Search This Blog

Jun 23, 2015

कमल विहार में प्लॉट खरीदने के लिए बैंकों के साथ लोन मेला लगाएगा आरडीए


रायपुर, 23 जून 2015, कमल विहार योजना में भूखंड खरीदने के लिए नागरिकों को ऋण सुविधा उपब्ध कराने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण विभिन्न बैंकों के साथ मिल कर एक लोन मेला आयोजित करने जा रहा है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के अनुसार प्राधिकरण कार्यालय परिसर में 10 जुलाई से तीन दिवसीय लोन मेला का आयोजन होगा. 10 से 12 जुलाई 2015 तक होने वाले इस मेले में प्राधिकरण कई राष्ट्रीयकृत एवं निजी क्षेत्र के बैंकों को आमंत्रित कर रहा है. लोन मेला के दौरान प्राधिकरण कार्यालय परिसर में कमल विहार योजना से संबंधित विभिन्न तकनीकी व विकास संबंधित जानकारियों भी प्रदर्शित की जाएंगी.  
प्राधिकरण लोन मेला में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, कारपोर्रेशन बैंक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, एचडीएफसी कारपोरेशन लिमिटेड, भारतीय जीवन बीमा निगम सहित अन्य कई बैंकों से संपर्क कर रहा है ताकि वे कमल विहार के आंवटितियों को भूखंड व भवन निर्माण के लिए ऋण दे सकें.  

उल्लेखनीय है कि बैंक भवन बनाने के लिए तो ऋण उपलब्ध कराते हैं किन्तु वे भूखंड के लिए सीधे ऋण उपलब्ध नहीं कराते हैं. चूंकि कमल विहार राज्य शासन और रायपुर विकास प्राधिकरण की एक ऐसी योजना है जो कानूनी रुप से पूर्णतः वैध है तथा जो नगर तथा ग्राम निवेश के सभी नियमों का पालन कर बनाई गई है. अत ऐसी स्थिति में योजना में ऋण लेने में किसी भी प्रकार की कोई कानूनी अड़चन नहीं है. यदि कोई ऐसी अड़चन हो तो ऐसी दिक्कते लोन मेला में दूर की जाएंगी. 

Jun 16, 2015

कमल विहार में भूखंडों का स्थल पर कब्जा देना शुरु

रायपुर, 16 जून 2015, कमल विहार योजना में भूमि स्वामियों को आवंटित किए गए विकसित भूखंडों का कब्जा देने के लिए एक विशेष कैंप आज से रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में शुरु किया गया. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के निर्देश पर मूल भूमि स्वामी जिन्हें विकसित भूखंड आवंटित किए गए हैं उनके साथ प्राधिकरण निश्चयात्मक अनुबंध कर भूखंडों का आवंटन कर रहा है. 
दो सप्ताह पहले तक 1834 भूमि स्वामियों को विकसित भूखंड आवंटित किए जा चुके थे. उसके बाद जिन भूमि स्वामियों ने विकसित भूखंड नहीं लिए हैं उन्हें भी आमंत्रित कर भूखंडों का आवंटन तथा कब्जा देने की कार्रवाई की जा रही है. भूखंड आवंटन के साथ ही अब स्थल पर कब्जा देने के लिए भी कमल विहार स्थल कार्यालय में इंजीनियरों को भी तैनात किया गया है. कमल विहार में स्थल पर भूखंडों का कब्जा लेने के बाद आवंटिती वहां अपने भवनों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर सकेंगे.

Jun 15, 2015

Opportunities Don’t Come Again & Again

  If you want a Office Hall or Chamber for your Precious
Business at the Heart of the City. So Don’t miss the chance. The location is at Hanuman Mandir Scheme, Near Shastri Chowk, Raipur. The Bus Stand is 1.5 KM, Railway Station is 2.5 KM, Airport is approximately 15 KM far from here. It is a very prime location, where the availability of Property for sale or Rental are very rare, So Don’t miss the Opportunity.

Jun 14, 2015

दो साल की किश्तों में इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में मिलेंगे प्लॉट

विकसित प्लॉटों की ब्रिकी शुरु
अंतिम तिथि के बाद बचे भूखंडों का आवंटन अब हर गुरुवार को होगा
रायपुर, 14 जून 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा योजना में दो सालों की अवधि में किश्तों में प्लॉट लेने की सुविधा उपलब्ध कराई है. सीईओ श्री एम. डी. कावरे ने बताया कि आवासीय भूखंडों के विक्रय की दर निर्धारण करने के बाद आवासीय के साथ ही व्यवसायिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक, आवास सह व्यवसाय के लिए मिश्रित उपयोग के लिए कुल 58 भूखंडों के लिए नागरिकों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं. पंजीयन और आवंटन तक आवंटिति को 25 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा. अंतिम किश्त को छोड़ कर प्लॉट की 75 प्रतिशत राशि को दो साल में किश्तों में भुगतान करने की सुविधा दी जा रही है.  
आरडीए के सीईओ ने कल मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया के साथ इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना का निरीक्षण कर सड़कों और भूमिगत अधोसंरचना के अन्तर्गत पानी, बिजली, सीवर, दूरसंचार के भूमिगत केबल बिछाने के कार्यों का अवलोकन किया. उन्होंनें योजना के सभी इंजीनियर्स से कार्य और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता तथा समयबध्द कार्य को सुनिश्चित करने पर जोर दिया. श्री कावरे ने साईट इंजीनियर्स से कहा कि वे विक्रय किए जा रहे सभी भूखंड़ों के नंबर व दिशा दर्शाने वाले सीमेंट के पोल लगाएं ताकि स्थल पर भूखंड देखने आने वाले लोगों को सुविधा हो.
श्री कावरे ने आगे बताया कि नगर विकास योजना कमल विहार के साथ ही अब इन्द्रप्रस्थ - रायपुरा की नगर विकास योजना में निर्माण कार्य तेजी लाई गई है. इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा के फेज 2 में प्राधिकरण ने आवासीय के 35 भूखंड, व्यवासायिक के 4, आवासीय सह व्यवसाय के लिए मिश्रित के 15, स्वास्थ्य के लिए 2 और शैक्षणिक प्रयोजन के लिए 2, इस तरह से कुल 58 भूखंडों के लिए आवेदन पत्र प्राधिकरण कार्यालय में लिए जा रहे हैं. इच्छुक व्यक्ति 25 जून तक प्राधिकरण कार्यालय में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं. आवासीय भूखंडों के लिए प्लॉट का आवंटन लॉटरी से किया जाएगा तथा अन्य सभी भूखंडों का आवंटन निविदा के माध्यम से किया जाएगा. श्री कावरे के अनुसार भूखंडों के आवेदन की अंतिम तिथि 25 जून है. यदि इसके बाद भी भूखंड शेष रह जाते हैं तो हर गुरुवार तक प्राप्त आवेदनों के आधार पर लाटरी व निविदा के माध्यम से भूखंड का आवंटन जारी रहेगा.  

इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में आवासीय प्लॉटस में 786 वर्गफुट से 4081 वर्गफुट तक, व्यावसायिक में 4843 से 10765 वर्गफुट तक, मिश्रित (आवासीय सह व्यवसायिक) में 1361 वर्गफुट से 3914 वर्गफुट तक स्वास्थ्य में 7856 वर्गफुट से 7885 वर्गफुट तक, शैक्षणिक में 13403 वर्गफुट से 90281 वर्गफुट तक के प्लॉटस उपलब्ध हैं. 

वंडरलैंड रिक्रिएशन पार्क में निर्देश संबंधी जानकारी प्रदर्शित करें – श्री कावरे

रायपुर 14 जून 2015, आरडीए के सीईओ श्री एम.डी. कावरे ने इन्द्रप्रस्थ रायपुरा स्थित वंडरलैंड रिक्रिएशन पार्क की मिल रही शिकायतों के संबंध में कल मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया के साथ
आकस्मिक निरीक्षण किया. प्रबंधकों ने बताया कि उन्होंने वाटर जोन में उखड़ी टाईल्स के संबंध में आई शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे ठीक कर लिया है. वाटरजोन में उपयोग किया जा रहा पानी पूरी तरह से स्वच्छ है. आकस्मिक दुर्घटना के संबंध में चिकित्सा के लिए एक फोन काल पर डॉक्टर की व्यवस्था की गई है साथ ही वंडरलैंड में प्राथमिक चिकित्सा किट भी स्थल पर उपलब्ध कराई गई है.
श्री कावरे ने स्थल निरीक्षण के दौरान वंडरलैंड के प्रबंधक को निर्देश दिया कि वे यहां आने वाले लोगों के लिए क्या – क्या सावधानियां रखना है ? और क्या नहीं करना है इस संबंध में विस्तृत निर्देश से संबंधित जानकारी अलग – अलग स्थानों पर प्रदर्शित करें. प्राथमिक चिकित्सा के लिए निर्धारित स्थान पर बोर्ड लगाएं ताकि प्रभावित व्यक्ति को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा दी जा सके. प्रबंधकों ने यह भी बताया कि स्वीमिंग पूल में तकनीकी समस्या को दूर कर उसे पुनः चालू करने का प्रयास किया जा रहा है.  

आदर्श बाजार के भवन में मरम्मत करने के निर्देश

रायपुर 14 जून 2015, विवेकानंद आश्रम के बाजू में स्थित आदर्श बाजार के भवन के रखरखाव के संबंध में रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ ने कल स्थल निरीक्षण किया. इस दौरान प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी. आर. नारंग के साथ सहायक राजस्व अधिकारी व इंजीनियर्स भी उपस्थित थे. स्थल निरीक्षण के दौरान भवन की टूट – फूट और अवैध रुप से संचालित हो रहे ठेलों पर भी चर्चा हुई. व्य़वसायियों ने बताया कि आदर्श बाजार भवन में मरम्मत और रखरखाव की आवश्यकता है. इस पर श्री कावरे ने संबंधितों को आवश्यक कार्य किए जाने के निर्देश दिए.

Jun 13, 2015

PLOTS AVAILABLE @ INDRAPRASTHA - RAIPURA - II



PLOTS AVAILABLE @ INDRAPRASTHA - RAIPURA - II
              IndraPrastha - Raipura is a Town Development Scheme No - 1 (TDS - 1) of Raipur Development Authority. Here Plots of various uses like Commercial, Mixed use (Commercial + Residential), Health, Educational and Residentila Plots are availble. Plots of Residential will be alloted by Lottery and Remaining Plots will be alloted through Tender on Highst Bid.

Jun 12, 2015

...।। कार्यालय गंदा करने वालों कर्मचारियों को मिलेगा दंड ।।...

- आरडीए में राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान के लिए बैठक -
- पहली बार 100 रुपए, दूसरी बार 500 रुपए का अर्थदंड, तीसरी बार में निलबंन -


रायपुर, 12 जून 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय में पान – गुटका खा कर और नशा कर इधर - उधर थूकने वाले कर्मचारियों पर अब सीधी कार्रवाई होगी. पहली दो गल्तियों पर अर्थदंड और तीसरी गल्ती पर निलंबन की कार्रवाई होगी. 


प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने आज कार्यालय में कर्मचारियों की एक बैठक कर राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान के उद्देश्यों के अनुरुप कार्यालयों को साफ – सुथरा बनाये रखने के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सबको यह ध्यान रखने होगा कि कार्यालय को पान, गुटका, नशे वाली वस्तुओं का सेवन या मद्यपान कर थूक कर या अन्य किसी भी प्रकार से गंदा नहीं किया जाए.

श्री कावरे ने कहा कि कार्यालय को गंदा करने वाले कर्मचारी को पहली बार में एक सौ रुपए, दूसरी बार में पांच सौ रुपए का अर्थदंड दिया जाएगा. तीसरी बार ऐसी गल्ती करने वाले कर्मचारी पर सीधे निलंबन की कार्रवाई की जाएगी.

Jun 10, 2015

Jun 8, 2015

कमल विहार के 51 आवंटितियों को भूखंडों निरस्त करने की नोटिस

19 जून तक राशि जमा नहीं को तो पंजीयन राशि होगी राजसात 
लगभग 16 करोड़ 20 लाख की बकाया है किश्त 

रायपुर, 8 जून 2015, कमल विहार योजना में नोटिस दिए जाने के बाद भी भूखंडों की किश्तें जमा नहीं करने वाले 51 आवंटितियों को उनके भूखंडों का आवंटन निरस्त कर पंजीयन राशि राजसात करने की नोटिस दी गई है.  

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने बताया कि विभिन्न सेक्टरों में ऐसे आवंटिति जिन्हें लॉटरी के माध्यम से भूखंड आवंटित किए गए थे और उनके व्दारा किश्तों की राशि की दी गई सुविधा के अनुसार राशि का भुगतान नहीं किया है उन्हें पहले भी सूचित किया गया है कि वे राशि का भुगतान कर दें. इस बार आवंटितियों को 19 जून तक का समय दिया है कि वे राशि का भुगतान करे अन्यथा उनका आवंटन निरस्त कर पंजीयन राशि राजसात कर ली जाएगी. इसमें आवंटितियों को 5 लाख 65 हजार से एक करोड़ तैतीस लाख तक की राशि प्राधिकरण में जमा करना है. आवंटितियों व्दारा राशि जमा करने से प्राधिकरण को लगभग 16 करोड़ 20 लाख रुपए की आय संभावित है.   

Jun 4, 2015

कमल विहार में तैयार हो रहा पहला फुटबाल मैदान

9 सेक्टरों का काम पूरा, रिंग रोड व मुख्य सड़कें बन कर तैयार

रायपुर, 4 जून 2015, कमल विहार के नौ सेक्टरों में विकास का काम लगभग पूरा कर लिया गया है. सेक्टर 4, 5, 6, 7-ए, 8-ए, 9, 10, 12 एवं 13 में जलप्रदाय व बरसात का पानी, नाली तथा शोधित जल की पाईप लाईनों, विद्युत के केबल व आईटी केबल के लिए भूमिगत पाईप लाईनों बिछाई जा चुकी है. कमल विहार में योजना व सेक्टर स्तर की सड़कों का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है. योजना में पहले खेल का मैदान सेक्टर एक  तैयार किया जा रहा है. इसमें फुटबाल, बास्केटबाल एवं वालीवाल खेलने के लिए मैदान क समतलीकरण किया जा रहा है. यह मैदान टिकरापारा व बोरियाखुर्द की आबादी क्षेत्र से लगा हुआ है.    
रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने बताया कि आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के नियमित स्थल निरीक्षण से लोक निर्माण, जल संसाधन व विद्युत विभागों से कार्य में आ रही कठिनाईयां दूर हुई हैं तथा आपस में बेहतर समन्वय के साथ कार्य हो रहा है. इसके कारण विकास और निर्माण कार्य में काफी तेजी आई है. कमल विहार योजना में मास्टर प्लॉन के अनुसार बनाई गई साढ़े 3 किलो मीटर की रिंग रोड का काम भी पूरा हो गया है. इसके अलावा योजना स्तर की सड़कों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त सेक्टर 1, 2, 11-ए,  14-ए तथा 15-ए में जलप्रदाय, बरसात का पानी, नाली तथा शोधित जल के लिए भूमिगत पाईप लाईन बिछाए जा चुके हैं.

Jun 3, 2015

87 प्रतिशत भूस्वामियों के सहयोग से विकसित हुई कमल विहार योजना

- 1834 भूस्वामियों ने लिए विकसित भूखंड -
रायपुर, 3 जून 2015, कमल विहार योजना में वहां के 4333 भूस्वामियों ने अपनी सहमति दे कर योजना को विकसित होने में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता निभाई है. कुल 4969 भूमि स्वामियों में से 86.73 प्रतिशत ने अपनी अविकसित भूमि दे कर अब वहां विकसित भूखंड प्राप्त ले रहे हैं. विश्वस्तरीय इस नगर विकास योजना में कई आधुनिक एवं नवीन अवधारणा की संरचना विकसित की गई है.
रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने बताया कि 1834 भूमि स्वामियों ने कमल विहार में विकसित फ्रीहोल्ड के भूखंड ले लिए हैं जो लगभग 42.55 प्रतिशत होता है. योजना में 23 भूस्वामियों को उनके मांग पर मुआवजा तथा शेष की भूमि अनिवार्य भूमि अर्जन के अंतर्गत भूमि ली जा कर मुआवजे की राशि भी भूअर्जन अधिकारी को दे दी गई है. श्री कावरे के अनुसार योजना के भूस्वामियों से नियमित रुप से अनुबंध कर उन्हें विकसित भूखंड दिए जा रहे हैं. अप्रैल माह में 167 भूस्वामियों के लिए विशेष कैंप कर उनके  निश्चयात्मक अनुबंध करके विकसित भूखंड दिए गए तथा यह प्रक्रिया नियमित रुप से चल रही है.

उल्लेखनीय है देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक, छत्तीसगढ़ की पहली नगर विकास योजना कमल विहार में कुल भूमि स्वामियों की संख्या 4969 है और वहां भूखंडों की संख्या 7787 हैं. लगभग 1085 करोड़ रुपए की लागत वाली कमल विहार योजना में आवासीय के अतिरिक्त व्यावसायिक, शैक्षणिक, सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक तथा स्वास्थ्य प्रयोजनों के भूखंडों का हर शुक्रवार को आवंटन किया जा रहा है. 

Jun 2, 2015

पब्लिक टॉयलेट पर दोबारा कब्जा कर कम्प्यूटर आफिस चलाने वाले पर होगी सख्त कार्रवाई

आरडीए सीईओ श्री कावरे का औचक निरीक्षण

 रायपुर, 2 जून 2015, पब्लिक टॉयलेट पर एक बार कब्जा हटवाने के बाद पुनः उस पर दोबारा कब्जा कर कम्प्यूटर का ऑफिस चलाने वाले एक कम्प्यूटर सप्लायर पर आरडीए सीईओ श्री एम.डी. कावरे ने सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है. वे आज अचानक रायपुर विकास प्राधिकरण की शास्त्री चौक स्थित हनुमान मंदिर योजना का निरीक्षण करने पहुंचे थे. उन्होंने पाया कि टॉयलेट के एक क्षेत्र में कब्जा कर उसमें कम्प्यूटर, टेबल, कुर्सी तथा एयर कंडीशनर लगाया गया है तथा दूसरे क्षेत्र व प्रवेश लॉबी में कम्प्यूटर से संबंधित व अन्य उपयोग का सामान रखा हुआ है.
श्री कावरे ने गत 17 मार्च को स्थल निरीक्षण के दौरान पब्लिक टॉयलेट पर कब्जा कर उपयोग किए जाने पर उसे हटाए जाने के निर्देश तकनीकी अधिकारियो को दिए थे. इसके बाद उसका कब्जा खाली करा कर टायलेट परिसर के व्यवसायियों के उपयोग के लिए खोल कर दिया गया था. किन्तु उसके बाद आज अचानक निरीक्षण पर यह पाया गया कि कम्प्यूटर सप्लायर जिसकी बाजू में दुकान है उसने वहां फिर से अपना कब्जा जमा लिया है तथा उसका निजी उपयोग करना शुरु कर दिया है.

Jun 1, 2015

लगातार बिक रहे हैं कमल विहार के भूखंड

654 प्लॉट बेच चुका है आरडीए
 आवासीय भूखंडों की अच्छी बिक्री, अब बढ़ रही है अन्य भूखंडों की मांग

 
रायपुर 01 जून 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण हर दिन प्रायः एक से अधिक भूखंड बेच रहा है. कमल विहार योजना में ही प्राधिकरण विभिन्न आकार व प्रयोजन के 654 भूखंड का विक्रय कर चुका है. प्राधिकरण व्दारा कमल विहार के अतिरिक्त अन्य योजनाओं में रिक्त हुए फ्लैट्स, व्यवासायिक दुकानों व किराये पर दी जाने वाली संपत्तियों के आवंटन पर नियमित रुप प्रचार – प्रसार के कारण प्रदेश के ही नहीं वरन देश से बाहर रहने वाले और अन्य प्रदेशों के नागरिकों भी यहां अपने लिए भूखंड खरीद रहें हैं.
    प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के अनुसार गत 7 फरवरी 2014 से कमल विहार के आवासीय भूखंडों की लाटरी से आवंटन की प्रक्रिया शुरु की गई थी. इसी बीच लोकसभा चुनाव और नगरीय निकायों के चुनावों के दौरान लगभग 3 माह तक भूखंडों का आवंटन नहीं किया सका किन्तु इसके बावजूद अब प्राधिकरण की संपत्ति लेने के लिए नागरिकों में अच्छा खासा उत्साह है. उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 15 माह में 654 भूखंडों का विक्रय होना अर्थात हर माह लगभग 42 भूखंडों का विक्रय किया जा रहा है. इसे दूसरे अर्थों में कहा जाए तो प्राधिकरण हर दिन एक से ज्यादा भूखंड का आवंटन कर रहा है. लोग फ्रीहोल्ड भूखंड लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं
        गत मई माह में ही प्राधिकरण के आवासीय, सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक तथा व्यावासायिक के कुल 42 भूखंड विक्रय हुए हैं जिससे प्राधिकरण को 15 करोड़ 71 लाख रुपए मिलेंगे. श्री कावरे के अनुसार हर शुक्रवार को दोपहर बाद प्राधिकरण कार्यालय में निविदा और लाटरी की प्रक्रिया के माध्यम से भूखंडों का आवंटन किया जा रहा है. श्री कावरे के अनुसार कमल विहार में ऐसे निजी भूमि स्वामी जिन्हें प्राधिकरण ने विकसित भूखंडों का आवंटन किया है वे भी अपने - अपने भूखंडों विक्रय कर रहे हैं किन्तु नागरिकों को रायपुर विकास प्राधिकरण पर ही ज्यादा भरोसा है. इसीलिए लोग सीधा प्राधिकरण में संपर्क कर से भूखंड खरीदनें में अपनी रूचि दिखा कर रहे हैं. श्री कावरे के अनुसार लगभग डेढ़ लाख की आबादी के लिए बनी कमल विहार योजना में आवंटिती अपने भवनों के निर्माण के लिए नगर पालिक निगम रायपुर से मानचित्र स्वीकृति के लिए भवन निर्माण अनुज्ञा भी लेने लगे है. निर्माण के लिए प्राधिकरण व्दारा टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई  है. इस बीच कमल विहार के कई सेक्टरों में विकास और निर्माण कार्य पूरा हो गया है तथा अन्य सेक्टरों में विकास और निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है.

May 25, 2015

इन्द्रप्रस्थ रायपुरा के भूखंड कमल विहार के मुकाबले 95 रुपए सस्ते

इन्द्रप्रस्थ के प्लॉट सिर्फ फीहोल्ड, कमल विहार में लीजहोल्ड और फ्रीहोल्ड दोनों
 फ्रीहोल्ड में इन्द्रप्रस्थ 1520 तो कमल विहार 1615
----------------------------------
रायपुर, 25 मई 2015,  रायपुर विकास प्राधिकरण की इन्द्रप्रस्थ योजना के भूखंड कमल विहार योजना के मुकाबले 95 रुपए प्रति वर्गफुट सस्ते हैं.  इसके अलावा व्यावसायिक,शैक्षणिक, स्वास्थ्य के भूखंडों की ऑफसेट कीमत भी कमल विहार के मुकाबले लगभग 189.50 रुपए से 326 रुपए प्रति वर्गफुट तक कम है.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे के अनुसार कमल विहार में फ्रीहोल्ड के भूखंडों की दर एक ओर जहां 1615 रुपए प्रति वर्गफुट है वहीं इन्द्रप्रस्थ योजना के फ्रीहोल्ड के भूखंडों की दर 1520 प्रति वर्गफुट है. इस तरह दोनों योजनाओं की दरों में 95 रुपए प्रति वर्गफुट का अन्तर है. इन्द्रप्रस्थ योजना में प्राधिकरण ने सिर्फ फ्रीहोल्ड पर ही भूखंडों का आवंटन किया है. जबकि कमल विहार में लीज होल्ड तथा फ्री होल्ड दोनो पर भूखंडों का आवंटन किया जा रहा है.  श्री कावरे के अनुसार यदि कमल विहार से इन्द्रप्रस्थ फेज – 2 की आवासीय योजना का तुलना की जाए तो आवासीय में तय की गई दर 95 रुपए प्रति वर्गफुट कम है. जबकि व्यावसायिक में औसतन ऑफसेट दर रुपए 189.50 प्रति वर्गफुट, शैक्षणिक में 326 रुपए प्रति वर्गफुट, स्वास्थ्य में 208 रुपए प्रति वर्गफुट कम है. इसी प्रकार मिश्रित प्रयोजन के भूखंड जिसका व्यावसायिक के साथ – साथ आवासीय उपयोग भी किया जा सकता है वह भी कमल विहार योजना के व्यावसायिक भूखंड की ऑफसेट दर से कम है
श्री कावरे ने आगे बताया कि राज्य शासन के नियमों के अनुसार भूखंडो का आवंटन भूखंड व्ययन नियमों के अनुसार ही दरें तय की जाती है. शासन के इस व्ययन नियम के अनुसार  नगर विकास योजनाओं में आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों के लिए 15 प्रतिशत आवासीय भूखंड आरक्षित रखे जाते हैं. फलस्वरुप इन्द्रप्रस्थ फेज – 2 योजना में भी आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों के लिए आवासीय भूखंड का 15 प्रतिशत भूमि आरक्षित रखी गई है. इसका क्षेत्रफल लगभग  5 लाख 54 हजार छह सौ वर्गफुट है.  श्री कावरे ने कहा कि आवासीय भूखंड की दर 1520 रुपए प्रति वर्गफुट तय होने के बाद इसका आवंटन अब लाटरी के माध्यम से ही किया जाएगा. जैसा की कमल विहार योजना में किया गया है. इसके अतिरिक्त अन्य सभी भूखंड जिसमें व्यावसायिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक तथा मिश्रित (आवास सह व्यावसायिक) उपयोग के भूखंडों का आवंटन निविदा के माध्यम से किया जाएगा. रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा कुछ दिनों में आवासीय सहित अन्य भूखंडों के आवंटन के लिए विज्ञापन जारी कर प्रस्ताव आमंत्रित किया जाएगा. इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेज 2 की योजना 130 एकड़ में लगभग 115 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की जा रही योजना में अधोसंरचना का कार्य काफी तेजी से किया जा रहा है. अधोसंरचना के विकास के लिए यूनियन बैंक ने प्राधिकरण को 75 करोड़ रुपए का ऋण भी उपलब्ध कराया है. 
कमल विहार व इन्द्रप्रस्थ फेज – 2 के भूखंडों का तुलनात्मक विवरण
क्रमांक
प्रयोजन
कमल विहार
(फ्रीहोल्ड रुपए में)
इन्द्रप्रस्थ
(फ्रीहोल्ड रुपए में)
अन्तर
(रुपए में)
आवंटन का माध्यम
01
आवासीय
1615
1520
95
निर्धारित दर पर आवंटन लाटरी व्दारा
02
व्यावसायिक – (योजना स्तर पर)
2435
2072
189.50

ऑफसेट दर से ऊपर
निविदा के माध्यम
से आवंटन
व्यावसायिक – (सेक्टर स्तर पर)
2088
03
शैक्षणिक
696
370
326
04
स्वास्थ्य
1392
1184
208
05
सार्वजनिक व अर्ध सार्वजनिक
1948
-
-
06
मिश्रित (आवासीय सह व्यावसायिक)
-
2072
-


May 13, 2015

इन्द्रप्रस्थ रायपुरा के आवासीय भूखंडों की दर 1520 रुपए प्रति वर्गफुट

रायपुर, 13 मई 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण ने कमल विहार योजना के बाद अब इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेज - 2 के आवासीय भूखंडों की दर निर्धारित कर दी है. गत माह निविदा में
आई दरों के औसत के आधार पर आवासीय भूखंड की दर 1520 रुपए प्रति वर्गफुट तय की गई है. अब इस दर पर शेष आवासीय भूखंडों को लाटरी के माध्यम से आवंटित किया जाएगा. जबकि व्यावसायिक, स्वास्थ्य तथा मिश्रित (आवास सह व्यावसायिक) के भूखंडों का आवंटन निविदा के माध्यम से ही होगा.    

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के अनुसार छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश विकसित भूमियों, ग्रहों, भवनों तथा अन्य संरचनाओं व्ययन नियमों के अनुसार पिछले माह प्राधिकरण ने इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेज 2  के आवासीय भूखंडों की दर तय करने के लिए निविदा के माध्यम से दरों का प्रस्ताव आमंत्रित किया गया था. इससे पहले जनवरी में प्राधिकरण संचालक मंडल ने निविदा के लिए ऑफसेट दरों को अपनी स्वीकृति दी थी. जिसमें यह कहा गया था कि आवासीय भूखंडों की अंतिम दरों का निर्धारण कुछ सैम्पल प्लॉटों की निविदा कर औसत दर के आधार तय किया जाए. जबकि अन्य सभी भूखंड निविदा के माध्यम से ही आवंटित किए जाएं.
इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेज 2 की इस योजना में एक मात्र शैक्षणिक प्रयोजन के भूखंड का निविदा के माध्यम से आवंटन किया जा चुका है. अब प्राधिकरण के पास आवासीय के साथ व्यावसायिक, मिश्रित (आवास सह व्यावसायिक) तथा स्वास्थ्य प्रयोजन के भूखंड ही उपलब्ध हैं. जिसके लिए आगामी कुछ दिनों में प्राधिकरण व्दारा विज्ञापन जारी कर प्रस्ताव आमंत्रित किया जाएगा. इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेज 2 की योजना 130 एकड़ में लगभग 115 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की जा रही इन्द्रप्रस्थ योजना फेज 2 में अधोसंरचना का कार्य तेजी से किया जा रहा है. अधोसंरचना के विकास के लिए यूनियन बैंक ने प्राधिकरण को 75 करोड़ रुपए का ऋण भी दिया है.

Apr 30, 2015

आरडीए के पूनाराम यादव सेवानिवृत

हर दीपावली में कार्यालय में आकर दीप जलाया
         रायपुर 30 अप्रैल 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण में कार्यरत जमादार श्री पूनाराम यादव आज सेवानिवृत हो गए. 39 साल की सेवा के बाद उन्हे रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों
और कर्मचारियों ने उनकी सेवाओं का सम्मान करते हुए उन्हें बिदाई दी. आरडीए की अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल ने उन्हें श्रीफल व शाल दे कर उनके कार्यों की सराहना की और सम्मानित किया. बेहद अनुशासित और कार्य के प्रति समर्पित पूनाराम को प्राधिकरण से इतना लगाव था कि वे हर दीपावली की रात कार्यालय में आ कर दिया जलाया करते थे. इस अवसर पर प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस.भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग, प्रशासकीय अधिकारी श्री ए.डी. जान, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र सिंह सेंगर सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.


Apr 29, 2015

आरडीए ने 1700 भूखंड किए फ्रीहोल्ड

30 साल की लीज अवधि पूरी, 800 को भेज रहे सूचना
रायपुर 29 अप्रैल 2015, राज्य शासन व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं के आवासीय भूखंडों को फ्रीहोल्ड करने की सुविधा देने के बाद से रायपुर विकास प्राधिकरण ने 1700 भूखंड फ्रीहोल्ड कर दिए हैं. वहीं विभिन्न योजनाओं में जिन 800 भूखंडों व भवनों की 30 साल की लीज अवधि समाप्त हो रही है उन्हें लीज नवीनीकरण की सूचना भेजी जा रही है.
आरडीए के सीईओ श्री एम. डी. कावरे ने आज कार्यालय में हुई एक बैठक में राजस्व शाखा को निर्देश दिया है कि वे प्राधिकरण की जिन योजनाओं की भूमि राजस्व रिकार्ड में दर्ज है उनमें आने वाले सभी भूखंडों के फ्रीहोल्ड के आवेदनों का तुरंत निपटारा करें. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के आधिपत्य की ऐसी भूमि जो नजूल, शासकीय व अन्य भूमि है तथा राजस्व रिकार्ड में किन्ही कारणों से प्राधिकरण के नाम पर दर्ज नहीं हुई है, उसके संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई की जाए ताकि प्राधिकरण के नाम पर भूमि दर्ज की जा सके. इससे अन्य आवंटितियों की संपत्ति फ्रीहोल्ड की जा सके. बैठक में बताया गया कि देवेन्द्रनगर, शैलेन्द्रनगर, कटोरातालाब, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अतंर्गत संपत्तियों को नियमित रुप से फ्रीहोल्ड किया जा रहा है. 
उल्लेखनीय है कि फ्रीहोल्ड का अर्थ है कि आवासीय भूखंड के फ्रीहोल्ड होने पर आवंटितियों को भविष्य में प्राधिकरण को कोई भूभाटक नहीं देना होगा और ना ही उसे अपने भूखंड के विक्रय करने के लिए किसी प्रकार की अनुमति लेनी होगी. फ्रीहोल्ड होने के बाद आवंटिति भूभाटक और विक्रय की अनुमति लेने की औपचारिकता से पूरी तरह से मुक्त हो जाते हैं.

 सन् 1963 से नगर सुधार न्यास और 1977 से रायपुर विकास प्राधिकरण के अस्तित्व में आने के बाद से आवंटित भूखंड व भवन 30 साल के पट्टे अर्थात लीज पर दिए गए थे. इनमें अधिकांश की लीज अवधि समाप्त हो गई है या समाप्त होने वाली है. प्राधिकरण व्दारा नियमित रुप से आवंटितियों की संपत्ति की लीज का नवीनीकरण कर रहा है. वर्तमान में 800 आवासीय भूखंड तथा भवनों की लीज अवधि पूरी हो रही है. इसलिए ऐसे सभी आवंटितियों को प्राधिकरण लीज नवीनीकरण कराने के लिए सूचनाएं भेज रहा है ताकि वे समय रहते ही लीज का नवीनीकरण करा सकें.   

Apr 28, 2015

रहते शिलांग में प्लॉट खरीदा कमल विहार में

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की छबि देख कर रायपुर में लिया प्लॉट
                           छत्तीसगढ़ पहले कभी नहीं देखा
रायपुर 28 अप्रैल 2015, भारत के उत्तर पूर्व में स्थित राज्य मेघालय की राजधानी है शिलांग. यहां दूरसंचार विभाग में काम करने वाले इंजीनियर असित घोष छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से काफी प्रभावित हैं. इसीलिए उन्होंने राजधानी रायपुर के कमल विहार में अपने लिए एक प्लॉट खरीदा है. रिटायरमेंट के बाद वे अपने परिवार के साथ ही रायपुर में ही रहना चाहते हैं. क्योंकि उन्हें
छत्तीसगढ़ और यहां के लोग काफी अच्छे लगे. यही नहीं वे अपने एक मित्र जो उनके सीनियर भी रहे हैं को तीन बार की लगातार कोशिशों के बाद कमल विहार में एक प्लॉट दिलवाने में सफल रहे हैं. ताजुब्ब की बात यह है कि इन दोनों ने इसके पहले छत्तीसगढ़ का नाम भर सुना था पर वे यहां कभी आए नहीं थे.  बिलासपुर में रहने वाले एक मित्र ने उन्हें रायपुर में अपने लिए एक बिल्डर से मकान खरीदने की बात बताते हुए सुझाव दिया था कि यदि वे रहने के लिए कोई प्रापर्टी खरीदना चाहते हैं तो रायपुर में ही लें. यहां प्लॉट या मकान खरीदना एक खरा सौदा है.  
श्री घोष के सीनियर रहे श्री अंतिश सेनगुप्ता बीएसएनएल में डिविजनल इंजीनियर थे, वे अब रिटायर हो चुके हैं पर दोनों की अच्छी मित्रता है. शिलांग में रह कर रायपुर जैसे एक अनजान शहर मे उन्होंने प्रापर्टी क्यों ली. इस पर असित कहते हैं कि मैं अकसर पत्र पत्रिकाओं और टेलीविजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को देखता और सुनता था. मैने यह महसूस किया कि वे छत्तीसगढ़ में काफी अच्छा काम कर रहें हैं और अपने राज्य विकास का काफी काम कर रहे हैं. तभी से मैंने यहां प्लॉट लेने का मन बना लिया था. इस कारण मुझे छत्तीसगढ़ को और जानने की इच्छा हुई. मेरे बिलासपुर वाले मित्र से भी अक्सर बातें होती रहती थी. सो उनके कहने पर मैंने और अंतिश जी ने यह निर्णय लिया कि हम रायपुर में ही अपने लिए प्लॉट लेंगे ताकि रिटायरमेंट के बाद यहां सुकून से रह सकें. वे कहते हैं कि शिलांग आदिवासीवासी बहुल क्षेत्र है और वहां छठी अनुसूची लागू होने के कारण संपत्ति खरीदना काफी मुश्किल है. शिलांग शहर के लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में ही सामान्य व्यक्ति संपत्ति खरीद सकता है पर वहां जमीन की खरीदी – बिक्री बहुत कम होती है. आदिवासी क्षेत्र होने के कारण सामान्य वर्ग वहां भूमि नहीं खरीद सकता. बंगाल में चार भाईयों के नाम पर उनके परिवार का एक बड़ा प्लॉट है लेकिन कोई उनके प्लॉट पर कब्जा न कर बैठे यही डर हमेशा लगता रहता है. चूंकि छत्तीसगढ़ और यहां के लोग काफी अच्छे लगे इसलिए मैंने यहां अपने मित्र के साथ अपने लिए  कमल विहार में एक प्लॉट खरीदा.

दो महीने पहले फोन पर व्हॉट्स अप के माध्यम से जब इन्हें आरडीए के अधिकारियों ने कमल विहार के प्लॉटों की जानकारी भेजी तो दोनों ने एक साथ मिल कर कमल विहार में प्लॉट लेने की सोची और  शिलांग से ही अपना आवेदन रायपुर विकास प्राधिकरण को भेजा. चूंकि प्लॉट का आवंटन लॉटरी से हो रहा था. इसमें असित घोष की लॉटरी तो निकल गई पर अंतिश सेनगुप्ता रह गए उनको कोई प्लॉट नहीं मिला. श्री सेनगुप्ता ने दूसरी और तीसरी बार फिर अपनी किस्मत आजमाई पर इस बार भी वे असफल रहे. इस दौरान वे लगातार प्राधिकरण की वेबसाईट, फेसबुक और अधिकारियों के संपर्क में रहे. लगातार धोखा देती किस्मत के बाद आखिर में दोनों ने यह फैसला किया कि वे स्वयं रायपुर जाकर देखेंगे की लॉटरी कैसे की जा रही है. अप्रैल के पहले सप्ताह में वे दोनों लाटरी के दो दिन पहले रायपुर पहुंचे. पहले उन्होंने कमल विहार देखा और दूसरे दिन नया रायपुर. तीसरे दिन शुक्रवार को वे रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय आए. लेकिन वो जिस आकार का प्लॉट लेना चाहते थे वह उपलब्ध नहीं थे. चूंकि वे इस बार प्लॉट लेने के दृढ़ इरादे से आए थे सो उन्होंने आवासीय प्लॉट के बदले सार्वजनिक - अर्ध्द सार्वजनिक उपयोग का प्लॉट लेने का फैसला किया. जिसमें वे नीचे बैंक, कार्यालय या होटल और ऊपर निवास बना सकते थे. सो उन्होंने टेन्डर भरा और इस बार किस्मत ने उनका पूरा साथ दिया और उनको 1500 वर्गफुट का उनकी पसंद का प्लॉट मिल गया. प्लॉट मिलने के बाद उन्होंने बताया कि हमारी जब अधिकारियों से बात होती थी तो ऐसा लगता ही नहीं था कि हमारी किसी सरकारी संस्था के लोगों से बात हो रही है. सबका व्यवहार इतना अच्छा है कि हमें तो शक हो गया था कि शायद हम किसी निजी संस्था वालों से तो बात कर नहीं कर रहे हैं. यहां आकर हमे वाकई अच्छा लगा की किसी सरकारी संस्था के लोग भी इस तरह से अच्छा व्यवहार कर सकते हैं.