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Jul 7, 2014

मास्टर प्लान की जमीनों की जमाखोरी होने के कारण शहर का विकास रूका

आबादी, निर्मित व कृषि क्षेत्र पर नगर विकास योजना – 5 नहीं बनेंगी

रायपुर, 7 जुलाई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना – 5 में आबादी, कृषि भूमि तथा बसाहट वाले क्षेत्रों को शामिल नहीं किया जाएगा. योजना में नए भू-अर्जन नियमों में दिए गए प्रावधानों के अनुरूप ही कार्य किया जाएगा. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज यह बात रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व विधायक श्री रमेश वर्ल्यानी व श्री इंदरचंद धाड़ीवाल के साथ प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे एक प्रतिनिधि मंडल से कही. श्री कटारिया ने आज पूरे प्रतिनिधि मंडल के साथ कार्यालय परिसर में ही आमने - सामने बैठकर उनकी बातों को सुना, चर्चा की और उनके कई सवालों का जवाब भी दिया. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि मंडल ने अपनी मांगो के संबंध में जो ज्ञापन सौंपा है उस पर विचार किया जाएगा और शासन को भी उससे अवगत कराया जाएगा.

श्री कटारिया ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि दरअसल जिस तरह से आलू व प्याज की जमाखोरी होती है वैसे ही रायपुर शहर में भी लोग मास्टर प्लान के अंतर्गत आवासीय,व्यावसायिक, सार्वजनिक तथा अर्ध्द-सार्वजनिक भू-उपयोग की जमीनों की जमाखोरी कर रहे है. इस कारण शहर में नागरिकों को सुविधाजनक आवास तथा अन्य उपयोग के लिए भूखंड उपलब्ध नहीं हो पा रहे है. उन्होंने कहा कि दरअसल जमीन की जमाखोरी करने वालों ने इन जमीनों को घेर रखा है तथा इस कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि हमें इसी भूमियों का रायपुर की विकास योजना के परिपेक्ष्य में उपयोग करना होगा. श्री कटारिया ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि यदि आप सभी जो रायपुर शहर को अच्छा बनाना चाहते हैं तो शहर के मास्टर प्लान में दिए गए प्रस्ताव के अनुसार व्यावसायिक, आवासीय तथा अन्य भू–उपयोग की जमीनों में बुनियादी अधोसंरचना का विकास करना जरूरी है.
      प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि डुमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभान्डीह एवं जोरा क्षेत्र में बनने वाली नगर विकास योजना – 5 में आबादी व बसाहट, निर्मित व स्वीकृत अभिन्यास सहित कृषि क्षेत्र पर योजना नहीं बनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान शहर के मास्टर प्लान के अनुसार सड़क, नाली, पानी, बिजली, सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा यदि शासन या प्राधिकरण शहर का विकास नहीं करेगा तब भी शहर का विकास अपने आप होता जाएगा जैसा की अब तक होता आया है. यह विकास गंदी और झुग्गी बस्ती की श्रृंखला जैसा विकास होगा जहां बुनियादी सुविधाओं के लिए लोगों को काफी तरसना पड़ता है और संघर्ष करना पड़ता है. यदि हम पहले से ही नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं दे देंगे तो शहर में तोड़फोड़ करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी जैसा कि शहर में पहले होता आया है.
श्री कटारिया ने आगे कहा कि नया रायपुर कोई नगर विकास योजना नहीं है. इसे कमल विहार से जोड़ा जाना ठीक नहीं है. वरन् यह एक नए शहर का विकास है. जहां छत्तीसगढ़ की आधुनिक राजधानी का विकास किया जा रहा है. नया रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की योजना के अनुसार विकास और निर्माण किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ शासन का उद्देश्य है कि रायपुर और नया रायपुर का विकास सुनियोजित तरीके से हो.

प्राधिकरण की कमल विहार योजना के संबंध में श्री कटारिया ने कहा कि यह योजना लैंड पूलिंग अर्थात् भूस्वामियों की जनभागीदारी के साथ बनाई गई योजना है. कमल विहार में लगभग 5 हजार भूस्वामियों में से साढ़े 4 हजार लोगों ने योजना में शामिल होने के लिए अपनी भूमि प्रदान की है. जिन 5 सौ लोगों ने अपनी भूमि को योजना में शामिल नहीं होने दिया उनकी भूमि के एवज में भूअर्जन अधिकारी व्दारा अनिवार्य भूअर्जन अधिनियिम के अन्तर्गत मुआवजे का भुगतान किया गया है. प्राधिकरण के संचालक मंडल ने जनहित में ऐसे लोगों की मांग पर कमल विहार योजना में विकसित भूखंड देने का निर्णय लिया. ऐसे लगभग 4 सौ लोगों ने पुनः विकसित भूखंड लेने के लिए प्राधिकरण कार्यालय में आवेदन दिए हैं. उन्हें भी भूखंड दिया जा रहे हैं. श्री कटारिया ने कहा कि कमल विहार योजना में जमीन बेचने पर पहले भी प्रतिबंध नही था और आज भी नहीं है.

कमल विहार में लॉटरी से 70 आवासीय भूखंड आबंटित

कई भूखंडों पर कड़ी स्पर्धा के बाद लाटरी से मिले प्लॉट

रायपुर, 7 जुलाई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना में आवासीय भूखंडों को पाने के लिए आज आवेदकों के बीच काफी कश्मकश थी, कारण था एक ही भूखंड पर कई लोगों का आवेदन. प्राधिकरण को प्राप्त 118 आवेदनों में से 70 आवेदकों को आज लॉटरी से भूखंडों का आवंटन हुआ. प्राधिकरण की इस योजना में 159 आवासीय भूखंडो के लिए गत 
दिनों विज्ञापन जारी करके आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे. कुल 159 भूखंडो में से 56 भूखंड अनुसूचित जाति/ जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सैनिक एवं भूतपूर्व सैनिक, शासकीय एवं राविप्रा के कर्मचारी, निराश्रित एवं साधनहीन विधवा के लिए आरक्षित थे. आरक्षित श्रेणी में कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 16 आवेदको को लॉटरी से आवासीय भूखंडों का आवंटन किया गया. जबकि सामान्य श्रेणी में भी कड़ा संघर्ष था. इसमें कुल  103 भूखंडो के लिए 54 आवेदकों को लॉटरी से भूखंड मिले. लॉटरी के अवसर पर प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य व सहायक राजस्व अधिकारी श्री रविशंकर दीक्षित उपस्थित थे.

Jul 5, 2014

कमल विहार के आवासीय भूखंडो के लॉटरी 7 जुलाई दोपहर 2 बजे

रायपुर, 5 जुलाई 2014, कमल विहार के 159 आवासीय भूखंडो के आबंटन हेतु  रायपुर विकास प्राधिकरण के न्यू राजेन्द्र नगर स्थित कार्यालय में सोमवार 7 जुलाई को दोपहर 2 बजे कम्प्यूटर व्दारा लॉटरी निकाली जाएगी. सबसे पहले आरक्षित भूखंडो की लॉटरी निकाली जाएगी. प्राधिकरण व्दारा 540 वर्गफुट से 3800 वर्गफुट तक के कुल 159 आवासीय भूखंडो की लॉटरी निकाली जाएगी.

कमल विहार में भूस्वामियों को विकसित भूखंड देने विशेष कैम्प

7 से 18 जुलाई तक चलेगा कैम्प

रायपुर, 5 जुलाई  2014, कमल विहार योजना के लिए अपनी भूमि देने वाले भूस्वामियों को विकसित भूखंड देने के लिए 7 से 18 जुलाई तक कलेक्टोरेट स्थित रजिस्ट्री आफिस में रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा विशेष कैम्प लगाया जा रहा है, प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के निर्देश पर राजस्व शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी सोमवार 7 जुलाई प्रातः 11 बजे से शाम 4 बजे तक रजिस्ट्री आफिस के सामने वाले हॉल में बैठेगे. प्राधिकरण व्दारा भूमि स्वामियों को विकसित भूखंड लेने के लिए दूरभाष पर लगातार सूचना दी जा रही है ताकि वे उनको आबंटित भूखंड की रजिस्ट्री अपने नाम पर करा सकें.

विशेष रजिस्ट्री कैम्प में दो तरह के अनुबंध किए जाएगे. प्राधिकरण व्दारा पहला अनुबंध भूमि स्वामी को उनकी भूमि के स्थान पर विकसित भूखंड दिए जाने हेतु सहमति से संबंधित है. दूसरा और अंतिम अनुबंध प्राधिकरण व्दारा विकसित भूखंड का अंतिम रूप से आबंटन से संबंधित है. अधिकांश भूमि स्वामी व्दारा पहला अनुबंध कराया जा चुका है. किंतु जिन भूस्वामियो ने पहला अनुबंध नही किया है उन्हें पहले अपनी भूमि देने के संबंध में अनुबंध करना होगा. पहले अनुबंध के लिए भूस्वामी को अपना पहचान पत्र,सौ रुपये का स्टॉप पेपर, पांच फोटो तथा वर्तमान खसरा बी-1 पांचसाला लाना होगा. जबकि दूसरे और अंतिम अनुबंध के लिए भूमि स्वामी को सौ रुपये का स्टॉप पेपर, चार फोटो तथा भूमि की रजिस्ट्री साथ लानी होगी.

Jul 4, 2014

कमल विहार की भू-अर्जन व राजस्व की समस्याएं दूर होंगी – ठाकुर राम सिंह

कलेक्टर का कमल विहार भ्रमण

रायपुर, 4 जुलाई 2014, कलेक्टर ठाकुर राम सिंह ने कहा है कि कमल विहार योजना में भूअर्जन तथा राजस्व संबंधित सभी प्रकरणों का निराकरण शीघ्र ही कर दिया जाएगा. योजना के निरीक्षण के दौरान उन्होंने भूमिगत अधोसंरचनाओं में भूमिगत नाली, बिजली व दूरसंचार के केबल, जलप्रदाय बारिश के पानी के निकासी, शोधित जल के लिए बिछाई गई पाईप लाईनों की तकनीक का अवलोकन किया. कलेक्टर ने रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के साथ बोरिया तालाब, प्रस्तावित सिटी पार्क क्षेत्र का भी अवलोकन किया.
श्री कटारिया ने कलेक्टर को कमल विहार योजना क्षेत्र में भू-जल के रिचार्ज के संबंध में जानकारी दी कि योजना में बनने वाले छह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से प्राप्त होने वाले शोधित जल से उद्यानों की सिचाई की जाएगी. इससे योजना के भू-जल स्तर को बनाए रखे जाने में काफी मदद मिलेगी. योजना में मॉस्टर प्लान की एमआर - 21 सड़क को नया धमतरी रोड से जोड़ने में आ रही बाधा के संबंध में कलेक्टर ने एडीएम श्री संजय अग्रवाल को निर्देश दिया कि वे स्थल का तहसीलदार व पटवारी से सर्वेक्षण कराकर इसका निराकरण करावाएं.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कलेक्टर को योजना में स्ट्रीट लाईन की जानकारी देते हुए बताया कि सेक्टर के अदंर की सड़कों पर हर दो खम्बों के बीच एक सोलर लाईट लगाई गई है. इससे रात के समय बिजली न रहने की स्थिति में भी सड़कें सोलर लाईट के माध्यम से प्रकाशित होती रहेंगी. कलेक्टर ने कमल विहार स्थल कार्यालय में योजना की अवधारणा तथा उसकी प्रक्रिया संबंधित पावर पाइंट प्रेजेन्टेशन तथा भूमिगत अधोसंरचना के मॉडल का भी अवलोकन किया.
कलेक्टर के स्थल निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता श्री जे.एस.भाटिया, नया रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के श्री सलील श्रीवास्तव व चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एल.के. पाणीग्रही भी उपस्थित थे.

Jul 3, 2014

कमल विहार के आने से पार्षदों की साफ सफाई की जिम्मेदारी कम होगी

 रायपुर शहर की महिलाओं ने किया कमल विहार का भ्रमण
रायपुर, 3 जुलाई 2014, कमल विहार योजना का विकास और निर्माण कार्य देखने के बाद आज रायपुर शहर की महिलाओं ने कहा है कि यहां बसाहट के बाद क्षेत्र के पार्षद की साफ – सफाई जैसी कई जिम्मेदारियां कम हो जाएगी. पार्षद श्रीमती मीनल चौबे,श्रीमती प्रभा दुबे, श्रीमती कुमुद रेड्डी, श्रीमती शारदा गोस्वामी के साथ लगभग 70 महिलाओं ने आज शाम रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ कमल विहार के विकास कार्यो का अवलोकन किया.




कमल विहार दर्शन के लिए आई महिला दल के सदस्यों ने कहा कि हम कमल विहार के बारे में अक्सर सुनते थे आज देख कर लगा कि वाकई यह हमारे प्रदेश की एक सबसे अच्छी आवासीय योजना है. जहां सारी सुविधाएं हैं और एक आधुनिक कालोनी की तरह यहां का विकास हो रहा है. महिला दल के सदस्यों ने योजना के पर्यावरण और साफ-सफाई के संबंध में कहा कि कमल विहार में किसी भी प्रकार के प्रदूषण और मच्छरों से यहां के निवासियों को कभी कोई परेशानी नहीं होगी. यह इस योजना की सबसे अच्छी बात है.   
प्राधिकरण के अधिकारियों ने महिला दल के सदस्यों को कमल विहार योजना की विशेषताओं की जानकारी देते हुए उन्हें भूमिगत नाली, जलप्रदाय, विद्युत व संचार, शोधित जल तथा बारिश के पानी की निकासी के लिए भूमिगत पाईप लाइनो के बिछाए जाने की तकनीक की जानकारी दी. यह भी बताया गया कि कमल विहार के 15 सेक्टरो में 155 उद्यानों, खेल मैदानों और खुली भूमि छोड़ी गई है. इसके अतिरिक्त गंदे पानी को उपचारित कर शुद्ध करने के लिए 6 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी योजना में लगाए जाएगे.
कमल विहार दर्शन के इस भ्रमण में श्रीमती शारदा गोस्वामी, अमिता झा,रेणुका बक्शी,शैलेन्दी परगनिया, नीलम सिंह, वंदना अग्रवाल, मुरली नायडू, सुषमा शिवहरे, मोनिका साहू, नीलू वर्मा, पूर्णिमा मानिकपुरी, शशिभट्ट, पदमाचंद्राकर, ईभा माजेरी, सरोज वशिष्ठ सहित कई अन्य महिलाएं शामिल थी. प्राधिकरण की ओर से मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, कार्यपालन अभियंता श्री अनवर खान, राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य, ली एसोसिएट के श्री आनंद गोलेटी, उप अभियंता श्री एम.एस. पाण्डेय ने महिला दल को योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.

Jul 2, 2014

नगर विकास योजना 5 को आरडीए संचालक मंडल ने दी स्वीकृति

योजना बनाने कंसलटेंट भी नियुक्त  

रायपुर, 2 जुलाई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक मंडल ने आज डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा के क्षेत्र में नगर विकास योजना बनाने की स्वीकृति प्रदान कर दी. यह स्वीकृति छत्तीसगढ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 50 (1) के अन्तर्गत दी गई है. संचालक मंडल में प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार इन क्षेत्रों में स्वीकृत अभिन्यास, आबादी, निर्मित क्षेत्र, हरित क्षेत्र तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्र को शामिल नहीं किया गया है. नगर विकास योजना – 5 के क्रियान्‍वयन से रायपुर शहर के मास्‍टर प्‍लान के अनुसार मुख्‍य मार्गों को जोड़ने वाली सड़कों का विकास हो सकेगा.
  


रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्‍यक्ष श्री एस.एस. बजाज की अध्‍यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक में प्राधिकरण के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया व्‍दारा प्रस्‍तुत एक अन्‍य प्रस्‍ताव में नई नगर विकास योजना को तैयार करने के लिए कन्‍सलटेंट की नियुक्ति को भी स्‍वीकृति प्रदान की गई. प्राधिकरण व्दारा इस हेतु निविदा आमंत्रित की गई थी. जिसमें देश भर से कुल 7 कंसलटेंट्स् व्दारा अपने तकनीकी एवं वित्तीय प्रस्ताव रखे गए थे. जिसमें बिल्ट क्राफ्ट इंजीनियरिंग को उपयुक्त पाया गया.
संचालक मंडल की आज की बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, आवास एवं पर्यावरण विभाग के अवर सचिव श्री जी.एल. सांकला, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के संयुक्त संचालक श्री एम.के. गुप्ता व श्री संदीप बागडे, उप वन संरक्षक श्री विनोद मिश्रा, छत्तीसगढ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के  अधीक्षण अभियंता श्री पी.के. खरे, नगर पालिक निगम के अपर आयुक्त डॉ. जे.आर. सोनी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री एस.के. अग्रवाल तथा प्राधिकरण के एडिशनल सी.ई.ओ. श्री शरीफ मोहम्मद भी उपस्थित थे.

Jun 27, 2014

रायपुर में हो रहे 'रिबन डेव्हलपमेंट' को रोकने नियोजित विकास जरूरी – श्री बजाज

जनभागीदारी के साथ शहर का समन्वित विकास आवश्यक – श्री कटारिया
रायपुर, 27 जून 2014, शहर में हो रहे रिबन डेव्हलपमेंट को रोकने के लिए शहर का नियोजित विकास आवश्यक है. रायपुर विकास प्राधिकरण शहर के मॉस्टर प्लॉन को विकसित करने की दिशा में ही काम कर रहा है. शहर विकास के लिए लिए प्राधिकरण ने अन्य प्रदेशों में बनाई गई विकास योजनाओं की बेहतर स्थितियों का अध्ययन कर उसके आधार पर कमल विहार जैसी योजना बनाई है. रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज ने कल शाम न्यू सर्किट हाऊस में आयोजित कार्यशाला के दौरान उक्त बातें कहीं. उन्होंने कहा कि हमें रायपुर शहर को एक बड़े स्वरुप में देखने और उसके विकास करने की आवश्यकता है. इसके लिए जब हमें शहर में नियोजित ढ़ंग से कार्य करेंगे तभी बेहतर विकास कर सकेंगे. इस अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया भी उपस्थित थे.
 







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रिबन डेव्हलपमेंट - दरअसल रिबन डेव्हलपमेंट उसे कहा जाता है जिसमें शहर के मध्य से बाहर की ओर जाने वाली मुख्य सड़कों के किनारे बसाहट होती जाती है.  इसमें सड़कों के दोनो ओर एक प्लॉट या कुछ सीमित दूरी तक की गहराई तक ही विकास हो पाता है उसके पीछे का हिस्सा खाली रह जाता है. और सड़क के किनारें ऐसा विकास होता चला जाता है.
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प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री बजाज ने आगे कहा कि शहर का बसाहट जिस ओर होता है उसके आधार पर शहर का मास्टर प्लान बनाया जाता है. पिछले पचास साठ सालों के दौरान जोनल प्लॉन की सड़कों का जो विकास होना था वह नहीं हो पाया. उन्होंने कहा कि अभी जो विकास हो रहा है वह आसपास के क्षेत्रों में ही रहा है हमें मास्टर प्लान के अनुसार शहर के समग्र दिशा की ओर रेडियल विकास करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा के क्षेत्र में नई नगर विकास योजना बनाने के दौरान यहां जो भी सुझाव आज यहां दिए गए हैं उन पर विचार किया जाएगा.

 प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने कार्यशाला के दौरान के कहा कि राजधानी रायपुर में जनभागीदारी के साथ शहर का समन्वित विकास आवश्यक है. प्राधिकरण की नई नगर विकास योजना रायपुर और नया रायपुर को जोड़ने का प्रयास है. श्री कटारिया ने कहा कि नई नगर विकास योजना में हम स्वीकृत अभिन्यास, आबादी क्षेत्र, सघन निर्मित क्षेत्र, कृषि विश्वविद्यालय और मास्टर प्लॉन के अनुसार प्रावधानित हरित क्षेत्र को अलग कर योजना का अभिन्यास तैयार करेंगे. श्री कटरिया ने कहा कि राज्य शासन सहभागिता के साथ रायपुर शहर को बेहतर बनाना चाहता है. इसमें मुख्य रुप से बुनियादी अधोसंरचना का विकास आवश्यक है ताकि अनियमित तथा गंदी बस्ती जैसा विकास न हो.
  कार्यशाला के दौरान कमल विहार योजना के बारे यह बताया गया कि कमल विहार योजना जो जनभागीदारी के साथ विकसित की गई है इसमें वर्तमान में कोई भी न्ययालयीन प्रकरण नहीं है. दो बार हाईकोर्ट में दायर प्रकरणों में प्राधिकरण के हित में निर्णय आया है.     
कार्यशाला में प्राधिकरण की ओर से राजस्व अधिकारी पुलक भट्टाचार्य तथा ली एंड एसोसियेट के आनंद वोलेटी नें कमल विहार योजना में पूंजी निवेश के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया. क्रेडाई के अध्यक्ष आनंद सिंघानिया ने रियल इस्टेट से संबंधित विषयों तथा समस्याओं पर अपना पक्ष रखा. कार्यशाला में प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया भी उपस्थित थे.  



Jun 26, 2014

शहर विकास के लिए बेहतरीन योजना, शासन का सहयोग, पारदर्शिता, जनप्रतिनिधियों व मीडिया से संवाद जरूरी

काबुल के योजनाकारों का प्रशिक्षण में श्री अमित कटारिया का संबोधन
रायपुर, 26 जून 2014, अफगानिस्तान में बनने वाली न्यू काबुल सिटी बनाने के लिए योजनाकारों को एक साथ कई मोर्च पर काम करना होगा. रायपुर विकास प्राधिकरण और नया रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया कल होटल गेटवे में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) व्दारा देशॉबज सिटी डेव्हलपमेंट अथारिटी (डीसीडीए) काबुल, अफगानिस्तान के योजनाकारों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि नगर विकास योजना और नया शहर विकसित करने के लिए योजनाकारों को मुख्यतः चार बिन्दुओं पर ध्यान केन्द्रित करना होगा.  
श्री कटारिया ने कहा कि सबसे पहले उन्हें शहरी विकास के लिए एक बेहतरीन अवधारणा के साथ कानूनी और स्थानीय परिवेश के साथ तालमेल रखनी वाली एक बेहतरीन योजना बनानी होगी. इसमें भविष्य में योजना में सभी प्रकार की आने वाली समस्याओं के प्रति पहले से सजग हो कर काम करना होगा. दूसरा शासन के मुखिया और उनके मंत्रियों को योजना के सभी पक्षों से अवगत कराते हुए उनको बताया जाना चाहिए कि योजना से नागरिकों सहित भूमि स्वामी कैसे लाभान्वित होंगे. इस दौरान यदि शासन पक्ष की ओर से कोई सुझाव या परिवर्तन की बात उठे तो उसके अनुरुप योजना में संशोधन करना चाहिए. तीसरा योजना के बारे में पूर्ण पारदर्शिता रखी जाए. जनप्रतिनिधियों, सिटीजन फोरम जैसे कई मंचों के प्रतिनिधियों, नागरिकों, जनता सभी को उससे होने वाले फायदों के बारे में जानकारी दी जाए तथा बराबर संवाद बनाए रखा जाए. चौथा मीडिया समाज के एक सजग प्रहरी के रुप में काम करता है अतः उसके साथ नगर विकास जैसे मुद्दो पर मीडिया के साथ नियमित रुप से संवाद बनाए रखना चाहिए.

14 जून को कमल विहार का दौरा कर चुके डीसीडीए के योजनाकारों ने आज प्रशिक्षण के दौरान श्री कटारिया से कमल विहार में भूमि अर्जन और योजना बनाने की प्रक्रिया पर कई सवाल किए और उसे अपने देश के परिपेक्ष्य में समझने की कोशिश की. श्री कटारिया ने बताया कि अनिवार्य भूमि अर्जन कर योजना बनाना काफी आसान है किन्तु जब जनभागीदारी से योजना बनाना हो तो यह काफी चुनौती भरा होता है. एक अच्छी योजना बनानी पड़ती है और उससे होने वाले लाभ के बारे में सभी को बता कर उन्हें संतुष्ट करना पड़ता है. नगर विकास योजना के लिए वित्तीय प्रबंधन की जानकारी देते हुए श्री कटारिया ने कहा कि रायपुर में कमल विहार बनाना दरअसल पुराने शहर में अधोसंरचना का विकास करने का कार्य है पर नया रायपुर एक नया शहर बनाने का कार्य है. दोनों में काफी अन्तर है पर उद्देश्य एक ही है. नागरिकों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं देना. 
जापान, टर्की और भारत के शहरों के विकास का अध्ययन कर काबुल में एक नया शहर ' काबुल न्यू सिटी ' (केएनसी) बनाने के लिए रायपुर आए काबुल डीसीडीए के दल में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर अमानुल्लाह अहफन्जोई, सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर दाऊद फैसल, सीनियर पावर इंजीनियर मोहम्मद शोएब साहिबजादा, भूमि प्रबंधक दाद मोहम्मद खालिद तथा मोहम्मद इदरीस सादेक के साथ जायका के वरिष्ठ सलाहकार सईद अंजुम शामिल थे. 

Jun 24, 2014

नगर विकास योजना पर कार्यशाला 26 को न्यू सर्किट हाऊस में

रायपुर, 24 मई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा के क्षेत्र को सम्मिलित कर नगर विकास योजना तैयार करने के संबंध में जानकारी देने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया है. 26 जून शाम 5 बजे न्यू सर्किट हाऊस में होने वाले इस कार्यशाला में रीयल एस्टेट के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था क्रेड्राई, सीआईआई, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, स्कूल तथा महाविद्यालयों तथा अन्य संभावित निवेशकों को आमंत्रित किया गया है. कार्यशाला में प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एक प्रेजेन्टेशन के माध्यम से नगर विकास की अवधारणा की प्रस्तुति करेंगे. इस दौरान कमल विहार योजना के अनुभवों को भी साझा किया जाएगा तथा वहां पूंजी निवेश की संभावानाओं को भी रेखांकित किया जाएगा.

कमल विहार के व्यावसायिक भूखंडो के विक्रय तिथि में बढ़ाई गई

निविदा की अंतिम तिथि अब 10 जुलाई 2014 
 रायपुर, 24 मई 2014, कमल विहार की व्यावसायिक संपत्तियों को खरीदने और पूंजी निवेश के इच्छुक लोगों की मांग पर रायपुर विकास प्राधिकरण ने कमल विहार योजना के व्यावसायिक, सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक, शैक्षणिक तथा स्वास्थ्य के भूखंडो की निविदा तिथि को 15 दिन आगे बढा दिया है. पहले निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 25 जून थी जिसे बढाकर 10 जुलाई 2014 कर दिया गया है. अब निविदा आवेदन पत्र, नियम एवं शर्ते रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय में 10 जुलाई 2014 शाम 5 बजे तक प्राप्त किये जा सकेंगे. आवेदन पत्र रायपुर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट आरडीए रायपुर डॉट कॉम से भी डॉऊन लोड किए जा सकते है.

अवैध प्लॉटिंग करने वालों को कमल विहार में नहीं मिलेगा प्लॉट

अवैध प्लॉटिंग करने वालों ने अपने सारे प्लॉट बेच डाले और रोड रास्ते की जमीन को अपना बताकर कमल विहार में प्लॉट लेने के लिए दिया आवेदन
रायपुर, 24 मई 2014, शहर में कई सालों से अवैध प्लॉट बना कर बेचने वालों के विरुध्द अब कार्रवाई शुरु की जाएगी. बिना सड़क, नाली, बिजली पानी की सुविधाएं दिए तथा सक्षम अधिकारी से भवन निर्माण की अनुज्ञा के लिए बिना प्लॉट बेचने वाले लोगों ने कमल विहार योजना में भी विकसित भूखंड लेने का प्रयास किया था जिसे रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने विफल कर दिया है.
प्राधिकरण को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रायपुर व्दारा कमल विहार योजना क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वाले की सूची उपलब्ध कराई है. इस सूची में उन सभी अवैध प्लॉटिंग करने वाले लोगों के नाम तथा प्लॉटिंग के बाद शेष सड़क, उद्यान एवं खुली भूमि के समस्त खसरा नंबरों एवं रकबे का उल्लेख है. प्लॉट बेच देने के बाद बची शेष भूमियों के बदले अवैध प्लॉट करने वाले तत्वों ने प्राधिकरण व्दारा मूल भूमि के बदले 35 प्रतिशत क्षेत्र के बराबर के विकसित भूखंड लेने का प्रयास किया था. प्राधिकरण को राजस्व विभाग से मिली अवैध प्लॉट की सूची के अनुसार अब किसी भी ऐसे व्यक्तियों को विकसित भूखंड नहीं दिए जाएंगे, साथ ही प्राधिकरण कॉलोनाइजर एक्ट के अन्तर्गत अपराधिक प्रकरण दर्ज करने हेतु नगर निगम रायपुर एवं अनुविभागीय अधिकारी रायपुर को पत्र लिख रहा है. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 (ग) के अन्तर्गत अवैध कालोनियों का विकास करने तथा बिना अनुज्ञा भूमि के व्यपवर्तन करने पर 3 से 7 वर्ष के कारावास का प्रावधान है.      
दरअसल जमीन की खरीद फरोख्त करने वाले ऐसे कुछ तत्वों ने राजधानी रायपुर के क्षेत्रों में विकास योजना में भूमि के उपयोग के विरुध्द कृषि तथा अन्य उपयोग की भूमि पर अपना नक्शा बना कर कई एजेंटो के माध्यम से हजारों की संख्या में प्लॉट काट कर बेचे. ऐसे प्लॉटों तक पहुंच पाना और मौके पर प्लॉट की स्थिति को देख पाना भी लोगों के काफी मुश्किल था. आकर्षक विज्ञापन और लुभावने प्रस्तावों के साथ किश्तों तथा लाटरी में प्लॉट देने के ऐसे षड़यंत्र में आम जनता को काफी परेशानी में डाला.
जहां-जहां अवैध प्लॉट काट कर बेचे गए वह अधिकांश कागजों में थे मौके पर न तो कोई मकान बनाने की स्थिति में था और न ही बैंक या किसी अन्य संस्था से ऋण लेने की स्थिति में था. इक्का दुक्का लोगों ने अपने पैसे से किसी प्रकार से मकान बनाया तो ऐसे अवैध प्लॉटों पर पहुंचनें के लिए न तो सड़क बनी थी और न ही पानी की सुविधा थी. तारों में झुलते हुए बिजली के खुले तारों और आसपास के भूमि पर नाली का पानी बहाने वाले ऐसे मकानों में रहने वालो को लगातार कई समस्याओं से दो चार होना पड़ता था. आम जनता को इन्ही समस्याओं से निजात दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने रायपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से नगर विकास योजना कमल विहार का क्रियान्वयन किया. जनभागीदारी के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही कमल विहार योजना में पहली बार रायपुर विकास प्राधिकरण लगभग 5 हजार भूस्वामियों को उनकी भूमि के बदल बिना कोई शुल्क लिए विकसित भूखंड प्रदान कर रहा है. प्राधिकरण रायपुर शहर के मॉस्टर प्लॉन के क्रियान्वयन की दिशा में आधुनिक अधोसंरचना के साथ नगर विकास योजनाओं को लागू कर नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, अच्छा पर्यावरण और व्यवस्थित आवासीय सुविधाएं देने का कार्य कर रहा है. 

Jun 23, 2014

कमल विहार में 380 भूस्वामियों को विकसित भूखंड मिले

रजिस्ट्री के लिए 7 से 14 जुलाई तक कलेक्ट्रोरेट में लगेगा विशेष कैम्प
सड़क-रास्ते की भूमि के आधार पर अवैध प्लाटिंग करने वालों को नही मिलेंगे भूखंड

रायपुर, 23 जून 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण ने अपने पूर्व वायदे के अनुसार कमल विहार योजना के अंतर्गत आने वाले भू-स्वामियो को विकसित भूखंड देना शुरू कर दिया है. अब तक 380 ऐसे भूमि स्वामियो को जिनकी भूमि कमल विहार योजना के लिए ली गई थी उनको विकसित भूखंड देने के लिए प्राधिकरण व्दारा लगातार रजिस्ट्रियां की जा रही है. प्राधिकरण ने आज ऐसे 380 भूस्वामियों की सूची जारी की जिन्हें विकसित भूखंड दिए गए हैं. (अवलोकन हेतु सूची संलग्न).
प्राधिकरण प्रशासन ने आज स्पष्ट किया है कि कमल विहार में अवैध प्लाटिंग करने वाले यह दुष्प्रचार कर भ्रामक अफवाहे फैला रहे है कि प्राधिकरण ने जिनकी भूमि कमल विहार योजना बनाने के लिए ली है उनको अभी तक विकसित भूखंड नही लौटाए है. जबकि सच्चाई यह है कि प्राधिकरण व्दारा लगातार भूस्वामियों की रजिस्ट्री कर रहा है.
      रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज कार्यालय में हुई एक बैठक में राजस्व विभाग को कहा कि वे आगामी 7 से 14 जुलाई तक कलेक्ट्रोरेट परिसर में एक विशेष कैम्प लगाकर कमल विहार योजना के भूमि स्वामियों से अनुबंध और रजिस्ट्री की कार्रवाई में तेजी लाए. श्री कटारिया ने कहा है कि जिन भूमि स्वामियों को विकसित भूखंड आबंटित कर दिए गए है वे कमल विहार योजना में प्रक्रिया के तहत भवन निर्माण अनुज्ञा लेकर निर्माण का कार्य कर सकते है. श्री कटारिया ने कहा कि जो लोग कमल विहार योजना में अवैध रूप से प्लाटिंग कर के अब अपनी सड़क-रास्ते की भूमि के आधार पर विकसित भूखंड लेने का प्रयास कर रहे है, उन्हें किसी भी प्रकार से भूखंड नही दिया जाएगा.

Jun 17, 2014

सरोना में भी नगर विकास योजना की मांग

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत को प्रतिनिधि मंडल दिया ज्ञापन
योजना के लिए भूमि स्वामी 600 एकड़ निजी भूमि देने को तैयार

रायपुर, 17 जून 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण को छत्तीसगढ़ शासन से कमल विहार के बाद एक और नई नगर विकास योजना की मंजूरी मिलने के बाद ग्राम सरोना में भी टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम बनाने की मांग को लेकर आज एक प्रतिनिधि मंडल आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत से मिला. श्री कन्हैयालाल छुगानी के नेतृत्व में छह सदस्य प्रतिनिधि मंडल ने आज श्री मूणत को एक ज्ञापन सौंपकर यह अनुरोध किया कि सरोना ईटा भट्टा क्षेत्र में 25 परिवारों की 600 एकड़ निजी भूमि और 125 एकड़ शासकीय भूमि उपलब्ध है, यहां पर कमल विहार योजना के जैसी एक और नगर विकास योजना बनाई जाए. योजना बनाने के लिए वहां के सभी भूमि स्वामी अपनी निजी भूमि देने को सहमत है.
     
बाद में यह प्रतिनिधि मंडल आवास एवं पर्यावरण मंत्री के निर्देश पर रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया से उनके कार्यालय में मिला. प्रतिनिधियों ने श्री कटारिया को जानकारी दी कि सरोना के क्षेत्र में रेल्वे स्टेशन, रिंग रोड     नं. – 01 और अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) होने के कारण यह क्षेत्र पहले से ही टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के लिए सर्वथा उपयुक्त है. अतः हमारा अनुरोध है कि राज्य शासन और रायपुर विकास प्राधिकरण इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान कर शीघ्र ही क्रियान्वित करें. श्री कटारिया ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि माननीय मंत्री जी और स्थानीय निवासियो की अपेक्षा के अनुरूप इस प्रस्ताव के सभी पहलुओं का अध्ययन कर उचित निर्णय लिया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि आवास एवं पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन व्दारा गत दिनो रायपुर विकास प्राधिकरण को डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा के क्षेत्र को सम्मिलित कर नगर विकास योजना तैयार करने की सैध्दांतिक प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है. प्राधिकरण में आए प्रतिनिधि मंडल में कन्हैयालाल छुगानी, सुशील सचदेव, मनोज जैन, श्री श्रीचंद, दीपक अठवानी और झामनदास शामिल थे. 

Jun 16, 2014

आरडीए की नई टॉऊन डेव्हलपमेंट योजना को शासन की स्वीकृति

कमल विहार की तर्ज पर बनेगी नगर विकास योजनाएं
 रायपुर, 16 जून 2014, आवास एवं पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण को डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा के क्षेत्र को सम्मिलित कर नगर विकास योजना तैयार करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है. आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव व्दारा जारी एक आदेश में राज्य शासन व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण को नई नगर विकास योजना बनाने की सैध्दांतिक प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है.
रायपुर विकास प्राधिकरण ने इसी महीने राज्य शासन को नई नगर विकास योजनाओं के संबंध में पत्र प्रेषित कर प्रशासकीय स्वीकृति मांगी थी. शासन ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के प्रावधानों के अनुरुप यह स्वीकृति प्रदान की है. प्राधिकरण ने राज्य शासन को प्रेषित अपने पत्र में प्राधिकरण ने कहा था कि कमल विहार से लगे हुए क्षेत्र डुमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभान्डीह एवं जोरा क्षेत्र में तीव्र गति से अनियमित विकास एवं निर्माण किया जा रहा हैं. ऐसी स्थिति में इन क्षेत्रों में अधोसंरचना का विकास किया जाना अति आवश्यक हैं अन्यथा यह क्षेत्र भी अनियमित विकसित क्षेत्र बन जाएगा. इन क्षेत्रों में कुछ क्षेत्र कमल विहार तथा कुछ क्षेत्र नया रायपुर क्षेत्र की सीमा से लगे हुए हैं इसलिए यह आवश्यक है कि इन क्षेत्रों में नियमित विकास हो और यहां उच्च स्तरीय अधोसंरचना विकसित हो. इससे इन क्षेत्रों में रायपुर मास्टर प्लॉन में प्रस्तावित मुख्य सड़कों का भी विकास किया जा सकेगा. प्राधिकरण के पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया था कि नई नगर विकास योजना के क्षेत्र में स्वीकृति अभिन्यास, आबादी, निर्मित क्षेत्र, हरित क्षेत्र एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय आदि के क्षेत्र को विस्तृत सर्वेक्षण के बाद छोड़कर योजना तैयार की जाएगी.
 रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा वर्तमान में देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक नगर विकास योजना एक अर्थात कमल विहार योजना का विकास किया जा रहा है. इसमें लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. अगले महीने इसे कुछ सेक्टरों का लोकार्पण किया जाएगा. योजना में विश्व स्तरीय अधोसंरचना विकास के साथ आवासीय, व्यावसायिक, मनोरंजन, उद्यान एवं खेल मैदान के साथ सार्वजनिक एवं अर्ध्द सार्वजनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है. इसके अतिरिक्त प्राधिकरण व्दारा ग्राम रायपुरा के क्षेत्र में नगर विकास योजना क्रमांक एक 'इन्द्रप्रस्थ रायपुरा' भी विकसित की है. इसके अतंर्गत डुप्लेक्स भवन, न्यून निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए फ्लैट्स, आवासीय भूखंडों का विकास किया है. योजना में अभी कई और आवासीय भूखंड विकसित किए जा रहे है. साथ ही यहां छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा रिक्रिएशन पार्क एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल विकसित किया जा रहा है.   

Jun 14, 2014

कमल विहार - नया रायपुर के विकास की अवधारणा को देख बनेगी न्यू काबुल सिटी

 रायपुर, 14 जून 2014, छत्तीसगढ़ अब देश के उन शहरों में से एक हो गया है जहां देश–विदेश से लोग यह देखने और सीखने के लिए आने लगे है कि एक नए शहर का विकास कैसे किया जाता है और बने हुए शहरों का विकास कैसे किया जाए. देशॉबज बरीकॉब सिटी डेव्हलपमेंट अथारिटी (डीसीडीए) काबुल, अफगानिस्तान के पांच अधिकारियों ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना और नया रायपुर के विकास कार्यों को देखा. वे इसका अध्ययन कर काबुल में बनने वाले न्यू काबुल सिटी का विकास करेंगे.

काबुल की इस टीम ने कमल विहार भ्रमण के दौरान रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से भूमि अर्जन और लोगों की सहभागिता के बारे में जानकारी लेने में काफी दिलचस्पी दिखाई और कई सवाल पूछे. जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) के माध्यम से से भारत के नए शहरों में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और नया रायपुर के विकास की योजना तैयार करने से ले कर उसके क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत अध्ययन के लिए यह टीम रायपुर आई है.

दरअसल यह टीम जायका की तकनीकी मदद से जापान, टर्की और भारत के शहरों के विकास का अध्ययन कर काबुल में एक नया शहर ' काबुल न्यू सिटी ' (केएनसी) बनाना चाहती है. दोपहर बाद कमल विहार पहुंची टीम ने कमल विहार योजना के विकास कार्यों को काफी रुचि से देखा. कमल विहार की भूमिगत अधोसंरचना के अंतर्गत टीम ने सेक्टर 7 में हर भूखंडों तक पहुंचाई गई बुनियादी सुविधाओं यथा बिजली, पानी, नाली इत्यादि के कनेक्शन को देखा. प्राधिकरण के अधिकारियों ने उन्हें बताया गया कि हर प्लॉट के सामने तक पहुंचाई गई सुविधा के लिए यहां पांईट तय किए गए हैं. जब भी भूखंडधारी अपना भवन बनाएगा उसकी मांग पर उन पांईट से उन्हें बुनियादी सुविधाएं दे दी जाएंगी. 

 काबुल डीसीडीए के दल में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर अमानुल्लाह अहफन्जोई, सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर दाऊद फैसल, सीनियर पावर इंजीनियर मोहम्मद शोएब साहिबजादा, भूमि प्रबंधक दाद मोहम्मद खालिद तथा मोहम्मद इदरीस सादेक के साथ जायका के वरिष्ठ सलाहकार सईद अंजुम शामिल थे. रायपुर विकास प्राधिकरण की ओर से राजस्व अधिकारी पुलक भट्टाचार्य, सहायक अभियंता के.पी. देवांगन व अनिल गुप्ता, उप अभियंता एम. एस. पांडे, कमल विहार के सलाहकार जाकिर खान, ली एसोसियेट के आनंद वोलेटी, मुस्तफा अहमद ने डीसीडीए के दल को योजना की जानकारी दी.

Jun 5, 2014

कमल विहार जैसी एक और योजना बनाएगा आरडीए – श्री राजेश मूणत

कमल विहार और रिक्रिएशन पार्क का लोकार्पण जुलाई में 
रायपुर, 05 जून 2014, कमल विहार योजना और रायपुरा के रिक्रिएशन पार्क और स्वीमिंग पूल का लोकार्पण जुलाई में होगा. आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं के भ्रमण के दौरान उक्त बातें कही. श्री मूणत ने कहा कि कमल विहार की अच्छी सफलता को देखते हुए आरडीए इसी तर्ज पर एक और नगर विकास योजना शुरु करेगी.
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने आज पहले रायपुर विकास प्राधिकरण की इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना का अवलोकन किया. इस दौरान प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने बताया कि इन्द्रप्रस्थ फेस-1 का निर्माण पूरा हो चुका है तथा फेस-2 की शुरूआत की जा रही है. इन्द्रप्रस्थ फेस-1 में जहां प्राधिकरण व्दारा न्यून निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए फ्लैट्स तथा डुप्लेक्स भवनों का निर्माण कर हितग्राहियों को आवंटित किया गया है, वहीं फेस-2 में नियमित आकार के भू-खण्ड विकसित कर आवंटित किए जाने की योजना है. श्री कटारिया ने बताया कि इन्द्रप्रस्थ योजना में आमोद – प्रमोद के लिए आरक्षित 18.77 एकड़ भूमि पर छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा रिक्रियेशन पार्क और अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल का निर्माण अंतिम चरण में है.
प्राधिकरण व्दारा नियुक्त डेव्हलपर कंपनी मेसर्स पंचामृत इन्टरटेनमेंट कोलकाता व्दारा रिक्रिएशन पार्क विकसित किया गया है. रिक्रिएशन पार्क को चार हिस्सों में विकसित किया जा रहा है - ड्राई जोन, वाटर जोन, टनल शॉपिंग और क्लब हाऊस. इनमें क्लब हाऊस के अलावा शेष तीन हिस्से पूरे किए जा चुके हैं. ड्राई जोन के अंतर्गत हवाई झूला, टॉय ट्रेन, गो कार्ट, ओपन थियेटर, आक्टोपस, एनाकोन्डा और स्ट्राईकिंग कार जैसे मनोरंजन सुविधाओं का निर्माण किया गया है. वॉटर जोन के अंतर्गत स्वीमिंग पूल, बेबीपूल, वेव पूल और वॉटर राइड्स का निर्माण किया गया है. टनल शॉपिंग के तहत 42 भूमिगत तल पर दुकानों निर्माण किया गया है. श्री मूणत ने कहा कि प्राधिकरण व्दारा निर्मित यह रिक्रियेशन पार्क छत्तीसगढ़ और विशेष कर रायपुरवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है. यह रायपुर शहर के साथ-साथ आस-पास के शहरों के निवासियों के मनोरंजन का महत्वपूर्ण साधन साबित होगा। 
रायपुरा के बाद श्री मूणत देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक ‘कमल विहार’ गए. लगभग16 सौ एकड़ में विकसित की जा रही ‘कमल विहार’ योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए प्राधिकरण के सीईओ श्री अमित कटारिया ने कहा कि योजना में स्थित 250 एकड़ क्षेत्र वाले बोरिया तालाब को वाटर स्पोर्टस और रिक्रिएशन के लिए विकसित किया जाना है. उन्होंने कहा कि कमल विहार में विश्व स्तरीय अधोसंरचना का विकास किया गया है. यहां नाली, पानी, बिजली, दूरसंचार, बारिश के पानी की निकासी और उपचारित गंदे पानी की निकासी के लिए सभी अधोसंरचनाओं को भूमि के नीचे बनाया गया है. प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया ने आवास एवं पर्यावरण मंत्री को बताया गया कि हर भूखंड को बुनियादी सुविधाएं यथा बिजली, पानी, नाली इत्यादि के कनेक्शन उनके प्लॉट के सामने तक पहुंचा कर सील कर दिए गए है. जब भी वे इसके कनेक्शन की मांग करेंगे उन्हें यह उपलब्ध करा दिए जाएंगे.
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने इस अवसर पर अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हर सेक्टर के ब्लॉक से भूखंडों तक पहुंच को आसान बनाने के लिए साईनेज बोर्ड लगाएं. श्री मूणत ने जून माह के अंत तक कमल विहार के चार सेक्टरों, सेक्टर 4, 5, 6 और सेक्टर 7 का का काम पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि जुलाई माह में इसका लोकार्पण किया जा सके.
प्राधिकरण की योजनाओं के भ्रमण के दौरान श्री मूणत के साथ प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री एन. बैजेन्द्र कुमार, सचिव श्री संजय शुक्ला, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज, प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया मौजूद, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद और मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया उपस्थित  थे.

May 31, 2014

कमल विहार योजना का 60 प्रतिशत कार्य पूरा


रायपुर दिनांक 31 मई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना के  अधोसंरचना विकास का लगभग 60 प्रतिशत का कार्य पूरा कर लिया गया है. 15 सेक्टरों में विभाजित कमल विहार में प्राधिकरण व्दारा 334 आवासीय भूखंडों का विक्रय किया जा चुका है. बजट के अनुसार कमल विहार योजना में कुल 5 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे जिसकी कुल क्षमता 38 एमएलडी होगी. सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले साफ पानी का उपयोग उद्यानों की सिंचाई के लिए किया जायेगा.
रायपुर विकास प्राधिकरण के विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए वर्ष 2014 - 2015 के वार्षिक बजट के अनुसार 5 अरब 19 करोड 5 लाख 26 हजार की आवक तथा 4 अरब 52 करोड 32 लाख 53 हजार रुपए के व्यय का प्रस्ताव है. बजट के अनुसार योजनाओं के निर्माण कार्य में लगभग साढ़े 64 प्रतिशत राशि व्यय होगी. जबकि स्थापना पर 2.48 प्रतिशत तथा कार्यालयीन एवं प्रशासनिक कार्यों पर 3.02 प्रतिशत का व्यय होगा.
      बजट में विकास योजनाओं के निर्माण में 3 अरब 34 करोड 79 लाख 40 हजार रुपये के व्यय का प्रावधान किया गया है. योजना एवं संधारण के लिए 1 करोड 52 लाख रुपए रखे गए है. कार्यालयीन एवं प्रशासनिक व्यय के मद में 15 करोड 68 लाख 60 हजार रुपये तथा स्टॉफ के वेतन भत्तों इत्यादि के भुगतान के लिए 12 करोड 86 लाख 34 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है. ऋण अदायगी के रूप में प्राधिकरण को 74 करोड़ 75 लाख 71 हजार रुपये देने होंगे. अकेले कमल विहार के लिए सेंट्रल बैंक आफ इंडिया रायपुर से लिए गए ऋण पर 40 करोड़ रुपये ब्याज पर तथा 25 करोड रुपये ऋण अदायगी के रूप में वापस किए जाएगें. वहीं इंद्रप्रस्थ फेज - 2 की आवासीय भूखण्डों की योजना के ऋण पर ब्याज के रूप में 1 करोड़ 70 लाख रुपए वापस किए जाएगे.

      जनभागीदारी से विकसित की जा रही कमल विहार योजना के विकास एवं निर्माण पर कुल 2 अरब 87 करोड 50 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे. इसके अतंर्गत रिंग रोड के निर्माण के लिये 6 करोड़ रुपये, मास्टर प्लान की दो सड़कों के लिए 10 करोड रुपए, निर्मित संरचनाओं के मुआवजे पर 2 करोड़ रुपए, स्कूल भवन तथा जलागार के निर्माण हेतु 10 लाख रुपए, साइनेज बोर्ड, गेट एवं मार्कर पोल के लिए 3 करोड़ 40 लाख रुपए, वृक्षारोपण के लिए एक करोड़ रुपए, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 5 करोड रुपए,  बस – वे के लिए 1.5 करोड रुपए, बोरिया तालाब तटबंध निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए, विद्युत की एच.टी.लाईन हेतु 20 करोड़ रुपये, 33/11 किलोवाट सब स्टेशन के प्रशासनिक भवन के लिए 2 करोड रुपए, सेक्टर लेवल की सड़को के फुटपाथ के लिए 3 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इंदप्रस्थ रायपुरा योजना में निर्माणाधीन 120 फ्लैट्स के लिए 14 करोड़ 5 लाख रुपए, इंदप्रस्थ फेज - 2 में एमआर रोड व विकास कार्य के लिए 20 करोड 65 लाख रुपए रखे गए है. ई.ए.सी.कालोनी में सर्वे प्लानिंग, नोटिफिकेशन, कंसलटेंसी, भू-अधिग्रहण, सड़क व अन्य निर्माण कार्यो के लिए 8 करोड 10 लाख रुपए का प्रावधान बजट में किया गया है. इसी प्रकार डा. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्ट नगर रांवाभाठा में विकास कार्यो के लिए 2 करोड 5 लाख रुपये का प्रावधान है. इंदप्रस्थ रायपुरा योजना के 18.77 एकड भूमि पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल एवं रिक्रिएशन पार्क का कार्य भी अंतिम चरण में है. इसे अगले माह तक पूरा हो जाने की संभावना है.