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Feb 7, 2015

Areal view of Kamal Vihar



Areal view of Kamal Vihar Sector 2, 4 and Sector 5. It had taken few months back by a Photographer through Helicopter. Development and Construction at Kamal Vihar is going on Full Swing. This area is now fully changed now and it is empressed the people who came here to see the One of the Largest Town Development Scheme of India. 





















ऊपर से ऐसा दिखता है कमल विहार
कुछ महीने पहले हेलीकाप्टर से ली गई यह तस्वीर

Feb 1, 2015

All Types of Plots are Available at Kamal Vihar

*** Small Plots are also Available at Kamal Vihar ***
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RDA's New Advertisment For the Sale of Small and Big sized Residential Plots are available at Kamal Vihar. Here plots for Commercial, Public & Semi Public, Health & Educational Purpose Plots are also available. Downlodable Forms,Terms & Conditions are also available at RDA's Website : www.rdaraipur.com 


For General Inquiry please 
Contact to RDA Officers 
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07773099888,0771-2535188.





Jan 31, 2015

// इंद्रप्रस्थ फेज 2 में शीघ्र ही मिलेंगे प्लॉट्स //

      जल्द ही पूरे आकार में दिखेगी नगर विकास योजना - 1
     ऑफसेट दरों को संचालक मंडल की स्वीकृति
रायपुर 31 जनवरी 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना -1 इन्द्रप्रस्थ रायपुरा जल्द ही अपना पूरा आकार ले लेगी. योजना के अन्तर्गत इन्द्रप्रस्थ फेज 2 का मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व्दारा गत 30 अक्टूबर को भूमि पूजन किया गया था. उसके बाद 130 एकड़ में लगभग 115 करोड़ रुपए की लागत से इन्द्रप्रस्थ फेज 2 में अधोसंरचना विकास का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. इस हेतु प्राधिकरण ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से 75 करोड़ रुपए का ऋण लिया है. प्राधिकरण व्दारा शीघ्र ही योजना में विभिन्न उपयोग एवं प्रकार के 271 भूखंडों का विक्रय शुरु किया जाएगा.
रायपुर विकास प्राधिकरण संचालक मंडल की कल हुई वर्ष की पहली बैठक में इन्द्रप्रस्थ फेज 2 के आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य तथा मिश्रित उपयोग के भूखंडों के ऑफसेट दरों को स्वीकृति दी. आवासीय भूखंडों की अंतिम दरों का निर्धारण कुछ सैम्पल प्लॉटों की निविदा कर औसत दर के आधार तय किया जाएगा. जबकि अन्य सभी भूखंड निविदा के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे. प्राधिकरण संचालक मंडल की कल कार्यालय में अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज की अध्यक्षता व सदस्य सचिव और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया की उपस्थिति में हुई बैठक कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

संचालक मंडल व्दारा इन्द्रप्रस्थ फेज 2 हेतु तय की गई ऑफसेट दरों में इन्द्रप्रस्थ फेज 2 में आवासीय के लिए रुपए 1480 प्रति वर्गफुट, व्यावसायिक के लिए रुपए 2072 प्रति वर्गफुट, शैक्षणिक के लिए रुपए 370 प्रति वर्गफुट, स्वास्थ्य के लिए रुपए 1184 प्रति वर्गफुट तथा मिश्रित उपयोग के भूखंडों में रिंग रोड से लगे भूखंडों के लिए रुपए 3034 प्रति वर्गफुट तथा रिंग रोड से अंदर के भूखंडों के लिए रुपए 2072 प्रति वर्गफुट तय की गई है.

कमल विहार के प्लॉट बेचने आरडीए ने नियुक्त किए एजेंट
संचालक मंडल की बैठक में श्री कटारिया ने बताया गया कि कमल विहार के भूखंडों को विक्रय करने के लिए प्राधिकरण ने पांच एजेंटों की नियुक्ति कर दी है और शीघ्र ही और 5 नए एजेंटों की नियुक्ति की जाएगी. प्राधिकरण में नियुक्त किए गए एजेंटों में श्री मजीत सिंह भामरा, श्री भोजराज साहू, शशांक सिंह, चन्द्रकांत बावरिया और राजेश गिदवानी शामिल हैं. सभी एजेंटों का कार्य प्राधिकरण व्दारा नियत किए गए भूखंडों का ही विक्रय करना होगा. एजेंटों को प्राधिकरण व्दारा विक्रय किए जाने वाले भूखंडों से प्राप्त होने वाली राशि का एक प्रतिशत कमीशन के रुप में पारिश्रमिक के रुप में दिए जाएगा. एजेंटों के अतिरिक्त प्राधिकरण अपने स्तर पर तथा सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सहायता से भी विभिन्न आकार तथा प्रकार के भूखंडों का विक्रय कर रहा है.

सगे संबंधियों को सह आवंटिती व पंजीयन के पहले परिवर्तित हो सकेगा नाम
कमल विहार के भूखंड आवंटन के संबंध में प्राधिकण के संचालक मंडल ने आवंटितियों को एक बड़ी सहूलियत प्रदान की है. इसमें आवंटतियों के नाम के साथ सगे संबंधियों जिनमें पिता, माता, पुत्र, पुत्री, पति, पत्नी, भाई तथा बहन को सह आवंटिती के रुप में जोड़ा जा सकता है अथवा इनके नाम पर आवंटित भूखंड को पंजीयन के पूर्व सगे संबंधियों के नाम पर परिवर्तन किया जा सकेगा.

खाली भूखंड उपब्ध होने पर आजू – बाजू मिलेगा प्लॉट
परिवार के सदस्यों को लाटरी व्दारा आवंटन प्रक्रिया के दौरान अलग – अलग स्थानों पर भूखंड आवंटित होता है तो उनके आवेदन दिए जाने पर खाली भूखंड़ की उपलब्धता के आधार पर एक साथ अगल – बगल में भूखंड आवंटित किया जाकेगा.

एक सेक्टर के भूखंडों की अदला बदली पर शुल्क 10 हजार
यदि दो आवंटितियों व्दारा एक ही सेक्टर में लाटरी से आवंटित भूखंड़ो को आपस में विनिमय की मांग की जाती है तो ऐसे विनिमय दोनों आवंटितियों से दस – दस हजार रुपए का शुल्क लेकर किया जाएगा.

लाटरी में मिले दो भूखंडों में से एक को रखने की सुविधा
यदि एक व्यक्ति को लाटरी में अलग – अलग समय पर यदि 2 भूखंड प्राप्त हो गए हो तो आवंटिती जिस भूखंड को लेना चाहे उसे दिया जाकता है, किन्तु दूसरे उसे भूखंड की पंजीयन वापस नहीं होगी वरन लिए जा रहे भूखंड की राशि में समायोजित हो जाएगी तथा शेष राशि एकमुश्त जमा करनी होगी.

अतिरिक्त निर्माण का नाप - जोख नहीं
नगर निगम को हस्तांतरित हो चुकी रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं में स्थित भवन या भूखंड के हस्तांतरण, नामांतरण, फ्रीहोल्ड व पट्टा नवीनीकरण सहित अन्य प्रयोजनों हेतु अतिरिक्त निर्माण के संबंध में अब प्राधिकरण व्दारा नाप जोख नहीं किया जाएगा.

गैसीय शवदाह गृह नगर निगम को हस्तांतरित होगा
संचालक मंडल ने मारवाड़ी शमशान स्थित गैस से चलने वाले शवदाह गृह के संचालन का कार्य अब नगर पालिक निगम रायपुर को हस्तांतरित करने का निर्णय किया है. पहले प्राधिकरण ने इसके संचालन की जिम्मेदारी बढ़ते कदम को दिया था.

बहुमंजिलीय भवनों में जल आपूर्ति नगर निगम की दरों पर
इसके अतिरिक्त प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में बहुमंजिलीय आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों में नगर निगम में प्रचलित दरों के आधार पर जल आपूर्ति करने का निर्णय लिया है जो फरवरी 2015 से लागू होगा.


संचालक की बैठक में अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, सदस्य सचिव व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, वित्त विभाग के संयुक्त सचिव श्री सी.जे. खत्री, आवास एवं पर्यावरण विभाग के अवर सचिव श्री जी.एल. सॉखला, नगर तथा ग्राम निवेश के संयुक्त संचालक श्री संदीप बागड़े, उप वन संरक्षक श्री विनोद मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी से कार्यपालन अभियंता श्री ए. एन. दुबे, अपर आयुक्त नगर पालिक निगम श्री जे.आर.सोनी, रायपुर के डिप्टी कलेक्टर श्री आर. बी. देवांगन तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यपालन अभियंता श्री संजीव ब्रिजपुरिया संचालक सदस्य प्रतिनिधि के रुप में तथा प्राधिकरण के अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल भी उपस्थित थे.

Jan 29, 2015

कमल विहार देश भर में एक नई और अनूठी योजना - श्री दिवाकर

सेन्ट्रल बैंक के ईडी का कमल विहार दौरा


रायपुर 29 जनवरी 2015, मुंबई मुख्यालय से आए सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक्जीक्यूटिव्ह डायरेक्टर श्री दिवाकर ने कमल विहार योजना को पूरे देश भर में एक नई और अनूठी योजना बताया है. उन्होंने कहा कि हडको अवार्ड मिलना तथा स्थल पर किया गया कार्य भी काफी उत्कृष्ठ है. श्री दिवाकर ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री अमित कटारिया के साथ कमल विहार के विकास कार्यों का जायजा लिया. योजना को समझने के बाद अंत में उन्होंने कहा – कमल विहार इज वेरी गुड
प्राधिकरण के सीईओ श्री कटारिया ने स्थल निरीक्षण के दौरान सेन्ट्रल बैंक के एक्जीक्यूटिव्ह डायरेक्टर को बताया कि इस योजना में भूमि अर्जन की एक बेहतर नीति अर्थात लैंड पूलिंग पॉलिसी के कारण यह योजना जल्द ही सफल हुई है. जनभागीदारी के कारण योजना में शामिल किए गए मूल भूमि स्वामियों की उनकी अविकसित भूमि के बदले 35 से 58 प्रतिशत तक के विकसित भूखंड आवंटित किए गए हैं. श्री कटारिया ने अधोसंरचना विकास के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन व रायपुर विकास प्राधिकरण ने भविष्य को देखते हुए एक बहुत ही अच्छी योजना बनाई है जिसमें गुणवत्ता के साथ कार्य किया गया है. योजना में 155 उद्यान एवं 28 प्रतिशत क्षेत्र हरियाली के लिए सुरक्षित रखा गया है.
आरडीए के सीईओ ने कहा कि 647 हेक्टेयर भूमि पर विकसित इस योजना में 128 हेक्टेयर शासकीय भूमि है जिसमें से 60 हेक्टेयर पर तालाब है. श्री कटारिया ने आगे बताया कि इतनी बड़ी योजना के विकास और निर्माण के दौरान कई प्रकार की समस्याएं सामने आई जिसका हमने समय – समय पर बड़े ही सुचारू ढ़ंग से समाधान किया. उन्होनें कहा कि कमल विहार के निर्माण का कार्य जानी मानी कंपनी लार्सन एंड ट्रूबो व्दारा किया जा रहा है.
      कमल विहार भ्रमण के दौरान सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया रायपुर के जनरल मैनेजर श्री सोमदीप
दास गुप्ता, क्षेत्रीय प्रबंधक श्री के. शिवानंद, प्राधिकरण के अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य, सहायक अभियंता श्री राजीव अग्रवाल, श्री एम.एस. पांडे, प्राधिकरण के वित्तीय सलाहकार श्री बंकिम शुक्ला, कमल विहार योजना के सलाहकार बिल्ट क्रॉफ्ट के श्री जाकिर खान, ली एसोसियेट के श्री मुस्तफा अहमद उपस्थित थे.

Jan 26, 2015

गुणवत्ता के काम से आरडीए की साख बनी - श्री कटारिया


रायपुर 26 जनवरी 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज प्राधिकरण के न्यू राजेन्द्रनगर के कार्यालय में राष्ट्रीय
ध्वज तिरंगा फहराया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस एक औपचारिक दिवस ही नहीं वरन यह सोचने का भी है कि हम कैसे अपने कार्यों के माध्यम से आम लोगों का दिल जीत सकते हैं.
श्री कटारिया ने आगे कहा कि किसी भी संस्था की साख उसके काम करने वाले लोगों के अच्छे कार्यों से जानी जाती है. इस संस्था में अच्छे कार्य करने वाले लोग है और संस्था ने विकास और निर्माण में गुणवत्ता के साथ काम किया है इसलिए इस संस्था की अपनी एक साख और लोगों का भरोसा कायम है. उन्होंने कहा कि रायपुर विकास प्राधिकरण को और कई बड़ी – बड़ी जनहित की योजनाओं पर निरंतर काम करना है. इसलिए संस्था के सभी लोगों को ईमानदारी और समर्पण भाव के साथ काम करना होगा. आरडीए के सीईओ ने यह भी कहा कि हम सब को इस बात का भी ध्यान रखना है कि हमने अपनी संस्था और शहर को क्या दिया.



Jan 19, 2015

|| यू.एस. अग्रवाल आरडीए के नए एडिशनल सीईओ ||

रायपुर विकास प्राधिकरण में गत दिनों अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री यू.एस. अग्रवाल ने कार्यभार ग्रहण किया है. वे नया रायपुर डेव्हलेपमेंट अथॉरिटी में प्रबंधक (पुर्नवास व प्रशासन) भी है. श्री अग्रवाल मूलतः छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के डिप्टी कलेक्टर हैं.


Jan 18, 2015

// कमल विहार में अब प्लॉटों आवंटन हर हफ्ते //



विश्व स्तरीय नगर विकास योजना कमल विहार में आवासीय भूखंडों की लाटरी से आवंटन अब हर शुक्रवार को किया जाएगा.

व्यावसायिक, सार्वजनिक - अर्ध्द सार्वजनिक, स्वास्थ्य तथा शैक्षणिक प्रयोजन के प्लॉटों के आवंटन के लिए निविदाएं (टेन्डर्स) के हर शुक्रवार को खोली जाएगी. आवेदन पत्र, निविदा प्रपत्र तथा विस्तृत नियम एवं शर्तें रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय सहित वेबसाइट www.rdaraipur.com पर उपलब्ध है.

उल्लेखनीय है कि कमल विहार योजना देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक है. 1600 एकड़ और 15 सेक्टरों में फैली यह योजना मुख्य रुप से प्लॉटों के पुनर्गठन की योजना है जिसमें मूल भूमि स्वामियों को उनकी अविकसित भूमि के बदले विकसित भूखंड बिना किसी शुल्क के दिए गए हैं.  
देश के कई शहरों के नागरिकों के साथ ही कई अप्रवासी भारतीयों ने भी कमल विहार में भूखंड लिए हैं. कमल विहार को इसकी लेआऊट डिजाईनिंग के लिए राष्ट्रीय स्तर का सम्मान भी प्राप्त हुआ है. योजना में विश्व स्तरीय अधोसंरचना सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. कमल विहार की योजना तथा इसके क्रियान्वयन को देखने -समझने के लिए देश - विदेश के कई प्रतिनिधि मंडल रायपुर आ चुके हैं.  

Jan 17, 2015


|| Kamal Vihar attracts NRI's ||

Kamal Vihar, a World Class Town Development Scheme now developing at Capital City of Chhattisgarh i;e RAIPUR now getting fame in the International Circuit. As a Result so far NRI’s from Hongkong, USA, Belgium, UAE, Oman has invested here for Residential Plots. 

As a matter of fact, It’s an attraction of Kamal Vihar and generous support by RDA Officials which, propelled Captain Suk Pal, Resident of Dehradun (Uttranchal). He felt Proud and Satisfied by being a Plot Owner of Kamal Vihar. Today he came to RDA office with his wife and Son In Law (Architect). Captain Suk Pal is presently working with Singapore based Merchant Navy firm as a Master.
                                                || Kamal Vihar Site Office ||
It is a Kamal Vihar Site Office. People who wants to see the Plots,its Location & Sectors can Contact to the Engineers of RDA. Their Contact nos are 9302809139, 9302809141, 9302809113.
For General information Contact 7772099888,7773099888, 9302809111, 07712535188.

Dec 27, 2014

Dec 24, 2014

Dec 15, 2014

Dec 13, 2014

Dec 5, 2014

कमल विहार का लोकार्पण 25 जनवरी 2015 को – श्री राजेश मूणत

हर सेक्टर में लगेंगे जानकारी देने वाले होर्डिंग्स
मध्‍यम आय वर्ग के लिए आवास का प्रस्‍ताव तैयार के निर्देश

रायपुर 05 दिसंबर 2014. कमल विहार योजना के चार सेक्टरों का लोकार्पण 25 जनवरी 2015 को मुख्‍यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हाथों होगा. आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने आज रायपुर विकास
प्राधिकरण की कमल विहार योजना के अवलोकन के दौरान उक्‍त घोषणा की. श्री मूणत ने कहा कि लोकार्पण के पहले सेक्‍टर 4, 5 6, 7 के अधोसंरचना विकास का सभी कार्य पूरा कर लिया जाए. उन्‍होंने प्राधिकरण के अधिकारियों से कमल विहार के चारों दिशाओं में भव्‍य एवं आकर्षक प्रवेश व्‍दार बनाए जाने का कार्य शीघ्रता से पूर्ण करने को कहा. श्री मूणत ने कमल विहार के भूखंडों पर नागरिकों के लिए मध्‍यम आय वर्ग के लिए फ्लैट्स, आवास और डुप्‍लेक्‍स बनाने की संभावनाओं पर विचार कर प्रस्‍ताव तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया.
श्री मूणत ने आज देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक कमल विहार योजना के कई सेक्‍टरों का आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री संजय शुक्‍ला, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्‍यक्ष श्री एस.एस. बजाज, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के साथ निरीक्षण कर विकास कार्यों का
जायजा लिया. उन्होंने कहा कि कमल विहार के सभी 15 सेक्‍टरों की तैयार की गई कार्ययोजना के अनुसार हर एक सेक्‍टर के कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा प्राधिकरण स्‍तर पर की जाए. यदि इसमें किसी अन्‍य विभाग के साथ समन्‍वय की आवश्‍यकता हो तो इस बात से उन्‍हें सीधे अवगत कराए जाए ताकि कार्य में तेजी लाई जा सके.

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने धमतरी राष्‍ट्रीय राजमार्ग से कमल विहार और फुण्‍डहर जाने वाले मार्ग के चौक को राष्‍ट्रीय राजमार्ग के मापदण्‍डों के अनुसार चौड़ा करने के भी निर्देश देते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग तथा रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी एक साथ बैठकर इसकी डिजाईन 10 दिसंबर तक पूर्ण कर उसका प्रस्‍ताव उन्‍हें दिखाएं. श्री मूणत ने प्राधिकरण के अधिकारियों से कहा कि वे नगर विकास की इतनी बड़ी योजना विकसित कर रहे हैं तो उन्‍हें भूखंडधारियों, आवंटितियों तथा यहां आने वाले लोगों की जानकारी के लिए बड़े होर्डिंग्‍स लगाना चाहिए ताकि किसी को भूखंड तक पहुंचने में कोई तकलीफ न हो. इन होर्डिंग्‍स पर कमल विहार का मानचित्र हो तथा यहां दी जाने वाली विभिन्‍न सुविधाओं का उल्‍लेख भी किया जाए. 
श्री मूणत ने चर्चा के दौरान अधिकारियों से यह  कि देश के बड़े अन्‍य शहरों में विकास और निर्माण के जो कार्य हो रहे हैं उसके मुकाबले हमारा काम उससे बेहतर है. इस अवसर पर प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग, कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, प्रोजेक्ट मैंनेजमैंट कंसलटेंट वैपकॉस, लार्सन एंड टूर्बो के प्रतिनिधि उपस्थित थे.  

Dec 3, 2014

Nov 28, 2014

अवैध प्लाटिंग कर सड़क की भूमि के बदले प्लॉट मांगने वालों को कमल विहार में नहीं मिलेंगे भूखंड

नामांतरण के बाद नियमित रुप से हो रहा विकसित भूखंडों का आवंटन
 रायपुर 28 नवंबर 2014, कमल विहार योजना में रायपुर विकास प्राधिकरण उन भूस्वामियों को विकसित भूखंडों का आवंटन नहीं करेगा जिन्होंने अवैध रुप से प्लॉटिंग कर सड़क अथवा रास्ते कि लिए छोड़ी गई भूमि के बदले विकसित भूखंडों की मांग की हैं. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने ऐसे अवैध प्लॉटिंग करने वाले सभी लोगों की सूची आयुक्त नगर निगम को भेजी है. इन सभी के विरुध्द कालोनाईजर एक्ट के उल्लंघन करने के कारण एफआईआर दर्ज कराते हुए कार्रवाई की जाएगी.
अवैध प्लॉटिंग कर किया शर्तों का उल्लंघन
श्री कटारिया ने कहा है कि भले ही अवैध प्लाटिंग करने वाले भूमि स्वामियों से प्राधिकरण के साथ अपना पहला अनुबंध कर लिया है. पर उन्हें अनुबंध की शर्त के उल्लघंन के कारण विकसित भूखंड नहीं दिया जाएगा. जिनके साथ पहला अनुबंध किया गया है उस अनुबंध की शर्त क्रमांक 4 में स्पष्ट रुप से इस बात का उल्लेख है कि " भूमि स्वामी यह भी आश्वासित एवं घोषित करता है कि उक्त भूमि अवैध भूखंडों की श्रेणी में नहीं आती एवं योजना क्षेत्र के अंतर्गत अनाधिकृत व्यक्तियों के व्दारा की गई अवैध रुप से प्लॉटिंग के बाद उनके व्दारा रोड, गार्डन इत्यादि के मद में छोड़ी गई भूमि के श्रेणी में भी नहीं आता है. इसलिए वह अपनी भूमि के अर्जन के प्रतिफल में पुनर्गठित विकसित भूखंड का हकदार है. " इस कारण ऐसे लोगों को विकसित भूखंड देने का सवाल ही नहीं उठता वरन ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.  
हाईकोर्ट से भी याचिका खारिज हुई
छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 50 के अंतर्गत गठित समिति व्दारा नगर विकास योजना क्रमांक – 4 (कमल विहार) के संबंध में दिनांक 8 जून 2010 को प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक मंडल व्दारा भी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना प्लॉट काट कर बेचने तथा कालोनाईजर एक्ट की उल्लंघन  करते हुए सड़क, नाली इत्यादि सार्वजनिक मद में छोड़ी गई भूमि जो भूमिस्वामी के नाम पर राजस्व अभिलेख में दर्ज है को विकसित प्लॉट नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया था. ऐसे अवैध प्लॉटिंग की जानकारी जिला प्रशासन रायपुर से लिए जाने का उल्लेख है. प्राधिकरण ने आगे कहा है कि ऐसे अवैध प्लॉटिंग वाले कुल छह लोग जिन्होंने आरडीए के साथ पहला अनुबंध किया था और वे कलेक्टर रायपुर व्दारा भेजी गई टुकड़ों में ब्रिक्री की गई भूमि की सूची में शामिल थे. ऐसे लोगों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में याचिका दायर की थी जिसे माननीय उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है.
अवैध प्लॉटिंग की,धोखे से बेचे प्लॉट, अब कमल विहार में मांग रहे हैं प्लॉट
प्राधिकरण का कहना है कि छत्तीसगढ़ शासन व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से नगर विकास योजना कमल विहार का विकास इसलिए किए जा रहा है ताकि राज्य के नागरिकों को अवैध प्लॉटिंग से होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके. लेकिन अवैध प्लॉटिंग करने वालों ने बिना सक्षम अधिकारी से नक्शा पास कराए कागजों पर नक्शे बनाएं, ढ़ेर सारे अवैध प्लॉट काटे और उसे नागरिकों को धोखे से बेचा. अब उसी नक्शे की सड़कों की जमीन को अपना बता कर उसके बदले कमल विहार में विकसित प्लॉट मांग रहे हैं. यानि एक तो ऐसे लोगों ने नियम विरुध्द काम किया, आम नागरिकों से धोखा किया और ऊपर से बड़ी सीनाजोरी से कमल विहार में प्लॉट मांग रहे हैं. 
नामांतरण के बाद लगातार हो रहा दूसरा अनुबंध
श्री कटारिया ने कहा कि कमल विहार योजना में शामिल 4969 भूमि स्वामियों में से वर्तमान में 861 लोगों को विकसित भूखंड का आवंटन कर उनके साथ दूसरा अनुबंध कर लिया गया है. प्रक्रिया के अन्तर्गत जिन लोगों ने प्राधिकरण के साथ पहला अनुबंध कर अपनी भूमि कमल विहार योजना के लिए सहमति दी है उसके आधार पर तहसीलदार रायपुर व्दारा पहले ऐसे भूमि स्वामियों की भूमि का रायपुर विकास प्राधिकरण के नाम पर नामांतरण किया जा रहा है. प्राधिकरण के नाम पर भूमि का नामांतरण हो जाने के बाद प्राधिकरण व्दारा भूमि स्वामियों से दूसरा अनुबंध कर नियमित रुप से विकसित भूखंडों का आवंटन किया जा रहा है. वर्तमान में एक हजार भूमि स्वामियों के नामांतरण के साथ ही उन्हें सूचित किया गया है कि वे प्राधिकरण से दूसरा अनुबंध कर विकसित भूखंड प्राप्त कर लें. नामांतरण की यह प्रक्रिया लगातार हो रही है. जैसे जैसे प्राधिकरण के नाम पर भूमि का नामांतरण हो रहा है वैसे – वैसे प्राधिकरण भूमि स्वामियों को उनके भूखंडों का दूसरा और अंतिम आवंटन कर रहा है.     
नागरिकों को धोखे से बेचा प्लॉट
श्री कटारिया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग वाले काफी रसूखदार और राजनैतिक पहुंच वाले लोग है जिन्होंने असली भूस्वामियों की जमीनों को कौडियों की भाव खरीदा, उस पर अवैध प्लॉट काट कर बेचा, उसका स्वयं फायदा लिया, पूरे छत्तीसगढ़ के नागरिकों को धोखा दिया और कही सामने नहीं आए. अवैध प्लॉट खरीदने वालों को संकरी सड़कों, नाली, बिजली, पानी और बैंक ऋण लेने की काफी परेशानी होती रही. प्लॉट खरीदने वाले न तो वे अपना मकान बना पाए और न ही उनकी राशि का उपयोग हो पाया. ऐसे में छत्तीसगढ़ शासन ने नगर विकास योजना कमल विहार के माध्यम से आम नागरिकों को राहत दी. यही नहीं ऐसे लोग पिछले चार सालों से जब से कमल विहार के विकास का कार्य शुरु हुआ है तब से लगातार इसका प्रायोजित दुष्प्रचार कर रहे हैं. 

Nov 17, 2014

छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा रिक्रिएशन पार्क
 - वंडरलैंड पार्क - 
इन्द्रप्रस्थ रायपुरा











Nov 16, 2014

उद्घाटन के बाद व्यवस्था देखने फिर वंडरलैंड पार्क पहुंचे श्री मूणत

युवाओं के साथ खिचाई सेल्फी
रायपुर,16 नवम्बर 2014, वंडरलैंड के उद्घाटन के बाद वहां की व्यवस्था कैसी है है और लोगों के लिए बनाए गए मनोरंजन स्थल में क्या लोग वाकई इसका आनंद ले पा रहें हैं इसका हाल - चाल जानने  के लिए आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत आज शाम वंडरलैंड पार्क पहुंचे. इस दौरान रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया और वंडरलैंड के संचालक श्री विजय चौधरी भी वहां मौजूद थे.
      रायपुर विकास प्राधिकरण और पंचामृत इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता व्दारा इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा में विकसित वंडरलैंड पार्क के उद्घाटन के 17 वें दिन आज आवास एवं पर्यावरण मंत्री वहां दोबारा पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों के साथ वाटर पार्क के विभिन्न राईड्स और पूल का अवलोकन किया. रविवार होने के कारण आज वंडरलैंड में काफी लोग छुट्टियों का आनंद मनाने परिवार सहित वहां पहुंचे थे. कुछ लोग तो अन्य शहरों से भी वंडरलैंड पार्क का आनंद लेने आए थे. वंडरलैंड के संचालक के अनुसार आज लगभग दो हजार लोगों ने यहां अपने परिवार और मित्रों के साथ अपना मनोरंजन किया.
      दरअसल आवास एवं पर्यावरण मंत्री आज यह देखने के लिए वंडरलैंड पार्क गए थे कि वंडरलैंड में जनता को उपलब्ध कराई गई सुविधाएं ठीक से काम कर रहीं है या नहीं और यहां की व्यवस्था में क्या – क्या सुधार किया जा सकता है. मंत्री जी ने 19 एकड़ क्षेत्र में बने पूरे वंडरलैंड का भ्रमण किया और वंडरलैंड के संचालक को कहा कि राजधानी होने के कारण लोग पर्यटन की दृष्टि से नियमित रुप से लोग यहां आएंगे. इसलिए उन्हें न सिर्फ मनोरंजन के लिए उपलब्ध कराए गए साधनों की सेवा और संरक्षण पर नियमित रुप से ध्यान देना होगा वरन सफाई की व्यवस्था अच्छी रखनी होगी. उन्होंने पार्क के संचालक को कहा कि यहां के चेंजिग रुम को और बड़ा किया जाए तथा विभिन्न स्थानों पर अच्छे बड़े आकार के डस्टबिन लगाए जाएं. उन्होंने कहा कि वंडरलैंड पार्क के विभिन्न उपकरणों को नियमित रुप से पेन्ट कर उसे सुन्दर रखना चाहिए. श्री मूणत ने बोटिंग एरिया भी देखा और उसे और बेहतर स्वरुप में विकसित कर शीघ्र ही शुरु करने पर जोर दिया. श्री मूणत ने कहा वंडरलैंड पार्क में मनोरंजन के लिए क्लब हाऊस का काम भी जल्द पूरा कर उसे चालू किया जाए. 
                   मंत्री के साथ युवाओं ने खिचवाई सेल्फी फोटो

      रविवार होने के कारण वंडरलैंड पार्क में आज काफी संख्या में लोग पहुंचे थे. उनमें से परिवार के साथ कई युवा और बच्चे भी शामिल थे. इनमें से कई लोगो जो मंत्री जी को जानते थे. उन्होंने मंत्री जी को अपने पास आते देख उनका अभिवादन किया. इस पर हल्के फुल्के अंदाज में मंत्री जी ने भी बच्चों और युवाओं से पूछा कि उन्हें इस पार्क में आ कर कैसा लग रहा है तो लोगों ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि बहुत अच्छा लग रहा है. हमें मजा आ रहा है.  मंत्री जी जब और आगे स्वीमिंग पूल की ओर बढ़े तो कुछ युवाओं ने मंत्री जी को रोक कर उनसे अपने मोबाईल से सेल्फी फोटो खिचाने का आग्रह किया. मंत्री जी ने कहा ठीक है और उन्होंने ऐसे युवाओं के साथ उनके मोबाईल पर अपनी सेल्फी फोटो भी खिचवाई. 

       आवास एवं पर्यावरण मंत्री के इस भ्रमण के दौरान प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, अतिरिक्त सीईओ श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी. आर. नारंग, वंडरलैंड पार्क के संचालक श्री विजय चौधरी, श्री बजंरग खंडेलवाल, श्री आशीष अग्रवाल, श्री अशोक पांडेय, श्री अमित मैशेरी भी उपस्थित थे.   





           

Nov 10, 2014

 - I N O F O R M A T I O N -  

No News till the Municipal Corporation's Election is over

Raipur, Chhattisgarh State Election Commission has declaired the Urban Bodies Polls. It will be held on 8th December and 11th December 2014,  Result will be declaired on 15th December 2014. Due to Model code of Conduct Raipur Development Authority will not post any Development News till the Election is over.
 

Nov 6, 2014

8 नवंबर से शुरु होगा आरडीए का वंडरलैंड पार्क

-  छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा रिक्रिएशन पार्क है वंडरलैंड -
रायपुर 6 नवंबर 2014 / 30 अक्टूबर को जिस वंडरलैंड पार्क का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लोकार्पण किया था उसके एम्युजमेंट पार्क में लगे मनोरंजन के झूलों का परीक्षण करने के बाद अब इसे 8 नवंबर को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा नियुक्त डेव्हलपर कंपनी पंचामृत के संचालक श्री रामरतन चौधरी ने बताया कि हमने लगभग सारा तकनीकी परीक्षण कर लिया है. अब हम इसे शनिवार को जनता के लिए प्रारंभ कर देगें.
गत दिनों आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने मीडिया के साथ योजना स्थल के भ्रमण के बाद इसके प्रवेश शुल्क में कमी करने की घोषणा की थी. श्री मूणत ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के चलते एक माह के लिए रियायती शुल्क रखने का निर्देश कंपनी को दिया था. जिस पर कंपनी ने अपनी सहमति दे दी थी. पार्क में घूमने और ज्वांइट व्हील अथवा टॉय ट्रेन में से किसी एक के लिए डेव्हलपर कंपनी की टिकिट का शुल्क 25 रुपए रखा गया है. एम्युजमेंट अथवा वॉटर पार्क के लिए अलग – अलग टिकटों का शुल्क 99 रुपए होगा तथा पूरा पैकेज जिसमें एम्युजमेंट और वॉटर पार्क की टिकिट 150 रुपए की होगी.
रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार वंडरलैंड पार्क लोगों का मनोरंजन ही नहीं करेगा वरन खेल और शैक्षणिक गतिविधियों के रुप में भी लोगों को आकर्षित करेगा.
इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा स्थित वंडरलैंड पार्क पहुंचने के लिए सुन्दर नगर से आगे रिंग रोड स्थित रायपुरा चौक पहुंच कर दायीं ओर सर्विस रोड पर मुड़ना होगा. यहां से टाटीबंध की ओर लगभग डेढ़ किलोमीटर आगे जा कर शुभ होंडा शोरुम के पहले बायीं की ओर का रास्ते से सीधे वंडरलैंड पार्क पहुंचा जा सकता है.  

वंडरलैंड पार्क के 19 एकड़ क्षेत्र में मुख्यतः चार प्रमुख गतिविधियां संचालित होंगी. जिसमें ड्रॉई जोन, वॉटर जोन, व्यावसायिक तथा क्लब हाऊस को शामिल किया गया है. वंडरलैंड पार्क में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के एक स्वीमिंग पूल का निर्माण किया गया है जिससे राज्य सरकार की मंशा के अनुरुप छत्तीसगढ़ में तैराकी के क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा मिलेगा तथा प्रदेश की नई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आने का मौका मिलेगा. वंडरलैंड पार्क में जो सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं उनमें मल्टी लेवल स्लाईड, साईक्लोन, पेन्डुलम, मल्टी फैमली स्लाईड, रेन डांस, गैन्ट व्हील राईड, टॉय ट्रेन, गो-कार्ट, क्रिकेट पिच, साईंस पार्क, फ्रिसवी राईड, स्विंग चेयर राईड, ऑक्टोपस, रिवर केव में संपूर्ण रामायण के चलचित्र की झांकी, मल्टीलेन किड्स स्लाईड, वेबपूल, नियाग्रा फॉल तथा बोर्ड क्लब की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है. यह कहा जा सकता है कि वंडरलैंड पार्क राजधानी रायपुर आने वाले लोगों के लिए एक पर्यटन केन्द्र के रुप में आकर्षण का केन्द्र होगा.  

Nov 5, 2014

कमल विहार की अंतिम बाधा भी दूर हुई

राज्य शासन ने 292 एकड़ शासकीय भूमि की हस्तांतरित

      रायपुर, 05 नवम्बर 2014, राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना में आने वाली समस्त शासकीय भूमि हस्तांतरित कर दी है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने बताया कि कमल विहार योजना टिकरापारा, बोरियाखुर्द, डुमरतराई, डूंडा तथा देवपुरी के भू-भागों पर 1600 एकड़ में विकसित की गई है. इस योजना में स्थित 291.97 एकड़ शासकीय भूमि प्राधिकरण के स्थानांतरित होने से अब कमल विहार योजना की सारी बाधाएं दूर हो गई है.
      छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 30 अक्टूबर को जारी अपने आदेशों में टिकरापारा की 7.249 हेक्टेयर, बोरियाखुर्द की 67.367 हेक्टेयर, डुमरतराई की 6.980 हेक्टेयर, देवपुरी की 6.871 हेक्टेयर तथा डूंडा की 29.742 हेक्टेयर भूमि प्राधिकरण को ह्स्तांतरित करते हुए पानी के नीचे, तालाब, पानी के नीचे अन्य, रास्ता, घास, मरघट, शौच, खलिहान, नहर नाली इत्यादि की भूमि के आमजनों को निस्तार के अधिकार को बनाए रखते हुए भूमि का हस्तांतरण किया है. शासन के आदेश के अनुसार बोरियाखुर्द कुल 291.97 एकड़ अर्थात 118.209 हेक्टेयर भूमि अब प्राधिकरण की नगर विकास योजना – 4 कमल विहार में शामिल हो गई है.

       लगभग 1085 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रही कमल विहार योजना में तीव्र गति से विकास हो रहा है तथा अगले वर्ष के मध्य तक योजना का विकास पूरा कर लिया जाएगा. योजना में भूखंड आवंटन के प्रति भी लोगों ने खासी रुचि दिखाई है. लगभग साढ़े 4 सौ भूखंड का चार किश्तों में भुगतान की सुविधा के साथ आवंटन किया जा चुका है. व्यावसायिक भूखंडों में देश के कई अन्य शहरों के व्यवसायियों ने भूखंड खरीदे हैं. यही नहीं विदेशों में रह रहे 6 अप्रवासी भारतीयों ने भी यहां अपनी रुचि दिखाते हुए भूखंड क्रय किए हैं.