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Mar 21, 2010

मिसाल बनेगी कमल विहार योजना






कमल विहार योजना से भूस्वामियों और ग्रामीणों को होंगे कई फायदे
रायपुर, 21 मार्च 2010, राजधानी की बहुप्रतीक्षित टाऊन डेव्लेपमेंट स्कीम कमल विहार के क्रियान्वयन से होने वाले लाभ का आंकलन रायपुर विकास प्राधिकरण ने किया है योजना के बनने से क्षेत्र का पूरा का पूरा परिदृश्य ही बदल जाएगा. योजना क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के साथ ही विश्व स्तरीय अधोसंरचना का विकास होगा. सुव्यवस्थित विकास के साथ ही यहां संपत्तियों के मूल्यों में वृध्दि से भूस्वामियों को आर्थिक लाभ तो होगा ही रोजगार के भी कई अवसर उपब्ध होगें. भूखंड पूर्ण रुप से वैध तथा विकसित होने कमल विहार छत्तीसगढ़ के वर्तमान शहरों में एक मिसाल होगा.
कमल विहार योजना से लाभ - हानि
विवरण
योजना के विकसित होने पर
योजना के विकसित नहीं होने पर
विकास
सुव्‍यवस्थित व बेहतर विकास
बेतरतीब, अव्‍यवस्थित, असंगत सुविधाहीन विकास
सुविधाएं
विश्व स्तरीय अधोसंरचना विकास यथा सड़क, नाली, बिजली, पानी सहित कई नागरिक सुविधाएँ
आधी - अधूरी, अपर्याप्त सुविधा
स्थानीय निवासियों के लिए  रोजगार/ व्यापार के अवसर
बढ़ेगें
नहीं बढ़ेगे
योजना की विशेषता
छत्तीसगढ के वर्तमान शहरों के विकास की एक मिसाल होगी
कुछ नहीं
भूखंड की वैधानिक स्थिति
पूर्ण रुप से वैध
अवैध
संपत्तियों का मूल्‍य
तेजी से वृध्दि, कई गुना वृद्धि
बहुत कम वृध्दि
भूमि / भूखंड की स्थिति
विकसित सुविधायुक्त भूखंड
अविकसित भूमि
योजना में शामिल गांवों का विकास 
प्राधिकरण द्वारा एक करोड़ की राशि का प्रावधान
भ्रम की स्थिति
पर्यावरण
स्वस्थ एवं बेहतर जीवन स्तर, हरित वातावरण
अस्वस्थ्य, प्रदूषित एवं तनाव  भरा
पेयजल
शुद्ध, सुलभ व पर्याप्त मात्रा में
अपर्याप्त और कठिनाई से उपलब्‍ध होगा.
नाली
सुव्‍यस्थित एवं सुविधाजनक
मुश्किल से बनेगी, अव्‍यवस्थित व असुविधाजनक होगी.
पार्किंग
सुविधाजनक रुप से
कोई व्यवस्था नहीं
सीवर लाईन
सुविधा दी जाएगी
कोई संभावना नहीं
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
प्रत्येक सेक्टर में बनेगा.  
कोई संभावना नहीं
बिजली
सुव्‍यवस्थित एवं सुविधाजनक रुप से उपलब्‍धता होगी
बांस और लकड़ी के खंबो पर झूलते हुए तारे, तेज हवा में खतरनाक
फायर ब्रिगेड स्टेशन
भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
उद्यान
उपलब्ध होगा
कोई सुविधा नहीं
खेल मैदान
उपलब्ध होगा
कोई सुविधा नहीं
खुला क्षेत्र
उपलब्ध होगा
कोई सुविधा नहीं
बाजार
सुव्यस्थित,सुविधाजनक, सिटी लेवल व सेक्टर लेवल के बाजार (डिपार्टमेन्टल स्टोर इत्यादि) 42 एकड़ का सी.बी.डी (केन्द्रीय व्यवसायिक क्षेत्र)
अव्यवस्थित, बेतरतीब, असुविधाजनक
बैंक / एटीएम
भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
पोस्ट ऑफिस
भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
सामाजिक केन्द्र व धार्मिक केन्द्र
भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
सांस्‍कृतिक व सामुदायिक केंद्र
भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
अस्पताल, नर्सिंग होम
भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
शैक्षणिक संस्‍थाएं
भूमि का प्रावधान, नियमानुसार, सुविधायुक्त  बड़े शैक्षणिक संस्थानों की संभावना
बेतरतीब, कम संख्या में, कम स्तर व न्यूनतम सुविधा वाली संस्थाएं
सड़क
रिंग रोड, कई प्रमुख मार्ग व हर भूखंड को सड़क की उपलब्धता.
संकरी व तंग गलियां, उबड़ खबाड़ व टूटे रास्ते
पहुंच मार्ग
सुलभ व सुविधाजनक, कई विकल्प
कठिन, असुविधाजनक, जटिल पहुंच मार्ग
फ्लाई ओव्हर
तीन
कोई संभावना नहीं
यातायात
सुगम, सुविधाजनक व तेज
कठिन, असुविधाजनक, धीमा व धूलयुक्त
आमोद प्रमोद
मास्टर प्लान के अनुसार भूमि का प्रावधान
कोई प्रावधान नहीं
भवन निर्माण की अनुमति (मानचित्र स्वीकृति)
आसानी से
नहीं मिलेगी
बैंक ऋण
आसानी से
नहीं मिलेगा
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग
15 प्रतिशत भूमि
कुछ नहीं
मास्‍टर प्‍लान (रायपुर विकास योजना पुनर्विलोकित 2021)
क्रियान्वित होगा
क्रियान्वित नहीं होगा


Mar 19, 2010

कृषि भूमि कमल विहार योजना में शामिल नहीं – श्री कटारिया

मल विहार योजना शहर को गंदी बस्‍ती जैसी बसाहट को रोकने का प्रयास
रायपुर, 19 मार्च 2010. रायपुर विकास प्राधिकरण ने कहा है कि कि मास्‍टर प्‍लान में कृषि भू-उपयोग के लिए निर्धारित भूमि पर कमल विहार योजना लागू नहीं की जाएगी. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया का कहना है कि जो लोग किसानों के नाम पर योजना का विरोध कर रहे हैं उनके पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि मास्‍टर प्‍लान में जिस जमीन का उपयोग आवासीय है उस पर योजना के अभिन्‍यास के अनुमोदन के बिना मकान कैसे बनेगा. अनुमोदित अभिन्‍यास के बिना ना तो जमीन मालिक मकान बना सकते हैं और ना ही उन्हें किसी बैंक से ऋण मिल सकता है. ऐसे में लोगों के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि कमल विहार योजना क्षेत्र में सड़क, नाली, बिजली, पानी की बुनियादी सुविधाएं कैसे उपलब्‍ध होगी.
रायपुर विकास प्राधिकरण राज्‍य शासन द्वारा शहर के नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधा देने के परिप्रेक्ष्‍य में मास्‍टर प्‍लान की टाऊन डेव्‍हलपमेंट स्‍कीम का क्रियान्‍वयन कर रहा है. प्राधिकरण के प्रस्‍ताव के अनुसार वह बुनियादी सुविधाओं से भी बेहतर अधोसंरचना विकास की सुविधा देने के लिए कार्य कर रहा है. इसके अन्‍तर्गत योजना क्षेत्र में एक रिंगरोड, तीन फ्लाईओवर, चौड़े मुख्‍य मार्ग, सीवर लाइन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सर्विस डक्‍ट, विद्युत सब-स्‍टेशन, उद्यान, खेल मैदान, खुले क्षेत्र, नागरिक सुविधाएं यथा पुलिस स्‍टेशन, फायर ब्रिगेड, पोस्‍ट ऑफिस, बैंक, बाजार, अस्‍पताल, नर्सिंग होम, शैक्षणिक केंद्र, आमोद-प्रमोद, सामाजिक एवं सांस्‍कृतिक केंद्र जैसी सुविधाएं देने की पहल कर रहा है.

कमल विहार योजना दरअसल रायपुर शहर को गंदी बस्‍ती जैसे अवैध बसाहट को रोकने का प्रयास तथा राजधानी को सुव्‍यवस्थित रूप से विकास की ओर ले जाने की कोशिश है. मास्‍टर प्‍लान में दिए गए प्रावधान के अनुसार कमल विहार योजना क्षेत्र में प्रस्‍तावित आवासीय क्षेत्र में आवासीय भूखंड विकसित किए जाएंगे. वाणिज्यिक भू-उपयोग की भूमि पर व्‍यावसायिक दुकानें, शॉपिंग सेंटर, कार्यालय तथा अन्‍य नागरिक सुविधाओं के लिए उपयोग किया जाएगा. आमोद-प्रमोद के भू-उपयोग वाली भूमि पर क्रीडा स्‍थल, प्रदर्शनी स्‍थल, उद्यान तथा अन्‍य मनोरंजन की सुविधाओं को विकसित किया जाएगा. सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक भू-उपयोग की भूमि पर विभिन्‍न कार्यालय, अस्‍पताल, नर्सिंग होम, शैक्षणिक व सामाजिक प्रयोजनों के लिए उपयोग किया जाएगा. 

Mar 17, 2010

कमल विहार को जाना पत्रकारों ने

छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी की पहली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम - कमल विहार


रायपुर, 17 मार्च 2010, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने रायपुर की पहली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम कमल विहार योजना के संबंध में आज प्रेस से चर्चा की. उन्होंने योजना के संबंध अब तक हुई कार्रवाई से पत्रकारों को अवगत कराया. 2171 एकड में बनने वाली यह छत्तीसगढ़ की पहली जनभागीदारी वाली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम है. योजना 927 एकड की में बनेगी जो 5 सालों में पूरी की जाएगी. योजना में 42 एकड का सीबीडी अर्थात केन्द्रीय व्यवसायिक क्षेत्र, 57 एकड़ क्षेत्र में सार्वजनिक  व अर्ध सार्वजनिक तथा 245 एकड क्षेत्र की भूमि आमोद- प्रमोद के लिए आरक्षित रहेगी. योजना के भूस्वामियों को उनकी अविकसित भूमि के बदले 35 प्रतिशत क्षेत्र का विकसित भूखंड दिया जाएगा. 

Mar 16, 2010

कमल विहार के 90 प्रतिशत भूस्वामियों के पास आधा एकड़ से कम के भूखंड

अवैध प्लाटिंग करने वालों का कमाल
कमल विहार के 90 प्रतिशत भूस्वामियों के पास आधा एकड़ से कम के भूखंड
अमीर बनाने का सपना दिखा कर बेचे हजारों अवैध प्लाट
रायपुर, 16 मार्च 2010, रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना क्षेत्र में लगभग 90 प्रतिशत भूस्वामियों के पास आधा एकड या उससे कम भूमि के भूखंड है. शेष 10 प्रतिशत लोगों में से एक अनुमान के अनुसार लगभग 6 प्रतिशत बडे पूंजी निवेशक हैं. प्राधिकरण द्वारा एकत्रित आंकडों के विशलेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि अवैध प्लाटिंग करने वाले लोगों ने नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर से बिना अभिन्यास स्वीकृत कराए हजारों की संख्या में छोटे छोटे भूखंड काट कर बेच दिए हैं. योजना में कुल 5730 भू स्वामियों में से 5136 ऐसे लोग है जिनके पास आधा एकड अथवा उससे कम क्षेत्रफल के भूखंड है. जो लगभग 89.5 प्रतिशत होता है. योजना में लगभग 66 प्रतिशत लोग ऐसे जिनके पास लगभग 4 हजार वर्गफुट या उससे कम भूमि है. इनकी संख्या 3811 है.
योजना क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वालों ने जमीन के दलालों के माध्यम से ने चमक दमक वाले आकर्षक ब्रौशर व पॉम्पलेट छपवा कर शहर की भोली भाली जनता हजारों की तादाद में अवैध प्लॉट बेचे है. पूंजी निवेश कर कुछ सालों में अमीर बनाने के सपने दिखा कर आम लोगो को भूंखंड बेचे गए है. ऐसे लोग रायपुर शहर के बड़े होटलो में हर माह प्लाटों की लाटरी निकाल कर प्लाट बांटे है.. पुलिस कार्रवाई के बाद अब लाटरी से ठगने का खेल बंद हुआ है. अवैध प्लाटिंग करने वालो ने किसानों की खाली पडी भूमि को खरीद कर उसके अवैध रुप से जो प्लाट काटे है उनमें पहुंचने के लिए ना तो सड़क है और ना ही बिजली, पानी और नाली की सुविधा है. कई लोगों को तो अपने भूखंड की जानकारी ही नहीं है कि उनके भूखंड कहां है. इन भूंखंड़ो पर मकान बनाने के लिए तो ना तो उसका नक्शा पास हो सकता है और ना ही उसमें मकान बनाया जा सकता है. बिना मानचित्र के स्वीकृति के भवन निर्माण के लिए बैंक या वित्तदायी संस्थाएं भी ऋण नहीं देती.
अवैध प्लॉटिंग करने वाले लोगों ने कुछ माह पहले कमल विहार योजना क्षेत्र में आने वाले गांवों में टिकरापारा, बोरियाखुर्द, डुमरतराई, डुंडा और देवपुरी के गांव - गांव में यह भ्रम फैलाया की आरडीए सबके मकान तोड़ देगा पूरी की पूरी बस्तियों को उजाड देगा और तुम लोगों की जमीन हड़प लेगा. इसलिए यदि अपना मकान बचाना है तो ये फार्म भर कर दे दो नहीं तो तुम्हारी जमीन चली जाएगी. दहशत के माहौल में हजारों की तादाद में छपे हुए आवेदन पत्र ग्रामीणों को बांट कर उनसे हस्ताक्षर करा कर आरडीए के कार्यालय में हजारों की आपत्तियां लगवाई गई. प्राधिकरण के कार्यालय में सुनवाई में आ रहे कई लोगों की लिखित आपत्तियों में क्या लिखा है वे यह नही जानते. अवैध प्लॉटिंग करने वालों ने चमक दमक वाले आकर्षक ब्रौशर व पॉम्पलेट छपवा कर जमीन दलालों के माध्यम से शहर की भोली भाली जनता को भ्रम में डाल कर हजारों की तादाद में अवैध प्लॉट बेचे है. अब ऐसे ही लोग अपने स्वार्थ के लिए शहर को सुव्यवस्थित बनाने शासन की कमल विहार योजना का विरोध कर रहें है.
   कमल विहार योजना में वास्‍तविक भूस्वामियों की भूमि / भूखंडों की जानकारी
क्रमांक
भूखंड का आकार
(वर्गमीटर में)
भूखंडों की संख्‍या
भूखंडों का  (प्रतिशत में)
कुल भूखंडों की संख्‍या
कुल भूखंडों का प्रतिशत
1.
0-100
470
8
470
8
2.
101-150
1696
30.5
2166
38.5
3.
151-200
487
8
2653
46.5
4.
201-300
886
15
3539
61.5
5.
301-400
272
5
3811
66.5
6.
401-500
283
5
4094
71.5
7.
501-1000
418
7
4512
78.5
8.
1001-2500
624
11
5136
89.5
9.
2501-4000
205
4
5341
93.5
10.
4001-10000
298
5
5639
98.5
11.
10001-20000
60
1
5699
99.5
12.
20001 से अधिक
31
0.5
5730
100

कुल
5730
100%





Mar 11, 2010

शासन की घोषणा के अनुसार ही बनेगा कमल विहार

वेबसाइट में कमल विहार की प्रारुप योजना और आपत्तिकर्ताओं की सूची
योजना में आने वाला कोई मकान बस्ती नहीं टूटेगी
रायपुर, 11 मार्च 2010. रायपुर विकास प्राधिकरण ने कहा कि आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने कमल विहार योजना के संबंध में जो घोषणा की है वह पूरी तरह से लागू की जाएगी. जहां तक योजना के संबंध में प्राधिकरण की वेबसाइट www.rdaraipur.com में जो जानकारी है वह प्रारुप योजना की जानकारी है.यह जानकारी जनसूचना के लिए 20 नवंबर से 21 दिसंबर 2009 के दौरान आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रण के लिए वेबसाइट में डाली गई थी. चूंकि उसके बाद से योजना की आधिकारिक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है इसलिए योजना के संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.
इन दिनों प्राधिकरण द्वारा नवबंर - दिसंबर 2009 में प्राप्त आपत्तियों पर गठित समिति सुनवाई कर रही है. इस संबंध में जिन व्यक्तियों को उनकी आपत्ति के संबंध में समक्ष में बुला कर सुना जा रहा है उनके नाम की सूची प्राधिकरण की वेबसाइट में प्रदर्शित की गई है. समिति द्वारा सुनवाई के पश्चात की गई अनुशंसा और मंत्री जी की घोषणा के अनुरुप प्रारुप योजना के अभिन्यास में आवश्यक संशोधन कर शासन की अनुमति ली जाएगी. उसके पश्चात कमल विहार योजना का अंतिम प्रकाशन कर इसे क्रियान्वित किया जाएगा. 
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार वेबसाइट www.rdaraipur.com में कमल विहार योजना का जो प्रारूप दिया गया है वह टाउन हॉल रायपुर में 20 नवंबर से 21 दिसंबर 2009 के बीच आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रण के दौरान जनसूचना के लिए दी गई जानकारी थी. वेबसाइट में छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 50 (3) के अंतर्गत कमल विहार योजना के अंतर्गत आने वाले भू-स्‍वामियों को उक्त अवधि में योजना के अभिन्‍यास, उनकी भूमि के बदले दिए जाने वाले भूखंड इत्‍यादि की जानकारी दी गई थी. उन्होंने बताया कि आपत्ति एवं सुझाव की अवधि के बाद प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने लोकहित में यह घोषणा की थी कि कमल विहार योजना क्षेत्र में आने वाले किसी भी मकान तथा बस्‍ती नहीं तोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा था कि किसी भी भू स्वामी से उनकी भूमि के बदले दिए जाने वाले भूखंड के लिए कोई राशि नहीं ली जाएगी. रायपुर विकास प्राधिकरण मंत्री जी की घोषणा के अनुसार ही कमल विहार योजना का क्रियान्वयन करेगा.
वर्तमान में प्राधिकरण कार्यालय में नवंबर-दिसंबर 2009 में आमंत्रित आपत्तियों की सुनवाई नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम के अंतर्गत गठित समिति के द्वारा की जा रही है. यह सुनवाई 16 अप्रैल तक होगी. समिति आपत्तिकर्ताओं को अपने समक्ष आमंत्रित कर उनकी आपत्ति पर सुनवाई कर रही है. सुनवाई पूरी होने के बाद समिति की रिपोर्ट व अनुशंसा के आधार पर रायपुर विकास प्राधिकरण कमल विहार योजना के प्रारूप योजना में परिवर्तन कर योजना का छत्तीसगढ़ राजपत्र में अंतिम प्रकाशन करेगा. इसके बाद कमल विहार योजना में विकास कार्य शुरु किया जाएगा.