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Jan 18, 2014

कमल विहार के भूखंड होंगे समतल

बोरिया तालाब की बढ़ेगी सुन्दरता
रायपुर,18 जनवरी 2014कमल विहार योजना में भूखंडों का समतलीकरण कर उस तक पहुंच को आसान बनाया जाएगा और बोरिया तालाब की सुन्दरता बढ़ाई जाएगी. साथ ही सेक्टर 6 के उद्यान को प्राथमिकता के साथ जल्द ही विकसित किया जाएगा. रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के साथ आज कमल विहार योजना के भ्रमण को दौरान उक्त बातें कहीं.

श्री बजाज ने स्थल निरीक्षण के दौरान कमल विहार में आवंटितियों व्दारा भवन निर्माण के दौरान भवन सामग्री रखे जाने के संबंध में मुख्य अभियंता को एक नीति तैयार करने को कहा. श्री बजाज ने कहा कि भवन निर्माण के दौरान अक्सर आवंटिती अपने भूखंड सामने की सड़कों पर भवन सामग्री का संगहण करते है जो बाद में काफी फैल जाती है जिससे सड़कें तो खराब होती ही हैं साथ ही आवगमन में भी निवासियों को परेशानी होती है. इसलिए इसकी एक नीति बनाई जानी चाहिए.
कमल विहार का दौरा करते हुए श्री बजाज ने सबसे पहले सेक्टर एक और दो से योजना को विकास कार्यों को देखना शुरु किया. ढ़ाई घंटे तक उन्होंने कमल विहार के विकास से सबंधित हर पहलू को देखा. श्री बजाज ने बोरिया तालाब और उसके तटबंध का मुआयना करते हुए उनके तटबंध को सुन्दर बनाने का निर्देश दिया. प्राधिकरण के अध्यक्ष ने सेक्टर के सभी आवासीय भूखंडों को समतल करने का निर्देश दिया. जिससे आवंटिती की भूखंड पर पहुंच आसान हो सके. उन्होंने धमतरी मार्ग से कमल विहार प्रवेश स्थल पर प्रवेश व्दार लगाने के लिए भी कहा. श्री बजाज ने कहा कि सेक्टर 6 के उद्यान को प्राथमिकता देते हुए उसे सुन्दर तरीके से विकसित किया जाए.




Jan 17, 2014

Jan 4, 2014

कमल विहार आवासीय प्लॉट 1335 रुपए प्रति वर्गफुट

आरडीए संचालक मंडल की बैठक
144 भूखंड का आवंटन शीघ्र, शासकीय कार्यालय व बैंकों को भी प्लाट


रायपुर, 4 जनवरी 2014कमल विहार योजना में आवासीय प्लॉट लेने के लिए लोगों का इन्तजार अब खत्म होने जा रहा है. रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक मंडल ने आज कमल विहार में प्लॉट की दर 1335 रुपए प्रतिवर्गफुट तय कर दी. प्राधिकरण इसी दर पर पहले चरण में 144 भूखडों के लिए आवेदन आमंत्रित कर पंजीयन कर लाटरी से भूखंडों का आवंटन करेगा. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज की अध्यक्षता में आज न्यू राजेन्द्रनगर स्थित नए कार्यालय में इस वर्ष की पहली बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया व्दारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार  संचालक मंडल ने कमल विहार में विभिन्न सेक्टरों में तथा अलग  अलग आकार के 144 भूखंडों के आवंटन की स्वीकृति दी. इसमें 540 वर्गफुट से दस हजार वर्गफुट तक के प्लॉटों का पंजीयन कर उसे लाटरी के आधार पर आवंटित किया जाएगा. भूखंडों के आवंटन हेतु राज्य शासन के नियमों के अनुसार भूखंड आवंटन में नागरिकों को 27 प्रतिशत का आरक्षण भी दिया जाएगा. कुल 144 भूखडों में से आरक्षित किए जाने वाले 39 भूखंडों कौन से होंगे इसके लिए बैठक में संचालक सदस्यों के समक्ष कम्प्यूटर से रेण्डमाईजेशन कर भूखंडो का नंबर तय किया गया. शेष 105 भूखंड अनारक्षित श्रेणी के अन्तर्गत आवंटित किए जाएंगे.
 जिनकी भूमि अर्जित उन्हें भी मिलेंगे भूखंड


भूमि का पुनर्गठन कर विकसित भूखंड देने की अवधारणा पर बनाई गई कमल विहार की योजना बनाते समय जिन भूस्वामियों की भूमि प्राधिकरण व्दारा अर्जित की गई है उन्हें भी अब योजना में सहभागी होने का मौका मिलेगा. संचालक मंडल ने ऐसे सभी भूमि स्वामियों को जिनकी भूमि अर्जित कर अवार्ड पारित कर दिया गया है या जिन्हें मुआवजा दे दिया गया है उन्हें भी विकसित भूखंड दिए जाने का निर्णय लिया है. ऐसे भूस्वामियों के अनुरोध पर संचालक मंडल ने राज्य शासन की अनुमति मिलने पर उन्हें कमल विहार में विकसित भूखंड देने की स्वीकृति दी है. ऐसे भूस्वामियों को मुआवजे की राशि के साथ  साढ़े 11 प्रतिशत ब्याज तथा 10 प्रतिशत सर्विस चार्ज के साथ राशि प्राधिकरण में जमा करना होगा.
केन्द्र राज्य शासन व बैंकों को प्लाट
सार्वजनिक तथा अर्ध्द सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित भूमि केन्द्रीय सरकार, राज्य शासन तथा राष्ट्रीयकृत बैंकों को 1610 रुपए प्रति वर्गफुट की दर से आवंटन किए जाने के प्रस्ताव को संचालक मंडल ने सहमति दी.
कार्नर भूखंडों की अतिरिक्त भूमि का आवंटन पहले से कम दरों पर
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में प्राधिकरण की पुरानी योजनाओं के कार्नर के आवासीय भूखंडों में आवंटन योग्य अतिरिक्त भूमि को गृह निर्माण मंडल की तर्ज पर आवंटित किया जाएगा. इसमें अतिरिक्त भूमि मूल भूखंड आवंटन की दर पर 15 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ अतिरिक्त भूमि के आवंटन की तिथि तक और वर्तमान कलेक्टर गाईड लाईन की दर को जोड़ कर औसत दर पर आवंटित किया जाएगा. इससे पहले प्राधिकरण व्दारा अतिरिक्त भूमि का आवंटन वर्तमान कलेक्टर गाईड लाईन के आधार पर किया जाता था. 
रायपुरा इन्द्रप्रस्थ फेस 2 में अधोसंरचना विकास
रायपुरा इन्द्रप्रस्थ फेस - 2 में 96 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की जाने वाले अधोसंरचना विकास के अन्तर्गत सड़क, भूमिगत नाली, बिजली व जलप्रदाय के अधोसंरचना कार्य में तेजी लाने और सेन्ट्रल बैंक से 78.75 करोड़ रुपए के ऋण लिए के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई. इस योजना में भूस्वामियों से अनुबंध करने, भूखंडों का आवंटन के लिए कमल विहार की तर्ज में किए जाने का निर्णय लिया गया.
        संचालक मंडल की बैठक में अध्यक्ष श्री एस. एस बजाज, मुख्य कार्यापालन अधिकारी श्री अमित कटारिया अन्य संचालक सदस्य श्री नरेन्द्र दुग्गे, आयुक्त नगर पालिक निगम रायपुर, श्री बी. सी. साहू अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), श्री पी. के. खरे अधीक्षण अभियंता छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी, श्री आर. के चौबे अधीक्षण अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, श्री संदीप बांगड़े संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश, श्री विनोद मिश्र उप वनसंरक्षक तथा प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. के अग्रवाल उपस्थित थे. 

Dec 20, 2013

कमल विहार के भूखंडों को लोगों ने लिया हाथों हाथ

अन्य भूखंडों का पंजीयन भी शीघ्र श्री कटारिया 

रायपुर, 20 दिसंबर 2013, कमल विहार के आज 19 भूखंड निविदा के माध्यम से बिके । निविदा में आज सेक्टर 4 के भूखंड क्रमांक डी 57ए के लिए सबसे अधिक दर रुपए 2197.38 का प्रस्ताव दे कर श्रीमती ज्योति सोनी ने भूखंड पाने की पात्रता हासिल की। प्राधिकरण का निर्धारित मूल्य 1150 रुपए का था । इस भूखंड हेतु सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा रही जिसमें 44 आवेदकों ने निविदाएं डाली । 
         प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज निविदा के बाद कहा है कि कमल विहार में भूखडों के लिए शीघ्र ही प्राधिकरण व्दारा पंजीयन शुरु किया


जाएगा जिससे और लोगों को प्लॉट मिल सके । श्री कटारिया के अनुसार निविदा में लोगों ने ऑफसेट दर से कही ज्यादा का प्रस्ताव दे कर योजना में अपना विश्वास व्यक्त किया है । उन्होंने बताया कि दो सौ लोगों ने विकसित भूखंड के लिए अपनी निविदाएं डाली जिसमें से 19 आवदेकों को ही भूखंड मिलेंगे। निविदा में सबसे छोटा भूखंड 646 वर्गफुट (सी-154, सेक्टर 6) का था जो रुपए 2105.26 की दर पर मनहरण स्वर्णकार ने हासिल किया । इस भूखंड की निविदा में 19 लोगों ने भाग लिया । सेक्टर 6 के दो भूखंडों बी 169 तथा डी 123 में काफी लोगों ने रुचि दिखाई 29 लोगों ने इसमें अपनी किस्मत आजमाई ।  


कमल विहार के भूखंड लेने के लिए लोग कितना आतुर थे यह आज निविदा खुलने पर पता चला । रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय में आज सुबह से ही लोग कल तक डाले अपने प्रस्ताव का परिणाम जानने के लिए आतुर थे । कुल दो सौ लोगों ने भूखंड लेने में दिलचस्पी दिखाई जिसमें 65 महिला और 135 पुरुष शामिल थे । इसमें 7 महिलाओं को और 12 पुरुषों को भूखंड मिले । 

Dec 19, 2013

श्री एस.एस.बजाज आरडीए के नए अध्यक्ष

रायपुर,19 दिसंबर 2013, छत्तीसगढ़ शासन ने आज एक आदेश जारी कर श्री एस.एस. बजाज को रायपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है । श्री सुनील कुमार सोनी के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दिए जाने के बाद प्राधिकरण में अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया था । फलस्वरुप राज्य शासन ने श्री एस.एस. बजाज संचालक नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़, उपाध्यक्ष नया रायपुर डेव्हलेपमेंट अथारिटी एवं सचिव छत्तीसगढ़ शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग को अपने वर्तमान कार्य के साथ अस्थाई रुप से आगामी आदेश तक रायपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है ।
भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री बजाज इसके पहले 31 दिसंबर 2008 से 24 जनवरी 2011 तक रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रह चुकें हैं । वे सिविल इंजीनियरिंग में बी.ई. तथा एम. टेक हैं ।
       

Dec 18, 2013

कमल विहार के 23 भूखंडों की निविदा का आज अंतिम दिन

रजिस्ट्री आफिस में भूस्वामियों से अनुबंध के लिए आरडीए का कैम्प जारी


 रायपुर, 18 दिसंबर 2013, कमल विहार में पहले 23 विकसित भूखंडों को लेने के लिए निविदा डालने का कल अंतिम दिन है । रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा प्रारंभिक रुप से कमल विहार के सेक्टर 4, 6  8-ए में 23 भूखंड़ों के विक्रय के लिए निविदा आमंत्रित की गई है । प्राप्त सभी निविदाएं शुक्रवार 20 दिसंबर को प्रातः 11 बजे उपस्थित निविदादाताओं के समक्ष प्राधिकरण के न्यू राजेन्द्रनगर स्थित कार्यालय में खोली जाएंगी । प्राप्त निविदाओं में निर्धारित ऑफसेट दर से अधिक राशि के प्रस्तावकों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे ।
प्राधिकरण व्दारा निविदा के लिए पूर्ण रुप से विकसित भूखंड़ों का ऑफसेट दर 1150/- रुपए निर्धारित है। निविदादाता को इस दर से अधिक राशि का वित्तीय प्रस्ताव देना होगा । निविदाएं गुरुवार 19 दिसंबर सांय बजे तक प्राधिकरण कार्यालय की निविदा पेटी में डाली जा सकती है ।
उधर कमल विहार के भूमि स्वामियों को भूखंड देने के लिए प्राधिकरण ने कलेक्टोरेट स्थित पंजीयक (रजिस्ट्रार) कार्यालय में कैम्प लगा रखा है जो 31 दिसंबर तक जारी रहेगा । कैम्प कार्यालय में जिन भूस्वामियों ने कमल विहार योजना के लिए अपनी भूमि देने के लिए सहमति दी है उनके साथ अनुबंध कर उनकों विकसित भूखंड का आवंटन कर रजिस्ट्री की जा रही है । प्राधिकरण के अनुसार भूमि स्वामी जितनी जल्दी प्राधिकरण से अनुबंध करेंगे उतनी जल्दी उन्हें भूखंड आवंटित हो सकेंगे।

Dec 16, 2013

कमल विहार के लिए फिर लगा रजिस्ट्री कार्यालय में कैम्प

16 31 दिसंबर 2013 तक जारी रहेगा कैम्प
रायपुर,16 दिसंबर 2013, कमल विहार के भूमि स्वामियों से अनुबंध कर उन्हें भूखंड आवंटन के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने रजिस्ट्री कार्यालय में फिर से कैम्प लगाया है । यह कैम्प 16 से 31 दिसंबर तक चलेगा । कैम्प के लगने से भूस्वामियों को प्राधिकरण के साथ अनुबंध कर भूखंड आवंटन में काफी सुविधा हो रही है । प्राधिकरण व्दारा भूमि स्वामियों को अनुबंध और रजिस्ट्री के लिए फोन पर भी सूचना दी जा रही है । प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी के निर्देश पर सहायक राजस्व अधिकारी राजस्व शाखा के कर्मचारियों के साथ कलेक्टोरेट स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में 31 दिसंबर तक कैम्प करेंगे।   
प्लॉट लेने से पहले कमल विहार घूम रहे हैं लोग
23 भूखंडों के लिए 558 फार्म बिके

कमल विहार में रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा निविदा के माध्यम से 23 भूखंडों के आवंटन की अंतिम तिथि 19 दिसंबर के नजदीक आने से आवेदन पत्रों की बिक्री और बढ़ गई है । आज शाम तक प्राधिकरण से दो लाख उनयासी हजार रुपए के 558 आवेदन पत्र बिक चुके हैं । प्राधिकरण की वेबसाइट आरडीए रायपुर डॉट काम से भी कई लोग सीधे आवेदन पत्र डाऊनलोड कर रहे हैं । कई आवेदक कमल विहार जा कर स्थल में प्लाटों की स्थिति देख कर उसका आंकलन कर रहे हैं । प्राधिकरण ने स्थल निरीक्षण कराने के लिए चार इंजीनियरों तथा सलाहकार कंपनी के एक मार्केटिंग प्रतिनिधि को नियुक्त किया है जो अवकाश के दिनों में भी आगंतुकों को कमल विहार और प्लॉटों की जानकारी दे रहे हैं ।    

Dec 12, 2013

कमल विहार के पहले 23 भूखंड मिलेंगे चार किश्तों में

रायपुर, 3 दिसंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुनील कुमार सोनी ने कहा है कि कमल विहार के सभी भूस्वामियों को दिए गए भूखंड पूरी तरह से फ्री होल्ड हैं उन्हें प्राधिकरण में किसी भी प्रकार का कोई भूभाटक जमा नहीं करना होगा । किन्तु लगभग 1600 एकड़ की कमल विहार योजना में विक्रय के लिए उपलब्ध होने वाले भूखंडों को छत्तीसगढ़ शासन के व्ययन नियमों के अनुसार पहले पट्टे पर ही दिया जा सकता है। पट्टे पर भूखंड के विक्रय के कारण उसमें भूभाटक लागू होता है । प्राधिकरण से भूखंड आवंटित होने के बाद भूखंड क्रय करने वाला व्यक्ति उसे तत्काल ही फ्रीहोल्ड करा सकता है।
श्री सोनी ने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार ने प्राधिकरण के आवासीय भूखंडों को फ्रीहोल्ड की जो घोषणा की थी उसी प्रक्रिया के अन्तर्गत प्राधिकरण की कमल विहार योजना में विक्रय किए जाने वाले सभी भूखंड निर्धारित प्रक्रिया के अन्तर्गत ही फ्रीहोल्ड कर विक्रय किए जा रहे हैं ।
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सोनी ने बताया कि कमल विहार योजना लगभग 1600 एकड़ में विकसित की जा रही है। इसमे विक्रय के लिए विभिन्न आकार के लगभग 11 सौ भूखंड विकसित किए जा रहे हैं जो पूरी योजना के क्षेत्रफल का मात्र 9.2 प्रतिशत होता है । यही 9.2 प्रतिशत भूमि ही प्राधिकरण को विक्रय के लिए उपलब्ध होगी । भूखंडों के विक्रय से उपलब्ध सारी राशि योजना में आधुनिक अधोसंरचना के विकास में खर्च की जाएगी ।
कमल विहार योजना जनभागीदारी के साथ विकसित की जा योजना है ऐसी पहली नगर विकास योजना है जिसमें अब तक की सबसे बेहतर सुविधाएं और तकनीक से काम किया जा रहा है। योजना में 24 घंटे पीने का पानी, भूमिगत जलप्रदाय, विद्युत, सीवरेज सिस्टम, संचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है । देश की सबसे नामी निर्माण की कंपनी लार्सन एंड टुब्रों कमल विहार में अधोसंरचना का विकास कार्य कर रही हैं । इसके अतिरिक्त योजना में निम्न आय वर्ग के लिए फ्लैट्स योजना भी तैयार की गई है ।
श्री सोनी ने कहा की कमल विहार नगर विकास की एक ऐसी योजना है जो प्राधिकरण की अब तक की बनाई गई सभी योजनाओं से अलग है । प्राधिकरण की पहले की योजनाओं में पहले भूमि का अर्जन कर भूस्वामियों को मुआवजा दे दिया जाता था । लेकिन कमल विहार योजना में भूस्वामियों को उनकी भी भूमि या उसके पास उनकी भूमि के बदले 35 से 58 प्रतिशत तक का विकसित भूखंड निःशुल्क आवंटित किया गया है। श्री सोनी ने कहा कि प्राधिकरण के पास केवल 9.2 प्रतिशत भूमि जो उपलब्ध हो रही उसको विक्रय कर जो भी राशि आएगी वह सारी राशि योजना के विकास में उपयोग की जाएगी। 
प्राधिकरण के अध्यक्ष ने कहा कि कमल विहार योजना में लगभग 90 प्रतिशत भाग में भूस्वामियों को ही भूखंड दिया जा रहा है । योजना में 4126 फ्लैटस भी आम आदमियों के लिए बनाए जाएंगे जिसमें सारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि कमल विहार योजना किसी वर्ग विशेष के लिए है ।

Dec 4, 2013

आरडीए के छगनलाल यादव 36 साल बाद सेवानिवृत

प्राधिकरण के तीनों कार्यालय भवनों में काम किया

रायपुर, 4 दिसंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण में 36 साल की सेवा के बाद छगनलाल यादव 30 नंवबर को भृत्य के पद से सेवानिवृत हो गए । इस अवसर पर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने श्रीफल और शॉल दे कर उनकी दीर्घ सेवाओं के लिए सम्मानित किया । श्री सोनी ने श्री यादव के स्वस्थ्य और उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें प्राधिकरण परिवार की ओर से बिदाई दी ।  

श्री छगनलाल यादव ने 1977 से रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में अपनी नौकरी की शुरुआत की थी । इस दौरान उन्हें प्राधिकरण के तीन कार्यालय भवनों में कार्य करने का अवसर किया । श्री यादव ने बताया कि 1977 में प्राधिकरण का कार्यालय विवेकानंद आश्रम स्थित भवन में लगता था । उसके बाद शास्त्री चौक के पास बजरंग मार्केट में और अब न्यू राजेन्द्रनगर स्थित भक्त माताकर्मा व्यवासायिक परिसर में कार्यालय लग रहा है ।  श्री यादव ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्होंने प्राधिकरण के तीनो कार्यालय भवनों में कार्य किया । श्री यादव ने नया रायपुर डेव्हलेपमेंट अथारिटी में भी कुछ बर्षों तक अपनी सेवाएं दी । बिदाई के इस अवसर पर प्राधिकरण के कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, सहायक अभियंता श्री अनवर खान, के.पी. देवांगन, लेखाधिकारी संदीप सिंह पाल, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेन्द सिंह सेंगर, महासचिव अब्दुल आरिफ और कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे ।

Dec 2, 2013

कमल विहार के प्लॉट देखने – खरीदनें की उत्सुकता बढ़ी

आरडीए कार्यालय से साढ़े 26 हजार के 53 आवेदन पत्र बिके

रायपुर, 2 दिसंबर 2013, कमल विहार में भूस्वामियों को भूखंड मिलने और आम आदमी के लिए भूखंडों की उपलब्धता का विज्ञापन प्रकाशन के बाद योजना क्षेत्र में प्लॉट देखने वालों की भीड़ बढ़ने लगी है । रविवार को कई लोग अपने परिवार के साथ कमल विहार पहुंचे और उपलब्ध प्लॉटों को घूम घूम कर देखा । सोमवार को भी कई लोग कमल विहार गए और योजना का जायजा लिया । पहले ही दिन लगभग 200 लोगों ने और दूसरे दिन लगभग 100 लोगों ने फोन पर प्लॉट के संबंध में पूछताछ की। उधर प्राधिकरण कार्यालय में आज साढ़े 26 हजार के 53 आवेदन पत्रो की नगद बिक्री हुई ।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के निर्देश पर कमल विहार के स्थल कार्यालय में चार सब इंजीनियरों की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है ताकि वे आंगतुकों को विक्रय किए जाने वाले भूखंड़ों का स्थल पर अवलोकन कराएं।  भूखंड़ क्रय करने के इच्छुकों ने रायपुर विकास प्राधिकरण के न्यू राजेन्द्रनगर स्थित कार्यालय से आज साढ़े 26 हजार के 53 आवेदन पत्र खरीदे। प्राधिकरण की वेबसाइट आरडीए रायपुर डॉट काम में निविदा के नियम, शर्तें, आवेदन पत्र तथा भूखंड का मानचित्र उपलब्ध होने के कारण कई लोग इंटरनेट से भी आवेदन पत्र डॉऊनलोड कर रहे हैं ।
रजिस्ट्री कार्यालय में आरडीए का लगा कैम्प कार्यालय
 रायपुर के कलेक्टोरेट स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय में आज प्राधिकरण के राजस्व शाखा ने कैम्प कार्यालय लगाकर कमल विहार के कई भूस्वामियों के अनुबंध और आवंटित भूखंडो की रजिस्ट्री की कार्रवाई की । जिनमें 5 के साथ अनुबंध और 7 के रजिस्ट्री के दस्तावेजों का निष्पादन किया गया । प्राधिकरण का यह कैम्प 7 दिसंबर तक जारी रहेगा जिससे लोगों को भूखंड आवंटन और उसकी रजिस्ट्री में सहूलियत हो । 

कमल विहार में सबसे पहले आवासीय भूखंड लेने का सुनहरा अवसर


Nov 30, 2013

कमल विहार के भूमिस्वामियों से अनुबंध के लिए आरडीए का पंजीयक कार्यालय में 2 से 7 तक कैम्प


रायपुर, 30 नवंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण ने कमल विहार योजना में शामिल हुए भूस्वामियों को भूखंड आवंटित करने की दिशा में अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है । पहले जिन भूस्वामियों ने कमल विहार योजना में आ रही अपनी भूमि प्राधिकरण को देने के लिए लिखित सहमति दी थी किन्तु पंजीयक कार्यालय में जा कर अनुबंध का निष्पादन नहीं कराया था ऐसे सभी भूस्वामियों से प्राधिकरण पहले अनुबंध करेगा फिर उसके बाद भूखंड के आवंटन के साथ रजिस्ट्री की जाएगी । इस हेतु प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के निर्देश पर सहायक राजस्व अधिकारी श्री आर.एस. दीक्षित कलेक्टोरेट कार्यालय स्थित पंजीयक कार्यालय में 2 से 7 दिसंबर तक कैम्प कर अनुबंध तथा फिर रजिस्ट्री की कार्रवाई करेंगे।
भूस्वामियों को अनुबंध निष्पादित कराने के लिए एक सौ रुपए के नॉन जुडिशियल स्टॉम्प, 5 पासपोर्ट फोटो, पहचान पत्र तथा भूमि के मूल दस्तावेज साथ लाना होगा । ऐसे भूमिस्वामियों को प्राधिकरण फोन से सूचना दे कर आमंत्रित कर रहा है ताकि वे शीघ्र ही इस प्रक्रिया को पूरी कर कमल विहार में पूर्ण विकसित भूखंड प्राप्त कर लें ।
प्राधिकरण ने कल से उन भूस्वामियों को भूखंड आवंटित कर रजिस्ट्री देने की कार्रवाई शुरु कर दी है जिन्होंने पहले ही अपनी भूमि देने की लिखित सहमति देते हुए अनुबंध का पंजीयक कार्यालय में निष्पादन करा लिया था । 

Nov 29, 2013

कमल विहार के 23 भूखंड़ों के विक्रय के लिए 19 दिसंबर को होगी निविदा

आरडीए का ऑफसेट मूल्य 1150 रुपए प्रति वर्गफुट

रायपुर, 29 नवंबर 2013, कमल विहार योजना में विकसित भूखंड चाहने वालों के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण प्रारंभिक रुप से सेक्टर 4, 6 व 8ए में 23 भूखंड़ों का विक्रय निविदा के माध्यम से करने जा रहा है । प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने दो दिन पहले एक बैठक में अधिकारियों को 2 दिसंबर से निविदा पत्रों का विक्रय शुरु करने के निर्देश दिए थे । श्री कटारिया ने बताया कि प्राधिकरण व्दारा निविदा के लिए पूर्ण रुप से विकसित भूखंड़ों का ऑफसेट दर 1150/- रुपए निर्धारित किया है । निविदादाता को इस दर के आधार पर अपना प्रस्ताव देना होगा । निविदा का प्रस्ताव 19 दिसंबर सांय 5 बजे तक प्राधिकरण कार्यालय की निविदा पेटी में डाला जा सकेगा ।

उल्लेखनीय है कि रायपुर विकास प्राधिकरण की जनभागीदारी से विकसित हो रही देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक कमल विहार छत्तीसगढ़ की एक ऐसी सुनियोजित योजना है जो आने वाले समय में राजधानी रायपुर को एक आधुनिक स्वरुप प्रदान करेगी । यहां एक ऐसी आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है जो अब तक विदेशों में ही देखी जाती रही है । इस योजना में आवासीय के साथ आमोद - प्रमोद, व्यावसायिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी है।

कमल विहार के भूस्वामियों को विकसित भूखंडो का आवंटन शुरु


पहला भूखंड श्रीमती बलविन्दर कौर को, 5 भूस्वामियों ने कराई रजिस्ट्री

रायपुर, 29 नवंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज कमल विहार योजना में भूस्वामियों को भूखंड आवंटन कर रजिस्ट्री की शुरुआत की । सबसे पहले भूखंड का आवंटन श्रीमती
बलविन्दर कौर के नाम पर हुआ। इसके बाद निरुपम चक्रवर्ती, समीरऩ चक्रवर्ती, लखमेश्वर सिंह और शरद कुमार दुबे को भूखंडों के आवंटन के साथ ही रजिस्ट्री के दस्तावेजों में प्राधिकरण की ओर से हस्ताक्षर किए गए ।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने दो दिन पहले ही अधिकारियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ से अनुमति मिलने के बाद कमल विहार योजना में भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया शुरु करने के निर्देश दिए थे । उसी क्रम में आज कमल विहार में श्रीमती बलविन्दर कौर को 773 वर्गफुट, निरुपम चक्रवर्ती को 645 वर्गफुट, समीरन चक्रवर्ती को 773 वर्गफुट, लखमेश्वर सिंह और शरद कुमार दुबे को 645 वर्गफुट के भूखंड का आवंटन किया गया । सभी को सेक्टर 6 में भूखंड दिए गए हैं।

भूस्वामियों को विकसित भूखंडो के आवंटन के साथ ही बहुप्रतीक्षित कमल विहार योजना में अब सभी भूस्वामियों को जिन्होंने पूर्व में अपनी भूमि योजना बनाने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण को देने की सहमति दी थी, उन्हें भूखंड मिलने की प्रक्रिया  शुरु हो गई है। भूस्वामियों को फोन पर सूचना दे कर आवंटन और रजिस्ट्री के लिए आमंत्रित किया जा रहा है ।

Nov 27, 2013

कमल विहार के भूस्वामियों को 29 से मिलेंगे विकसित भूखंड

सेक्टर 4,6 व 8ए के भूस्वामियों को फोन पर
सूचना दे कर अनुबंध के लिए आमंत्रित करेगा आरडीए

रायपुर, 27 नवंबर 2013, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ से अनुमति मिलने के बाद अब रायपुर विकास प्राधिकरण 29 नवंबर से कमल विहार योजना क्षेत्र में शामिल भूस्वामियों को
उनके भूखंडों का आवंटन शुरु करने जा रहा है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने बताया कि न्यू राजेन्द्रनगर के भक्त माता कर्मा परिसर में स्थित प्राधिकरण के नए कार्यालय भवन में भूखंडों का आवंटन कर अनुबंध किया जाएगा।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जिन भूस्वामियों को भूखंडों का आवंटन किया जाना है उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन पर सूचना दे कर कार्यालय में आमंत्रित कर अनुबंध किया जाएगा । कमल विहार योजना में सबसे पहले सेक्टर 4, 6 तथा 8ए के ऐसे भूस्वामी जिन्होंने पहले अपनी लिखित सहमति दी थी उन्हें भूखंड आवंटित कर अनुबंध किया जाना है । अनुबंध के लिए एक सौ रुपए का नॉन जुडिशियल स्टॉम्प, पांच फोटो तथा दो गवाहों की फोटो की आवश्यकता होगी । उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण व्दारा इसके पहले भूस्वामियों से उनकी भूमि प्राधिकरण को सौंपने तथा प्रस्तावित भूखंड आवंटन की सहमति का अनुबंध किया गया था । चूंकि कमल विहार में विकास का कार्य प्रगति पर है इसलिए अब भूस्वामियों को विकसित भूखंड आवंटित किया जाएगा । विकास कार्य की प्रगति के साथ ही भविष्य में अन्य सेक्टरों के भूस्वामियों को भी भूखंड आवंटित कर अनुबंध किया जाएगा।  

Oct 1, 2013

आरडीए कार्यालय भक्त माताकर्मा न्यू राजेन्द्रनगर के नए भवन में स्थानांतरित

कैश,जनसूचना व लोक सेवा गारंटी काऊन्टर 10 अक्टूबर तक बजरंग मार्केट में रहेगा



रायपुर, 1 अक्टूबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय बजरंग मार्केट, शास्त्री चौक से व्दितीय तल, भक्त माता कर्मा व्यावसायिक परिसर, न्यू राजेन्द्रनगर में स्थानांतरित हो गया है. बकाया तथा अन्य राशि जमा करने के कैश काऊन्टर, लोक सेवा गारंटी तथा जनसूचना के अधिकार संबंधी जानकारी हेतु काऊन्टर आगामी 10 अक्टूबर तक बजरंग मार्केट शास्त्री चौक स्थित प्राधिकरण के कार्यालय में पूर्ववत कार्यरत रहेगें. उसके बाद सभी काऊन्टर न्यू राजेन्द्रनगर स्थित नए कार्यालय में कार्य करना प्रारंभ कर देगें.
     प्राधिकरण कार्यालय का नया भवन कारपोरेट कार्यालय की तरह सर्वसुविधायुक्त है. यहां बेसमेंट सहित पूरे परिसर में पार्किंग की बेहतर सुविधा है. साथ ही आंगतुकों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है. 

Sep 26, 2013

रमन सरकार का लीज होल्ड प्लॉट को फ्री होल्ड करना और अवैध कॉलोनियों को राजसात करने का निर्णय ऐतिहासिक – श्री सुनील सोनी


रायपुर, 26 सितंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने कहा है कि लीज होल्ड प्लॉट को फ्री होल्ड करना और अवैध कालोनियों को राजसात करने का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल का एक ऐतिहासिक निर्णय है जिसके दूरगामी परिणाम होगें.
श्री सोनी ने कहा कि प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में हजारों आवासीय भूखंड व भवन आवंटित किए गए हैं. ये सभी 30 वर्षों पर लीज अर्थात पट्टे पर यानि एक प्रकार के किराये पर थे.  डॉ. रमन सिंह की सरकार ने ऐसे सभी आवासीय संपत्तियों को लीज से मुक्त करा कर भूखंड व भवन के स्वामियों को प्लॉट का मालिक बना दिया है. फ्रीहोल्ड होने से न तो भूभाटक देना पडेगा और न ही संपत्तियों को विक्रय करने के लिए कोई अनुमति लेनी पडेगी. उन्होंने कहा कि फ्रीहोल्ड करने के लिए राजस्व संबंधी तमाम दिक्कतें थी जिन्हें छतीसगढ़ भूमि धारण (विधिमान्यकरण) अधिनियम 2013 (वैलिडेशन एक्ट) बना और उसे विधानसभा में पारित कर कानूनी स्वरुप दिया गया है. छत्तीसगढ़ के राजपत्र में प्रकाशन के बाद भवन व भूखंडधारी अब अपनी संपत्तियों को फ्रीहोल्ड करने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण में अपना आवेदन प्रस्तुत करने लगे हैं.
प्राधिकरण की कमल विहार योजना के अधिसूचित क्षेत्र में आने वाले स्वागत विहार की कालोनी में अवैध रुप से शासकीय भूमि पर कब्जा कर बेचे जाने के मामले में पीडितों को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कैबिनेट में निर्णय लेकर एक बड़ी राहत दी है. छत्तीसगढ़ शासन का यह निर्णय अवैध कालोनी निर्माण के मामले में पूरे देश में शायद इकलौता निर्णय है जिससे पीडितों को सीधा न्याय मिला है. फर्जी तरीके से अवैध प्लॉट बेच कर जनता को परेशान करने वाले ऐसे लोगों की अवैध कालोनी और कालोनी बनाने वालों की संपत्ति को राजसात करने का  निर्णय भी अपने आप में अनूठा है.
श्री सोनी ने कहा कि स्वागत विहार में सरकारी भूमि पर लोगों को अवैध रुप से प्लॉट काट कर बेचे गए है. ऐसे पीडित लोग अपनी मेहनत की कमाई से खरीदे गए भूखंड़ों को आज तक देखने तक के लिए भटक रहे हैं. अवैध कालोनी बनाने वालों ने न सिर्फ अवैध प्लॉट बेच कर जनता को धोखा दिया वरन उनको लूटने का भी काम किया है. राज्य शासन का यह फैसला ऐसे लोगों के लिए खुशियां लेकर आया है. इससे पूरे राज्य में अवैध कालोनियों के निर्माण की प्रवृति पर रोक लगेगी.

Sep 25, 2013

अवैध कॉलोनी पर रोक लगाकर डॉ. रमन ने पीड़ितों को दिया सीधा न्याय – श्री सुनील कुमार सोनी

रायपुर, 25 सितंबर 2013, फर्जी तरीके से अवैध प्लॉट बेच कर जनता को परेशान करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के कैबिनेट के निर्णय का रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनके कैबिनेट नें जनहित में निर्णय ले कर यह बता दिया है कि राज्य सरकार जनता को न्याय दिलाने में कभी पीछे नहीं हटेगी. इसके लिए उन्होंने डॉ. रमन सिंह को साधुवाद दिया हैं.
श्री सोनी ने कहा कि सरकार रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना के अधिसूचित क्षेत्र में स्थित स्वागत विहार में सैकड़ों लोगों के साथ धोखा हुआ है. सरकारी भूमि पर लोगों को अवैध प्लॉट काट कर बेचे गए है. ऐसे पीडित लोग अपनी मेहनत की कमाई से खरीदे गए भूखंड़ों को देखने तक के लिए आज तक भटक रहे हैं. अवैध कालोनी बनाने वालों ने अवैध प्लॉट बेच कर न सिर्फ जनता को धोखा दिया गया है वरन उनको लूटने का भी काम किया है. यह फैसला ऐसे लोगों के लिए खुशियां लेकर आया है. राज्य शासन के इस निर्णय से उनको काफी राहत मिलेगी. 
श्री सोनी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अवैध प्लाटिंग से पीड़ितों को सीधे न्याय दिया है जो उनकी दूर की सोच को परिलक्षित करता है.. राज्य शासन के निर्णय से पूरे राज्य में अवैध कालोनियों के निर्माण की प्रवृति पर रोक लगेगी. अवैध प्लॉट बेचने वाले भूमाफियाओं और दलाल किस्म के लोगों की संपत्तियों को अधिग्रहित करने से वे अब लोगों को मूर्ख बनाने का काम नहीं कर सकेगें फलस्वरुप जनता को राहत मिलेगी. 

Sep 23, 2013

विकसित होते ही और लोकप्रिय होगा कमल विहार - श्री अनिमेष चौहान

सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक का कमल विहार दौरा

 रायपुर, 23 सितंबर 2013, कमल विहार के विकास के साथ ही जैसे - जैसे लोग इसे समझने लगेगें यह योजना और लोकप्रिय होती जाएगी, कोई भी योजनाएं अपने कार्यों और गुणवता के कारण ही लोकप्रिय होती है. रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना की अवधारणा, विकास और निर्माण की प्रगति देख कर सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक श्री अनिमेष चौहान ने उक्त बातें कही.
   
 कमल विहार योजना के विकास और निर्माण के लिए 550 करोड़ रुपए का ऋण देने वाले सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक श्री चौहान ने आज योजना स्थल का दौरा कर विकास कार्यों का जायजा लिया. योजना सलाहकार बिल्ट क्रॉफ्ट ने पावर पांईट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से कमल विहार की अवधारणा, योजना का प्रस्ताव तथा भूअर्जन की प्रक्रिया की जानकारी दी. श्री चौहान ने योजना में खासी दिलचस्पी लेते हुए कई सवाल भी पूछे. उन्होंने जानना चाहा कि नया रायपुर और कमल विहार योजना में क्या अन्तर है ? इस पर प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया ने बताया कि नया रायपुर में संपूर्ण भूमि का अर्जन कर विकास किया जा रहा है जबकि कमल विहार जनभागीदारी की योजना है जिसमें भूस्वामियों को उनकी मूल भूमि के बदले 35 प्रतिशत तक विकसित भूखंड निशुल्कः दिया जा रहा है. श्री चौहान को योजना में गरीबों के लिए बनाए जाने वाले 3276 ईडब्लूएस फ्लैट्स निर्माण के प्रस्ताव की भी जानकारी दी. उन्हें बताया गया कि कमल विहार क्षेत्र की एक मुख्य सड़क में आने वाले एक शासकीय स्कूल को नया भवन बना कर दिया गया है जो किसी भी निजी स्कूल के मामले में काफी बेहतर है. योजना में अधोसंरचना का विकास कर रही निर्माण कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए छात्र - छात्राओं के लिए पूरे स्कूल का फर्नीचर उपलब्ध कराया है.
श्री चौहान ने कमल विहार की प्रगति के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वे इतनी अच्छी योजना को देखने बार बार आते रहेगें. इस अवसर पर प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर श्री डी.एस.शाही, रीजनल मैनेजर श्री के. शिवानंद, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया सदर बाजार शाखा के चीफ मैनेजर श्री गौर, चीफ मैनेजर श्री अवधेश कुमार, सीनियर मैनेजर श्री मनीष त्रिपाठी, प्राधिकरण के वित्तीय सलाहकार श्री बंकिम शुक्ला, कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, लेखाधिकारी श्री संदीप सिंह पॉल, वैपकास के श्री संजय वर्मा व श्री एन.के. झा, एलएंडटी के श्री पी.के.गुप्ता व विकास गोयल उपस्थित थे.

Sep 18, 2013

श्री सुनील सोनी ने निभाया एक और वादा

न्यू राजेन्द्रनगर के 72 फ्लैट्स को बारिश के पानी से बचाने शुरु किया निर्माण 

रायपुर, 18 सितंबर 2013, न्यू राजेन्द्रनगर स्थित 72 फ्लैट्स के निवासी आज उस समय बेहद उत्साहित थे जब उनके परिसर को बारिश के पानी से डूबने से बचाने के लिए निर्माण कार्य की शुरुआत की गई. रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री नंद कुमार साहू और रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने आज 72 फ्लैट्स परिसर में भरने वाले वारिश के पानी की निकासी के लिए पूरे परिसर की कांक्रीट फ्लोरिंग, 5 ब्लॉक का बाहरी प्लॉस्टर और पुताई के कार्य की शुरुआत की.
 लगभग साढ़े 7 लाख रुपए की लागत से होने वाले कार्य के संबंध में विधायक श्री साहू और प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सोनी ने गत 31 जुलाई को नागरिकों से वायदा किया था कि जैसा उन्होंने देवेन्द्रनगर के साईनगर और चाणक्य फ्लैट्स तथा कटोरातालाब के मैथिलीशरण गुप्त अपार्टमेंट के लोगों के फ्लैट्स की मरम्मत करवा कर उनका जीवन बेहतर बनाया है उसी प्रकार 72 फ्लैट्स के नागरिकों के अच्छी सुविधाएं देगें. टेन्डर की औपचारिकता पूरी कर आज प्राधिकरण ने 72 फ्लैट्स के परिसर में निर्माण कार्य प्रारंभ कर अपना वादा पूरा किया.
इस अवसर पर नगर निगम के पार्षद पूर्व पार्षद संतोष सारथी, न्यू राजेन्द्रनगर के नागरिक गुरदीप सिंह टूटेजा, तोषन साहू, लीलाधर चन्द्राकर,राधाकृष्ण कुकरेजा, सुशील परिहार, सनत कुमार पांडे, दिलीप कुमार राजपाल, रवि ठाकुर, संदीप मिश्रा, दुर्गाशंकर पांडे सहित महिला मंडल की श्रीमती मनीषा, श्रीमती रेशमा छाबड़ा उपस्थित थी.

Sep 17, 2013

सिटी सेन्टर की दुकानों की निविदा दर में संशोधन

निविदा अब 1 अक्टूबर को
रायपुर, 17 सितंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण ने देवेन्द्रनगर स्थित छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर के व्दितीय तल पर 5 तथा तृतीय तल पर 6 दुकानों / कार्यालयों के लिए निर्मित स्थल को विक्रय करने के पूर्व प्रस्तावित आफसेट मूल्य में संशोधन किया है. व्दितीय तल में 3046 रुपए प्रति वर्गफुट तथा तृतीय तल में 2746 रुपए प्रति वर्गफुट की वृध्दि की गई है. इससे प्राधिकरण को बुनियादी तौर पर ही लगभग 11 करोड़ 32 लाख रुपए का लाभ होगा. संशोधन के अनुसार व्दितीय तल हेतु न्यूनतम दर 11,103 रुपए प्रति वर्गफुट तथा तृतीय तल हेतु 10,045 रुपए होगी.  
प्राधिकरण ने छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े मॉल की दुकानों के विक्रय के लिए गत 17 अगस्त को स्थानीय समाचार पत्रों में निविदा विज्ञापन का प्रकाशन किया था. उसके बाद प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने पाया कि निविदा की दर अर्थात ऑफसेट रेट बाजार भाव की तुलना में कम है. तब श्री सोनी ने निविदा की दरों में संशोधन किए जाने का निर्देश दिया. इसके बाद प्राधिकरण स्तर पर पुनः दरों का विश्लेषण कर संशोधित दरें प्रस्तावित कर उसे प्राधिकरण की वेबसाईट आरडीए रायपुर डॉट कॉम पर प्रकाशित कर दिया गया है.
प्राधिकरण ने निविदा की तिथि भी बढ़ा दी है. पहले निविदा की अंतिम तिथि 17 सितंबर थी जिसे अब बढ़ा कर 1 अक्टूबर कर दिया गया है. इच्छुक संस्था या व्यक्ति दुकाने लेने के लिए अपनी दरों का प्रस्ताव प्राधिकरण कार्यालय में 1 अक्टूबर तक प्रस्तुत कर सकते हैं. प्रस्ताव के संबंध में नियम एवं शर्ते प्राधिकरण की वेबसाईट आरडीए डॉट काम पर उपलब्ध है. उल्लेखनीय है कि लगभग पौने छह एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर प्रदेश का सबसे बड़ा मॉल है जो 10 अक्टूबर 2010 को प्रारंभ किया गया था.

Sep 10, 2013


अमित कटारिया आरडीए के सीईओ

रायपुर, 10 सितंबर 2013, नया रायपुर डेव्लेंहपमेट अथारिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन प्राधिकरण का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया. राज्य शासन के आदेश के बाद उन्होंने  आवास एवं पर्यावरण विभाग के उपसचिव की जिम्मेदारी भी ले ली है. श्री कटारिया इसके पूर्व में प्राधिकरण में दो साल तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी रह चुके हैं.

आधुनिक नहीं अब स्मार्ट शहरों की बारी
- सुनील कुमार सोनी
हमारे पूर्वजों ने लोगों के रहने के लिए शहरों की जो डिजाईऩ की थी वह उस समय की आवश्यकता के अनुरुप बेहतर थी । लेकिन आज के हमारे शहर टेक्नालाजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं ।
संचार और कम्प्यूटर टेक्नॉलाजी ने हमें जीवन के हर क्षेत्र को और बेहतर बना रहा है । कम्प्यूटर और नैनो टेक्नॉलाजी ने आज हमारे जीवन स्तर को तार्किक स्वरुप प्रदान करते हुए कई बेहतर विकल्प सामने ला खड़े किए हैं । ऐप्स, डीआईवाई सेंसर, नैनों चिप्स, स्मार्टफोन तथा वेब की तकनीक शहर निर्माण में अहम भूमिका में आगे आ गई है । अब हम अपनी सुगमता के लिए सिर्फ शहर ही नहीं बना रहे हैं वरन अपनी प्राकृतिक विरासत,संस्कृति, व्यापार और समुदाय के लिए शहर बना रहें हैं।
एक अनुमान के मुताबिक साल 2050 तक दुनिया की 75 प्रतिशत आबादी शहरों में निवास करेगी जिससे यातायात व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं पर ज़बर्दस्त दबाव होगा । इसलिए अब नए विकल्प के रुप में दुनियाभर में स्मार्ट शहरों का निर्माण शुरू हो चुका है। कहा जा रहा है कि अब जो स्मार्ट शहर बनेगें वे हमारी कल्पनाओं से परे होगें। भविष्य के इन शहरों में बिजली के ग्रिड से लेकर सीवर पाइप, सड़कें, कारें और इमारतें हर चीज़ एक एक नेटवर्क से जुड़ी होगी। यहां की इमारतें अपने आप बिजली बंद करेगी, स्वचालित कारें खुद अपने लिए पार्किंग ढूंढेंगी और यहां तक कि कूड़ादान भी स्मार्ट होगा। स्मार्ट शहर का मतलब होगा कि एक ऐसा शहर जो आपकी ज़रूरतों को अपने आप पूरा करे।
दुनिया की कई जानी मानी तकनीकी कंपनियां अब स्मार्ट शहरों का भविष्य तय कर रही हैं। वे शहर में जल के रिसाव से लेकर वायु प्रदूषण और ट्रैफिक जाम तक हर समस्या को सुलझाने के लिए नए नए सॉफ्टवेयर बना कर बेच रही हैं। नए स्मार्ट शहरों का भविष्य शहरों की इमारतों, बिजली के खंभों और पाइप पर लगे सेंसरों व्दारा रखी जाने वाली निगरानी से नियंत्रित होगा। सिंगापुर, स्टॉकहोम और कैलिफोर्निया में एक कंपनी यातायात के आंकड़े जुटा शहरों में लगने वाले जाम की एक घंटे पहले ही भविष्यवाणी कर रही है। वहीं रियोडिजेनेरियो में एक कंपनी ने नासा की तरह एक कंट्रोल रूम बना रखा है जहाँ लगी स्क्रीनें पूरे शहर में लगे संवेदकों और कैमरों से आंकड़े जुटाती हैं। डबलिन में एक कंपनी ने सिटी काउंसिल के साथ मिलकर मोबाइल फोन्स के लिए एक पार्कया ऐप्स तैयार किया है जो लोगों को शहर में पार्किंग की जगह ढूंढने में मदद करता है। अमरीकी शहर डुबुक में कंपनी स्मार्ट वाटर मीटर बना रही है जो कम्युनिटी पोर्टल के माध्यम से लोगों को डेटा उपलब्ध करा रही है ताकि वे पानी की अपनी खपत को देख सकें। एक अमरीकी कंपनी का मानना है कि हमें एक ऐसे शहर विकसित करने की ज़रूरत है जो लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। पहले यह संभव नहीं था क्योंकि तब ज्यादा सूचना उपलब्ध नहीं थीं। चीन दर्जनों ऐसे नए शहर बसाने की ओर बढ़ रहा है जिसमें रियोडिजेनेरियो की तरह कंट्रोल रूम स्थापित होंगै। स्मार्ट शहर का भविष्य तय करने के लिए स्मार्टफोन, ऐप्स, डीआईवाई सेंसर तथा वेब इस्तेमाल करने वाले लोग लिख रहे है। डोंट फ्लश मी एक छोटा डीआईवाई सेंसर और ऐप है जो अकेले दम पर न्यूयॉर्क की पानी से जुड़ी समस्याओं को सुलझा रहा है। इसी तरह सेंसर नेटवर्क एग लोगों को शहर की समस्याओं के प्रति सचेत कर रहा है।
एक शोध के आंकड़ों के अनुसार दुनिया में हर साल 20 लाख लोगों की मौत वायु प्रदूषण के कारण होती है शहरों में बढ़ती भीड़भाड़ के कारण यह समस्या और बदतर हो रही है। इस समस्या के आंकलन के लिए एक कंपनी सस्ते सेंसर बेचकर वायु की गुणवत्ता के बारे में आंकड़े जुटा रहा है। ताकि लोग इन सेंसरों को अपने घरों के बाहर लगाकर हवा में मौजूद ग्रीन हाउस गैसों, नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन मोनो ऑक्साइड के स्तर का पता लगा सकते हैं। इन आंकड़ों को इंटरनेट पर भेज कर एक नक्शे में जोड़कर दुनियाभर में प्रदूषण के स्तर को दिखाया जाता है। सेंटर फॉर एडवांस स्पेशिएल एनालिसिस लंदन के निदेशक हडसन स्मिथ के अनुसार  शहरों की स्थिति सुधारने में लोगों की भागीदारी बेहद अहम है। उनकी टीम में लंदन को स्मार्ट बनाने के लिए एक सिटी डैशबोर्ड विकसित किया है। रियोडिजेनेरियो के कंट्रोल रूम की तरह डैशबोर्ड प्रदूषण, मौसम और नदी के जल स्तर से संबधित आंकड़ों को समाहित करता है। साथ ही यह ट्विटर और शहर की खुशहाली पर भी नजर रखता है।
इन दिनों स्मार्ट शहरों के बारे में विकसित देशों में काफी चर्चा है लेकिन उनके पास ऐसी कोई तकनीक नहीं है जिससे वास्तव में लोगों की जिंदगी में बदलाव आ रहा है। पर यह उम्मीद जरूर है कि अगले पांच सालों में चीजें स्मार्ट हो जाएंगी। तब शहर का डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रेनों और सड़कों की तरह अहम हो जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या हम अपने शहरों कि बेहतर बनाने के चक्कर में उनकी सबसे बड़ी धरोधर को खो भी सकते हैं ? लेकिन यह बात तो तय है कि बेहतर सोच वाले स्मार्ट लोग ही स्मार्ट शहर बनाएंगे।
रायपुर विकास प्राधिकरण भी दुनिया की ऐसी कल्पनाओं को साथ ले कर चल रहा है। इसी दिशा में कमल विहार की कल्पना जो एक आम आदमी की योजना तो है पर हर किसी की कल्पना से परे... इसमें आम से खास सभी लोगों के सारे सपने गढ़ने का काम उनकी सोच से पहले कर दिया है ताकि आगे आने वाली टेक्नॉलाजी के लिए विकास के सभी रास्ते खुले रहें । हिन्दुस्तान के स्मार्ट शहर होने की दिशा में अग्रसर होते हुए हम अब रायपुरवासियों के सपने पूरे करने के लिए वचनबध्द है।
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-          सुनील कुमार सोनी, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं

Sep 6, 2013

कमल विहार में पारदर्शिता, कोई भी कागज-फाईल दिखाने को तैयार - सुनील कुमार सोनी

जिनकी सहमति उन्हें भूखंड दिया, जिन्होंने नहीं दी उन्हें मुआवजा

रायपुर, 6 सितंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने पूर्व शिक्षा मंत्री श्री सत्यनारायण शर्मा के कमल विहार योजना के संबंध में लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि श्री शर्मा जी पिछले दो सालों में कुछ भी नहीं बोले और अब जब चुनाव आ रहा है तो उन्हें कमल विहार याद आ रहा है. 


श्री सोनी ने कहा कि कमल विहार योजना पूरे नियमों के अन्तर्गत बनाई गई एक पारदर्शी योजना है. हम श्री शर्मा जी को योजना के बारे में पूरी जानकारी देने के लिए तैयार हैं वे जो फाईल या कागज देखना चाहें प्राधिकरण कार्यालय में उन्हें दिखा दिया जाएगा. इसके लिए उन्हें सूचना के अधिकार के तहत जानकारी लेने और समय खराब करने की भी जरूरत नहीं है. श्री सोनी ने आगे कहा कि कमल विहार योजाना में यदि कोई खोट या गल्ती होती तो बिलासपुर हाईकोर्ट भूस्वामियों की याचिका खारिज नहीं करता. हाईकोर्ट का निर्णय यह साबित करता है कि कमल विहार संवैधानिक रुप से एक सही और जनहित में बनाई जा रही आम आदमी की योजना है.
       श्री सोनी ने कहा कि कमल विहार में जिन भूस्वामियों ने विकसित भूखंड चाहे उन्हें उनकी सहमति के आधार पर अनुबंध कर प्लॉट दिए गए हैं. जिन्हें भूखंड नहीं चाहिए था उन्हें प्राधिकरण ने कलेक्टर गाईड लाईन के आधार पर मुआवाजा दिया. श्री सोनी ने कहा कि यह कहा जा रहा है कि 800 परिवारों को भूखंड नहीं दिया जा रहा है यह गलत है प्राधिकरण में 543 भूस्वामियों ने विकसित भूखंड लेने के लिए अपनी सहमति नहीं दी इसलिए उन्हें मुआवजा दिया जा रहा. मुआवजे की दर प्राधिकरण नहीं तय करता यह तो कलेक्टर व्दारा बनाई गई गाईड लाईन के आधार पर तय होता है. श्री सोनी ने कहा कि प्राधिकरण व्दारा समाचार, विज्ञापनों और नोटिस के माध्यम से कई बार भूस्वामियों को विकसित भूखंड और अनुबंध करने की सूचना दी गई है और यह सब रिकार्ड में दर्ज है. गत 4 जुलाई को श्री चुन्नीलाल प्रजापति को प्राधिकरण कार्यालय में मुआवजे का चेक दिया गया है. इसके बाद जो भी मुआवाजा लेने आएगा उसे पांच दिनों में मुआवजा की राशि दे दी जाएगी.
      प्राधिकरण के अध्यक्ष ने बताया कि 543 भूस्वामियों व्दारा कमल विहार योजना में विकसित भूखंड लेने की सहमति नहीं दिए जाने के कारण उनकी भूमि अर्जित की गई है. प्राधिकरण ने इस हेतु पिछले साल जुलाई को भू-अर्जन अधिकारी को राशि भी दे दी है. श्री सोनी ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग में रोड रास्ते की भूमि के लिए छोड़ी गई भूमि की जांच राजस्व अधिकारी व्दारा की जा रही है.
  800 सौ परिवारों को जिनकी बात कही जा रही है उनमें जिनकी भूमि 2900 वर्गफुट से अधिक थी उन्हें शासन के आदेश से एक स्लैब ऊपर की अतिरिक्त भूमि का आवंटन किया गया है. यह आवंटन कमल विहार में अधोसंरचना विकास के मद में आरक्षित रखी गई 10 प्रतिशत भूमि में से किया गया है. श्री सोनी ने कहा कि श्री सत्यनारायण शर्मा जी का यह कहना की 3500 परिवारों को धमकी दे कर अनुबंध कराया है यह भी पूर्णत निराधार है. भूस्वामियों ने अपनी सहमति से अनुबंध किया है. अनुबंध में स्पष्ट उल्लेख है कि यह प्रोविजनल अनुबंध है स्थल पर कब्जा देते समय अंतिम अनुबंध किया जाएगा. इसके पश्चात ही संबंधित विकसित भूखंड भूस्वामी के नाम से दर्ज होगा. जहां तक भूअर्जन की बात है इसकी कार्रवाई नियमों के अन्तर्गत भूअर्जन अधिकारी रायपुर व्दारा की जाती है रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा नहीं.
      श्री सोनी ने कहा कि श्री शर्मा कभी 3500 परिवारों की बात करते हैं कि उन्हें धमकी दे कर अनुबंध कराया गया है और कभी 800 परिवारों की बात करते हैं कि उन्हें आरडीए भूखंड नहीं दे रहा है. इन दोनों बातों पर वे पहले स्वयं ही आश्वस्त हो लें कि वे क्या कहना और समझना चाहते हैं.