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Jul 9, 2015

^^^ आरडीए में प्रापर्टी लोन मेला आज से ^^^

- 16 बैंक व संस्थाएं शामिल होंगी -
* प्लॉट, फ्लैट्स, दुकान के लिए भी मिलेगा ऋण *
रायपुर, 09 जुलाई 2015, बैंक और वित्तदायी संस्थाओं से सीधे ऋण उपलब्ध कराने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने न्यू राजेन्द्रनगर स्थित कार्यालय परिसर में पहली बार एक वृहद प्रापर्टी लोन मेला का आयोजन किया है. मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के अनुसार 10 से 12 जुलाई तक तीन दिन चलने वाले इस प्रापर्टी लोन मेला में 16 बैंक व वित्तदायी संस्थाएं भाग ले रही है. मेला में प्राधिकरण की कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना के प्लॉट सहित कई अन्य संपत्तियों के लिए आवंटितियों को विभिन्न बैंकों से ऋण की सुविधा मिलेगी.
कमल विहार के लिए 600 करोड़ का ऋण देने वाले सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया तथा इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना के लिए 78.75 करोड़ रुपए का ऋण देने वाले यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भी इस मेला में भाग ले रहे हैं. वैसे तो कई बैंक सीधे प्लॉट के लिए ऋण देते हैं तो कई प्लॉट तथा भवन निर्माण दोनोे के लिए ऋण देते हैं. इसके अलावा अन्य संपत्तियों जिसमें व्यावसायिक परिसर व दुकानों इत्यादि के लिए बैंक व अन्य वित्तदायी संस्थाएं ऋण देने के लिए कल प्रापर्टी लोन मेला में उपलब्ध रहेंगी. ये सभी प्राधिकरण की कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना सहित रायपुर विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में स्थित विक्रय योग्य भूखंड, फ्लैट्स दुकानों इत्यादि के लिए भी ऋण देने की जानकारी देंगे.
सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक, ऐक्सिस बैंक, इलाहाबाद बैंक, कैनरा बैंक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, विजया बैंक, आईसीआईसी बैंक, एलआईसी होम फायनेंस लिमिटेड, बैंक ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, बैंक ऑफ इंडिया, सेन्ट बैंक होम फायनेंस लिमिटेड ने इस प्रापर्टी लोन मेला में शामिल होंगे. इन बैंकों के प्रतिनिधियों ने आज से अपनी तैयारी शुरु कर दी है.

ट्रांसपोर्ट नगर में 26 प्लॉट निरस्त 32 को नोटिस

रायपुर09 जुलाई 2015,  रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर में प्लॉट ले कर निर्माण नहीं करने वाले 26 आवंटितियों का आवंटन निरस्त करने के बाद अब आधा अधूरा निर्माण कर छोड़ देने वाले 32 आवंटितियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है. रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने आज स्वयं डॉ. खूबचंद बघेल ट्रासंपोर्टनगर में सभी आधे अधूरे निर्माण कर छोड़ देने वाले 32 भूखंडों का निरीक्षण किया और सहायक राजस्व अधिकारी को निर्देश दिया कि वे सभी को नोटिस जारी करें.
रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा ट्रांसपोर्टनगर में जिन लोगों को भूखंडों का आवंटन किया गया था उसमें पट्टे का अनुबंध विलेख की कंड़िका – 3 में इस बात का उल्लेख है कि पट्टा निष्पादन के तिथि से एक वर्ष के भीतर भूखंड पर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से संबंधी दुकान का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा.
चूंकि आवंटितियों ने एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य नहीं किया इसलिए यह कार्रवाई की जा रही है. जिन 32 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है उनमें आर. सिंग, नरेन्द्र समुद्रकर, प्रीतम दास नागवानी, अग्रसेन, सतेन्द्र गेरी, सनराईस बेरिंग एजेंसी, सुभाष अग्रवाल, अशोक दास, श्रीमती प्रिया बजाज, राजेश सखूजा, शशांक शेखर शर्मा, पवन जैन, अमित सिंह भाटिया, मनोज सिंग, विजय कुमार गुप्ता, शैलेष जायसवालराजेन्द्र दुबे
मेसर्स अभिषेक टायर, ओम ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन, के. नटराजन, राकेश शिवहरे एम. पी. बाम्बे ग्वालियर ट्रांसपोर्ट, सी. के. चौधरी मेसर्स पप्पू गुड्स ट्रांसपोर्ट, दलजीत सिंह, राजेश ट्रांसपोर्ट कंपनी, गोपाल राय, मुस्ताक अहमद, प्रकाश ट्रांसपोर्ट, अंकित पाठक, रायपुर मोटर इंजीनियरिंग वर्क्स दिनेश कुमार तमेर तथा श्रीमती मुस्कान संतवानी शामिल हैं.

Jul 6, 2015

रायपुर के लोगों की सोच विकासात्मक इसलिए शहर विकास का काम एक चुनौती – श्री संजय श्रीवास्तव

रायपुर06 जुलाई 2015, रायपुर विकास प्राधिकण में श्री संजय श्रीवास्तव ने आज अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल ली. पद संभालने के बाद प्राधिकरण परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रायपुर शहर का वर्तमान स्वरुप अब नए स्वरुप में बदलने की कवायद हो गया है. एक ओर जहां नया रायपुर बन रहा है वही पुराने शहर की भी अपनी अहमियत हैं. रायपुर शहर का
अपना एक मिजाज है लोग यहां सरल है इसलिए यह कहा जाता है कि सबले बढ़िया छत्तीसगढ़िया. यही नहीं रायपुर में रहने वालों की सोच भी आधुनिक और विकासात्मक सोच हैं इसलिए शहर विकास का काम करना अपने आप में एक चुनौती है. जिसे मैं एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा.

      पदभार ग्रहण करने के बाद श्री श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी शहर के विकास का दायित्व मिलना अपने आप में एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. छत्तीसगढ़ राज्य के बनने के बाद रायपुर का राजधानी बनना एक ऐतिहासिक प्रसंग है. इतिहासविदों की मान्यता के अनुसार वैसे तो रायपुर शहर का अस्तित्व काफी पहले का है पर लोगों का मानना है कि यह 14 वीं सदी में बसा था.  
नवनियुक्त अध्यक्ष ने कहा कि आज पूरे देश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी स्मार्ट सिटी की बात कर रहे हैं. यह कोई ऐसी वैसी कोई आम परिकल्पना नहीं है. चूंकि हमारे देश में शहर पूरी तरह से व्यवस्थित नहीं हैं इसलिए नई तकनीक के साथ विश्व स्तर पर बेहतर जीवन स्तर हासिल करने की बातें की जा रही है. छत्तीसगढ़ में हमारे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी और आवास एवं पर्यावरण श्री राजेश मूणत भी इसी दिशा में लगातार काम कर रहें हैं. इसी कारण छत्तीसगढ़ के शहरों में पहले से कही अधिक विकास हो रहा है. 
उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर को आगे ले जाने आरडीए ने पिछले 11 सालों में एक साथ कई कदम उठाएं है. इस दिशा में सिटी सेन्टर कम मल्टीप्लेक्स, वंडरलैंड रिक्रिएशन पार्क, छत्तीसगढ़ हॉट और 24 घंटे छत्तीसगढ़ की लोकधुन सुनाने वाली नगरघड़ी तो अपने आप में बेमिसाल है. कमल विहार जैसी नगर विकास योजना को विकसित कर रायपुर विकास प्राधिकरण ने एक नई मिसाल कायम की है. दरअसल कमल विहार योजना आधुनिक विकास की अवधारणा का रुप है. प्राधिकरण ने आवास और निवास के साथ व्यावसायिक, सामाजिक, मनोरंजन और पर्यावरण की दिशा में सालों से कई कार्य किए हैं.
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि विकास की अब जो जिम्मेदारी मुझे मिली है उसमें विकास के विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों की राय ले कर हम और बेहतरीन विकास और निर्माण का कार्य करेंगे. सीधी सच्ची बात यह है कि मैं सपनों की नहीं हकीकत की बातें कहना चाहता हूं कि रायपुर शहर के विकास में सबके साथ सबका विकास की बात होगी. रायपुर शहर का समुचित विकास हो इसके लिए हमारा यह नारा रहेगा कि विकास हमारा उद्देश्य और निर्माण हमारा लक्ष्य.
कार्यक्रम में उपस्थित आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने कहा कि रायपुर शहर के परिपेक्ष्य में कहा की कभी कभी विचार आता है कि नया रायपुर बन रहा है लेकिन फिर वहीं यह लगता है कि अपना रायपुर भी कही कम नहीं है. गत 11 सालों में रायपुर शहर में विकास के जो कार्य हुए हैं वह मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी की बड़ी सोच के कारण हुआ है. उन्होंने कहा कि कमल विहार के बारे कहने से अच्छा है कि आप वहां घूम कर आएं और यदि कमल विहार आपको अच्छा लगे तो संजय श्रीवास्तव जी को पत्र लिख कर जरूर बताएं.
इस अवसर पर उपस्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि प्रदेश में चल रहे विकास कार्य देखने के लिए देश  विदेश से लोगों का आना यह बताता है कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास कर रहा है.

पदभार ग्रहण समारोह में संगठन मंत्री ऱामप्रताप सिंह, सह मंत्री श्री पवन साय, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत, गह मंत्री श्री रामसेवक पैकरा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक, राज्य सभा सांसद श्री भूषण लाल जांगड़े, पूर्व मंत्री श्री ननकी राम कंवर, विधायक श्री श्रीचंद सुन्दरानी, नवीन मारकंडे,
श्री रोशनलाल अग्रवाल, श्री गिरधर गुप्ता, निगम मंडलों के नव नियुक्त अध्यक्षों में श्री शिवरतन शर्मा, श्री छगनलाल मूंदड़ा, श्री श्याम बैस, श्री देवजी पटेल, श्री भूपेन्द्र सवन्नी, श्री अशोक बजाज, श्री सुभाष राव, श्री सलीम अशरफी, श्रीमती सरला जैन, नीलू शर्मा, नगर निगम के सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा, श्री दिलीप सिंह होरा, श्री रमेश मोदी, श्री पुरन्दर मिश्रा, श्री प्रमोद भट्ट, श्री सच्चिदानंद उपासने, श्री अशोक पांडेय, श्री रसिक परमार, श्रीमती मीनल चौबे, महेन्द्र पंडित, गोवर्धन खंडेलवाल, श्री दीपक महस्के श्री संजु नारायण ठाकुर शोभा सोनी, श्री सुभाष तिवारी, सूर्यकांत राठौर, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे, अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग, प्राधिकरण कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री धर्मेन्द सिंह सेंगर, सचिव श्री अब्दुल आरिफ सहित कई नागरिक उपस्थित थे.

Jul 5, 2015

आरडीए के नए अध्यक्ष आज से संभालेंगे शहर के विकास और निर्माण का कामकाज

रायपुर 05 जून 2015, एप्लाईड जियोलाजी में एम. टेक की ड्रिग्री, बिजनेस व पर्सनल मैंनेजमैंट में डिप्लोमा और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक के उपरांत नगर निगम में सभापति रह चुके श्री संजय श्रीवास्तव कल से रायपुर विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष का कामकाज संभालेंगे. प्राधिकरण कार्यालय परिसर में दोपहर 3 बजे वे निवर्तमान अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज से यह जिम्मेदारी लेंगे. 

उल्लेखनीय है कि रायपुर विकास प्राधिकरण मुख्यतः विकास और निर्माण करने वाले एक ऐसी संस्था है जो 1963 से लगातार विकास का कार्य कर रही है. छत्तीसगढ़ शासन व्दारा नियुक्त किए गए श्री संजय श्रीवास्तव ने 1989 में रायपुर इंजीनियरिंग कालेज से एप्लाईड जियोलाजी में एम.टेक की स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की. उसके बाद उन्होंने बिजनेस मैनेजमैंट और पर्सनल मैंनेजमैंट में डिप्लोमा और पत्रकारिता में स्नातक पाठ्यक्रम भी किया है. वे वर्तमान में रायपुर जिला हाकी संघ के अध्यक्ष भी हैं. 


Jul 4, 2015

आरडीए के नए अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव 6 जुलाई को संभालेंगे पदभार

रायपुर04 जुलाई 2015, राज्य शासन व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव सोमवार 6 जुलाई दोपहर 3 बजे अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालेंगे. इस संबंध में प्राधिकरण कार्यालय व्दारा तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है. छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश 1975 के नियम 17 के अंतर्गत श्री श्रीवास्तव की पदावधि चार वर्षों के लिए है. श्री श्रीवास्तव के रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री एस. एस. बजाज (भा.व.से.) अध्यक्ष रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यभार से मुक्त होंगे. 

Big Residential Plots for Multi Storied Flats & Group Housing Scheme


Now Big Residential Plots are available for Builders, Real Estate Developers to construct Multi storied Flats and Group Housing scheme at Kamal Vihar Scheme Raipur.

Jul 1, 2015

रायपुर विकास प्राधिकरण के नए अध्यक्ष - श्री संजय श्रीवास्तव

ww Shri Sanjay Shrivastva a New Chairman of RDA
Shri Sanjay Shrivastva is now new Chairman of Raipur Development Authority as announced by CG Government today. He was earliear Speaker of Municipal Corporation of Raipur.

ww श्री संजय श्रीवास्तव रायपुर विकास प्राधिकरण के नए अध्यक्ष
 - छत्तीसगढ़ शासन ने श्री संजय श्रीवास्तव को रायपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है. वे पहले नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति रह चुके हैं.

Jun 25, 2015

कमल विहार में बड़े प्लॉट अब 36 किस्तों में

एससीजेड - रायपुरा में भूखंडों के पुनर्गठन के लिए विधिक राय ली जाएगी
अनियमित आकार के भूखंड में बैटर लोकेशन चार्ज नहीं
रायपुर26 जून 2015, कमल विहार योजना में फ्लैट्स व स्वतंत्र आवास बनाने के लिए आवासीय भूखंड अब 36 मासिक किस्तों में विक्रय किए जाएंगे. योजना में व्यवसायिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक, सार्वजनिक
व अर्ध्द सार्वजनिक उपयोग के बड़े भूखंडों का आवंटन भी 36 मासिक किस्तों में किया जाएगा. रायपुर
विकास प्राधिकरण के संचालक मंडल की बैठक में आज अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज की अध्यक्षता और सदस्य सचिव और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे की उपस्थिति में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया.  

कमल विहार में बड़े भूखंड अब 36 मासिक किस्तों में
संचालक मंडल ने कमल विहार में आवासीय के 5 हजार वर्गफुट से अधिक बड़े आकार के तथा व्यावसायिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक, सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक उपयोग के 10 हजार वर्गफुट से अधिक बड़े आकार के भूखंडों का आवंटन 36 मासिक किस्तों में करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए आवेदन के साथ 10 प्रतिशत की पंजीयन राशि तथा आवंटन की स्वीकृति की तिथि से एक माह के भीतर 15 प्रतिशत राशि देय होगी. शेष 75 प्रतिशत राशि 36 माह में देय होगी किन्तु अंतिम 12 किस्तों पर प्रति दिन (प्रो राटा बेसिस) के आधार पर 12 प्रतिशत ब्याज का भुगतान आवंटिति को करना होगा. किस्तों का निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर 15 प्रतिशत सरचार्ज राशि अलग से देय होगी.
कमल विहार में प्लॉट नहीं लेने वालों को वापस होगी 70% राशि 
पूर्व में 30 मार्च 2015 को प्राधिकरण संचालक मंडल ने यह निर्णय लिया था कि कमल विहार में आवंटन के पश्चात किन्तु प्रथम किस्त राशि देय होने के पहले पंजीयन राशि वापस लेने वाले आवंटितियों को 20 प्रतिशत राशि की कटौती कर शेष 80 प्रतिशत राशि का भुगतान कर दिया जाए.  इस निर्णय के बाद 30 मार्च के पहले जिन लोगों व्दारा पंजीयन राशि की वापसी की मांग की गई थी उनके मामले में संचालक मंडल ने निर्णय लिया कि ऐसे आवेदकों को 30 प्रतिशत राशि की कटौती कर 70 प्रतिशत राशि का भुगतान कर दिया जाए. इस संबंध में कुछ समय पूर्व प्राधिकरण ने 51 आवंटितियों को नोटिस भेज कर किस्त राशि का भुगतान नहीं करने पर आवंटन निरस्त करने की सूचना दी थी. नोटिस के बाद 4 आवंटितियों ने तो राशि जमा करने में रुचि दिखाई शेष 47 लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया. ऐसे आवंटितों को आवेदन करने पर 30 प्रतिशत राशि की कटौती कर 70 प्रतिशत राशि वापस कर दी जाएगी.   
लाटरी में मिले अनियमित आकार के भूखंड में बैटर लोकेशन चार्ज नहीं
एक अन्य निर्णय में संचालक मंडल ने ऐसे आवंटितियों को राहत दी है जिन्हें लाटरी में नियमित के बदले विशिष्ट आकार के भूखंडों का आवंटन हुआ है. अनियमित आकार होने के कारण कई ऐसे भूखंडों के आवंटितियो को उनके अनुरोध पर नियमित आकार का भूखंड दिया है. किन्तु वर्तमान में प्राधिकरण के पास 650 वर्गफुट से 3600 आकार के रिक्त भूखंड उपलब्ध नहीं हैं कि उन्हें आवंटितों की मांग पर वैकल्पिक भूखंड आवंटित किया जा सके. प्राधिकरण व्दारा विशिष्ट आकार के भूखंडों के आवंटन पर किसी प्रकार का कोई रायडर या बैटर लोकेशन चार्ज नहीं लगाया था. इसलिए अनियमित आकार के भूखंडों के आवंटन पर किसी भी प्रकार का रायडर या बैटर लोकेशन चार्ज नहीं लिया जाएगा. किन्तु विशिष्ट आकार के भूखंडधारियों को फ्रीहोल्ड भूखंड के लिए  रुपए 1651 प्रति वर्गफुट की दर से राशि देना होगा.  
एससीजेड - रायपुरा में भूखंडों के पुनर्गठन के लिए विधिक राय
संचालक मंडल ने एक अन्य निर्णय में रायपुरा में विकसित होने वाले विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र (स्पेशल कमर्शियल जोन - SCZ) हेतु योजना क्षेत्र में निर्माण कर निर्मित क्षेत्र भूमि स्वामियों को आवंटित करने के बदले अब योजना को पुनर्गठित विकसित भूखंडों के आधार पर ही विकसित करने का निर्णय लिया गया है. इस संबंध में प्राधिकरण व्दारा विधिक राय ले कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. 
संचालक मंडल की बैठक में अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, सीईओ श्री एम. डी. कावरे, वित्त विभाग के संयुक्त संचालक श्री एस. के. चक्रवर्ती, आवास एवं पर्यावरण विभाग के अवर सचिव श्री जी. एल. सॉकला, उप वन संरक्षक ङी विनोद मिश्रा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अधीक्षण अभियंता श्री आर. के. चौबे, छत्तीसगढ़ राज्य विदुयत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता श्री पी. के. खरे, उपायुक्त नगर पालिक निगम श्री विनोद पांडे सदस्य के रुप में उपस्थित थे.   

Jun 23, 2015

कमल विहार में प्लॉट खरीदने के लिए बैंकों के साथ लोन मेला लगाएगा आरडीए


रायपुर23 जून 2015, कमल विहार योजना में भूखंड खरीदने के लिए नागरिकों को ऋण सुविधा उपब्ध कराने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण विभिन्न बैंकों के साथ मिल कर एक लोन मेला आयोजित करने जा रहा है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के अनुसार प्राधिकरण कार्यालय परिसर में 10 जुलाई से तीन दिवसीय लोन मेला का आयोजन होगा. 10 से 12 जुलाई 2015 तक होने वाले इस मेले में प्राधिकरण कई राष्ट्रीयकृत एवं निजी क्षेत्र के बैंकों को आमंत्रित कर रहा है. लोन मेला के दौरान प्राधिकरण कार्यालय परिसर में कमल विहार योजना से संबंधित विभिन्न तकनीकी व विकास संबंधित जानकारियों भी प्रदर्शित की जाएंगी.  
प्राधिकरण लोन मेला में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, कारपोर्रेशन बैंक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, एचडीएफसी कारपोरेशन लिमिटेड, भारतीय जीवन बीमा निगम सहित अन्य कई बैंकों से संपर्क कर रहा है ताकि वे कमल विहार के आंवटितियों को भूखंड व भवन निर्माण के लिए ऋण दे सकें.  

उल्लेखनीय है कि बैंक भवन बनाने के लिए तो ऋण उपलब्ध कराते हैं किन्तु वे भूखंड के लिए सीधे ऋण उपलब्ध नहीं कराते हैं. चूंकि कमल विहार राज्य शासन और रायपुर विकास प्राधिकरण की एक ऐसी योजना है जो कानूनी रुप से पूर्णतः वैध है तथा जो नगर तथा ग्राम निवेश के सभी नियमों का पालन कर बनाई गई है. अत ऐसी स्थिति में योजना में ऋण लेने में किसी भी प्रकार की कोई कानूनी अड़चन नहीं है. यदि कोई ऐसी अड़चन हो तो ऐसी दिक्कते लोन मेला में दूर की जाएंगी. 

Jun 16, 2015

कमल विहार में भूखंडों का स्थल पर कब्जा देना शुरु

रायपुर16 जून 2015, कमल विहार योजना में भूमि स्वामियों को आवंटित किए गए विकसित भूखंडों का कब्जा देने के लिए एक विशेष कैंप आज से रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में शुरु किया गया. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के निर्देश पर मूल भूमि स्वामी जिन्हें विकसित भूखंड आवंटित किए गए हैं उनके साथ प्राधिकरण निश्चयात्मक अनुबंध कर भूखंडों का आवंटन कर रहा है. 
दो सप्ताह पहले तक 1834 भूमि स्वामियों को विकसित भूखंड आवंटित किए जा चुके थे. उसके बाद जिन भूमि स्वामियों ने विकसित भूखंड नहीं लिए हैं उन्हें भी आमंत्रित कर भूखंडों का आवंटन तथा कब्जा देने की कार्रवाई की जा रही है. भूखंड आवंटन के साथ ही अब स्थल पर कब्जा देने के लिए भी कमल विहार स्थल कार्यालय में इंजीनियरों को भी तैनात किया गया है. कमल विहार में स्थल पर भूखंडों का कब्जा लेने के बाद आवंटिती वहां अपने भवनों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर सकेंगे.

Jun 15, 2015

Opportunities Don’t Come Again & Again

  If you want a Office Hall or Chamber for your Precious
Business at the Heart of the City. So Don’t miss the chance. The location is at Hanuman Mandir Scheme, Near Shastri Chowk, Raipur. The Bus Stand is 1.5 KM, Railway Station is 2.5 KM, Airport is approximately 15 KM far from here. It is a very prime location, where the availability of Property for sale or Rental are very rare, So Don’t miss the Opportunity.

Jun 14, 2015

दो साल की किश्तों में इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में मिलेंगे प्लॉट

विकसित प्लॉटों की ब्रिकी शुरु
अंतिम तिथि के बाद बचे भूखंडों का आवंटन अब हर गुरुवार को होगा
रायपुर, 14 जून 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा योजना में दो सालों की अवधि में किश्तों में प्लॉट लेने की सुविधा उपलब्ध कराई है. सीईओ श्री एम. डी. कावरे ने बताया कि आवासीय भूखंडों के विक्रय की दर निर्धारण करने के बाद आवासीय के साथ ही व्यवसायिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक, आवास सह व्यवसाय के लिए मिश्रित उपयोग के लिए कुल 58 भूखंडों के लिए नागरिकों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं. पंजीयन और आवंटन तक आवंटिति को 25 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा. अंतिम किश्त को छोड़ कर प्लॉट की 75 प्रतिशत राशि को दो साल में किश्तों में भुगतान करने की सुविधा दी जा रही है.  
आरडीए के सीईओ ने कल मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया के साथ इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना का निरीक्षण कर सड़कों और भूमिगत अधोसंरचना के अन्तर्गत पानी, बिजली, सीवर, दूरसंचार के भूमिगत केबल बिछाने के कार्यों का अवलोकन किया. उन्होंनें योजना के सभी इंजीनियर्स से कार्य और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता तथा समयबध्द कार्य को सुनिश्चित करने पर जोर दिया. श्री कावरे ने साईट इंजीनियर्स से कहा कि वे विक्रय किए जा रहे सभी भूखंड़ों के नंबर व दिशा दर्शाने वाले सीमेंट के पोल लगाएं ताकि स्थल पर भूखंड देखने आने वाले लोगों को सुविधा हो.
श्री कावरे ने आगे बताया कि नगर विकास योजना कमल विहार के साथ ही अब इन्द्रप्रस्थ - रायपुरा की नगर विकास योजना में निर्माण कार्य तेजी लाई गई है. इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा के फेज 2 में प्राधिकरण ने आवासीय के 35 भूखंड, व्यवासायिक के 4, आवासीय सह व्यवसाय के लिए मिश्रित के 15, स्वास्थ्य के लिए 2 और शैक्षणिक प्रयोजन के लिए 2, इस तरह से कुल 58 भूखंडों के लिए आवेदन पत्र प्राधिकरण कार्यालय में लिए जा रहे हैं. इच्छुक व्यक्ति 25 जून तक प्राधिकरण कार्यालय में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं. आवासीय भूखंडों के लिए प्लॉट का आवंटन लॉटरी से किया जाएगा तथा अन्य सभी भूखंडों का आवंटन निविदा के माध्यम से किया जाएगा. श्री कावरे के अनुसार भूखंडों के आवेदन की अंतिम तिथि 25 जून है. यदि इसके बाद भी भूखंड शेष रह जाते हैं तो हर गुरुवार तक प्राप्त आवेदनों के आधार पर लाटरी व निविदा के माध्यम से भूखंड का आवंटन जारी रहेगा.  

इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में आवासीय प्लॉटस में 786 वर्गफुट से 4081 वर्गफुट तक, व्यावसायिक में 4843 से 10765 वर्गफुट तक, मिश्रित (आवासीय सह व्यवसायिक) में 1361 वर्गफुट से 3914 वर्गफुट तक स्वास्थ्य में 7856 वर्गफुट से 7885 वर्गफुट तक, शैक्षणिक में 13403 वर्गफुट से 90281 वर्गफुट तक के प्लॉटस उपलब्ध हैं. 

वंडरलैंड रिक्रिएशन पार्क में निर्देश संबंधी जानकारी प्रदर्शित करें – श्री कावरे

रायपुर 14 जून 2015, आरडीए के सीईओ श्री एम.डी. कावरे ने इन्द्रप्रस्थ रायपुरा स्थित वंडरलैंड रिक्रिएशन पार्क की मिल रही शिकायतों के संबंध में कल मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया के साथ
आकस्मिक निरीक्षण किया. प्रबंधकों ने बताया कि उन्होंने वाटर जोन में उखड़ी टाईल्स के संबंध में आई शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे ठीक कर लिया है. वाटरजोन में उपयोग किया जा रहा पानी पूरी तरह से स्वच्छ है. आकस्मिक दुर्घटना के संबंध में चिकित्सा के लिए एक फोन काल पर डॉक्टर की व्यवस्था की गई है साथ ही वंडरलैंड में प्राथमिक चिकित्सा किट भी स्थल पर उपलब्ध कराई गई है.
श्री कावरे ने स्थल निरीक्षण के दौरान वंडरलैंड के प्रबंधक को निर्देश दिया कि वे यहां आने वाले लोगों के लिए क्या – क्या सावधानियां रखना है ? और क्या नहीं करना है इस संबंध में विस्तृत निर्देश से संबंधित जानकारी अलग – अलग स्थानों पर प्रदर्शित करें. प्राथमिक चिकित्सा के लिए निर्धारित स्थान पर बोर्ड लगाएं ताकि प्रभावित व्यक्ति को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा दी जा सके. प्रबंधकों ने यह भी बताया कि स्वीमिंग पूल में तकनीकी समस्या को दूर कर उसे पुनः चालू करने का प्रयास किया जा रहा है.  

आदर्श बाजार के भवन में मरम्मत करने के निर्देश

रायपुर 14 जून 2015, विवेकानंद आश्रम के बाजू में स्थित आदर्श बाजार के भवन के रखरखाव के संबंध में रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ ने कल स्थल निरीक्षण किया. इस दौरान प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी. आर. नारंग के साथ सहायक राजस्व अधिकारी व इंजीनियर्स भी उपस्थित थे. स्थल निरीक्षण के दौरान भवन की टूट – फूट और अवैध रुप से संचालित हो रहे ठेलों पर भी चर्चा हुई. व्य़वसायियों ने बताया कि आदर्श बाजार भवन में मरम्मत और रखरखाव की आवश्यकता है. इस पर श्री कावरे ने संबंधितों को आवश्यक कार्य किए जाने के निर्देश दिए.

Jun 13, 2015

PLOTS AVAILABLE @ INDRAPRASTHA - RAIPURA - II



PLOTS AVAILABLE @ INDRAPRASTHA - RAIPURA - II
              IndraPrastha - Raipura is a Town Development Scheme No - 1 (TDS - 1) of Raipur Development Authority. Here Plots of various uses like Commercial, Mixed use (Commercial + Residential), Health, Educational and Residentila Plots are availble. Plots of Residential will be alloted by Lottery and Remaining Plots will be alloted through Tender on Highst Bid.

Jun 12, 2015

...।। कार्यालय गंदा करने वालों कर्मचारियों को मिलेगा दंड ।।...

- आरडीए में राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान के लिए बैठक -
- पहली बार 100 रुपए, दूसरी बार 500 रुपए का अर्थदंड, तीसरी बार में निलबंन -


रायपुर, 12 जून 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय में पान – गुटका खा कर और नशा कर इधर - उधर थूकने वाले कर्मचारियों पर अब सीधी कार्रवाई होगी. पहली दो गल्तियों पर अर्थदंड और तीसरी गल्ती पर निलंबन की कार्रवाई होगी. 


प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने आज कार्यालय में कर्मचारियों की एक बैठक कर राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान के उद्देश्यों के अनुरुप कार्यालयों को साफ – सुथरा बनाये रखने के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सबको यह ध्यान रखने होगा कि कार्यालय को पान, गुटका, नशे वाली वस्तुओं का सेवन या मद्यपान कर थूक कर या अन्य किसी भी प्रकार से गंदा नहीं किया जाए.

श्री कावरे ने कहा कि कार्यालय को गंदा करने वाले कर्मचारी को पहली बार में एक सौ रुपए, दूसरी बार में पांच सौ रुपए का अर्थदंड दिया जाएगा. तीसरी बार ऐसी गल्ती करने वाले कर्मचारी पर सीधे निलंबन की कार्रवाई की जाएगी.

Jun 10, 2015

Jun 8, 2015

कमल विहार के 51 आवंटितियों को भूखंडों निरस्त करने की नोटिस

19 जून तक राशि जमा नहीं को तो पंजीयन राशि होगी राजसात 
लगभग 16 करोड़ 20 लाख की बकाया है किश्त 

रायपुर8 जून 2015, कमल विहार योजना में नोटिस दिए जाने के बाद भी भूखंडों की किश्तें जमा नहीं करने वाले 51 आवंटितियों को उनके भूखंडों का आवंटन निरस्त कर पंजीयन राशि राजसात करने की नोटिस दी गई है.  

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने बताया कि विभिन्न सेक्टरों में ऐसे आवंटिति जिन्हें लॉटरी के माध्यम से भूखंड आवंटित किए गए थे और उनके व्दारा किश्तों की राशि की दी गई सुविधा के अनुसार राशि का भुगतान नहीं किया है उन्हें पहले भी सूचित किया गया है कि वे राशि का भुगतान कर दें. इस बार आवंटितियों को 19 जून तक का समय दिया है कि वे राशि का भुगतान करे अन्यथा उनका आवंटन निरस्त कर पंजीयन राशि राजसात कर ली जाएगी. इसमें आवंटितियों को 5 लाख 65 हजार से एक करोड़ तैतीस लाख तक की राशि प्राधिकरण में जमा करना है. आवंटितियों व्दारा राशि जमा करने से प्राधिकरण को लगभग 16 करोड़ 20 लाख रुपए की आय संभावित है.   

Jun 4, 2015

कमल विहार में तैयार हो रहा पहला फुटबाल मैदान

9 सेक्टरों का काम पूरा, रिंग रोड व मुख्य सड़कें बन कर तैयार

रायपुर4 जून 2015, कमल विहार के नौ सेक्टरों में विकास का काम लगभग पूरा कर लिया गया है. सेक्टर 4, 5, 6, 7-ए, 8-ए, 9, 10, 12 एवं 13 में जलप्रदाय व बरसात का पानी, नाली तथा शोधित जल की पाईप लाईनों, विद्युत के केबल व आईटी केबल के लिए भूमिगत पाईप लाईनों बिछाई जा चुकी है. कमल विहार में योजना व सेक्टर स्तर की सड़कों का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है. योजना में पहले खेल का मैदान सेक्टर एक  तैयार किया जा रहा है. इसमें फुटबाल, बास्केटबाल एवं वालीवाल खेलने के लिए मैदान क समतलीकरण किया जा रहा है. यह मैदान टिकरापारा व बोरियाखुर्द की आबादी क्षेत्र से लगा हुआ है.    
रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने बताया कि आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के नियमित स्थल निरीक्षण से लोक निर्माण, जल संसाधन व विद्युत विभागों से कार्य में आ रही कठिनाईयां दूर हुई हैं तथा आपस में बेहतर समन्वय के साथ कार्य हो रहा है. इसके कारण विकास और निर्माण कार्य में काफी तेजी आई है. कमल विहार योजना में मास्टर प्लॉन के अनुसार बनाई गई साढ़े 3 किलो मीटर की रिंग रोड का काम भी पूरा हो गया है. इसके अलावा योजना स्तर की सड़कों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त सेक्टर 1, 2, 11-ए,  14-ए तथा 15-ए में जलप्रदाय, बरसात का पानी, नाली तथा शोधित जल के लिए भूमिगत पाईप लाईन बिछाए जा चुके हैं.

Jun 3, 2015

87 प्रतिशत भूस्वामियों के सहयोग से विकसित हुई कमल विहार योजना

- 1834 भूस्वामियों ने लिए विकसित भूखंड -
रायपुर, 3 जून 2015, कमल विहार योजना में वहां के 4333 भूस्वामियों ने अपनी सहमति दे कर योजना को विकसित होने में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता निभाई है. कुल 4969 भूमि स्वामियों में से 86.73 प्रतिशत ने अपनी अविकसित भूमि दे कर अब वहां विकसित भूखंड प्राप्त ले रहे हैं. विश्वस्तरीय इस नगर विकास योजना में कई आधुनिक एवं नवीन अवधारणा की संरचना विकसित की गई है.
रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने बताया कि 1834 भूमि स्वामियों ने कमल विहार में विकसित फ्रीहोल्ड के भूखंड ले लिए हैं जो लगभग 42.55 प्रतिशत होता है. योजना में 23 भूस्वामियों को उनके मांग पर मुआवजा तथा शेष की भूमि अनिवार्य भूमि अर्जन के अंतर्गत भूमि ली जा कर मुआवजे की राशि भी भूअर्जन अधिकारी को दे दी गई है. श्री कावरे के अनुसार योजना के भूस्वामियों से नियमित रुप से अनुबंध कर उन्हें विकसित भूखंड दिए जा रहे हैं. अप्रैल माह में 167 भूस्वामियों के लिए विशेष कैंप कर उनके  निश्चयात्मक अनुबंध करके विकसित भूखंड दिए गए तथा यह प्रक्रिया नियमित रुप से चल रही है.

उल्लेखनीय है देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक, छत्तीसगढ़ की पहली नगर विकास योजना कमल विहार में कुल भूमि स्वामियों की संख्या 4969 है और वहां भूखंडों की संख्या 7787 हैं. लगभग 1085 करोड़ रुपए की लागत वाली कमल विहार योजना में आवासीय के अतिरिक्त व्यावसायिक, शैक्षणिक, सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक तथा स्वास्थ्य प्रयोजनों के भूखंडों का हर शुक्रवार को आवंटन किया जा रहा है. 

Jun 2, 2015

पब्लिक टॉयलेट पर दोबारा कब्जा कर कम्प्यूटर आफिस चलाने वाले पर होगी सख्त कार्रवाई

आरडीए सीईओ श्री कावरे का औचक निरीक्षण

 रायपुर, 2 जून 2015, पब्लिक टॉयलेट पर एक बार कब्जा हटवाने के बाद पुनः उस पर दोबारा कब्जा कर कम्प्यूटर का ऑफिस चलाने वाले एक कम्प्यूटर सप्लायर पर आरडीए सीईओ श्री एम.डी. कावरे ने सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है. वे आज अचानक रायपुर विकास प्राधिकरण की शास्त्री चौक स्थित हनुमान मंदिर योजना का निरीक्षण करने पहुंचे थे. उन्होंने पाया कि टॉयलेट के एक क्षेत्र में कब्जा कर उसमें कम्प्यूटर, टेबल, कुर्सी तथा एयर कंडीशनर लगाया गया है तथा दूसरे क्षेत्र व प्रवेश लॉबी में कम्प्यूटर से संबंधित व अन्य उपयोग का सामान रखा हुआ है.
श्री कावरे ने गत 17 मार्च को स्थल निरीक्षण के दौरान पब्लिक टॉयलेट पर कब्जा कर उपयोग किए जाने पर उसे हटाए जाने के निर्देश तकनीकी अधिकारियो को दिए थे. इसके बाद उसका कब्जा खाली करा कर टायलेट परिसर के व्यवसायियों के उपयोग के लिए खोल कर दिया गया था. किन्तु उसके बाद आज अचानक निरीक्षण पर यह पाया गया कि कम्प्यूटर सप्लायर जिसकी बाजू में दुकान है उसने वहां फिर से अपना कब्जा जमा लिया है तथा उसका निजी उपयोग करना शुरु कर दिया है.

Jun 1, 2015

लगातार बिक रहे हैं कमल विहार के भूखंड

654 प्लॉट बेच चुका है आरडीए
 आवासीय भूखंडों की अच्छी बिक्री, अब बढ़ रही है अन्य भूखंडों की मांग

 
रायपुर 01 जून 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण हर दिन प्रायः एक से अधिक भूखंड बेच रहा है. कमल विहार योजना में ही प्राधिकरण विभिन्न आकार व प्रयोजन के 654 भूखंड का विक्रय कर चुका है. प्राधिकरण व्दारा कमल विहार के अतिरिक्त अन्य योजनाओं में रिक्त हुए फ्लैट्स, व्यवासायिक दुकानों व किराये पर दी जाने वाली संपत्तियों के आवंटन पर नियमित रुप प्रचार  प्रसार के कारण प्रदेश के ही नहीं वरन देश से बाहर रहने वाले और अन्य प्रदेशों के नागरिकों भी यहां अपने लिए भूखंड खरीद रहें हैं.
    प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के अनुसार गत 7 फरवरी 2014 से कमल विहार के आवासीय भूखंडों की लाटरी से आवंटन की प्रक्रिया शुरु की गई थी. इसी बीच लोकसभा चुनाव और नगरीय निकायों के चुनावों के दौरान लगभग 3 माह तक भूखंडों का आवंटन नहीं किया सका किन्तु इसके बावजूद अब प्राधिकरण की संपत्ति लेने के लिए नागरिकों में अच्छा खासा उत्साह है. उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 15 माह में 654 भूखंडों का विक्रय होना अर्थात हर माह लगभग 42 भूखंडों का विक्रय किया जा रहा है. इसे दूसरे अर्थों में कहा जाए तो प्राधिकरण हर दिन एक से ज्यादा भूखंड का आवंटन कर रहा है. लोग फ्रीहोल्ड भूखंड लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं
        गत मई माह में ही प्राधिकरण के आवासीय, सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक तथा व्यावासायिक के कुल 42 भूखंड विक्रय हुए हैं जिससे प्राधिकरण को 15 करोड़ 71 लाख रुपए मिलेंगे. श्री कावरे के अनुसार हर शुक्रवार को दोपहर बाद प्राधिकरण कार्यालय में निविदा और लाटरी की प्रक्रिया के माध्यम से भूखंडों का आवंटन किया जा रहा है. श्री कावरे के अनुसार कमल विहार में ऐसे निजी भूमि स्वामी जिन्हें प्राधिकरण ने विकसित भूखंडों का आवंटन किया है वे भी अपने - अपने भूखंडों विक्रय कर रहे हैं किन्तु नागरिकों को रायपुर विकास प्राधिकरण पर ही ज्यादा भरोसा है. इसीलिए लोग सीधा प्राधिकरण में संपर्क कर से भूखंड खरीदनें में अपनी रूचि दिखा कर रहे हैं. श्री कावरे के अनुसार लगभग डेढ़ लाख की आबादी के लिए बनी कमल विहार योजना में आवंटिती अपने भवनों के निर्माण के लिए नगर पालिक निगम रायपुर से मानचित्र स्वीकृति के लिए भवन निर्माण अनुज्ञा भी लेने लगे है. निर्माण के लिए प्राधिकरण व्दारा टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई  है. इस बीच कमल विहार के कई सेक्टरों में विकास और निर्माण कार्य पूरा हो गया है तथा अन्य सेक्टरों में विकास और निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है.

May 25, 2015

इन्द्रप्रस्थ रायपुरा के भूखंड कमल विहार के मुकाबले 95 रुपए सस्ते

इन्द्रप्रस्थ के प्लॉट सिर्फ फीहोल्ड, कमल विहार में लीजहोल्ड और फ्रीहोल्ड दोनों
 फ्रीहोल्ड में इन्द्रप्रस्थ 1520 तो कमल विहार 1615
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रायपुर25 मई 2015,  रायपुर विकास प्राधिकरण की इन्द्रप्रस्थ योजना के भूखंड कमल विहार योजना के मुकाबले 95 रुपए प्रति वर्गफुट सस्ते हैं.  इसके अलावा व्यावसायिक,शैक्षणिक, स्वास्थ्य के भूखंडों की ऑफसेट कीमत भी कमल विहार के मुकाबले लगभग 189.50 रुपए से 326 रुपए प्रति वर्गफुट तक कम है.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे के अनुसार कमल विहार में फ्रीहोल्ड के भूखंडों की दर एक ओर जहां 1615 रुपए प्रति वर्गफुट है वहीं इन्द्रप्रस्थ योजना के फ्रीहोल्ड के भूखंडों की दर 1520 प्रति वर्गफुट है. इस तरह दोनों योजनाओं की दरों में 95 रुपए प्रति वर्गफुट का अन्तर है. इन्द्रप्रस्थ योजना में प्राधिकरण ने सिर्फ फ्रीहोल्ड पर ही भूखंडों का आवंटन किया है. जबकि कमल विहार में लीज होल्ड तथा फ्री होल्ड दोनो पर भूखंडों का आवंटन किया जा रहा हैश्री कावरे के अनुसार यदि कमल विहार से इन्द्रप्रस्थ फेज 2 की आवासीय योजना का तुलना की जाए तो आवासीय में तय की गई दर 95 रुपए प्रति वर्गफुट कम है. जबकि व्यावसायिक में औसतन ऑफसेट दर रुपए 189.50 प्रति वर्गफुट, शैक्षणिक में 326 रुपए प्रति वर्गफुट, स्वास्थ्य में 208 रुपए प्रति वर्गफुट कम है. इसी प्रकार मिश्रित प्रयोजन के भूखंड जिसका व्यावसायिक के साथ साथ आवासीय उपयोग भी किया जा सकता है वह भी कमल विहार योजना के व्यावसायिक भूखंड की ऑफसेट दर से कम है
श्री कावरे ने आगे बताया कि राज्य शासन के नियमों के अनुसार भूखंडो का आवंटन भूखंड व्ययन नियमों के अनुसार ही दरें तय की जाती है. शासन के इस व्ययन नियम के अनुसार  नगर विकास योजनाओं में आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों के लिए 15 प्रतिशत आवासीय भूखंड आरक्षित रखे जाते हैं. फलस्वरुप इन्द्रप्रस्थ फेज 2 योजना में भी आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों के लिए आवासीय भूखंड का 15 प्रतिशत भूमि आरक्षित रखी गई है. इसका क्षेत्रफल लगभग  5 लाख 54 हजार छह सौ वर्गफुट है.  श्री कावरे ने कहा कि आवासीय भूखंड की दर 1520 रुपए प्रति वर्गफुट तय होने के बाद इसका आवंटन अब लाटरी के माध्यम से ही किया जाएगा. जैसा की कमल विहार योजना में किया गया है. इसके अतिरिक्त अन्य सभी भूखंड जिसमें व्यावसायिकस्वास्थ्य, शैक्षणिक तथा मिश्रित (आवास सह व्यावसायिक) उपयोग के भूखंडों का आवंटन निविदा के माध्यम से किया जाएगा. रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा कुछ दिनों में आवासीय सहित अन्य भूखंडों के आवंटन के लिए विज्ञापन जारी कर प्रस्ताव आमंत्रित किया जाएगा. इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेज 2 की योजना 130 एकड़ में लगभग 115 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की जा रही योजना में अधोसंरचना का कार्य काफी तेजी से किया जा रहा है. अधोसंरचना के विकास के लिए यूनियन बैंक ने प्राधिकरण को 75 करोड़ रुपए का ऋण भी उपलब्ध कराया है. 
कमल विहार व इन्द्रप्रस्थ फेज 2 के भूखंडों का तुलनात्मक विवरण
क्रमांक
प्रयोजन
कमल विहार
(फ्रीहोल्ड रुपए में)
इन्द्रप्रस्थ
(फ्रीहोल्ड रुपए में)
अन्तर
(रुपए में)
आवंटन का माध्यम
01
आवासीय
1615
1520
95
निर्धारित दर पर आवंटन लाटरी व्दारा
02
व्यावसायिक (योजना स्तर पर)
2435
2072
189.50

ऑफसेट दर से ऊपर
निविदा के माध्यम
से आवंटन
व्यावसायिक (सेक्टर स्तर पर)
2088
03
शैक्षणिक
696
370
326
04
स्वास्थ्य
1392
1184
208
05
सार्वजनिक व अर्ध सार्वजनिक
1948
-
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06
मिश्रित (आवासीय सह व्यावसायिक)
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2072
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