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Jul 23, 2015

Chhattisgarh Real Estate Expo 2015


"Chhattisgarh Real Estate Expo 2015"
Come and see the "Chhattisgarh Real Estate Expo 2015" @ The Taj Gateway Hotel,Behind Magneto Mall, RAIPUR (Chhattisgarh) on 25 th & 26 July 2015. Leader in Real Estate Information ESTATE AVENUES is Organising this event first time in Chhattisgarh.
RDA Chairman Shri Sanjay Shrivastva will be the Chief Guest of the function on Saturday 25th July,6 PM. CEO of RDA Mr M.D. Kawre will be the speaker of the panel of Discussion. Event is Sponserd by Raipur Development Authority.


Jul 21, 2015

कमल विहार में विकसित भूखंडों का कब्जा लेने लगे भूमिस्वामी

369 भूखंडधारियों ने लिया कब्जा
         रायपुर, 21 जुलाई 2015, कमल विहार में भूस्वामियों को भूखंडों का कब्जा देने का क्रम लगातार जारी है. आज तक कुल 369 भूस्वामियों ने अपने भूखंड का स्थल पर कब्जा ले लिया है. आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत की पिछले महीने मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश के बाद प्राधिकरण के सीईओ श्री एम. डी. कावरे ने राजस्व और तकनीकी की एक टीम गठित की है जो स्थल पर भूस्वामियों को उनको आवंटित भूखंडों का कब्जा दे रही है. कमल विहार योजना के स्थल कार्यालय में दो सहायक यंत्री नियमित रुप से भूमि स्वामियों को उनको आवंटित विकसित भूखंडों का कब्जा दे रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि कमल विहार योजना में कुल भूखंडों की संख्या 7787 है. जिसमें से भूमि स्वामियों की संख्या 4969 है. भूस्वामियों को विकसित भूखंड का कब्जा देने के बाद वे इस पर निर्माण के लिए नगर पालिक निगम से भवन अनुज्ञा ले कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर सकते हैं. भवन निर्माण के लिए भूखंडधारी विभिन्न बैंकों से ऋण भी प्राप्त कर सकते हैं. ऐसे भूखंडधारियों की सुविधा के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने गत दिनों एक प्रापर्टी लोन मेला का आयोजन किया था जिसमें काफी संख्या में भूखंडधारियों ने बैंकों से ऋण की जानकारी ली. प्रापर्टी लोन मेला में लगभग साढ़े 7 सौ लोगों ने विभिन्न बैंकों के अधिकारियों से ऋण की जानकारी ली. प्रापर्टी लोन मेला में शामिल बैंक के अधिकारियों के अनुमान के अनुसार मेले आए लोगों से उम्मीद है कि इससे लगभग 25 करोड़ रुपए का ऋण दिया जा सकेगा.   

Jul 20, 2015

नगर विकास स्कीम के प्रावधानों के अनुरुप कार्य करें – श्री संजय श्रीवास्तव

रायपुर, 20 जुलाई 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि प्राधिकरण नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के नियम 49 नगर विकास की स्कीम में दिए गए प्रावधानों के अनुसार कार्य करें. यह बात उन्होंने  आज प्राधिकरण कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ परिचय बैठक में कही. उन्होंने कहा अधिकारी एवं कर्मचारी कार्य की गुणवत्ता के साथ ही काम तेजी से हो यह भी सुनिश्चित करें. बैठक में सीईओ श्री एम.डी. कावरे, अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल और मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी. आर. नारंग, लेखाधिकारी श्री संदीप सिंह पाल भी उपस्थित थे.
     आरडीए की सीईओ श्री कावरे ने आज सभी शाखा के अधिकारियो से नए अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव का परिचय करवाया. अध्यक्ष ने आज बारी बारी से प्रशासनिक शाखा, लेखा शाखा, स्टोर शाखा, योजना शाखा, एमआईएस, तकनीकी शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे चर्चा की
और उनके कार्य तथा कार्य की प्रकृति की जानकारी ली. श्री श्रीवास्तव ने कहा कि नगर तथा ग्राम निवेश के नियमों के अंतर्गत गृह निर्माण के विकास. बाजार के केन्द्रों, सांस्कृतिक व प्रशासनिक केन्द्रों सहित वाणिज्यिक तथा औद्योगिक प्रयोजन सहित मार्गो व सड़क विकास तथा परिवेश से संबंधी सुधार कार्य भी शामिल है. प्राधिकरण को नए कार्य भी करना है. इसीलिए अधिकारीगण नए कार्यों का बारे में नए प्रस्ताव प्रस्तुत करें. प्राधिकरण की इस परिचय बैठक में अध्यक्ष ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे उनके कार्य से संबंधित यदि कोई समस्या हो तो उसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी से कहें और वे अपनी समस्याएं उन्हें सीधे भी बता सकते हैं. 

Jul 19, 2015

कमल विहार में बारिश के पानी से रेन वाटर हार्वेस्टिंग हो – डॉ.रमन सिंह

      4 साल पहले मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरुप विकसित होता कमल विहार
रायपुर, 19 जुलाई 2015, चार साल पहले भूमिपूजन करने के बाद आज पहली बार कमल विहार पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने निरीक्षण के दौरान रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को सीधी सलाह दी कि वे इतने बड़े क्षेत्र में बारिश के पानी का उपयोग भूमि के रिचार्ज के लिए करें और यहां लगाए जाने वाले पौधों व उद्यानों की सिचाई के लिए शोधित जल का उपयोग करें. वे आज कमल विहार योजना के नजदीक एक निजी अस्पताल के उद्घाटन के बाद कमल विहार में हुए विकास और निर्माण का निरीक्षण करने पहुंचे थे.
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत, नगर तथा ग्राम निवेश के संचालक श्री एस. एस बजाज, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने मुख्यमंत्री को कमल विहार योजना के स्थल पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यहां हर भूखंडों तक पहुंचाई गई बुनियादी सुविधाएं यथा बिजली  टेलीफोन के केबल, पीने के पानी की पाईपनाली व बारिश के पानी के निकासी के लिए सभी पाईप लाईनें भूमि के अन्दर बिछाई गई है. यहां हर सेक्टर के भूखंड के सामने इन सभी सुविधाओं के लिए पांईट बनाए गए हैं. भूखंड स्वामियों को जब भी इनकी सुविधा लेना होगा वे इसके लिए बनाए गए पांईटों से सीधे कनेक्शन जोड़ कर तत्काल सुविधा ले सकेंगे. मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि योजना में हर घर को 24 घंटे पीने का पानी उपलब्ध होगा. पीने का पानी हर घर तक एक प्रेशर के साथ पहुंचेगा यानि पहले घर से आखिरी घर तक एक समान दबाव के साथ पानी पहुंचाने के लिए आधुनिक हाईड्रोन्यूमेटिक सिस्टम का उपयोग किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने इन सारी भूमिगत सुविधाओं पर सुखद आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जैसी की कल्पना की गई थी वैसी ही बेहतरीन सुविधाएं यहां दी गई है. उन्होंने आरडीए के अधिकारियों से कहा कि यहां के 1600 एकड़ के विशाल क्षेत्र में बारिश के पानी को प्राकृतिक नाले में बहाने की बजाय उस पानी से पूरे क्षेत्र की भूमि को रिचार्ज करें ताकि भविष्य में यहां रहने वालों को भूमिगत पानी भी आसानी से उपलब्ध हो सके. डॉ. रमन सिंह ने आगे कहा कि यहां वृहद स्तर पर पौधे लगाएं और उनकी सिंचाई के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लॉट से शोधित जल का ही उपयोग करें.
आरडीए के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि कमल विहार योजना में लगभग साढ़े 8 हजार भूखंड विकसित किए जा रहे हैं जिसमें से रायपुर विकास प्राधिकरण निर्माण कार्यों की लागत राशि के लिए 1300 भूखंडों के विक्रय कर रहा है. जिसमें से 6 सौ से ज्यादा भूखंडों का विक्रय किया जा चुका है. 1085 करोड़ रुपए की इस योजना के लिए सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 6 सौ करोड़ रुपए का ऋण भी लिया गया है.
कमल विहार में पहली बार उतरा हेलीकॉप्टर
मुख्यमंत्री आज राजनांदगांव के अपने दौरे के बाद हेलीकॉप्टर से सीधे कमल विहार पहुंचे थे. कमल विहार के सेन्ट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में विशेष रुप से बनाए गए हेलीपैड में पहली बार किसी हेलीकॉप्टर की लैंडिंग हुई. मुख्यमंत्री इसके पहले भी रायपुर विकास प्राधिकरण की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना रायपुरा के लोकार्पण के अवसर पर रायपुरा में हेलीकॉप्टर से ही आए थे. इससे पहले आज कमल विहार के सेक्टर 7 में मुख्यमंत्री के आगमन पर आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, निर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रो के श्री पी.के. गुप्ता, पीएमसी वैपकॉस के टीम लीडर श्री संजय वर्मा ने उनका स्वागत किया.
मुख्यमंत्री ने चार पहले साल कहा था अनूठी योजना होगी कमल विहार
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने चार साल पहले 13 जून 2011 को कमल विहार का भूमिपूजन करते हुए कहा था कि कमल विहार योजना पूरे देश में एक अनूठी योजना के रुप में जानी जाएगी और यह योजना छत्तीसगढ़ के सबसे सुव्यवस्थित क्षेत्रों में से एक होगी जहां 16 सौ एकड़ क्षेत्र में बेहतर से बेहतर अधोसंरचना विकसित होगी. आज मुख्यमंत्री ने कमल विहार के निरीक्षण में यह पाया कि चार साल पहले की उनकी घोषणा के अनुरुप ही कमल विहार का विकास हो रहा है.

Jul 16, 2015

बोरियाखुर्द के न्यून निम्न आय वर्ग के 120 फ्लैट्स के आवेदन की तिथि 20 जुलाई तक बढ़ी

रायपुर, 16 जुलाई 2015, छत्तीसगढ़ शासन व्दारा न्यून निम्न आय वर्ग के लिए बोरियाखुर्द योजना में बनाई गई डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के 120 फ्लैट्स के लिए आवेदन की तिथि 20 जुलाई 2015 तक बढ़ा दी गई है. रायपुर विकास प्राधिकरण सीईओ श्री एम.डी. कावरे ने
बताया कि जनसुविधा के लिए निर्धारित तिथि में वृध्दि की गई है. उन्होंने बताया कि 299 वर्गफुट में बनाये गए इन फ्लैटस की वर्तमान कीमत 3 लाख 42 हजार 500 रुपए हैं. फ्लैट्स के आवेदन के लिए वे ही व्यक्ति पात्र है जो रायपुर निवेश क्षेत्र के निवासी है और जिनकी वार्षिक आय 72 हजार रुपए या उससे कम हैं. न्यून निम्न आय वर्ग के आवेदकों को इसमें आवेदन के साथ 30 हजार रुपए जमा करना होगा. फ्लैट्स का आवंटन लॉटरी से किया जाएगा. लॉटरी से आवंटन होने पर आवंटिती को 30 हजार रुपए जमा करने पर फ्लैट का कब्जा दिया जाएगा. आवंटन 15 साल की मासिक किस्तों में होगा, मासिक किस्त की राशि 3304 रुपए होगी.

Jul 14, 2015

आरडीए के प्रापर्टी लोन मेला में बैंकों को 25 करोड़ के व्यवसाय की उम्मीद

10 से 12 सितंबर तक फिर होगा प्रापर्टी लोन मेला
 रायपुर, 14 जुलाई 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में 10 से 12 जुलाई तक आयोजित प्रापर्टी लोन मेले में भाग लेने वाले अधिकांश बैंक व वित्तदायी संस्थाएं काफी उत्साहित हैं क्योंकि इन्हें इस मेले से 25 करोड़ रुपए के व्यवसाय की उम्मीद हो चली है. तीन दिवसीय मेले में प्राधिकरण की संपत्तियों को बैकों से ऋण लेने खरीदने के लिए लगभग साढ़े 7 सौ लोग मेले में आए थे. मेले में कुल 17 बैंकों और वित्तदायी संस्थाओं ने भाग लिया. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने लोन मेला को मिली सफलता के बाद कहा है कि जनता के लिए आगामी 10 से 12 सितंबर 2015 को एक बार फिर से प्राधिकरण कार्यालय परिसर में प्रापर्टी लोन मेला का आयोजन किया जाएगा.

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने इस बारे में जानकारी देते हुए
बताया कि प्रापर्टी लोन मेला में कुल 17 बैंकों ने भाग लिया. इसमें एलआईसी होम फायनेन्स लिमिटेड की दो शाखाओं ने अकेले ही साढ़े 7 करोड़ रुपए के ऋण के व्यवसाय की उम्मीद जताई है. इसके अलावा कमल विहार को ऋण देने वाले सेन्ट्रल बैंक ने 2.50 करोड़ रुपए, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा के विकास के लिए ऋण देने वाले यूनियन बैंक को 1.50 करोड़ रुपए, एचडीएफसी बैंक को 2.00 करोड़ रुपए, भारतीय स्टेट बैंक, इंडसईंड बैंक, सेन्ट बैंक होम फायनेंस,केनरा बैंक और आईसीआईसी बैंक को को डेढ़ डेढ़ करोड़ रुपए के व्यवसाय होने की आशा है.

ऋण देने वाली इन संस्थाओं को आरडीए के प्राप्रर्टी लोन मेले से काफी उम्मीदें दिखी हैं. उन्होंने आरडीए के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालन अधिकारी से आग्रह किया है कि चूंकि रायपुर
विकास प्राधिकरण एक शासकीय स्वशाशी उपक्रम हैं और आम लोगों का इस संस्था पर काफी भरोसा है. इसलिए प्राधिकरण नियमित रुप से प्रापर्टी लोन मेला का कुछ महीनों के अंतराल में आयोजन करें. बैंक के अधिकारियों ने कहा कि प्राधिकरण के लोन मेला में वे ही लोग आए जिन्हें संपत्ति खरीदी के लिए ऋण लेना था या जिन्होंने कमल विहार और इन्द्रप्रस्थ योजनाओं में पहले से भूखंड ले रखे हैं. बैंक के अधिकारियों के अनुसार प्राधिकरण के विकास और निर्माण कार्य की अपनी एक साख है. इसलिए लोग पहले से ही रायपुर विकास प्राधिकरण के प्लॉट. फ्लैट्स और मकानों को खरीदने को उत्सुक रहते हैं.

Jul 10, 2015

कमल विहार के प्लॉट बिक्री को मिली जबरदस्त सफलता

इस सप्ताह 25.96 करोड़ की रिकार्ड बिक्री
- प्रापर्टी लोन मेला को मिला अच्छा प्रतिसाद -
रायपुर10 जुलाई 2015, कमल विहार योजना को आज उस समय बड़ी जबरदस्त सफलता मिली जब उसके मल्टी स्टोरी फ्लैट्स व ग्रुप हाऊसिंग के बड़े दो प्लॉट, योजना स्तर के तीन व्यावसायिक प्लॉट, सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक उपयोग के चार और एक बड़ा आवासीय भूखंड बिक गया. रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यश्र श्री संजय श्रीवास्तव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि ईमानदारी के साथ ऐसे लगातार प्रयासों से सफलताएं मिलती ही है. यह सब प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों की बेहतर टीम वर्क के कारण संभव हुआ है.
प्राधिकरण की सीईओ श्री एम. डी. कावरे ने बताया कि कमल विहार में प्लॉटों की यह अब तक की सबसे बड़ी सेल थी. उन्होंने बताया कि हर शुक्रवार को होने वाले इस आवंटन में पिछले सप्ताह ही साढ़े 13 करोड़ रुपए के प्लॉट बिके थे. उसके पहले के सप्ताह में लगभग साढ़े 9 करोड़ रुपए के प्लॉटों की ब्रिकी हुई थी. श्री कावरे ने बताया कि प्राधिकरण को लगातार मार्केटिंग करने के कारण यह सफलता मिल रही है. इसके अतिरिक्त कमल विहार में विकास का काम जैसे जैसे आगे बढ़ रहा है वैसे वैसी भूखंड स्वामियों, उनके परिजनों और प्लॉट खरीदने वालों का आना जाना बढ़ा है. 
श्री कावरे ने आगे बताया कि प्राधिकरण अपनी योजनाओं में आवंटितियों और संपत्ति खरीदने वाले लोगों के लिए ऋण की सुविधा भी उपलब्ध करा रहा है. इसी सिलसिले में आज से शुरु हुए तीन दिवसीय लोन मेले के पहले दिन वृहद प्रापर्टी लोन मेंला को अच्छी सफलता मिली है. कुल 15 बैंकों और वित्तदायी संस्थाओं से मेले में 174 लोगों ने संपत्ति की खरीददारी के लिए मिलने वाले ऋण की जानकारी ली और अधिकांश लोगों ने ऋण लेने की इच्छा व्यक्त की. 
मेला में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक, ऐक्सिस बैंक, कैनरा बैंक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, विजया बैंक, आईसीआईसी बैंक, एलआईसी होम फायनेंस लिमिटेड, बैंक ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, बैंक ऑफ इंडिया, सेन्ट बैंक होम फायनेंस लिमिटेड तथा पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों ने ऋण चाहने वाले लोगों ऋण लेने के संबंध में जानकारी दी. 12 जुलाई तक चलने वाला यह मेला न्यू राजेन्द्रनगर स्थित रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय परिसर सुबह 10.30 से शाम 5.30 बजे तक चलेगा. बैंक आवासीय के साथ ही भवन निर्माण, दुकानों, व्यावसायिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक व मिश्रित प्रयोजन की संपत्तियों के लिए ऋण दे रही है. 

Jul 9, 2015

^^^ आरडीए में प्रापर्टी लोन मेला आज से ^^^

- 16 बैंक व संस्थाएं शामिल होंगी -
* प्लॉट, फ्लैट्स, दुकान के लिए भी मिलेगा ऋण *
रायपुर, 09 जुलाई 2015, बैंक और वित्तदायी संस्थाओं से सीधे ऋण उपलब्ध कराने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने न्यू राजेन्द्रनगर स्थित कार्यालय परिसर में पहली बार एक वृहद प्रापर्टी लोन मेला का आयोजन किया है. मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के अनुसार 10 से 12 जुलाई तक तीन दिन चलने वाले इस प्रापर्टी लोन मेला में 16 बैंक व वित्तदायी संस्थाएं भाग ले रही है. मेला में प्राधिकरण की कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना के प्लॉट सहित कई अन्य संपत्तियों के लिए आवंटितियों को विभिन्न बैंकों से ऋण की सुविधा मिलेगी.
कमल विहार के लिए 600 करोड़ का ऋण देने वाले सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया तथा इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना के लिए 78.75 करोड़ रुपए का ऋण देने वाले यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भी इस मेला में भाग ले रहे हैं. वैसे तो कई बैंक सीधे प्लॉट के लिए ऋण देते हैं तो कई प्लॉट तथा भवन निर्माण दोनोे के लिए ऋण देते हैं. इसके अलावा अन्य संपत्तियों जिसमें व्यावसायिक परिसर व दुकानों इत्यादि के लिए बैंक व अन्य वित्तदायी संस्थाएं ऋण देने के लिए कल प्रापर्टी लोन मेला में उपलब्ध रहेंगी. ये सभी प्राधिकरण की कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना सहित रायपुर विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में स्थित विक्रय योग्य भूखंड, फ्लैट्स दुकानों इत्यादि के लिए भी ऋण देने की जानकारी देंगे.
सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक, ऐक्सिस बैंक, इलाहाबाद बैंक, कैनरा बैंक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, विजया बैंक, आईसीआईसी बैंक, एलआईसी होम फायनेंस लिमिटेड, बैंक ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, बैंक ऑफ इंडिया, सेन्ट बैंक होम फायनेंस लिमिटेड ने इस प्रापर्टी लोन मेला में शामिल होंगे. इन बैंकों के प्रतिनिधियों ने आज से अपनी तैयारी शुरु कर दी है.

ट्रांसपोर्ट नगर में 26 प्लॉट निरस्त 32 को नोटिस

रायपुर09 जुलाई 2015,  रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर में प्लॉट ले कर निर्माण नहीं करने वाले 26 आवंटितियों का आवंटन निरस्त करने के बाद अब आधा अधूरा निर्माण कर छोड़ देने वाले 32 आवंटितियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है. रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने आज स्वयं डॉ. खूबचंद बघेल ट्रासंपोर्टनगर में सभी आधे अधूरे निर्माण कर छोड़ देने वाले 32 भूखंडों का निरीक्षण किया और सहायक राजस्व अधिकारी को निर्देश दिया कि वे सभी को नोटिस जारी करें.
रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा ट्रांसपोर्टनगर में जिन लोगों को भूखंडों का आवंटन किया गया था उसमें पट्टे का अनुबंध विलेख की कंड़िका – 3 में इस बात का उल्लेख है कि पट्टा निष्पादन के तिथि से एक वर्ष के भीतर भूखंड पर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से संबंधी दुकान का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा.
चूंकि आवंटितियों ने एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य नहीं किया इसलिए यह कार्रवाई की जा रही है. जिन 32 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है उनमें आर. सिंग, नरेन्द्र समुद्रकर, प्रीतम दास नागवानी, अग्रसेन, सतेन्द्र गेरी, सनराईस बेरिंग एजेंसी, सुभाष अग्रवाल, अशोक दास, श्रीमती प्रिया बजाज, राजेश सखूजा, शशांक शेखर शर्मा, पवन जैन, अमित सिंह भाटिया, मनोज सिंग, विजय कुमार गुप्ता, शैलेष जायसवालराजेन्द्र दुबे
मेसर्स अभिषेक टायर, ओम ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन, के. नटराजन, राकेश शिवहरे एम. पी. बाम्बे ग्वालियर ट्रांसपोर्ट, सी. के. चौधरी मेसर्स पप्पू गुड्स ट्रांसपोर्ट, दलजीत सिंह, राजेश ट्रांसपोर्ट कंपनी, गोपाल राय, मुस्ताक अहमद, प्रकाश ट्रांसपोर्ट, अंकित पाठक, रायपुर मोटर इंजीनियरिंग वर्क्स दिनेश कुमार तमेर तथा श्रीमती मुस्कान संतवानी शामिल हैं.

Jul 6, 2015

रायपुर के लोगों की सोच विकासात्मक इसलिए शहर विकास का काम एक चुनौती – श्री संजय श्रीवास्तव

रायपुर06 जुलाई 2015, रायपुर विकास प्राधिकण में श्री संजय श्रीवास्तव ने आज अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल ली. पद संभालने के बाद प्राधिकरण परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रायपुर शहर का वर्तमान स्वरुप अब नए स्वरुप में बदलने की कवायद हो गया है. एक ओर जहां नया रायपुर बन रहा है वही पुराने शहर की भी अपनी अहमियत हैं. रायपुर शहर का
अपना एक मिजाज है लोग यहां सरल है इसलिए यह कहा जाता है कि सबले बढ़िया छत्तीसगढ़िया. यही नहीं रायपुर में रहने वालों की सोच भी आधुनिक और विकासात्मक सोच हैं इसलिए शहर विकास का काम करना अपने आप में एक चुनौती है. जिसे मैं एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा.

      पदभार ग्रहण करने के बाद श्री श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी शहर के विकास का दायित्व मिलना अपने आप में एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. छत्तीसगढ़ राज्य के बनने के बाद रायपुर का राजधानी बनना एक ऐतिहासिक प्रसंग है. इतिहासविदों की मान्यता के अनुसार वैसे तो रायपुर शहर का अस्तित्व काफी पहले का है पर लोगों का मानना है कि यह 14 वीं सदी में बसा था.  
नवनियुक्त अध्यक्ष ने कहा कि आज पूरे देश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी स्मार्ट सिटी की बात कर रहे हैं. यह कोई ऐसी वैसी कोई आम परिकल्पना नहीं है. चूंकि हमारे देश में शहर पूरी तरह से व्यवस्थित नहीं हैं इसलिए नई तकनीक के साथ विश्व स्तर पर बेहतर जीवन स्तर हासिल करने की बातें की जा रही है. छत्तीसगढ़ में हमारे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी और आवास एवं पर्यावरण श्री राजेश मूणत भी इसी दिशा में लगातार काम कर रहें हैं. इसी कारण छत्तीसगढ़ के शहरों में पहले से कही अधिक विकास हो रहा है. 
उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर को आगे ले जाने आरडीए ने पिछले 11 सालों में एक साथ कई कदम उठाएं है. इस दिशा में सिटी सेन्टर कम मल्टीप्लेक्स, वंडरलैंड रिक्रिएशन पार्क, छत्तीसगढ़ हॉट और 24 घंटे छत्तीसगढ़ की लोकधुन सुनाने वाली नगरघड़ी तो अपने आप में बेमिसाल है. कमल विहार जैसी नगर विकास योजना को विकसित कर रायपुर विकास प्राधिकरण ने एक नई मिसाल कायम की है. दरअसल कमल विहार योजना आधुनिक विकास की अवधारणा का रुप है. प्राधिकरण ने आवास और निवास के साथ व्यावसायिक, सामाजिक, मनोरंजन और पर्यावरण की दिशा में सालों से कई कार्य किए हैं.
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि विकास की अब जो जिम्मेदारी मुझे मिली है उसमें विकास के विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों की राय ले कर हम और बेहतरीन विकास और निर्माण का कार्य करेंगे. सीधी सच्ची बात यह है कि मैं सपनों की नहीं हकीकत की बातें कहना चाहता हूं कि रायपुर शहर के विकास में सबके साथ सबका विकास की बात होगी. रायपुर शहर का समुचित विकास हो इसके लिए हमारा यह नारा रहेगा कि विकास हमारा उद्देश्य और निर्माण हमारा लक्ष्य.
कार्यक्रम में उपस्थित आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने कहा कि रायपुर शहर के परिपेक्ष्य में कहा की कभी कभी विचार आता है कि नया रायपुर बन रहा है लेकिन फिर वहीं यह लगता है कि अपना रायपुर भी कही कम नहीं है. गत 11 सालों में रायपुर शहर में विकास के जो कार्य हुए हैं वह मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी की बड़ी सोच के कारण हुआ है. उन्होंने कहा कि कमल विहार के बारे कहने से अच्छा है कि आप वहां घूम कर आएं और यदि कमल विहार आपको अच्छा लगे तो संजय श्रीवास्तव जी को पत्र लिख कर जरूर बताएं.
इस अवसर पर उपस्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि प्रदेश में चल रहे विकास कार्य देखने के लिए देश  विदेश से लोगों का आना यह बताता है कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास कर रहा है.

पदभार ग्रहण समारोह में संगठन मंत्री ऱामप्रताप सिंह, सह मंत्री श्री पवन साय, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत, गह मंत्री श्री रामसेवक पैकरा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक, राज्य सभा सांसद श्री भूषण लाल जांगड़े, पूर्व मंत्री श्री ननकी राम कंवर, विधायक श्री श्रीचंद सुन्दरानी, नवीन मारकंडे,
श्री रोशनलाल अग्रवाल, श्री गिरधर गुप्ता, निगम मंडलों के नव नियुक्त अध्यक्षों में श्री शिवरतन शर्मा, श्री छगनलाल मूंदड़ा, श्री श्याम बैस, श्री देवजी पटेल, श्री भूपेन्द्र सवन्नी, श्री अशोक बजाज, श्री सुभाष राव, श्री सलीम अशरफी, श्रीमती सरला जैन, नीलू शर्मा, नगर निगम के सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा, श्री दिलीप सिंह होरा, श्री रमेश मोदी, श्री पुरन्दर मिश्रा, श्री प्रमोद भट्ट, श्री सच्चिदानंद उपासने, श्री अशोक पांडेय, श्री रसिक परमार, श्रीमती मीनल चौबे, महेन्द्र पंडित, गोवर्धन खंडेलवाल, श्री दीपक महस्के श्री संजु नारायण ठाकुर शोभा सोनी, श्री सुभाष तिवारी, सूर्यकांत राठौर, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे, अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग, प्राधिकरण कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री धर्मेन्द सिंह सेंगर, सचिव श्री अब्दुल आरिफ सहित कई नागरिक उपस्थित थे.

Jul 5, 2015

आरडीए के नए अध्यक्ष आज से संभालेंगे शहर के विकास और निर्माण का कामकाज

रायपुर 05 जून 2015, एप्लाईड जियोलाजी में एम. टेक की ड्रिग्री, बिजनेस व पर्सनल मैंनेजमैंट में डिप्लोमा और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक के उपरांत नगर निगम में सभापति रह चुके श्री संजय श्रीवास्तव कल से रायपुर विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष का कामकाज संभालेंगे. प्राधिकरण कार्यालय परिसर में दोपहर 3 बजे वे निवर्तमान अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज से यह जिम्मेदारी लेंगे. 

उल्लेखनीय है कि रायपुर विकास प्राधिकरण मुख्यतः विकास और निर्माण करने वाले एक ऐसी संस्था है जो 1963 से लगातार विकास का कार्य कर रही है. छत्तीसगढ़ शासन व्दारा नियुक्त किए गए श्री संजय श्रीवास्तव ने 1989 में रायपुर इंजीनियरिंग कालेज से एप्लाईड जियोलाजी में एम.टेक की स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की. उसके बाद उन्होंने बिजनेस मैनेजमैंट और पर्सनल मैंनेजमैंट में डिप्लोमा और पत्रकारिता में स्नातक पाठ्यक्रम भी किया है. वे वर्तमान में रायपुर जिला हाकी संघ के अध्यक्ष भी हैं. 


Jul 4, 2015

आरडीए के नए अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव 6 जुलाई को संभालेंगे पदभार

रायपुर04 जुलाई 2015, राज्य शासन व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव सोमवार 6 जुलाई दोपहर 3 बजे अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालेंगे. इस संबंध में प्राधिकरण कार्यालय व्दारा तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है. छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश 1975 के नियम 17 के अंतर्गत श्री श्रीवास्तव की पदावधि चार वर्षों के लिए है. श्री श्रीवास्तव के रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री एस. एस. बजाज (भा.व.से.) अध्यक्ष रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यभार से मुक्त होंगे. 

Big Residential Plots for Multi Storied Flats & Group Housing Scheme


Now Big Residential Plots are available for Builders, Real Estate Developers to construct Multi storied Flats and Group Housing scheme at Kamal Vihar Scheme Raipur.

Jul 1, 2015

रायपुर विकास प्राधिकरण के नए अध्यक्ष - श्री संजय श्रीवास्तव

ww Shri Sanjay Shrivastva a New Chairman of RDA
Shri Sanjay Shrivastva is now new Chairman of Raipur Development Authority as announced by CG Government today. He was earliear Speaker of Municipal Corporation of Raipur.

ww श्री संजय श्रीवास्तव रायपुर विकास प्राधिकरण के नए अध्यक्ष
 - छत्तीसगढ़ शासन ने श्री संजय श्रीवास्तव को रायपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है. वे पहले नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति रह चुके हैं.

Jun 25, 2015

कमल विहार में बड़े प्लॉट अब 36 किस्तों में

एससीजेड - रायपुरा में भूखंडों के पुनर्गठन के लिए विधिक राय ली जाएगी
अनियमित आकार के भूखंड में बैटर लोकेशन चार्ज नहीं
रायपुर26 जून 2015, कमल विहार योजना में फ्लैट्स व स्वतंत्र आवास बनाने के लिए आवासीय भूखंड अब 36 मासिक किस्तों में विक्रय किए जाएंगे. योजना में व्यवसायिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक, सार्वजनिक
व अर्ध्द सार्वजनिक उपयोग के बड़े भूखंडों का आवंटन भी 36 मासिक किस्तों में किया जाएगा. रायपुर
विकास प्राधिकरण के संचालक मंडल की बैठक में आज अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज की अध्यक्षता और सदस्य सचिव और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे की उपस्थिति में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया.  

कमल विहार में बड़े भूखंड अब 36 मासिक किस्तों में
संचालक मंडल ने कमल विहार में आवासीय के 5 हजार वर्गफुट से अधिक बड़े आकार के तथा व्यावसायिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक, सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक उपयोग के 10 हजार वर्गफुट से अधिक बड़े आकार के भूखंडों का आवंटन 36 मासिक किस्तों में करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए आवेदन के साथ 10 प्रतिशत की पंजीयन राशि तथा आवंटन की स्वीकृति की तिथि से एक माह के भीतर 15 प्रतिशत राशि देय होगी. शेष 75 प्रतिशत राशि 36 माह में देय होगी किन्तु अंतिम 12 किस्तों पर प्रति दिन (प्रो राटा बेसिस) के आधार पर 12 प्रतिशत ब्याज का भुगतान आवंटिति को करना होगा. किस्तों का निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर 15 प्रतिशत सरचार्ज राशि अलग से देय होगी.
कमल विहार में प्लॉट नहीं लेने वालों को वापस होगी 70% राशि 
पूर्व में 30 मार्च 2015 को प्राधिकरण संचालक मंडल ने यह निर्णय लिया था कि कमल विहार में आवंटन के पश्चात किन्तु प्रथम किस्त राशि देय होने के पहले पंजीयन राशि वापस लेने वाले आवंटितियों को 20 प्रतिशत राशि की कटौती कर शेष 80 प्रतिशत राशि का भुगतान कर दिया जाए.  इस निर्णय के बाद 30 मार्च के पहले जिन लोगों व्दारा पंजीयन राशि की वापसी की मांग की गई थी उनके मामले में संचालक मंडल ने निर्णय लिया कि ऐसे आवेदकों को 30 प्रतिशत राशि की कटौती कर 70 प्रतिशत राशि का भुगतान कर दिया जाए. इस संबंध में कुछ समय पूर्व प्राधिकरण ने 51 आवंटितियों को नोटिस भेज कर किस्त राशि का भुगतान नहीं करने पर आवंटन निरस्त करने की सूचना दी थी. नोटिस के बाद 4 आवंटितियों ने तो राशि जमा करने में रुचि दिखाई शेष 47 लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया. ऐसे आवंटितों को आवेदन करने पर 30 प्रतिशत राशि की कटौती कर 70 प्रतिशत राशि वापस कर दी जाएगी.   
लाटरी में मिले अनियमित आकार के भूखंड में बैटर लोकेशन चार्ज नहीं
एक अन्य निर्णय में संचालक मंडल ने ऐसे आवंटितियों को राहत दी है जिन्हें लाटरी में नियमित के बदले विशिष्ट आकार के भूखंडों का आवंटन हुआ है. अनियमित आकार होने के कारण कई ऐसे भूखंडों के आवंटितियो को उनके अनुरोध पर नियमित आकार का भूखंड दिया है. किन्तु वर्तमान में प्राधिकरण के पास 650 वर्गफुट से 3600 आकार के रिक्त भूखंड उपलब्ध नहीं हैं कि उन्हें आवंटितों की मांग पर वैकल्पिक भूखंड आवंटित किया जा सके. प्राधिकरण व्दारा विशिष्ट आकार के भूखंडों के आवंटन पर किसी प्रकार का कोई रायडर या बैटर लोकेशन चार्ज नहीं लगाया था. इसलिए अनियमित आकार के भूखंडों के आवंटन पर किसी भी प्रकार का रायडर या बैटर लोकेशन चार्ज नहीं लिया जाएगा. किन्तु विशिष्ट आकार के भूखंडधारियों को फ्रीहोल्ड भूखंड के लिए  रुपए 1651 प्रति वर्गफुट की दर से राशि देना होगा.  
एससीजेड - रायपुरा में भूखंडों के पुनर्गठन के लिए विधिक राय
संचालक मंडल ने एक अन्य निर्णय में रायपुरा में विकसित होने वाले विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र (स्पेशल कमर्शियल जोन - SCZ) हेतु योजना क्षेत्र में निर्माण कर निर्मित क्षेत्र भूमि स्वामियों को आवंटित करने के बदले अब योजना को पुनर्गठित विकसित भूखंडों के आधार पर ही विकसित करने का निर्णय लिया गया है. इस संबंध में प्राधिकरण व्दारा विधिक राय ले कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. 
संचालक मंडल की बैठक में अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, सीईओ श्री एम. डी. कावरे, वित्त विभाग के संयुक्त संचालक श्री एस. के. चक्रवर्ती, आवास एवं पर्यावरण विभाग के अवर सचिव श्री जी. एल. सॉकला, उप वन संरक्षक ङी विनोद मिश्रा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अधीक्षण अभियंता श्री आर. के. चौबे, छत्तीसगढ़ राज्य विदुयत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता श्री पी. के. खरे, उपायुक्त नगर पालिक निगम श्री विनोद पांडे सदस्य के रुप में उपस्थित थे.   

Jun 23, 2015

कमल विहार में प्लॉट खरीदने के लिए बैंकों के साथ लोन मेला लगाएगा आरडीए


रायपुर23 जून 2015, कमल विहार योजना में भूखंड खरीदने के लिए नागरिकों को ऋण सुविधा उपब्ध कराने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण विभिन्न बैंकों के साथ मिल कर एक लोन मेला आयोजित करने जा रहा है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के अनुसार प्राधिकरण कार्यालय परिसर में 10 जुलाई से तीन दिवसीय लोन मेला का आयोजन होगा. 10 से 12 जुलाई 2015 तक होने वाले इस मेले में प्राधिकरण कई राष्ट्रीयकृत एवं निजी क्षेत्र के बैंकों को आमंत्रित कर रहा है. लोन मेला के दौरान प्राधिकरण कार्यालय परिसर में कमल विहार योजना से संबंधित विभिन्न तकनीकी व विकास संबंधित जानकारियों भी प्रदर्शित की जाएंगी.  
प्राधिकरण लोन मेला में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, कारपोर्रेशन बैंक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, एचडीएफसी कारपोरेशन लिमिटेड, भारतीय जीवन बीमा निगम सहित अन्य कई बैंकों से संपर्क कर रहा है ताकि वे कमल विहार के आंवटितियों को भूखंड व भवन निर्माण के लिए ऋण दे सकें.  

उल्लेखनीय है कि बैंक भवन बनाने के लिए तो ऋण उपलब्ध कराते हैं किन्तु वे भूखंड के लिए सीधे ऋण उपलब्ध नहीं कराते हैं. चूंकि कमल विहार राज्य शासन और रायपुर विकास प्राधिकरण की एक ऐसी योजना है जो कानूनी रुप से पूर्णतः वैध है तथा जो नगर तथा ग्राम निवेश के सभी नियमों का पालन कर बनाई गई है. अत ऐसी स्थिति में योजना में ऋण लेने में किसी भी प्रकार की कोई कानूनी अड़चन नहीं है. यदि कोई ऐसी अड़चन हो तो ऐसी दिक्कते लोन मेला में दूर की जाएंगी. 

Jun 16, 2015

कमल विहार में भूखंडों का स्थल पर कब्जा देना शुरु

रायपुर16 जून 2015, कमल विहार योजना में भूमि स्वामियों को आवंटित किए गए विकसित भूखंडों का कब्जा देने के लिए एक विशेष कैंप आज से रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में शुरु किया गया. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के निर्देश पर मूल भूमि स्वामी जिन्हें विकसित भूखंड आवंटित किए गए हैं उनके साथ प्राधिकरण निश्चयात्मक अनुबंध कर भूखंडों का आवंटन कर रहा है. 
दो सप्ताह पहले तक 1834 भूमि स्वामियों को विकसित भूखंड आवंटित किए जा चुके थे. उसके बाद जिन भूमि स्वामियों ने विकसित भूखंड नहीं लिए हैं उन्हें भी आमंत्रित कर भूखंडों का आवंटन तथा कब्जा देने की कार्रवाई की जा रही है. भूखंड आवंटन के साथ ही अब स्थल पर कब्जा देने के लिए भी कमल विहार स्थल कार्यालय में इंजीनियरों को भी तैनात किया गया है. कमल विहार में स्थल पर भूखंडों का कब्जा लेने के बाद आवंटिती वहां अपने भवनों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर सकेंगे.

Jun 15, 2015

Opportunities Don’t Come Again & Again

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Jun 14, 2015

दो साल की किश्तों में इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में मिलेंगे प्लॉट

विकसित प्लॉटों की ब्रिकी शुरु
अंतिम तिथि के बाद बचे भूखंडों का आवंटन अब हर गुरुवार को होगा
रायपुर, 14 जून 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा योजना में दो सालों की अवधि में किश्तों में प्लॉट लेने की सुविधा उपलब्ध कराई है. सीईओ श्री एम. डी. कावरे ने बताया कि आवासीय भूखंडों के विक्रय की दर निर्धारण करने के बाद आवासीय के साथ ही व्यवसायिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक, आवास सह व्यवसाय के लिए मिश्रित उपयोग के लिए कुल 58 भूखंडों के लिए नागरिकों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं. पंजीयन और आवंटन तक आवंटिति को 25 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा. अंतिम किश्त को छोड़ कर प्लॉट की 75 प्रतिशत राशि को दो साल में किश्तों में भुगतान करने की सुविधा दी जा रही है.  
आरडीए के सीईओ ने कल मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया के साथ इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना का निरीक्षण कर सड़कों और भूमिगत अधोसंरचना के अन्तर्गत पानी, बिजली, सीवर, दूरसंचार के भूमिगत केबल बिछाने के कार्यों का अवलोकन किया. उन्होंनें योजना के सभी इंजीनियर्स से कार्य और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता तथा समयबध्द कार्य को सुनिश्चित करने पर जोर दिया. श्री कावरे ने साईट इंजीनियर्स से कहा कि वे विक्रय किए जा रहे सभी भूखंड़ों के नंबर व दिशा दर्शाने वाले सीमेंट के पोल लगाएं ताकि स्थल पर भूखंड देखने आने वाले लोगों को सुविधा हो.
श्री कावरे ने आगे बताया कि नगर विकास योजना कमल विहार के साथ ही अब इन्द्रप्रस्थ - रायपुरा की नगर विकास योजना में निर्माण कार्य तेजी लाई गई है. इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा के फेज 2 में प्राधिकरण ने आवासीय के 35 भूखंड, व्यवासायिक के 4, आवासीय सह व्यवसाय के लिए मिश्रित के 15, स्वास्थ्य के लिए 2 और शैक्षणिक प्रयोजन के लिए 2, इस तरह से कुल 58 भूखंडों के लिए आवेदन पत्र प्राधिकरण कार्यालय में लिए जा रहे हैं. इच्छुक व्यक्ति 25 जून तक प्राधिकरण कार्यालय में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं. आवासीय भूखंडों के लिए प्लॉट का आवंटन लॉटरी से किया जाएगा तथा अन्य सभी भूखंडों का आवंटन निविदा के माध्यम से किया जाएगा. श्री कावरे के अनुसार भूखंडों के आवेदन की अंतिम तिथि 25 जून है. यदि इसके बाद भी भूखंड शेष रह जाते हैं तो हर गुरुवार तक प्राप्त आवेदनों के आधार पर लाटरी व निविदा के माध्यम से भूखंड का आवंटन जारी रहेगा.  

इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में आवासीय प्लॉटस में 786 वर्गफुट से 4081 वर्गफुट तक, व्यावसायिक में 4843 से 10765 वर्गफुट तक, मिश्रित (आवासीय सह व्यवसायिक) में 1361 वर्गफुट से 3914 वर्गफुट तक स्वास्थ्य में 7856 वर्गफुट से 7885 वर्गफुट तक, शैक्षणिक में 13403 वर्गफुट से 90281 वर्गफुट तक के प्लॉटस उपलब्ध हैं.