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Sep 17, 2009

ब्याज दर में कमी का लाभ हितग्राहियों को देगा आरडीए

रायपुरा की इन्द्रप्रस्थ आवास योजना में 8.28 लाख से 15.48 लाख का होगा फायदा

रायपुर, 17 सितंबर 2009, राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा गृह त्रृण में ब्याज की कमी का लाभ हितग्राहियों को देने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने रायपुरा में निर्माणाधीन इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स आवासीय योजना में भुगतान की भाड़ाक्रय प्रणाली के बजाय स्ववित्तीय योजना लागू करने का निर्णय लिया है. इसके फलस्वरुप आठ विभिन्न श्रेणियों के डुप्लेक्स मकानों की कीमत में 20 साल तक की किश्तों में भुगतान करने पर हितग्राहियों को लगभग 8 लाख 28 हजार रुपए से 15 लाख 48 हजार रुपए का फायदा होगा. प्राधिकरण द्वारा अपनी पहली डुप्लेक्स योजना हेतु अगस्त 2008 में 302 मकानों के लिए 246 मकानों का पंजीयन किया था.

गत दिनों प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया द्वारा योजना के लिए पूर्व में हडको से ऋण लेकर निर्माण योजना की समीक्षा की थी. समीक्षा में यह पाया कि निर्माण अवधि के दौरान ऋण राशि पर देय ब्याज की गणना मूलधन में जोडी जाती है तथा हडको से ऋण लेने पर हितग्राहियों को सवा 11 प्रतिशत की दर से मूलधन के साथ ब्याज देना होगा, जबकि राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा ब्याज दर में की गई कमी के फलस्वरुप पहले व दूसरे- तीसरे वर्ष में फिक्सड रेट पर क्रमशः 8 प्रतिशत व साढ़े 8 प्रतिशत व चौथे वर्ष से 20 वर्ष तक फ्लोटिंग रेट पर 9 प्रतिशत की दर से ब्याज देय होगा जो प्राधिकरण द्वारा हडको से ऋण लेने की स्थिति से सवा 3 से सवा 2 प्रतिशत तक कम है, और इसका सीधा फायदा हितग्राहियों को मिलेगा. इस कारण प्राधिकरण के संचालक मंडल ने इन्द्रप्रस्थ योजना के लिए हडको से ऋण लेकर भाड़ाक्रय प्रणाली के बदले स्ववित्तीय योजना लागू कर हितग्राहियों को आर्थिक लाभ देने का निर्णय लिया है.

उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण ने पंजीयन के समय आवेदकों से डुप्लेक्स मकान की अनुमानित कीमत की 10 प्रतिशत राशि आवेदन के साथ जमा कराई थी. उस समय योजना के लिए हडको से ऋण लिया जाना था किन्तु बाद में बैंकों द्वारा गृह ऋण के ब्याज में आई कमी का लाभ इन्द्रप्रस्थ योजना के पंजीयनकर्ताओं को देने हेतु समीक्षा की.प्राधिकरण ने इस संबंध में सभी पंजीयनकर्ताओं को अपने इस निर्णय से अवगत करा दिया है.प्राधिकरण ने भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों से भी चर्चा कर पंजीयनकर्ताओं को सरल प्रक्रिया के माध्यम से त्वरित ऋण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था.बैंक के अधिकारियों ने प्रस्ताव पर रुचि दिखाते हुए ऐसे ऋण प्रकरणों पर स्वीकृति देना शुरु कर दिया है.श्री बजाज के अनुसार पंजीयनकर्ता किसी भी वित्तदायी संस्था या बैंक से ऋण ले सकते हैं. पंजीयनकर्ता चाहे तो वे एक मुश्त राशि भी जमा कर सकते हैं. इसमें कोई बंदिश नहीं है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की मंशा है कि प्राधिकरण बेहतर निर्माण के साथ सुविधाजनक कीमत पर हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराए.श्री बजाज ने बताया कि प्राधिकरण ने निर्माण की गुणवता को बेहतर बनाने तथा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में  इन्द्रप्रस्थ योजना के पंजीयनकर्ताओं को हर शनिवार अपने बनते हुए डुप्लेक्स मकान का स्थल पर अवलोकन करने का अवसर उपलब्ध कराया है. इस हेतु निर्माण स्थल पर योजना के सहायक अभियंता हर शनिवार प्रातः 11 बजे से 3:00 तक पर उपलब्ध रहेंगे.

सृष्टि के शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर आरडीए ने की पूजा

रायपुर 17 सितंबर 2009, सृष्टि के शिल्पकार और विश्व के पहले तकनीकी ग्रंथ के रचयिता भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर आज रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा देवेन्द्रनगर सेक्टर एक के स्टोर व कटोरातालाब के स्टोर में विधि विधान के साथ वाहनों व निर्माण से संबंधित उपकरणों की पूजा की गई.

सृष्टि के प्रथम सूत्रधार और शिल्पकार माने जाने वाले भगवान विश्वकर्मा की पूजा में प्राधिकरण के कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, सहायक अभियंता श्री गुरुचरण सिंह होरा, श्री अनवर खान, श्री के.पी. देवांगन, अनिल गुप्ता, श्री राजीव अग्रवाल, श्री बी.के. ठाकुर, उपअभियंता श्री के.के.अवस्थी, श्री जी.पी.गजेन्द्र, कार्य सहायक श्री इकबाल हुसैन, श्री राजकुमार अवस्थी, बंसी देवांगन, श्री भरत पटेल सहित यांत्रिकी एवं जलप्रदाय शाखा के कर्मचारी शामिल थे.

Aug 28, 2009

इन्द्रप्रस्थ में बनते हुए मकान को देख सकेगें पंजीयनकर्ता

आरडीए हर शनिवार को कराएगा
अवलोकन और लेगा सुझाव

रायपुर, 28 अगस्त 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण की पहली डुप्लेक्स योजना इन्द्रप्रस्थ,रायपुरा के पंजीयनकर्ता अब हर शनिवार को अपने बनते हुए मकान का अवलोकन कर सकेगें. निर्माण की गुणवता को बेहतर बनाने और प्रक्रिया पारदर्शी हो इसके लिए प्राधिकरण अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने यह कदम उठाया है.
       प्राधिकरण प्रशासन के अनुसार जिन पंजीयनकर्ताओं ने रायपुरा में निर्माणाधीन 302फ्लैट्स का पंजीयन कराया है उन्हें अपने मकान के निर्माण की गुणवत्ता देखने और भावनात्मक रुप से जोड़ने के लिए यह कदम उठाया है.डुप्लेक्स मकानों की इस योजना के निर्माण स्थल पर सहायक अभियंता हर शनिवार प्रातः 11 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक स्थल पर उपलब्ध रहेंगे. पंजीयनकर्ता अवलोकन के दौरान अपने अभिमत व सुझाव स्थल पर उपलब्ध पंजी में नोट भी कर सकेंगे.
       उल्लेखनीय है कि रायपुरा के 46एकड़ भूमि में प्राधिकरण की पहली डुप्लेक्स योजना इन्द्रप्रस्थ के अन्तर्गत 302 भवनों का निर्माण किया जा रहा है. प्रथम आया – प्रथम पाया के आधार पर पंजीयन किए गए 302 भवनों में से 81 भवन आरक्षित श्रेणी के लिए है तथा शेष 221 भवन सामान्य वर्ग के लिए है. आठ श्रेणियों में तीन से पांच कमरों वाले डुप्लेक्स भवनों की लागत लगभग 16.52 लाख रुपए से 30.64 लाख रुपए है. 1097 से 1958 वर्गफुट क्षेत्र में निर्मित होने वाले डुप्लेक्स भवनों की इस योजना में चौड़ी सड़के, उच्च स्तरीय जलागार, रेन वाटर हारवेस्टिंग, विद्युत सब स्टेशन, संपूर्ण योजना में हर भवन की बाऊन्ड्रीवाल तथा आकर्षक प्रवेश द्वार का निर्माण तथा सुन्दर उद्यान का भी प्रावधान किया गया है.

Aug 21, 2009

नगरघड़ी लिमका बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस में शामिल


















आरडीए द्वारा निर्मित नगरघड़ी को दोहरा एवार्ड
नगरघड़ी लिमका बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस में शामिल
नगरघड़ी ने बनाया कभी ना टूटने वाला रिकार्ड

रायपुर, 21 अगस्त 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 1995 में निर्मित नगरघड़ी को दोहरा अवार्ड मिला है. भारत की जानी - मानी लिमका बुक ऑफ रिकार्डस और इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस ने इसे अपनी पुस्तक में शामिल किया है. रायपुर की नगरघड़ी पूरे भारत की ऐसी पहली संरचना है जिसे हर घंटे बजने वाली छत्तीसगढ़ी धुनों की अवधारणा के कारण इसे लिमका बुक आफ रिकार्ड्स 2009 तथा इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस 2009 में शामिल किया गया है. लिमका बुक के बीसवें संस्करण के मानव कथा अध्याय में नगरघड़ी को “ गाता हुआ घंटाघर ” तथा अंग्रेजी संस्करण में “ सिंगिंग क्लॉक टॉवर ” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है जबकि इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस के आगामी अक्टूबर के अंक में इसे शामिल किया जाएगा. इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस ने गत 16 अगस्त को नई दिल्ली के एयरफोर्स आडिटोरियम में आरडीए को एक ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया है.
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार नगरघड़ी का लिमका बुक ऑफ रिकार्ड तथा इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस में शामिल होना पूरे छत्तीसगढ़ और राजधानी के लिए गौरव का विषय है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग के अन्तर्गत निगमित निकाय के रुप में कार्यरत संस्था रायपुर विकास प्राधिकरण की यह उपलब्धि प्रदेश को पूरे देश में गौरवान्वित करेगी. उन्होंनें कहा कि नगरघड़ी में 24 घंटे में 24 छत्तीसगढ़ी धुन बजने का यह एक ऐसा रिकार्ड है जो कभी नहीं टूट सकता. इसका कारण है कि एक दिन में 24 घंटे ही होते हैं यदि कोई 24 से ज्यादा धुन बना भी लेता है तो वह प्रासंगिक नहीं होगा क्योंकि एक दिन में 24 से ज्यादा घंटे हो ही नहीं सकते. इसलिए नगरघड़ी का यह रिकार्ड कभी ना टूटने वाला रिकार्ड बन गया है. उल्लेखनीय है कि लिमका बुक ऑफ रिकार्डस भारत के आश्चर्यजनक और असाधारण उपलब्धियों वाले रिकार्डस की ऐसी पुस्तक है जिसे भारत में विश्व प्रसिद्ध गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड्स जैसी प्रतिष्ठा प्राप्त है. 1990 में पहली बार इसे मुंबई में प्रकाशित किया गया था. पुस्तक का उद्देश्य आम भारतीय लोगों की उपलब्धियों और आश्चर्यजनक कारनामों को एक मंच प्रदान करना है. हर वर्ष प्रकाशित होने वाली इस पुस्तक के अब तक इसके 20 अंक प्रकाशित हो चुके हैं. इस पुस्तक में हर वर्ष देश के सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाशाली व्यक्तियों के नामों को घोषणा की जाती है. साथ ही मानव कथा, साहसिक कार्य, शिक्षा, संचार, रेडियो, टेलीविजन, साहित्य, चित्रकला, नृत्य एवं संगीत, चलचित्र एवं रंगमंच, सरकार, परिवहन, चिकित्सा विज्ञान, विकास, प्रकृति एवं कृषि, पशु क्ल्याण, खेलकूद जैसे विषयों पर भारत में बने कई रिकार्ड और आश्चर्यजनक जानकारियां उपलब्ध है. यह पुस्तक अंग्रेजी, हिन्दी तथा मलयालम में भी छपती है. जबकि इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस गिनीज बुक ऑफ रिकार्डधारी मेमोरी गुरु श्री विश्वस्वरुपराय चौधरी का प्रकाशन है जो हाल के कुछ वर्षो से प्रकाशित हो रही है.
19 दिसंबर 1995 को रायपुर के कलेक्टोरेट कार्यालय के सामने 50 फुट ऊंचे स्तंभ पर नगरघड़ी की स्थापना की गई थी. छह फुट व्यास वाले घड़ी के डायल के पीछे मैकेनिकल पद्धति से चलने वाली घड़ी में हर घंटा पूरा होने के बाद इसके बुर्ज में लगे पीतल के घंटे की आवाज गूंजती थी. इसमें दिन में एक बार चाबी भी भरनी पड़ती थी. मैकेनिकल घड़ी के बार – बार तकनीकी खराबी आने के कारण 26 जनवरी 2008 को रायपुर विकास प्राधिकरण ने एक नई इलेक्ट्रॉनिक घड़ी लगाई जो अतंरिक्ष के सेटेलाईट से संकेत प्राप्त कर जी.पी.एस. (ग्लोबल पोजिशिनिंग सिस्टम) प्रणाली से सही समय बताती है. अब यह हर घंटे छत्तीसगढ़ की एक लोकप्रिय मधुर लोकधुन सुनाती है
दरअसल जी.पी.एस.पध्दति सही समय जानने की एक नई तकनीक है जो सेना द्वारा अपनाई जाती थी बाद में इसे भारतीय रेल विभाग में भी लागू किया गया ताकि पूरे देश में एक सा समय रहे. रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष श्री श्याम बैस ने तत्समय छत्तीसगढ़ की लोकधुनों को लोकप्रिय बनाने के लिए नगरघड़ी में हर घंटे के बाद बजने वाले घंटे की आवाज के पहले छत्तीसगढ़ की लोकधुनों को संयोजित करने का निर्णय लिया था ताकि इससे आम आदमी भी लोकधुनों से परिचित हो सके. 26 जनवरी 2008 को नई घड़ी लगने के बाद से नगरघड़ी में हर दिन हर घंटे के बाद एक छत्तीसगढ़ी लोकधुन बजती है. चौबीस घंटे में कुल 24 अलग – अलग लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी धुनें बजती है. समय के मनोभावों के अनुरुप इन धुनों का चयन प्रदेश के लोक कलाकारों के विशेषज्ञ समिति के द्वारा किया गया है जिसमें लोक संगीत को पुरोधा माने जाने वाले श्री खुमानलाल साव, लोक गायिका श्रीमती ममता चन्द्राकर, छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्देशक श्री मोहन सुन्दरानी, लोक कला के ज्ञाता श्री शिव कुमार तिवारी और लोक कलाकार श्री राकेश तिवारी ने किया है. समिति की अनुशंसा के फलस्वरुप श्री राकेश तिवारी ने विशेष रुप से लोकधुनें तैयार की है. सुबह चार बजे से हर घंटे के बाद लगभग 30 सेकेण्ड की यह धुनें नगरघड़ी में बजती हुई छत्तीसगढ़ की लोकधुनों से आम आदमी का परिचय कराती है. रायपुर की नगरघड़ी में चौबीस घंटे चौबीस धुनें बजती है. सुबह 4:00 बजे – जसगीत, 5:00 बजे – रामधुनी, 6:00 बजे – भोजली, 7:00 बजे - पंथी नाचा, 8:00 बजे – ददरिया, 9:00 बजे – देवार, 10:00 बजे – करमा, 11:00 बजे – भड़ौनी, दोपहर 12:00 बजे - सुआ गीत, 1:00 बजे – भरथरी, 2:00 बजे - डंडा नृत्य, 3:00 बजे – फाग गीत , 4:00 बजे – चंदैनी, सांयः 5:00 बजे - पंडवानी, 6:00 बजे – राऊत नाचा, 7:00 बजे – गौरा, रात 8:00 बजे – परब, 9:00 बजे – आलहा, 10:00 बजे – नाचा, 11:00 बजे – कमार, 12:00 बजे – सरहुल, 1:00 बजे – बांसगीत, 2:00 बजे – ढ़ोलामारू , 3:00 बजे - सोहर गीत की धुनें नगरघड़ी से बजती है.
राजधानी रायपुर के ह्रदय स्थल पर बनी नगरघड़ी का 19 दिसंबर 1995 को मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह नें लोकार्पण किया था. हर घंटे लोकधुन सुनाने के कारण अब यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति की एक नई पहचान बन गई है. नगरघड़ी का कांक्रीट स्तंभ 50 फुट ऊंचा है. आर.सी.सी. संरचना पर आधारित नगरघड़ी की बाहरी दीवारों पर उदयपुर राजस्थान का सफेद संगमरमर तथा ग्रेनाईट लगाया गया है. इसके स्तंभ के चारों दिशाओं में छह फुट व्यास वाले डायल प्लास्टिक एक्रेलिक शीट के हैं. नगरघड़ी को बनाने में 275 दिन का समय लगा था. घड़ी के स्तंभ का निर्माण कार्य एक मार्च 1995 को शुरु कर 30 नवंबर 1995 को पूरा किया गया. नई इलेक्ट्रानिक घड़ी कोचीन, केरल की टूल एंड टाईम इंजीनियरिंग कंपनी ने 90 दिनों में स्थापित की है. कंपनी ने 29 अक्टूबर 2007 को काम शुरु कर 26 जनवरी को 2008 को काम पूरा किया. नई इलेक्ट्रानिक घड़ी में जी.पी.एस.आधारित क्लॉक कंट्रोलर, स्टेपर मोटरयुक्त मैकेनिज्म इकाई, डायल, घंटे तथा मिनट के कांटे, एम्पलीफायर, चार लाऊडस्पीकर व बैटरी लगी है.
नगरघड़ी में छत्तीसगढ़ की 24 लोकधुनों को संयोजित कर लोक संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में किया गया प्रयास शायद पूरे विश्व में एक अनूठा और कभी ना टूट सकने वाला अनोखा रिकार्ड है. नगरघड़ी में हर घंटे बजने वाली लोकधुन पूरे छत्तीसगढ़ लोक संस्कृति की अभिव्यक्ति है. नगरघड़ी में नई इलेक्ट्रॉनिक घड़ी लगाने की अवधारणा एवं स्थापना में पूर्व अध्यक्ष श्री श्याम बैस के नेतृत्व में पूर्व उपाध्यक्षव्दय श्री श्रीचंद सुन्दरानी व श्री वर्धमान सुराना, पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी.दीवान, कार्यपालन अभियंता श्री पी.आर.नारंग, सहायक यंत्री श्री योगेशचन्द्र साहू, उपअभियंता श्री अजीत सिंह जब्बल तथा जनसंपर्क अधिकारी श्री तेजपाल सिंह हंसपाल की विशेष भागीदारी रही है.

Aug 4, 2009

आरडीए ने रायपुरा में आम के 17 वृक्षों को क्रेन से दूसरे स्थान पर लगाया

रायपुर, 04 अगस्त 2009. पर्यावरण संरक्षण की दिशा में रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज रायपुरा योजना में 17 आम के वृक्षों को आमोद प्रमोद के लिए सुरक्षित स्थान पर 80 फुट चौड़ी सड़क के किनारे स्थानांतरित किया. सड़कों तथा निर्माणाधीन डुप्लेक्स भवनों के बीच में आने के कारण इन वृक्षों को हटाना जरूरी हो गया था. यहां कुल 34 वृक्षों को स्थानांतरित किया जाएगा. प्राधिकरण की यह पहली योजना है जिसमें लगभग 12 फुट ऊंचे वृक्षों को क्रेन की मदद से जड़ सहित उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर लगाया गया है.

प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया की पहल पर वृक्षों को काटने की बजाय उसे चौड़ी सड़क के किनारे लगाने का निर्णय लिया गया था. रायपुरा में प्राधिकरण की पहली डुप्लेक्स योजना इन्द्रप्रस्थ के अन्तर्गत 302 भवनों का निर्माण किया जा रहा है. प्राधिकरण के सहायक उद्यान अधीक्षक श्री डी.पी. वर्मा ने वृक्षों को स्थानांतरित करने के संबंध में बताया कि इन्द्रप्रस्थ योजना में साढ़े 18 एकड़ क्षेत्र आमोद प्रमोद के लिए आरक्षित है. योजना के इस क्षेत्र की 80 फुट चौड़ी सड़क के किनारे स्थानांतरित किए गए आम के वृक्ष 5 साल पुराने हैं तथा इनकी ऊंचाई 10 से 12 फुट है. आम के यह वृक्ष लंगड़ा, दशहरी, बैगनफली व सुन्दरजा प्रजाति के हैं. वृक्षों के स्थानांतरण के लिए प्राधिकरण द्वारा पिछले तीन हफ्ते से तैयारी की जा रही थी. 5 फुट लंबे चौड़े और 4 फुट गहरे नए गढड़ों में वृक्षों को लगाने के बाद गोबर की डी कम्पोस्ट खाद डाली जा रही है. श्री वर्मा के अनुसार बागवानी की तकनीक के आधार पर यह कहा जा सकता है कि सभी वृक्ष पूर्ण रुप से एक माह में पोषित हो जाएगें.

उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण की साढ़े 46 एकड़ में बन रही इस डुप्लेक्स योजना में भवनों की लागत लगभग 16.52 लाख रुपए से 30.64 लाख रुपए है. योजना में चौड़ी सड़के, उच्च स्तरीय जलागार, रेन वाटर हारवेस्टिंग, विद्युत सब स्टेशन, संपूर्ण योजना के साथ हर भवन की बाऊन्ड्रीवाल तथा आकर्षक प्रवेश द्वार का निर्माण तथा सुन्दर उद्यान का प्रावधान किया गया है.

हीरापुर के फ्लैट्स में चल रही दो दुकानें व 12 फ्लैट्स सील

रायपुर, 04 अगस्त 2009. हीरापुर के आवासीय फ्लैट्स में दुकानें खोलकर व्यवसाय करने वाले दो फ्लैट्स को आज रायपुर विकास प्राधिकरण ने सील कर दिया.बकाया राशि वसूलने गई प्राधिकरण की टीम ने जब देखा की आवासीय उपयोग के दो फ्लैट्स में खिड़की तोड़कर उसमें शटर लगा दिया गया है और उनमें एक में किराना तथा दूसरे में सब्जी की दुकान चलाई जा रही है तब उसे सील कर दिया.दुकान चलाने वाले फ्लैट्स के मालिक लक्ष्मीप्रसाद दुबे और गुरुचरण सिंह अब वहां किसी प्रकार की दुकान नहीं चला सकेगे.उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण ने योजना में व्यावसायिक उपयोग के लिए दुकाने भी बनाई है.
बकाया वसूली अभियान के अन्तर्गत हीरापुर स्थित डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत 12फ्लैट्स मालिकों द्वारा बार-बार नोटिस व मौखिक सूचना के बाद भी राशि जमा नहीं करने के कारण उनके फ्लैट्स सील किए गए.जिन व्यक्तियो के फ्लैट्स सील किए गए हैं उनमें सागर सिंग, अमानत हुसैन, आशुतोष, संतोष मिश्रा, प्रकाश कुमार, श्रीमती पूनम केसवानी, मोहम्मद फजल, श्रीमती शीला चौरसिया, सुलतान अली, शमशेर सिंह, श्रीमती बीना, शैलेश पटेल शामिल हैं. लगातार चल रहे वसूली अभियान के कारण अब बकायादार प्राधिकरण कार्यालय में आकर राशि जमा कराने लगे है.

Jul 28, 2009

न्यू राजेन्द्रनगर से आरडीए ने 17 लाख वसूले 3 फ्लैट्स सील









रायपुर, 28 जुलाई 2009. वसूली अभियान के अन्तर्गत रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज साढ़े 17 लाख रुपए की वसूली की. न्यू राजेन्द्रनगर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे फ्लैट्स के बकायादारों ने स्थल पर ही राजस्व शाखा के कर्मचारियों को नगद व चैक के रुप में राशि जमा कराई. तीन आवंटितियों द्वारा राशि जमा नहीं किए जाने के कारण उनके फ्लैट्स में ताला लगा कर सील किया गया.
जिनके फ्लैट्स सील किए गए उनमें नताशा लाहेजा, सोनू सिंह व अमितेश ठक्कर शामिल हैं. प्राधिकरण की इस योजना में बकायादारों से लगभग 43 लाख रुपए की राशि लेना बाकी है. प्राधिकरण का अमला कल पुनः इस योजना में फिर वसूली करेगा. इसके बाद कटोरातालाब योजना के मैथिलीशरण गुप्त अपार्टमेंट और शैलेन्द्रनगर योजना के पंकज विक्रम अपार्टमेंट और इंदिरा मार्केट (बॉम्बे मार्केट) में वसूली दल जाएगा.

Jul 27, 2009

हीरापुर में 17 फ्लैट्स पर आरडीए ने लगाए ताले

कुशाभाऊ ठाकरे फ्लैट्स न्यू राजेन्द्रनगर में कल से वसूली
रायपुर, 27 जुलाई 2009. बकाया राशि वसूली अभियान के अन्तर्गत रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज हीरापुर के 17 बकायादारों के फ्लैट्स सील कर दिए. शनिवार को 14 फ्लैट्स के बाद आज सतरह बकायादारों पर की गई कार्रवाई से आवंटितियों ने राशि जमा करना शुरु कर दिया है.
वसूली के लिए हीरापुर पहुंचे प्राधिकरण के कर्मचारियों ने बकायादारों से डेढ़ लाख रुपए की वसूली की. कुछ लोगो ने प्राधिकरण कार्यालय में जाकर भी राशि जमा कराई. आज राजेन्द्रकुमार मारकंड़े, मोहम्मद एजाज अहमद, सुरेन्द्र शर्मा, शेख हुसैन, अशफाक हुसैन, राजेन्द्र कुमार वैष्णव, नजमा बेगम, श्रीमती गुरमीत कौर, अमित मिश्रा, तारकेश्वरी, सतेन्द्र रंगशाही, श्रीमती राधादेवी, तरुण कुमार, गुरुचरण सिंह, मोहम्मद जलीम हुसैन, सुधीर शर्मा, जहरुल हसन के फ्लैट्स में ताला लगाकर सील किया गया. प्राधिकरण को हीरापुर के चार सौ फ्लैट्स से लगभग 75 लाख रुपए वसूल करना है. कल प्राधिकरण के राजस्व कर्मचारियों का दल न्यू राजेन्द्रनगर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे आवास योजना के 108 फ्लैट्स के आवंटितियों से बकाया राशि की वसूली करेगा.

Jul 25, 2009

आरडीए ने हीरापुर में 14 फ्लैट्स सील किए









न्यू राजेन्द्रनगर व इंदिरा मार्केट में अगले सप्ताह होगी कार्रवाई
रायपुर, 25 जुलाई 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज हीरापुर में फ्लैट्स के बकायादारों द्वारा राशि जमा नहीं किये जाने पर 14 फ्लैट्स को सील कर दिया. प्राधिकरण की राजस्व शाखा ने पहले कई बार इन बकायादारों को नोटिस जारी कर राशि जमा करने की सूचना दी थी. बार बार सूचना देने के बाद भी राशि जमा नहीं करने पर प्राधिकरण ने कार्रवाई की. बकाया राशि वसूली अभियान में अगले सप्ताह प्राधिकरण द्वारा न्यू राजेन्द्रनगर और इंदिरा मार्केट में वसूली की कार्रवाई की जाएगी.
प्राधिकरण के राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने आज डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना हीरापुर पहुंचने पर पाया गया कि वहां के कई फ्लैट्स में ताला लगा हुआ है तथा पूर्व में चस्पा की गई नोटिस लगी हुई है. इसके बावजूद बकायादारों ने राशि जमा नहीं की है. इसलिए ऐसे बंद पड़े 14 फ्लैट्स में ताला लगा कर उसे सील कर दिया गया. आज सुब्रत कुमार कश्यप, गिरधारीलाल परमार, शाकिर अहमद, बद्रीप्रसाद शर्मा, पम्मी दम्मोहे, सिध्दार्थ कानखेड़े, नीलेश नेमा, कविता रीतेश गोहिल, श्रीमती नसीमा बानों, विनिता अनुरागी, रमेश कुमार अग्रवाल, अमित गोयल, कौसर अली, श्रीमती बरखा रानी के फ्लैट्स सील किए गए. राजस्व विभाग के अनुसार हीरापुर के लगभग 4 सौ फ्लैट्स पर लगभग 75 लाख रुपए बकाया है. इसी प्रकार कुशाभाऊ ठाकरे आवास योजना न्यू राजेन्द्रनगर के फ्लैट्स मालिकों से लगभग 70 लाख रुपए तथा इंदिरा मार्केट के व्यावसायियों से लगभग 24 लाख रुपये की वसूली किया जाना है.उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने ट्रांसपोर्टनगर के बकायादारों द्वारा राशि जमा नहीं करने पर 31 जुलाई के बाद भूखंड निरस्त करने की कार्रवाई कर राशि राजसात करने तथा भूखंडों को पुनः नियमानुसार विक्रय करने की कार्रवाई करने के भी निर्देश राजस्व शाखा को दिया है.

Jul 24, 2009

वसूली के लिए आरडीए की कालोनियों में लगेगें कैम्प


बकाया न देने पर फ्लैट्स पर लगेगें ताले, भूखंड होगें निरस्त

रायपुर, 24 जुलाई 2009. आरडीए अब बकायादारों से राशि वसूलने अपनी कालोनियों में कैम्प लगाकर वसूली करेगा. प्राधिकरण प्रशासन ने बार बार सूचना देने के बावजूद राशि जमा नहीं करने वाले बड़े बकायादारों के मकानों को सील करने तथा ट्रांसपोर्टनगर के बकायादारों द्वारा राशि जमा नहीं करने पर 31 जुलाई के बाद भूखंड निरस्त करने के निर्देश राजस्व विभाग को दिए है।

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने कल राजस्व शाखा की एक समीक्षा बैठक के दौरान बकाया राशि वसूलने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन आवंटितियों ने बकाया राशि का भुगतान निर्धारित समय के बावजूद नहीं किया है उनसे पूरी राशि सरचार्ज सहित वसूली जाए. बैठक में बताया गया कि आंवटितियों को कई बार राशि जमा करने की लिखित सूचना और समय दिया गया है किन्तु उनके द्वारा राशि जमा नहीं की जा रही है।

हीरापुर में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत कई फ्लैट्स मालिकों ने लंबे समय से राशि जमा नहीं की है तथा आवंटितियों के फ्लैट्स भी बंद पड़े हैं. इसलिए ऐसे आंवटितियों के फ्लैट्स को ताला लगा कर सील कर दिया जाएगा. रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर में कई भूखंड़धारियों ने कई बार सूचना देने के बावजूद राशि जमा नहीं की है इसलिए उनके भूखंड 31 जुलाई के बाद निरस्त कर राशि राजसात कर ली जाएगी तथा इन भूखंडों को पुनः नियमानुसार विक्रय करने की कार्रवाई की जाएगी.

Jul 15, 2009

आरडीए के खाली भूखंड़ो के विक्रय पर प्रतिबंध

14 हजार एकड़ में 8 टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम को संचालक मंडल की स्वीकृति

रायपुर, 14 जुलाई 2009. आरडीए के खाली भूखंडो को विक्रय की अब अनुमति नहीं दी जाएगी. 31 अक्टूबर तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं करने पर ऐसे भूखंड निरस्त कर पुनर्प्रवेश की कार्रवाई की जाएगी. भूखंडों को फ्रीहोल्ड करने के मामले में तैयार किया गया प्रस्ताव राज्य शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा. आठ नई टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम तथा टाटीबंध में ट्रांसपोर्टनगर योजना के संबंध में राज्य शासन से अनुमति ली जाएगी. यह निर्णय कल रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक मंडल की बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज ने की.
संचालक मंडल द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार प्राधिकरण की योजनाओं में खाली पड़े भूखंड़ों पर 31 अक्टूबर 2009 तक का निर्माण नहीं करने पर भूखंड का आवंटन निरस्त कर उस पर पुनर्प्रवेश कर लिया जाएगा. योजनाओं में खाली पड़े भूखंडों को विक्रय की अब अनुमति नहीं दी जाएगी.
प्राधिकरण की कालोनियों के भूखंड को फ्रीहोल्ड करने के मामले में संचालक मंडल ने तैयार किए गए प्रस्ताव को राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया. प्रस्ताव के अनुसार भूखंडों को 30 वर्ष के स्थान पर अब 99 वर्ष की लीज अवधि पर दिया जाएगा तथा बची अवधि पर वर्तमान दर पर भू भाटक निर्धारित कर एक मुश्त राशि ली जाएगी. शासकीय भूमि को भी फ्रीहोल्ड करने के संबंध में शासन से अनुरोध किया जाएगा.
संचालक मंडल ने आठ नई टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम तथा टाटीबंध में ट्रांसपोर्टनगर योजना हेतु अनुशंसा करते हुए शासन से स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है. इसके अनुसार लगभग 14 हजार एकड़ में आठ सेक्टरों पर टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के अन्तर्गत भूखंड़ो का पुनर्गठन किया जाएगा. टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के अन्तर्गत सेक्टर एक में टाटीबंध, सरोना एवं रायपुरा, सेक्टर दो में भाठागांव, चंगोराभाठा एवं मठपुरैना, सेक्टर तीन में बोरियाखुर्द, मठपुरैना व डूंडा, सेक्टर चार में डूंडा, टिकरापारा, बोरियाखुर्द, देवपुरी व डूमरतराई, सेक्टर पांच में देवपुरी, डुमरतराई, फुंडर एवं अमलीडीह, सेक्टर छह में लाभांडीह, जोरा, तेलीबांधा, एवं शंकरनगर, सेक्टर सात में मोवा, दलदल सिवनी एवं सड्ढू तथा सेक्टर आठ में कचना, पिरदा व सकरी को शामिल किया गया है. टाटीबंध में लगभग 200 एकड़ पर मास्टर प्लान में भूउपयोग के अनुसार ट्रांसपोर्टनगर विकसित किया जाएगा. टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम हेतु प्रस्ताव को शासन से अनुमति मिलने के बाद राजपत्र में इसका प्रकाशन कराया जाएगा. इन स्कीमों के अन्तर्गत सबसे पहले सेक्टर चार में शामिल डूंडा, टिकरापारा, बोरियाखुर्द, देवपुरी व डूमरतराई को सबसे पहले पायलेट परियोजना के अन्तर्गत शुरु किया जाएगा.
संचालक मंडल की इस बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी व नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री अमित कटारिया,नगर तथा ग्राम निवेश के संयुक्त संचालक श्री वी.पी. मालवीय व के.पी.वाजपेयी तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अधीक्षण अभियंता श्री एच. के. चन्दनिहा उपस्थित थे.

Jul 8, 2009

कॉलोनी नहीं टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम बना रहा है आरडीए – श्री कटारिया

रायपुर, 08 जुलाई 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण ने कहा है कि वह किसी एक कालोनी का निर्माण नहीं कर रहा है वरन मास्टर प्लॉन के अनुसार रायपुर शहर के लिए टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम पर कार्य कर रहा है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने कहा है कि प्राधिकरण शहर विकास के लिए बनाए गए मास्टर प्लॉन में दिए गए भूउपयोग के प्रावधानों के अनुरुप टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के माध्यम से राजधानी के सुव्यवस्थित बसाहट की दिशा में काम कर रहा है. इसके लिए किसी की भूमि अर्जित नहीं की जाएगी.

श्री कटारिया ने कहा कि नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम के अनुसार टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के अन्तर्गत प्राधिकरण प्लॉटों का पुनर्गठन कर भूमि के निर्धारित उपयोग के अनुसार विकास का कार्य करेगा. प्राधिकरण नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 49 व 50 के अन्तर्गत नगर विकास स्कीम के क्रियान्वयन का कार्य कर रहा है. इन धाराओं के अन्तर्गत भूमि के पुनर्गठन का स्पष्ट प्रावधान है. इसके अन्तर्गत भवनों, मार्गों, नालियों, मल वहन लाइनों तथा अन्य वैसी सुख-सुविधाओं के प्रयोजन के लिए प्लाटों का पुनर्गठन का कार्य राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से आरंभ किया जा सकता है.

प्लाटों का पुनर्गठन हेतु प्राधिकरण द्वारा नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, रायपुर से अभिन्यास अनुमोदित करवाया जाएगा. इसके साथ ही भूस्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर अनुबंध कर सड़क, नाली, पेयजल व विद्युत की बुनियादी सुविधाओं सहित उद्यान, खुले क्षेत्र व अन्य अधोसंरचनाओं का विकास किया जाएगा. अधोसंरचना के विकास के लिए राशि की व्यवस्था योजना की व्यावासायिक व अन्य भूमि के विक्रय से प्राप्त राशि मे से किया जाएगा. शेष बची विकसित भूमि भूस्वामियों को बिना विकास शुल्क लिए वापस कर दी जाएगी जो कम से कम तीस प्रतिशत तक होगी. छत्तीसगढ़ शासन के नियम के अनुसार ऐसे अभिन्यास में आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों के लिए भूखंड अथवा निर्मित मकान देने का भी प्रावधान है. इसलिए यह कहा जा सकता है कि योजना में गरीबों को भी भूमि मिलेगी. भू उपयोग के अनुसार योजना की व्यावसायिक भूमि के विक्रय से प्राप्त राशि से अधोसंरचना का विकास किया जाएगा.

श्री कटारिया ने कहा कि गुजरात के अहमदाबाद शहर के विकास के लिए 1979 से नगर विकास स्कीम का क्रियान्वयन किया जा रहा है और वहां लगभग ऐसी एक सौ टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम पूर्ण हो चुकी है. अहमदाबाद में टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम भी मूलतः भूखंडों के पुनर्गठन से संबंधित है. वहां विकास प्राधिकरण ने भूस्वामियों की भूमि का अधिग्रहण नहीं किया है. स्कीम में भूस्वामियों से अनुबंध कर पूरे क्षेत्र का विकास करते हुए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है तथा भूस्वामियों से उनको वापस दिए जाने वाले भूखंड के लिए विकास शुल्क लिया जाता है. प्लॉटों के पुनर्गठन के इस कार्य को वहां की जनता ने बड़े ही हर्ष से स्वीकार किया है. वहां के अधिकारी बताते हैं कि भूस्वामी स्वयं उनके पास आते हैं और अपनी भूमि प्राधिकरण को देते हैं ताकि उनकी भूमि नगर विकास स्कीम के अन्तर्गत शामिल हो जाए तथा क्षेत्र का विकास होने से उन्हें भी आर्थिक लाभ हो. रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम में शामिल भूस्वामियों पर इस बात का कोई बंधन नहीं होगा कि वे अपनी भूमि किसी को नहीं बेच सकते वरन वे इस बात के लिए स्वतंत्र होंगे कि वे किसी को भी अपनी भूमि का विक्रय कर सकें तथा उसमें मास्टर प्लॉन में उल्लेखित भूउपयोग के अनुसार मानचित्र सक्षम अधिकारी से अनुमोदित करवा कर अपने भूखंड का विकास और उस पर निर्माण कर सकें.
छत्तीसगढ़ शासन का नगर तथा ग्राम निवेश विभाग नगर विकास की योजना अर्थात मास्टर प्लॉन तैयार करने का कार्य करता है. जबकि नियम के अनुसार रायपुर विकास प्राधिकरण का गठन स्‍थानीय प्राधिकारी के रूप में मास्टर प्लॉन को क्रियान्वित करने के लिए किया गया है. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का भी यह मानना है कि रायपुर नगर में बुनियादी अधोसंरचनाओं के विकास नहीं होने शहर का अनियमित रुप से विकास हुआ है. इसलिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सुव्यवस्थित और बेहतर जीवन के लिए टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम का क्रियान्वयन आवश्यक हो गया है. इसलिए गुजरात के शहरी विकास के अनुभव के आधार पर रायपुर विकास प्राधिकरण राजधानी रायपुर के सुव्यवस्थित विकास और राज्य़ शासन के सुशासन की नीति के आधार पर टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम क्रियान्वयन की दिशा में कार्य कर रहा है जो लोकहित में है तथा एक कल्याणकारी योजना है.


Jul 2, 2009

सबसे पहले सेक्टर चार के डूंडा, बोरियाखुर्द टिकरापारा देवपुरी व डुमरतराई ग्राम पर बनेगी योजना










टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम पर कार्रवाई हुई तेज
रायपुर 02 जुलाई 2009. शहर की टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम को सिध्दांततः सहमति मिलने के बाद रायपुर विकास प्राधिकरण ने योजना पर कार्रवाई तेज कर दी है.शहर विकास की इन ऩई योजनाओं के संबंध में प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज प्रस्तावित आठ योजनाओं में सबसे पहली योजना सेक्टर चार का स्थल निरीक्षण किया.इस सेक्टर के अन्तर्गत ग्राम डूंडा,बोरियाखुर्द, टिकरापारा, देवपुरी और डुमरतराई को शामिल किया गया है. अहमदाबाद में शहर के विकास की दिशा में भूअर्जन के बदले भू स्वामियों के भूमि का पुर्नगठन करते हुए बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई है. यह योजना भी उसके अनुरुप ही बनाई जा रही है.

श्री कटारिया ने प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ इन गावों में तकनीकी शाखा द्वारा करवाए गए सर्वेक्षण मानचित्र का परीक्षण किया. स्थल पर उन्होंने कहा कुछ और खाली क्षेत्रों को भी योजना सीमा में शामिल किया जाए. उन्होंने पुराना धमतरी रोड स्थित बोरियातालाब, टिकरापारा, डूंडा व देवपुरी सहित डुमरतराई ग्राम के खाली पडें क्षेत्रों सहित विकसित हो रही आवासीय कालोनियों का निरीक्षण किया. प्राधिकरण की सेक्टर चार की प्रस्तावित योजना क्षेत्र में नहर,हरित क्षेत्र के साथ ही आमोद प्रमोद व बोरिया तालाब स्थित है. योजना क्षेत्र में प्रस्तावित मास्टर प्लॉन के अनुसार विभिन्न चौड़ाई के चार प्रमुख नगरीय मार्ग, एक रिंग रोड, आवासीय एवं वाणिज्यिक के साथ ही सार्वजनिक एवं अर्ध्द सार्वजनिक का भू उपयोग भी निर्धारित है. इस कारण पुराना धमतरी रोड से नया धमतरी राजमार्ग के बीच यह स्थान टॉऊन डेव्हलपमेंट के लिए काफी उपयुक्त पाया गया है.इस अवसर पर प्राधिकरण के प्रभारी अधीक्षण अभियंता दुर्गाशंकर परोहा, कार्यपालन अभियंता पी.आर.नारंग, संपदा अधिकारी प्रीतपाल सिंह होरा, सहायक अभियंता पी.एम.कोल्हे, अनवर खान, योगेश साहू, के.पी.देवागंन, अनिल गुप्ता, राजीव अग्रवाल, राजस्व अधिकारी प्रणव सिंह, उप अभियंता एच. पी. पंडरिया, राजस्व विभाग के पटवारी तथा योजनाकार भी उपस्थित थे.

Jul 1, 2009

आरडीए के ट्रैक्टर चालक दुलाल विश्वास सेवानिवृत


रायपुर 01 जुलाई 2009,रायपुर विकास प्राधिकरण के ट्रैक्टर चालक श्री दुलाल विश्वास कल सेवानिवृत हो गए.प्राधिकरण के प्रभारी अधीक्षण अभियंता श्री दुर्गाशंकर परोहा ने श्री विश्वास को श्रीफल व शाल देकर उनकी लंबी सेवाओं के लिए सम्मानित किया उन्होंने कहा कि वे योजना स्थल के एक कर्मठ कर्मचारी रहे है. इस अवसर पर प्राधिकरण कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह सेंगर ने भी श्री विश्वास को श्रीफल दे कर उनके दीर्घायु होने की कामना की.इस मौके पर श्री विश्वास को सी.पी.एफ.की राशि चेक भी प्रदान किया गया.
इस अवसर पर श्री विश्वास ने बताया कि वे 30साल पहले अपने एक रिश्तेदार के आमंत्रण कोलकात्ता से रायपुर आए थे.यहां उन्होंने प्राधिकरण में हेल्पर के रुप में देवेन्द्रनगर से अपनी नौकरी की शुरुआत की.अपनी नौकरी के दौरान उन्होंने रायपुर विकास प्राधिकरण की देवेन्द्रनगर योजना में माल ढ़ुलाई और पानी के टैंकर को लाने ले जाने का कार्य किया.रायपुर के पंडरी में रहने वाले श्री दुलाल कहते है कि उन्हे छत्तीसगढ़ काफी अच्छा लगा इसलिए उनका परिवार भी यहीं बस गया है.

Jun 27, 2009

अहमदाबाद विकास मॉडल पर होगी आरडीए की टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम


मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दी योजना की स्वीकृति
रायपुर 27 जून 2009, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि रायपुर शहर को मास्टर प्लॉन के अनुसार व्यवस्थित रुप से विकसित किया जाएगा.इस हेतु उन्होंने रायपुर विकास प्राधिकरण की टॉऊन डेव्लपमेंट स्कीम शुरु करने के लिए राज्य शासन से राशि दिए जाने की भी सहमति प्रदान की.प्राधिकरण टाटीबंध रिंग रोड से तेलीबांधा रिंग रोड के किनारे तथा बलौदाबाजार मार्ग तक के सभी गांवों को आठ सेक्टरों में विभाजित टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम का क्रियान्वयन करेगा.
मंत्रालय में आज हुई एक बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर शहर में अधोसंरचना विकास नहीं होने के कारण दिक्कतें बढ़ी है. इसलिए राजधानी को सुव्यवस्थित रुप विकासित करने की आवश्यक्ता है.उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की इन योजनाओं के साथ छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का भी सहयोग लिया जा सकता है. आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने इस अवसर पर कहा कि विकास योजना के अनुरुप शहर का विकास किए जाने से आम लोगों की भूमि एवं आवास से संबंधी दिक्कतें भी दूर होगी और उन्हे राहत मिलेगी.
टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम (नगर विकास योजना)की अवधारणा के संबंध में रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया नें मुख्यमंत्री के समक्ष एक प्रस्तुतिकरण किया.उन्होंने बताया कि रायपुर की उत्तर दिशा में औद्योगिक विकास के साथ आबादी का अनियोजित विकास हुआ है. इस कारण वहां व्यवस्थित रुप से विकास की संभावना कम है. वर्तमान में रिंग रोड नम्बर 2 के साथ लगे हुए क्षेत्र में मास्टर प्लॉन में दिए गए भू उपयोग के अनुसार विकास की बेहतर संभावना है.श्री कटारिया ने कहा कि टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के अन्तर्गत हम इन क्षेत्रों में भूअर्जन कर भूखंड विकसित नहीं करेंगे वरन योजना क्षेत्र अधोसंरचना का विकास कर बदले में भूस्वामियों को उनके क्षेत्र में ही लगभग 30 प्रतिशत विकसित भूमि देगें. अन्य भूमि सड़क, नाली, उद्यान, खेल मैदान इत्यादि में उपयोग होगी. योजना में आने वाली व्यावसायिक उपयोग की भूमि के विक्रय से जो राशि प्राप्त होगी उससे अधोसंरचना का विकास किया जाएगा.
बैठक में बताया गया कि मास्टर प्लॉन में भू उपयोग के अनुसार ही अधोसंरचना विकसित किया जाएगा. टॉऊन डेवल्पमेंट स्कीम के क्रियान्वयन से भूस्वामियों के भूखंड की कीमत भी काफी वृध्दि होगी और इसके विक्रय से उन्हे अच्छा लाभ होगा. श्री कटारिया ने बताया कि अब तक रायपुर शहर में विकास योजना के अनुरुप वृहद रुप से विकास नहीं हुआ है पूर्व में जो भी विकास हुआ है वह छोटे स्तर पर हुआ है. वर्तमान में राजधानी के बढ़ते स्वरुप के फलस्वरुप अहमदाबाद शहर में रिंग रोड के विकास मॉडल के अनुरुप टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम लिया जाना आवश्यक हो गया है.
श्री कटारिया ने बताया कि प्राधिकरण ने टाटीबंध रिंग रोड से तेलीबांधा रिंग रोड तक के किनारे तथा बलौदाबाजार मार्ग तक के सभी क्षेत्रों को आठ सेक्टरों में विभाजित कर सर्वेक्षण करवा लिया गया है.इन क्षेत्रों में मास्टर प्लॉन के में दिए गए भूउपयोग के अनुसार बेहतर विकास की संभावनाएं है.
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार ने काफी समय से भूखंड आवंटन की कोई योजना नहीं बनाई है इसलिए शहर का अनियोजित विकास हुआ है. राजधानी के व्यवस्थित विकास के लिए प्राधिकरण के माध्यम से टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम तैयार होना समय की मांग है. इन योजनाओं में सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है इसलिए आगामी तीन सालों में शहर को व्यवस्थित स्वरुप दिया जा सकता है. बैठक में मुख्य सचिव श्री पी.जॉए. ओम्मेन, आवास एवं पर्यावरण सचिव श्री बैजेन्द्र कुमार,मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री अमन सिंह, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव व छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त श्री सुबोध कुमार सिंह,रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया उपस्थित थे.

Jun 22, 2009

रायपुरा फ्लैट्स के पंजीयनकर्ताओं से आपत्तियां आमंत्रित

- रायपुरा के फ्लैट्स के पंजीयनकर्ताओं की सूची जारी -
- आरडीए ने 27 जून तक आपत्तियां आमंत्रित की -


रायपुर 22 जून 2009, छत्तीसगढ़ शासन की गरीबों को आवास देने की डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना रायपुरा फ्लैट्स आवंटन हेतु पंजीयनकर्ताओं की सूची रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी कर 27 जून तक आपत्तियां आमंत्रित की है. प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार रायपुरा में राज्य प्रवर्तित न्यून निम्न आय वर्ग की योजना के लिए जिन आवेदकों के पंजीयन वैध पाए गए है. उनके नामों की सूची कार्यालय में देखी जा सकती है. सूची कलेक्टर कार्यालय रायपुर, तहसील कार्यालय तथा रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय के सूचना पटल में अवलोकन किया जा सकता है. जिन आवेदकों को इस संबंध में कोई आपत्ति हो वे 27 जून तक अपनी लिखित आपत्ति प्राधिकरण कार्यालय प्रस्तुत कर सकते हैं. प्राधिकरण द्वारा आपत्तियों के निराकरण के उपरांत अंतिम सूची जारी की जाएगी तथा इसके बाद कलेक्टर रायपुर द्वारा गठित समिति व पंजीयनकर्ताओं की उपस्थिति में लाटरी द्वारा फ्लैट्स का आवंटन किया जाएगा.

May 13, 2009

अहमदाबाद भू अर्जन मॉडल का अध्ययन करने आरडीए का दल रवाना

रायपुर 13 मई 2009, शहर की नई योजनाओं में भूअर्जन की प्रक्रिया का अध्ययन करने आज रायपुर विकास प्राधिकरण का एक दल अहमदाबाद रवाना हुआ. प्राधिकरण अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज के नेतृत्व में गया दल अहमदाबाद के विकास में निजी भूस्वामियों से ली जाने वाली भूमि के अर्जन की प्रक्रिया का अध्ययन करेगा जो वहां काफी लोकप्रिय हुई है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार यदि अहमदाबाद माडल के आधार पर निजि भू स्वामियों से भूमि उपलब्ध होती है तो इससे शहर विकास की नई योजनाएं काफी कम समय में क्रियान्वित हो सकेगी.
वर्तमान में रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा निजी भूस्वामियों से भूमि लेने के लिए दो में से किसी एक प्रक्रिया को अपनाता है. इसके अन्तर्गत या तो अनिवार्य भू अर्जन से भूमि ली जाती है या आपसी समझौते से. जानकारी के अनुसार. अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण की निजी भूस्वामियों से ली जाने वाली भूमि की प्रक्रिया काफी सरल है और लाभदायी है. इसलिए वहां निजी भूस्वामियों ने विकास योजनाओं के लिए शासन को भूमि देने में काफी रुचि दिखाई है. आरडीए की टीम कल अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री पी.पन्नीरवल से मिलेगी. श्री पन्नीरवल प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी है और उन्होंने इ गवर्नेस के प्रबंधन पर एक पुस्तक भी लिखी है. टीम इसके बाद अहमदाबाद नगर निगम के आयुक्त श्री आई. पी. गौतम से भी मिलेगी और वहां विकास की योजनाओं की जानकारी लेगी.
उल्लेखनीय है कि रायपुर विकास प्राधिकरण ने इस वर्ष के अपने बजट में 9 नई विकास योजनाओं की घोषणा की है. रायपुर की विकास योजना 2021 अर्थात मास्टर प्लॉन में उल्लेखित भू उपयोग के अनुसार विकास की योजना तैयार करने की दिशा में प्राधिकरण ने टाटीबंध में एक नए ट्रॉंसपोर्टनगर बनाने के लिए गत सप्ताह तकनीकी सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया है. इसी तरह इन्टीग्रेटेड टाऊनशिप योजना के अन्तर्गत डूंडा में कमल विहार आवासीय योजना का भी तकनीकी सर्वेक्षण किया गया है. अब इन दोनो योजनाओं हेतु लेआऊट व डिटेल प्रोजेक्ट तैयार कर छत्तीसगढ़ शासन की स्वीकृति हेतु भेजा जाएगा.
रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा घोषित 9 नई विकास योजनाओं में रायपुरा – सरोना, भाठागांव, बोरियाखुर्द, देवपुरी, डुमरतराई, लाभान्डीह व दलदल सिवनी में भी भू उपयोग के अनुसार सर्वेक्षण के बाद अभिन्यास व डिटेल प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा. अहमदाबाद रवाना हुए दल में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज के साथ प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, श्री जाहिद अली संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश, श्री एम.के.गुप्ता नगर निवेशक नगर निगम, श्री पी.आर.नारंग कार्यपालन अभियंता, श्री प्रीतपाल सिंह होरा संपदा अधिकारी, श्री प्रणव सिंह राजस्व अधिकारी, श्री राजीव अग्रवाल सहायक अभियंता रायपुर विकास प्राधिकरण शामिल है.

टाटीबंध में नए ट्रांसपोर्टनगर के लिए सर्वेक्षण पूरा अब लेआऊट बनेगा



0 निगम को योजनाएं हस्तांतरण के लिए टीम गठित
0 होर्डिंग्स, विज्ञापन बोर्ड/साईन बोर्ड्स एवं मोबाईल टॉवर हेतु बनेगा विनियमन 0


रायपुर 13 मई 2009, रायपुर शहर में एक और ट्रांसपोर्टनगर के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने पहल शुरु कर दी है. टाटीबंध में बनने वाले शहर के दूसरे ट्रांसपोर्टनगर हेतु तकनीकी सर्वेक्षण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है. प्राधिकरण संचालक मंडल ने कल हुई बैठक में योजना को शुरु करने के संबंध में अपनी सहमति दे दी. अब योजना के संबंध में राजपत्र में प्रकाशन करते हुए राज्य़ शासन को अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा. प्राधिकरण के योजना क्षेत्रों में बिना अनुमति के आवासीय व व्यावसायिक भूखंड़ों पर मोबाईल टॉवर लगाए गए है उनके भूखंड व भवन का पट्टा निरस्त करने के लिए नोटिस दी जाएगी. संचालक मंडल ने प्राधिकरण की योजनाओं में होर्डिंग्स, विज्ञापन बोर्ड/साईन बोर्ड्स एवं मोबाईल टॉवर लगाने के संबंध में विनियमन बनाने के लिए प्राधिकरण स्तर पर एक समिति गठित करने का निर्णय लिया.
प्राधिकरण अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल बैठक में जानकारी दी गई कि इन्टीग्रेटेड टाऊनशिप योजना के अन्तर्गत डूंडा में कमल विहार योजना में शासन द्वारा 416.93 एकड़ क्षेत्र में योजना की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है अतः इस आशय का प्रकाशन राजपत्र में किया जाए. योजना की प्रक्रिया शुरु की जाए. संचालक मंडल ने डूंडा योजना हेतु लगभग 7 सौ एकड़ भूमि पर विस्तार योजना बनाने के लिए पर भी सहमति व्यक्त की. बैठक में 174.40 लाख रुपए की लागत से डॉ.खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा के 123 भूखंड़ो पर 118 दुकानें तथा 24 हॉल निर्माण की निविदा को भी स्वीकृति प्रदान की.
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने जानकारी दी कि प्राधिकरण की विकसित योजनाओं को संधारण के लिए नगर निगम को हस्तांतरित करने प्राधिकरण के अधिकारियों की एक टीम गठित की गई है जो निगम अधिकारियों के साथ संयुक्त रुप से दौरा कर हस्तांतरण की कार्रवाई करेगी. प्राधिकरण की विकसित योजनाओं में शैलेन्द्रनगर, कटोरातालाब सेक्टर 1,5 व 7, न्यू राजेन्द्रनगर जनता मकान व पुराना राजेन्द्रनगर, देवेन्द्रनगर सेक्टर 4 व 5, साई नगर, इंदिरा प्रियदर्शनी नगर (त्रिमूर्तिनगर) देवेन्द्रनगर, शारदा चौक आवासीय एवं व्यावसायिक, देवेन्द्रनगर कपड़ा मार्केट, मठपुरैना, एल.पी.जी.शवदाह गृह व मेकेनिक नगर टाटीबंध को हस्तांतरित किया जाना है.
संचालक मंडल की बैठक में अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, श्री एम.डी. दीवान उपसचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के संयुक्त संचालक द्वय श्री बी.पी. मालवीय व श्री जाहिद अली, श्री एच. के चन्दनिहा अधीक्षण अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी व श्री विनोद मिश्रा सहायक वन संरक्षक उपस्थित थे.

May 11, 2009

टी.आर. देवांगन के निधन पर आरडीए में शोक

रायपुर 11 मई 2009, रायपुर विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता श्री टी.आर. देवांगन के आकस्मिक निधन पर आज प्राधिकरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रख कर उन्हें भावभीनी श्रध्दाजंलि दी. इस अवसर पर श्री देवांगन के शहर निर्माण में योगदान का भी स्मरण किया गया. प्राधिकरण की देवेन्द्रनगर योजना में चाणक्य अपार्टमेंट व सेक्टर एक में शॉपिंग काम्पलेक्स, सांई नगर के फ्लैट्स, महिला वसृति गृह के निर्माण में उनकी अहम भूमिका थी. छत्तीसगढ़ राज्य बनने का बाद श्री देवांगन ने आवास एवं पर्यावरण विभाग में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के रुप में भी अपनी सेवाएं दी थी. श्री देवांगन का कल सुबह भिलाई के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था दोपहर में मारवाड़ी श्मशानघाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया

Apr 30, 2009

आरडीए के सहायक मानचित्रकार अब्दुल कुरैशी सेवानिवृत

रायपुर 30 अप्रैल 2009,रायपुर विकास प्राधिकरण के सहायक मानचित्रकार श्री अब्दुल कुरैशी आज सेवानिवृत हो गए. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया नें उन्हें श्रीफल,शाल देकर उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया, साथ ही उन्होंने भविष्यनिधि राशि का चेक भी प्रदान किया.
नगर सुधार न्यास के समय से नीलमुद्रक के रुप में नौकरी शुरु करने वाले श्री कुरैशी ने ३५ साल तक अपनी सेवाएं प्राधिकरण को दी.इस अवसर पर प्राधिकरण के प्रभारी अधीक्षण अभियंता श्री डी0 एस0 परोहा ने स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुए श्री कुरैशी के सेवाओं की सरहाना की. कर्मचारी संघ के सचिव अब्दुल आरिफ सहित तकनीकी,राजस्व,स्थापना तथा लेखा शाखा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्री कुरैशी के सुखद भविष्य की कामना की.

Apr 6, 2009

देवेन्द्रनगर में 19 अवैध होर्डिंग्स हटाए गए









आरडीए ने देवेन्द्रनगर में 19 अवैध होर्डिंग्स हटाए
अवैध होर्डिंग्स पर प्रचार करवाने वालों पर भी होगी कार्रवाई

रायपुर 06 अप्रैल 2009, रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज देवेन्द्रनगर योजना मे लगे 19 अवैध होर्डिंग्स हटा दिए. आरडीए की कालोनियों में अवैध होर्डिंग्स हटाने की कार्रवाई कल भी जारी रहेगी. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने परसों हुई एक बैठक में ऐसे समस्त होर्डिंग्स को सख्ती के साथ हटाने का निर्देश दिया था. उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि वे अब अवैध होर्डिंग्स पर प्रचार करवाने वालों पर भी कार्रवाई करें.
शहर में बेतरतीब ढ़ंग से बढ़ रहे अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जाती रही है पर कुछ समय के बाद विज्ञापन एजेंसिया पुनः बिना किसी अनुमति के होर्डिंग्स लगा देती है. श्री कटारिया ने होर्डिंग्स हटाने की जिम्मेदारी आरडीए के संपदा अधिकारी प्रीतपाल सिंह होरा को सौपतें हुए निर्देश दिया था कि ऐसी व्यवस्था की जावे ताकि पुनः होर्डिंग्स न लग पाए. फलस्वरुप होर्डिंग्स हटाने के साथ ही लोहे के गर्डरों को भी वेल्डिंग मशीन के साथ काट कर जप्त किया गया. आज देवेन्द्रनगर के व्यावसायिक क्षेत्र के कपड़ा मार्केट में चार, महालक्ष्मी मार्केट में पांच, पारसनगर श्मशान के पास छह, छोटी लाईन रेल्वे क्रॉसिंग के पास से चार होर्डिंग्स हटाए गए. होर्डिंग्स हटाने की इस कार्रवाई में योजना के सहायक अभियंता के.पी.देवांगन, बी.के. ठाकुर शामिल थे. श्री कटारिया के अनुसार अवैध होर्डिंग्स लगाने वाली एजेंसियों के साथ – साथ जिन संस्थाओं या फर्मों के प्रचार वाले विज्ञापन या फ्लेक्स लगेगें उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

Feb 26, 2009

आरडीए शहर के चारो ओर समन्वित शहर विकास की 9 नई बड़ी योजनाएं बनाएगा









0 आरडीए का नगद आवक – जावक का 1 अरब 9 करोड़ 24 लाख 98 हजार का बजट 0
विकास योजनाओं पर 78.90% का व्यय और स्थापना पर 6.89%, नगर निगम को हस्तांतरित होगीं 09 कालोनियां, भूखंडों के पट्टों का नवीनीकरण शपथपत्र देने पर, राज्य शासन की मदद से इ – गवर्नेंस योजना लागू करने की पहल, मास्टर प्लान का क्रियान्वयन करेगा आरडीए, टाटीबंध में भी ट्रांसपोर्टनगर
रायपुर, 26 फरवरी 2009, राजधानी के बढ़ते स्वरुप को बेहतर बनाने की दिशा में रायपुर विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2009 - 10 के बजट में नौ नई बड़ी योजनाएं प्रस्तावित की हैं. रायपुर के समन्वित विकास की दिशा में प्राधिकरण की इस पहल से उम्मीद है कि शहर के विकास में पूंजी निवेश को तो बढ़ावा मिलेगा ही और साथ ही अच्छी अधोसंरचना का विकास भी होगा. प्राधिकरण के संचालक मंडल की बजट बैठक में उसके द्वारा विकसित 9 कालोनियों को भी नगर निगम के हस्तांतरण किए जाने की बात कही गई है. नागरिकों को एकल खिड़की सुविधा देने के बाद अब राज्य शासन की मदद से इ – गवर्नेंस योजना लागू करने की भी पहल प्राधिकरण द्वारा की जाएगी. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज ने आज एक प्रेस वार्ता में उक्त जानकारी दी.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने कल हुई संचालक मंडल की बैठक में वर्ष 2009-10 का नगद आवक – जावक का बजट प्रस्तुत किया. बजट एक अरब नौ करोड़ चौबीस लाख अठानबे हजार रुपए का है. जिसमें 89 करोड 67 लाख 68 हजार रुपए की आय तथा एक अरब 8 करोड़ 42 लाख 11 हजार का व्यय संभावित है. प्राधिकरण कोष में पूर्व से ही 19 करोड़ 57 लाख 30 हजार रुपए जमा है. बजट में प्राधिकरण की विकास एवं निर्माण योजनाओं में 86 करोड़ 20 लाख 10 हजार रुपए खर्च होगें जो बजट का 78.90 प्रतिशत है. स्थापना में 7 करोड़ 53 लाख 7 हजार का व्यय होगा जो बजट का 6.89 प्रतिशत है. जबकि कार्यालय एवं प्रशासनिक व्यय के लिए एक करोड़ 90 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है.
अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज व सीईओ श्री अमित कटारिया ने कहा कि राजधानी बनने के बाद रायपुर की जनसंख्या में बेतहाशा वृध्दि हुई है. वर्तमान में शहर की आबादी लगभग 11 लाख है. 2011 तक यह बढ़कर 15 लाख और सन् 2021 में 25 लाख हो जाएगी. इसीलिए आरडीए रायपुर विकास योजना 2021 (मास्टर प्लॉन) के अनुरुप राजधानी का विकास करेगा. उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के क्रियान्वयन की दिशा में युक्तियुक्त ढ़ंग से कार्य नहीं होने के कारण शहर में अवांछित भूमि का विकास हुआ और अनाधिकृत कालोनियां बढ़ी है. अनियोजित रुप से सामूहिक आवासों का निर्माण तथा निचले क्षेत्रो में गन्दी बस्तियों का विकास हुआ है जिससे नहर व तालाबों में प्रदूषण बढ़ा है. निम्न स्तरीय भौतिक एवं सामाजिक अधोसंरचना वाले क्षेत्रों का विकास हुआ. वाणिज्यिक क्षेत्रों के केन्द्रीकरण से सकरी सड़कें व गलियां बनी. सड़को पर अतिक्रमण व अवैध पार्किंग से कई समस्याएं उठ खड़ी हुई है. इसलिए राज्य शासन की मंशा के अनुरुप प्राधिकरण द्वारा शहर के बाहरी इलाकों में नई योजनाएं बनाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा. इस हेतु नौ स्थानों को चिन्हित किया गया है. इनमें टाटीबंध में रेल्वे लाईन के समांतर लगभग 260 एकड़ रिक्त भूमि पर एक और ट्रांसपोर्टनगर विकसित किए जाने का प्रस्ताव है. यहां पहले से ही प्राधिकरण द्वारा मैकेनिक नगर विकसित किया गया है. रायपुरा व सरोना, भाठागांव, बोरियाखुर्द, डूंडा में कमल विहार योजना, देवपुरी, डुमरतराई, लाभान्डीह, दलदल सिवनी में बड़ी समन्वित विकास की योजनाएं तैयार किए जाने का प्रस्ताव है. भनपुरी से हीरापुर की रिंग रोड के किनारे के रिक्त भूमि में भी योजनाएं बनाने पर भी विचार किया जा रहा है. श्री बजाज ने कहा कि इन सभी योजनाओं क्षेत्रों का विकास योजना के अनुरुप आवासीय, व्यावसायिक, प्रशासनिक व संस्थागत, शैक्षणिक, सार्वजनिक, अर्ध्द सार्वजनिक, मंडी, आमोद - प्रमोद, मिश्रित भू उपयोग, सामाजिक, सांस्कृतिक, डेयरी, उद्यान, वर्गीकृत बाजार, साप्ताहिक बाजार, आमोद – प्रमोद, मनोरंजन स्थल, खेल मैदान विकसित किए जाने पर विचार किया जा रहा है. प्राधिकरण द्वारा शीघ्र ही इन स्थानों का सर्वेक्षण कर योजनाएं तैयार कर उसे शासन की स्वीकृति के लिए भेजेगा. उन्होंने कहा कि शहर में बेहतर अधोसंरचना विकसित करने के लिए प्राधिकरण बड़ी योजनाओं पर ही काम करेगा इसमें रिंग रोड का निर्माण भी शामिल है. जिससे राजधानी वासियों को संपूर्ण रुप से यह अहसास हो कि नई तकनीक व प्रौद्योगिक परिवर्तन के साथ शहर का भी बेहतर विकास हो सकता है.
आरडीए के सीईओं श्री कटारिया ने कहा कि प्राधिकरण का कार्य नई योजनाएं बनाना और उसे विकसित करना है इसके बाद रख रखाव अर्थात संधारण का कार्य नगर निगम का है. इसीलिए प्राधिकरण द्वारा पूर्ण रुप से विकसित की गई कालोनियों को शीघ्र ही नगर निगम रायपुर को हस्तांतरित कर दी जाएगी. इसमें शैलेन्द्रनगर, कटोरातालाब सेक्टर 1, 5, 6 व 7, न्यू राजेन्द्रनगर व पुराना राजेन्द्रनगर, देवेन्द्रनगर सेक्टर 4 व 5, कपड़ा मार्केट, शारदा चौक आवासीय एवं व्यावसायिक योजना, सांई नगर, इंदिरा प्रियदर्शनी नगर (त्रिमूर्तिनगर,फाफाडीह), एल. पी. जी. शवदाह गृह, मठपुरैना योजना तथा टाटीबंध मैकेनिक नगर को नगर निगम को सौपने का प्रस्ताव बजट में पारित किया गया. उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 1991 में प्राधिकरण द्वारा देवेन्द्रनगर सेक्टर 1,2 व 3, जलविहार तथा टिकरापारा कालोनी रखरखाव के लिए नगर निगम को हस्तांतरित किया था. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण में इ – गवर्नेंस योजना लागू करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है. इसके अन्तर्गत प्राधिकरण की कार्यालयीन गतिविधियों का कम्प्यूटरीकरण कर हितग्राहियों को बेहतर और त्वरित सेवा देने का प्रयास किया जाएगा. प्राधिकरण की निविदाएं प्रक्रिया भी ई – टेन्डरिंग के अन्तर्गत लाई जाएंगी.
श्री बजाज ने बताया कि गरीबों के लिए रायपुरा में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत 972 फलैट्स अप्रैल तक बन कर तैयार हो जाएंगे. यहां बुनियादी सुविधाओं के लिए 10 दुकानें तथा सामुदायिक हॉल का निर्माण भी मई तक पूरा कर लिया जाएगा. इसी प्रकार बोरियाखुर्द में 1800 फ्लैट्स सहित 30 दुकानें तथा दो कम्युनिटी हॉल का निर्माण सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा. गरीबों के बन रहे इस योजना में गरीबों के लिए फ्लैट्स का पंजीयन प्राधिकरण कार्यालय में किया जा रहा है. पंजीयन की राशि मात्र 20 हजार रुपए हैं. रायपुरा में प्रस्तावित 302 डुप्लेक्स फ्लैट्स का निर्माण शीघ्र ही शुरु कर दिया जाएगा साथ ही यहां 120 मल्टीस्टोरी फ्लैट्स बनाया जाना प्रस्तावित है. डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा की जानकारी देते अध्यक्ष ने कहा वहां एक हजार से ज्यादा भूखंड विकसित किए गए है. ट्रांसपोर्टनगर में कारोबार में तेजी लाने के लिए लगभग 97 वर्गफुट की 135 दुकानें बनाने का निर्णय लिया गया है. योजना क्षेत्र में दो सुलभ शौचालय और ट्रक चालकों और क्लीनर के लिए विश्राम के लिए चार शेड का निर्माण भी किया जा रहा है. प्राधिकरण द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विद्युत शवदाह गृह को परिवर्तित कर एल.पी.जी.शवदाह गृह को भी अच्छी सफलता मिली है. नगर की स्वयंसेवी संगठन बढ़ते कदम द्वारा भी एल.पी.जी.शवदाह गृह में अंतिम संस्कार के लिए लोगो को प्रेरित किए जाने के कारण जनमानस में इसके प्रति एक सकारात्मक सोच विकसित हुई है. बाजारों के विकेन्द्रीकरण की दिशा में न्यू राजेन्द्रनगर में गोविंद सांरग व्यावसायिक परिसर का निर्माण पूर्णता की ओर है. कटोरातालाब सेक्टर 6-7 में भक्त माताकर्मा व्यावसायिक परिसर का निर्माण इसी साल पूरा हो जाएगा. बैठक में इस साल के अंत तक बन कर पूरा हो जाने वाले देवेन्द्रनगर के सिटी सेन्टर कम मल्टीप्लेक्स के चारो ओर क्रांक्रीट सड़क निर्माण को भी स्वीकृति दी गई. भूखंड के पट्टा नवीनीकरण के संबंध में निर्णय लिया गया कि भूखंडधारियों द्वारा अतिरिक्त निर्माण कि स्थिति में नियमितीकरण कराए जाने का शपथपत्र दिए जाने पर नवीनीकरण किया जाएगा. प्राधिकरण के उप अभियंताओं को चार स्तरीय वेतनमान एवं अन्य कर्मचारियों को समयमान वेतनमान देने के शासन के आदेश पर भी सहमति व्यक्त की गई.प्राधिकरण की कल हुई संचालक मंडल की बजट बैठक में अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज, आरडीए के सीईओ व आयुक्त नगर निगम श्री अमित कटारिया, उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन, आवास एवं पर्यावरण श्री एम.डी.दीवान, संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्री व्ही. पी. मालवीय, नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर के संयुक्त संचालक श्री जाहिद अली, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अधीक्षण अभियंता श्री एस. के. चन्दनिहा तथा प्राधिकरण के लेखाधिकारी श्री संदीप सिंह पॉल उपस्थित थे.




Feb 13, 2009

शहर की अवैध कालोनी हटाई जाएंगी



  • शहर के तीन दिशाओं में निगम आयुक्त ने देखा अवैध कालोनियां का निर्माण
  • शहर की अवैध कालोनी हटाई जाएंगी

रायपुर 13 फरवरी 2009, अवैध रुप से कालोनी बना कर आम आदमी को भूखंड बांटने की प्रक्रिया को रोकने के लिए नगर निगम और सख्ती करेगा. नगर निगम के आयुक्त और रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज कहा कि आम आदमी को धोखे में रख कर अवैध भूखंड बेचने और अवैध कालोनी बनाने वालों को शासन किसी प्रकार का प्रश्रय नहीं देगा. श्री कटारिया ने कहा कि राज्य शासन सभी को भूखंड और आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है इसलिए जनता को चाहिए कि वे अवैध भूखंड या मकान न खरीदें. उन्होंने कहा कि शासन के विभिन्न विभाग आवास निर्माण की दिशा में काफी कार्य कर रहें है और आने वाले दिनों में सभी वर्ग के लोगो के लिए गुणवत्तायुक्त आवास आसानी से उपलब्ध होंगे.
श्री कटारिया ने आज छह घंटे तक निगम और प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ शहर के बाहरी क्षेत्रों का दौरा कर अनियमित रुप से हो रहे विकास का अवलोकन किया. उन्होंने रायपुरा में महादेव कृषि फार्म द्वारा बनाया गया बड़ा प्रवेश द्वार तथा कच्ची सड़कें देखी. यहां नगर निगम द्वारा कालोनी के अवैध होने की आम सूचना भी लगाई गई है. आम सूचना के बोर्ड में कहा गया है कि यह कालोनी अवैध है. इसका भू अभिन्यास स्वीकृत नहीं है. यहां बिना अनुमति के निर्माण पर कार्रवाई की जाएगी. ऐसी आम सूचनाओं का बोर्ड नगर निगम द्वारा कई स्थानों पर लगाया जा रहा है. निगम आयुक्त ने आज रायपुरा, सरोना, भाठागांव, चंगोरभाठा, बोरियाखुर्द, डूंडा, लाभान्डीह, डुमरतराई, देवपुरी दलदल सिवनी के क्षेत्रों में जा कर ऐसे अनियमित विकास का निरीक्षण किया. उन्होंने पाया कि कृषि भूमि पर स्तरहीन निर्माण सामग्री का उपयोग कर सड़कें बनाई जा रही है. कई स्थानों पर क्रांक्रीट के पोल लगाकर घेराबंदी की गई है. कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य भी किया जा रहा है. श्री कटारिया ने अधिकारियों को कहा कि वे नियम उल्ल्घंन कर ऐसे भूखंड विकसित करने के कार्यों को सख्ती से रोकें तथा ऐसे व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करें. श्री कटारिया ने कहा अवैध रुप से किए जा रहे सड़क व भवन निर्माण को नियमानुसार हटाने की कार्रवाई भी की जाए.
उल्लेखनीय है कि गत दिनों कलेक्टर श्री सुबोध कुमार सिंह ने एक बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे राजधानी रायपुर समेत अवैध कालोनाइजर्स एवं बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें. श्री सिंह ने कहा था कि न केवल अवैध निर्माण तोड़े जाएं वरन दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी करें. इस हेतु उन्होंने सर्वे दल बना कर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए थे. बैठक मे कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जिन समितियों ने कालोनियों का समुचित विकास नहीं किया है उनके भूखंड मार्टगेज किए जाएं.

Feb 9, 2009

रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर में कैम्प कार्यालय शुरु


- जिला प्रशासन से चर्चा के बाद ट्रांसपोर्ट व्यवसायी आगे आए -

रायपुर 09 फरवरी 2009, ट्रांसपोर्टनगर के भूखंड पर निर्माण शुरु करने की दिशा में व्यवसायी अब आगे आने लगे है। आज रायपुर विकास प्राधिकरण व नगर पालिका परिषद द्वारा डॉ। खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा के लिए नवनिर्मित बस टर्मिनल में कैम्प कार्यालय प्रारंभ किया गया. कैम्प में आज लगभग 125 प्रकरणों पर कार्रवाई की गई. इसमें भूखंडों का कब्जा देने, मानचित्र के अनापत्ति प्रमाणपत्र व नल कनेक्शन के आवेदन पत्र प्राप्त करते हुए कार्रवाई की गई. कुछ व्यवसायियों ने भू – भाटक की राशि भी जमा कराई.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार ट्रांसपोर्टनगर में जिन्हे भूखंड आवंटित किया गया है उनको स्थल पर ही सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कैम्प कार्यालय शुरु किया गया है. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्टनगर में भूखंडों का विकास करते हुए सड़क, नाली, बिजली पानी की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई है.
कैम्प कार्यालय में योजना के प्राधिकरण के कार्यपालन अभियंता पी.आर.नारंग, सहायक यंत्री के.पी.देवांगन, अनिल गुप्ता मुकेश अवस्थी, सहायक राजस्व अधिकारी आर.एस. दीक्षित, उप अभियंता प्रमोद बैस, नगर पालिका परिषद बीरंगाव के सीएमओ. जी.एस. क्षत्री, सहायक अभियंता ओ.पी. मिश्रा उपस्थित थे.

Feb 7, 2009

ट्रांसपोर्ट नगर में 20 फरवरी तक निर्माण शुरु करें अन्यथा भूखंड निरस्त










- ट्रांसपोर्टनगर में कारोबार शुरु करने जिला प्रशासन सख्त -
- सड़कों पर ट्रकें खड़ी करने पर 21 से पुलिस कार्रवाई -

रायपुर 07 फरवरी 2009, जिला प्रशासन ने ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को 20 फरवरी तक ट्रांसपोर्टनगर में निर्माण कार्य शुरु करने का अल्टीमेटम दे दिया है. कलेक्टर श्री सुबोध कुमार सिंह आज रेडक्रॉस भवन में आयोजित बैठक में ट्रांसपोर्टरों से स्पष्ट रुप से कहा यदि 20 फरवरी के बाद रिंग रोड व भनपुरी की सड़को पर ट्रकें खड़ी की गई तो पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टनगर में आरडीए ने भूखंड विकसित करते हुए सड़क, नाली, बिजली पानी की सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी है इसलिए अब वहां कोई परेशानी नहीं है. आवंटितियों की समस्याओं के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर में सोमवार से एक कैम्प कार्यालय शुरु किया जा रहा है जिसमें बीरगांव नगर पालिका के सी.एम.ओ. भी मौजूद रहेंगे.
श्री सिंह ने कहा कि डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर में जिन्हे भूखंड आवंटित किए गए है उन्हे 20 फरवरी तक निर्माण कार्य शुरु करना होगा अन्यथा उनके भूखंड निरस्त कर दिए जाएगें. बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया और ट्रांसपोर्ट से जुडे विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और व्यवसायी उपस्थित थे.
कलेक्टर श्री सिंह ने आगे कहा कि रायपुर विकास प्राधिकरण ने शहर को व्यवस्थित करने की दिशा में ट्रांसपोर्ट से जुड़े व्वयासियों को सस्ती दर पर भूखंड उपलब्ध कराया है. कुछ लोगो ने इसे पूंजी निवेश की तरह लिया है यह एक गलत धारणा है. उन्होंने कहा कि सड़कों पर ट्रकें खड़ी होने से लोगो को चलने में दिक्कत हो रही है तथा सड़कें भी जाम हो रही है. जिन ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को भूखंड आवंटित किए गए हैं वे सोमवार से ट्रांसपोर्टनगर में आरडीए के कैम्प कार्यालय में जाकर रजिस्ट्री व नक्शा पास करायें. कुछ व्यवसायियों ने कहा कि आरडीए से नक्शा पास करने की एनओसी तो जल्दी मिल रही है पर बीरगांव नगर पालिका द्वारा विकास शुल्क के रुप में हजारों रुपए की मांग की जा रही जबकि आरडीए के भूखंड में विकास शुल्क की राशि सम्मिलित है. इस पर कलेक्टर ने कहा कि बीरगांव नगर पालिका को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए जाएगें.
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने कहा कि नियमों के अनुसार ट्रकें सड़कों पर खड़ी नहीं की जा सकती, इससे शहर की यातायात व्यवस्था में परेशानी हो रही है. इसलिए 21 फरवरी से कोई भी ट्रक सड़कों पर खड़ी मिली तो उस पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी. आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने कहा कि ट्रांसपोर्टर निर्माण का कार्य शुरु तो करें हम उनकी सारी परेशानी दूर करने को तैयार हैं. ट्रांसपोर्टरों द्वारा कारोबार शुरु करने की मंशा भी दिखनी चाहिए.
इस मौके पर छत्तीसगढ़ ट्रक ओनर्स एसोसियेशन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह बेनीपाल, छत्तीसगढ़ परिवहन संघ के संयोजक हरचरण सिंह साहनी, छत्तीसगढ़ ट्रेलर एसोसियेशन के श्रवण कुमार विष्णोई, रायपुर ट्रक ओनर एसोसियेशन के जगदीश मित्तल तथा ट्रक मैकेनिक मित्र संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में व्यवसायी मौजूद थे.

Feb 6, 2009

ट्रांसपोर्टनगर के आवंटिती 15 दिनों में निर्माण शुरु करें - आरडीए

० ट्रांसपोर्टनगर में कारोबार शुरु करने की कवायद
० कल व्यावसायियों के साथ होगी बैठक


रायपुर 06 फरवरी 2009, नगर निगम, रायपुर विकास प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन ने ट्रांसपोर्टनगर में कारोबार शुरु करने के दिशा में कल ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों की एक बैठक का आयोजित की है। कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस भवन में कल दोपहर तीन बजे आयोजित होने वाली बैठक में डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा के आवंटिती व्यवसायी, खमतराई - भनपुरी के मैकेनिक, नगर निगम आयुक्त व रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, विद्युत मंडल के मुख्य अभियंता, बीरगांव नगर पालिका के सीएमओ बैठक में उपस्थित रहेंगे.
आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने बताया कि प्राधिकरण ट्रांसपोर्टनगर के उन सभी आवंटितियों को 15 दिनों का नोटिस दे रहा है जिन्होंने भूखंड पर निर्माण शुरु नहीं किया है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा आवंटितियों को रजिस्ट्री कर कब्जा प्राप्त करने तथा निर्माण की एनओसी प्राथमिकता के आधार पर दी जा रही है। इसलिए ऐसे आवंटितियों को शीघ्र ही निर्माण शुरु करना चाहिए. उल्लेखनीय है कि रायपुर विकास प्राधिकरण में 26 जनवरी से शुरु की गई एकल खिड़की के माध्यम से ट्रांसपोर्टनगर के भूखंडों पर एनओसी देने की प्रक्रिया में तेजी आई है. साथ ही नियमित रुप से रजिस्ट्री के कार्यो में भी वृध्दि हुई है. प्राधिकरण द्वारा ट्रांसपोर्टनगर में 1119 भूखंड आवंटित किए है जिसमें से लगभग 8 सौ रजिस्ट्री हो चुकी है. कुछ आवंटितियों ने वहां निर्माण कार्य भी शुरु कर दिया है.

Jan 28, 2009

श्री अमित कटारिया ने आरडीए सीईओ का कार्य संभाला

रायपुर 28 जनवरी 2008, राज्य शासन के आदेश के बाद आज शाम भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री अमित कटारिया ने श्री एम.डी.दीवान से रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पदभार ग्रहण किया.
इस अवसर पर प्राधिकरण के प्रभारी अधीक्षण अभियंता डी.एस.परौहा, भवन अनुज्ञा अधिकारी प्रीतपाल सिंह होरा, राजस्व अधिकारी प्रणव सिहं और जनसंपर्क अधिकारी, कर्मचारी संघ के सचिव धर्मेन्द्र सिंह सेंगर ने उनका स्वागत किया. श्री कटारिया ने पदभार ग्रहण करने के बाद प्राधिकरण की गतिविधियों की जानकारी ली. श्री कटारिया नगर निगम रायपुर के आयुक्त भी है. श्री दीवान अब आगामी आदेश तक उपसचिव, छत्तीसगढ़ शासन होगें.

आरडीए में 10 दैनिक वेतनभोगी श्रमिक नियमित

रायपुर 28 जनवरी 2008, रायपुर विकास प्राधिकरण में 1989 से कार्यरत दस दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को कार्यभारित स्थापना के अन्तर्गत सांख्येत्तर रुप से नियमित कर दिया गया है।
आवास एवं पर्यावरण विभाग, छ्तीसगढ़ शासन के आदेश के अनुसार श्रीमती पंचबाई, बिसेसर, श्रीमती महेशीबाई, भोलाराम साहू, तुलाराम, परसराम, भगवान, श्रीमती सुनीता व रामरतन को कार्यभारित स्थापना में रुपए 2550 – 3200 के वेतनमान में नियमित किया गया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस।एस। बजाज के अनुमोदन पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम।डी। दीवान ने आज इस आशय का आदेश जारी किया।

Jan 27, 2009

आरडीए में एकल खिड़की प्रणाली शुरु


· भवन निर्माण एनओसी अब बिना नक्शे के मिलेगी
· सूचना का अधिकार के आवेदन भी एकल खिड़की से
· इ - गवर्नेंस व कॉल सेन्टर पर भी विचार

रायपुर 27 जनवरी 2008, रायपुर विकास प्राधिकरण में भवन निर्माण की एनओसी अब बिना नक्शे के 7 कार्यदिवसों में मिलने लगेगी. हस्तांतरण व नामांतरण के प्रकरणों में भी 10 कार्यदिवसों में निपटारा हो जाएगा बशर्ते आवेदकों नें सभी बकाया राशि का भुगतान समय से कर दिया हो. नल कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए अब 7 दिनों में सीधे सहायक यंत्री के माध्यम से नल कनेक्शन मिलेगा. पिछले पखवाड़े प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के निर्देश पर शहरवासियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में प्राधिकरण कार्यालय में एकल खिड़की प्रणाली लागू की गई है.
गणतंत्र दिवस के अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण में एकल खिड़की प्रणाली का शुभारंभ करते हुए प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज ने कहा कि अब नागरिकों को अधिक सुविधाएं देने की मानसिकता से कार्य करने की आवश्यक्ता है और दिशा में काफी कार्य किया जाना हैं. उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा शहर के नागरिकों को और बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में इ – गवर्नेंस तथा काल सेन्टर की सुविधाएं देने पर भी विचार किया जा रहा है. श्री बजाज ने कहा कि अब भवन निर्माण या पुर्ननिर्माण की एनओसी के लिए नक्शा संलग्न करने की आवश्यक्ता नहीं होगी. आवेदकों को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत करने के 7 कार्यदिवसों में अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल जाएगा. इसके पूर्व श्री बजाज नें प्राधिकरण कार्यालय परिसर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडा रोहण किया. राजधानी वासियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में शुरु की गई एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से प्राधिकरण की योजना क्षेत्रों में भवनों के निर्माण - पुर्ननिर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाणपत्र, पट्टा हस्तांरण - नामांतरण, नल कनेक्शन, भारहीनता, पंजीयन शुल्क की वापसी, भाड़ाक्रय पर किश्तों के भुगतान हेतु आवेदन लिए जाएगें. एकल खिड़की के माध्यम से 7 से 15 कार्य दिवसों में आवंटितियों के आवेदनों का समाधान हो जाएगा. सूचना के अधिकार के अन्तर्गत आवेदन पत्र भी एकल खिड़की के माध्यम से लिए जाएगें. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. दीवान के अनुसार एकल खिड़की के माध्यम से भवन निर्माण व पुर्ननिर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र 7 कार्यदिवसों में दिया जाएगा. संपत्तियों के हस्तांतरण व नामांतरण 10 कार्यदिवसों में, नल कनेक्शन 7 कार्यदिवसों में, भारहीनता प्रमाणपत्र 7 कार्यदिवसों में, पंजीयन शुल्क की वापसी 10 कार्य दिवसों में, भाड़ाक्रय प्रणाली में आवंटित भवनों का एक मुश्त भुगतान 15 कार्य दिवसों में हो जाएगा. पंजीयन शुल्क वापसी का आवेदन प्रपत्र निशुल्क उपलब्ध होगा, एक मुश्त भुगतान हेतु आवेदन प्रपत्र 20 रुपए में तथा अन्य के लिए आवेदन प्रपत्र 50 रुपए मूल्य पर उपलब्ध होगा. श्री दीवान के अनुसार पूर्व में निर्धारित समय में कमी करते हुए निर्माण की एनओसी में तीन, हस्तांतरण व नामांतरण में 5 दिनों की कमी की गई है. सूचना के अधिकार के अन्तर्गत प्राप्त आवेदन पत्र भी एकल खिड़की के माध्यम से लिए जाएगें किन्तु इसके प्रकरण निराकरण की अवधि पूर्व के अनुसार 30 दिन की होगी. एकल खिड़की में प्रस्तुत आवेदन पत्रों के निराकरण के लिए प्राधिकरण के राजस्व अधिकारी प्रणव सिंह को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है. इस संबंध में किसी भी जानकारी के लिए उनसे सीधे मोबाईल फोन नंबर 9302809110 पर कार्यालयीन अवधि में प्रातः 10.30 बजे से सांयः 5.30 बजे तक संपर्क किया जा सकता है. एकल खिड़की प्रारंभ करने के अवसर पर प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. दीवान, संचालनालय नगरीय प्रशासन विभाग के श्री हेमंत पहारे, संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश, रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.

Jan 24, 2009

26 जनवरी से आरडीए में एकल खिड़की प्रणाली

रायपुर 24 जनवरी 2008, नागरिकों को बेहतर सुविधा देने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण गणतंत्र दिवस से एकल खिड़की प्रणाली शुरु करने जा रहा है. इसमें हितग्राहियों को एक ही काऊन्टर में अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा और निश्चित समय में उन प्रकरणों का निराकरण कर दिया जाएगा. प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के निर्देश पर प्राधिकरण में भवनों के निर्माण - पुर्ननिर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाणपत्र, पट्टा हस्तांरण - नामांतरण, नल कनेक्शन, भारहीनता, पंजीयन शुल्क की वापसी, भाड़ाक्रय पर किश्तों के भुगतान हेतु एकल खिड़की प्रारंभ की जा रही है. इसके माध्यम से 7 से 15 कार्य दिवसों में आवंटितियों के आवेदनों का समाधान हो जाएगा. सूचना के अधिकार के अन्तर्गत प्राप्त आवेदन पत्र भी एकल खिड़की के माध्यम से लिए जाएगें. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज 26 जनवरी को सुबह 9 बजे इसका शुभारंभ करेगें.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. दीवान के अनुसार एकल खिड़की के माध्यम से भूखंड, भवन के निर्माण व पुर्ननिर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र 7 कार्यदिवसों में दिया जाएगा. संपत्तियों के हस्तांतरण व नामांतरण 10 कार्यदिवसों में, नल कनेक्शन 7 कार्यदिवसों में, भारहीनता प्रमाणपत्र 7 कार्यदिवसों में, पंजीयन शुल्क की वापसी 10 कार्य दिवसों में, भाड़ाक्रय प्रणाली में आवंटित भवनों का एक मुश्त भुगतान 15 कार्य दिवसों में हो जाएगा. पंजीयन शुल्क वापसी का आवेदन प्रपत्र निशुल्क उपलब्ध होगा, एक मुश्त भुगतान हेतु आवेदन प्रपत्र 20 रुपए में तथा अन्य के लिए आवेदन प्रपत्र 50 रुपए मूल्य पर उपलब्ध होगा. प्राधिकरण के राजस्व अधिकारी प्रणव सिंह एकल खिड़की प्रणाली के प्रभारी होगें. इस संबंध में किसी जानकारी के लिए उनसे मोबाईल नं. 9302809110 पर कार्यालयीन अवधि में संपर्क किया जा सकता है. प्राधिकरण के अध्यक्ष के अनुसार नागरिकों की सुविधाएं को और बेहतर बनाने की दिशा में इ – गवर्नेस तथा कॉल सेन्टर लागू करने पर विचार किया जा रहा है.

Jan 21, 2009

ट्रांसपोर्टनगर में रजिस्ट्री व एनओसी लेने की होड

  • ट्रांसपोर्टनगर में शुरु हुआ निर्माण

रायपुर 21 जनवरी 2008, प्राधिकरण की नोटिस मिलने के बाद ट्रांसपोर्ट व्यावसायियों नें ट्रांसपोर्टनगर में भूखंड की राशि जमा करना शुरु कर दिया है. कुछ व्यावसायियों ने निर्माण भी प्रारंभ कर दिया है. नोटिस मिलने के साथ ही पिछले बीस दिनों में प्राधिकरण कोष में लगभग पौने दो करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं. साथ ही रजिस्ट्री और मानचित्र की एनओसी लेने की दिशा में भी होड लग गई है.
राज्य शासन की मंशा के अनुरुप ट्रांसपोर्टनगर को राजधानी के यातायात की दृष्टि से शीघ्र विकसित किया जाना है. इस हेतु आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के निर्देश पर प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्ट व्यावसायियों से चर्चा कर ट्रांसपोर्ट के कारोबार को शीघ्र ही शुरु करने की दिशा में प्रयास शुरु कर दिया है.
प्राधिकरण ने पिछले पखवाड़े डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर के लगभग एक हजार आंवटितियों को नोटिस जारी कर भूखंड की रजिस्ट्री कराने, नक्शा पास करा कर निर्माण प्रारंभ करने की सूचना दी थी. नोटिस में कहा गया था कि आंवटितियों को पट्टे की शर्त क्रमांक तीन के अनुसार एक वर्ष के भीतर निर्माण पूरा करना है किन्तु अधिकांश आवंटितियों ने भवन निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल नहीं किया है. अतः जिन लोगो ने भूखंड की पूरी राशि जमा नहीं की है वे पूर्ण राशि का भुगतान करे. रजिस्ट्री कराये और मानचित्र के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल कर निर्माण प्रारंभ करें. नोटिस मिलने के बाद ट्रांसपोर्टनगर के आंवटितियों में अब रजिस्ट्री कराने और एनओसी लेने की होड लगने लगी है. प्राधिकरण के राजस्व शाखा में भी इन दिनों औसतः प्रतिदिन 30 रजिस्ट्रियां की जा रही है. तकनीकी शाखा के सहायक यंत्री की मानचित्र की एनओसी पत्रक जारी करने में व्यस्तता बढ़ गई है. उल्लेखनीय है कि डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर में प्राधिकरण ने एक हजार एक सौ उन्नीस भूंखडों का आवंटन किया है जिसमें से दिसंबर 2008 तक लगभग साढ़े पांच सौ लोगो ने ही रजिस्ट्री कराई थी. ट्रांसपोर्ट व्यावसायियों के इस उत्साह से प्राधिकरण को आशा है कि शीघ ही यहां कारोबार शुरु हो जाएगा.