच एक बिचौलिए की भूमिका में होते हैं. ऐसे बिचौलिओं ने आम जनता को अवैध प्लाट बेचने की अपनी योजना का आकर्षक फोल्डर छपवा कर कुछ समय में अमीर बनने के सब्जबाग दिखाएं. ऐसी योजनाओं में पूंजी निवेश के लिए कई जमीन दलालों के साथ शहर की कई दुकानों के माध्यम से जानकारी दी जाती रहीं. एक साथ या हर महीने की किश्तों पर बिकने वाले प्लाटों के लिए बिचौलिए हर महीने शहर के अच्छे और बड़े होटलों में अवैध प्लाटों की लाटरी निकालते थे. जिसकी लाटरी निकलती उसे किश्तों की राशि नहीं देनी पड़ती थी पर विकास शुल्क लिया जाता था. होटलों में होने वाली लाटरी मे बढ़िया खाना पीना भी होता था. प्लाटिंग के इस अवैध धंधे में किसानों की जमीन खरीदने के एवज में पहले दस बीस प्रतिशत बयाना की राशि दी जाती थी शेष राशि प्लाट बिकने पर समय समय पर दी जाती थी. इस पूरे अवैध धंधे में बिचौलिए अपने नाम पर कोई लेनदेन नहीं करते थे वरन वे किसान की जमीन में बनाए गए प्लाट की रजिस्ट्री सीधे प्लाट खरीदने वाले के नाम पर कर देते थे. कई ऐसे लोग है जिन्हे इन बिचौलिओं ने उनके नाम पर रजिस्ट्री तो करा दी पर आज भी मौके पर उन्हे प्लाट का कब्जा नहीं दिया गया. विकास शुल्क के नाम पर प्लाट की कीमत का बीस प्रतिशत तक की राशि भी किश्तों में ले ली जाती थी. रातो रात अमीर बनने का सपना दिखाने वाले ऐसे बिचौलियों आम जनता को ठग कर स्वयं अमीर बन गए. बिचौलियों ने काफी चतुराई से कागजों पर अपने नाम पर तो कोई सबूत  नहीं रखा पर प्लाटिंग योजना पर उनका पूरा कब्जा होता था. यही बिचौलिए आज कमल विहार का विरोध कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ शासन की कमल विहार योजना के बाद से ना केवल आम जनता सतर्क हो गई है वरन वह कमल विहार योजना को जल्द से जल्द लागू करने का आग्रह कर रही है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आम जनता से अपील की है कि वे भूखंड खरीदते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखे कि भूखंड का अभिन्यास सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदित है या नहीं. यदि अभिन्यास अनुमोदित नहीं है तो उसे वे ना खरीदें.

Mar 25, 2010

नया रायपुर नई बसाहट, कमल विहार रायपुर का सुव्यस्थित विकास

मास्टर प्लान के बिना गंदी बस्तियां बढ़ेंगी
नया रायपुर नई बसाहट, कमल विहार सुव्यस्थित विकास
रायपुर के विकास के लिए कमल विहार जैसी योजना का कोई विकल्प नहीं
रायपुर, 25 मार्च 2010, रायपुर विकास प्राधिकरण ने कहा है कि शहर का मास्टर प्लान का समय रहते पालन नहीं किया गया तो शहर में कई समस्याएं खड़ी हो जाएंगी और शहर का अधिकांश हिस्सा गंदी बस्ती वाला क्षेत्र हो जाएगा. मास्टर प्लॉन किसी भी शहर के विकास का आधार होता है जो शहरी नियोंजन के विशेषज्ञों द्वारा काफी अध्ययन के बाद बनाया जाता है.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार नया रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक दृष्टि से विकसित किया जा रहा एक नया शहर है, जबकि वर्तमान रायपुर शहर की कमल विहार योजना वहां के भूमि स्वामियों को बेहतर अधोसंरचना तथा नागरिक सुविधाएँ देने का उपक्रम है. दोनों ही शहरों की प्रक्रिया अलग अलग है. नया रायपुर नई विश्व स्तरीय अवधारणा के साथ बन रहा है और वर्तमान रायपुर शहर का विकास बेहतर अधोसंरचना के साथ सुनियोजित विकास किया जाना समय की मांग है. उन्होंने कहा कि जहां शासन झुग्गी बस्ती मुक्त शहर चाहती है वहीं कमल विहार योजना का विरोध गंदी बस्तियों को बढ़ावा देने जैसा है.
श्री कटारिया ने कहा कि नया रायपुर में अनिवार्य भूमि अर्जन कर शहर का विकास किया जा रहा है. जबकि रायपुर की कमल विहार योजना एक जनभागीदारी की योजना है. जो भूस्वामियों को सुव्यवस्थित रुप से जनसुविधा देने की प्रक्रिया है. नया रायपुर एक नए शहर की बसाहट है जबकि कमल विहार शहर के मास्टर प्लान को क्रियान्वयन की प्रक्रिया है. श्री कटारिया ने कहा कि नया रायपुर और वर्तमान रायपुर शहर के बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है. दोनों की अवधारणा अलग- अलग है. एक नया शहर है तो दूसरा शहर को मास्टर प्लान के अनुसार सुव्यवस्थित करने की योजना है. श्री कटारिया के अनुसार पूरे विश्व में शहरी नियोजन मास्टर प्लान बना कर ही विकास किया जाता है. इससे शहरों का बेहतर और सुविधाजनक विकास होता है. देश के विकसित शहर बंगलोर, अहमदाबाद, जयपुर, चंडीगढ़, नोएडा, गुडगांव और नवी मुंबई इसकी मिसाल है. वहां लोग ऐसे विकास के पक्ष में हैं और स्वयं आकर अपनी भूमि को योजना में शामिल करने का आग्रह करते हैं. उन्होंने कहा कि नए रायपुर का अर्थ यह नहीं है कि हम वर्तमान रायपुर शहर को उसके हाल पर गंदी बस्ती जैसा विकसित होने के लिए छोड दें. श्री कटारिया ने कहा कि कमल विहार योजना वहां बनाई जा रही है जहां 90 प्रतिशत अवैध प्लॉटिंग हो गई है. अवैध प्लॉटिंग से जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए सालों साल तरसना पड़ता है. जबकि प्राधिकरण नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं से बढ़ कर बेहतर अधोसंरचना की सुविधा देना चाहता है.      
श्री कटारिया के अनुसार मास्टर प्लान अर्थात '' रायपुर विकास योजना पुनर्विलोकित 2021 '' सही रुप से क्रियान्वयन नहीं हो पाने के कारणों का उल्लेख किया गया है. इसमें कहा गया है कि रायपुर के राजधानी बनने के बाद यहां जनसंख्या में बेतहाशा वृध्दि हुई है. शहर में असम्बंध भूमि उपयोगों का अत्याधिक विस्तार और अवांछित भूमि विकास हुआ है. नगर में कई अनाधिकृत कालोनियों का विकास के साथ साथ अनियोजित सामूहिक आवास निर्माण में तेजी आई है. निचले क्षेत्रो में गन्दी बस्तियों का विकास बढ़ा है. गंदी बस्तियों से नहर व तालाबों में प्रदूषण में काफी वृध्दि हुई है. निम्न स्तरीय भौतिक एवं सामाजिक अधोसंरचना वाले क्षेत्र का विकास हुआ है. वाणिज्यिक क्षेत्रों का केन्द्रीयकरण हुआ है. शहर में सकरी सड़कें व गलियां मे वृध्दि के साथ ही सड़कों पर अतिक्रमण बढ़ा है राजधानी में अवैध पार्किंग होने के साथ ही विकास योजना क्रियान्वयन में नियंत्रण का अभाव रहा है. अतः ऐसे में शहर में गंदी और झुग्गी बस्ती के विस्तार को रोकने तथा सुविधाएं बढ़ाने के लिए कमल विहार जैसी योजना लागू करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है.  

Mar 21, 2010

मिसाल बनेगी कमल विहार योजना






कमल विहार योजना से भूस्वामियों और ग्रामीणों को होंगे कई फायदे
रायपुर, 21 मार्च 2010, राजधानी की बहुप्रतीक्षित टाऊन डेव्लेपमेंट स्कीम कमल विहार के क्रियान्वयन से होने वाले लाभ का आंकलन रायपुर विकास प्राधिकरण ने किया है योजना के बनने से क्षेत्र का पूरा का पूरा परिदृश्य ही बदल जाएगा. योजना क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के साथ ही विश्व स्तरीय अधोसंरचना का विकास होगा. सुव्यवस्थित विकास के साथ ही यहां संपत्तियों के मूल्यों में वृध्दि से भूस्वामियों को आर्थिक लाभ तो होगा ही रोजगार के भी कई अवसर उपब्ध होगें. भूखंड पूर्ण रुप से वैध तथा विकसित होने कमल विहार छत्तीसगढ़ के वर्तमान शहरों में एक मिसाल होगा.
कमल विहार योजना से लाभ - हानि
विवरण
योजना के विकसित होने पर
योजना के विकसित नहीं होने पर
विकास
सुव्‍यवस्थित व बेहतर विकास
बेतरतीब, अव्‍यवस्थित, असंगत सुविधाहीन विकास
सुविधाएं
विश्व स्तरीय अधोसंरचना विकास यथा सड़क, नाली, बिजली, पानी सहित कई नागरिक सुविधाएँ
आधी - अधूरी, अपर्याप्त सुविधा
स्थानीय निवासियों के लिए  रोजगार/ व्यापार के अवसर
बढ़ेगें
नहीं बढ़ेगे
योजना की विशेषता
छत्तीसगढ के वर्तमान शहरों के विकास की एक मिसाल होगी
कुछ नहीं
भूखंड की वैधानिक स्थिति
पूर्ण रुप से वैध
अवैध
संपत्तियों का मूल्‍य
तेजी से वृध्दि, कई गुना वृद्धि
बहुत कम वृध्दि
भूमि / भूखंड की स्थिति
विकसित सुविधायुक्त भूखंड
अविकसित भूमि
योजना में शामिल गांवों का विकास 
प्राधिकरण द्वारा एक करोड़ की राशि का प्रावधान
भ्रम की स्थिति
पर्यावरण
स्वस्थ एवं बेहतर जीवन स्तर, हरित वातावरण
अस्वस्थ्य, प्रदूषित एवं तनाव  भरा
पेयजल
शुद्ध, सुलभ व पर्याप्त मात्रा में
अपर्याप्त और कठिनाई से उपलब्‍ध होगा.
नाली
सुव्‍यस्थित एवं सुविधाजनक
मुश्किल से बनेगी, अव्‍यवस्थित व असुविधाजनक होगी.
पार्किंग
सुविधाजनक रुप से
कोई व्यवस्था नहीं
सीवर लाईन
सुविधा दी जाएगी
कोई संभावना नहीं
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
प्रत्येक सेक्टर में बनेगा.  
कोई संभावना नहीं
बिजली
सुव्‍यवस्थित एवं सुविधाजनक रुप से उपलब्‍धता होगी
बांस और लकड़ी के खंबो पर झूलते हुए तारे, तेज हवा में खतरनाक
फायर ब्रिगेड स्टेशन
भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
उद्यान
उपलब्ध होगा
कोई सुविधा नहीं
खेल मैदान
उपलब्ध होगा
कोई सुविधा नहीं
खुला क्षेत्र
उपलब्ध होगा
कोई सुविधा नहीं
बाजार
सुव्यस्थित,सुविधाजनक, सिटी लेवल व सेक्टर लेवल के बाजार (डिपार्टमेन्टल स्टोर इत्यादि) 42 एकड़ का सी.बी.डी (केन्द्रीय व्यवसायिक क्षेत्र)
अव्यवस्थित, बेतरतीब, असुविधाजनक
बैंक / एटीएम
भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
पोस्ट ऑफिस
भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
सामाजिक केन्द्र व धार्मिक केन्द्र
भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
सांस्‍कृतिक व सामुदायिक केंद्र
भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
अस्पताल, नर्सिंग होम
भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
शैक्षणिक संस्‍थाएं
भूमि का प्रावधान, नियमानुसार, सुविधायुक्त  बड़े शैक्षणिक संस्थानों की संभावना
बेतरतीब, कम संख्या में, कम स्तर व न्यूनतम सुविधा वाली संस्थाएं
सड़क
रिंग रोड, कई प्रमुख मार्ग व हर भूखंड को सड़क की उपलब्धता.
संकरी व तंग गलियां, उबड़ खबाड़ व टूटे रास्ते
पहुंच मार्ग
सुलभ व सुविधाजनक, कई विकल्प
कठिन, असुविधाजनक, जटिल पहुंच मार्ग
फ्लाई ओव्हर
तीन
कोई संभावना नहीं
यातायात
सुगम, सुविधाजनक व तेज
कठिन, असुविधाजनक, धीमा व धूलयुक्त
आमोद प्रमोद
मास्टर प्लान के अनुसार भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
भवन निर्माण की अनुमति (मानचित्र स्वीकृति)
आसानी से
नहीं मिलेगी
बैंक ऋण
आसानी से
नहीं मिलेगा
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग
15 प्रतिशत भूमि
कुछ नहीं
मास्‍टर प्‍लान (रायपुर विकास योजना पुनर्विलोकित 2021)
क्रियान्वित होगा
क्रियान्वित नहीं होगा


Mar 19, 2010

कृषि भूमि कमल विहार योजना में शामिल नहीं – श्री कटारिया

मल विहार योजना शहर को गंदी बस्‍ती जैसी बसाहट को रोकने का प्रयास
रायपुर, 19 मार्च 2010. रायपुर विकास प्राधिकरण ने कहा है कि कि मास्‍टर प्‍लान में कृषि भू-उपयोग के लिए निर्धारित भूमि पर कमल विहार योजना लागू नहीं की जाएगी. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया का कहना है कि जो लोग किसानों के नाम पर योजना का विरोध कर रहे हैं उनके पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि मास्‍टर प्‍लान में जिस जमीन का उपयोग आवासीय है उस पर योजना के अभिन्‍यास के अनुमोदन के बिना मकान कैसे बनेगा. अनुमोदित अभिन्‍यास के बिना ना तो जमीन मालिक मकान बना सकते हैं और ना ही उन्हें किसी बैंक से ऋण मिल सकता है. ऐसे में लोगों के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि कमल विहार योजना क्षेत्र में सड़क, नाली, बिजली, पानी की बुनियादी सुविधाएं कैसे उपलब्‍ध होगी.
रायपुर विकास प्राधिकरण राज्‍य शासन द्वारा शहर के नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधा देने के परिप्रेक्ष्‍य में मास्‍टर प्‍लान की टाऊन डेव्‍हलपमेंट स्‍कीम का क्रियान्‍वयन कर रहा है. प्राधिकरण के प्रस्‍ताव के अनुसार वह बुनियादी सुविधाओं से भी बेहतर अधोसंरचना विकास की सुविधा देने के लिए कार्य कर रहा है. इसके अन्‍तर्गत योजना क्षेत्र में एक रिंगरोड, तीन फ्लाईओवर, चौड़े मुख्‍य मार्ग, सीवर लाइन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सर्विस डक्‍ट, विद्युत सब-स्‍टेशन, उद्यान, खेल मैदान, खुले क्षेत्र, नागरिक सुविधाएं यथा पुलिस स्‍टेशन, फायर ब्रिगेड, पोस्‍ट ऑफिस, बैंक, बाजार, अस्‍पताल, नर्सिंग होम, शैक्षणिक केंद्र, आमोद-प्रमोद, सामाजिक एवं सांस्‍कृतिक केंद्र जैसी सुविधाएं देने की पहल कर रहा है.

कमल विहार योजना दरअसल रायपुर शहर को गंदी बस्‍ती जैसे अवैध बसाहट को रोकने का प्रयास तथा राजधानी को सुव्‍यवस्थित रूप से विकास की ओर ले जाने की कोशिश है. मास्‍टर प्‍लान में दिए गए प्रावधान के अनुसार कमल विहार योजना क्षेत्र में प्रस्‍तावित आवासीय क्षेत्र में आवासीय भूखंड विकसित किए जाएंगे. वाणिज्यिक भू-उपयोग की भूमि पर व्‍यावसायिक दुकानें, शॉपिंग सेंटर, कार्यालय तथा अन्‍य नागरिक सुविधाओं के लिए उपयोग किया जाएगा. आमोद-प्रमोद के भू-उपयोग वाली भूमि पर क्रीडा स्‍थल, प्रदर्शनी स्‍थल, उद्यान तथा अन्‍य मनोरंजन की सुविधाओं को विकसित किया जाएगा. सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक भू-उपयोग की भूमि पर विभिन्‍न कार्यालय, अस्‍पताल, नर्सिंग होम, शैक्षणिक व सामाजिक प्रयोजनों के लिए उपयोग किया जाएगा. 

Mar 17, 2010

कमल विहार को जाना पत्रकारों ने

छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी की पहली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम - कमल विहार


रायपुर, 17 मार्च 2010, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने रायपुर की पहली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम कमल विहार योजना के संबंध में आज प्रेस से चर्चा की. उन्होंने योजना के संबंध अब तक हुई कार्रवाई से पत्रकारों को अवगत कराया. 2171 एकड में बनने वाली यह छत्तीसगढ़ की पहली जनभागीदारी वाली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम है. योजना 927 एकड की में बनेगी जो 5 सालों में पूरी की जाएगी. योजना में 42 एकड का सीबीडी अर्थात केन्द्रीय व्यवसायिक क्षेत्र, 57 एकड़ क्षेत्र में सार्वजनिक  व अर्ध सार्वजनिक तथा 245 एकड क्षेत्र की भूमि आमोद- प्रमोद के लिए आरक्षित रहेगी. योजना के भूस्वामियों को उनकी अविकसित भूमि के बदले 35 प्रतिशत क्षेत्र का विकसित भूखंड दिया जाएगा.