रायपुर, 24
मई 2014, रायपुर
विकास प्राधिकरण व्दारा डूमरतराई,
देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर,
लाभांडीह एवं जोरा के क्षेत्र को सम्मिलित कर नगर विकास योजना तैयार
करने के संबंध में जानकारी देने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया है. 26 जून
शाम 5 बजे न्यू सर्किट हाऊस में होने वाले इस कार्यशाला में रीयल एस्टेट के
क्षेत्र में काम करने वाली संस्था क्रेड्राई, सीआईआई,
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, स्कूल तथा
महाविद्यालयों तथा अन्य संभावित निवेशकों को आमंत्रित किया गया है. कार्यशाला में
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एक प्रेजेन्टेशन के
माध्यम से नगर विकास की अवधारणा की प्रस्तुति करेंगे. इस दौरान कमल विहार योजना के
अनुभवों को भी साझा किया जाएगा तथा वहां पूंजी निवेश की संभावानाओं को भी रेखांकित
किया जाएगा.
* रायपुर शहर विकास की संस्था * * 1963 से कार्यरत संस्था * * लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस * * इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस से सम्मानित
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Jun 24, 2014
कमल विहार के व्यावसायिक भूखंडो के विक्रय तिथि में बढ़ाई गई
निविदा की अंतिम तिथि अब 10 जुलाई 2014
रायपुर, 24 मई 2014, कमल विहार की व्यावसायिक संपत्तियों को खरीदने और पूंजी निवेश के इच्छुक लोगों की मांग पर रायपुर विकास प्राधिकरण ने कमल विहार योजना के व्यावसायिक, सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक, शैक्षणिक तथा स्वास्थ्य के भूखंडो की निविदा तिथि को 15 दिन आगे बढा दिया है. पहले निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 25 जून थी जिसे बढाकर 10 जुलाई 2014 कर दिया गया है. अब निविदा आवेदन पत्र, नियम एवं शर्ते रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय में 10 जुलाई 2014 शाम 5 बजे तक प्राप्त किये जा सकेंगे. आवेदन पत्र रायपुर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट आरडीए रायपुर डॉट कॉम से भी डॉऊन लोड किए जा सकते है.
अवैध प्लॉटिंग करने वालों को कमल विहार में नहीं मिलेगा प्लॉट
अवैध प्लॉटिंग करने वालों ने अपने सारे प्लॉट बेच डाले और रोड रास्ते की जमीन को अपना बताकर कमल विहार में प्लॉट लेने के लिए दिया आवेदन
रायपुर, 24 मई 2014, शहर में कई सालों से अवैध प्लॉट बना कर बेचने वालों के विरुध्द अब कार्रवाई शुरु की जाएगी. बिना सड़क, नाली, बिजली पानी की सुविधाएं दिए तथा सक्षम अधिकारी से भवन निर्माण की अनुज्ञा के लिए बिना प्लॉट बेचने वाले लोगों ने कमल विहार योजना में भी विकसित भूखंड लेने का प्रयास किया था जिसे रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने विफल कर दिया है.
प्राधिकरण को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रायपुर व्दारा कमल विहार योजना क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वाले की सूची उपलब्ध कराई है. इस सूची में उन सभी अवैध प्लॉटिंग करने वाले लोगों के नाम तथा प्लॉटिंग के बाद शेष सड़क, उद्यान एवं खुली भूमि के समस्त खसरा नंबरों एवं रकबे का उल्लेख है. प्लॉट बेच देने के बाद बची शेष भूमियों के बदले अवैध प्लॉट करने वाले तत्वों ने प्राधिकरण व्दारा मूल भूमि के बदले 35 प्रतिशत क्षेत्र के बराबर के विकसित भूखंड लेने का प्रयास किया था. प्राधिकरण को राजस्व विभाग से मिली अवैध प्लॉट की सूची के अनुसार अब किसी भी ऐसे व्यक्तियों को विकसित भूखंड नहीं दिए जाएंगे, साथ ही प्राधिकरण कॉलोनाइजर एक्ट के अन्तर्गत अपराधिक प्रकरण दर्ज करने हेतु नगर निगम रायपुर एवं अनुविभागीय अधिकारी रायपुर को पत्र लिख रहा है. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 (ग) के अन्तर्गत अवैध कालोनियों का विकास करने तथा बिना अनुज्ञा भूमि के व्यपवर्तन करने पर 3 से 7 वर्ष के कारावास का प्रावधान है.
दरअसल जमीन की खरीद फरोख्त करने वाले ऐसे कुछ तत्वों ने राजधानी रायपुर के क्षेत्रों में विकास योजना में भूमि के उपयोग के विरुध्द कृषि तथा अन्य उपयोग की भूमि पर अपना नक्शा बना कर कई एजेंटो के माध्यम से हजारों की संख्या में प्लॉट काट कर बेचे. ऐसे प्लॉटों तक पहुंच पाना और मौके पर प्लॉट की स्थिति को देख पाना भी लोगों के काफी मुश्किल था. आकर्षक विज्ञापन और लुभावने प्रस्तावों के साथ किश्तों तथा लाटरी में प्लॉट देने के ऐसे षड़यंत्र में आम जनता को काफी परेशानी में डाला.
जहां-जहां अवैध प्लॉट काट कर बेचे गए वह अधिकांश कागजों में थे मौके पर न तो कोई मकान बनाने की स्थिति में था और न ही बैंक या किसी अन्य संस्था से ऋण लेने की स्थिति में था. इक्का दुक्का लोगों ने अपने पैसे से किसी प्रकार से मकान बनाया तो ऐसे अवैध प्लॉटों पर पहुंचनें के लिए न तो सड़क बनी थी और न ही पानी की सुविधा थी. तारों में झुलते हुए बिजली के खुले तारों और आसपास के भूमि पर नाली का पानी बहाने वाले ऐसे मकानों में रहने वालो को लगातार कई समस्याओं से दो चार होना पड़ता था. आम जनता को इन्ही समस्याओं से निजात दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने रायपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से नगर विकास योजना कमल विहार का क्रियान्वयन किया. जनभागीदारी के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही कमल विहार योजना में पहली बार रायपुर विकास प्राधिकरण लगभग 5 हजार भूस्वामियों को उनकी भूमि के बदल बिना कोई शुल्क लिए विकसित भूखंड प्रदान कर रहा है. प्राधिकरण रायपुर शहर के मॉस्टर प्लॉन के क्रियान्वयन की दिशा में आधुनिक अधोसंरचना के साथ नगर विकास योजनाओं को लागू कर नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, अच्छा पर्यावरण और व्यवस्थित आवासीय सुविधाएं देने का कार्य कर रहा है.
Jun 23, 2014
कमल विहार में 380 भूस्वामियों को विकसित भूखंड मिले
रजिस्ट्री के लिए 7 से 14 जुलाई तक कलेक्ट्रोरेट में लगेगा विशेष कैम्प
सड़क-रास्ते की भूमि के आधार पर अवैध प्लाटिंग करने वालों को नही मिलेंगे भूखंड
रायपुर, 23 जून 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण ने अपने पूर्व वायदे के अनुसार कमल विहार योजना के अंतर्गत आने वाले भू-स्वामियो को विकसित भूखंड देना शुरू कर दिया है. अब तक 380 ऐसे भूमि स्वामियो को जिनकी भूमि कमल विहार योजना के लिए ली गई थी उनको विकसित भूखंड देने के लिए प्राधिकरण व्दारा लगातार रजिस्ट्रियां की जा रही है. प्राधिकरण ने आज ऐसे 380 भूस्वामियों की सूची जारी की जिन्हें विकसित भूखंड दिए गए हैं. (अवलोकन हेतु सूची संलग्न).
प्राधिकरण प्रशासन ने आज स्पष्ट किया है कि कमल विहार में अवैध प्लाटिंग करने वाले यह दुष्प्रचार कर भ्रामक अफवाहे फैला रहे है कि प्राधिकरण ने जिनकी भूमि कमल विहार योजना बनाने के लिए ली है उनको अभी तक विकसित भूखंड नही लौटाए है. जबकि सच्चाई यह है कि प्राधिकरण व्दारा लगातार भूस्वामियों की रजिस्ट्री कर रहा है.
रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज कार्यालय में हुई एक बैठक में राजस्व विभाग को कहा कि वे आगामी 7 से 14 जुलाई तक कलेक्ट्रोरेट परिसर में एक विशेष कैम्प लगाकर कमल विहार योजना के भूमि स्वामियों से अनुबंध और रजिस्ट्री की कार्रवाई में तेजी लाए. श्री कटारिया ने कहा है कि जिन भूमि स्वामियों को विकसित भूखंड आबंटित कर दिए गए है वे कमल विहार योजना में प्रक्रिया के तहत भवन निर्माण अनुज्ञा लेकर निर्माण का कार्य कर सकते है. श्री कटारिया ने कहा कि जो लोग कमल विहार योजना में अवैध रूप से प्लाटिंग कर के अब अपनी सड़क-रास्ते की भूमि के आधार पर विकसित भूखंड लेने का प्रयास कर रहे है, उन्हें किसी भी प्रकार से भूखंड नही दिया जाएगा.
Jun 17, 2014
सरोना में भी नगर विकास योजना की मांग
आवास एवं
पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत को प्रतिनिधि मंडल दिया ज्ञापन
योजना के लिए भूमि
स्वामी 600 एकड़ निजी भूमि देने को तैयार
रायपुर, 17 जून 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण को छत्तीसगढ़ शासन से कमल विहार के बाद एक और नई
नगर विकास योजना की मंजूरी मिलने के बाद ग्राम सरोना में भी टॉऊन डेव्हलपमेंट
स्कीम बनाने की मांग को लेकर आज एक प्रतिनिधि मंडल आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री
राजेश मूणत से मिला. श्री कन्हैयालाल छुगानी के नेतृत्व में छह सदस्य प्रतिनिधि
मंडल ने आज श्री मूणत को एक ज्ञापन सौंपकर यह अनुरोध किया कि सरोना ईटा भट्टा
क्षेत्र में 25 परिवारों की 600 एकड़ निजी भूमि और 125 एकड़ शासकीय भूमि उपलब्ध
है, यहां पर कमल विहार योजना के जैसी एक और नगर विकास योजना बनाई जाए. योजना बनाने
के लिए वहां के सभी भूमि स्वामी अपनी निजी भूमि देने को सहमत है.
बाद में यह
प्रतिनिधि मंडल आवास एवं पर्यावरण मंत्री के निर्देश पर रायपुर विकास प्राधिकरण के
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया से उनके कार्यालय में मिला.
प्रतिनिधियों ने श्री कटारिया को जानकारी दी कि सरोना के क्षेत्र में रेल्वे
स्टेशन, रिंग रोड नं. – 01 और
अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) होने के कारण यह क्षेत्र पहले से ही टॉऊन
डेव्हलपमेंट स्कीम के लिए सर्वथा उपयुक्त है. अतः हमारा अनुरोध है कि राज्य शासन
और रायपुर विकास प्राधिकरण इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान कर
शीघ्र ही क्रियान्वित करें. श्री कटारिया ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि
माननीय मंत्री जी और स्थानीय निवासियो की अपेक्षा के अनुरूप इस प्रस्ताव के सभी
पहलुओं का अध्ययन कर उचित निर्णय लिया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि आवास एवं
पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन व्दारा गत दिनो रायपुर विकास प्राधिकरण को
डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा के क्षेत्र को सम्मिलित कर
नगर विकास योजना तैयार करने की सैध्दांतिक प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है. प्राधिकरण
में आए प्रतिनिधि मंडल में कन्हैयालाल छुगानी, सुशील सचदेव, मनोज जैन, श्री
श्रीचंद, दीपक अठवानी और झामनदास शामिल थे.
Jun 16, 2014
आरडीए की नई टॉऊन डेव्हलपमेंट योजना को शासन की स्वीकृति
कमल विहार की तर्ज पर बनेगी नगर विकास
योजनाएं
रायपुर, 16 जून 2014, आवास एवं पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण
को डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा के क्षेत्र को सम्मिलित
कर नगर विकास योजना तैयार करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है. आवास एवं पर्यावरण
विभाग के सचिव व्दारा जारी एक आदेश में राज्य शासन व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण
को नई नगर विकास योजना बनाने की सैध्दांतिक प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है.
रायपुर विकास
प्राधिकरण ने इसी महीने राज्य शासन को नई नगर विकास योजनाओं के संबंध में पत्र
प्रेषित कर प्रशासकीय स्वीकृति मांगी थी. शासन ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश
अधिनियम 1973 के प्रावधानों के अनुरुप यह स्वीकृति प्रदान की है. प्राधिकरण ने
राज्य शासन को प्रेषित अपने पत्र में प्राधिकरण ने कहा था कि कमल विहार से लगे हुए
क्षेत्र डुमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभान्डीह एवं जोरा क्षेत्र में
तीव्र गति से अनियमित विकास एवं निर्माण किया जा रहा हैं. ऐसी स्थिति में इन
क्षेत्रों में अधोसंरचना का विकास किया जाना अति आवश्यक हैं अन्यथा यह क्षेत्र भी
अनियमित विकसित क्षेत्र बन जाएगा. इन क्षेत्रों में कुछ क्षेत्र कमल विहार तथा कुछ
क्षेत्र नया रायपुर क्षेत्र की सीमा से लगे हुए हैं इसलिए यह आवश्यक है कि इन
क्षेत्रों में नियमित विकास हो और यहां उच्च स्तरीय अधोसंरचना विकसित हो. इससे इन
क्षेत्रों में रायपुर मास्टर प्लॉन में प्रस्तावित मुख्य सड़कों का भी विकास किया
जा सकेगा. प्राधिकरण के पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया था कि नई नगर विकास
योजना के क्षेत्र में स्वीकृति अभिन्यास, आबादी, निर्मित क्षेत्र, हरित क्षेत्र
एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय आदि के क्षेत्र को विस्तृत सर्वेक्षण के बाद
छोड़कर योजना तैयार की जाएगी.
रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा वर्तमान में देश
की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक नगर विकास योजना एक अर्थात कमल विहार
योजना का विकास किया जा रहा है. इसमें लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है.
अगले महीने इसे कुछ सेक्टरों का लोकार्पण किया जाएगा. योजना में विश्व स्तरीय
अधोसंरचना विकास के साथ आवासीय, व्यावसायिक, मनोरंजन, उद्यान एवं खेल मैदान के साथ
सार्वजनिक एवं अर्ध्द सार्वजनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है. इसके अतिरिक्त
प्राधिकरण व्दारा ग्राम रायपुरा के क्षेत्र में नगर विकास योजना क्रमांक एक 'इन्द्रप्रस्थ
रायपुरा' भी विकसित की है. इसके अतंर्गत डुप्लेक्स भवन, न्यून निम्न आय वर्ग तथा
मध्यम आय वर्ग के लिए फ्लैट्स, आवासीय भूखंडों का विकास किया है. योजना में अभी कई
और आवासीय भूखंड विकसित किए जा रहे है. साथ ही यहां छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा
रिक्रिएशन पार्क एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल विकसित किया जा रहा
है. Jun 14, 2014
कमल विहार - नया रायपुर के विकास की अवधारणा को देख बनेगी न्यू काबुल सिटी
रायपुर, 14 जून 2014, छत्तीसगढ़ अब देश के उन शहरों में से एक हो गया है जहां देश–विदेश से लोग यह देखने
और सीखने के लिए आने लगे है कि एक नए शहर का विकास कैसे किया जाता है और बने हुए
शहरों का विकास कैसे किया जाए. देशॉबज बरीकॉब सिटी डेव्हलपमेंट अथारिटी
(डीसीडीए) काबुल, अफगानिस्तान के पांच
अधिकारियों ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना और नया रायपुर के
विकास कार्यों को देखा. वे इसका अध्ययन कर काबुल में बनने वाले न्यू काबुल सिटी का
विकास करेंगे.

काबुल की इस टीम
ने कमल विहार भ्रमण के दौरान रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से भूमि अर्जन
और लोगों की सहभागिता के बारे में जानकारी लेने में काफी दिलचस्पी दिखाई और कई
सवाल पूछे. जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) के माध्यम से से भारत के नए
शहरों में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और नया
रायपुर के विकास की योजना तैयार करने से ले कर उसके क्रियान्वयन से संबंधित
विस्तृत अध्ययन के लिए यह टीम रायपुर आई है.
दरअसल यह टीम
जायका की तकनीकी मदद से जापान, टर्की और भारत के
शहरों के विकास का अध्ययन कर काबुल में एक नया शहर ' काबुल न्यू सिटी ' (केएनसी) बनाना चाहती है. दोपहर बाद कमल विहार पहुंची टीम ने कमल विहार
योजना के विकास कार्यों को काफी रुचि से देखा. कमल विहार की भूमिगत अधोसंरचना के
अंतर्गत टीम ने सेक्टर 7 में हर भूखंडों तक पहुंचाई गई बुनियादी सुविधाओं
यथा बिजली, पानी, नाली इत्यादि के कनेक्शन को देखा. प्राधिकरण के अधिकारियों ने उन्हें
बताया गया कि हर प्लॉट के सामने तक पहुंचाई गई सुविधा के लिए यहां पांईट तय किए गए
हैं. जब भी भूखंडधारी अपना भवन बनाएगा उसकी मांग पर उन पांईट से उन्हें बुनियादी
सुविधाएं दे दी जाएंगी.
Jun 5, 2014
कमल विहार जैसी एक और योजना बनाएगा आरडीए – श्री राजेश मूणत
कमल विहार और रिक्रिएशन पार्क का लोकार्पण जुलाई में
रायपुर, 05 जून 2014, कमल विहार योजना और रायपुरा के रिक्रिएशन पार्क और स्वीमिंग पूल का
लोकार्पण जुलाई में होगा. आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने आज रायपुर
विकास प्राधिकरण की योजनाओं के भ्रमण के दौरान उक्त बातें कही. श्री मूणत ने कहा
कि कमल विहार की अच्छी सफलता को देखते हुए आरडीए इसी तर्ज पर एक और नगर विकास
योजना शुरु करेगी.
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने आज पहले रायपुर विकास प्राधिकरण की
इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना का अवलोकन किया. इस दौरान प्राधिकरण के मुख्य
कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने बताया कि इन्द्रप्रस्थ फेस-1 का निर्माण पूरा हो चुका है तथा फेस-2 की शुरूआत की जा रही है. इन्द्रप्रस्थ फेस-1 में जहां प्राधिकरण व्दारा न्यून निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए
फ्लैट्स तथा डुप्लेक्स भवनों का निर्माण कर हितग्राहियों को आवंटित किया गया है, वहीं फेस-2 में नियमित आकार के भू-खण्ड विकसित
कर आवंटित किए जाने की योजना है. श्री कटारिया ने बताया कि इन्द्रप्रस्थ योजना में
आमोद – प्रमोद के लिए आरक्षित 18.77 एकड़ भूमि पर छत्तीसगढ़
का सबसे बड़ा रिक्रियेशन पार्क और अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल का निर्माण
अंतिम चरण में है.
प्राधिकरण व्दारा नियुक्त डेव्हलपर कंपनी मेसर्स पंचामृत इन्टरटेनमेंट
कोलकाता व्दारा रिक्रिएशन पार्क विकसित किया गया है. रिक्रिएशन पार्क को चार
हिस्सों में विकसित किया जा रहा है - ड्राई जोन, वाटर जोन, टनल शॉपिंग और क्लब हाऊस. इनमें क्लब
हाऊस के अलावा शेष तीन हिस्से पूरे किए जा चुके हैं. ड्राई जोन के अंतर्गत हवाई
झूला, टॉय ट्रेन, गो कार्ट, ओपन थियेटर, आक्टोपस, एनाकोन्डा और स्ट्राईकिंग कार जैसे मनोरंजन सुविधाओं का निर्माण किया गया
है. वॉटर जोन के अंतर्गत स्वीमिंग पूल, बेबीपूल, वेव पूल और वॉटर राइड्स का निर्माण
किया गया है. टनल शॉपिंग के तहत 42 भूमिगत तल पर दुकानों
निर्माण किया गया है. श्री मूणत ने कहा कि प्राधिकरण व्दारा निर्मित यह रिक्रियेशन
पार्क छत्तीसगढ़ और विशेष कर रायपुरवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है. यह रायपुर शहर
के साथ-साथ आस-पास के शहरों के निवासियों के मनोरंजन का महत्वपूर्ण साधन साबित
होगा।
रायपुरा के बाद श्री मूणत देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं
में से एक ‘कमल विहार’ गए. लगभग16 सौ एकड़ में विकसित की जा
रही ‘कमल विहार’ योजना के बारे में विस्तृत जानकारी
देते हुए प्राधिकरण के सीईओ श्री अमित कटारिया ने कहा कि योजना में स्थित 250 एकड़
क्षेत्र वाले बोरिया तालाब को वाटर स्पोर्टस और रिक्रिएशन के लिए विकसित किया जाना
है. उन्होंने कहा कि कमल विहार में विश्व स्तरीय अधोसंरचना का विकास किया गया है.
यहां नाली, पानी, बिजली, दूरसंचार, बारिश के पानी की निकासी और उपचारित गंदे पानी
की निकासी के लिए सभी अधोसंरचनाओं को भूमि के नीचे बनाया गया है. प्राधिकरण के
मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया ने आवास एवं पर्यावरण मंत्री को बताया गया कि हर
भूखंड को बुनियादी सुविधाएं यथा बिजली, पानी, नाली इत्यादि के कनेक्शन उनके प्लॉट
के सामने तक पहुंचा कर सील कर दिए गए है. जब भी वे इसके कनेक्शन की मांग करेंगे
उन्हें यह उपलब्ध करा दिए जाएंगे.
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने इस अवसर पर
अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हर सेक्टर के ब्लॉक से भूखंडों तक पहुंच को आसान
बनाने के लिए साईनेज बोर्ड लगाएं. श्री मूणत ने जून माह के अंत तक कमल विहार के चार
सेक्टरों, सेक्टर 4, 5, 6 और सेक्टर 7 का का काम पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि जुलाई माह में इसका लोकार्पण
किया जा सके.
प्राधिकरण की योजनाओं के भ्रमण के दौरान श्री मूणत के साथ
प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री एन. बैजेन्द्र कुमार, सचिव श्री संजय शुक्ला, रायपुर विकास
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज, प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी
श्री अमित कटारिया मौजूद, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद और
मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया उपस्थित थे.
May 31, 2014
कमल विहार योजना का 60 प्रतिशत कार्य पूरा
रायपुर दिनांक 31 मई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल
विहार योजना के अधोसंरचना विकास का लगभग
60 प्रतिशत का कार्य पूरा कर लिया गया है. 15 सेक्टरों में विभाजित कमल विहार में
प्राधिकरण व्दारा 334 आवासीय भूखंडों का विक्रय किया जा चुका है. बजट के अनुसार
कमल विहार योजना में कुल 5 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे जिसकी कुल क्षमता
38 एमएलडी होगी. सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले साफ पानी का उपयोग
उद्यानों की सिंचाई के लिए किया जायेगा.
रायपुर विकास प्राधिकरण के विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए वर्ष
2014 - 2015 के वार्षिक बजट के अनुसार 5 अरब 19 करोड 5 लाख 26 हजार की आवक तथा 4 अरब
52 करोड 32 लाख 53 हजार रुपए के व्यय का प्रस्ताव है. बजट के अनुसार योजनाओं के
निर्माण कार्य में लगभग साढ़े 64 प्रतिशत राशि व्यय होगी. जबकि स्थापना पर 2.48
प्रतिशत तथा कार्यालयीन एवं प्रशासनिक कार्यों पर 3.02 प्रतिशत का व्यय होगा.
बजट में विकास योजनाओं के
निर्माण में 3 अरब 34 करोड 79 लाख 40 हजार रुपये के व्यय का प्रावधान किया गया है.
योजना एवं संधारण के लिए 1 करोड 52 लाख रुपए रखे गए है. कार्यालयीन एवं प्रशासनिक
व्यय के मद में 15 करोड 68 लाख 60 हजार रुपये तथा स्टॉफ के वेतन भत्तों इत्यादि के
भुगतान के लिए 12 करोड 86 लाख 34 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है. ऋण अदायगी
के रूप में प्राधिकरण को 74 करोड़ 75 लाख 71 हजार रुपये देने होंगे. अकेले कमल
विहार के लिए सेंट्रल बैंक आफ इंडिया रायपुर से लिए गए ऋण पर 40 करोड़ रुपये ब्याज
पर तथा 25 करोड रुपये ऋण अदायगी के रूप में वापस किए जाएगें. वहीं इंद्रप्रस्थ फेज
- 2 की आवासीय भूखण्डों की योजना के ऋण पर ब्याज के रूप में 1 करोड़ 70 लाख रुपए
वापस किए जाएगे.
जनभागीदारी से विकसित की जा
रही कमल विहार योजना के विकास एवं निर्माण पर कुल 2 अरब 87 करोड 50 लाख रुपये व्यय
किए जाएंगे. इसके अतंर्गत रिंग रोड के निर्माण के लिये 6 करोड़ रुपये, मास्टर
प्लान की दो सड़कों के लिए 10 करोड रुपए, निर्मित संरचनाओं के मुआवजे पर 2 करोड़
रुपए, स्कूल भवन तथा जलागार के निर्माण हेतु 10 लाख रुपए, साइनेज बोर्ड, गेट एवं मार्कर
पोल के लिए 3 करोड़ 40 लाख रुपए, वृक्षारोपण के लिए एक करोड़ रुपए, सीवरेज ट्रीटमेंट
प्लांट के लिए 5 करोड रुपए, बस – वे के लिए 1.5 करोड
रुपए, बोरिया तालाब तटबंध निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए, विद्युत की एच.टी.लाईन
हेतु 20 करोड़ रुपये, 33/11 किलोवाट सब स्टेशन के प्रशासनिक भवन के लिए 2 करोड रुपए,
सेक्टर लेवल की सड़को के फुटपाथ के लिए 3 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
इंदप्रस्थ रायपुरा योजना में निर्माणाधीन 120 फ्लैट्स के लिए 14 करोड़ 5 लाख रुपए,
इंदप्रस्थ फेज - 2 में एमआर रोड व विकास कार्य के लिए 20 करोड 65 लाख रुपए रखे गए
है. ई.ए.सी.कालोनी में सर्वे प्लानिंग, नोटिफिकेशन, कंसलटेंसी, भू-अधिग्रहण, सड़क
व अन्य निर्माण कार्यो के लिए 8 करोड 10 लाख रुपए का प्रावधान बजट में किया गया
है. इसी प्रकार डा. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्ट नगर रांवाभाठा में विकास कार्यो के लिए
2 करोड 5 लाख रुपये का प्रावधान है. इंदप्रस्थ रायपुरा योजना के 18.77 एकड भूमि पर
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल एवं रिक्रिएशन पार्क का कार्य भी अंतिम चरण
में है. इसे अगले माह तक पूरा हो जाने की संभावना है.
May 27, 2014
जून में बन कर तैयार हो जाएगा आरडीए का रिक्रिएशन पार्क
छत्तीसगढ़ का सबसे
बड़ा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल व रिक्रिएशन पार्क रायपुरा में
रायपुर, 27 मई 2014, छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा अंर्तराष्ट्रीय स्तर का
स्वीमिंग पूल व रिक्रिएशन पार्क जून में बन कर तैयार हो जाएगा. रायपुर विकास
प्राधिकरण व्दारा डेव्हलेपर के माध्यम से रायपुरा के 19 एकड़ क्षेत्र में विकसित
किए जा रहे इस रिक्रिएशन पार्क में अब अंतिम चरण का कार्य किया जा रहा है. छत्तीसगढ़
शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री संजय शुक्ला ने रायपुर विकास
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज के साथ कल इसका अवलोकन किया.
प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया ने अधिकारियों को बताया कि यहां मुख्य रुप से ड्रॉई जोन, वॉटर जोन, टनल जिसमें शॉपिंग एरिया है तथा क्लब हाऊस तैयार किया जा रहा है. ड्रॉई जोन में बड़ा झूला, टॉय ट्रेन, गो - कार्ट, ऑक्टोपास, ओपन थियेटर, रिवर केप (एनाकोंडा) स्ट्रॉकिंग कार, होगा. वॉटर जोन में स्वीमिंग पूल, बेबी पूल, वेव पूल, वॉटर राईड्स, बोट क्लब व रेन डांस होगा. टनल शॉपिंग क्षेत्र में 42 दुकानें बनाई गई है जो भूमिगत तल पर है. ड्रॉई जोन, वॉटर जोन, टनल शॉपिंग एरिया सभी जून के अंत बन कर तैयार हो जाएगें. इसके अतिरिक्त एक क्लब हाऊस भी प्रस्तावित है जिसका कार्य शीघ्र ही शुरु कर दिसंबर 2014 तक पूर्ण किया जाएगा.
धमतरी मार्ग से कमल विहार रिंग रोड मोड़ पर बनाया जाएगा चौक
कमल विहार के लिए
बनेगा भव्य एवं आकर्षक प्रवेश व्दार
रायपुर, 27 मई 2014, धमतरी मार्ग से कमल विहार रिंग रोड मोड पर एक नए चौक का
निर्माण किया जाएगा तथा यहां एक भव्य प्रवेश व्दार बनाया जाएगा. प्रवेश व्दार की डिजाईन
तैयार करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं. छत्तीसगढ़ शासन के आवास एवं पर्यावरण
विभाग के सचिव श्री संजय शुक्ला ने रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.
बजाज के साथ कल कमल विहार योजना के भ्रमण के दौरान उक्त निर्देश दिए.
श्री शुक्ला को प्राधिकरण के अधिकारियों ने
बताया कि कमल विहार के सेक्टर 6 व 7 में अधोसंरचना विकास का कार्य जून के अंत तक
पूरा कर लिया जाएगा. योजना के निर्माण कार्यों का अवलोकन करते हुए श्री शुक्ला ने
भूमिगत नालियों व जलवाहिनी के हाइड्रो स्टैटिक टेस्ट की भी जानकारी ली. इस टेस्ट
के अन्तर्गत भूमिगत नालियों तथा जलप्रदाय के पाईपों का परीक्षण किया जाता है कि
कहीं उनमें पानी का रिसाव तो नहीं हो रहा और बिछाए गए पाईप के जोड़ सही ढ़ंग से
लगे हुए है, तथा पूरा कार्य तकनीकी मापदंडों के अनुरुप किया गया है. प्राधिकरण के
मुख्य अभियंता श्री जे.एस भाटिया ने बताया कि पूरे कमल विहार योजना में बारिश के
पानी की निकासी के लिए अलग से पाईप लाईन बिछाई गई है.
इस अवसर पर
प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता
श्री जे.एस. भाटिया सहित निर्माण एजेंसी लार्सन एंड ट्रूबो व प्राधिकरण के
इंजीनियर्स उपस्थित थे.
Mar 4, 2014
श्री शरीफ मोहम्मद ने आरडीए के एडीशनल सीईओ का कार्य संभाला
रायपुर, 4 मार्च 2014, राज्य शासन के आदेश के बाद संयुक्त कलेक्टर श्री शरीफ मोहम्मद ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त कार्य भार संभाल लिया है. वे नया रायपुर डेव्हलपमेंट अथारिटी में महाप्रबंधक (भूमि प्रबंध) का कार्य भी देख रहे हैं.
Mar 3, 2014
आरडीए में अनवर खान कार्यपालन अभियंता बने
रायपुर, 3 मार्च 2014, आवास एवं पर्यावरण
विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने श्री अनवर खान को रायपुर विकास प्राधिकरण में कार्यपालन
अभियंता के पद पर पद्दोन्नत कर उन्हें प्राधिकरण में ही पदस्थ किया है. श्री खान
रायपुर विकास प्राधिकरण में सहायक अभियंता पद पर कार्यरत थे. वे 1978 से प्राधिकरण
में पहले उप अभियंता और फिर सहायक अभियंता पद पर रहे. प्राधिकरण की कई योजनाओं के विकास और निर्माण में उनकी अहम
भूमिका रही है. वे इन दिनों कमल विहार योजना का कार्य देख रहें हैं.
Mar 1, 2014
इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में अवैध कब्जे हटाए
गए
रायपुर, 1 मार्च 2014, रायपुर विकास
प्राधिकरण की नगर विकास योजना क्रमांक -1 इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में निर्मित डॉ.
श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना में आज अवैध रुप से बनाई गई बाऊन्ड्रीवाल,पानी की
टंकियां और ठेले हटाए. प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों के घरों में
पानी नहीं आने की शिकायत पर यह कार्रवाई की. योजना में कुल 10 लोगों व्दारा अपने
घरों के सामने घेर कर बॉऊन्ड्रीवाल बनाई थी. इसके अलावा भूतल पर लगभग 6 घर वालों ने
पानी की टंकिया लगाई थी जिससे प्रथम तल और व्दितीय तल के घरों में पानी नहीं आ रहा
था. योजना में अवैध रुप से लगाए गए 6 ठेलों वालों को भी हटाया गया.
Feb 26, 2014
वृहद आवास मेला में नया रायपुर और कमल विहार के विकास की प्रदर्शनी
कमल
विहार की सबसे बड़ी विशेषता
नाली
पानी बिजली और संचार के सभी केबल सड़क के नीचे
-
नया रायपुर में बनेगा सीबीडी -
रायपुर,
26
फरवरी 2014, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल रात वृहद आवास
मेला में कमल विहार योजना की सड़कों के नीचे बिछाई गई अधोसंरचना के मॉडल का अवलोकन
किया. इसके अन्तर्गत विद्युत व दूरसंचार के केबल, जलप्रदाय,
सीवर
लाईन, वर्षा के पानी के निकासी और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से उपचारित
पानी के पाईप की अधोसंरचना का एक मॉडल प्रदर्शनी में रखा गया है. नया रायपुर और
रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने
प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री को बताया कि कमल विहार की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि
सारी बुनियादी अधोसंरचनाएं भूमि के अन्दर ही बनाई गई है जिससे पूरी योजना काफी साफ
सुथरी होगी और योजना में एक स्वस्थ व बेहतर पर्यावरण उपलब्ध होगा.
नया
रायपुर में अब सीबीडी की तैयारी
श्री कटारिया
ने नया रायपुर की प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि सेक्टर
21 में 105 हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाले सेन्ट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (सीबीडी)
की योजना तैयार कर निर्माण कार्य के लिए निविदा जारी कर दी गई है. नया रायपुर के
सेक्टर 21 में एक रेल्वे स्टेशन भी प्रस्तावित है जिससे मंत्रालय आने वालों को
काफी सुविधा होगी. श्री कटारिया ने मुख्यमंत्री को नया रायपुर की सेंध झील में
वाटर स्पोर्टस की थीम पर विकसित किए जाने की योजना की जानकारी भी दी.
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल व्दारा आयोजित वृहद आवास मेला
में विधानसभा के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत, सांसद
श्री रमेश बैस, रायपुर
विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, मुख्य अभियंता श्री
जे.एस. भाटिया, नया रायपुर डेव्हलपमेंट अथॉरिटी के महाप्रबंधक श्री महादेव कांवरे तथा
मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री विक्रम सिसोदिया उपस्थित थे.
Feb 21, 2014
कमल विहार में बनेगा मॉडल रुम
योजना की अवधारणा और
निर्माण की तकनीकी जानकारी भी देख सकेगी जनता
मुख्यमंत्री का निर्देश बेहतर निर्माण की
जानकारी पंचायत और नगर निगम तक पहुंचें
रायपुर, 21 फरवरी 2014, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पहल पर प्रदेश के ग्राम
पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर पालिक निगमों को गुणवत्तापरक विकास और निर्माण की
जानकारी देने के लिए कमल विहार योजना के स्थल कार्यालय में एक मॉडल रुम बनाया
जाएगा. इसमें योजना की प्रकिया, मानचित्रों, योजना व सेक्टर स्तर की सुविधाएं,
भूमिगत अधोसंरचना सहित निर्माण कार्य से संबंधित तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी
प्रदर्शित की जाएगी. रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित
कटारिया ने आज योजना में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान उक्त बातें
कहीं.
श्री कटारिया ने
बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न विभागीय बैठकों के दौरान प्रदेश में चल
रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को और बेहतर करने के निर्देश दिए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा है कि रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा विश्व स्तरीय नगर विकास
योजना कमल विहार का विकास किया जा रहा है. इसमें देश की जानी मानी निर्माण कंपनी
लार्सन एंड टुब्रों व्दारा अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है. इसलिए प्रदेश के
विभिन्न निर्माण एजेंसियों और उनके इंजीनियरों को ऐसे गुणवत्ता पूर्ण कार्यों जानकारी
देने की आवश्यक्ता है ताकि वे अच्छे से अच्छा निर्माण कर सके. श्री कटारिया के
अनुसार कमल विहार योजना का मॉडल रुम आम जनता के अवलोकन के लिए भी उपलब्ध होगा.
श्री कटारिया ने
बताया कि कमल विहार योजना में अधोसंरचना विकास का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो
चुका है. अगले माह के अंत तक योजना के सेक्टर 6 तथा रिंग रोड भी शुरु कर दी जाएगी.
प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया ने इस मौके पर जानकारी दी कि योजना
में जल आपूर्ति के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग व्दारा लगभग 70 प्रतिशत
कार्य पूरा कर लिया गया है तथा विद्युत आपूर्ति तथा सब स्टेशन की स्थापना के लिए विद्युत
मंडल व्दारा भी कार्रवाई की जा रही है. Feb 7, 2014
कमल विहार की लाटरी में 113 को मिले भूखंड
जिन्हें भूखंड नहीं
मिले उन्हें अगले आवंटन में मिलेगा मौका - श्री कटारिया
कम्प्यूटर ने किया फैसला किसे मिलेगा कौन
सा भूखंड
श्री कटारिया ने लाटरी
के बाद कहा कि कमल विहार के प्रति लोगों के रुझान को देखते हुए जिन लोगों को भूखंड
नहीं मिले है उनकों अगले आवंटन में बिना किसी अन्य आवेदन के शामिल किया जाएगा.
इसके लिए उन्हें कुछ दिन का इन्तजार करना पड़ेगा.
छत्तीसगढ़ की पहली नगर विकास योजना कमल विहार में विकसित भूखंडों लेने के लिए आतुर आवेदनकर्ता
पूरी लाटरी प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहें. प्राधिकरण के न्यू राजेन्द्रनगर
स्थित कार्यालय में प्रातः 11 बजे से आरक्षित वर्ग की लाटरी शुरु की जो दोपहर
साढ़े 12 बजे तक चली. इसमें अनुसूचित जाति / जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, स्वतंत्रता
संग्राम सेनानी, सैनिक / भूतपूर्व सैनिक, शारीरिक विकलांग, शासकीय / रायपुर विकास
प्राधिकरण के कर्मचारियों के लिए लाटरी निकाली गई. उसके बाद दोपहर डेढ़ बजे से
साढ़े तीन बजे तक सामान्य वर्ग के लिए लाटरी होती रही. प्राधिकरण कार्यालय में
लाटरी के दौरान सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंड़िया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और ऐक्सिस बैंक के
अधिकारियों ने आवेदकों को ऋण देने के बारे अपने बैंक की योजनाओं की जानकारी दी.
Feb 6, 2014
कमल विहार की लाटरी आज
144 भूखंड के लिए 511
वैध आवेदन मिले
आरक्षित वर्ग के लिए
11 बजे, अनारक्षित वर्ग के लिए दोपहर 1 बजे
ऋण की पेशकश की
जानकारी के लिए बैंक भी लगाएंगे स्टॉल
रायपुर, 06 फरवरी 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना के लिए कल
विकसित भूखंडों के आवंटन के लिए लाटरी होगी. प्राधिकरण कार्यालय में सबसे पहले 11
बजे से आरक्षित वर्ग के लिए लाटरी निकाली जाएगी और दोपहर एक बजे अनारिक्षत वर्ग की
लाटरी होगी. लाटरी उपस्थित आवेदकों के समक्ष कम्प्यूटर से निकाली जाएगी. जिन
आवेदकों की लाटरी निकलेगी उन्हें ऋण देने की पेशकश के लिए सेन्ट्रल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित कई अन्य बैंक भी अपना स्टॉल लगाएंगे.
प्राधिकरण के
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के बताया कि विभिन्न श्रेणी के भूखंडों
में अनुसूचित जाति / जनजाति वर्ग के 30, स्वतंत्रता संग्राम
सेनानी वर्ग में 6, अन्य पिछड़ा वर्ग में
45, सैनिक एवं भूतपूर्व सैनिक वर्ग में 9, शासकीय / रायपुर विकास प्राधिकरण कर्मचारी वर्ग में 9, शारीरिक विकलांग वर्ग में 9 के प्राप्त वैध आवेदन पत्रों की प्रातः 11 बजे
से लाटरी की जाएगी. इसके बाद दोपहर एक बजे से अनारक्षित वर्ग की लाटरी होगी.
अनारक्षित वर्ग में कुल 403 वैध आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं. प्राधिकरण कार्यालय
में अधिकारियों ने लाटरी करने की तैयारी पूरी कर ली है.
उल्लेखनीय है कि देश
की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक कमल विहार को पूरे देश और प्रदेश में
लोगो ने हाथों हाथ लिया गया है. दिल्ली, बिहार, पंजाब, गुजरात, उडीसा, मध्यप्रदेश, चंडीगढ़, कैनेडा, अमरीका और दुबई से भी
लोगों ने फोन तथा इंटरनेट के माध्यम से योजना की जानकारी ली. इनमें से कई लोगों ने
कमल विहार में भूखंड लेने के लिए आवेदन भी किया है. कमल विहार योजना के लिए ऋण
देने वाले बैंक सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया ने भी पूरे छत्तीसगढ़ स्थित अपनी शाखाओं
के माध्यम से भूखंडों के आवेदन पत्रों का विक्रय किया और उससे जमा भी किया.
सेन्ट्रल बैंक की इस सुविधा का प्रदेश और देश के कई भागों मे रह रहे नागरिकों ने
इस सुविधा का उपयोग कर कमल विहार में भूखंड लेने के लिए आवेदन पत्र जमा कराए.
टिकरापारा, बोरियाखुर्द, डूंडा, डुमरतराई और देवपुरी के क्षेत्र में बनी प्राधिकरण की नगर विकास योजना कमल
विहार में विश्व स्तरीय अधोसंरचना विकास की जानकारी से नागरिकों ने इस योजना में
काफी रुचि दिखाई और विकसित भूखंड लेने के लिए उनमें उत्साह बना रहा.
Feb 3, 2014
कमल विहार को भारी प्रतिसाद, आखरी दिन उमड़ी भीड़
144 भूखंड के
लिए 600 आवेदन, बिके 1217
विदेश और देश
के अन्य शहरों के लोगों ने भी दिखाई रुचि
लॉटरी 7
फरवरी को
रायपुर, 03 फरवरी 2014, रायपुर
विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना को पूरे प्रदेश ने हाथों हाथ लिया गया है.
पिछले बीस दिनों में पूरे प्रदेश के विभिन्न शहरों में लगभग 1217 आवेदन पत्र बिके
और लगभग 600 आवेदन पत्र जमा हुए. आज अंतिम दिन संपूर्ण छत्तीसगढ़ में कमल विहार मे
भूखंड लेने के लिए 304 आवेदन पत्र जमा हुए.

प्राधिकरण
के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार आज प्राधिकरण के कार्यालय
में आवेदन के साथ नगद के रुप में 85 लाख रुपए जमा हुए और ड्रॉफ्ट के रुप में लोगों
ने लाखों रुपए आवेदन पत्र के साथ जमा किए. प्राधिकरण ने सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया
के माध्यम से पूरे छत्तीसगढ़ में नागरिकों को आवेदन पत्र प्राप्त करने और जमा करने
की सुविधा दी थी जिससे बिना रायपुर पहुंचे लोगों ने अपने - अपने शहरों के सेन्ट्रल
बैंक ऑफ इंडिया में आवेदन पत्र जमा किए. पूरे प्रदेश से सेन्ट्रल बैंक के खाते में
कुल 7.89 करोड रुपए जमा हुए. श्री कटारिया ने कहा कि प्राधिकरण शीघ्र ही
व्यावसायिक भूखडों के लिए भी निविदा जारी करेगा.
देश
की सबसे बड़ी नगर विकास योजना की लोकप्रियता को देखते हुए कई अन्य बैंक भी
आवंटितियों को अब ऋण देने के लिए आतुर है और इन बैंकों ने भूखंड की लाटरी के दिन 7
फरवरी को प्राधिकरण में उपस्थित रह कर आवंटितियों को ऋण देने का मन बनाया है.
कमल
विहार में भूखंड के लिए प्राधिकरण के अधिकारियों को दिल्ली, बिहार, पंजाब, गुजरात,
उडीसा,मध्यप्रदेश, चंडीगढ़, कैनेडा, अमरीका और दुबई से भी लोगों ने फोन कर जानकरी
ली और इंटरनेट के माध्यम से भी देखा. इनमें से कई लोगों ने कमल विहार में भूखंड
लेने के लिए आवेदन भी किया है.
1600
एकड़ की नगर विकास योजना कमल विहार में विश्व स्तरीय अधोसंरचना विकास ने नागरिकों
को काफी प्रभावित किया है. आवेदन पत्र की बिक्री के दौरान सैकडों लोगों ने कमल
विहार जा कर वहां के विकास कार्यों को देखा. यहीं नही विदेशों में रह रहे
छत्तीसगढ़ियों ने कमल विहार में अच्छी रुचि दिखाई. देश के कई अन्य नगरों से भी नागरिकों
ने अपने आवेदन पत्र भिजवाएं. आवेदन पत्र के साथ ऑन लाईन राशि जमा करने की सेन्ट्रल
बैंक की सुविधा से लोगों को काफी आसानी हुई. कमल विहार के लिए प्राधिकरण ने आवेदन
पत्र देने व जमा करने और योजना स्थल में भूखडों का अवलोकन कराने के लिए विशेष रुप
से अधिकारियों की नियुक्ति की थी. इसी कारण लोगों ने कमल विहार में खासी रुचि दिखाई.







