* रायपुर शहर विकास की संस्था * * 1963 से कार्यरत संस्था * * लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस * * इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस से सम्मानित
Search This Blog
May 11, 2009
टी.आर. देवांगन के निधन पर आरडीए में शोक
Apr 30, 2009
आरडीए के सहायक मानचित्रकार अब्दुल कुरैशी सेवानिवृत
रायपुर 30 अप्रैल 2009,रायपुर विकास प्राधिकरण के सहायक मानचित्रकार श्री अब्दुल कुरैशी आज सेवानिवृत हो गए. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया नें उन्हें श्रीफल,शाल देकर उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया, साथ ही उन्होंने भविष्यनिधि राशि का चेक भी प्रदान किया. Apr 6, 2009
देवेन्द्रनगर में 19 अवैध होर्डिंग्स हटाए गए
शहर में बेतरतीब ढ़ंग से बढ़ रहे अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जाती रही है पर कुछ समय के बाद विज्ञापन एजेंसिया पुनः बिना किसी अनुमति के होर्डिंग्स लगा देती है. श्री कटारिया ने होर्डिंग्स हटाने की जिम्मेदारी आरडीए के संपदा अधिकारी प्रीतपाल सिंह होरा को सौपतें हुए निर्देश दिया था कि ऐसी व्यवस्था की जावे ताकि पुनः होर्डिंग्स न लग पाए. फलस्वरुप होर्डिंग्स हटाने के साथ ही लोहे के गर्डरों को भी वेल्डिंग मशीन के साथ काट कर जप्त किया गया. आज देवेन्द्रनगर के व्यावसायिक क्षेत्र के कपड़ा मार्केट में चार, महालक्ष्मी मार्केट में पांच, पारसनगर श्मशान के पास छह, छोटी लाईन रेल्वे क्रॉसिंग के पास से चार होर्डिंग्स हटाए गए. होर्डिंग्स हटाने की इस कार्रवाई में योजना के सहायक अभियंता के.पी.देवांगन, बी.के. ठाकुर शामिल थे. श्री कटारिया के अनुसार अवैध होर्डिंग्स लगाने वाली एजेंसियों के साथ – साथ जिन संस्थाओं या फर्मों के प्रचार वाले विज्ञापन या फ्लेक्स लगेगें उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
Feb 26, 2009
आरडीए शहर के चारो ओर समन्वित शहर विकास की 9 नई बड़ी योजनाएं बनाएगा
विकास योजनाओं पर 78.90% का व्यय और स्थापना पर 6.89%, नगर निगम को हस्तांतरित होगीं 09 कालोनियां, भूखंडों के पट्टों का नवीनीकरण शपथपत्र देने पर, राज्य शासन की मदद से इ – गवर्नेंस योजना लागू करने की पहल, मास्टर प्लान का क्रियान्वयन करेगा आरडीए, टाटीबंध में भी ट्रांसपोर्टनगर
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने कल हुई संचालक मंडल की बैठक में वर्ष 2009-10 का नगद आवक – जावक का बजट प्रस्तुत किया. बजट एक अरब नौ करोड़ चौबीस लाख अठानबे हजार रुपए का है. जिसमें 89 करोड 67 लाख 68 हजार रुपए की आय तथा एक अरब 8 करोड़ 42 लाख 11 हजार का व्यय संभावित है. प्राधिकरण कोष में पूर्व से ही 19 करोड़ 57 लाख 30 हजार रुपए जमा है. बजट में प्राधिकरण की विकास एवं निर्माण योजनाओं में 86 करोड़ 20 लाख 10 हजार रुपए खर्च होगें जो बजट का 78.90 प्रतिशत है. स्थापना में 7 करोड़ 53 लाख 7 हजार का व्यय होगा जो बजट का 6.89 प्रतिशत है. जबकि कार्यालय एवं प्रशासनिक व्यय के लिए एक करोड़ 90 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है.
अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज व सीईओ श्री अमित कटारिया ने कहा कि राजधानी बनने के बाद रायपुर की जनसंख्या में बेतहाशा वृध्दि हुई है. वर्तमान में शहर की आबादी लगभग 11 लाख है. 2011 तक यह बढ़कर 15 लाख और सन् 2021 में 25 लाख हो जाएगी. इसीलिए आरडीए रायपुर विकास योजना 2021 (मास्टर प्लॉन) के अनुरुप राजधानी का विकास करेगा. उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के क्रियान्वयन की दिशा में युक्तियुक्त ढ़ंग से कार्य नहीं होने के कारण शहर में अवांछित भूमि का विकास हुआ और अनाधिकृत कालोनियां बढ़ी है. अनियोजित रुप से सामूहिक आवासों का निर्माण तथा निचले क्षेत्रो में गन्दी बस्तियों का विकास हुआ है जिससे नहर व तालाबों में प्रदूषण बढ़ा है. निम्न स्तरीय भौतिक एवं सामाजिक अधोसंरचना वाले क्षेत्रों का विकास हुआ. वाणिज्यिक क्षेत्रों के केन्द्रीकरण से सकरी सड़कें व गलियां बनी. सड़को पर अतिक्रमण व अवैध पार्किंग से कई समस्याएं उठ खड़ी हुई है. इसलिए राज्य शासन की मंशा के अनुरुप प्राधिकरण द्वारा शहर के बाहरी इलाकों में नई योजनाएं बनाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा. इस हेतु नौ स्थानों को चिन्हित किया गया है. इनमें टाटीबंध में रेल्वे लाईन के समांतर लगभग 260 एकड़ रिक्त भूमि पर एक और ट्रांसपोर्टनगर विकसित किए जाने का प्रस्ताव है. यहां पहले से ही प्राधिकरण द्वारा मैकेनिक नगर विकसित किया गया है. रायपुरा व सरोना, भाठागांव, बोरियाखुर्द, डूंडा में कमल विहार योजना, देवपुरी, डुमरतराई, लाभान्डीह, दलदल सिवनी में बड़ी समन्वित विकास की योजनाएं तैयार किए जाने का प्रस्ताव है. भनपुरी से हीरापुर की रिंग रोड के किनारे के रिक्त भूमि में भी योजनाएं बनाने पर भी विचार किया जा रहा है. श्री बजाज ने कहा कि इन सभी योजनाओं क्षेत्रों का विकास योजना के अनुरुप आवासीय, व्यावसायिक, प्रशासनिक व संस्थागत, शैक्षणिक, सार्वजनिक, अर्ध्द सार्वजनिक, मंडी, आमोद - प्रमोद, मिश्रित भू उपयोग, सामाजिक, सांस्कृतिक, डेयरी, उद्यान, वर्गीकृत बाजार, साप्ताहिक बाजार, आमोद – प्रमोद, मनोरंजन स्थल, खेल मैदान विकसित किए जाने पर विचार किया जा रहा है. प्राधिकरण द्वारा शीघ्र ही इन स्थानों का सर्वेक्षण कर योजनाएं तैयार कर उसे शासन की स्वीकृति के लिए भेजेगा. उन्होंने कहा कि शहर में बेहतर अधोसंरचना विकसित करने के लिए प्राधिकरण बड़ी योजनाओं पर ही काम करेगा इसमें रिंग रोड का निर्माण भी शामिल है. जिससे राजधानी वासियों को संपूर्ण रुप से यह अहसास हो कि नई तकनीक व प्रौद्योगिक परिवर्तन के साथ शहर का भी बेहतर विकास हो सकता है.
आरडीए के सीईओं श्री कटारिया ने कहा कि प्राधिकरण का कार्य नई योजनाएं बनाना और उसे विकसित करना है इसके बाद रख रखाव अर्थात संधारण का कार्य नगर निगम का है. इसीलिए प्राधिकरण द्वारा पूर्ण रुप से विकसित की गई कालोनियों को शीघ्र ही नगर निगम रायपुर को हस्तांतरित कर दी जाएगी. इसमें शैलेन्द्रनगर, कटोरातालाब सेक्टर 1, 5, 6 व 7, न्यू राजेन्द्रनगर व पुराना राजेन्द्रनगर, देवेन्द्रनगर सेक्टर 4 व 5, कपड़ा मार्केट, शारदा चौक आवासीय एवं व्यावसायिक योजना, सांई नगर, इंदिरा प्रियदर्शनी नगर (त्रिमूर्तिनगर,फाफाडीह), एल. पी. जी. शवदाह गृह, मठपुरैना योजना तथा टाटीबंध मैकेनिक नगर को नगर निगम को सौपने का प्रस्ताव बजट में पारित किया गया. उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 1991 में प्राधिकरण द्वारा देवेन्द्रनगर सेक्टर 1,2 व 3, जलविहार तथा टिकरापारा कालोनी रखरखाव के लिए नगर निगम को हस्तांतरित किया था. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण में इ – गवर्नेंस योजना लागू करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है. इसके अन्तर्गत प्राधिकरण की कार्यालयीन गतिविधियों का कम्प्यूटरीकरण कर हितग्राहियों को बेहतर और त्वरित सेवा देने का प्रयास किया जाएगा. प्राधिकरण की निविदाएं प्रक्रिया भी ई – टेन्डरिंग के अन्तर्गत लाई जाएंगी.
श्री बजाज ने बताया कि गरीबों के लिए रायपुरा में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत 972 फलैट्स अप्रैल तक बन कर तैयार हो जाएंगे. यहां बुनियादी सुविधाओं के लिए 10 दुकानें तथा सामुदायिक हॉल का निर्माण भी मई तक पूरा कर लिया जाएगा. इसी प्रकार बोरियाखुर्द में 1800 फ्लैट्स सहित 30 दुकानें तथा दो कम्युनिटी हॉल का निर्माण सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा. गरीबों के बन रहे इस योजना में गरीबों के लिए फ्लैट्स का पंजीयन प्राधिकरण कार्यालय में किया जा रहा है. पंजीयन की राशि मात्र 20 हजार रुपए हैं. रायपुरा में प्रस्तावित 302 डुप्लेक्स फ्लैट्स का निर्माण शीघ्र ही शुरु कर दिया जाएगा साथ ही यहां 120 मल्टीस्टोरी फ्लैट्स बनाया जाना प्रस्तावित है. डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा की जानकारी देते अध्यक्ष ने कहा वहां एक हजार से ज्यादा भूखंड विकसित किए गए है. ट्रांसपोर्टनगर में कारोबार में तेजी लाने के लिए लगभग 97 वर्गफुट की 135 दुकानें बनाने का निर्णय लिया गया है. योजना क्षेत्र में दो सुलभ शौचालय और ट्रक चालकों और क्लीनर के लिए विश्राम के लिए चार शेड का निर्माण भी किया जा रहा है. प्राधिकरण द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विद्युत शवदाह गृह को परिवर्तित कर एल.पी.जी.शवदाह गृह को भी अच्छी सफलता मिली है. नगर की स्वयंसेवी संगठन बढ़ते कदम द्वारा भी एल.पी.जी.शवदाह गृह में अंतिम संस्कार के लिए लोगो को प्रेरित किए जाने के कारण जनमानस में इसके प्रति एक सकारात्मक सोच विकसित हुई है. बाजारों के विकेन्द्रीकरण की दिशा में न्यू राजेन्द्रनगर में गोविंद सांरग व्यावसायिक परिसर का निर्माण पूर्णता की ओर है. कटोरातालाब सेक्टर 6-7 में भक्त माताकर्मा व्यावसायिक परिसर का निर्माण इसी साल पूरा हो जाएगा. बैठक में इस साल के अंत तक बन कर पूरा हो जाने वाले देवेन्द्रनगर के सिटी सेन्टर कम मल्टीप्लेक्स के चारो ओर क्रांक्रीट सड़क निर्माण को भी स्वीकृति दी गई. भूखंड के पट्टा नवीनीकरण के संबंध में निर्णय लिया गया कि भूखंडधारियों द्वारा अतिरिक्त निर्माण कि स्थिति में नियमितीकरण कराए जाने का शपथपत्र दिए जाने पर नवीनीकरण किया जाएगा. प्राधिकरण के उप अभियंताओं को चार स्तरीय वेतनमान एवं अन्य कर्मचारियों को समयमान वेतनमान देने के शासन के आदेश पर भी सहमति व्यक्त की गई.प्राधिकरण की कल हुई संचालक मंडल की बजट बैठक में अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज, आरडीए के सीईओ व आयुक्त नगर निगम श्री अमित कटारिया, उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन, आवास एवं पर्यावरण श्री एम.डी.दीवान, संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्री व्ही. पी. मालवीय, नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर के संयुक्त संचालक श्री जाहिद अली, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अधीक्षण अभियंता श्री एस. के. चन्दनिहा तथा प्राधिकरण के लेखाधिकारी श्री संदीप सिंह पॉल उपस्थित थे.
Feb 13, 2009
शहर की अवैध कालोनी हटाई जाएंगी
- शहर के तीन दिशाओं में निगम आयुक्त ने देखा अवैध कालोनियां का निर्माण
- शहर की अवैध कालोनी हटाई जाएंगी
रायपुर 13 फरवरी 2009, अवैध रुप से कालोनी बना कर आम आदमी को भूखंड बांटने की प्रक्रिया को रोकने के लिए नगर निगम और सख्ती करेगा. नगर निगम के आयुक्त और रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज कहा कि आम आदमी को धोखे में रख कर अवैध भूखंड बेचने और अवैध कालोनी बनाने वालों को शासन किसी प्रकार का प्रश्रय नहीं देगा. श्री कटारिया ने कहा कि राज्य शासन सभी को भूखंड और आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है इसलिए जनता को चाहिए कि वे अवैध भूखंड या मकान न खरीदें. उन्होंने कहा कि शासन के विभिन्न विभाग आवास निर्माण की दिशा में काफी कार्य कर रहें है और आने वाले दिनों में सभी वर्ग के लोगो के लिए गुणवत्तायुक्त आवास आसानी से उपलब्ध होंगे.
श्री कटारिया ने आज छह घंटे तक निगम और प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ शहर के बाहरी क्षेत्रों का दौरा कर अनियमित रुप से हो रहे विकास का अवलोकन किया. उन्होंने रायपुरा में महादेव कृषि फार्म द्वारा बनाया गया बड़ा प्रवेश द्वार तथा कच्ची सड़कें देखी. यहां नगर निगम द्वारा कालोनी के अवैध होने की आम सूचना भी लगाई गई है. आम सूचना के बोर्ड में कहा गया है कि यह कालोनी अवैध है. इसका भू अभिन्यास स्वीकृत नहीं है. यहां बिना अनुमति के निर्माण पर कार्रवाई की जाएगी. ऐसी आम सूचनाओं का बोर्ड नगर निगम द्वारा कई स्थानों पर लगाया जा रहा है. निगम आयुक्त ने आज रायपुरा, सरोना, भाठागांव, चंगोरभाठा, बोरियाखुर्द, डूंडा, लाभान्डीह, डुमरतराई, देवपुरी दलदल सिवनी के क्षेत्रों में जा कर ऐसे अनियमित विकास का निरीक्षण किया. उन्होंने पाया कि कृषि भूमि पर स्तरहीन निर्माण सामग्री का उपयोग कर सड़कें बनाई जा रही है. कई स्थानों पर क्रांक्रीट के पोल लगाकर घेराबंदी की गई है. कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य भी किया जा रहा है. श्री कटारिया ने अधिकारियों को कहा कि वे नियम उल्ल्घंन कर ऐसे भूखंड विकसित करने के कार्यों को सख्ती से रोकें तथा ऐसे व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करें. श्री कटारिया ने कहा अवैध रुप से किए जा रहे सड़क व भवन निर्माण को नियमानुसार हटाने की कार्रवाई भी की जाए.
उल्लेखनीय है कि गत दिनों कलेक्टर श्री सुबोध कुमार सिंह ने एक बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे राजधानी रायपुर समेत अवैध कालोनाइजर्स एवं बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें. श्री सिंह ने कहा था कि न केवल अवैध निर्माण तोड़े जाएं वरन दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी करें. इस हेतु उन्होंने सर्वे दल बना कर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए थे. बैठक मे कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जिन समितियों ने कालोनियों का समुचित विकास नहीं किया है उनके भूखंड मार्टगेज किए जाएं.
Feb 9, 2009
रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर में कैम्प कार्यालय शुरु

रायपुर 09 फरवरी 2009, ट्रांसपोर्टनगर के भूखंड पर निर्माण शुरु करने की दिशा में व्यवसायी अब आगे आने लगे है। आज रायपुर विकास प्राधिकरण व नगर पालिका परिषद द्वारा डॉ। खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा के लिए नवनिर्मित बस टर्मिनल में कैम्प कार्यालय प्रारंभ किया गया. कैम्प में आज लगभग 125 प्रकरणों पर कार्रवाई की गई. इसमें भूखंडों का कब्जा देने, मानचित्र के अनापत्ति प्रमाणपत्र व नल कनेक्शन के आवेदन पत्र प्राप्त करते हुए कार्रवाई की गई. कुछ व्यवसायियों ने भू – भाटक की राशि भी जमा कराई.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार ट्रांसपोर्टनगर में जिन्हे भूखंड आवंटित किया गया है उनको स्थल पर ही सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कैम्प कार्यालय शुरु किया गया है. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्टनगर में भूखंडों का विकास करते हुए सड़क, नाली, बिजली पानी की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई है.
कैम्प कार्यालय में योजना के प्राधिकरण के कार्यपालन अभियंता पी.आर.नारंग, सहायक यंत्री के.पी.देवांगन, अनिल गुप्ता मुकेश अवस्थी, सहायक राजस्व अधिकारी आर.एस. दीक्षित, उप अभियंता प्रमोद बैस, नगर पालिका परिषद बीरंगाव के सीएमओ. जी.एस. क्षत्री, सहायक अभियंता ओ.पी. मिश्रा उपस्थित थे.
Feb 7, 2009
ट्रांसपोर्ट नगर में 20 फरवरी तक निर्माण शुरु करें अन्यथा भूखंड निरस्त
- ट्रांसपोर्टनगर में कारोबार शुरु करने जिला प्रशासन सख्त -
रायपुर 07 फरवरी 2009, जिला प्रशासन ने ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को 20 फरवरी तक ट्रांसपोर्टनगर में निर्माण कार्य शुरु करने का अल्टीमेटम दे दिया है. कलेक्टर श्री सुबोध कुमार सिंह आज रेडक्रॉस भवन में आयोजित बैठक में ट्रांसपोर्टरों से स्पष्ट रुप से कहा यदि 20 फरवरी के बाद रिंग रोड व भनपुरी की सड़को पर ट्रकें खड़ी की गई तो पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टनगर में आरडीए ने भूखंड विकसित करते हुए सड़क, नाली, बिजली पानी की सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी है इसलिए अब वहां कोई परेशानी नहीं है. आवंटितियों की समस्याओं के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर में सोमवार से एक कैम्प कार्यालय शुरु किया जा रहा है जिसमें बीरगांव नगर पालिका के सी.एम.ओ. भी मौजूद रहेंगे.
श्री सिंह ने कहा कि डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर में जिन्हे भूखंड आवंटित किए गए है उन्हे 20 फरवरी तक निर्माण कार्य शुरु करना होगा अन्यथा उनके भूखंड निरस्त कर दिए जाएगें. बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया और ट्रांसपोर्ट से जुडे विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और व्यवसायी उपस्थित थे.
कलेक्टर श्री सिंह ने आगे कहा कि रायपुर विकास प्राधिकरण ने शहर को व्यवस्थित करने की दिशा में ट्रांसपोर्ट से जुड़े व्वयासियों को सस्ती दर पर भूखंड उपलब्ध कराया है. कुछ लोगो ने इसे पूंजी निवेश की तरह लिया है यह एक गलत धारणा है. उन्होंने कहा कि सड़कों पर ट्रकें खड़ी होने से लोगो को चलने में दिक्कत हो रही है तथा सड़कें भी जाम हो रही है. जिन ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को भूखंड आवंटित किए गए हैं वे सोमवार से ट्रांसपोर्टनगर में आरडीए के कैम्प कार्यालय में जाकर रजिस्ट्री व नक्शा पास करायें. कुछ व्यवसायियों ने कहा कि आरडीए से नक्शा पास करने की एनओसी तो जल्दी मिल रही है पर बीरगांव नगर पालिका द्वारा विकास शुल्क के रुप में हजारों रुपए की मांग की जा रही जबकि आरडीए के भूखंड में विकास शुल्क की राशि सम्मिलित है. इस पर कलेक्टर ने कहा कि बीरगांव नगर पालिका को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए जाएगें.
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने कहा कि नियमों के अनुसार ट्रकें सड़कों पर खड़ी नहीं की जा सकती, इससे शहर की यातायात व्यवस्था में परेशानी हो रही है. इसलिए 21 फरवरी से कोई भी ट्रक सड़कों पर खड़ी मिली तो उस पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी. आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने कहा कि ट्रांसपोर्टर निर्माण का कार्य शुरु तो करें हम उनकी सारी परेशानी दूर करने को तैयार हैं. ट्रांसपोर्टरों द्वारा कारोबार शुरु करने की मंशा भी दिखनी चाहिए.
इस मौके पर छत्तीसगढ़ ट्रक ओनर्स एसोसियेशन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह बेनीपाल, छत्तीसगढ़ परिवहन संघ के संयोजक हरचरण सिंह साहनी, छत्तीसगढ़ ट्रेलर एसोसियेशन के श्रवण कुमार विष्णोई, रायपुर ट्रक ओनर एसोसियेशन के जगदीश मित्तल तथा ट्रक मैकेनिक मित्र संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में व्यवसायी मौजूद थे.
Feb 6, 2009
ट्रांसपोर्टनगर के आवंटिती 15 दिनों में निर्माण शुरु करें - आरडीए
० कल व्यावसायियों के साथ होगी बैठक
रायपुर 06 फरवरी 2009, नगर निगम, रायपुर विकास प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन ने ट्रांसपोर्टनगर में कारोबार शुरु करने के दिशा में कल ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों की एक बैठक का आयोजित की है। कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस भवन में कल दोपहर तीन बजे आयोजित होने वाली बैठक में डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा के आवंटिती व्यवसायी, खमतराई - भनपुरी के मैकेनिक, नगर निगम आयुक्त व रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, विद्युत मंडल के मुख्य अभियंता, बीरगांव नगर पालिका के सीएमओ बैठक में उपस्थित रहेंगे.
Jan 28, 2009
श्री अमित कटारिया ने आरडीए सीईओ का कार्य संभाला
इस अवसर पर प्राधिकरण के प्रभारी अधीक्षण अभियंता डी.एस.परौहा, भवन अनुज्ञा अधिकारी प्रीतपाल सिंह होरा, राजस्व अधिकारी प्रणव सिहं और जनसंपर्क अधिकारी, कर्मचारी संघ के सचिव धर्मेन्द्र सिंह सेंगर ने उनका स्वागत किया. श्री कटारिया ने पदभार ग्रहण करने के बाद प्राधिकरण की गतिविधियों की जानकारी ली. श्री कटारिया नगर निगम रायपुर के आयुक्त भी है. श्री दीवान अब आगामी आदेश तक उपसचिव, छत्तीसगढ़ शासन होगें.
आरडीए में 10 दैनिक वेतनभोगी श्रमिक नियमित
Jan 27, 2009
आरडीए में एकल खिड़की प्रणाली शुरु

· सूचना का अधिकार के आवेदन भी एकल खिड़की से
· इ - गवर्नेंस व कॉल सेन्टर पर भी विचार
रायपुर 27 जनवरी 2008, रायपुर विकास प्राधिकरण में भवन निर्माण की एनओसी अब बिना नक्शे के 7 कार्यदिवसों में मिलने लगेगी. हस्तांतरण व नामांतरण के प्रकरणों में भी 10 कार्यदिवसों में निपटारा हो जाएगा बशर्ते आवेदकों नें सभी बकाया राशि का भुगतान समय से कर दिया हो. नल कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए अब 7 दिनों में सीधे सहायक यंत्री के माध्यम से नल कनेक्शन मिलेगा. पिछले पखवाड़े प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के निर्देश पर शहरवासियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में प्राधिकरण कार्यालय में एकल खिड़की प्रणाली लागू की गई है.
गणतंत्र दिवस के अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण में एकल खिड़की प्रणाली का शुभारंभ करते हुए प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज ने कहा कि अब नागरिकों को अधिक सुविधाएं देने की मानसिकता से कार्य करने की आवश्यक्ता है और दिशा में काफी कार्य किया जाना हैं. उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा शहर के नागरिकों को और बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में इ – गवर्नेंस तथा काल सेन्टर की सुविधाएं देने पर भी विचार किया जा रहा है. श्री बजाज ने कहा कि अब भवन निर्माण या पुर्ननिर्माण की एनओसी के लिए नक्शा संलग्न करने की आवश्यक्ता नहीं होगी. आवेदकों को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत करने के 7 कार्यदिवसों में अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल जाएगा. इसके पूर्व श्री बजाज नें प्राधिकरण कार्यालय परिसर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडा रोहण किया. राजधानी वासियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में शुरु की गई एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से प्राधिकरण की योजना क्षेत्रों में भवनों के निर्माण - पुर्ननिर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाणपत्र, पट्टा हस्तांरण - नामांतरण, नल कनेक्शन, भारहीनता, पंजीयन शुल्क की वापसी, भाड़ाक्रय पर किश्तों के भुगतान हेतु आवेदन लिए जाएगें. एकल खिड़की के माध्यम से 7 से 15 कार्य दिवसों में आवंटितियों के आवेदनों का समाधान हो जाएगा. सूचना के अधिकार के अन्तर्गत आवेदन पत्र भी एकल खिड़की के माध्यम से लिए जाएगें. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. दीवान के अनुसार एकल खिड़की के माध्यम से भवन निर्माण व पुर्ननिर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र 7 कार्यदिवसों में दिया जाएगा. संपत्तियों के हस्तांतरण व नामांतरण 10 कार्यदिवसों में, नल कनेक्शन 7 कार्यदिवसों में, भारहीनता प्रमाणपत्र 7 कार्यदिवसों में, पंजीयन शुल्क की वापसी 10 कार्य दिवसों में, भाड़ाक्रय प्रणाली में आवंटित भवनों का एक मुश्त भुगतान 15 कार्य दिवसों में हो जाएगा. पंजीयन शुल्क वापसी का आवेदन प्रपत्र निशुल्क उपलब्ध होगा, एक मुश्त भुगतान हेतु आवेदन प्रपत्र 20 रुपए में तथा अन्य के लिए आवेदन प्रपत्र 50 रुपए मूल्य पर उपलब्ध होगा. श्री दीवान के अनुसार पूर्व में निर्धारित समय में कमी करते हुए निर्माण की एनओसी में तीन, हस्तांतरण व नामांतरण में 5 दिनों की कमी की गई है. सूचना के अधिकार के अन्तर्गत प्राप्त आवेदन पत्र भी एकल खिड़की के माध्यम से लिए जाएगें किन्तु इसके प्रकरण निराकरण की अवधि पूर्व के अनुसार 30 दिन की होगी. एकल खिड़की में प्रस्तुत आवेदन पत्रों के निराकरण के लिए प्राधिकरण के राजस्व अधिकारी प्रणव सिंह को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है. इस संबंध में किसी भी जानकारी के लिए उनसे सीधे मोबाईल फोन नंबर 9302809110 पर कार्यालयीन अवधि में प्रातः 10.30 बजे से सांयः 5.30 बजे तक संपर्क किया जा सकता है. एकल खिड़की प्रारंभ करने के अवसर पर प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. दीवान, संचालनालय नगरीय प्रशासन विभाग के श्री हेमंत पहारे, संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश, रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.
Jan 24, 2009
26 जनवरी से आरडीए में एकल खिड़की प्रणाली
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. दीवान के अनुसार एकल खिड़की के माध्यम से भूखंड, भवन के निर्माण व पुर्ननिर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र 7 कार्यदिवसों में दिया जाएगा. संपत्तियों के हस्तांतरण व नामांतरण 10 कार्यदिवसों में, नल कनेक्शन 7 कार्यदिवसों में, भारहीनता प्रमाणपत्र 7 कार्यदिवसों में, पंजीयन शुल्क की वापसी 10 कार्य दिवसों में, भाड़ाक्रय प्रणाली में आवंटित भवनों का एक मुश्त भुगतान 15 कार्य दिवसों में हो जाएगा. पंजीयन शुल्क वापसी का आवेदन प्रपत्र निशुल्क उपलब्ध होगा, एक मुश्त भुगतान हेतु आवेदन प्रपत्र 20 रुपए में तथा अन्य के लिए आवेदन प्रपत्र 50 रुपए मूल्य पर उपलब्ध होगा. प्राधिकरण के राजस्व अधिकारी प्रणव सिंह एकल खिड़की प्रणाली के प्रभारी होगें. इस संबंध में किसी जानकारी के लिए उनसे मोबाईल नं. 9302809110 पर कार्यालयीन अवधि में संपर्क किया जा सकता है. प्राधिकरण के अध्यक्ष के अनुसार नागरिकों की सुविधाएं को और बेहतर बनाने की दिशा में इ – गवर्नेस तथा कॉल सेन्टर लागू करने पर विचार किया जा रहा है.
Jan 21, 2009
ट्रांसपोर्टनगर में रजिस्ट्री व एनओसी लेने की होड
- ट्रांसपोर्टनगर में शुरु हुआ निर्माण
रायपुर 21 जनवरी 2008, प्राधिकरण की नोटिस मिलने के बाद ट्रांसपोर्ट व्यावसायियों नें ट्रांसपोर्टनगर में भूखंड की राशि जमा करना शुरु कर दिया है. कुछ व्यावसायियों ने निर्माण भी प्रारंभ कर दिया है. नोटिस मिलने के साथ ही पिछले बीस दिनों में प्राधिकरण कोष में लगभग पौने दो करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं. साथ ही रजिस्ट्री और मानचित्र की एनओसी लेने की दिशा में भी होड लग गई है.
राज्य शासन की मंशा के अनुरुप ट्रांसपोर्टनगर को राजधानी के यातायात की दृष्टि से शीघ्र विकसित किया जाना है. इस हेतु आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के निर्देश पर प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्ट व्यावसायियों से चर्चा कर ट्रांसपोर्ट के कारोबार को शीघ्र ही शुरु करने की दिशा में प्रयास शुरु कर दिया है.
प्राधिकरण ने पिछले पखवाड़े डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर के लगभग एक हजार आंवटितियों को नोटिस जारी कर भूखंड की रजिस्ट्री कराने, नक्शा पास करा कर निर्माण प्रारंभ करने की सूचना दी थी. नोटिस में कहा गया था कि आंवटितियों को पट्टे की शर्त क्रमांक तीन के अनुसार एक वर्ष के भीतर निर्माण पूरा करना है किन्तु अधिकांश आवंटितियों ने भवन निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल नहीं किया है. अतः जिन लोगो ने भूखंड की पूरी राशि जमा नहीं की है वे पूर्ण राशि का भुगतान करे. रजिस्ट्री कराये और मानचित्र के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल कर निर्माण प्रारंभ करें. नोटिस मिलने के बाद ट्रांसपोर्टनगर के आंवटितियों में अब रजिस्ट्री कराने और एनओसी लेने की होड लगने लगी है. प्राधिकरण के राजस्व शाखा में भी इन दिनों औसतः प्रतिदिन 30 रजिस्ट्रियां की जा रही है. तकनीकी शाखा के सहायक यंत्री की मानचित्र की एनओसी पत्रक जारी करने में व्यस्तता बढ़ गई है. उल्लेखनीय है कि डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर में प्राधिकरण ने एक हजार एक सौ उन्नीस भूंखडों का आवंटन किया है जिसमें से दिसंबर 2008 तक लगभग साढ़े पांच सौ लोगो ने ही रजिस्ट्री कराई थी. ट्रांसपोर्ट व्यावसायियों के इस उत्साह से प्राधिकरण को आशा है कि शीघ ही यहां कारोबार शुरु हो जाएगा.
Jan 17, 2009
आरडीए में लिपिकों की सीटें बदली
प्राधिकरण में काफी लंबे संमय से एक ही शाखा में पदस्थ रहे लिपिकों में श्रीमती हेमंत बर्छिया को राजस्व से स्थापना, श्रीमती कल्याणी अवधिया को स्थापना से राजस्व, मदन चन्द्राकर को राजस्व से अनुज्ञा, सतीश शुक्ला को अनुज्ञा से राजस्व, धनीराम चन्द्राकर को राजस्व से स्थापना, कु. मंजुला ठाकुर को स्थापना से राजस्व, जॉनसन मसीह को विद्युत-जलप्रदाय, भाष्कर दीवान को तकनीकी से राजस्व, बंसत तिवारी को राजस्व से विधि व देवेन्द्र शर्मा को विधि से राजस्व शाखा में पदस्थ किया गया है.