अनिल कुमार सिंग को मिली पहली अनुमति, कहा रायपुर की जनता को होगा फायदा
रायपुर, 11 अगस्त 2016, राज्य शासन व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ सहायक अभियंता श्री के.पी. देवांगन को भवन निर्माण अनुज्ञा अधिकारी नियुक्त करने के बाद आज पहला
भवन निर्माण अनुज्ञा जारी किया गया. कमल विहार के भूखंडधारी श्री अनिल कुमार सिंग को लॉटरी में प्राधिकरण व्दारा 972 वर्गफुट का प्लॉट बी-105, सेक्टर 4 में आवंटित किया गया था. विजया बैंक, रायपुर में प्रबंधक के रुप में कार्यरत श्री सिंग को गत दिनों जब यह पता चला कि अब नगर पालिक निगम रायपुर के बदले रायपुर विकास प्राधिकरण से ही भवन निर्माण का नक्शा पास होगा तो उन्होंने 8 अगस्त को प्राधिकरण कार्यालय में अपना आवेदन प्रस्तुत किया और आज उनका नक्शा पास हो कर उन्हें मिल गया. प्राधिकरण से सबसे पहला भवन निर्माण अनुज्ञा प्राप्त करने पर श्री सिंग ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे रायपुर की जनता को काफी फायदा होगा. उन्होंने कहा कि वे रक्षाबंधन के दिन अपने भवन निर्माण कार्य की पूजा कर इसकी शुरुआत करेंगे.
रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने गत दिनों एक बैठक में भूखंडधारियों को नक्शा पास होने वाली कठिनाईयों को देखते हुए यह कहा था कि प्राधिकरण के पास यदि भवन निर्माण अनुज्ञा अधिकारी हो तो इससे जनता को काफी सहूलियत हो जाएगी. इस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने राज्य शासन को छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 में दिए गए प्रावधान के अनुरुप भवन निर्माण अनुज्ञा अधिकारी की नियुक्ति हेतु पत्र लिखा था. फलस्वरुप आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़ व्दारा प्राधिकरण के सहायक अभियंता श्री के.पी. देवांगन को भवन निर्माण अनुज्ञा अधिकारी नियुक्त किया गया.
प्राधिकरण व्दारा आज जारी पहली भवन अनुज्ञा एक वर्ष की अवधि के लिए दी गई है तथा इसके लिए 975 रुपए का शुल्क लिया गया है तथा इसमें कहा गया है कि यदि निर्धारित समय में निर्माण कार्य शुरु नहीं किया गया तो यह अनुज्ञा व्यपगत मानी जाएगी. कार्य करने के पूर्व प्राधिकरण को सूचना देने, प्लिंथ लेबल, लिंटल लेबल व प्रत्येक तल के पूर्ण होने पर भवन पूर्णतान प्रमाण पत्र प्राधिकरण से प्राप्त किया जावे तथा प्रमाण पत्र प्राप्ति के पूर्व भवन का उपयोग नहीं करने का उल्लेख किया गया है. निर्धारित सेट बैक, भूतल व प्रथम तल पर निर्माण किए जाने वाले क्षेत्रफल का उल्लेख भी भवन निर्माण अनुज्ञा में किया गया है. नियम के अनुसार भूखंड में एक वृक्ष लगाने, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सेप्टिक टैंक के आऊटलेट में जाली लगाने, गंदे पानी की नाली तक निकासी स्वयं के खर्च से करने तथा स्वयं के भूखंड से बाहर छज्जा एवं बालकनी का प्रोजेक्शन नहीं निकालने का उल्लेख मुख्य रुप से किया गया है.