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Mar 16, 2010

कमल विहार के 90 प्रतिशत भूस्वामियों के पास आधा एकड़ से कम के भूखंड

अवैध प्लाटिंग करने वालों का कमाल
कमल विहार के 90 प्रतिशत भूस्वामियों के पास आधा एकड़ से कम के भूखंड
अमीर बनाने का सपना दिखा कर बेचे हजारों अवैध प्लाट
रायपुर, 16 मार्च 2010, रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना क्षेत्र में लगभग 90 प्रतिशत भूस्वामियों के पास आधा एकड या उससे कम भूमि के भूखंड है. शेष 10 प्रतिशत लोगों में से एक अनुमान के अनुसार लगभग 6 प्रतिशत बडे पूंजी निवेशक हैं. प्राधिकरण द्वारा एकत्रित आंकडों के विशलेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि अवैध प्लाटिंग करने वाले लोगों ने नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर से बिना अभिन्यास स्वीकृत कराए हजारों की संख्या में छोटे – छोटे भूखंड काट कर बेच दिए हैं. योजना में कुल 5730 भू स्वामियों में से 5136 ऐसे लोग है जिनके पास आधा एकड अथवा उससे कम क्षेत्रफल के भूखंड है. जो लगभग 89.5 प्रतिशत होता है. योजना में लगभग 66 प्रतिशत लोग ऐसे जिनके पास लगभग 4 हजार वर्गफुट या उससे कम भूमि है. इनकी संख्या 3811 है.
योजना क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वालों ने जमीन के दलालों के माध्यम से ने चमक – दमक वाले आकर्षक ब्रौशर व पॉम्पलेट छपवा कर शहर की भोली भाली जनता हजारों की तादाद में अवैध प्लॉट बेचे है. पूंजी निवेश कर कुछ सालों में अमीर बनाने के सपने दिखा कर आम लोगो को भूंखंड बेचे गए है. ऐसे लोग रायपुर शहर के बड़े होटलो में हर माह प्लाटों की लाटरी निकाल कर प्लाट बांटे है.. पुलिस कार्रवाई के बाद अब लाटरी से ठगने का खेल बंद हुआ है. अवैध प्लाटिंग करने वालो ने किसानों की खाली पडी भूमि को खरीद कर उसके अवैध रुप से जो प्लाट काटे है उनमें पहुंचने के लिए ना तो सड़क है और ना ही बिजली, पानी और नाली की सुविधा है. कई लोगों को तो अपने भूखंड की जानकारी ही नहीं है कि उनके भूखंड कहां है. इन भूंखंड़ो पर मकान बनाने के लिए तो ना तो उसका नक्शा पास हो सकता है और ना ही उसमें मकान बनाया जा सकता है. बिना मानचित्र के स्वीकृति के भवन निर्माण के लिए बैंक या वित्तदायी संस्थाएं भी ऋण नहीं देती.
अवैध प्लॉटिंग करने वाले लोगों ने कुछ माह पहले कमल विहार योजना क्षेत्र में आने वाले गांवों में टिकरापारा, बोरियाखुर्द, डुमरतराई, डुंडा और देवपुरी के गांव - गांव में यह भ्रम फैलाया की आरडीए सबके मकान तोड़ देगा पूरी की पूरी बस्तियों को उजाड देगा और तुम लोगों की जमीन हड़प लेगा. इसलिए यदि अपना मकान बचाना है तो ये फार्म भर कर दे दो नहीं तो तुम्हारी जमीन चली जाएगी. दहशत के माहौल में हजारों की तादाद में छपे हुए आवेदन पत्र ग्रामीणों को बांट कर उनसे हस्ताक्षर करा कर आरडीए के कार्यालय में हजारों की आपत्तियां लगवाई गई. प्राधिकरण के कार्यालय में सुनवाई में आ रहे कई लोगों की लिखित आपत्तियों में क्या लिखा है वे यह नही जानते. अवैध प्लॉटिंग करने वालों ने चमक – दमक वाले आकर्षक ब्रौशर व पॉम्पलेट छपवा कर जमीन दलालों के माध्यम से शहर की भोली भाली जनता को भ्रम में डाल कर हजारों की तादाद में अवैध प्लॉट बेचे है. अब ऐसे ही लोग अपने स्वार्थ के लिए शहर को सुव्यवस्थित बनाने शासन की कमल विहार योजना का विरोध कर रहें है.
   कमल विहार योजना में वास्‍तविक भूस्वामियों की भूमि / भूखंडों की जानकारी
क्रमांक
भूखंड का आकार
(वर्गमीटर में)
भूखंडों की संख्‍या
भूखंडों का  (प्रतिशत में)
कुल भूखंडों की संख्‍या
कुल भूखंडों का प्रतिशत
1.
0-100
470
8
470
8
2.
101-150
1696
30.5
2166
38.5
3.
151-200
487
8
2653
46.5
4.
201-300
886
15
3539
61.5
5.
301-400
272
5
3811
66.5
6.
401-500
283
5
4094
71.5
7.
501-1000
418
7
4512
78.5
8.
1001-2500
624
11
5136
89.5
9.
2501-4000
205
4
5341
93.5
10.
4001-10000
298
5
5639
98.5
11.
10001-20000
60
1
5699
99.5
12.
20001 से अधिक
31
0.5
5730
100

कुल
5730
100%





Mar 11, 2010

शासन की घोषणा के अनुसार ही बनेगा कमल विहार

वेबसाइट में कमल विहार की प्रारुप योजना और आपत्तिकर्ताओं की सूची
योजना में आने वाला कोई मकान बस्ती नहीं टूटेगी
रायपुर, 11 मार्च 2010. रायपुर विकास प्राधिकरण ने कहा कि आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने कमल विहार योजना के संबंध में जो घोषणा की है वह पूरी तरह से लागू की जाएगी. जहां तक योजना के संबंध में प्राधिकरण की वेबसाइट www.rdaraipur.com में जो जानकारी है वह प्रारुप योजना की जानकारी है.यह जानकारी जनसूचना के लिए 20 नवंबर से 21 दिसंबर 2009 के दौरान आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रण के लिए वेबसाइट में डाली गई थी. चूंकि उसके बाद से योजना की आधिकारिक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है इसलिए योजना के संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.
इन दिनों प्राधिकरण द्वारा नवबंर - दिसंबर 2009 में प्राप्त आपत्तियों पर गठित समिति सुनवाई कर रही है. इस संबंध में जिन व्यक्तियों को उनकी आपत्ति के संबंध में समक्ष में बुला कर सुना जा रहा है उनके नाम की सूची प्राधिकरण की वेबसाइट में प्रदर्शित की गई है. समिति द्वारा सुनवाई के पश्चात की गई अनुशंसा और मंत्री जी की घोषणा के अनुरुप प्रारुप योजना के अभिन्यास में आवश्यक संशोधन कर शासन की अनुमति ली जाएगी. उसके पश्चात कमल विहार योजना का अंतिम प्रकाशन कर इसे क्रियान्वित किया जाएगा. 
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार वेबसाइट www.rdaraipur.com में कमल विहार योजना का जो प्रारूप दिया गया है वह टाउन हॉल रायपुर में 20 नवंबर से 21 दिसंबर 2009 के बीच आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रण के दौरान जनसूचना के लिए दी गई जानकारी थी. वेबसाइट में छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 50 (3) के अंतर्गत कमल विहार योजना के अंतर्गत आने वाले भू-स्‍वामियों को उक्त अवधि में योजना के अभिन्‍यास, उनकी भूमि के बदले दिए जाने वाले भूखंड इत्‍यादि की जानकारी दी गई थी. उन्होंने बताया कि आपत्ति एवं सुझाव की अवधि के बाद प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने लोकहित में यह घोषणा की थी कि कमल विहार योजना क्षेत्र में आने वाले किसी भी मकान तथा बस्‍ती नहीं तोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा था कि किसी भी भू स्वामी से उनकी भूमि के बदले दिए जाने वाले भूखंड के लिए कोई राशि नहीं ली जाएगी. रायपुर विकास प्राधिकरण मंत्री जी की घोषणा के अनुसार ही कमल विहार योजना का क्रियान्वयन करेगा.
वर्तमान में प्राधिकरण कार्यालय में नवंबर-दिसंबर 2009 में आमंत्रित आपत्तियों की सुनवाई नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम के अंतर्गत गठित समिति के द्वारा की जा रही है. यह सुनवाई 16 अप्रैल तक होगी. समिति आपत्तिकर्ताओं को अपने समक्ष आमंत्रित कर उनकी आपत्ति पर सुनवाई कर रही है. सुनवाई पूरी होने के बाद समिति की रिपोर्ट व अनुशंसा के आधार पर रायपुर विकास प्राधिकरण कमल विहार योजना के प्रारूप योजना में परिवर्तन कर योजना का छत्तीसगढ़ राजपत्र में अंतिम प्रकाशन करेगा. इसके बाद कमल विहार योजना में विकास कार्य शुरु किया जाएगा. 

Mar 7, 2010

व्यवस्थित रुप से मकान देना सरकार का दायित्व – श्री राजेश मूणत






बोरियाखुर्द के 1800 फ्लैट्स का लोकार्पण


व्यवस्थित रुप से मकान देना सरकार का दायित्व – श्री राजेश मूणत


रायपुर 07 मार्च 2010, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने कहा है कि सरकार का यह दायित्व है कि वह जनता को व्यवस्थित रुप से मकान की सुविधा दे. उन्होंने कहा कि भूमिपूजन के समय से ही शासन की मंशा थी कि बुनियादी सुविधाओं सहित आवासीय कालोनी बने. रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज जिन 1800 फ्लैट्स का लोकापर्ण करवाया है उससे गरीबों को सुविधा मिलेगी. श्री मूणत आज रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बोरियाखुर्द में डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के फ्लैट्स लोकार्पण के अवसर पर बोल रहे थे.
Text Box: फोटो वेवसाइट पर उपलब्ध www.rdaraipur. blogspot.com.श्री मूणत ने कहा कि प्राधिकरण ने बोरियाखुर्द में जो कालोनी बनाई है वह एक उपनगर की तरह ही विकसित होगी. उन्होंने कहा कि रिंग रोड के साथ यहां व्यावसायिक दुकानें व सामुदायिक केन्द्र भी बनाया जाएगा. इसके अतिरिक्त मध्यम वर्ग के लिए 1296 फ्लैटस निर्माण की भी योजना है. श्री मूणत ने कहा कि यह  फ्लैट्स 2.21 लाख रुपए कीमत के है. इसमें किश्तों की सुविधा दी गई है साथ ही यदि कोई चाहे तो वह एक मुश्त राशि जमा कर इसकी रजिस्ट्री करवा सकता है. हितग्राही चाहें तो वे बैक से ऋण ले कर भी राशि का भुगतान कर सकते हैं क्योंकि बैंक कम ब्याज दर पर ऋण दे रहें हैं. श्री मूणत ने आवंटितियों से कहा कि अब यह मकान उनका घर है हमारी यह कामना है कि आप यहां सुख से रहें.
इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री नंद कुमार साहू ने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में सबसे महत्व के दो बड़े कार्य होते है एक शादी और दूसरा मकान. ये दोनो कार्य पूरे हो जाए तो फिर जीवन में कोई कठिनाई नहीं आती. आरडीए ने जिस उद्देश्य से यह मकान बनाए वह आज पूरा हुआ और गरीबों को कम से कम कीमत मे मकान उपलब्ध हुए हैं. इसके लिए आरडीए बधाई का पात्र है. उल्लेखनीय है कि 24 दिसंबर 2007 को तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत ने इस योजना का भूमिपूजन किया था और आज उन्होंने ही इसका लोकार्पण भी किया..  
भूखंड से भी कम कीमत में आवास - प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि योजना न्यून निम्न आय वर्ग के लिए राज्य प्रवर्तित योजना है. जिसकी कुल लागत 34.06 करोड रुपए है. योजना को दो ग्रुप में यथा ग्रुप ए व ग्रुप बी में बनाया गया है. प्राधिकरण ने काफी प्रयास कर भूखंड से भी कम कीमत में शहरी गरीबों को यह फ्लैट्स उपलब्ध कराए है. योजना में उन व्यक्तियों को यह फ्लैट्स दिया गया है जो रायपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र के निवासी है तथा जिनकी वार्षिक आय 72 हजार रुपए तक है. यह योजना ग्राम बोरियाखुर्द के 41 एकड़ क्षेत्र में विकसित की गई है. इसमें कुल 150 ब्लॉक्स में 1800 फ्लैट्स का निर्माण किया है. योजना के एक फ्लैट का क्षेत्रफल 299 वर्गफुट है. एक फ्लैट्स में दो कमरे, एक रसोई एक टॉयलेट व बॉलकनी का प्रावधान किया गया है. एक फ्लैट की कीमत 2.21 लाख रुपए है. फ्लैट्स में पंजीयन के समय आवंटितियों ने 20 हजार रुपए की राशि प्राधिकरण कोष में जमा की है. इसके बाद आवंटितियों ने 21 हजार रुपए की राशि जमा कर अनुबंध किया है. शेष राशि उनसे बीस सालों की मासिक किश्तों में ली जाएगी. फ्लैट की मासिक किश्त 1920 रुपए है. आवंटिती वे चाहे तो समय को पहले भी राशि जमा करा सकते हैं.
स्वस्थ एवं पर्यावरणीय वातावरण से युक्त इस योजना क्षेत्र में प्राधिकरण द्वारा कई बुनियादी सुविधाएं दी गई है. इसके अलावा उद्यान, दो सामुदायिक भवन व 42 दुकानों का व्यावसायिक परिसर का निर्माण प्रस्तावित है. योजना में विकास कार्य के अन्तर्गत वर्तमान में डब्लू.बी.एम. सड़कों का निर्माण किया गया है जिसे भविष्य में डामरीकृत किया जाएगा. योजना दो उच्च जलागार व सम्पवेल, सम्पवेल, 10 नलकूप, एक विद्युत सबस्टेशन, 13 विद्युत ट्रॉंसफार्मर सहित लगभग 200 विद्युत पोल लगाए गए है.  प्राधिकरण ने इसके पहले हीरापुर में ऐसे ही 816 फ्लैट्स, सरोना में 300 फ्लैट्स गरीबों को आवंटित किए है. और हाल ही में 27 फरवरी को रायपुरा में 972 फ्लैट्स का लोकार्पण माननीय मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने किया है.
कार्यक्रम में प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, सरपंच श्रीमती सरस्वती साहू, उपसरपंच श्री नरेन्द्र फरिकार, रजनीश ठाकुर, रोमन विजो, सुरेन्द्र साहू, तिलक साहू, जगत राम यादव, प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता श्री डी.एस. परोहा, कार्यपालन अभियंता श्री पी.आर.नारंग व श्री पी.एम. कोल्हे, संपदा अधिकारी श्री प्रीतपाल सिंह होरा, राजस्व अधिकारी श्री प्रणव सिंह, सहायक अभियंता श्री श्रीचंद झा, श्री मुकेश अवस्थी, श्री राजीव अग्रवाल, श्री अनिल गुप्ता, श्री वाय. सी. साहू, श्री के. पी. देवांगन, श्री बी.के.ठाकुर, उपअभियंता श्री के.के. अवस्थी, श्री एम.एस.पांडे, श्री घनश्याम गजेन्द्र, श्री सुशील शर्मा, सहायक राजस्व अधिकारी श्री रविशंकर दीक्षित, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र सेंगर, योजना के ठेकेदार श्री अशोक गोगना, श्री सुरेश चन्नावार व वास्तुकार श्री जाकिर खान उपस्थित थे. 

Mar 6, 2010

बोरियाखुर्द के 1800 फ्लैट्स का लोकार्पण कल

      डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना - बोरियाखुर्द
बोरियाखुर्द के 1800 फ्लैट्स का लोकार्पण करेंगे श्री राजेश मूणत
रायपुर 06 मार्च 2010, गरीबों के लिए बोरियाखुर्द में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत नवनिर्मित 1800 फ्लैट्स का लोकार्पण 7 मार्च प्रातः 10 बजे आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत द्वारा किया जाएगा. कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री नंद कुमार साहू करेंगे. इस अवसर पर श्री मूणत फ्लैट्स आवंटितियों को उनके फ्लैट्स का का अधिपत्य पत्र सौपेंगे.  
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार जिन आवंटितियों ने अपने फ्लैट्स का अनुबंध करा लिया है उन्हे स्थल पर ही कब्जा दिया जाएगा. इस हेतु प्राधिकरण के अधिकारी वहां उपस्थित रहेंगे. उन्होंने आवंटितियों से आग्रह किया है कि वे शीघ्र ही अपने फ्लैट्स का कब्जा प्राप्त कर लें. 41 एकड़ क्षेत्र में बनी इस योजना की लागत 34.06 करोड रुपए है. प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल 299 वर्गफुट है. कुल 150 ब्लॉक्स में 1800 फ्लैट्स का निर्माण दो ग्रुप में किया गया है. एक फ्लैट की कीमत 2.21 लाख रुपए है. फ्लैट्स का आंवटन पंजीयन के माध्यम से किया गया है. आवंटितियों ने फ्लैट के पंजीयन के समय 20 हजार रुपए तथा आवंटन के बाद 21 हजार रुपए का भुगतान किया है. शेष राशि बीस साल की मासिक किश्तों में देय होगी. फ्लैट की मासिक किश्त 1920 रुपए है.एक फ्लैट में दो कमरे, एक रसोई, एक टॉयलेट व बॉलकनी की सुविधा दी गई है. योजना में जल उपलब्धता हेतु दो उच्च जलागार, दो सम्पवेल तथा 10 नलकूप की व्यवस्था की गई है.विद्युत व्यवस्था हेतु विद्युत सब स्टेशन सहित 13 ट्रॉंसफॉर्मर व लगभग 200 विद्युत पोल लगाए गए हैं.योजना में प्रदूषित पानी की निकासी के लिए आरसीसी नाली तथा ऑक्सीडेशन पॉन्ड का निर्माण किया गया है.
योजना में दुकानों तथा सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य अप्रैल में शुरु होगा. इसके अन्तर्गत दो ग्रुप के अन्तर्गत कुल 42 दुकानें तथा दो सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाएगा. योजना क्षेत्र में प्राथमिक शाला भवन हेतु स्थान आरक्षित है.  
सवा दो साल पहले भूमिपूजन किया अब लोकार्पण करेंगे श्री मूणत : उल्लेखनीय है कि तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत ने रायपुरा में 24 दिसंबर 2007 को इस योजना का भूमिपूजन किया था और कल 7 मार्च को वे इसका लोकार्पण करेंगे. प्राधिकरण ने डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत रायपुरा में गत 27 फरवरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रायपुरा में निर्मित 972 फ्लैट्स का लोकार्पण किया था. डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत प्राधिकरण ने बुनियादी सुविधाओं सहित हीरापुर में 816, सरोना में 300, रायपुरा में 972 फ्लैट्स का निर्माण किया है. इस प्रकार इस श्रृंखला के अन्तर्गत 3888 फ्लैट्स का निर्माण पूरा कर लिया है. प्राधिकरण ने राज्य प्रवर्तित इस योजना में शहरीय क्षेत्रों में भूखंड से भी कम कीमत में गरीबों को स्वस्थ एवं पर्यावरण के अनुकूल आवास उपलब्ध कराया है.

Mar 5, 2010

कमल विहार योजना की सुनवाई शुरु, 16 अप्रैल तक चलेगी



रायपुर, 05 मार्च 2010, रायपुर विकास प्राधिकरण की पहली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम कमल विहार योजना के संबंध में आपत्तिकर्ताओं की सुनवाई आज से प्राधिकरण कार्यालय में शुरु हुई. सुबह 11 बजे और दोपहर 3 बजे दो पालियों में 180 आपत्तिकर्ताओं को आमंत्रित किया गया था जिसमें लगभग 70 आपत्तिकर्ता उपस्थित हुए,  प्राधिकरण के अनुसार नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के प्रावधानों के अन्तर्गत यह सुनवाई 16 अप्रैल तक होगी.

रायपुरा के फ्लैट्स का कब्जा 12 मार्च से पहले ले लें


रायपुर, 05 मार्च 2010, रायपुर विकास प्राधिकरण ने मुख्यमंत्री के हाथों लोकार्पित डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना रायपुरा के आवंटितियों से आग्रह किया है कि वे एक सप्ताह के अन्दर अपने फ्लैट्स का कब्जा ले लें. प्राधिकरण प्रशासन ने कहा है कि कब्जा देर से लेने पर उसमें टूटफूट तथा सामान चोरी होने की आशंका बनी रहती है. इसलिए आवंटितियों को अपने फ्लैट्स का कब्जा ले कर उसमें प्रवेश कर लेना चाहिए. प्राधिकरण प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि फ्लैटस का कब्जा 12 मार्च तक नहीं लिए जाने पर उसके संबंध में किसी प्रकार की शिकायत के लिए प्राधिकरण जिम्मेदार नहीं होगा.

Mar 4, 2010

जून तक शुरु होगा देवेन्द्रनगर का छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर

2500 लोगों को मिलेगा रोजगार

रायपुर, 04 मार्च 2010, छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे बड़ा सिटी सेन्टर छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर इस वर्ष जून तक शुरु हो जाएगा. इस संबंध में कल रायपुर विकास प्राधिकरण और डेव्हलपर कंपनी के बीच भूमि के पट्टे का निष्पादन हुआ. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया की उपस्थिति में प्राधिकरण और गुप्ता इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नागपुर की सीईओ श्रीमती नंदिता छिब्बर ने पट्टे पर संयुक्त रुप से हस्ताक्षर किए.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार राजधानी का बहुप्रतीक्षित सिटी सेन्टर कम मल्टीप्लेक्स देवेन्द्रनगर के 5.70 एकड़ क्षेत्र में बन रहा है और इसका निर्माण अब अंतिम चरण में है तथा जून तक इसे शुरु कर दिया जाएगा. डेव्हलपर के अनुसार सिटी सेन्टर में रिटेल, ऑफिस, मल्टीप्लेक्स व बजट होटल का व्यवसाय होगा. पहले चरण में रिटेल मार्केट की शुरुआत होगी. मल्टीप्लेक्स व बजट होटल अक्टूबर 2010 तक शुरु हो जाएगा. मॉल में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रुप से लगभग 25 सौ लोगों को रोजगार भी मिलेगा. इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सिटी सेन्टर में कई सुविधाएं और विशेषताएं होंगी. मॉल में बिग बाजार और ' मॉल विद इन मॉल ' की अवधारणा के अन्तर्गत देश के प्रसिध्द व्यवसायी श्री किशोर बियाणी के फ्यूचर ग्रुप का ' सेन्ट्रल ' भी होगा. बिग बाजार 80 हजार वर्ग फुट में और सेन्ट्रल 60 हजार वर्गफुट में होगा. मध्यवर्ग के लिए बेहतरीन रेडीमेड कपड़ों के लिए रिलायन्स ट्रेन्ड तथा पूरे परिवार के जूतों के लिए रिलायंस फूट प्रिन्ट भी होगा. स्थानीय स्तर के ब्रॉंड उत्पादनों के साथ इस मॉल में संपूर्ण वैवाहिक खरीददारी भी की जा सकेगी. इसके लिए दुर्ग की फर्म श्रीशिवम 25 हजार वर्गफुट मे अपना शोरुम शुरु करेगा.
गुप्ता इन्फ्रास्ट्रक्चर के जनरल मैनेजर आपरेशन्स श्री सुनील करमाकर के अनुसार छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर नागपुर की मेसर्स. गुप्ता इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्रायवेट लिमिटेड का एक संयुक्त उपक्रम है. इसमें गुप्ता कॉरपोरेशन के श्री पदमेश गुप्ता, फ्यूचर ग्रुप के श्री किशोर बियाणी तथा सिनेमैक्स के श्री कनकिया हैं. श्री करमाकर ने बताया कि हॉइपर मार्केट, एंकर स्टोर, ज्वेलरी, सिनेमैक्स पांच मल्टीप्लेक्स, फूड कोर्ट, हेल्थ क्लब की सुविधा देने वाला यह मॉल 11 लाख 25 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बन रहा है. प्राधिकरण ने राजधानी में सबसे पहले मल्टीप्लेक्स की अवधारणा की सोच के साथ 22 नंवबर 2005 को इसका भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हाथों करवाया था. आठ तल वाले मॉल में तीन बेसमेंट तथा ऊपर पांच तल होंगे. कार पार्किंग की व्यवस्था बेसमेंट के दो फ्लोर सहित परिसर में होगी तथा इसमे 8 सौ कारों की पार्किंग की जा सकेगी. मॉल में 13 लिफ्ट 11 एक्सलेटर तथा एक ट्रैव्हलर लेडर की सुविधा होगी. ट्रैव्हलर लेडर एक विशेष प्रकार एक्सलेटर है जिसमें सीढ़ी नहीं होगी. यह महिलाओं तथा बच्चों के लिए विशेष रुप से लगाई जा रही है जिसमें वे बेसमेंट से भूतल तक ट्रॉली भी ले जा सकेंगे.
छत्तीसगढ़ सिटी मॉल में पर्यावरण संरक्षण के प्रति बेहतर तकनीक का उपयोग किया गया है. इसी शुरुआत निर्माण कार्यों से की गई थी. इसमें फ्लाई एश ईटों का उपयोग किया गया है. भूजल को बचाने की दिशा में पूरे भवन का पानी वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली से भूमि के अन्दर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. बाथरुम व टॉयलेट के गन्दे पानी का पुर्नउपयोग के लिए यहां दो लाख लीटर क्षमता वाला  सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया गया है. मॉल परिसर को खूबसूरत बनाने की दिशा में 60 हजार वर्गफुट क्षेत्र में हरियाली विकसित करने हेतु लॉन लगाया जाएगा. कारों के धुएं से होने वाले वायु प्रदूषण को दूर करने के लिए फ्यूम एक्सट्रेक्शन सिस्टम लगाया जा रहा है. सिस्टम के माध्यम से प्रदूषित हवा भवन से बाहर हो जाएगी. विद्युत व्यवस्था के अतिरिक्त रुप से लगाए गए 15 किलोवॉट के चार जनरेटर से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को दूर करने के लिए साऊन्ड वैफलर्स लगाए गए है.
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े माल की वास्तुविदीय अवधारणा करने वाले मुंबई के आर्किटेक्ट श्री पी.जी.पतकी इस क्षेत्र के विशेषज्ञ है और उन्होंने मुंबई सहित देश के कई स्थानों में मॉल का निर्माण किया है. इंजीनियरिंग सर्विस का कार्य मुंबई के जॉन मैक्कएल द्वारा किया गया है. मॉल के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमैंट कन्सलटेंसी देश की मशहूर कंपनी टाटा कंसलटेंसी इंजीनियरिंग द्वारा दी जा रही है. सिविल इंजीनियरिंग का कार्य नागपुर की ए.एस.अय्यर कन्ट्रक्शन कंपनी व सिप्लेक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर कोलकात्ता तथा इलेक्ट्रीकल कार्य मल्टीनेशनल कंपनी एशिया ब्राऊन ब्रेवरी द्वारा किया जा रहा है.     
सुरक्षा के लिए भी छत्तीसगढ़ सिटी मॉल में विशेष ध्यान रखा गया है. पूरे भवन में फायर फॉयटिंग सिस्टम की व्यवस्था की गई है. इसके अन्तर्गत आग के संकेत मिलते ही आधुनिक उपकरण इसकी सूचना तत्काल बिल्डिंग मैनेजममेंट को देगा. इसके बाद स्वचालित प्रणालियों के माध्यम से आग जैसी किसी भी स्थिति पर तुरंत काबू कर लिया जाएगा. इस व्यवस्था के अन्तर्गत विद्युत न रहने पर भी डीजल फायर पंप के माध्यम से स्थिति पर काबू पाया जा सकेगा. सुरक्षा के लिए पूरे भवन में कई स्थानों पर सीसी टीवी की व्यवस्था की गई है. मॉल में आने वाले ग्राहकों सहित सभी को सूचना व जानकारी देने के लिए पब्लिक सिस्टम की व्यवस्था भी की गई है. प्राकृति आपदा प्रबंधन की स्थिति में भवन से बाहर निकलने के लिए आपात द्वारों का भी प्रावधान किया गया है. 

Feb 27, 2010

झोपड़ियों में रहने वालों के लिए नए आवास बनाएगी सरकार – डॉ. रमन सिंह



·        आरडीए की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना– रायपुरा लोकार्पित 
·        दूरस्थ मोहल्लों में सौ फीसदी पेयजल औरकांक्रीट की सड़कें बनेगी 

झोपड़ियों में रहने वालों के लिए नए आवास बनाएगी सरकार – डॉ. रमन सिंह

रायपुर 27 फरवरी 2010, रायपुर की झुग्गी बस्तियों व झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के लिए अगले 5सालों में छत्तीसगढ़ शासन ऩए आवास बनाएगी और प्रदेश के अन्य शहरों में भी गरीबों के लिए आवास तैयार किए जाएगें. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना रायपुरा के 972 फ्लैट्स के लोकार्पण के अवसर पर उक्त बातें कहीं. उन्होंने कहा कि शासन ने रायपुर के दूरस्थ मोहल्लों में रहने वाले नागरिकों को शत - प्रतिशत पेयजल और कांक्रीट की सड़कें बना कर देने का लक्ष्य रखा है ताकि लोगो को अच्छा और स्वस्थ वातावरण मिले.

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है तीन साल की अवधि में रायपुर विकास प्राधिकरण ने गरीबों के लिए 972 फ्लैट्स का निर्माण कर उसे किश्तों में उपलब्ध कराया है. उन्होंने कहा कि रायपुर शहर और उसके आसपास अपने रहने के लिए मकान की कल्पना करना गरीब परिवारों के लिए एक सपना है. बिजली, सड़क, पानी की सुविधा के साथ मकान मिले यह सीमित आमदनी वाले व्यक्ति के लिए एक कठिन सोच है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीए की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत शहर को विभिन्न हिस्सों में बांटकर गरीबों को आवास देने से आज मुझे काफी खुशी हो रही है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद श्री रमेश बैस ने कहा कि आने वाले सालों में हम शहर का नक्शा बदलने का प्रयास कर रहे हैं. ताकि हम रायपुर शहर को आधुनिक स्वरुप दे सकें. लेकिन यह तभी सफल हो पाएगा जब जनता का सहयोग मिले. उन्होंने कहा कि ऐसा बहुत कम ही होता है जब कोई व्यक्ति भूमिपूजन भी करे और लोकार्पण भी. लेकिन मुख्यमंत्री जी ने कई ऐसी योजनाओं का भूमिपूजन कर उसे जनता को लोकार्पित किया है. श्री बैस ने कहा कि गांवों से आकर राजधानी में बसने वाले लोगों के लिए डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के फ्लैट्स एक उपलब्धि है.

इस अवसर पर लोक निर्माण एवं पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जो लोग मंच पर अपने फ्लैट की चाबी लेने आ रहे थे उनके चेहेरे की खुशी देखते ही बन रही थी. लोगो का सपना होता है कि उनका अपना घर हो, चाहे वह छोटा हो या बड़ा हो. उन्होंने कहा कि आज के इस कार्यक्रम से यह इस बात का अहसास हो रहा है कि हमने गरीब परिवारों के लिए कुछ किया. श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने चाहे गरीबों के लिए चावल वितरण की योजना हो या मकान देने की योजना का क्रियान्वयन किया है इससे यह तो दिखता है कि सरकार लोगों के भलाई के लिए काम कर रही है. यह भी अच्छी बात है योजना का भूमिपूजन के बाद आज इसका लोकापर्ण भी किया गया .

प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज ने कार्यक्रम में योजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह योजना न्यून निम्न आय वर्ग के लिए राज्य प्रवर्तित योजना है. जिसकी कुल लागत 20.80 करोड रुपए है. योजना में उन व्यक्तियों को यह फ्लैट्स दिया गया है जो रायपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र के निवासी है तथा जिनकी वार्षिक आय 72 हजार रुपए तक है. यह योजना ग्राम रायपुरा के 7.54 एकड़ में बनी है. इसमें कुल 81 ब्लॉक्स में 972 फ्लैट्स का निर्माण किया है. योजना के एक फ्लैट का क्षेत्रफल 290 वर्गफुट है. एक फ्लैट्स में दो कमरे, एक रसोई एक टॉयलेट व बॉलकनी का प्रावधान किया गया है. एक फ्लैट की कीमत 2.14 लाख रुपए है. फ्लैट्स में पंजीयन के समय पहले आवंटितियों ने 18 हजार 750 रुपए की राशि प्राधिकरण कोष में जमा की है. इसके बाद आवंटितियों ने 19 हजार 750 रुपए की राशि जमा कर अनुबंध का निष्पादन कराया है. शेष राशि उनसे बीस सालों की मासिक किश्तों में ली जाएगी. वे चाहे तो समय पूर्व भी राशि जमा कर सकते हैं.

कार्यक्रम के पूर्व आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने रायपुरा में गरीबों के लिए बने 972 फ्लैट्स सहित उच्च वर्ग के लिए बन रहे इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स योजना के 302 भवनों के निर्माण कार्य का अवलोकन किया. उन्होंने प्राधिकरण के इंजीनियरों से कार्य की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण कार्य के बाद कोई कार्य नहीं छूटे. यदि ऐसी कोई बात है तो पहले से ही इसका आंकलन करके ही निर्माण कार्य किया जाना चाहिए..

 प्राधिकरण द्वारा आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव आवास एवं पर्यवरण श्री एम. के. त्यागी, प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, पूर्व अध्यक्ष श्री श्याम बैस व श्री वर्धमान सुराणा, पूर्व संचालक मंडल सदस्य श्री गोविन्द दुबे, श्री कृष्णा साहू, सुश्री सुनंदा फणसलकर, नगर निगम के सभापति श्री संजय श्रीवास्तव, पार्षद श्री दीनबन्धु सिंह ठाकुर, श्री मनीष ध्रुव, श्री सुभाष तिवारी, श्रीमती सरिता वर्मा, श्रीमती मीनल छगन चौबे, श्री पुरुषोतम देवांगन, श्री बजरंग निषाद, श्री नारद कौशल, नगर निगम के पूर्व सभापति श्री रतन डागा, गोवर्धन खंडेलवाल, श्रीमती चन्नी वर्मा, श्रीमती शारदा गौस्वामी, श्रीमती प्रेमलता गुप्ता, श्री विनोद अग्रवाल, श्री छगन चौबे, श्री सत्यम दुआ, श्री प्रवीण देवडा, प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता श्री डी.एस. परौहा, कार्यपालन अभियंता श्री पी.आर.नारंग, कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, संपदा अधिकारी श्री प्रीतपाल सिंह होरा, राजस्व अधिकारी श्री प्रणव सिंह, सहायक अभियंता श्री के.पी. देवांगन, श्री योगेशचन्द्र साहू, श्री अनिल गुप्ता, श्री राजीव अग्रवाल, श्री मुकेश अवस्थी, उपअभियंता श्री हरिहर पंडरिया, श्री राजेन्द्र कुमार जैन, श्री सुशील शर्मा, सहायक राजस्व अधिकारी श्री रविशंकर दीक्षित, प्राधिकरण कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र सेंगर, योजनाकार श्री जाकिर खान, निर्माण एजेंसियों के श्री विनोद पांडे, श्री आनंद शर्मा, श्री सुशील बालानी, श्री सुभाष अग्रवाल, श्री सतीश छुगानी, श्री वी.के. अरोरा, श्री अजय पृथवानी, श्री आशीष पाटनी उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन प्राधिकरण के जनसंपर्क अधिकारी तेजपाल सिंह हंसपाल नें किया. 


Feb 26, 2010

आरडीए की योजना - किश्तों में गरीबों को 972 फ्लैट्स

मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के हाथों 
गरीबों को मिलेगें रायपुरा में फ्लैट्स 

रायपुर 26 फरवरी 2010, गरीबों को छत उपलब्ध कराने की छत्तीसगढ़ शासन की घोषणा का एक और अध्याय कल पूरा होगा जब मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिहं अपने हाथों से शहर के गरीबों को फ्लैट्स का कब्जा पत्र सौपेंगे. राज्य शासन की राज्य प्रवर्तित योजना में दो कमरे के फ्लैट्स बनाए गए है ताकि इसमें रहने वाला परिवार पर्यावरणीय रुप से एक अच्छे और साफ सुथरे आवास में रह सके. ग्राम रायपुरा में दोपहर 11.30 बजे आयोजित कार्यक्रम में सांसद श्री रमेश बैस. लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत तथा रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री नंद कुमार साहू अतिथि होगें.  
2.14 लाख रुपए के फ्लैट्स 20 वर्षों की किश्तों में
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा रायपुरा में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के इन फ्लैट्स का आवंटन 1872 रुपए की मासिक किश्तों में लाटरी के माध्यम से किया है. एक फ्लैट की कीमत 2.14 लाख रुपए है. 290 वर्गफुट के फ्लैट्स में पंजीयन के समय 18 हजार 750 रुपए की राशि ली गई है तथा आवंटन हेतु 19 हजार 750 रुपए की राशि ली गई है. शेष राशि बीस वर्ष में मासिक किश्तों के आधार पर आवंटिती जमा करेंगे. प्राधिकरण ने 7.40 एकड़ में विकसित योजना की बुनियादी सुविधाओं में सड़क, नाली, पानी, बिजली के अतिरिक्त उद्यान, दुकानें, सामुदायिक भवन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराया है. योजना क्षेत्र में पहले से ही एक प्राथमिक शाला है. मई 2007 में शुरु की गई इस योजना की कुल लागत 20.80 करोड रुपए है. इसके अलावा इस क्षेत्र में शहर का सबसे पहला रिक्रेएशन पार्क व स्वीमिंग पूल का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के आधार पर निर्माण के लिए इसकी प्रक्रिया भी जारी है. इसके अतिरिक्त रायपुरा की योजना के 46 एकड़ क्षेत्र में इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स के 302 भवनों का निर्माण भी प्रगति पर है. यह भवन लगभग 16.52 लाख रुपए से 30.64 लाख रुपए की लागत से बन रहे है.योजना में चौड़ी सड़के, उच्च स्तरीय जलागार, रेन वाटर हारवेस्टिंग, विद्युत सब स्टेशन, संपूर्ण योजना के साथ हर भवन की बाऊन्ड्रीवाल तथा आकर्षक प्रवेश द्वार का निर्माण तथा सुन्दर उद्यान का प्रावधान किया गया है.

Feb 25, 2010

भूखंड से भी कम कीमत के फ्लैट्स का 27 को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा लोकार्पण


आरडीए की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना - रायपुरा
भूखंड से भी कम कीमत पर गरीबों के लिए बने 972 फ्लैट्स का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा 27 को
रायपुर 25 फरवरी 2010, रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा रायपुरा में गरीबों के लिए बने 972 फ्लैट्स का लोकापर्ण मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हाथों 27 फरवरी प्रातः साढ़े 11 बजे होगा. कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद श्री रमेश बैस करेंगं. विशेष अतिथि के रुप में लोक निर्माण, स्कूली शिक्षा, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्कृति, संसदीय कार्य एवं पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, नगरीय प्रशासन, आवास एवं पर्यावरण व परिवहन मंत्री श्री राजेश मूणत तथा रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री नंद  कुमार साहू उपस्थित रहेंगे. जिन आवंटितों ने फ्लैट्स का अनुबंध करा लिया है उन्हें स्थल पर ही कब्जा भी दिया जाएगा.
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार ग्राम रायपुरा के 7.54 एकड़ में बनी डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना में रायपुर विकास प्राधिकरण ने 81 ब्लॉक्स में 972 फ्लैट्स का निर्माण किया है. राज्य प्रवर्तित इस योजना के एक फ्लैट का क्षेत्रफल 290 वर्गफुट है.एक फ्लैट्स में दो कमरे, एक रसोई एक टॉयलेट व बॉलकनी का प्रावधान किया गया है. स्वस्थ एवं पर्यावरणीय वातावरण से युक्त इस योजना क्षेत्र में प्राधिकरण द्वारा कई सुविधाएं दी गई है जिनमें उद्यान, सामुदायिक भवन, प्राथमिक शाला 10 दुकानों के व्यावसायिक परिसर का निर्माण किया गया है. योजना में विकास कार्य के अन्तर्गत वर्तमान में डब्लू.बी.एम. सड़कों का निर्माण किया गया है जिसे भविष्य में डामरीकृत किया जाएगा. 4 लाख लीटर का एक उच्च जलागार 60 लाख लीटर क्षमता एक सम्पवेल, पानी के लिए 7 ट्यूबवेल की संख्या, 6 विद्युत ट्रॉंसफार्मर सहित लगभग 200 विद्युत पोल लगाए गए है.
उल्लेखनीय है कि 11 मई 2007 को तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत ने योजना का भूमिपूजन किया था. उस समय उन्होंने कहा था छत्तीसगढ़ सरकार की यह मंशा है कि गांवों में भी गरीबों को मूलभूत और बुनियादी सुविधाएं मिले. उसी के अनुरुप प्राधिकरण न्यून निम्न आय वर्ग के लिए पक्के और सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराएं. फलस्वरुप राज्य प्रवर्तित इस योजना में प्राधिकरण ने भूखंड से भी कम कीमत में शहरी गरीबों को फ्लैट्स उपलब्ध कराए है. प्राधिकरण ने इसके पहले हीरापुर में ऐसे ही 816 फ्लैट्स, सरोना में 300 फ्लैट्स गरीबों को आवंटित किए है. बोरियाखुर्द में प्राधिकरण ने 1800 फ्लैट्स तैयार कर लिए है शीघ्र ही इसे भी लोकार्पित किया जाएगा.