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Mar 6, 2020

आरडीए संचालक मंडल की बैठक

प्लाट खरीदने प्रो-रेटा छूट की अवधि जुलाई 2020 तक बढ़ी

रायपुर,6 मार्च 2020/ रायपुर विकास प्राधिकरण ने कमल विहार और इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में प्लाटों की बिक्री में आई तेजी के कारण प्रो-रेटा आधार पर दी जा रही छूट की अवधि को जुलाई 2020 तक आगे बढ़ा दिया है। प्राधिकरण संचालक मंडल की बैठक में आज यह निर्णय लिया गया।
प्राधिकरण की अध्यक्ष सुश्री संगीता पी. की अध्यक्षता में आज हुई बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भीम सिंह ने कमल विहार योजना में प्लॉट आवंटन पर एकमुश्त राशि जमा करने पर प्रो-रेटा आधार पर दी जाने वाली 8.75 प्रतिशत की छूट का प्रस्ताव रखा। जिस पर छूट की अवधि को बढ़ा कर अब 31 जुलाई 2020 तक कर दिया गया है। पहले यह छूट 31 मार्च तक दी जा रही थी। इसी प्रकार इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना में भी विभिन्न प्रयोजनों के लिए विक्रय किए जा रहे भूखंडों के आवंटन में दी जाने वाली प्रो-रेटा छूट जो 9 प्रतिशत है उसकी अवधि भी बढ़ा कर 31 जुलाई 2020 तक कर दिया गया है।
प्राधिकरण संचालक मंडल की आज की इस बैठक में सदस्य के रुप में नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री सौरभ कुमार, वित्त विभाग छत्तीसगढ़ शासन के अपर सचिव श्री सतीश पाण्डेय, नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर के संयुक संचालक श्री संदीप बागड़े, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता क्षी आर.एन. अजगले तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रतिनिधि श्री पी.के. कोमेजवार उपस्थित थे।  

Feb 29, 2020

आरडीए की प्रापर्टी बिक्री में आई तेजी

दो माह में 33.42 करोड़ की 325 संपत्तियां बेची
नियमित रुप से हर माह बेची जा रही है प्रापर्टी
     
रायपुर, 29 फरवरी 2020/ रायपुर विकास प्राधिकरण की प्रापर्टी ब्रिकी में अब काफी तेजी आ गई है। प्राधिकरण की वेबसाईट में जानकारी डाले जाने और योजना के प्रचार- प्रसार के बाद से जनवरी में 5.93 करोड़ और फरवरी में 27.48 करोड़ रुपए की संपत्ति की ब्रिकी हुई है। इससे मात्र दो महीनों में 33.42 करोड़ रुपए की 325 प्रापर्टी बिकी है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भीम सिंह ने बताया कि प्राधिकरण की लगभग 410 करोड़ रुपए की संपत्तियां जिनमें आवासीय व व्यावसायिक प्लाट, दुकानें व फ्लैट्स के लिए निविदा के विज्ञापन प्रकाशन के बाद से लोग लगातार इसकी जानकारी ले रहे हैं और प्रापर्टी खरीद रहे हैं।
      श्री भीम सिंह ने बताया कि प्राधिकरण अब बोरियाखुर्द योजना में निर्माणाधीन 523 रोहाऊस स्वतंत्र ईडब्लूएस मकानों की पूर्व में कराए गए 168 पंजीयनकर्ताओं की 5 मार्च को लाटरी से आवंटन के बाद शेष बचे मकानों की बुकिंग भी शुरु करेगा। इसमें 2 बीएचके मकान की कीमत 8.60 लाख रुपए तथा 1 बीएचके मकान की कीमत 7.20 लाख रुपए है। श्री सिंह ने बताया कि बोरियाखुर्द में निर्माणाधीन एलआईजी 111 फ्लैट्स जिसकी कीमत 7.86 लाख रुपए का भी विक्रय किया जा रहा है। इसका पंजीयन 3 मार्च से शुरु हो जाएंगे। उन्होंने बताया की रायपुर शहर के ह्द्य स्थल शारदा चौक योजना में भूतल में दुकानें और प्रथम तल पर हॉल व कक्ष निविदा से विक्रय करने के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। न्यू राजेन्द्रनगर में भक्त माताकर्मा कॉम्पलेक्स के प्रथम तल पर 24 दुकानें, हीरापुर में न्यून निम्न आय वर्ग के लिए 19 फ्लैट्स, कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना के फेज 1 व फेज 2 में आवासीय तथा मिश्रित प्रयोजन के भूखंडों के लिए भी निविदा के माध्यम से विक्रय किए जा रहे है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि संपत्तियों का विक्रय नियमित रुप से माह में एक से दो बार किया जा रहा है। इन संपत्तियों के संबंध में आवेदन पत्र, नियम एवं शर्तें रायपुर विकास प्राधिकरण की वेबसाईट आरडीए रायपुर डॉट काम में भी उपलब्ध है।

न्यू राजेन्द्रनगर में आरडीए ने एक करोड़ के प्लॉट मुक्त कराया


कार्नर में आवंटित मकान को बेचा फिर बाजू में रिक्त प्लाट पर
अवैध कब्जा कर मकान बनाया और रहने लगा


रायपुर, 29 फरवरी 2020/ रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज न्यू राजेन्द्रनगर 8 ईडब्लूएस भूखंडों पर किया गया कब्जा हटाया। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भीम सिहं के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में लीलाधर चन्द्राकर व्दारा उक्त भूखंडों के साथ ही सड़क पर किए गए अतिक्रमण को भी हटाया गया। उसके व्दारा वहां बाऊन्ड्रीवाल का निर्माण कर सीमेंट और लोहे की छड़ से कालम खड़ा कर भवन निर्माण किया जा रहा था। यहां शामियाना भी लगाया गया था और धार्मिक कार्यक्रम करने की तैयारी की जा रही थी। प्राधिकरण के तकनीकी और राजस्व अमले ने आज इन 8 भूखंडों पर किए गए सभी निर्माण कार्यों को जेसीबी की मदद से तोड़कर अपने पक्ष में कब्जा ले लिया गया। प्राधिकरण व्दारा आज लगभग एक करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों से अवैध कब्जा हटाया गया।  
वहीं एक अन्य कार्नर के ईडब्लूएस भूखंड क्रमांक 501 में रह रहे एस. भाटिया ने आवंटित अपना मकान बेच कर बाजू की 470 वर्गफुट रिक्त भूमि पर अवैध रुप से कब्जा कर मकान बनाया और उस पर निवास कर रह रहा था। प्राधिकरण ने आज उनका गेट तोड़ कर एक सप्ताह में मकान खाली करने का समय दिया। इसी प्रकार न्यू राजेन्द्रनगर भूखंड क्रमांक 608 की स्वामी निर्मला मोरे ने कार्नर के 600 वर्गफुट के रिक्त भूखंड व सड़क की भूमि पर पक्की बाऊन्ड्रीवाल का निर्माण किया था। प्राधिकरण ने इस भूमि पर किया गया पक्का निर्माण हटाया। आज की इस कार्रवाई में प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता श्री अनिल गुप्ता, कार्यपालन अभियंता श्री प्रमोद बैस, सहायक अभियंता श्री राजेन्द्र कुमार जैन, राजस्व अधिकारी सुश्री नेहा भेड़िया, राजस्व अधीक्षक श्री ज्ञानेश रेड्डी, धर्मेन्द्र सिंह सेंगर, राजस्व निरीक्षक श्री रज्जाक खान, सी.पी.सिन्हा, देवाशीष भादुड़ी, अरूण बरोरे सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

Feb 22, 2020

इन्द्रप्रस्थ-रायपुरा में कब्जा कर खेती करने वाले का आरडीए ने अवैध कब्जा हटाया

नाला पाट कर सड़क बनाने वाले पर भी होगी कार्रवाई

रायपुर, 22 फरवरी 2020/ रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना में वंडरलैंड रिक्रिएशन पार्क के पीछे रिक्त भूमि पर किए गए अवैध कब्जा कर खेती कर रहे व्यक्ति का अवैध कब्जा हटा दिया। उसके व्दारा लगाया गया लोहे का गेट भी तोड़ा गया। इसके बाद रायपुरा में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना में अवैध रुप से गुमटियां रख कर व्यवसाय कर रहे दो गुमटियों को हटाया गया। वहीं इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेज-2 योजना के बाहर के क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग कर उसकी सड़कों को इन्द्रप्रस्थ रायपुरा की योजना की सड़कों से जोड़ने के प्रयासों को भी प्राधिकरण के अधिकारियों ने आज रोक दिया।  

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भीम सिंह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में अतंर्गत योजना की सीमा से लग कर बहने वाले नाले को कुछ व्यक्तियों व्दारा पाट कर सड़क बनाने के प्रयास को प्राधिकरण की टीम ने रोका। यहां नाले की धारा की दिशा को मोड़ कर उस पर ह्यूम पाईप डाले गए थे। उसके बाजू से पत्थर की दीवार बना कर पुलिया बनाने का प्रयास किया जा रहा था ताकि नाले के दूसरे ओर प्लाटिंग कर उसे इन्द्रप्रस्थ रायपुरा की सड़क से जोड़ा जा सके। प्राधिकरण की तकनीकी और राजस्व शाखा की संयुक्त टीम ने आज ऐसी कोशिशों को नाकाम कर दिया।   
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भीम सिंह ने बताया कि इस विषय पर कलेक्टर रायपुर और कमिश्नर रायपुर नगर पालिक निगम को पत्र लिख कर जानकारी दी जाएगी। ऐसी किसी भी अवैधानिक गतिविधियों को रोका जाएगा। अवैध कब्जा हटाने के आज के इस अभियान में प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता श्री अनिल गुप्ता, कार्यपालन अभियंता श्री प्रमोद बैस, सहायक अभियंता श्री सुशील शर्मा, राजस्व अधीक्षक श्री ज्ञानेश रेड्डी, राजस्व निरीक्षक श्री रज्जाक खान व सी.पी.सिन्हा, हरीश नायडू, राजकुमार अवस्थी व कमल शर्मा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे ।

Feb 19, 2020

बाम्बे मार्केट में आरडीए की बड़ी कार्रवाई


12 सालों से किराया राशि जमा नहीं करने वाले 6 पत्रिकाओं  
को आवंटित कार्यालय कक्षों का कब्जा आरडीए ने वापस लिया
49.55 लाख जमा नहीं करने वाले 2 संस्थाओं के कक्ष किए गए सील

रायपुर, 19 फरवरी 2020/ रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज बकाया वसूली अभियान के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई करते हुए बाम्बे मार्केट के प्रथम एवं व्दितीय तल पर 6 पत्रिकाओं को आवंटित कार्यालय कक्षों का कब्जा आज वापस ले कर उसे सील कर दिया। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भीम सिंह ने जानकारी दी कि इन 6 संस्थानों को 2007 से 2009 के मध्य कार्यालयों हेतु कक्षों का आवंटन किया गया था। इन संस्थानों को 20 अगस्त 2018 को भी नोटिस दे कर राशि जमा करने के लिए कहा गया था किन्तु इनके व्दारा लगभग 39.46 लाख रुपए की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया। प्राधिकरण व्दारा अब इन कक्षों को विक्रय करने की कार्रवाई की जाएगी।  

इसके अलावा बाम्बे मार्केट के ब्लॉक-ए के व्दितीय तल पर दो संस्थानों पर 49.55 लाख रुपए की राशि का भुगतान नहीं करने पर उसे सील कर दिया गया। श्री सिंह ने बताया कि 12 साल पहले कुछ पत्रिका संस्थानों को 285 से 550 वर्गफुट के कक्षों का आवंटन कार्यालय संचालन के लिए किया गया था। आवंटन के बाद से ही उनके व्दारा किराया जमा नहीं की गई फलस्वरुप रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा उन्हें कई बार नोटिस जारी की किन्तु उसके बाद भी आवंटितियों ने किराया राशि जमा नहीं की। इस कारण आज प्राधिकरण ने बाम्बे मार्केट स्थित ब्लाक-बी में संचालित छत्तीसगढ़ की आवाज, छत्तीसगढ़ संयुक्त पत्रकार संघ, प्रान्त संयोजक अखिल भारतीय साहित्य परिषद, भाग्योत्कर्ष, सहकार भारती छत्तीसगढ़, हिन्दी चैनल को आवंटित कक्षों में ताला और सील लगा कर इसका कब्जा वापस ले लिया। बाम्बे मार्केट के ब्लाक-ए में इंडियन न्यूज सर्विस और दैनिक कुम्भ समाचार पत्र के कार्यालय को ताला लगा कर सील किया गया। इन पर किराया राशि के रुप में प्राधिकरण को 49.55 लाख रुपए लेना बाकी है। 
आज की इस कार्रवाई में प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता श्री अनिल गुप्ता, कार्यपालन अभियंता श्री प्रमोद बैस, सहायक अभियंता श्री राजेन्द्र कुमार जैन, संतोष कुमार सिंह, सहायक राजस्व अधिकारी श्री ज्ञानेश रेड्डी, सहायक राजस्व अधिकारी श्री रज्जाक खान और जॉनसन मसीह उपस्थित थे।
                                        



 

Feb 14, 2020

410 करोड़ की नई संपत्तियों जारी करने के बाद आरडीए की प्रापर्टी लेने लोगों का रुझान बढ़ा

एक माह में 11.31 करोड़ की प्रापर्टी बिकी
रेरा से पंजीयन के बाद बोरियाखुर्द में 523 स्वतंत्र ईडब्लूएस मकानों
व 192 एलआईजी फ्लैटेस की बिक्री भी होगी शुरु
रायपुर, 14 फरवरी 2020/ रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा कमल विहार की 350 करोड़ रुपए की और इन्द्रप्रस्थ रायपुरा की 60 करोड़ रुपए की नई संपत्तियों का विक्रय शुरु करने के बाद अब लोगों का प्राधिकरण की संपत्ति लेने का रुझान बढ़ने लगा है। जनवरी माह से दो बार की निविदाओं में लगभग 11.31 करोड़ रुपए की प्रापर्टी बिक चुकी है। विक्रय की सभी संपत्तियां जिनमें आवासीय और व्यावसायिक भूखंड, दुकानें, कक्ष, फ्लैट की जानकारियां, नियम एवं शर्तें प्राधिकरण की वेबसाईट डब्लू डब्लू डब्लू आरडीए डॉट कॉम में अपलोड की गई है।  
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भीम सिंह के अनुसार आज हुई निविदा में आवासीय, बिजनेस और मिश्रित के 25 प्लॉट 5.59 करोड़ रुपए में निविदा के माध्यम से बिके। कमल विहार में आज कुल 20 प्लॉट निविदा के माध्यम से बिके। जिससे प्राधिकरण को 3.49 करोड़ रुपए की आय होगी। इसमें आवेदकों ने आवासीय के 17, बिजनेस के 3 प्लाट खरीदे। वहीं इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में 3 आवासीय और 2 आवासीय सह व्यावसायिक वाले मिश्रित प्लाट बिके। इससे प्राधिकरण को 2.10 करोड़ रुपए की आवक होगी।
रायपुर विकास प्राधिकरण अब हर माह दो बार दूसरे और चौथे शुक्रवार को कमल विहार और इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजनाओं के प्लाटों की निविदा के माध्यम से प्लाटों का आवंटन कर रहा है। वहीं कमल विहार के एलआईजी फ्लैट्स महीने के दूसरे और चौथे बुधवार को निविदा के माध्यम से आवंटन किए जा रहे है। प्राधिकरण की पुरानी योजनाओं भक्त माताकर्मा व्यावसायिक कॉम्पलेक्स में दुकानें, डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा और हनुमान मंदिर योजना शास्त्री चौक में व्यावसायिक कक्ष व दुकानों को हर माह के दूसरे और चौथे सोमवार की निविदा व्दारा विक्रय किया जा रहा है।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भीम सिंह ने बताया की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना रायपुरा के 40 छोटे आकार के फ्लैट्स, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा के 120 फ्लैट्स में बड़े आकार के 11 फ्लैट्स, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेज-1 में 14 आवासीय भूखंड, कमल विहार के सेक्टर 10 में 10  रोहाऊस डुप्लेक्स मकानों का विक्रय अगले सप्ताह प्रारंभ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बोरियाखुर्द योजना में रेरा से अनुमोदन के बाद अब निर्माणाधीन 523 स्वतंत्र ईडब्लूएस मकानों और 192 एलआईजी फ्लैट् का भी शीघ्र ही विक्रय प्रारंभ किया जाएगा।  

Jan 27, 2020

कमल विहार में बनाया शोरुम उच्च न्यायालय के आदेश पर किया गया सील



आवास का मानचित्र पास कराया और बनाया शोरूम
उच्च न्यायालय के रोकने के आदेश के बाद भी बनाया कॉम्पलेक्स


रायपुर, 27 जनवरी 2020/  जिला प्रशासन ने उच्च न्यायालय के आदेश पर कमल विहार योजना में मोहनलाल धनगर व्दारा बनाए गए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को शनिवार को सील कर दिया। नायब तहसीलदार श्री राकेश देवांगन ने उच्च न्यायालय व्दारा कलेक्टर रायपुर को दिए गए आदेश के बाद यह कार्रवाई की।
 रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना में मोहनलाल धनगर के चार प्लॉट है। प्लॉट नंबर ए -29, ए-30,ए-30ए व ए-31 आवासीय प्लॉट है। इस पर मोहनलाल धनगर व्दारा व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर इसे टाटा हिताची के शोरुम के लिए किराये पर दे रखा है। प्राधिकरण ने निर्माण के दौरान 4 मार्च 2017 को भूखंडधारी को नोटिस दे कर कहा था कि उक्त भूखंडों का मानचित्र आवासीय प्रयोजन है जिस पर उसके व्दारा व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा है। अतः निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र एवं आवास प्रयोजन हेतु ही किया जाए, अन्यथा प्राधिकरण व्दारा इसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। 

प्राधिकरण के इस नोटिस के विरोध में भूखंडधारी मोहनलाल धनगर ने उच्च न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया। फलस्वरुप प्राधिकरण ने भी माननीय उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखा और बताया कि आवेदक व्दारा स्वीकृत निर्माण के विरुध्द निर्माण कर रहा है। इस पर माननीय उच्च न्यायालय ने आवेदक को व्यावसायिक निर्माण रोकने का आदेश दिया। किन्तु आवेदन ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर अपना निर्माण कार्य जारी रखा और पूरा व्यावसायिक कॉमप्लेक्स बना लिया। इस पर प्राधिकरण ने माननीय उच्च न्यायालय में मोहनलाल धनगर के विरुद्ध आदेश की अवमानना का आवेदन प्रस्तुत किया। उच्च न्यायालय ने इस पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रायपुर से प्रकरण पर रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट के बाद 23 जनवरी को हुई सुनवाई में उच्च न्यायालय ने कलेक्टर रायपुर को निर्देश दिया कि उक्त प्लॉट में बने भवन में हो रही सभी गतिविधियों को रोका जाए तथा परिसर को बंद स्थिति में रखा जाए।   
माननीय उच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद कलेक्टर रायपुर के निर्देश के बाद नायब तहसीलदार श्री राकेश देवांगन ने रायपुर विकास प्राधिकरण के राजस्व अधिकारी सुश्री नेहा भेडिया और कर्मचारियों की उपस्थिति में मोहनलाल धनगर व्दारा बनाए गए शोरुम कॉम्पलेक्स को सील कर दिया। उच्च न्यायालय में अब इस मामले में सुनवाई अगले हफ्ते होगी।

आरडीए में सीईओ श्री भीम सिंह ने तिरंगा ध्वज फहराया



रायपुर, 27 जनवरी 2020/  गणतंत्र दिवस के अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भीम सिंह ने कार्यालय प्रागंण में तिरंगा ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों का कार्य के प्रति सजग हो कर कार्य करने का आव्हान किया। इस अवसर पर अतिरिक्त सीईओ श्री नवीन कुमार ठाकुर, अधीक्षण अभियंता श्री अनवर खान, कार्यपालन अभियंता श्री अनिल गुप्ता, सहायक अभियंता श्री  एम.एस. पांडेय,श्री राजेन्द्र कुमार जैन, श्री सुशील शर्मा, राजस्व अधिकारी सुश्री नेहा भेडिया, सहित कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री राजकुमार अवस्थी, धर्मेन्द्र सिंह सेंगर सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।




Nov 19, 2019

हीरापुर में आरडीए ने 63 फ्लैट के नल कनेक्शन काटे

एक करोड़ रुपए से अधिक राशि बकाया राशि

रायपुर, 19 नवंबर 2019/ रायपुर विकास प्राधिकरण की हीरापुर स्थित डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना में बकायादारों व्दारा किस्तों की भुगतान नहीं करने के कारण  प्राधिकरण ने 63 बकायादारों के नल कनेक्शन काट दिए हैं। इनमें से हर बकायादार पर लगभग 50 हजार से 3.50 लाख रुपए तक भुगतान बाकी है। प्राधिकरण प्रशासन के अनुसार बकाया की जानकारी भी नियमित रुप से बकायादारों को दी जा रही है। किंतु इसके बाद भी उनके व्दारा राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
प्राधिकरण के कार्यपालन अभियंता (जल) के अनुसार हीरापुर में प्राधिकरण व्दारा 816 फ्लैट्स बनाए गए हैं। जिनमें अधिकांश आवंटितियों व्दारा मासिक किस्तों का भुगतान किया जाता है। इसमें मासिक किस्तों के अलावा जल शुल्क, रखरखाव शुल्क भी देय होता है। राशि का निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर उस राशि पर प्राधिकरण व्दारा 15 प्रतिशत वार्षिक सरचार्ज राशि ली जाती है। हर माह राशि का नियमित भुगतान नहीं करने पर सरचार्ज 15 प्रतिशत लगने के कारण राशि बढ़ती चल जाती है। फलस्वरुप आवंटिती के देय राशि में वृध्दि होती जाती है।

प्राधिकरण व्दारा इससे पहले पिछले सप्ताह रायपुरा योजना में भी बकायादारों के नल कनेक्शन काटे गए थे, जिसके फलस्वरुप आवंटितियों ने राशि जमा करना शुरु किया है। प्राधिकरण प्रशासन के अनुसार ऐसे बकायादारों व्दारा भुगतान नहीं किये जाने पर अब बोरियाखुर्द व सरोना योजना में भी नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।

Nov 18, 2019

श्री भीम सिंह ने आरडीए के सीईओ का कार्यभार संभाला




 रायपुर, 18 नवंबर 2019/  छत्तीसगढ़ शासन के आदेश के बाद छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त  श्री भीम सिंह ने आज  रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण कर लिया।  वे भारतीय प्रशासनिक सेवा 2008 बैच के अधिकारी हैं।  वे पूर्व में सरगुजा, राजनंदगांव और धमतरी के कलेक्टर रह चुके हैं। प्राधिकरण कार्यालय में आज कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विकास और निर्माण कार्यों की जानकारी ली।

Oct 17, 2019

कमल विहार में एक माह में निविदा व्दारा 429 एलआईजी फ्लैट्स 46.56 करोड़ में बिके



10.97 लाख के फ्लैट के लिए 15.01 लाख की निविदा डाली गई


रायपुर,17 अक्टूबर 2019/ रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना में एलआईजी फ्लैट लेने के लिए लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है। पिछले एक महीने में हर हफ्ते होने वाले निविदा के माध्यम से 580 एलआईजी फ्लैट्स में से 429 फ्लैट्स का विक्रय हुआ है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मलिक ने बताया कि कमल विहार योजना में 2 बीएचके का 8.36 कीमत का फ्लैट्स के लिए सबसे ज्यादा कीमत 11.41 लाख रुपए आई है। इसी प्रकार 3बीएचके फ्लैट्स जिसकी ऑफसेट दर रुपए 10.97 लाख रुपए थी उसमे अधिकतम निविदा की राशि 15.01 लाख रुपए डाली गई। सबसे ज्यादा फ्लैट्स सेक्टर 10 में 197, सेक्टर 4 में 71 व सेक्टर 8ए में 64 एलआईजी फ्लैट्स बिके है। इनके विक्रय से रायपुर विकास प्राधिकरण को लगभग 46.56 करोड़ रुपए की आय होगी।  
रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना में पिछले 11 सितंबर से  विभिन्न आकार के 13 भूखंडों का भी विक्रय हुआ है। जिसमें सबसे छोटे प्लाट की कीमत में ऑफसेट दर से 153 रुपए अधिक की दर पर भूखंड की निविदा डाली गई। इसके अंतर्गत 677 वर्गफुट से 5811 वर्गफुट तक के भूखंडों का विक्रय हुआ। प्राधिकरण व्दारा लीज में विक्रय किए जाने वाले प्लाटों की ऑफसेट दर 1472 रुपए प्रति वर्गफुट निर्धारित है जिसमें 1625 रुपए प्रति वर्गफुट की दर से भी निविदा डाली गई है।   
उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण व्दारा कमल विहार के फ्लैट व स्वतंत्र मकानों के लिए हर बुधवार, इन्द्रप्रस्थ फेज – 02 के फ्लैट्स के लिए प्रत्येक शुक्रवार, कमल विहार एवं इन्द्रप्रस्थ रायपुरा के फेज – 02 के विभिन्न प्रयोजनों के प्लॉटस की प्रत्येश शुक्रवार तथ ट्रांसपोर्टनगर व भक्त माता कर्मा एवं अन्य योजनाओं की भूखंड व संरचना के लिए प्रत्येक सोमवार को निविदा के माध्यम से आवेदन पत्र स्वीकार किए जा रहे हैं। इस संबंध में प्राधिकण की वेबसाईट डब्लू डब्लू डब्लू आरडीए रायपुर डॉट कॉम पर जानकारी उपलब्ध है। आवेदन पर प्राधिकरण कार्यालय में रुपए 500/- का भुगतान कर अथवा वेबसाईट से डॉऊनलोड किया जा सकता है।

Sep 12, 2019

कमल विहार और इन्द्रप्रस्थ रायपुरा की निविदा में लोगों ने अपनी पंसद से लिए फ्लैट्स-रोहाऊस

खरीदने वालों ने ऑफसेट से अधिक पर डाली निविदाएं
आरडीए ने विक्रय की 43 फ्लैट्स - स्वतंत्र 3.05 करोड़

रायपुर,12 सितंबर 2019/ रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार और इन्द्रप्रस्थ योजना में आज लोगों ने बड़े उत्साह के साथ निविदा में भाग लेकर अपनी पंसद के फ्लैट्स और रोहॉऊस मकान खरीदे। आज हुई इस विक्रय से प्राधिकरण को 3.05 करोड़ रुपए मिलेंगे।  
कमल विहार योजना में ईडब्लूएस के 2 बीएचके व 3 बीएचके फ्लैट्स तथा स्वतंत्र रोहाऊस के लिए निविदा हुई। इसमें 15 प्रापर्टी का विक्रय हुआ। जिसमें स्वतंत्र रोहाऊस मकान हेतु 6 आवेदन आए जिसमें 2 का आवंटन हुआ। वहीं एलआईजी 3 बीएचके फ्लैट्स हेतु 11 आवंटन तथा एलआईजी 2 बीएचके फ्लैट्स के 2 फ्लैट्स का आवंटन हुआ। इससे प्राधिकरण को 1.59 करोड़ रुपए मिलेंगे।
इन्द्रप्रस्थ रायपुरा के फेज 2 में लोगों के बीच काफी प्रतिस्पर्धा रही। इसमें ईडब्लूएस फ्लैट्स के लिए 37 आवेदन आए जिसमें से 28 फ्लैट्स का आवंटन हुआ। 28 फ्लैट्स से प्राधिकरण को 1.46 करोड की आवक होगी।


Aug 25, 2019


सेन्ट्रल बैंक के सीएमडी की मुख्यमंत्री से कमल विहार प्रकरण पर हुई सौजन्य मुलाकात


रायपुर, 25 अगस्त 2019,  रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना के ऋण और उसकी किस्तों के भुगतान के संबंध में कल सेन्ट्रल बैंक के सीएमडी श्री पल्लव महापात्र ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने मुख्यमंत्री श्री बघेल की अध्यक्षता में रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं तथा उसकी वित्तीय स्थिति पर समीक्षा की गई थी। जिसमें मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण को यह निर्देश दिया था कि वह अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए एक अच्छा सा प्रस्ताव तैयार करे।
मुख्यमंत्री के साथ हुई कल हुई बैठक में सेन्ट्रल बैंक के सीएमडी ने आश्वस्त किया कि वे प्राधिकरण के ऋण के मामले में पूरा सहयोग करेंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस पर अधिकारियों को निर्देश दिया कि कमल विहार के ऋण के मामले में प्राधिकरण और बैंक के अधिकारी जल्द से जल्द एक ऐसा प्रस्ताव तैयार करें जिससे कमल विहार योजना की वित्तीय स्थिति में सुधार हो और योजना समय सीमा में पूरी हो सके।

Jul 8, 2019

आरडीए के नए सीईओ श्री प्रभात मलिक ने कार्य संभाला



रायपुर, 8 जुलाई 2019, राज्य शासन के आदेश के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा 2015 बैच के अधिकारी श्री प्रभात मलिक ने आज दोपहर बाद रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पदभार ग्रहण कर लिया। इससे पूर्व वे जिला पंचायत बस्तर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी थे।

श्री प्रभात मलिक ने 2015 में छत्तीसगढ़ कैडर में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रुप में अपना कार्य प्रारंभ किया था। लालबहादुर शास्बी राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी में प्रशिक्षण के बाद अगस्त 2016 में उन्होंने भारत सरकार के आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय नई दिल्ली में लगभग 10 माह तक असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर रह कर प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी पदस्थापना जिला पंचायत बस्तर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रुप में की थी।

Jun 27, 2019

कमल विहार के अविकसित सेक्टरों में बिना ब्याज के प्रब्याजी राशि जमा करने की अंतिम तिथि 29 जून

रायपुर, 27 जून 2019, कमल विहार योजना के अविकसित सेक्टरों में जहां अधोसंरचना विकास का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है उन सेक्टरों के आवंटितियों को प्रब्याजी राशि जमा करने की अंतिम तिथि 29 जून है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार शुक्ल ने बताया कि संचालक मंडल के निर्णय के अनुसार गत 01 मार्च से यह छूट दी जा रही है। अब यदि 29 जून के बाद कमल विहार योजना के अविकसित सेक्टरों का कोई आवंटिती बकाया प्रब्याजी राशि जमा करता है तो उसे प्राधिकरण के निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बकाया राशि पर 15 प्रतिशत सरचार्ज राशि देना होगा। इसीलिए आवंटिति 29 जून 2019 तक अपने भूखंड की प्रब्याजी राशि जमा कर सकते हैं। 


Apr 30, 2019

कमल विहार योजना के विरुध्द सुप्रीम कोर्ट में याचिका निरस्त


फैसलेके बाद विकास, निर्माण के साथ फ्लैट्स व प्लॉट की बुकिंग और आवंटन पहले की तरह हो जाएगा शुरु
रायपुर, 30 अप्रैल 2019, उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली में रायपुर विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना क्रमांक – 4, कमल विहार के संबंध केन्द्र से पर्यावरणीय अनुमति नहीं लिए जाने के विरुध्द दायर याचिका खारिज हो गई है। न्यायमूर्ति श्री रोहिन्टन फली नरीमन और न्यायमूर्ति श्री विनीत सरन की न्यायालय ने याचिकाकर्ता राजेन्द्र शंकर शुक्ला, रविशंकर शुक्ला और डॉ. रंजना पांडेय व्दारा प्रस्तुत याचिका को खारिज कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद कमल विहार में विकास और निर्माण के कार्य में तेजी आएगी साथ ही प्लॉट्स व फ्लैट्स की बुकिंग व आवंटन के संबंध में सभी कार्य पहले की तरह शुरु हो जाएंगे।
उच्चतम न्यायालय ने इसके पूर्व 15 मार्च 2019 को याचिका कर्ताओं व्दारा प्रस्तुत याचिका के बाद कमल विहार योजना में यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। इस याचिका में भारत सरकार, रायपुर विकास प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ शासन, संचालक नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़,सचिव स्टेट लेबल इन्वायरमेंट इम्पैक्ट एसेसमेंट अथॉरिटी तथा मेसर्स हिन्द हिमकान एसोसियेट बिलासपुर को प्रतिवादी बनाया गया था।
इसके पहले अगस्त 2015 में भी कमल विहार योजना में रोक लगाए जाने के संबंध 13 याचिकाकर्ताओं व्दारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय याचिका दायर की थी। इसमें माननीय न्यायालय ने कमल विहार योजना के विकास और निर्माण कार्यो में किसी प्रकार की कोई रोक नहीं लगाई थी ।
कमल विहार एक विश्व स्तरीय नगर विकास योजना है जो ‘‘लैंड पूलिंग‘‘ का एक बेहतरीन उदाहरण है। केन्द्र शासन ने भी कमल विहार की लैंड पूलिंग की तरह नगर विकास योजना बनाने के निर्देश सभी राज्यों को दिए थे। उल्लेखनीय है कि कमल विहार देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक है जो जनभागीदारी के साथ लगभग 1570 एकड़ में विकसित की गई है। इसके विकसित होने से रायपुर शहर में अवैध रुप से हो रही प्लॉटिंग से प्रभावित लोगों को काफी राहत मिली है। कमल विहार के योजना क्षेत्र में आने वाले आधिकांश भूमि स्वामियों ने योजना में स्वयं को शामिल कर अविकसित के बदले पूर्ण विकसित भूखंड प्राप्त किए है। विकसित भूखंडों मे आवासीय के साथ व्यावसायिक, सार्वजनिक अर्द्ध सार्वजनिक, स्वास्थ्य व शैक्षणिक प्रयोजन के भूखंड भी यहां विकसित कर आवंटित किए गए है। योजना में बुनियादी सुविधाओं के लिए अधोसंरचना भी विश्व स्तर की है। यह योजना इतनी लोकप्रिय हुई है कि छत्तीसगढ़ के कई निवासी जो विदेशों में काम कर रहे हैं उन्होंने भी इसमें अपने और अपने परिवारों के लिए भूखंड खरीदे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित कई अन्य बड़े नगरों के लोगों ने भी यहां भूखंड खरीदे हैं।
कमल विहार को नए और उन्नत नगरों की अभिनव योजना की ईको सिटी श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर के दो अवार्ड “हडको डिजाईन अवार्ड 2012 – 13” तथा सितंबर 2015 में राष्ट्रीय स्तर का " आर्डर ऑफ मेरिट अवार्ड " प्राप्त हुआ है। कमल विहार योजना की लोकप्रियता के चलते इसका अध्ययन करने के लिए की देश – विदेश की कई संस्थाओं ने रायपुर आ कर इसकी अवधारणा और निर्माण का अध्ययान किया है। योजना में भूमि अर्जन की लैंड पूलिंग पालिसी का अध्ययन करने के लिए भारत सरकार नई दिल्ली से नगर तथा ग्राम निवेश संगठन, दिल्ली विकास प्राधिकरण, आंध्रप्रदेश की नई राजधानी बनाने वाली टीम और अफगानिस्तान में न्यू काबुल सिटी विकसित करने वाले योजनाकारों के दलो नें भी यहां भ्रमण किया। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने तो कमल विहार योजना की भूमि अर्जन की नीति को अपनाया है।

Mar 1, 2019

कमल विहार : 30 जून तक प्रब्याजी राशि जमा करने पर अब कोई ब्याज नहीं




रायपुर, 01 मार्च 2019, कमल विहार योजना के जिन सेक्टरों में अधोसंरचना विकास का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है उन सेक्टरों के आवंटितियों को प्रब्याजी राशि जमा करने हेतु 30 जून 2019 तक राशि जमा करने की छूट दी गई है। इस अवधि में प्रब्याजी राशि जमा करने पर रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा ब्याज नहीं लिया जाएगा। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार शुक्ल ने बताया कि संचालक मंडल के निर्णय के अनुसार 30 जून 2019 के बाद यदि कमल विहार का कोई आवंटिती बकाया प्रब्याजी राशि जमा करता है तो उसे प्राधिकरण के निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बकाया राशि पर ब्याज देय होगा। इसीलिए आवंटिति 30 जून 2019 तक अपने भूखंड की प्रब्याजी राशि जमा कर दें।

Oct 6, 2018

📌 रायपुर विकास प्राधिकरण संचालक मंडल के निर्णय

रायपुर, 6 अक्टूबर 2018, 

🔹 रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक मंडल की आज उपाध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में उपाध्यक्ष श्री गोवर्धनदास खंडेलवाल, सदस्य सचिव और प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह, अशासकीय सदस्य श्री गोपी साहू,श्री रविन्द्र बंजारे, श्री नारद कौशल, श्रीमती सुनयना शुक्ला, श्रीमती एम. लक्ष्मी, शासकीय सदस्य वित्त विभाग के अपर सचिव श्री सतीश पांडेय, आवास एवं पर्यावरण विभाग के श्री जी.एल. साखंला, नगर तथा ग्राम निवेश के संयुक्त संचालक श्री विनीत नायर,लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ससहायक अभियंता, नगर निगम रायपुर के उपायुक्त श्री विनय मिश्रा, लोक निर्माण विभाग से श्री जे.पी. चन्द्रसेन उपस्थित थे.

🔹 कमल विहार के प्लाटों पर समय पूर्व भुगतान पर 8.75 प्रतिशत प्रो-रेटा आधारित छूट - रायपुर विकास प्राधिकरण संचालक मंडल ने वित्तीय सलाहकार व्दारा दिए गए सुझाव के आधार पर कमल विहार योजना के अंतर्गत विक्रय किए जा रहे भूखंडों की प्रब्याजी राशि को निर्धारित समय के पूर्व एक मुश्त जमा किए जाने पर प्रो-रेटा आधार पर 8.75 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है.
🔹जनता की भारी मांग, अब कमल विहार में 175 स्वतंत्र ईडब्लूएस मकान के बदले 253 मकान बनेंगे – कमल विहार में स्वतंत्र ईडब्लूएस मकान की भारी मांग के कारण संचालक मंडल ने 175 मकानों के बदले स्थान की उपलब्धता के आधार पर अब 253 स्वतंत्र ईडब्लूएस मकान बनाने की स्वीकृति प्रदान की है. इस हेतु कमल विहार के सेक्टर 1, 2, 8ए, 8बी,10,11बी, 14ए व 14बी में स्वतंत्र 253 स्वतंत्र ईडब्लूएस मकानों के निर्माण के लिए रुपए 21.67 करोड़ रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति संचालक मंडल ने अनुमोदन किया.
3बीएचके फ्लैटस की फ्लैट्स की मांग ज्यादा, नए फ्लैट्स के निर्माण हेतु 252.77 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति – कमल विहार में 3बीएचके के एलआईजी फ्लैट्स की अधिक बुकिंग होने के कारण प्राधिकरण संचालक मंडल ने 2 बीएचके एलआईजी फ्लैट्स के मुकाबले 3 बीएचके के फ्लैट्स की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है. इसके अतंर्गत विभिन्न सेक्टरों में 3बीएचके 1632 एलआईजी फ्लैट्स हेतु 2490 की बुकिंग हुई है. 2 बीएचके के 800 एलआईजी फ्लैट्स हेतु कुल 800 फ्लैट्स में से 183 फ्लैट्स तथा ईडब्लूएस फ्लैट्स हेतु कुल 1280 के विरुध्द 834 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि 2बीएचके फ्लैट्स की संख्या को कम कर उसके स्थान पर 3बीएचके फ्लैट्स की संख्या बढ़ाई जाए. इन योजनाओं के निर्माण कार्य हेतु निविदा समिति की अनुशंसा पर संचालक मंडल ने कुल 252 करोड़ 77लाख, 34 हजार 108 रुपए की स्वीकृति दी है.

🔹 कमल विहार में पंजीयन कराए गए फ्लैट्स आवेदकों की सहमति से अन्य सेक्टरों में हस्तांतरण होगें - कमल विहार में प्रधानमंत्री आवास योजना में विभिन्न सेक्टरों में अलग-अलग प्राप्त आवेदन पत्रों की संख्या के आधार पर 3बीएचके फ्लैट्स संख्या की काफी मांग हुई है. इस कारण दो बीएचके के एलआईजी फ्लैट्स के पंजीयनकर्ताओं को कमल विहार के अन्य सेक्टरों में उनका पंजीयन हस्तांतरण किए जाने को संचालक मंडल ने अपनी स्वीकृति प्रदान की. इसके अंतर्गत कमल विहार के सेक्टर 2, 8ए व सेक्टर 10 में कुल 800 फ्लैट्स के विरुध्द 145 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इसीलिए उन्हें सेक्टर 10 के आवेदकों को सेक्टर 2 अथवा सेक्टर 8ए में हस्तांतरण का विकल्प दिया जाएगा. कमल विहार के सेक्टर 14 बी में पूर्व में प्रस्तावित फ्लैट्स, सेक्टर 11 बी तथा सेक्टर 14ए में निर्मित होने वाले के आवेदकों को भी हस्तांतरण का विकल्प दिया जाएगा. इन सेक्टरों में 408 के विरुध्द 149 की बुकिंग हुई है. अतः सेक्टर 10 में पूर्व में प्रस्तावित एवं अनुमोदित 352 दो बीएचके फ्लैट्स का निर्माण प्रस्तावित है. इन पंजीयन का हस्तांतरण होने की स्थिति में 832 फ्लैट्स का निर्माण अन्य रिक्त सेक्टरों में किया जाएगा।

🔹 प्राधिकरण कर्मचारियों को नए वेतनमान का लाभ - संचालक मंडल ने राज्य शासन के वित्त विभाग के निर्देश पर रायपुर विकास प्राधिकरण के नियमित स्थापना के सेवकों के लिए को छत्तीसगढ़ पुनरीक्षण नियम 2017 का लाभ 01 जनवरी 2016 से दिए जाने का निर्णय लिया है.
🔹 ट्रांसपोर्टनगर में छोटे प्लाटों की दर रुपए 1859 वर्गफुट - संचालक मंडल ने बिलासपुर रोड पर स्थित डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर में 2 एकड़ के बड़े भूखंड को विभाजित कर काटे गए प्लाटों की नई दरों का निर्धारण किया है. अब यहां प्लॉटों की दर कलेक्टर गाईड लाईन के अनुसार रुपए 1859 प्रति वर्गफुट तय की गई है. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम में संशोधन होने से यहां भूभाटक की दरें पहले की तुलना में काफी कम कर दी है.