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Mar 29, 2011

शहर विकास करने आरडीए के बजट में बड़ी - बड़ी योजनाएं

आरडीए अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी  का पहला बजट साथ में
उपाध्यक्ष व्दय श्री रतन लाल डागा व श्री  प्रफुल्ल कुमार विश्वकर्मा व
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया
4 अरब 42 करोड 34 लाख 10 हजार रुपए का बजट
    ·   नई योजनाओं में --- 
 r कमलविहार r गंज मंडी में आधुनिक व्यापार केन्द्र r इन्द्रप्रस्थ फेज – 2 आवासीय योजना r थोक व्यापार हेतु रायपुरा में विशेषीकृत क्षेत्र r टाटीबंध में ट्रांसपोर्टनगर r नया कार्यालय भवन r शहर पुनर्निर्माण योजनाएं r शहर के मध्य नगर विकास की योजनाएं एवं सड़कों का विकास   
·         विकास योजनाओ पर 88.59 व स्थापना पर 2.74 प्रतिशत व्यय

       रायपुर 29 मार्च 2011, राजधानी रायपुर को मास्टर प्लॉन के अनुसार बेहतर स्वरुप देने की दिशा में रायपुर विकास प्राधिकरण ने बड़ी योजनाओं को हाथों में लिया है. फलस्वरुप आवासीय, व्यावसायिक व शहर पुनर्निर्माण की योजनाओं पर ध्यान केन्द्रित किया गया है. फलस्वरुप इस वर्ष 4 अरब 42 करोड 34 लाख 10 हजार रुपए की आवक और 4 अरब 47 करोड़ 58 लाख 96 हजार रुपए की जावक का बजट प्रस्तुत किया. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक में वर्ष 2011 – 12 के लिए संचालक मंडल की बैठक में नगद पध्दति का बजट प्रस्तुत किया गया
       प्राधिकरण के बजट में विकास योजनाओं पर पर 88.59 प्रतिशत और स्थापना व्यय पर 2.74 प्रतिशत खर्च होने का अनुमान व्यक्त किया गया है. जबकि कार्यालयीन व प्रशासनिक व्यय पर मात्र 1.56 प्रतिशत व्यय होगा. वर्तमान योजनाओं के संधारण व रखरखाव पर 0.39 प्रतिशत जल आपूर्ति परिचालन पर 0.13 प्रतिशत, भूभाटक पर शासन को देय राशि पर 0.03 प्रतिशत, ऋण अदायगी में 6.17 प्रतिशत, वाहन यंत्र – उपकरण, फर्नीचर के क्रय हेतु 0.11 प्रतिशत, नगर निगम को योजनाओं के हस्तांतरण पर 0.02 प्रतिशत, डिपाजिट वर्क पर 0.10 प्रतिशत तथा विविध समायोजन पर 0.17 प्रतिशत व्यय होगा.
कमल विहार : नगर विकास योजना के अन्तर्गत बहुप्रतीक्षित योजना कमल विहार के लिए सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से प्राप्त ऋण राशि में से इस वर्ष 314 करोड़ रुपए के खर्च किया जाएगा. इसमें विकसित पुर्नगठित भूखंडों के आवंटन के बाद शेष बची भूमि एवं संरचनाओं के अर्जन के लिए मुआवजे का भुगतान किया जाएगा. साथ ही रिंग रोड सहित मास्टर प्लॉन की मुख्‍य सड़कों एवं सेक्‍टर लेवल की सड़कों, नाली, पुलिया, सीवर लाईन, विद्युतीकरण एवं जल-आपूर्ति व्‍यवस्‍था का कार्य किया जाएगा.
गंज मंडी में आधुनिक व्यापार केन्द्र : गुरुद्वारा स्टेशन रोड, तेलघानी नाका, राठौर चौक, गुरुनानक चौक और संजय गांधी चौक के बीच के क्षेत्र में एक आधुनिक व्यापार केन्द्र बनाने की योजना है. नगर निगम रायपुर की इस योजना में विकास एवं निर्माण का कार्य रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाना है. योजना में विश्व स्तरीय निर्माण की सुविधा के साथ विकास किया जाना है. लगभग 26 एकड़ भूमि में इसे रायपुर के मॉस्टर प्लॉन के अनुसार पुनर्गठित एवं व्‍यावसायिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाना है. योजना की अनुमानित लागत रुपए लगभग 600 करोड़ है. गंज मंडी क्षेत्र में पहले से कार्यरत व्‍यावसायियों को इस योजना में बिना किसी विस्थापन के व्‍यवस्थित किया जाएगा. शेष भूमि पर भवनों का निर्माण कर विक्रय किया जाएगा. इस कन्‍सलटेन्‍सी के मद में रुपए एक करोड़ व निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. योजना को 3 साल में पूरा किए जाने का लक्ष्य है जिसमें  लगभग 6 सौ लोगों का पुर्नवास किया जाएगा.
इन्‍द्रप्रस्‍थ फेज - 2 रायपुरा : रायपुरा में इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स आवास योजना के साथ 131 एकड़ भूमि पर आवासीय कालोनी विकासित किए जाने हेतु भूअर्जन व स्थिल विकास के लिए 42.50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. योजना में भूस्वामियों को उनकी अविकसित भूमि के बदले विकसित पुनर्गठित भूखंड दिया जाएगा.
विशेषीकृत व्‍यावसायिक क्षेत्र : रायपुरा - रायपुरा में 116 एकड़ भूमि पर थोक बाजार, इलेक्‍ट्रॉनिक मार्केट, ज्वेलरी मार्केट आदि हेतु विशेषीकृत व्‍यावसायिक प्रयोजन क्षेत्र विकसित किए जाने हेतु योजना तैयार की जा रही है. तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह ले कर योजना का क्रियान्वयन हेतु कंसलटेंसी फीस हेतु एक करोड़ का प्रावधान रखा गया है.
टाटीबंध में ट्रांसपोर्टनगर योजना : भिलाई – दुर्ग राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टाटीबंध क्षेत्र में लगभग 200 एकड़ भूमि पर शहर का दूसरा ट्रांसपोर्टनगर विकसित किया जाना है ताकि शहर की यातायात व्यवस्था और बेहतर हो सके. योजना तैयार करने हेतु तकनीकी विशेषज्ञों को कंसलटेंसी फीस हेतु 50 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है. टाटीबंध क्षेत्र में 1986 में प्राधिकरण द्वारा 5 एकड़ भूमि मैकेनिक नगर विकसित किया गया है.
नया कार्यालय भवन : रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में वर्तमान भवन में कमरों की कमी एवं पार्किंग की समस्‍या के कारण नए कार्यालय भवन के लिए उपयुक्त स्थल चयन कर एक नया कार्यालय भवन बनाया जाना प्रस्तावित है. इस हेतु प्रारंभिक रुप से बजट में एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
शहर पुनर्निर्माण योजनाएं : शहर में कालीबाड़ी चौक के आसपास, सिटी कोतवाली, पुराना बस स्‍टैण्‍ड, जवाहर नगर के क्षेत्र में पुनर्निर्माण की योजनाएं प्रस्‍तावित की जा रही है. इन क्षेत्रों में नियोजित पुनर्निर्माण के द्वारा जनोपयोगी योजनाएं तैयार किए जाने हेतु सर्वे-प्‍लानिंग-नोटिफिकेशन एवं कन्‍सलटेन्‍सी के मद में एक करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया हैं. प्राधिकरण की बाम्‍बे मार्केट योजना में भी पुनर्निर्माण हेतु 50 लाख रुपए, पुराना बस स्टैन्ड व जवाहर बाजार में विकास एवं निर्माण हेतु  50 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है.
नगर विकास की अन्‍य योजनाएं एवं सड़कें : शहर के मध्य में स्थित ई.ए.सी. कॉलोनी क्षेत्र, सिंचाई कॉलोनी, शांति नगर, तहसील कार्यालय, सिटी कोषालय एवं खनिकर्म विभाग परिसर, केन्‍द्रीय जेल एवं संलग्‍न क्षेत्रों में नगर विकास के बेहतर योजनाएं बनाने के संबंध में विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी. इस हेतु सर्वे-प्‍लानिंग नोटिफिकेशन एवं कन्‍सलटेन्‍सी के मद में लगभग एक करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है.
इन्‍द्रप्रस्‍थ डुप्लेक्स – रायपुरा :  मास्टर प्लॉन में दिए गए प्रावधान के अनुसार योजना को रिंग-रोड से जोड़े जाने हेतु 24 मीटर चौड़ी सड़क निर्माण का प्रस्‍ताव है जिसके लिए बजट में 3 करोड़ 5 लाख रुपए रखे गए है. योजना में एक व्यावसायिक परिसर में भूतल पर दुकानें एवं प्रथम तल पर कम्युनिटी हॉल का निर्माण प्रस्‍तावित है. इस हेतु बजट में 50 लाख का प्रावधान है. योजना में 302 डुप्‍लेक्‍स मकानों का निर्माण पूरा करने के बाद नाली-पुलिया-सड़क आदि निर्माण किया जा रहा है.
डॉ. श्‍यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना – बोरियाखुर्द व रायपुरा :  केन्‍द्र शासन की एफोर्डेबल हाउसिंग स्‍कीम के अन्तर्गत न्यून निम्न आय वर्ग के लिए बोरियाखुर्द में 1800 फ्लैट्स के लिए 288 लाख रुपए व रायपुरा में बने 972 फ्लैट्स के लिए 174.57 लाख की स्वीकृत सब्सिडी से अधोसंरचना विकास के अंतर्गत सीमेंट कांक्रीट सड़कों का निर्माण किया जाएगा.
भक्त माताकर्मा व्‍यावसायिक परिसर : परिसर के पास की उपलब्‍ध लगभग 2 एकड़ भूमि पर  दूसरे चरण में व्यावसायिक योजना का प्रस्ताव है जिसके लिए बजट में 200 लाख रुपए रखा गया है.
आय के स्त्रोत : श्री सोनी द्वारा बजट में 4 अरब 42 करोड़ 34 लाख 10 हजार रुपए की आवक के संबंध में बताया कि बडी आवक राशि में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से कमल विहार योजना के लिए 314 करोड़, भक्त माताकर्मा व्यावसायिक परिसर से 23 करोड़ 98 लाख, डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा से साढ़े 5 करोड़, छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर देवेन्द्रनगर से 31 करोड़ 80 लाख, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना हीरापुर से 2 करोड़ 89 लाख, सरोना से 1 करोड़ 23 लाख, रायपुरा से 4 करोड़ 32 लाख, बोरियाखुर्द से 8 करोड 42 लाख, इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स रायपुरा से 30 करोड़ 15 लाख, केन्द्र शासन से एफोर्डेबल हॉऊसिंग स्कीम योजना रायपुरा व बोरियाखुर्द के लिए सबसिडी के रुप में 4 करोड़ 62 लाख, डिपाजिट वर्क के रुप में 1 करोड़ 31 लाख प्राप्त होगें. भूखंड व भवनों के विक्रय के अतिरिक्त भाड़ा क्रय, भूभाटक, किराया, व्यवस्थापन शुल्क एवं विविध आय से प्राप्तियां होगीं. 
         संचालक मंडल की बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी, उपाध्यक्ष श्री रतन लाल डागा व श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, अपर कलेक्टर श्री रमेश शर्मा, संचालक सदस्य नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर के संयुक्त संचालक श्री के.पी. वाजपेयी व श्री जाहिद अली, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  के अधीक्षण यंत्री श्री एच.एस.धींगरा उपस्थित थे.
रायपुर विकास प्राधिकरण, रायपुर (छत्तीसगढ़)
बजट - वित्त वर्ष : 2011 – 12
राशि लाखों में
क्र.
आवक
 % में
राशि
क्र.
जावक
% में
राशि
1.
भूखण्‍डों/भवनों के विक्रय से प्रब्‍याजि
19.872
8790.31
1.
योजना व्‍यय
88.586
39650.00
2.
भाड़ा क्रय-किश्‍त
4.138
1830.52




3.
किराया
0.442
195.68
2.
योजना- विद्युतीय संधारण-मरम्‍मत व्‍यय
0.054
24.00
4.
भू-भाटक
1.941
858.91

     - विविध संधारण व्‍यय
0.335
150.00
5.
व्‍यवस्‍थापन शुल्‍क
0.026
11.70




6.
जल आपूर्ति शुल्‍क
0.002
1.00
3.
जल आपूर्ति- परिचालन एवं संधारण व्‍यय
0.127
57.00
7.
विनियोजनों ब्‍याज से आय
0.045
20.00




8.
विविध आय एवं प्राप्तियां
0.666
294.77
4.
योजनान्‍तर्गत नजूल भूमि के लिए राज्‍य शासन को देय भू-भाटक
0.027
12.15
9.
प्रस्‍तावित ऋण
70.986
31400.00




10
केन्द्र शासन से अनुदान
1.046
462.57
5.
ऋण अदायगी


11.
राज्‍य शासन एवं नगर पालिक निगम से वार्षिक अभिदाय
0.004
1.62

i)                     मूल धन
i)
ii)                   ब्‍याज
1.013

5.154
453.44

2307.15
12
डिपाजिट – वर्क
0.298
131.92








6.
वाहन, यंत्र-उपकरण, फर्नीचर आदि का क्रय
0.112
50.00
13
समायोजन


7.
स्‍टाफ- वेतन, भत्ते आदि का भुगतान
2.740
1226.57

विविध समायोजन (पंजीयन शुल्‍क, ठेकेदार- धरोहर राशि, भविष्‍य निधि- अग्रिम, पार्ट-फायनल, फायनल समूह बीमा आदि)
0.531
235.10
8.
कार्यालयीन एवं प्रशासनिक व्‍यय
1.558
697.40




9.
नगर पालिक निगम को योजनाओं का हस्‍तांतरण
0.022
10.00




10
डिपाजिट-वर्क
0.103
46.25

उप-योग-

44234.10
11
समायोजन



प्रारंभिक शेष-

2751.38

विविध समायोजन (पंजीयन शुल्‍क, ठेकेदार- धरोहर राशि, भविष्‍य निधि, अग्रिम, पार्ट-फायनल, फायनल, समूह बीमा आदि)
0.168
75.00

योग

46985.48

उप-योग

44758.96





अंतिम शेष

2226.52





 कुल योग

46985.48



Mar 25, 2011

श्री सुनील सोनी कल रायपुर दूरदर्शन कॉर्यक्रम '' आपकी बात में ''

सीधा प्रसारण शाम 5.30 से 6 तक
रायपुर 25मार्च 2011,रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी कल 26मार्च को दूरदर्शन के कार्यक्रम आपकी बात में दर्शकों से सीधे रुबरु होगें.श्री सोनी रायपुर के विकास में रायपुर विकास प्राधिकरण की भूमिका को रेखांकित करेंगे.वे प्राधिकरण की भावी योजनाओं की जानकारी भी देगें. इस अवसर पर दूरदर्शन के स्टूडियो में उपस्थित दर्शक उनसे सीधे प्रश्न  करेगें.

Mar 24, 2011

गंजमंडी में 7 सौ करोड़ से बनेगा आधुनिक व्यापार केन्द्र


आरडीए - नगर निगम के बीच गंजमंडी का एमओयू
रायपुर 24 मार्च 2011, राजधानी रायपुर के गंजमंडी क्षेत्र में एक आधुनिक व्यापार केन्द्र के निर्माण की दिशा में आज रायपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए. दोनों पक्षों के हस्ताक्षर के बाद नगर निगम की महापौर श्रीमती किरणमयी नायक और प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी ने एक दूसरे को अनुबंध सौंपा. अनुबंध में प्राधिकरण की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया और नगर निगम की ओर से आयुक्त श्री ओ.पी. चौधरी ने हस्ताक्षर किए.
गंजमंडी के 26 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस व्यापार केन्द्र में बिना किसी को विस्थापित किए उनका पुर्नवास किया जाएगा. गुरुद्वारा स्टेशन रोड, तेलघानी नाका, राठौर चौक, गुरुनानक चौक और संजय गांधी चौक के बीच के क्षेत्र को विश्व स्तरीय सुविधा के साथ निर्माण का प्रस्ताव है. दिल्ली के वास्तुविद श्री प्रेम कुमार चौधरी द्वारा तैयार की गई यह योजना 5 साल में पूरा करने का लक्ष्य है किन्तु  इसे 3 साल में पूरा किया जाएगा. योजना की कुल लागत 700 करोड़ रुपए होगी. वैसे आर्थिक गणना के अनुसार योजनावधि समाप्त होने तक इसकी कुल लागत मूल्यवृध्दि (एक्सकेलेशन) सहित लगभग 950 करोड़ रुपए आंकी गई है. योजना में लगभग 6 सौ लोगों का पुर्नवास किया जाएगा.
महापौर श्रीमती किरणमयी नायक ने कहा गंजमंडी योजना में स्वामित्व संबंधित किसी प्रकार की आशंका ना हो इसके लिए नगर निगम द्वारा शीघ्र ही बायोमीट्रिक सर्वेक्षण कराया जाएगा. बायोमीट्रिक सर्वेक्षण में चेहरा, आखों की पुतली तथा अंगूठे की छाप की स्कैनिंग कर उसका इलेक्ट्रनिक रिकार्ड रखा जाता है. क्षेत्र के भूस्वामियों के साथ किसी भी प्रकार का कोई अन्याय नहीं होगा इस बात को सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने कहा गंज मंडी की यह योजना छत्तीसगढ़ की शान के रुप में जाना जाएगा.
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी ने कहा कि पूरी योजना में पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी तथा किसी के साथ अन्याय नहीं होगा. उन्होंने कहा कि आरडीए ना लाभ ना हानि वाली संस्था है. हमें यह देखना है कि हम बिना किसी परेशानी के लोगों को कैसे सुविधाएं और लाभ दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी कदम उठाने के पहले वे लोगों के सामने गंज मंडी के इस आधुनिक व्यापार केन्द्र के बारे में प्रस्तुतिकरण कर सारी जानकारी रखेगें. उन्होंने कहा कि यह योजना शहर के पुर्नविकास की योजना है. यह योजना आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगी.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने अनुबंध के उपरांत नगर निगम तथा रायपुर विकास प्राधिकरण के पदाधिकारियों के समक्ष योजना के प्रस्तुतिकरण में बताया कि यह योजना काफी बेहतर जिसमें विश्व स्तरीय सुविधाएं होगीं. योजना में बिना किसी को विस्थापित किए निर्माण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पहले योजना क्षेत्र के एक खाली हिस्से में निर्माण कर वहां के लोगों को उसमें व्यवस्थापित किया जाएगा. इसके बाद खाली हुए क्षेत्र में निर्माण कर क्षेत्र के अन्य लोगों को व्यवस्थापित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि में योजना के मुख्यतः तीन भाग है जिसमें पुर्नवास क्षेत्र, सेन्ट्रल प्लॉजा तथा कर्मशियल टॉवर शामिल है. उन्होंने बताया कि योजना में 100 फुट से छोटी दुकानों की संख्या लगभग 170 होगी. पूरी योजना का विकास शहर के मॉस्टर प्लॉन के अनुसार किया जाएगा. योजना के संबंध में छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धाऱा 50 के अन्तर्गत राजपत्र में सूचना का प्रकाशन कर कार्रवाई की जाएगी. 
योजना के वास्तुविद दिल्ली के श्री प्रेम कुमार चौधरी ने बैठक में बताया कि सभी पहलुओं का ध्यान रख कर एक आत्मनिर्भरता वाली योजना का डिजाईन तैयार किया गया है. योजना के भवनों की छतों पर व सीधी ऊंचाई में हरियाली होगी जिससे पूरा 26 एकड़ का क्षेत्र काफी हराभरा दिखाई देगा. उन्होंने बताया कि भवनों की डिजाईन पर्यावरणीय मापदण्डों के अनुसार की गई है इसमें रेन वाटर हॉरवेस्टिंग, पेयजल की बेहतर व्यवस्था के साथ ही विद्युत व्यवस्था ग्रिड सप्लाई पर आधारित होगी. भवन की छतों में सौर्य उर्जा प्राप्त करने के लिए फोटो वोल्टिक पैनल लगाए जाएगें. इस हेतु एक विद्युत सब स्टेशन भी स्थापित किया जाएगा. योजना क्षेत्र में प्रदूषित पानी को उपचारित करने तथा ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन की भी आधुनिक व्यवस्था की जाएगी. योजना में निर्मित भवनों में लिफ्ट व चलती हुई सीढ़ी अर्थात एक्सकेलेटर व एलीवेटर का प्रावधान किया गया है.
गंजमंडी योजना की आज की इस बैठक में महापौर श्रीमती किरणमयी नायक, प्राधिकरण के अध्यक्ष सुनील सोनी, उपाध्यक्षद्वय श्री रतन लाल डागा व श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, नगर निगम एमआईसी सदस्य श्री मनोज कंदोई, पार्षद श्रीमती ममता अग्रवाल, प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, नगर निगम आयुक्त श्री ओ.पी. चौधरी, प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता श्री डी.एस.परोहा, राजस्व अधिकारी श्री प्रणव सिंह, सहायक अभियंता श्री राजीव अग्रवाल, नगर निगम के कार्यपालन अभियंता श्री अरुण कुमार शर्मा, जोन कमिश्नर श्री संतोष पांडेय, पार्षद प्रतिनिधि श्री सुभाष अग्रवाल उपस्थित थे. 

Mar 18, 2011

आरडीए में गुलाल टीके से मनी होली

रायपुर 18 मार्च 2011, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी ने आज कार्यालय परिसर में उपाध्यक्ष श्री रतन लाल डागा,श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा और प्राधिकरण कर्मचारियों के साथ होली खेली.इस मौके पर कर्मचारियों ने संघ के अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह सेंगर,उपाध्यक्ष चंदूलाल के साथ पदाधिकारियों को रंग बिरंगे गुलाल का टीका लगाया.

कमल विहार में अब कोई भ्रम नहीं


भूअर्जन के लिए 17 करोड़ रुपए की पहली किश्त मिली
अप्रैल में भूमि पूजन के बाद शुरु होगा रिंग रोड का काम
आरडीए का विकासोन्मुखी बजट 29 मार्च को
 रायपुर 18 मार्च 2011, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी ने आज एक प्रेस कॉंफ्रेंस में कहा है कि कमल विहार योजना के लिए प्राधिकरण ने सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से पहली किश्त के रुप में 17 करोड रुपए की पहली किश्त ले ली है. इसके पहले 5 मार्च को अनुबंध के साथ 10 लाख रुपए टोकन राशि के रुप में ली गई थी. उन्होंने कहा कि कमल विहार योजना के संबंध में अब किसी को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए. अप्रैल में भूमिपूजन के बाद योजना में रिंग रोड का काम शुरु हो जाएगा.
श्री सोनी ने कहा कि सेन्ट्रल बैंक ने कमल विहार योजना में अधोसंरचना विकास हेतु 500 करोड रुपए का ऋण स्वीकृत किया है. यह ऋण बिना गांरटी के स्वीकृत किया गया एक प्रोजेक्ट लोन है.
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सोनी ने कहा कि कमल विहार देश की एक सर्वश्रेष्ठ योजनाओं में से एक है जो मास्टर प्लॉन के अनुसार है. योजना में रिंग रोड निर्माण की निविदा के बाद मास्टर प्लॉन की सड़कों की निविदा भी जारी कर दी गई है जो 8 अप्रैल को खुलेगी. उन्होंने कहा कि कमल विहार योजना में अधिकांश भूस्वामियों ने विकसित भूखंड लेने की सहमति दे दी है. जिन भूस्वामियों ने सहमति नहीं दी है उन्हे मुआवजे देने हेतु सेन्ट्रल बैंक से 17 करोड़ की राशि पहली किश्त के रुप में ली गई है उन्होंने कहा कि कैबिनेट में हुए निर्णय के अनुसार जिन लोगों को अतिरिक्त भूमि दी जानी है उस संबंध में उन्हें सूचित कर दिया गया है कि वे 25 मार्च तक इस संबंध में अपना आवेदन प्राधिकरण कार्यालय में प्रस्तुत कर दें.
श्री सोनी ने बताया कि रायपुर विकास प्राधिकरण का विकासोन्मुखी बजट 29 मार्च को प्रस्तुत किया जाएगा. आज की प्रेस कॉंफ्रेस में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री रतन लाल डागा व श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा भी उपस्थित थे.  

Mar 5, 2011

कमल विहार विकास के लिए 500 करोड़ के अनुबंध पर हस्ताक्षर


रायपुर 05 मार्च 2011, छत्तीसगढ़ की पहली टॉऊन डेव्हलेपमेंट स्कीम कमल विहार के अधोसंरचना विकास के लिए आज रायपुर विकास प्राधिकरण और सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बीच 500 करोड़ रुपए के ऋण दिए जाने हेतु अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया और सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया सदर बाजार शाखा के मुख्य प्रबंधक श्री देवेन्द्र प्रसाद ने संयुक्त रुप से अनुबंध पर हस्ताक्षर किया. इसके बाद बैंक व्दारा एक टोकन राशि का चेक प्राधिकरण को प्रदान किया गया. इस अवसर पर सेन्ट्रल बैंक के विधि अधिकारी श्री वी.आर.ढोके, प्राधिकरण के लेखाधिकारी श्री संदीप सिंह पॉल व चार्टेड एकान्टेंट श्री बंकिम शुक्ला और योजना के सहायक अधीक्षक श्री रमेश राव उपस्थित थे.      

Mar 4, 2011

आरडीए के ठेकेदार कराएंगे निर्माण श्रमिकों का पंजीयन



6 मार्च को संतराम धर्मशाला रामनगर 
 में निर्माण श्रमिकों का होगा पंजीयन
रायपुर 04 मार्च 2011, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्माण कार्य से जुडे श्रमिकों के कल्याण योजना के अन्तर्गत 6 मार्च को श्रमिकों के पंजीयन किए जाने के संबंध में आज रायपुर विकास प्राधिकरण के ठेकेदारों को श्रम विभाग के सहायक श्रमायुक्त श्री डी.पी. तिवारी ने विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि संतराम धर्मशाला, तेलघानी नाका के पास रामनगर में निर्माण कार्य में लगे ऐसे श्रमिकों का पंजीयन किया जाएगा जिनकी उम्र 18 से 60 वर्ष की है. पंजीयन हेतु श्रमिकों को आयु प्रमाण पत्र आवेदन पत्र के साथ तीन फोटो तथा दस रुपए पंजीयन शुल्क भी देना होगा. पंजीयन के तुरंत बाद श्रमिकों को छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा हिताधिकारी परिचय पत्र दिया जाएगा जिससे निर्माण श्रमिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा.
रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के निर्देश पर कार्यरत 40 ठेकेदारों और उनके प्रतिनिधियों को शासन की योजना के जानकारी देने के लिए आमंत्रित किया गया था. निर्माण कार्य के इन ठेकेदारों के अधीन कार्यरत कुशल, अर्धकुशल व अकुशल श्रमिकों के पंजीयन के बाद शासन द्वारा कई सुविधाएं दी जाएंगी. शासन के श्रम विभाग के अन्तर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अनुसार निर्माण श्रमिक के अन्तर्गत राज मिस्त्री, मजदूर, कांक्रीट मिश्रण करने वाले, बढ़ई, लोहार, हथौड़ा चलाने वाले, लकड़ी चीरने वाले, पुताई करने वाले, पत्थर काटने, तोड़ने और पीसने वाले, सड़क कर्मकार, मिक्स मेन, प्लंबर, फिटर, इलेक्ट्रीशियन, मेकेनिक, वेल्डर, कॉलकर, पंप आपरेटर, रोलर चालक, बांध, पुल, सड़क व भवन निर्माण में लगे कर्मकार, चौकीदार, लिपिक, ड्रॉयव्हर, क्लीनर शामिल है.   
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जून 2008 में भवन एवं अन्य संन्निर्माण कार्यों में काम करने वाले  श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण के लिए भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल का गठन कर कई योजनाएं लागू की गई है. इसके अन्तर्गत ऐसे व्यक्तियों को ही श्रमिक माना जाएगा जिन्होंने एक साल में कम से कम 90 दिनों तक श्रमिक के रुप में कार्य किया हो. श्रमिकों के हित में दुर्घटना होने पर मण्डल द्वारा अनुग्रह राशि के रुप में एक लाख रुपए, अपंगता कि स्थिति में 75 हजार रुपए, सामान्य मृत्यु पर 25 हजार रुपए तथा अंत्येष्टि के लिए 5 हजार रुपए, महिला श्रमिकों की प्रसूति पर 5 हजार रुपए तथा उसके पति को एक हजार रुपए, सामूहिक विवाह पर 5 हजार रुपए, नौनिहालों की छात्रवृति हेतु 5 सौ से 5 हजार रुपए, चिकित्सा के लिए स्मार्ट कार्ड की सुविधा जिसके अन्तर्गत शासकीय अस्पतालों में 30 हजार रुपए की चिकित्सा सुविधा का लाभ, तत्काल एम्बुलेन्स सुविधा, श्रमिकों को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण तथा प्रशिक्षण अवधि के दौरान 2 हजार रुपए तथा भोजन के लिए 6 सौ रुपए, पंजीकृत महिला श्रमिकों को मुख्यमंत्री सायकल योजना के अन्तर्गत सायकल दिया जाना, महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन की सहायता देना, विभिन्न श्रमिकों यथा राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रीशियन, प्लबंर, बार बेन्डर  एवं रेजा कुलियों को औजार प्रदाय करना तथा महिला श्रमिकों के लिए चलित झूला घर योजना की सुविधाएं दी जाएंगी. 

Feb 18, 2011

शहर विकास पर प्रेस व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से सीधी बात


रायपुर, 18 फरवरी 2011, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी ने आज कार्यालय में प्रेस प्रतिनिधियों शहर विकास के संबंध में प्राधिकरण संचालक मंडल की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के संबंध में प्रेस प्रतिनिधियों से सीधी बात की. इस अवसर पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वय श्री रतन लाल डागा, श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया भी उपस्थित थे.

शहर विकास के लिए विचार मंथन

 रायपुर, 18 फरवरी 2011, रायपुर विकास प्राधिकरण संचालक मंडल की बैठक में आज अध्यक्ष श्री सुनील सोनी की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इस अवसर पर उपाध्यक्ष द्वय श्री रतन लाल डागा, श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, उपसचिव छत्तीसगढ़ शासन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी रायपुर विकास प्राधिकरण श्री अमित कटारिया, कलेक्टर के प्रतिनिधि अपर कलेक्टर श्री रमेश शर्मा, संयुक्त संचालक क्षेत्रीय कार्यालय नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर श्री के.पी. वाजपेयी, संयुक्त संचालक संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश श्री जाहिद अली तथा आयुक्त नगर निगम के प्रतिनिधि कार्यपालन अभियंता श्री भागीरथ वर्मा उपस्थित थे.

Feb 15, 2011

कमल विहार की स्वीकृति एक ऐतिहासिक कदम


डॉ. रमन सिंह की दूरदृष्टि से छतीसगढ़ 
अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर
देश की सबसे बड़ी व सर्वश्रेष्ठ योजना
 में से एक होगी कमल विहार

रायपुर 15 फरवरी 2011, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनके मंत्रिमंडल ने शहर विकास की दिशा में कमल विहार जैसी नगर विकास योजना को स्वीकृति दे कर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. राज्य शासन के इस निर्णय से कमल विहार देश की सबसे बेहतरीन योजनाओं में से एक साबित होगी. रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम डूण्डा, बोरियाखुर्द, डुमरतराई, देवपुरी एवं टिकरापारा की 1600 एकड़ भूमि पर बनने वाली यह योजना शहर विकास की आधुनिक तकनीक व अवधारणा के आधार पर बनाई गई है. टॉऊन प्लॉनर्स, आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स व पर्यावरण विशेषज्ञों ने लगातार कई महीनों की मेहनत के बाद देश की एक बेहतरीन योजना तैयार की है.
जनभागीदारी के साथ विकास की योजना
प्रदेश के मुखिया डॉ. रमन सिंह रायपुर को नई दिल्ली, बेगलुरु, मुंबई, हैदराबाद, चंडीगढ़ जैसे शहरों से भी बेहतर बनाना चाहते हैं. उऩकी सोच कि सबसे आगे हो हमारा छत्तीसगढ़ उनकी इसी सोच के कारण जनभागीदारी की योजना कमल विहार योजना जैसी सर्वसुविधायुक्त योजना बनाई गई है. मुख्यमंत्री के अनुसार विकास की आधुनिक अवधारणा में अधोसंरचना का विकास एक महत्वपूर्ण पहलू है. इसलिए छत्तीसगढ़ शासन जनभागीदारी के साथ शहरों का विकास करने के लिए कृत संकल्पित है. कमल विहार जैसी योजना छत्तीसगढ़ सरकार का सुशासन की दिशा में आगे बढ़ने का एक और प्रयास है. कमल विहार देश की सबसे बड़ी तथा सर्वश्रेष्ठ योजना में से एक होगी.  
आधुनिक अधोसंरचना का विकास
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने बताया कि कमल विहार जो सुविधाएं दी जाएंगी वह अभी पूरे छत्तीसगढ़ में नहीं है. सड़क नाली, बिजली – पानी की बेहतरीन बुनियादी सुविधाओं के साथ केन्द्रीय व्यावसायिक क्षेत्र अर्थात सेन्ट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के अतिरिक्त हर सेक्टर में स्थानीय स्तर का शॉपिंग सेन्टर, खेल के मैदान व उद्यान, नर्सिंग होम तथा स्कूल उपलब्ध होगा. इसके अलावा पूरी योजना में हरियाली के कारण स्वस्थ वातावरण होगा. भूमिगत नालियों के कारण गन्दगी और बारिश के दिनों में पानी भराव की समस्या नहीं होगी. हर सेक्टर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लॉंट की स्थापना कर गंदे पानी का शुध्दिकरण कर उसका पुर्नउपयोग उद्यानों की सिंचाई में किया जाएगा. टेलीफोन व अन्य केबलों के लिए सर्विस डक्ट, चौबीस घंटे पानी और बिजली की उपलब्धता की व्यवस्था होगी. चौड़ी सड़कों के कारण आवागमन एवं यातायात में सुविधा होगी. रिंग रोड व बायपास छह लेन की होगी. इनमें मुख्य सर्विस लेन के अतिरिक्त पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए फुटपाथ तथा सायकल के लिए सायकल ट्रैक की व्यवस्था होगी. शिक्षा, स्वास्थ्य, कार्यालय भवनों, सांस्कृतिक केन्द्र, बैंक – पोस्ट आफिस व अन्य सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए भूखंड उपलब्ध होगें.

Feb 10, 2011

एकल खिड़की मील का पत्थर – श्री सुनील सोनी


एकल खिड़की से आरडीए में बदला माहौल
लगातार हो रही साप्ताहिक समीक्षा बैठक से निपटे सारे 3795 प्रकरण
कई काम हो रहे समय से पहले

रायपुर फरवरी 2011, रायपुर विकास प्राधिकरण में एकल खिड़की प्रणाली लागू करने से आवंटितियों की समस्याएं जैसे समाप्त हो गई है.दो साल पहले लागू की गई इस प्रणाली और उसके लगातार फालोअप के कारण आज की स्थिति में कोई भी पुराना प्रकरण लंबित नहीं है. इन दो सालों में 3795 आवेदन प्रकरणों का निपटारा किया गया है.एकल खिड़की के माध्‍यम से संपत्तियों के हस्तांरण व नामांतरण, भारहीनता, भवनों के निर्माण व पुनर्निर्माण हेतु अनापत्ति पत्र, नल कनेक्शन, भाड़ाक्रय पर किश्तों का पूर्ण भुगतान, पंजीयन शुल्क की वापसी व अन्य रिफन्ड, सूचना के अधिकार के आवेदन प्रत्र प्राप्त किए जाते हैं. पुराने प्रकरणों के लंबित नहीं होने के संबंध में प्राधिकरण प्रशासन का मानना है कि आज के माहौल में मिलने वाली यह सफलता हर हफ्ते होने वाली बैठकों और लगातार फालोअप के कारण मिली है.
                रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा नागरिकों को बेहतर सुविधा देने के लिए 26 जनवरी 2009 से शुरु की गई एकल खिड़की प्रणाली से हितगाहियों और आवेदकों के प्राप्त आवेदनों पर दी गई समय सीमा में तथा कई बार उससे भी पहले निपटारा हो रहा है.प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने नागरिकों को पारदर्शी प्रशासन देने की दिशा में एकल खिड़की प्रणाली को प्रभावशाली ढ़ंग से लागू करने की इच्छा व्यक्त की थी.इसके बाद प्राधिकरण में एकल खिड़की शुरु की गई.एकल खिड़की के माध्यम से दिए जाने वाले प्रकरणों के मामले में दरअसल सबसे महत्वपूर्ण भूमिका प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया द्वारा हर बुधवार को ली जाने वाली समीक्षा बैठक ने निभाई हैं.हर साप्ताहिक बैठक में एकल खिड़की में प्राप्त आवेदनों के निपटारे की चर्चा से ही शुरुआत होती है.आवेदन पत्रों में होने वाली किसी भी परेशानी के संबंध में संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर श्री कटारिया द्वारा दिए जाने वाले निर्देश से समय सीमा के भीतर ही प्रकरणों का निपटारा त्वरित गति हो रहा है.कई प्रकरणों में समय से पहले भी समाधान भी हुआ है. श्री कटारिया इस सफलता का श्रेय प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों को देते है जो लगातार सकारात्मक सोच के साथ कार्य कर रहे हैं.

कैसे काम करती है एकल खिड़की
रायपुर विकास प्राधिकरण में एकल खिड़की में आवेदक एक ही काऊन्टर में अपना आवेदन प्रस्तुत करता है.निर्धारित प्रपत्र में प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदन पत्र के बाद काऊन्टर लिपिक आवेदक को एक रसीद देता है जिसमें प्रकरण के अनुसार 7,15 तथा 30 कार्य दिवसों में आवेदन के निराकरण की तिथि दी जाती है.इसके बाद एक साथ सभी संबंधित शाखाओं में आवेदन के विभिन्न प्रपत्र भेजे जाते है.एक आवेदन के संबंध में अलग–अलग शाखाओं में प्रपत्रों के जाने से समानान्तर रुप से कार्रवाई होती है.इस बीच आवेदक से यदि कोई बकाया राशि लेना हो अथवा कोई और जानकारी लेना हो आवेदक को प्राधिकरण द्वारा सूचित किया जाता है.इस दौरान हर हफ्ते होने वाली साप्ताहिक बैठकों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया को एकल खिड़की में प्रस्तुत सारे प्रकरणों की लिखित जानकारी दी जाती है.बैठक में प्रायः हर प्रकरण में चर्चा होती है.किसी प्रकरण में यदि कोई परेशानी या कोई जानकारी का अभाव है तो मुख्य कार्यपालन अधिकारी उस बारे में चर्चा कर संबंधित आधिकारियों को दिशा निर्देश देते है.एकल खिड़की प्रणाली में पूरी प्रक्रिया में विभिन्न प्रपत्रों के कारण भी काफी आसानी हुई है.इससे कम समय में प्रकरणों का निराकरण हो जाता है. सूचना के अधिकार के आवेदन पत्र भी एकल खिड़की के माध्यम से लिए जाते है तथा 30दिनों में इसका निराकरण कर दिया जाता है.
एकल खिड़की मील का पत्थर – श्री सुनील सोनी
रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी,उपाध्यक्षद्वय श्री रतन लाल डागा व श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने एकल खिड़की की कार्य प्रणाली को हितग्राहियों के लिए लाभप्रद बताया है.उन्होंने कहा कि लोकहित में ऐसे कार्य किसी भी संस्था का विश्वास अर्जित करने में सहायक होते हैं. प्राधिकरण का यह कार्य सुशासन व पारदर्शिता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.

आरडीए की एकल खिड़की में प्राप्त आवेदन व निराकरण का विवरण
(26 जनवरी 2009 से 31 जनवरी 2011 तक)
                                              समाधान किए गए आवेदनों की संख्या
  • संपत्तियों का हस्तांरण / नामांतरण - 525
  • भारहीनता - 564
  • भवनों के निर्माण / पुनर्निर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाणपत्र - 1269 
  • नल कनेक्शन - 239 
  • भाड़ाक्रय पर किश्तों का पूर्ण भुगतान - 178
  • पंजीयन शुल्क की वापसी व अन्य रिफंड - 591 
  • सूचना का अधिकार - 429
                                                          कुल संख्या - 3795

Feb 5, 2011

चेक बाऊन्स होने पर अब 350 रुपए का डिसऑनर शुल्क

आरडीए में चेक बाऊन्स होने पर देना होगा 350 रुपए का डिसऑनर शुल्क
रायपुर के बाहर के चेक पर कलेक्शन शुल्क

रायपुर, 05 फरवरी 2011, रायपुर विकास प्राधिकरण में बाहर के चेक से राशि जमा करने पर हितग्राहियों व अन्य राशि जमाकर्ताओं से बैंकों द्वारा निर्धारित कलेक्शन शुल्क देना होगा तथा चेक अनादरित अर्थात डिसॉनर होने पर अब जमाकर्ता से तीन सौ पचास रुपए का डिसआनर शुल्क लिया जाएगा.

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार स्थानीय चेक जमा करने पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लगता है पर रायपुर के बाहर के बैंकों द्वारा जारी आऊट स्टेशन चेक के कलेक्शन पर स्थानीय बैंकों द्वारा शुल्क लिया जाता है. बैंक द्वारा 10 हजार रुपए तक के शुल्क पर 55 रुपए दस हजार से एक लाख रुपए तक 110 रुपए तथा एक लाख रुपए से ज्यादा राशि के चेक पर 165 रुपए शुल्क लिया जाता है. इसलिए अब यह शुल्क जमाकर्ताओं से लिया जाएगा. इसी प्रकार कई बार जमा किए गए चेक कई कारणों यथा खाते में कम राशि, गलत हस्ताक्षर, दिनांक, कांट-छांट के कारण डिसॉनर हो जाते है जिससे अनावश्यक परेशानी होती है. इसलिए प्राधिकरण प्रशासन ने डिसआनर होने वाले चेक पर राशि जमाकर्ता से 350 रुपए का डिसॉनर शुल्क लेने के आदेश लेखा शाखा को दिए है. प्राधिकरण ने राशि जमाकर्ताओं से अपील की है कि वे चेक से राशि जमा करते समय इन बातों का ध्यान रखें तथा यह सुनिश्चित करें कि उनके चेक पूर्ण रुप से सही हो तथा किसी प्रकार से डिसॉनर ना हो इससे उन्हे तथा प्राधिकरण दोनों को सुविधा होगी.  

Jan 29, 2011

कमल विहार को मिली पर्यावरणीय स्वीकृति


योजना के विकास की सारी औपचारिकताएं पूरी

रायपुर, 29 जनवरी 2011, रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना को विकसित करने के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति मिल गई है. छत्तीसगढ़ की स्टेट लेवल इन्वायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथारिटी द्वारा जारी स्वीकृति आज प्राधिकरण को प्राप्त हुई. इस स्वीकृति के बाद अब कमल विहार योजना में काम शुरु करने के पहले की सारी औपचारिकताएं पूर्ण हो गई है.
प्राधिकरण द्वारा ग्राम डूण्डा, बोरियाखुर्द, डुमरतराई, देवपुरी एवं टिकरापारा के लगभग 1600 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस योजना के लिए प्राधिकरण ने पिछले वर्ष 9 नंवबर को स्टेट लेवल इन्वायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथारिटी को आवेदन प्रस्तुत किया था. प्राधिकरण के आवेदन पर अथारिटी ने योजना के संबंध में कई जानकारिया मंगाई थी. प्राधिकरण ने विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई इस योजना के पहलुओँ की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने स्वयं अथारिटी के समक्ष योजना के संभी पहलुओं की जानकारी देने हेतु 23 दिसंबर को पावर पांईट प्रेजेन्टेशन दिया था. फलस्वरुप स्टेट लेवल इन्वायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथारिटी छत्तीसगढ़ के पर्यावरण विशेषज्ञों नें दिनांक 21 जनवरी 2011 को हुई 18 वीं बैठक में उक्त प्रस्ताव को उपयुक्त मानते हुए अपनी स्वीकृति प्रदान की.
जनभागीदारी के साथ छत्तीसगढ़ की पहली टॉऊन डेव्हलपमेंट योजना कमल विहार शहर विकास के विशेषज्ञों द्वारा तेयार की गई है. दरअसल यह योजना शहर विकास के लिए भूखंड़ों के पुनर्गठन की प्रक्रिया हैं. जिसे टॉऊन प्लॉनर्स, आर्किटेक्ट व इंजीनियर्स व पर्यावरण विशेषज्ञों ने लगातार कई महीनों की मेहनत के बाद देश की एक बेहतरीन योजना तैयार की. कमल विहार योजना रायपुर के मास्टर प्लान के अनुसार राजधानी को सुव्यवस्थित रुप से विकसित करने की एक सकारात्मक पहल है.
कमल विहार योजना में पर्यावरण के अनुकूल हरियालीयुक्त वातावरण होगा. कुल 15 सेक्टरों में विकसित होने वाली इस योजना के 185 हेक्टेयर क्षेत्र हरित क्षेत्र होगा. योजना में मल – जल शोधन के लिए गंदे पानी के निस्तारण हेतु बेहतर नेटवर्क के साथ भूमिगत नालियों तथा हर सेक्टर में पर्यावरण के अनुकूल विकेन्द्रीकृत आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लॉंट होगा. ट्रीटमेंट प्लॉंट से उपचारित जल का लैंड स्केप व उद्यानों की सिंचाई के लिए पुर्नउपयोग किया जाएगा. योजना क्षेत्र में स्थित बोरिया तालाब का संरक्षण भी किया जाएगा. योजना की अनुमानित लागत लगभग 815 करोड़ रुपए आंकी गई है. योजना को लगभग तीन सालों में पूरा करने का लक्ष्य है. योजना के विकास कार्यों के लिए रायपुर सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया संदर बाजार शाखा ने पहले ही 500 करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृत कर दिया है.  

Jan 28, 2011

नवनियुक्त पदाधिकारियों ने देखी निर्माणाधीन योजनाएं

रायपुर, 27 जनवरी 2011, रायपुर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त पदाधिकारियों अध्यश्र श्री सुनील सोनी,उपाध्यक्षव्दय श्री रतन लाल डागा व श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा  ने आज प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया और अन्य अधिकारियों के साथ न्यू राजेन्द्रनगर की कुशाभाऊ ठाकरे व भक्तमाता कर्मा व्यावसायिक परिसर तथा रायपुरा की इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स योजनाओं का भ्रमण कर विकास कार्यों का अवलोक्न किया.