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Dec 20, 2013

कमल विहार के भूखंडों को लोगों ने लिया हाथों हाथ

अन्य भूखंडों का पंजीयन भी शीघ्र श्री कटारिया 

रायपुर, 20 दिसंबर 2013, कमल विहार के आज 19 भूखंड निविदा के माध्यम से बिके । निविदा में आज सेक्टर 4 के भूखंड क्रमांक डी 57ए के लिए सबसे अधिक दर रुपए 2197.38 का प्रस्ताव दे कर श्रीमती ज्योति सोनी ने भूखंड पाने की पात्रता हासिल की। प्राधिकरण का निर्धारित मूल्य 1150 रुपए का था । इस भूखंड हेतु सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा रही जिसमें 44 आवेदकों ने निविदाएं डाली । 
         प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज निविदा के बाद कहा है कि कमल विहार में भूखडों के लिए शीघ्र ही प्राधिकरण व्दारा पंजीयन शुरु किया


जाएगा जिससे और लोगों को प्लॉट मिल सके । श्री कटारिया के अनुसार निविदा में लोगों ने ऑफसेट दर से कही ज्यादा का प्रस्ताव दे कर योजना में अपना विश्वास व्यक्त किया है । उन्होंने बताया कि दो सौ लोगों ने विकसित भूखंड के लिए अपनी निविदाएं डाली जिसमें से 19 आवदेकों को ही भूखंड मिलेंगे। निविदा में सबसे छोटा भूखंड 646 वर्गफुट (सी-154, सेक्टर 6) का था जो रुपए 2105.26 की दर पर मनहरण स्वर्णकार ने हासिल किया । इस भूखंड की निविदा में 19 लोगों ने भाग लिया । सेक्टर 6 के दो भूखंडों बी 169 तथा डी 123 में काफी लोगों ने रुचि दिखाई 29 लोगों ने इसमें अपनी किस्मत आजमाई ।  


कमल विहार के भूखंड लेने के लिए लोग कितना आतुर थे यह आज निविदा खुलने पर पता चला । रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय में आज सुबह से ही लोग कल तक डाले अपने प्रस्ताव का परिणाम जानने के लिए आतुर थे । कुल दो सौ लोगों ने भूखंड लेने में दिलचस्पी दिखाई जिसमें 65 महिला और 135 पुरुष शामिल थे । इसमें 7 महिलाओं को और 12 पुरुषों को भूखंड मिले । 

Dec 19, 2013

श्री एस.एस.बजाज आरडीए के नए अध्यक्ष

रायपुर,19 दिसंबर 2013, छत्तीसगढ़ शासन ने आज एक आदेश जारी कर श्री एस.एस. बजाज को रायपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है । श्री सुनील कुमार सोनी के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दिए जाने के बाद प्राधिकरण में अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया था । फलस्वरुप राज्य शासन ने श्री एस.एस. बजाज संचालक नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़, उपाध्यक्ष नया रायपुर डेव्हलेपमेंट अथारिटी एवं सचिव छत्तीसगढ़ शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग को अपने वर्तमान कार्य के साथ अस्थाई रुप से आगामी आदेश तक रायपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है ।
भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री बजाज इसके पहले 31 दिसंबर 2008 से 24 जनवरी 2011 तक रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रह चुकें हैं । वे सिविल इंजीनियरिंग में बी.ई. तथा एम. टेक हैं ।
       

Dec 18, 2013

कमल विहार के 23 भूखंडों की निविदा का आज अंतिम दिन

रजिस्ट्री आफिस में भूस्वामियों से अनुबंध के लिए आरडीए का कैम्प जारी


 रायपुर, 18 दिसंबर 2013, कमल विहार में पहले 23 विकसित भूखंडों को लेने के लिए निविदा डालने का कल अंतिम दिन है । रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा प्रारंभिक रुप से कमल विहार के सेक्टर 4, 6  8-ए में 23 भूखंड़ों के विक्रय के लिए निविदा आमंत्रित की गई है । प्राप्त सभी निविदाएं शुक्रवार 20 दिसंबर को प्रातः 11 बजे उपस्थित निविदादाताओं के समक्ष प्राधिकरण के न्यू राजेन्द्रनगर स्थित कार्यालय में खोली जाएंगी । प्राप्त निविदाओं में निर्धारित ऑफसेट दर से अधिक राशि के प्रस्तावकों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे ।
प्राधिकरण व्दारा निविदा के लिए पूर्ण रुप से विकसित भूखंड़ों का ऑफसेट दर 1150/- रुपए निर्धारित है। निविदादाता को इस दर से अधिक राशि का वित्तीय प्रस्ताव देना होगा । निविदाएं गुरुवार 19 दिसंबर सांय बजे तक प्राधिकरण कार्यालय की निविदा पेटी में डाली जा सकती है ।
उधर कमल विहार के भूमि स्वामियों को भूखंड देने के लिए प्राधिकरण ने कलेक्टोरेट स्थित पंजीयक (रजिस्ट्रार) कार्यालय में कैम्प लगा रखा है जो 31 दिसंबर तक जारी रहेगा । कैम्प कार्यालय में जिन भूस्वामियों ने कमल विहार योजना के लिए अपनी भूमि देने के लिए सहमति दी है उनके साथ अनुबंध कर उनकों विकसित भूखंड का आवंटन कर रजिस्ट्री की जा रही है । प्राधिकरण के अनुसार भूमि स्वामी जितनी जल्दी प्राधिकरण से अनुबंध करेंगे उतनी जल्दी उन्हें भूखंड आवंटित हो सकेंगे।

Dec 16, 2013

कमल विहार के लिए फिर लगा रजिस्ट्री कार्यालय में कैम्प

16 31 दिसंबर 2013 तक जारी रहेगा कैम्प
रायपुर,16 दिसंबर 2013, कमल विहार के भूमि स्वामियों से अनुबंध कर उन्हें भूखंड आवंटन के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने रजिस्ट्री कार्यालय में फिर से कैम्प लगाया है । यह कैम्प 16 से 31 दिसंबर तक चलेगा । कैम्प के लगने से भूस्वामियों को प्राधिकरण के साथ अनुबंध कर भूखंड आवंटन में काफी सुविधा हो रही है । प्राधिकरण व्दारा भूमि स्वामियों को अनुबंध और रजिस्ट्री के लिए फोन पर भी सूचना दी जा रही है । प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी के निर्देश पर सहायक राजस्व अधिकारी राजस्व शाखा के कर्मचारियों के साथ कलेक्टोरेट स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में 31 दिसंबर तक कैम्प करेंगे।   
प्लॉट लेने से पहले कमल विहार घूम रहे हैं लोग
23 भूखंडों के लिए 558 फार्म बिके

कमल विहार में रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा निविदा के माध्यम से 23 भूखंडों के आवंटन की अंतिम तिथि 19 दिसंबर के नजदीक आने से आवेदन पत्रों की बिक्री और बढ़ गई है । आज शाम तक प्राधिकरण से दो लाख उनयासी हजार रुपए के 558 आवेदन पत्र बिक चुके हैं । प्राधिकरण की वेबसाइट आरडीए रायपुर डॉट काम से भी कई लोग सीधे आवेदन पत्र डाऊनलोड कर रहे हैं । कई आवेदक कमल विहार जा कर स्थल में प्लाटों की स्थिति देख कर उसका आंकलन कर रहे हैं । प्राधिकरण ने स्थल निरीक्षण कराने के लिए चार इंजीनियरों तथा सलाहकार कंपनी के एक मार्केटिंग प्रतिनिधि को नियुक्त किया है जो अवकाश के दिनों में भी आगंतुकों को कमल विहार और प्लॉटों की जानकारी दे रहे हैं ।    

Dec 12, 2013

कमल विहार के पहले 23 भूखंड मिलेंगे चार किश्तों में

रायपुर, 3 दिसंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुनील कुमार सोनी ने कहा है कि कमल विहार के सभी भूस्वामियों को दिए गए भूखंड पूरी तरह से फ्री होल्ड हैं उन्हें प्राधिकरण में किसी भी प्रकार का कोई भूभाटक जमा नहीं करना होगा । किन्तु लगभग 1600 एकड़ की कमल विहार योजना में विक्रय के लिए उपलब्ध होने वाले भूखंडों को छत्तीसगढ़ शासन के व्ययन नियमों के अनुसार पहले पट्टे पर ही दिया जा सकता है। पट्टे पर भूखंड के विक्रय के कारण उसमें भूभाटक लागू होता है । प्राधिकरण से भूखंड आवंटित होने के बाद भूखंड क्रय करने वाला व्यक्ति उसे तत्काल ही फ्रीहोल्ड करा सकता है।
श्री सोनी ने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार ने प्राधिकरण के आवासीय भूखंडों को फ्रीहोल्ड की जो घोषणा की थी उसी प्रक्रिया के अन्तर्गत प्राधिकरण की कमल विहार योजना में विक्रय किए जाने वाले सभी भूखंड निर्धारित प्रक्रिया के अन्तर्गत ही फ्रीहोल्ड कर विक्रय किए जा रहे हैं ।
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सोनी ने बताया कि कमल विहार योजना लगभग 1600 एकड़ में विकसित की जा रही है। इसमे विक्रय के लिए विभिन्न आकार के लगभग 11 सौ भूखंड विकसित किए जा रहे हैं जो पूरी योजना के क्षेत्रफल का मात्र 9.2 प्रतिशत होता है । यही 9.2 प्रतिशत भूमि ही प्राधिकरण को विक्रय के लिए उपलब्ध होगी । भूखंडों के विक्रय से उपलब्ध सारी राशि योजना में आधुनिक अधोसंरचना के विकास में खर्च की जाएगी ।
कमल विहार योजना जनभागीदारी के साथ विकसित की जा योजना है ऐसी पहली नगर विकास योजना है जिसमें अब तक की सबसे बेहतर सुविधाएं और तकनीक से काम किया जा रहा है। योजना में 24 घंटे पीने का पानी, भूमिगत जलप्रदाय, विद्युत, सीवरेज सिस्टम, संचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है । देश की सबसे नामी निर्माण की कंपनी लार्सन एंड टुब्रों कमल विहार में अधोसंरचना का विकास कार्य कर रही हैं । इसके अतिरिक्त योजना में निम्न आय वर्ग के लिए फ्लैट्स योजना भी तैयार की गई है ।
श्री सोनी ने कहा की कमल विहार नगर विकास की एक ऐसी योजना है जो प्राधिकरण की अब तक की बनाई गई सभी योजनाओं से अलग है । प्राधिकरण की पहले की योजनाओं में पहले भूमि का अर्जन कर भूस्वामियों को मुआवजा दे दिया जाता था । लेकिन कमल विहार योजना में भूस्वामियों को उनकी भी भूमि या उसके पास उनकी भूमि के बदले 35 से 58 प्रतिशत तक का विकसित भूखंड निःशुल्क आवंटित किया गया है। श्री सोनी ने कहा कि प्राधिकरण के पास केवल 9.2 प्रतिशत भूमि जो उपलब्ध हो रही उसको विक्रय कर जो भी राशि आएगी वह सारी राशि योजना के विकास में उपयोग की जाएगी। 
प्राधिकरण के अध्यक्ष ने कहा कि कमल विहार योजना में लगभग 90 प्रतिशत भाग में भूस्वामियों को ही भूखंड दिया जा रहा है । योजना में 4126 फ्लैटस भी आम आदमियों के लिए बनाए जाएंगे जिसमें सारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि कमल विहार योजना किसी वर्ग विशेष के लिए है ।

Dec 4, 2013

आरडीए के छगनलाल यादव 36 साल बाद सेवानिवृत

प्राधिकरण के तीनों कार्यालय भवनों में काम किया

रायपुर, 4 दिसंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण में 36 साल की सेवा के बाद छगनलाल यादव 30 नंवबर को भृत्य के पद से सेवानिवृत हो गए । इस अवसर पर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने श्रीफल और शॉल दे कर उनकी दीर्घ सेवाओं के लिए सम्मानित किया । श्री सोनी ने श्री यादव के स्वस्थ्य और उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें प्राधिकरण परिवार की ओर से बिदाई दी ।  

श्री छगनलाल यादव ने 1977 से रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में अपनी नौकरी की शुरुआत की थी । इस दौरान उन्हें प्राधिकरण के तीन कार्यालय भवनों में कार्य करने का अवसर किया । श्री यादव ने बताया कि 1977 में प्राधिकरण का कार्यालय विवेकानंद आश्रम स्थित भवन में लगता था । उसके बाद शास्त्री चौक के पास बजरंग मार्केट में और अब न्यू राजेन्द्रनगर स्थित भक्त माताकर्मा व्यवासायिक परिसर में कार्यालय लग रहा है ।  श्री यादव ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्होंने प्राधिकरण के तीनो कार्यालय भवनों में कार्य किया । श्री यादव ने नया रायपुर डेव्हलेपमेंट अथारिटी में भी कुछ बर्षों तक अपनी सेवाएं दी । बिदाई के इस अवसर पर प्राधिकरण के कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, सहायक अभियंता श्री अनवर खान, के.पी. देवांगन, लेखाधिकारी संदीप सिंह पाल, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेन्द सिंह सेंगर, महासचिव अब्दुल आरिफ और कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे ।

Dec 2, 2013

कमल विहार के प्लॉट देखने – खरीदनें की उत्सुकता बढ़ी

आरडीए कार्यालय से साढ़े 26 हजार के 53 आवेदन पत्र बिके

रायपुर, 2 दिसंबर 2013, कमल विहार में भूस्वामियों को भूखंड मिलने और आम आदमी के लिए भूखंडों की उपलब्धता का विज्ञापन प्रकाशन के बाद योजना क्षेत्र में प्लॉट देखने वालों की भीड़ बढ़ने लगी है । रविवार को कई लोग अपने परिवार के साथ कमल विहार पहुंचे और उपलब्ध प्लॉटों को घूम घूम कर देखा । सोमवार को भी कई लोग कमल विहार गए और योजना का जायजा लिया । पहले ही दिन लगभग 200 लोगों ने और दूसरे दिन लगभग 100 लोगों ने फोन पर प्लॉट के संबंध में पूछताछ की। उधर प्राधिकरण कार्यालय में आज साढ़े 26 हजार के 53 आवेदन पत्रो की नगद बिक्री हुई ।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के निर्देश पर कमल विहार के स्थल कार्यालय में चार सब इंजीनियरों की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है ताकि वे आंगतुकों को विक्रय किए जाने वाले भूखंड़ों का स्थल पर अवलोकन कराएं।  भूखंड़ क्रय करने के इच्छुकों ने रायपुर विकास प्राधिकरण के न्यू राजेन्द्रनगर स्थित कार्यालय से आज साढ़े 26 हजार के 53 आवेदन पत्र खरीदे। प्राधिकरण की वेबसाइट आरडीए रायपुर डॉट काम में निविदा के नियम, शर्तें, आवेदन पत्र तथा भूखंड का मानचित्र उपलब्ध होने के कारण कई लोग इंटरनेट से भी आवेदन पत्र डॉऊनलोड कर रहे हैं ।
रजिस्ट्री कार्यालय में आरडीए का लगा कैम्प कार्यालय
 रायपुर के कलेक्टोरेट स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय में आज प्राधिकरण के राजस्व शाखा ने कैम्प कार्यालय लगाकर कमल विहार के कई भूस्वामियों के अनुबंध और आवंटित भूखंडो की रजिस्ट्री की कार्रवाई की । जिनमें 5 के साथ अनुबंध और 7 के रजिस्ट्री के दस्तावेजों का निष्पादन किया गया । प्राधिकरण का यह कैम्प 7 दिसंबर तक जारी रहेगा जिससे लोगों को भूखंड आवंटन और उसकी रजिस्ट्री में सहूलियत हो । 

कमल विहार में सबसे पहले आवासीय भूखंड लेने का सुनहरा अवसर


Nov 30, 2013

कमल विहार के भूमिस्वामियों से अनुबंध के लिए आरडीए का पंजीयक कार्यालय में 2 से 7 तक कैम्प


रायपुर, 30 नवंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण ने कमल विहार योजना में शामिल हुए भूस्वामियों को भूखंड आवंटित करने की दिशा में अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है । पहले जिन भूस्वामियों ने कमल विहार योजना में आ रही अपनी भूमि प्राधिकरण को देने के लिए लिखित सहमति दी थी किन्तु पंजीयक कार्यालय में जा कर अनुबंध का निष्पादन नहीं कराया था ऐसे सभी भूस्वामियों से प्राधिकरण पहले अनुबंध करेगा फिर उसके बाद भूखंड के आवंटन के साथ रजिस्ट्री की जाएगी । इस हेतु प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के निर्देश पर सहायक राजस्व अधिकारी श्री आर.एस. दीक्षित कलेक्टोरेट कार्यालय स्थित पंजीयक कार्यालय में 2 से 7 दिसंबर तक कैम्प कर अनुबंध तथा फिर रजिस्ट्री की कार्रवाई करेंगे।
भूस्वामियों को अनुबंध निष्पादित कराने के लिए एक सौ रुपए के नॉन जुडिशियल स्टॉम्प, 5 पासपोर्ट फोटो, पहचान पत्र तथा भूमि के मूल दस्तावेज साथ लाना होगा । ऐसे भूमिस्वामियों को प्राधिकरण फोन से सूचना दे कर आमंत्रित कर रहा है ताकि वे शीघ्र ही इस प्रक्रिया को पूरी कर कमल विहार में पूर्ण विकसित भूखंड प्राप्त कर लें ।
प्राधिकरण ने कल से उन भूस्वामियों को भूखंड आवंटित कर रजिस्ट्री देने की कार्रवाई शुरु कर दी है जिन्होंने पहले ही अपनी भूमि देने की लिखित सहमति देते हुए अनुबंध का पंजीयक कार्यालय में निष्पादन करा लिया था । 

Nov 29, 2013

कमल विहार के 23 भूखंड़ों के विक्रय के लिए 19 दिसंबर को होगी निविदा

आरडीए का ऑफसेट मूल्य 1150 रुपए प्रति वर्गफुट

रायपुर, 29 नवंबर 2013, कमल विहार योजना में विकसित भूखंड चाहने वालों के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण प्रारंभिक रुप से सेक्टर 4, 6 व 8ए में 23 भूखंड़ों का विक्रय निविदा के माध्यम से करने जा रहा है । प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने दो दिन पहले एक बैठक में अधिकारियों को 2 दिसंबर से निविदा पत्रों का विक्रय शुरु करने के निर्देश दिए थे । श्री कटारिया ने बताया कि प्राधिकरण व्दारा निविदा के लिए पूर्ण रुप से विकसित भूखंड़ों का ऑफसेट दर 1150/- रुपए निर्धारित किया है । निविदादाता को इस दर के आधार पर अपना प्रस्ताव देना होगा । निविदा का प्रस्ताव 19 दिसंबर सांय 5 बजे तक प्राधिकरण कार्यालय की निविदा पेटी में डाला जा सकेगा ।

उल्लेखनीय है कि रायपुर विकास प्राधिकरण की जनभागीदारी से विकसित हो रही देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक कमल विहार छत्तीसगढ़ की एक ऐसी सुनियोजित योजना है जो आने वाले समय में राजधानी रायपुर को एक आधुनिक स्वरुप प्रदान करेगी । यहां एक ऐसी आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है जो अब तक विदेशों में ही देखी जाती रही है । इस योजना में आवासीय के साथ आमोद - प्रमोद, व्यावसायिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी है।

कमल विहार के भूस्वामियों को विकसित भूखंडो का आवंटन शुरु


पहला भूखंड श्रीमती बलविन्दर कौर को, 5 भूस्वामियों ने कराई रजिस्ट्री

रायपुर, 29 नवंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज कमल विहार योजना में भूस्वामियों को भूखंड आवंटन कर रजिस्ट्री की शुरुआत की । सबसे पहले भूखंड का आवंटन श्रीमती
बलविन्दर कौर के नाम पर हुआ। इसके बाद निरुपम चक्रवर्ती, समीरऩ चक्रवर्ती, लखमेश्वर सिंह और शरद कुमार दुबे को भूखंडों के आवंटन के साथ ही रजिस्ट्री के दस्तावेजों में प्राधिकरण की ओर से हस्ताक्षर किए गए ।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने दो दिन पहले ही अधिकारियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ से अनुमति मिलने के बाद कमल विहार योजना में भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया शुरु करने के निर्देश दिए थे । उसी क्रम में आज कमल विहार में श्रीमती बलविन्दर कौर को 773 वर्गफुट, निरुपम चक्रवर्ती को 645 वर्गफुट, समीरन चक्रवर्ती को 773 वर्गफुट, लखमेश्वर सिंह और शरद कुमार दुबे को 645 वर्गफुट के भूखंड का आवंटन किया गया । सभी को सेक्टर 6 में भूखंड दिए गए हैं।

भूस्वामियों को विकसित भूखंडो के आवंटन के साथ ही बहुप्रतीक्षित कमल विहार योजना में अब सभी भूस्वामियों को जिन्होंने पूर्व में अपनी भूमि योजना बनाने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण को देने की सहमति दी थी, उन्हें भूखंड मिलने की प्रक्रिया  शुरु हो गई है। भूस्वामियों को फोन पर सूचना दे कर आवंटन और रजिस्ट्री के लिए आमंत्रित किया जा रहा है ।

Nov 27, 2013

कमल विहार के भूस्वामियों को 29 से मिलेंगे विकसित भूखंड

सेक्टर 4,6 व 8ए के भूस्वामियों को फोन पर
सूचना दे कर अनुबंध के लिए आमंत्रित करेगा आरडीए

रायपुर, 27 नवंबर 2013, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ से अनुमति मिलने के बाद अब रायपुर विकास प्राधिकरण 29 नवंबर से कमल विहार योजना क्षेत्र में शामिल भूस्वामियों को
उनके भूखंडों का आवंटन शुरु करने जा रहा है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने बताया कि न्यू राजेन्द्रनगर के भक्त माता कर्मा परिसर में स्थित प्राधिकरण के नए कार्यालय भवन में भूखंडों का आवंटन कर अनुबंध किया जाएगा।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जिन भूस्वामियों को भूखंडों का आवंटन किया जाना है उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन पर सूचना दे कर कार्यालय में आमंत्रित कर अनुबंध किया जाएगा । कमल विहार योजना में सबसे पहले सेक्टर 4, 6 तथा 8ए के ऐसे भूस्वामी जिन्होंने पहले अपनी लिखित सहमति दी थी उन्हें भूखंड आवंटित कर अनुबंध किया जाना है । अनुबंध के लिए एक सौ रुपए का नॉन जुडिशियल स्टॉम्प, पांच फोटो तथा दो गवाहों की फोटो की आवश्यकता होगी । उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण व्दारा इसके पहले भूस्वामियों से उनकी भूमि प्राधिकरण को सौंपने तथा प्रस्तावित भूखंड आवंटन की सहमति का अनुबंध किया गया था । चूंकि कमल विहार में विकास का कार्य प्रगति पर है इसलिए अब भूस्वामियों को विकसित भूखंड आवंटित किया जाएगा । विकास कार्य की प्रगति के साथ ही भविष्य में अन्य सेक्टरों के भूस्वामियों को भी भूखंड आवंटित कर अनुबंध किया जाएगा।  

Oct 1, 2013

आरडीए कार्यालय भक्त माताकर्मा न्यू राजेन्द्रनगर के नए भवन में स्थानांतरित

कैश,जनसूचना व लोक सेवा गारंटी काऊन्टर 10 अक्टूबर तक बजरंग मार्केट में रहेगा



रायपुर, 1 अक्टूबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय बजरंग मार्केट, शास्त्री चौक से व्दितीय तल, भक्त माता कर्मा व्यावसायिक परिसर, न्यू राजेन्द्रनगर में स्थानांतरित हो गया है. बकाया तथा अन्य राशि जमा करने के कैश काऊन्टर, लोक सेवा गारंटी तथा जनसूचना के अधिकार संबंधी जानकारी हेतु काऊन्टर आगामी 10 अक्टूबर तक बजरंग मार्केट शास्त्री चौक स्थित प्राधिकरण के कार्यालय में पूर्ववत कार्यरत रहेगें. उसके बाद सभी काऊन्टर न्यू राजेन्द्रनगर स्थित नए कार्यालय में कार्य करना प्रारंभ कर देगें.
     प्राधिकरण कार्यालय का नया भवन कारपोरेट कार्यालय की तरह सर्वसुविधायुक्त है. यहां बेसमेंट सहित पूरे परिसर में पार्किंग की बेहतर सुविधा है. साथ ही आंगतुकों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है. 

Sep 26, 2013

रमन सरकार का लीज होल्ड प्लॉट को फ्री होल्ड करना और अवैध कॉलोनियों को राजसात करने का निर्णय ऐतिहासिक – श्री सुनील सोनी


रायपुर, 26 सितंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने कहा है कि लीज होल्ड प्लॉट को फ्री होल्ड करना और अवैध कालोनियों को राजसात करने का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल का एक ऐतिहासिक निर्णय है जिसके दूरगामी परिणाम होगें.
श्री सोनी ने कहा कि प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में हजारों आवासीय भूखंड व भवन आवंटित किए गए हैं. ये सभी 30 वर्षों पर लीज अर्थात पट्टे पर यानि एक प्रकार के किराये पर थे.  डॉ. रमन सिंह की सरकार ने ऐसे सभी आवासीय संपत्तियों को लीज से मुक्त करा कर भूखंड व भवन के स्वामियों को प्लॉट का मालिक बना दिया है. फ्रीहोल्ड होने से न तो भूभाटक देना पडेगा और न ही संपत्तियों को विक्रय करने के लिए कोई अनुमति लेनी पडेगी. उन्होंने कहा कि फ्रीहोल्ड करने के लिए राजस्व संबंधी तमाम दिक्कतें थी जिन्हें छतीसगढ़ भूमि धारण (विधिमान्यकरण) अधिनियम 2013 (वैलिडेशन एक्ट) बना और उसे विधानसभा में पारित कर कानूनी स्वरुप दिया गया है. छत्तीसगढ़ के राजपत्र में प्रकाशन के बाद भवन व भूखंडधारी अब अपनी संपत्तियों को फ्रीहोल्ड करने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण में अपना आवेदन प्रस्तुत करने लगे हैं.
प्राधिकरण की कमल विहार योजना के अधिसूचित क्षेत्र में आने वाले स्वागत विहार की कालोनी में अवैध रुप से शासकीय भूमि पर कब्जा कर बेचे जाने के मामले में पीडितों को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कैबिनेट में निर्णय लेकर एक बड़ी राहत दी है. छत्तीसगढ़ शासन का यह निर्णय अवैध कालोनी निर्माण के मामले में पूरे देश में शायद इकलौता निर्णय है जिससे पीडितों को सीधा न्याय मिला है. फर्जी तरीके से अवैध प्लॉट बेच कर जनता को परेशान करने वाले ऐसे लोगों की अवैध कालोनी और कालोनी बनाने वालों की संपत्ति को राजसात करने का  निर्णय भी अपने आप में अनूठा है.
श्री सोनी ने कहा कि स्वागत विहार में सरकारी भूमि पर लोगों को अवैध रुप से प्लॉट काट कर बेचे गए है. ऐसे पीडित लोग अपनी मेहनत की कमाई से खरीदे गए भूखंड़ों को आज तक देखने तक के लिए भटक रहे हैं. अवैध कालोनी बनाने वालों ने न सिर्फ अवैध प्लॉट बेच कर जनता को धोखा दिया वरन उनको लूटने का भी काम किया है. राज्य शासन का यह फैसला ऐसे लोगों के लिए खुशियां लेकर आया है. इससे पूरे राज्य में अवैध कालोनियों के निर्माण की प्रवृति पर रोक लगेगी.

Sep 25, 2013

अवैध कॉलोनी पर रोक लगाकर डॉ. रमन ने पीड़ितों को दिया सीधा न्याय – श्री सुनील कुमार सोनी

रायपुर, 25 सितंबर 2013, फर्जी तरीके से अवैध प्लॉट बेच कर जनता को परेशान करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के कैबिनेट के निर्णय का रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनके कैबिनेट नें जनहित में निर्णय ले कर यह बता दिया है कि राज्य सरकार जनता को न्याय दिलाने में कभी पीछे नहीं हटेगी. इसके लिए उन्होंने डॉ. रमन सिंह को साधुवाद दिया हैं.
श्री सोनी ने कहा कि सरकार रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना के अधिसूचित क्षेत्र में स्थित स्वागत विहार में सैकड़ों लोगों के साथ धोखा हुआ है. सरकारी भूमि पर लोगों को अवैध प्लॉट काट कर बेचे गए है. ऐसे पीडित लोग अपनी मेहनत की कमाई से खरीदे गए भूखंड़ों को देखने तक के लिए आज तक भटक रहे हैं. अवैध कालोनी बनाने वालों ने अवैध प्लॉट बेच कर न सिर्फ जनता को धोखा दिया गया है वरन उनको लूटने का भी काम किया है. यह फैसला ऐसे लोगों के लिए खुशियां लेकर आया है. राज्य शासन के इस निर्णय से उनको काफी राहत मिलेगी. 
श्री सोनी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अवैध प्लाटिंग से पीड़ितों को सीधे न्याय दिया है जो उनकी दूर की सोच को परिलक्षित करता है.. राज्य शासन के निर्णय से पूरे राज्य में अवैध कालोनियों के निर्माण की प्रवृति पर रोक लगेगी. अवैध प्लॉट बेचने वाले भूमाफियाओं और दलाल किस्म के लोगों की संपत्तियों को अधिग्रहित करने से वे अब लोगों को मूर्ख बनाने का काम नहीं कर सकेगें फलस्वरुप जनता को राहत मिलेगी. 

Sep 23, 2013

विकसित होते ही और लोकप्रिय होगा कमल विहार - श्री अनिमेष चौहान

सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक का कमल विहार दौरा

 रायपुर, 23 सितंबर 2013, कमल विहार के विकास के साथ ही जैसे - जैसे लोग इसे समझने लगेगें यह योजना और लोकप्रिय होती जाएगी, कोई भी योजनाएं अपने कार्यों और गुणवता के कारण ही लोकप्रिय होती है. रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना की अवधारणा, विकास और निर्माण की प्रगति देख कर सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक श्री अनिमेष चौहान ने उक्त बातें कही.
   
 कमल विहार योजना के विकास और निर्माण के लिए 550 करोड़ रुपए का ऋण देने वाले सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक श्री चौहान ने आज योजना स्थल का दौरा कर विकास कार्यों का जायजा लिया. योजना सलाहकार बिल्ट क्रॉफ्ट ने पावर पांईट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से कमल विहार की अवधारणा, योजना का प्रस्ताव तथा भूअर्जन की प्रक्रिया की जानकारी दी. श्री चौहान ने योजना में खासी दिलचस्पी लेते हुए कई सवाल भी पूछे. उन्होंने जानना चाहा कि नया रायपुर और कमल विहार योजना में क्या अन्तर है ? इस पर प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया ने बताया कि नया रायपुर में संपूर्ण भूमि का अर्जन कर विकास किया जा रहा है जबकि कमल विहार जनभागीदारी की योजना है जिसमें भूस्वामियों को उनकी मूल भूमि के बदले 35 प्रतिशत तक विकसित भूखंड निशुल्कः दिया जा रहा है. श्री चौहान को योजना में गरीबों के लिए बनाए जाने वाले 3276 ईडब्लूएस फ्लैट्स निर्माण के प्रस्ताव की भी जानकारी दी. उन्हें बताया गया कि कमल विहार क्षेत्र की एक मुख्य सड़क में आने वाले एक शासकीय स्कूल को नया भवन बना कर दिया गया है जो किसी भी निजी स्कूल के मामले में काफी बेहतर है. योजना में अधोसंरचना का विकास कर रही निर्माण कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए छात्र - छात्राओं के लिए पूरे स्कूल का फर्नीचर उपलब्ध कराया है.
श्री चौहान ने कमल विहार की प्रगति के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वे इतनी अच्छी योजना को देखने बार बार आते रहेगें. इस अवसर पर प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर श्री डी.एस.शाही, रीजनल मैनेजर श्री के. शिवानंद, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया सदर बाजार शाखा के चीफ मैनेजर श्री गौर, चीफ मैनेजर श्री अवधेश कुमार, सीनियर मैनेजर श्री मनीष त्रिपाठी, प्राधिकरण के वित्तीय सलाहकार श्री बंकिम शुक्ला, कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, लेखाधिकारी श्री संदीप सिंह पॉल, वैपकास के श्री संजय वर्मा व श्री एन.के. झा, एलएंडटी के श्री पी.के.गुप्ता व विकास गोयल उपस्थित थे.

Sep 18, 2013

श्री सुनील सोनी ने निभाया एक और वादा

न्यू राजेन्द्रनगर के 72 फ्लैट्स को बारिश के पानी से बचाने शुरु किया निर्माण 

रायपुर, 18 सितंबर 2013, न्यू राजेन्द्रनगर स्थित 72 फ्लैट्स के निवासी आज उस समय बेहद उत्साहित थे जब उनके परिसर को बारिश के पानी से डूबने से बचाने के लिए निर्माण कार्य की शुरुआत की गई. रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री नंद कुमार साहू और रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने आज 72 फ्लैट्स परिसर में भरने वाले वारिश के पानी की निकासी के लिए पूरे परिसर की कांक्रीट फ्लोरिंग, 5 ब्लॉक का बाहरी प्लॉस्टर और पुताई के कार्य की शुरुआत की.
 लगभग साढ़े 7 लाख रुपए की लागत से होने वाले कार्य के संबंध में विधायक श्री साहू और प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सोनी ने गत 31 जुलाई को नागरिकों से वायदा किया था कि जैसा उन्होंने देवेन्द्रनगर के साईनगर और चाणक्य फ्लैट्स तथा कटोरातालाब के मैथिलीशरण गुप्त अपार्टमेंट के लोगों के फ्लैट्स की मरम्मत करवा कर उनका जीवन बेहतर बनाया है उसी प्रकार 72 फ्लैट्स के नागरिकों के अच्छी सुविधाएं देगें. टेन्डर की औपचारिकता पूरी कर आज प्राधिकरण ने 72 फ्लैट्स के परिसर में निर्माण कार्य प्रारंभ कर अपना वादा पूरा किया.
इस अवसर पर नगर निगम के पार्षद पूर्व पार्षद संतोष सारथी, न्यू राजेन्द्रनगर के नागरिक गुरदीप सिंह टूटेजा, तोषन साहू, लीलाधर चन्द्राकर,राधाकृष्ण कुकरेजा, सुशील परिहार, सनत कुमार पांडे, दिलीप कुमार राजपाल, रवि ठाकुर, संदीप मिश्रा, दुर्गाशंकर पांडे सहित महिला मंडल की श्रीमती मनीषा, श्रीमती रेशमा छाबड़ा उपस्थित थी.

Sep 17, 2013

सिटी सेन्टर की दुकानों की निविदा दर में संशोधन

निविदा अब 1 अक्टूबर को
रायपुर, 17 सितंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण ने देवेन्द्रनगर स्थित छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर के व्दितीय तल पर 5 तथा तृतीय तल पर 6 दुकानों / कार्यालयों के लिए निर्मित स्थल को विक्रय करने के पूर्व प्रस्तावित आफसेट मूल्य में संशोधन किया है. व्दितीय तल में 3046 रुपए प्रति वर्गफुट तथा तृतीय तल में 2746 रुपए प्रति वर्गफुट की वृध्दि की गई है. इससे प्राधिकरण को बुनियादी तौर पर ही लगभग 11 करोड़ 32 लाख रुपए का लाभ होगा. संशोधन के अनुसार व्दितीय तल हेतु न्यूनतम दर 11,103 रुपए प्रति वर्गफुट तथा तृतीय तल हेतु 10,045 रुपए होगी.  
प्राधिकरण ने छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े मॉल की दुकानों के विक्रय के लिए गत 17 अगस्त को स्थानीय समाचार पत्रों में निविदा विज्ञापन का प्रकाशन किया था. उसके बाद प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने पाया कि निविदा की दर अर्थात ऑफसेट रेट बाजार भाव की तुलना में कम है. तब श्री सोनी ने निविदा की दरों में संशोधन किए जाने का निर्देश दिया. इसके बाद प्राधिकरण स्तर पर पुनः दरों का विश्लेषण कर संशोधित दरें प्रस्तावित कर उसे प्राधिकरण की वेबसाईट आरडीए रायपुर डॉट कॉम पर प्रकाशित कर दिया गया है.
प्राधिकरण ने निविदा की तिथि भी बढ़ा दी है. पहले निविदा की अंतिम तिथि 17 सितंबर थी जिसे अब बढ़ा कर 1 अक्टूबर कर दिया गया है. इच्छुक संस्था या व्यक्ति दुकाने लेने के लिए अपनी दरों का प्रस्ताव प्राधिकरण कार्यालय में 1 अक्टूबर तक प्रस्तुत कर सकते हैं. प्रस्ताव के संबंध में नियम एवं शर्ते प्राधिकरण की वेबसाईट आरडीए डॉट काम पर उपलब्ध है. उल्लेखनीय है कि लगभग पौने छह एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर प्रदेश का सबसे बड़ा मॉल है जो 10 अक्टूबर 2010 को प्रारंभ किया गया था.

Sep 10, 2013


अमित कटारिया आरडीए के सीईओ

रायपुर, 10 सितंबर 2013, नया रायपुर डेव्लेंहपमेट अथारिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन प्राधिकरण का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया. राज्य शासन के आदेश के बाद उन्होंने  आवास एवं पर्यावरण विभाग के उपसचिव की जिम्मेदारी भी ले ली है. श्री कटारिया इसके पूर्व में प्राधिकरण में दो साल तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी रह चुके हैं.

आधुनिक नहीं अब स्मार्ट शहरों की बारी
- सुनील कुमार सोनी
हमारे पूर्वजों ने लोगों के रहने के लिए शहरों की जो डिजाईऩ की थी वह उस समय की आवश्यकता के अनुरुप बेहतर थी । लेकिन आज के हमारे शहर टेक्नालाजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं ।
संचार और कम्प्यूटर टेक्नॉलाजी ने हमें जीवन के हर क्षेत्र को और बेहतर बना रहा है । कम्प्यूटर और नैनो टेक्नॉलाजी ने आज हमारे जीवन स्तर को तार्किक स्वरुप प्रदान करते हुए कई बेहतर विकल्प सामने ला खड़े किए हैं । ऐप्स, डीआईवाई सेंसर, नैनों चिप्स, स्मार्टफोन तथा वेब की तकनीक शहर निर्माण में अहम भूमिका में आगे आ गई है । अब हम अपनी सुगमता के लिए सिर्फ शहर ही नहीं बना रहे हैं वरन अपनी प्राकृतिक विरासत,संस्कृति, व्यापार और समुदाय के लिए शहर बना रहें हैं।
एक अनुमान के मुताबिक साल 2050 तक दुनिया की 75 प्रतिशत आबादी शहरों में निवास करेगी जिससे यातायात व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं पर ज़बर्दस्त दबाव होगा । इसलिए अब नए विकल्प के रुप में दुनियाभर में स्मार्ट शहरों का निर्माण शुरू हो चुका है। कहा जा रहा है कि अब जो स्मार्ट शहर बनेगें वे हमारी कल्पनाओं से परे होगें। भविष्य के इन शहरों में बिजली के ग्रिड से लेकर सीवर पाइप, सड़कें, कारें और इमारतें हर चीज़ एक एक नेटवर्क से जुड़ी होगी। यहां की इमारतें अपने आप बिजली बंद करेगी, स्वचालित कारें खुद अपने लिए पार्किंग ढूंढेंगी और यहां तक कि कूड़ादान भी स्मार्ट होगा। स्मार्ट शहर का मतलब होगा कि एक ऐसा शहर जो आपकी ज़रूरतों को अपने आप पूरा करे।
दुनिया की कई जानी मानी तकनीकी कंपनियां अब स्मार्ट शहरों का भविष्य तय कर रही हैं। वे शहर में जल के रिसाव से लेकर वायु प्रदूषण और ट्रैफिक जाम तक हर समस्या को सुलझाने के लिए नए नए सॉफ्टवेयर बना कर बेच रही हैं। नए स्मार्ट शहरों का भविष्य शहरों की इमारतों, बिजली के खंभों और पाइप पर लगे सेंसरों व्दारा रखी जाने वाली निगरानी से नियंत्रित होगा। सिंगापुर, स्टॉकहोम और कैलिफोर्निया में एक कंपनी यातायात के आंकड़े जुटा शहरों में लगने वाले जाम की एक घंटे पहले ही भविष्यवाणी कर रही है। वहीं रियोडिजेनेरियो में एक कंपनी ने नासा की तरह एक कंट्रोल रूम बना रखा है जहाँ लगी स्क्रीनें पूरे शहर में लगे संवेदकों और कैमरों से आंकड़े जुटाती हैं। डबलिन में एक कंपनी ने सिटी काउंसिल के साथ मिलकर मोबाइल फोन्स के लिए एक पार्कया ऐप्स तैयार किया है जो लोगों को शहर में पार्किंग की जगह ढूंढने में मदद करता है। अमरीकी शहर डुबुक में कंपनी स्मार्ट वाटर मीटर बना रही है जो कम्युनिटी पोर्टल के माध्यम से लोगों को डेटा उपलब्ध करा रही है ताकि वे पानी की अपनी खपत को देख सकें। एक अमरीकी कंपनी का मानना है कि हमें एक ऐसे शहर विकसित करने की ज़रूरत है जो लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। पहले यह संभव नहीं था क्योंकि तब ज्यादा सूचना उपलब्ध नहीं थीं। चीन दर्जनों ऐसे नए शहर बसाने की ओर बढ़ रहा है जिसमें रियोडिजेनेरियो की तरह कंट्रोल रूम स्थापित होंगै। स्मार्ट शहर का भविष्य तय करने के लिए स्मार्टफोन, ऐप्स, डीआईवाई सेंसर तथा वेब इस्तेमाल करने वाले लोग लिख रहे है। डोंट फ्लश मी एक छोटा डीआईवाई सेंसर और ऐप है जो अकेले दम पर न्यूयॉर्क की पानी से जुड़ी समस्याओं को सुलझा रहा है। इसी तरह सेंसर नेटवर्क एग लोगों को शहर की समस्याओं के प्रति सचेत कर रहा है।
एक शोध के आंकड़ों के अनुसार दुनिया में हर साल 20 लाख लोगों की मौत वायु प्रदूषण के कारण होती है शहरों में बढ़ती भीड़भाड़ के कारण यह समस्या और बदतर हो रही है। इस समस्या के आंकलन के लिए एक कंपनी सस्ते सेंसर बेचकर वायु की गुणवत्ता के बारे में आंकड़े जुटा रहा है। ताकि लोग इन सेंसरों को अपने घरों के बाहर लगाकर हवा में मौजूद ग्रीन हाउस गैसों, नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन मोनो ऑक्साइड के स्तर का पता लगा सकते हैं। इन आंकड़ों को इंटरनेट पर भेज कर एक नक्शे में जोड़कर दुनियाभर में प्रदूषण के स्तर को दिखाया जाता है। सेंटर फॉर एडवांस स्पेशिएल एनालिसिस लंदन के निदेशक हडसन स्मिथ के अनुसार  शहरों की स्थिति सुधारने में लोगों की भागीदारी बेहद अहम है। उनकी टीम में लंदन को स्मार्ट बनाने के लिए एक सिटी डैशबोर्ड विकसित किया है। रियोडिजेनेरियो के कंट्रोल रूम की तरह डैशबोर्ड प्रदूषण, मौसम और नदी के जल स्तर से संबधित आंकड़ों को समाहित करता है। साथ ही यह ट्विटर और शहर की खुशहाली पर भी नजर रखता है।
इन दिनों स्मार्ट शहरों के बारे में विकसित देशों में काफी चर्चा है लेकिन उनके पास ऐसी कोई तकनीक नहीं है जिससे वास्तव में लोगों की जिंदगी में बदलाव आ रहा है। पर यह उम्मीद जरूर है कि अगले पांच सालों में चीजें स्मार्ट हो जाएंगी। तब शहर का डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रेनों और सड़कों की तरह अहम हो जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या हम अपने शहरों कि बेहतर बनाने के चक्कर में उनकी सबसे बड़ी धरोधर को खो भी सकते हैं ? लेकिन यह बात तो तय है कि बेहतर सोच वाले स्मार्ट लोग ही स्मार्ट शहर बनाएंगे।
रायपुर विकास प्राधिकरण भी दुनिया की ऐसी कल्पनाओं को साथ ले कर चल रहा है। इसी दिशा में कमल विहार की कल्पना जो एक आम आदमी की योजना तो है पर हर किसी की कल्पना से परे... इसमें आम से खास सभी लोगों के सारे सपने गढ़ने का काम उनकी सोच से पहले कर दिया है ताकि आगे आने वाली टेक्नॉलाजी के लिए विकास के सभी रास्ते खुले रहें । हिन्दुस्तान के स्मार्ट शहर होने की दिशा में अग्रसर होते हुए हम अब रायपुरवासियों के सपने पूरे करने के लिए वचनबध्द है।
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-          सुनील कुमार सोनी, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं

Sep 6, 2013

कमल विहार में पारदर्शिता, कोई भी कागज-फाईल दिखाने को तैयार - सुनील कुमार सोनी

जिनकी सहमति उन्हें भूखंड दिया, जिन्होंने नहीं दी उन्हें मुआवजा

रायपुर, 6 सितंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी ने पूर्व शिक्षा मंत्री श्री सत्यनारायण शर्मा के कमल विहार योजना के संबंध में लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि श्री शर्मा जी पिछले दो सालों में कुछ भी नहीं बोले और अब जब चुनाव आ रहा है तो उन्हें कमल विहार याद आ रहा है. 


श्री सोनी ने कहा कि कमल विहार योजना पूरे नियमों के अन्तर्गत बनाई गई एक पारदर्शी योजना है. हम श्री शर्मा जी को योजना के बारे में पूरी जानकारी देने के लिए तैयार हैं वे जो फाईल या कागज देखना चाहें प्राधिकरण कार्यालय में उन्हें दिखा दिया जाएगा. इसके लिए उन्हें सूचना के अधिकार के तहत जानकारी लेने और समय खराब करने की भी जरूरत नहीं है. श्री सोनी ने आगे कहा कि कमल विहार योजाना में यदि कोई खोट या गल्ती होती तो बिलासपुर हाईकोर्ट भूस्वामियों की याचिका खारिज नहीं करता. हाईकोर्ट का निर्णय यह साबित करता है कि कमल विहार संवैधानिक रुप से एक सही और जनहित में बनाई जा रही आम आदमी की योजना है.
       श्री सोनी ने कहा कि कमल विहार में जिन भूस्वामियों ने विकसित भूखंड चाहे उन्हें उनकी सहमति के आधार पर अनुबंध कर प्लॉट दिए गए हैं. जिन्हें भूखंड नहीं चाहिए था उन्हें प्राधिकरण ने कलेक्टर गाईड लाईन के आधार पर मुआवाजा दिया. श्री सोनी ने कहा कि यह कहा जा रहा है कि 800 परिवारों को भूखंड नहीं दिया जा रहा है यह गलत है प्राधिकरण में 543 भूस्वामियों ने विकसित भूखंड लेने के लिए अपनी सहमति नहीं दी इसलिए उन्हें मुआवजा दिया जा रहा. मुआवजे की दर प्राधिकरण नहीं तय करता यह तो कलेक्टर व्दारा बनाई गई गाईड लाईन के आधार पर तय होता है. श्री सोनी ने कहा कि प्राधिकरण व्दारा समाचार, विज्ञापनों और नोटिस के माध्यम से कई बार भूस्वामियों को विकसित भूखंड और अनुबंध करने की सूचना दी गई है और यह सब रिकार्ड में दर्ज है. गत 4 जुलाई को श्री चुन्नीलाल प्रजापति को प्राधिकरण कार्यालय में मुआवजे का चेक दिया गया है. इसके बाद जो भी मुआवाजा लेने आएगा उसे पांच दिनों में मुआवजा की राशि दे दी जाएगी.
      प्राधिकरण के अध्यक्ष ने बताया कि 543 भूस्वामियों व्दारा कमल विहार योजना में विकसित भूखंड लेने की सहमति नहीं दिए जाने के कारण उनकी भूमि अर्जित की गई है. प्राधिकरण ने इस हेतु पिछले साल जुलाई को भू-अर्जन अधिकारी को राशि भी दे दी है. श्री सोनी ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग में रोड रास्ते की भूमि के लिए छोड़ी गई भूमि की जांच राजस्व अधिकारी व्दारा की जा रही है.
  800 सौ परिवारों को जिनकी बात कही जा रही है उनमें जिनकी भूमि 2900 वर्गफुट से अधिक थी उन्हें शासन के आदेश से एक स्लैब ऊपर की अतिरिक्त भूमि का आवंटन किया गया है. यह आवंटन कमल विहार में अधोसंरचना विकास के मद में आरक्षित रखी गई 10 प्रतिशत भूमि में से किया गया है. श्री सोनी ने कहा कि श्री सत्यनारायण शर्मा जी का यह कहना की 3500 परिवारों को धमकी दे कर अनुबंध कराया है यह भी पूर्णत निराधार है. भूस्वामियों ने अपनी सहमति से अनुबंध किया है. अनुबंध में स्पष्ट उल्लेख है कि यह प्रोविजनल अनुबंध है स्थल पर कब्जा देते समय अंतिम अनुबंध किया जाएगा. इसके पश्चात ही संबंधित विकसित भूखंड भूस्वामी के नाम से दर्ज होगा. जहां तक भूअर्जन की बात है इसकी कार्रवाई नियमों के अन्तर्गत भूअर्जन अधिकारी रायपुर व्दारा की जाती है रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा नहीं.
      श्री सोनी ने कहा कि श्री शर्मा कभी 3500 परिवारों की बात करते हैं कि उन्हें धमकी दे कर अनुबंध कराया गया है और कभी 800 परिवारों की बात करते हैं कि उन्हें आरडीए भूखंड नहीं दे रहा है. इन दोनों बातों पर वे पहले स्वयं ही आश्वस्त हो लें कि वे क्या कहना और समझना चाहते हैं. 

Sep 5, 2013

आयकर विभाग को आरडीए के बेहतर वित्तीय प्रबंधन देख कर हुआ आश्चर्य


जांच में आयकर कटौती और राशि जमा करने में कोई खामी नहीं
प्राधिकरण का कार्य प्रशंसनीय शीतल सारस्वत, आयकर उपायुक्त  

रायपुर, 5 सितंबर 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में कल आयकर की कटौती कर उसे विभाग को भेजने के संबंध में आयकर की टीम को यह देख कर बड़ा आश्चर्य हुआ कि प्राधिकरण की लेखा शाखा का कार्य इतना व्यवस्थित कैसे है कि उनके कार्य में कोई खामी ही नहीं है. प्राधिकरण के 50 सालों के इतिहास में पहली बार आयकर विभाग ने कर भुगतान के संबंध में जांच की है. आयकर विभाग की उपायुक्त आयकर श्रीमती शीतल सारस्वत वर्मा ने प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अलेक्सपॉल मेनन से भी मुलाकात की और प्राधिकरण के वित्तीय प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए इसे अनुकरणीय बताया.
कल आयकर विभाग की उपायुक्त के नेतृत्व में आयकर विभाग की टीम ने प्राधिकरण व्दारा किए गए भुगतान किए गए देयकों की जांच की और पाया की सभी देयकों में नियमानुसार आयकर की कटौती कर आयकर विभाग में राशि जमा कराई गई है. दरअसल प्राधिकरण में पिछले कुछ वर्षों में किए गए कम्प्यूटरीकरण के फलस्वरुप तकनीकी, लेखा और राजस्व शाखा में बेहतर ढ़ंग से कार्य हो रहा है. प्राधिकरण के लेखा शाखा व्दारा ठेकेदारों, हितग्राहियों और सलाहकारों को आरटीजीएस प्रणाली से भुगतान किया जा रहा है. इसके अलावा प्राधिकरण  वित्तीय विशेषज्ञों कंपनियों की भी मदद ले रहा है.
आयकर विभाग के अधिकारियों व्दारा की गई यह जांच एक सामान्य प्रक्रिया है जिसमें उनके व्दारा संस्था व्दारा भुगतान किए जाने वाले देयकों में आयकर की कटौती की जांच की जाती है. आयकर विभाग ने प्राधिकरण में पूरी जांच के दौरान एक भी खामी नहीं पाई. आयकर विभाग ने यह पाया की प्राधिकरण व्दारा नियमित रुप से आयकर की कटौती कर विभाग के मद में राशि जमा कराई जा रही है तथा देयकों में कोई कमी नहीं है.


                                                

Aug 27, 2013

राजपत्र में प्रकाशन के बाद होगा फ्रीहोल्ड

आरडीए के आवासीय संपत्तियों को फ्रीहोल्ड करने के लिए शासन ने बनाया नया नियम

रायपुर, 27 अगस्त 2013, रायपुर विकास प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं को फ्रीहोल्ड करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने एक नया नियम बनाया है जो छत्तीसगढ़ विधानसभा से पारित हो चुका है.
छतीसगढ़ भूमि धारण (विधिमान्यकरण) अधिनियम 2013 का छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशन के बाद यह लागू हो जाएगा. इस नियम के अन्तर्गत प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में शामिल 325 एकड़ निजी भूमि अपने नाम पर दर्ज कराने के लिए राज्य शासन को पत्र भेजकर इसे राजपत्र में प्रकाशन कराने का अनुरोध किया गया है. इसके बाद प्राधिकरण व्दारा आवासीय संपत्तियों को फ्रीहोल्ड करना शुरु किया जाएगा. 

प्राधिकण के अध्यक्ष सुनील कुमार सोनी के अनुसार आवास एवं पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन व्दारा तैयार किए गए अधिनियम के अनुसार प्राधिकरण की उन सभी आवासीय योजनाएं की भूमि जो राजस्व रिकार्डों में दर्ज नहीं हो सकी थी वे अब इस अधिनियम से लागू होने के बाद नियमतः राजस्व रिकार्ड में दर्ज की जा सकेंगी. दरअसल पहले जब प्राधिकरण की योजनाएं बनी थी तब भूमि का अर्जन विधिवत ढ़ंग से नहीं हुआ था. भूमि का मुआवाजा तो दे दिया गया और उसका पांच और दस रुपए के स्टॉम्प पेपर पर लिखापढ़ी कर ली गई और ऐसा मान लिया गया कि भूमि प्राधिकरण की हो गई. प्राधिकरण ने फिर ऐसी सभी भूमियों पर अपनी योजनाएं तो बना ली लेकिन प्रक्रिया के अनुसार तहसील के राजस्व रिकार्ड में भूमि दर्ज नहीं हो सकी. इसलिए शैलेन्द्रनगर, कटोरातालाब, देवेन्द्रनगर, जलविहार, राजेन्द्रनगर जैसी कई आवासीय योजनाओं के हजारो आवासीय भूखंड और आवासीय भवन फ्रीहोल्ड नहीं हो सके. फ्रीहोल्ड का अर्थ है कि आवासीय भूखंड के धारक को भविष्य में प्राधिकरण को कोई भूभाटक नहीं देना होगा और न ही उसे अपने भूखंड के विक्रय करने के लिए किसी प्रकार की अनुमति लेनी होगी. फ्रीहोल्ड होने के बाद भूखंडधारियों भूभाटक और विक्रय की अनुमति लेने की औपचारिकता से पूरी तरह से मुक्त हो जाएंगे.

रायपुरा योजना की एक बड़ी बाधा दूर हुई – सुनील कुमार सोनी

इन्द्रप्रस्थ फेज 2 व विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र रायपुरा को
राज्य शासन ने दी स्टॉम्प और पंजीयन शुल्क में छूट

रायपुर, 27 अगस्त 2013, छत्तीसगढ शासन ने रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना के बाद अब रायपुरा स्थित इन्द्रप्रस्थ फेस - 2 और रायपुरा की विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र (SCZ Special Commercial Zone) में आने वाली भूमि के अनुबंध विलेख हेतु स्टॉम्प शुल्क व पंजीयन शुल्क की राशि में छूट दे दी है. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी के लगातार प्रयासों से मिली इस छूट से योजना के भूस्वामियों को एक बड़ी राहत मिली है. यदि यह छूट नहीं मिलती तो भूस्वामियों को प्राधिकरण से अनुबंध करने और स्टॉम्प शुल्क के रुप में लाखों रुपए का आर्थिक भार वहन करना पड़ता किन्तु इस छूट से अब मात्र 100 रुपए के स्टॉम्प पर ही प्राधिकरण और भूमि स्वामियों के मध्य अनुबंध का निष्पादन हो सकेगा. श्री सोनी ने घोषणा की कि प्राधिकरण व्दारा दोनो योजना में अधोसंरचना विकास स्वयं की राशि अथवा ऋण ले कर करेगा और योजना में शामिल भूस्वामियों से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लेगा.
नगर विकास योजना इन्द्रप्रस्थ फेस 2 रायपुर के 125 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है. योजना की लागत 96.60 करोड़ रुपए है. मुख्यतः यह आवासीय योजना है जिसमें भूस्वामियों को उनकी अविकसित भूमि के बदले 35 प्रतिशत क्षेत्र का पुनर्गठित विकसित भूखंड दिया जा रहा है. योजना में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी. योजना में 550 भूस्वामी शामिल हैं. इसमें से 60 प्रतिशत भूस्वामियों ने पुर्नगठित भूखंड लेने की सहमति दे दी है तथा शेष भूमि का अर्जन किया जाएगा. योजना के औपचारिक नियम एवं प्रक्रिया के अन्तर्गत नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 50 (8) के अन्तर्गत प्रकाशन कर समस्त कार्रवाई पूरी की जा चुकी है. योजना में मास्टर प्लॉन के प्रावधान के अनुरुप मुख्य मार्ग 24 मीटर चौड़ा होगा जिसकी लंबाई 2.8 किलोमीटर होगी.
रायपुरा की विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र 124.24 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगी जिसकी लागत लगभग 250 करोड़ रुपए होगी. रायपुर के मास्टर प्लॉन अर्थात रायपुर विकास योजना के अन्तर्गत बाजारों के विक्रेन्दीकरण किया जाना है. इसके अन्तर्गत विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए लॉजिस्टिक हब अर्थात वेयर हाऊस कार्यालय सहित, होलसेल व रिटेल व्यावसाय, होटल, कार्पोरेट कार्यालय विकसित होंगे. योजना में भूस्वामियों को उनकी भूमि का 46 प्रतिशत क्षेत्र के बराबर के पुनर्गठित विकसित भूखंड देते हुए 2 से 3 प्रतिशत तक निर्मित व्यावसायिक क्षेत्र भी आवंटित किया जाएगा. प्राधिकरण व्दारा योजना में आवंटित भूखंड़ों पर 4 साल में निर्माण करने की शर्त भी रखी गई है. इस योजना हेतु नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 50 (5) के अन्तर्गत गठित समिति व्दारा आपत्तियों की सुनवाई की जा चुकी है. समिति की रिपोर्ट आते ही प्रकाशन की अंतिम कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण व्दारा विकास और निर्माण प्रारंभ किया जाएगा.