Search This Blog

Feb 27, 2010

झोपड़ियों में रहने वालों के लिए नए आवास बनाएगी सरकार – डॉ. रमन सिंह



·        आरडीए की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना रायपुरा लोकार्पित 
·        दूरस्थ मोहल्लों में सौ फीसदी पेयजल औरकांक्रीट की सड़कें बनेगी 

झोपड़ियों में रहने वालों के लिए नए आवास बनाएगी सरकार  डॉ. रमन सिंह

रायपुर 27 फरवरी 2010, रायपुर की झुग्गी बस्तियों व झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के लिए अगले 5सालों में छत्तीसगढ़ शासन ऩए आवास बनाएगी और प्रदेश के अन्य शहरों में भी गरीबों के लिए आवास तैयार किए जाएगें. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना रायपुरा के 972 फ्लैट्स के लोकार्पण के अवसर पर उक्त बातें कहीं. उन्होंने कहा कि शासन ने रायपुर के दूरस्थ मोहल्लों में रहने वाले नागरिकों को शत - प्रतिशत पेयजल और कांक्रीट की सड़कें बना कर देने का लक्ष्य रखा है ताकि लोगो को अच्छा और स्वस्थ वातावरण मिले.

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है तीन साल की अवधि में रायपुर विकास प्राधिकरण ने गरीबों के लिए 972 फ्लैट्स का निर्माण कर उसे किश्तों में उपलब्ध कराया है. उन्होंने कहा कि रायपुर शहर और उसके आसपास अपने रहने के लिए मकान की कल्पना करना गरीब परिवारों के लिए एक सपना है. बिजली, सड़क, पानी की सुविधा के साथ मकान मिले यह सीमित आमदनी वाले व्यक्ति के लिए एक कठिन सोच है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीए की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत शहर को विभिन्न हिस्सों में बांटकर गरीबों को आवास देने से आज मुझे काफी खुशी हो रही है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद श्री रमेश बैस ने कहा कि आने वाले सालों में हम शहर का नक्शा बदलने का प्रयास कर रहे हैं. ताकि हम रायपुर शहर को आधुनिक स्वरुप दे सकें. लेकिन यह तभी सफल हो पाएगा जब जनता का सहयोग मिले. उन्होंने कहा कि ऐसा बहुत कम ही होता है जब कोई व्यक्ति भूमिपूजन भी करे और लोकार्पण भी. लेकिन मुख्यमंत्री जी ने कई ऐसी योजनाओं का भूमिपूजन कर उसे जनता को लोकार्पित किया है. श्री बैस ने कहा कि गांवों से आकर राजधानी में बसने वाले लोगों के लिए डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के फ्लैट्स एक उपलब्धि है.

इस अवसर पर लोक निर्माण एवं पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जो लोग मंच पर अपने फ्लैट की चाबी लेने आ रहे थे उनके चेहेरे की खुशी देखते ही बन रही थी. लोगो का सपना होता है कि उनका अपना घर हो, चाहे वह छोटा हो या बड़ा हो. उन्होंने कहा कि आज के इस कार्यक्रम से यह इस बात का अहसास हो रहा है कि हमने गरीब परिवारों के लिए कुछ किया. श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने चाहे गरीबों के लिए चावल वितरण की योजना हो या मकान देने की योजना का क्रियान्वयन किया है इससे यह तो दिखता है कि सरकार लोगों के भलाई के लिए काम कर रही है. यह भी अच्छी बात है योजना का भूमिपूजन के बाद आज इसका लोकापर्ण भी किया गया .

प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज ने कार्यक्रम में योजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह योजना न्यून निम्न आय वर्ग के लिए राज्य प्रवर्तित योजना है. जिसकी कुल लागत 20.80 करोड रुपए है. योजना में उन व्यक्तियों को यह फ्लैट्स दिया गया है जो रायपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र के निवासी है तथा जिनकी वार्षिक आय 72 हजार रुपए तक है. यह योजना ग्राम रायपुरा के 7.54 एकड़ में बनी है. इसमें कुल 81 ब्लॉक्स में 972 फ्लैट्स का निर्माण किया है. योजना के एक फ्लैट का क्षेत्रफल 290 वर्गफुट है. एक फ्लैट्स में दो कमरे, एक रसोई एक टॉयलेट व बॉलकनी का प्रावधान किया गया है. एक फ्लैट की कीमत 2.14 लाख रुपए है. फ्लैट्स में पंजीयन के समय पहले आवंटितियों ने 18 हजार 750 रुपए की राशि प्राधिकरण कोष में जमा की है. इसके बाद आवंटितियों ने 19 हजार 750 रुपए की राशि जमा कर अनुबंध का निष्पादन कराया है. शेष राशि उनसे बीस सालों की मासिक किश्तों में ली जाएगी. वे चाहे तो समय पूर्व भी राशि जमा कर सकते हैं.

कार्यक्रम के पूर्व आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने रायपुरा में गरीबों के लिए बने 972 फ्लैट्स सहित उच्च वर्ग के लिए बन रहे इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स योजना के 302 भवनों के निर्माण कार्य का अवलोकन किया. उन्होंने प्राधिकरण के इंजीनियरों से कार्य की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण कार्य के बाद कोई कार्य नहीं छूटे. यदि ऐसी कोई बात है तो पहले से ही इसका आंकलन करके ही निर्माण कार्य किया जाना चाहिए..

 प्राधिकरण द्वारा आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव आवास एवं पर्यवरण श्री एम. के. त्यागी, प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, पूर्व अध्यक्ष श्री श्याम बैस व श्री वर्धमान सुराणा, पूर्व संचालक मंडल सदस्य श्री गोविन्द दुबे, श्री कृष्णा साहू, सुश्री सुनंदा फणसलकर, नगर निगम के सभापति श्री संजय श्रीवास्तव, पार्षद श्री दीनबन्धु सिंह ठाकुर, श्री मनीष ध्रुव, श्री सुभाष तिवारी, श्रीमती सरिता वर्मा, श्रीमती मीनल छगन चौबे, श्री पुरुषोतम देवांगन, श्री बजरंग निषाद, श्री नारद कौशल, नगर निगम के पूर्व सभापति श्री रतन डागा, गोवर्धन खंडेलवाल, श्रीमती चन्नी वर्मा, श्रीमती शारदा गौस्वामी, श्रीमती प्रेमलता गुप्ता, श्री विनोद अग्रवाल, श्री छगन चौबे, श्री सत्यम दुआ, श्री प्रवीण देवडा, प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता श्री डी.एस. परौहा, कार्यपालन अभियंता श्री पी.आर.नारंग, कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, संपदा अधिकारी श्री प्रीतपाल सिंह होरा, राजस्व अधिकारी श्री प्रणव सिंह, सहायक अभियंता श्री के.पी. देवांगन, श्री योगेशचन्द्र साहू, श्री अनिल गुप्ता, श्री राजीव अग्रवाल, श्री मुकेश अवस्थी, उपअभियंता श्री हरिहर पंडरिया, श्री राजेन्द्र कुमार जैन, श्री सुशील शर्मा, सहायक राजस्व अधिकारी श्री रविशंकर दीक्षित, प्राधिकरण कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र सेंगर, योजनाकार श्री जाकिर खान, निर्माण एजेंसियों के श्री विनोद पांडे, श्री आनंद शर्मा, श्री सुशील बालानी, श्री सुभाष अग्रवाल, श्री सतीश छुगानी, श्री वी.के. अरोरा, श्री अजय पृथवानी, श्री आशीष पाटनी उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन प्राधिकरण के जनसंपर्क अधिकारी तेजपाल सिंह हंसपाल नें किया. 


Feb 26, 2010

आरडीए की योजना - किश्तों में गरीबों को 972 फ्लैट्स

मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के हाथों 
गरीबों को मिलेगें रायपुरा में फ्लैट्स 

रायपुर 26 फरवरी 2010, गरीबों को छत उपलब्ध कराने की छत्तीसगढ़ शासन की घोषणा का एक और अध्याय कल पूरा होगा जब मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिहं अपने हाथों से शहर के गरीबों को फ्लैट्स का कब्जा पत्र सौपेंगे. राज्य शासन की राज्य प्रवर्तित योजना में दो कमरे के फ्लैट्स बनाए गए है ताकि इसमें रहने वाला परिवार पर्यावरणीय रुप से एक अच्छे और साफ सुथरे आवास में रह सके. ग्राम रायपुरा में दोपहर 11.30 बजे आयोजित कार्यक्रम में सांसद श्री रमेश बैस. लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत तथा रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री नंद कुमार साहू अतिथि होगें.  
2.14 लाख रुपए के फ्लैट्स 20 वर्षों की किश्तों में
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा रायपुरा में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के इन फ्लैट्स का आवंटन 1872 रुपए की मासिक किश्तों में लाटरी के माध्यम से किया है. एक फ्लैट की कीमत 2.14 लाख रुपए है. 290 वर्गफुट के फ्लैट्स में पंजीयन के समय 18 हजार 750 रुपए की राशि ली गई है तथा आवंटन हेतु 19 हजार 750 रुपए की राशि ली गई है. शेष राशि बीस वर्ष में मासिक किश्तों के आधार पर आवंटिती जमा करेंगे. प्राधिकरण ने 7.40 एकड़ में विकसित योजना की बुनियादी सुविधाओं में सड़क, नाली, पानी, बिजली के अतिरिक्त उद्यान, दुकानें, सामुदायिक भवन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराया है. योजना क्षेत्र में पहले से ही एक प्राथमिक शाला है. मई 2007 में शुरु की गई इस योजना की कुल लागत 20.80 करोड रुपए है. इसके अलावा इस क्षेत्र में शहर का सबसे पहला रिक्रेएशन पार्क व स्वीमिंग पूल का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के आधार पर निर्माण के लिए इसकी प्रक्रिया भी जारी है. इसके अतिरिक्त रायपुरा की योजना के 46 एकड़ क्षेत्र में इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स के 302 भवनों का निर्माण भी प्रगति पर है. यह भवन लगभग 16.52 लाख रुपए से 30.64 लाख रुपए की लागत से बन रहे है.योजना में चौड़ी सड़के, उच्च स्तरीय जलागार, रेन वाटर हारवेस्टिंग, विद्युत सब स्टेशन, संपूर्ण योजना के साथ हर भवन की बाऊन्ड्रीवाल तथा आकर्षक प्रवेश द्वार का निर्माण तथा सुन्दर उद्यान का प्रावधान किया गया है.

Feb 25, 2010

भूखंड से भी कम कीमत के फ्लैट्स का 27 को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा लोकार्पण


आरडीए की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना - रायपुरा
भूखंड से भी कम कीमत पर गरीबों के लिए बने 972 फ्लैट्स का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा 27 को
रायपुर 25 फरवरी 2010, रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा रायपुरा में गरीबों के लिए बने 972 फ्लैट्स का लोकापर्ण मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हाथों 27 फरवरी प्रातः साढ़े 11 बजे होगा. कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद श्री रमेश बैस करेंगं. विशेष अतिथि के रुप में लोक निर्माण, स्कूली शिक्षा, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्कृति, संसदीय कार्य एवं पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, नगरीय प्रशासन, आवास एवं पर्यावरण व परिवहन मंत्री श्री राजेश मूणत तथा रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री नंद  कुमार साहू उपस्थित रहेंगे. जिन आवंटितों ने फ्लैट्स का अनुबंध करा लिया है उन्हें स्थल पर ही कब्जा भी दिया जाएगा.
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार ग्राम रायपुरा के 7.54 एकड़ में बनी डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना में रायपुर विकास प्राधिकरण ने 81 ब्लॉक्स में 972 फ्लैट्स का निर्माण किया है. राज्य प्रवर्तित इस योजना के एक फ्लैट का क्षेत्रफल 290 वर्गफुट है.एक फ्लैट्स में दो कमरे, एक रसोई एक टॉयलेट व बॉलकनी का प्रावधान किया गया है. स्वस्थ एवं पर्यावरणीय वातावरण से युक्त इस योजना क्षेत्र में प्राधिकरण द्वारा कई सुविधाएं दी गई है जिनमें उद्यान, सामुदायिक भवन, प्राथमिक शाला 10 दुकानों के व्यावसायिक परिसर का निर्माण किया गया है. योजना में विकास कार्य के अन्तर्गत वर्तमान में डब्लू.बी.एम. सड़कों का निर्माण किया गया है जिसे भविष्य में डामरीकृत किया जाएगा. 4 लाख लीटर का एक उच्च जलागार 60 लाख लीटर क्षमता एक सम्पवेल, पानी के लिए 7 ट्यूबवेल की संख्या, 6 विद्युत ट्रॉंसफार्मर सहित लगभग 200 विद्युत पोल लगाए गए है.
उल्लेखनीय है कि 11 मई 2007 को तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत ने योजना का भूमिपूजन किया था. उस समय उन्होंने कहा था छत्तीसगढ़ सरकार की यह मंशा है कि गांवों में भी गरीबों को मूलभूत और बुनियादी सुविधाएं मिले. उसी के अनुरुप प्राधिकरण न्यून निम्न आय वर्ग के लिए पक्के और सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराएं. फलस्वरुप राज्य प्रवर्तित इस योजना में प्राधिकरण ने भूखंड से भी कम कीमत में शहरी गरीबों को फ्लैट्स उपलब्ध कराए है. प्राधिकरण ने इसके पहले हीरापुर में ऐसे ही 816 फ्लैट्स, सरोना में 300 फ्लैट्स गरीबों को आवंटित किए है. बोरियाखुर्द में प्राधिकरण ने 1800 फ्लैट्स तैयार कर लिए है शीघ्र ही इसे भी लोकार्पित किया जाएगा.

Feb 18, 2010

बोरियाखुर्द में बनेंगे साढ़े 13 सौ किफायती आवास




आरडीए संचालक मंडल बैठक में जनहित के कई निर्णय -

        राजस्व रिकार्ड का होगा कम्प्यूटरीकरण 
कमल विहार की आपत्तियों पर सुनवाई मार्च में.
वीरनारायण सिंह परिसर का होगा कायाकल्प
इन्द्रप्रस्थ योजना जुडेगी रिंग रोड से.

रायपुर, 18 फरवरी 2010, गरीबों के लिए 3888 फ्लैट्स बनाने के बाद रायपुर विकास प्राधिकरण अब मध्यम वर्ग के लिए बोरियाखुर्द में 1344 फ्लैट्स बनाएगा. प्राधिकरण संचालक मंडल की बैठक में आज उक्त निर्णय लिया गया. बैठक में आम नागारिकों की सुविधा के लिए प्राधिकरण की संपत्तियों का कम्प्यूटरीकरण किए जाने को भी स्वीकृति दी गई.
बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज की अध्यक्षता में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर जनहित के कई निर्णय लिए गए. बैठक में संचालक मंडल ने मध्यम वर्ग के लिए बोरियाखुर्द में लगभग 627 वर्गफुट आकार वाले 1344 किफायती फ्लैट्स निर्माण प्रस्ताव को एक बेहतर योजना मानते हुए स्वीकृति दी. इन किफायती फ्लैट्स की लागत का अभी आंकलन किया जाना है पर अनुमान है कि इनकी कीमत 10 लाख रुपए से कम होगी. यह फ्लैट्स बोरियाखुर्द में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के पास बनाए जाएगें. किफायती फ्लैट्स का पंजीयन स्व-वित्तीय आधार पर किया जाएगा. छत्तीसगढ़ शासन की मंशा तथा जनता की मांग के अनुरुप मध्यम वर्ग के लिए ऐसे फ्लैट्स निर्माण का निर्णय लिया गया है.
   आवंटितियों को त्वरित सुविधा देने के लिए प्राधिकरण की संपत्तियों के कम्प्यूटरीकरण किए जाने के प्रस्ताव को संचालक मंडल ने पारित किया. इसके अन्तर्गत समस्त बकाया राशि की योजनावार जानकारी, भवन-भूखंड इत्यादि से संबंधित व रिक्त संपत्तियों की जानकारी प्राप्त हो सकेगी. श्री कटारिया ने बताया कि संपत्ति प्रबंधन के इस कार्य में सबसे पहले नई योजनाओं से संबंधित रिकार्डस के कम्प्यूटरीकरण के साथ ही इसका सॉफ्टवेयर भी तैयार किया जाएगा. उन्होंने बताया कि प्रारंभिक रुप से इसे अप्रैल से शुरु कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसे बाद में और प्रभावकारी बनाया जाएगा ताकि आवंटितियों को तत्काल सुविधा मिल सके.   
      बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि शहर के मास्टर प्लॉन के अनुसार तैयार की गई योजना कमल विहार के प्रारुप योजना प्रकाशन के बाद 2635 आपत्तियां एवं सुझाव प्राप्त हुए हैं. आपत्तियों पर सुनवाई के लिए समिति का गठन कर कार्रवाई शुरु कर दी गई है. समिति में गृह निर्माण मंडल व लोक निर्माण मंडल के एक एक प्रतिनिधि शामिल है. मार्च के पहले सप्ताह से आपत्तिकर्ताओं के आवेदन पर सुनवाई शुरु की जाएगी. नगरघड़ी के सामने स्थित वीरनारायण सिंह व्यावसायिक परिसर (अभ्युदय परिसर) को नया स्वरुप दे कर इसे और आकर्षक बनाने के प्रस्ताव को भी सहमति दी गई.  प्रस्ताव के अनुसार भवन की सुन्दरता को बढ़ाने के लिए व्यवसायियों के सहयोग से एसीपी शीट लगाई जाएगी. नया टॉयलेट ब्लॉक, विद्युत व्यवस्था में सुधार सहित विट्रीफाईड टॉईल्स फ्लोरिंग की जाएगी. इस कार्य में लगभग 72 लाख रुपए का खर्च होगें. बैठक में रायपुरा की इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स योजना जहां रिक्रियेएश पार्क तथा स्वीमिंग पूल का निर्माण प्रस्तावित है को रिंग रोड से जोडने सड़क निर्माण को भी स्वीकृति दी गई. संचालक मंडल की बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी व उपसचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग श्री अमित कटारिया, संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्री बी.पी. मालवीय, क्षेत्रीय कार्यालय नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर के संयुक्त संचालक श्री के.पी. वाजपेयी, सहायक वन संरक्षक श्री विनोद मिश्रा तथा नगर पालिक निगम के उपायुक्त श्री जी.एस. क्षत्रिय प्रतिनिधि के रुप में उपस्थित थे.

Feb 10, 2010

आरडीए की दुकानों की मांग बढ़ी


कटोरातालाब की दुकानें खरीदने के लिए एक करोड़ का प्रस्ताव
4601 के बदले 7142 रुपए प्रतिवर्गफुट की दर पर लेने को तैयार है व्यवसायी
रायपुर, 10 फरवरी 2010, रायपुर विकास प्राधिकरण के व्यावसायिक परिसरों को व्यवसाय की दृष्टि से अच्छा माना जाने लगा है फलस्वरुप निर्मित नई दुकानों को खरीदने के लिए लोग अच्छी कीमत देने को भी तैयार हैं. आज प्राधिकरण कार्यालय में कटोरातालाब योजना में निर्माणाधीन भक्त माताकर्मा व्यावसायिक परिसर में दुकानों के लिए सबसे अधिक निविदा का प्रस्ताव 7142.41 रुपए प्रति वर्गफुट रहा जबकि प्राधिकरण द्वारा निर्धारित दर 4601 रुपए प्रति वर्गफुट थी. इस प्रकार आरडीए की निर्धारित दर से लगभग 55 प्रतिशत अधिक राशि का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है.  

  • ऑफसेट दर से 55 प्रतिशत अधिक का प्रस्ताव
प्राधिकरण द्वारा छह अलग - अलग आकार की 12 दुकानों को लिए गत दिनों विज्ञापन जारी कर प्रस्ताव आमंत्रित किए थे. इसमें आज 182 वर्गफुट की दुकान के लिए सबसे अधिक राशि 12 लाख 99 हजार 919 रुपए का प्रस्ताव प्राप्त हुआ जबकि इसका ऑफसेट मूल्य 8 लाख 37 हजार 382 रुपए था. इसी प्रकार बड़ी दुकानों में 299 वर्गफुट की दुकान के लिए सबसे ऊंची दर 16 लाख 80 हजार रुपए का प्रस्ताव आया. जबकि इसका निर्धारित मूल्य 13 लाख 75 हजार 699 रुपए था. प्राधिकरण को दुकानों के लिए प्राप्त निविदाओं की स्वीकृति पर कुल एक करोड़ 2 लाख 99 हजार 39 रुपए की आय होगी जबकि इन दुकानों के लिए ऑफसेट मूल्य 86 लाख 54 हजार 481 रुपए रखा गया था. उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण द्वारा बाजारों के विकेन्द्रीकरण की नीति के अन्तर्गत कटोरातालाब में दूसरा व्यावसायिक परिसर का निर्माण कर रहा है. जिसमें विट्रीफाइड टाईल्स, बेसमेंट पार्किंग, दो ट्रांसपेरेन्ट लिफ्ट व एक सर्विस लिफ्ट तथा परिसर में उद्यान विकास किया जा रहा है. इस परिसर में भविष्य मे विभिन्न तलो पर कई और दुकानों का निविदा के माध्यम से आवंटन होना प्रस्तावित है. इसके अतिरिक्त न्यू राजेन्द्रनगर में प्राधिकरण ने पहले से ही गोविंद सारंग व्यावसायिक परिसर में 80 दुकानों का निर्माण किया है.

Feb 5, 2010

रायपुरा की 10 दुकानें 47.72 लाख में बिकी




रायपुर, 05 फरवरी 2010, रायपुर विकास प्राधिकरण की रायपुरा में निर्मित 10 दुकानों की निविदा को आज अच्छी सफलता मिली. रायपुरा की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना तथा इन्द्रप्रस्थ योजना क्षेत्र में बनी इन दुकानों के लिए प्राधिकरण ने प्रति दुकान का ऑफसेट मूल्य 3 लाख 98 हजार 5 सौ 24 रुपए रखा था. 10 दुकानों हेतु कुल 19 आवेदन आए जिसमें से सबसे ज्यादा बोली 5 लाख 41 हजार रुपए रही. इस तरह से सभी दुकानों से प्राधिकरण को कुल 47 लाख 72 हजार 19 रुपए प्राप्त होंगे. उल्लेखनीय है कि इस योजना क्षेत्र में गरीबों के लिए राज्य प्रवर्तित योजना में 972 फ्लैट्स का निर्माण किया गया है तथा उच्च आय वर्ग के लिए 302 डुप्लेक्स भवन निर्माणाधीन है. प्राधिकरण द्वारा इस क्षेत्र में डेव्हलपर के माध्यम से रिक्रिएशन पार्क व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पूल निर्माण का प्रस्ताव किया गया है. 

Dec 31, 2009

रायपुरा - बोरियाखुर्द फ्लैट्स की राशि जमा करने की अंतिम तिथि 8 जनवरी तक बढ़ी

रायपुर, 31 दिंसबर 2009, रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना रायपुर, बोरियाखुर्द तथा इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स आवास योजना रायपुरा के आवंटितियों द्वारा प्रब्याजी राशि जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर को बढ़ा कर 8 जनवरी कर दिया गया है. रायपुरा, बोरियाखुर्द में न्यून निम्न आय वर्ग के लिए क्रमशः 972 व 1800 फ्लैट्स का आंवटन गत माह किया गया था. इसके अलावा रायपुरा में निर्माणाधीन इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स आवास योजना रायपुरा के आवंटितियों को भी डुप्लेक्स भवनों की किश्तों की राशि जमा करने की तिथि 31 दिसंबर को भी बढ़ा कर 8 जनवरी कर दिया गया है. आरडीए प्रशासन ने कहा है यदि 8 जनवरी 2010 तक आवंटितियों द्वारा प्राधिकरण कोष में राशि जमा नहीं की जाती है तो उनका आवंटन रद्द कर दिया जाएगा.  

Nov 6, 2009

रायपुरा फ्लैट्स की लॉटरी से दमके चेहरे


कल बोरियाखुर्द के 1800 फ्लैट्स की होगी लाटरी

सुबह 11 बजे से शुरु की गई लाटरी में 1005 वैध पंजीयनकर्ताओं के नाम शामिल थे लॉटरी में आरक्षित श्रेणी के लिए 103फ्लैट्स की लाटरी निकाली गई.प्राधिकरण के अधिकारियों ने लाटरी निकालने के लिए शहीद स्मारक भवन में आए आवेदकों को आमंत्रित कर उनके हाथों से ही लाटरी निकलवाई. 9 शारीरिक विकलांगों को भूतल पर फ्लैट्स देने के लिए लाटरी निकाली गई.इस अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया,कलेक्टर रायपुर के प्रतिनिधि श्री रमेश शर्मा,नगरीय प्रशासन विभाग के श्री जे.पी.सोनी,नगर निगम उपायुक्त श्री श्रीकृष्ण दुबे,नगर तथा ग्राम निवेश के श्री ठाकुर उपस्थित थे.लॉटरी का संचालन प्राधिकरण के सहायक राजस्व अधिकारी रविशंकर दीक्षित, रमेश राव व धर्मेन्द्र सिंह सेंगर ने किया.कल शहीद स्मारक भवन में 11बजे बोरियाखुर्द के पंजीयनकर्ताओं के 1800 फ्लैट्स की लाटरी निकाली जाएगी.
लाटरी निकलते ही खुश हुई महिला लॉटरी के दौरान काफी देर तक अपने परिजनों की लाटरी ना निकलते देख एक महिला मंच पर आई और उसने लाटरी निकालने की इच्छा व्यक्त की.अधिकारियों ने महिला को अवसर दिया तो संयोग से उसके हाथों उसके ही एक परिजन की लाटरी निकली तो वह खुशी से चीख उठी.

Nov 5, 2009

गरीबों के मकान की लॉटरी कल - परसों शहीद स्मारक भवन में

रायपुरा के 972 व बोरियाखुर्द 1800 फ्लैट्स शामिल
रायपुर, 05 नंवबर 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा रायपुरा और बोरियाखुर्द में में गरीबों के लिए बनाए गए फ्लैट्स की लॉटरी 06 व 07 नवंबर 2009 को शहीद स्मारक भवन, रजंबंधा मैदान में सुबह 11 बजे से होगी. डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के नाम से जाने वाली इस फ्लैट्स योजना में रायपुरा के फ्लैट्स की लॉटरी 06 नवंबर को होगी. बोरियाखुर्द के फ्लैट्स की लाटरी 07 नवंबर को होगी.
        गरीबों को छत मुहैया कराने वाली यह राज्य प्रवर्तित योजना है. इसके अन्तर्गत रायपुरा में 972 व बोरियाखुर्द में 1800 फ्लैट्स का निर्माण किया गया है. फ्लैट्स की लाटरी कलेक्टर रायपुर द्वारा नामित प्रतिनिधि की उपस्थिति में होगी. लॉटरी में निकले फ्लैट्स नंबरों के आधार पर वैध पंजीयन वाले आवेदकों को फ्लैट्स का आवंटन किया जाएगा. प्राधिकरण की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत कुल 3888 फ्लैट्स का निर्माण किया गया है. इसके पहले हीरापुर में 816, सरोना में 300 फ्लैट्स का आवंटन कर किया जा चुका है. यह पहला मौका है जब प्राधिकरण ने इतनी बड़ी संख्या में गरीबों के लिए 3 सौ वर्गफुट आकार के पक्के मकान बनाएं है.

देवेन्द्रनगर के आठ भूखंडों पर अवैध निर्माण हटे


रायपुर, 05 नंवबर 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण ने देवेन्द्रनगर सेक्टर 2 के आठ भूखंडों पर किए गए अवैध कब्जों की झोपड़ियों को हटा दिया.अवैध रुप से बसे कुछ लोग वहां डेयरी का व्यवसाय कर रहे थे.इसके अलावा भूखंड से लगे अवैध रुप से चल रहे कई ठेलों को भी हटाया गया.कब्जा हटाने गए दल में प्राधिकरण के प्रभारी कार्यपालन अभियंता पी.एम.कोल्हे,संपदा अधिकारी प्रीतपाल सिंह होरा,सहायक अभियंता बी.के.ठाकुर,अनिलगुप्ता,उपअभियंता के.के.अवस्थी,नगर निगम के उप अभियंता के.के.शर्मा, ज्ञानेश त्रिपाठी सहित देवेन्द्रनगर का पुलिस बल शामिल था.

Nov 4, 2009

कमल विहार शासन की योजना – श्री राजेश मूणत

योजना के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी
रायपुर, 04 नंवबर 2009. आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने कहा है कि कमल विहार योजना के क्रियान्वयन के लिए किसी प्रकार राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी.यह योजना छत्तीसगढ़ शासन की है इसलिए किसी को भी किसी प्रकार की शंका नहीं होनी चाहिए.उन्होंने कहा कि रायपुर को मास्टर प्लॉन के अनुसार विकसित करना है.इसलिए कमल विहार जैसी योजना तैयार की गई है तथा इसमें भूस्वामियों को उनकी भूमि के बदले 35प्रतिशत भूखंड दिए जाएंगे. श्री मूणत ने आज होटल बेबीलान में रायपुर विकास प्राधिकरण व नया रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित निवेशक क्रॉंन्फ्रेंस में अपने संबोधन को दौरान उक्त बातें कही.
श्री मूणत ने कहा कि रायपुर शहर को व्यवस्थित रुप से बसाना है.यहां शैक्षणिक,स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए, इसीलिए कमल विहार योजना के संबंध में जानकारी देने के लिए कल रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तुति दी गई. उन्होंने कहा कि यह योजना जनभागीदारी से ही की जा रही है और इसमें हम प्रदेश के निवेशकों, बिल्डर्स को भी जोड़ना चाहतें है इसलिए यह कार्यशाला का आयोजित की गई है.निवेशकों की कार्यशाला को प्रदेश के मुख्य सचिव श्री पी.जॉए.उम्मेन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री बैजेन्द्र कुमार,नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस.एस. बजाज, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने भी संबोधित किया.
निवेशकों को कमल विहार योजना की जानकारी देते हुए की आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि योजना क्षेत्र के विकसित होने के साथ ही आगामी पांच वर्षों में योजना क्षेत्र जनसंख्या लगभग 1 लाख 75 हजार से 2 लाख तक बढ़ जाएगी. उन्होंने कहा कि योजना का अभिन्यास व इन्फ्रास्ट्रक्चर आधुनिक शहरी विकास की अवधारणा पर आधारित है.योजना क्षेत्र 15सेक्टरों में विभाजित की गई है.इसमें प्राधिकरण को प्राप्त आवासीय भूमि के अलावा सेक्टर स्तर की व्यवासायिक.शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य उपयोग हेतु भूमि आरक्षित की गई है.योजनास्तर की अधोसंरचना अर्थात ट्रंक इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास रायपुर विकास प्राधिकरण स्वयं करेगा. इसमें फोर लेन रिंग रोड, फ्लॉईओव्हर, बॉयपास रोड, अन्य मुख्य सड़कें, विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था की जाएगी. सेक्टर स्तर पर सड़क – नाली, पुलिया, सर्विस डक्ट, डी सेन्ट्रलाईज्ड ट्रीटमेंट (सीवेज) प्लाटस लैंडस्केपिंग एंव गार्डन का विकास कार्य के लिए योजना में प्राधिकरण को उपलब्ध आवासीय, व्यवसायिक,स्वास्थ्य,शिक्षण की भूमि डेव्हलपर बिल्डर को हस्तांतरित कर उपरोक्त वर्णित अधोसंरचना विकास कराया जाना प्रस्तावित है.इस प्रक्रिया के लिए प्राधिकरण द्वारा डेव्हलपर व बिल्डर्स से निविदाएं आमंत्रित की जाएगी.

Nov 3, 2009

रायपुर विकास प्राधिकरण की नई टॉऊन डेव्लपमेंट स्कीम - कमल विहार -

रायपुर विकास प्राधिकरण की नई टॉऊन डेव्लपमेंट स्कीम

- कमल विहार -
ग्राम डूंडा, टिकरापारा, बोरियाखुर्द, देवपुरी तथा डूमरतराई के
भूस्वामियों के साथ संवाद
03 नवंबर 2009 को शहीद स्मारक भवन, रायपुर में
श्री अमित कटारिया,मुख्य कार्यपालन अधिकारी
रायपुर विकास प्राधिकण द्वारा की गई प्रस्तुति.
------------------------------------------------------------------------------
• पिछले कुछ दशकों में रायपुर शहर का विस्तार काफी तेजी से हुआ है.
• शहर विस्तार से समस्याएं भी बढ़ी हैं.
• रायपुर शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए पहले जो नगर विकास योजनाएं बनाई गई थी उन योजनाओं का सही दिशा में क्रियान्वयन नहीं हो पाया. इस कारण राययपुर का समुचित विकास नहीं हो सका.
-----------------------------------------------------------------------------------------
• शहर में ऐसी हैं समस्याएं
• रायपुर शहर के खमतराई, भनपुरी, रामनगर जैसे कई नए क्षेत्र आज सकरी सड़कों, अव्यवस्थित बसाहट होने, पानी एवं नालियों के अभाव और गंदगी के कारण काफी बदतर स्थिति में हैं.
• आवासीय, कृषि एवं अन्य उपयोग की भूमि पर अवैध तथा सुविधाहीन कालोनियों के निर्माण से नागरिकों की समस्याएं बढ़ी हैं.
• राजधानी बनने के बाद से रायपुर की आबादी तेजी से बढ़ी है.
• बढ़ती आबादी के अनुपात में आवासीय, व्यावसायिक एवं सार्वजनिक एवं सामाजिक सुविधाएं नहीं बढ़ी हैं.
• सुविधाएं नहीं बढ़ने से नागरिकों की परेशानियां विकराल स्वरूप में उभर रही है.
• इन्हीं समस्याओं के निराकरण की दिशा में रायपुर विकास प्राधिकरण 8 टॉऊन डेव्लपमेंट स्कीम तैयार कर रहा है.
• रायपुर विकास प्राधिकरण जनभागीदारी से शहर का विकास करना चाहता है.
• इस दिशा में तैयार की गई टॉऊन डेव्लपमेंट स्कीम एक जांची परखी योजना है.
• योजना की डिजाइन एवं वित्तीय आंकलन हेतु कई स्तरों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यापक अध्ययन किया गया है ताकि योजना का स्वरुप व्यवहारिक हो.
एक नई पहल
• रायपुर विकास प्राधिकरण शहर विकास की दिशा में टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम अर्थात नगर विकास योजना के माध्यम से विकास की दिशा में एक नई पहल कर रहा है.
• प्राधिकरण द्वारा इन योजनाओं को छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में दिए गए प्रावधानों के अनुरुप प्रस्तावित किया गया है.
• रायपुर विकास प्राधिकरण शहर विकास के लिए 8 नई योजनाएं तैयार कर रहा है. इनमें से सबसे पहले कमल विहार इन्टीग्रेटेड टॉऊनशिप योजना का प्रस्ताव तैयार किया गया है. ये योजनाएं रायपुर विकास योजना पुनर्विलोकित 2021 अर्थात मास्टर प्लॉन के अनुसार तैयार की जा रही हैं.
-----------------------------------------------------------------------------------------
• रायपुर शहर की सुव्यवस्थित एवं सुविधायुक्त बसाहट के लिए बनाई जा रही 8 नगर विकास योजनाओं में से पहली पायलट योजना के रुप में प्राधिकरण द्वारा टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम – 04
- कमल विहार -
आरंभ की जा रही है.
----------------------------------------------------------------------------------------
विकास योजना की प्रक्रिया
प्रक्रिया – 01 : योजना क्षेत्र का सर्वेक्षण
प्रक्रिया – 02 : योजना की सीमा निर्धारण
प्रक्रिया – 03 :
(अ) खसरा सीमा का अकंन एवं सूची तैयार करना.
(ब) खसरा क्षेत्रफल की गणना.
(स) प्रकाशन के लिए प्रारुप योजना तैयार करना.
प्रक्रिया – 04 : योजना क्षेत्र में मास्टर प्लॉन के अनुसार सड़कों का अकंन.
प्रक्रिया – 05 :
(अ) योजना क्षेत्र में नए मुख्य मार्गो का प्रस्ताव
(ब) सेक्टरों की सीमा का निर्धारण
प्रक्रिया – 06 : सेक्टरों में आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत,सामाजिक एवं आमोद – प्रमोद व अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए योजना का आंकल्पन.
प्रक्रिया – 07 : भूखंडों का पुनर्गठन
(अ) प्रत्येक भूस्वामी की भूमि के बदले दिए जाने वाले भूखंड की गणना कर सूची तैयार करना.
(ब) सेक्टर का अभिन्यास तैयार कर भूस्वामियों को दिए जाने वाले भूखंड का अकंन (मूल भूमि अथवा उसके नजदीक)
प्रक्रिया – 08 : सेक्टर अभिन्यास तैयार कर खसरा नक्शे में चिन्हांकन.
प्रक्रिया – 09 : सेक्टर का विस्तृत अभिन्यास
 ग्रिड पध्दति पर आधारित अभिन्यास
 अधिक्तम भू उपयोग का अभिन्यास.
 सुविधाजनक परिचालन पथ.
 प्रमुख मार्गों से सीधे प्रवेश के बदले अन्य सुरक्षित मार्गों से प्रवेश.
• अभिन्यास की स्वीकृति के साथ ही भू स्वामियों को उनकी मूल भूमि के बदले 35 %विकसित भूखंड दिया जाएगा.
• सभी भूस्वामी को दिए जाने वाले आवासीय भूखंड को सीधे सड़क उपलब्ध होगी.
• आमोद – प्रमोद, हरित क्षेत्र एवं सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक क्षेत्र के भूस्वामियों को भी आवासीय भूखंड दिए जाएंगे.
• मूल भूमि का उपयोग व्यावसायिक होने पर भूस्वामी को 35% व्यावसायिक भूमि का भूखंड दिया जाएगा.
- कमल विहार योजना : विवरण -
• योजना का क्षेत्रफल - 879 हेक्‍टेयर (2171 एकड़)
• योजना क्षेत्र - ग्राम डूंडा,टिकरापारा,बोरियाखुर्द, देवपुरी तथा डूमरतराई के भाग
• सेक्टर की संख्या - 15
• अनुमानित लागत - लगभग 900 करोड रुपए
• योजना अवधि - 5 वर्ष
- भूमि का प्रस्ताव -
• योजना क्षेत्र के भूस्‍वामियों को दी जाने वाली भूमि का क्षेत्रफल - उनके मूल रकबे का 35%
• भूखंड का न्यूनतम आकार - 40 वर्गमीटर (430 वर्गफुट)

- कमल विहार योजना का प्रस्ताव -
• प्रस्‍तावित विकास कार्य -
योजना स्‍तर पर
(1) योजना क्षेत्र में मास्‍टर प्‍लान में प्रस्‍तावित समस्‍त मार्ग रिंग रोड नं. 4 एवं बायपास मार्ग.
(2) जल प्रदाय हेतु फिल्‍टर प्‍लांट, राइजिंग मेन एवं ओवर हैड टैंकों निर्माण
(3) समस्‍त मार्गों पर प्रकाश व्‍यवस्‍था.
(4) आमोद-प्रमोद हेतु आरक्षित लगभग 245 एकड़ क्षेत्र (बोरिया तालाब सहित) का विकास कार्य.
सेक्‍टर स्‍तर पर
(1) सड़कों का निर्माण.
(2) नाली, पुलियों एवं सर्विस डक्‍ट का निर्माण.
(3) पेयजल व्‍यवस्‍था.
(4) बाह्य विद्युतीकरण सब स्‍टेशन निर्माण सहित.
(5) विकेन्‍द्रीकृत ट्रीटमेंट प्‍लांट सीवर लाइन सहित.
(6) उद्यानों का विकास.
- विकास कार्य हेतु राशि की व्यवस्था -
(अ) 35% विकसित भूखंड देने व अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए भूमि छोड़ने के पश्चात प्राधिकरण के पास शेष विक्रय योग्य भूमि के विक्रय से प्राप्‍त राशि से यथा संभव समस्‍त विकास कार्य किया जाना प्रस्‍तावित है.
(ब) योजना क्षेत्र के भूस्‍वामियों से विकास के मद में यथासंभव न्‍यूनतम राशि ली जाना प्रस्‍तावित है.
- भूमि का मूल्‍यांकन -
(अ) योजना क्षेत्र में आने वाली भूमि का मूल्‍यांकन रायपुर के कलेक्‍टर गाईड लाईन में दी गई दरों के आधार पर किया जा रहा है.
(ब) विकसित भूखण्‍डों का मूल्‍यांकन योजना क्षेत्र की भूमियों के औसत दर एवं लोकेशन के आधार पर किया जा रहा है.
- पूर्व निर्मित संरचनाएं -
(1) योजना में सम्मिलित ग्रामों की मूल बस्तियों के क्षेत्र को योजना में सम्मिलित नहीं किया गया.
(2) योजना क्षेत्र में पूर्व से निर्मित संरचनाओं से एवं अनुमोदित कॉलोनियों के स्‍वामियों से आंशिक विकास शुल्‍क लिया जाना प्रस्‍तावित है
- भू स्वामियों को होने वाले लाभ -
(1) छोटे भूस्वामियों को नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से भूखंड के अभिन्यास (Layout) के अनुमोदन की आवश्‍यकता नहीं होगी किन्तु उन्हें निर्माण कार्य हेतु सक्षम अधिकारी से भवन अनुज्ञा प्राप्त करनी होगी.
(2) बडे़ भूस्वामियों को भूखंडों को विकसित करते समय अथवा भवन निर्माण के समय आर्थिक रुप से कमजोर (EWS) वर्ग के लिए भूमि एवं सामुदायिक खुले क्षेत्र छोड़ने की आवश्‍यकता नहीं होगी.
(3) नगर विकास योजना के क्रियान्वयन से भूमिस्‍वामियों को उनके विकसित भूखण्‍डों की कीमतों में लगभग तीन से चार गुना या उससे भी ज्यादा वृद्धि होने की संभावना है.
(4) योजना के अंतर्गत भूस्‍वामियों को यथासंभव उनकी मूल भूमि के समीप पुनर्गठित विकसित भूखंड उपलब्‍ध कराया जाएगा. हर भूखंड को सड़क उपलब्‍ध होगी.
(5) भूमिस्‍वामियों को प्राप्त होने वाले विकसित भूखण्‍ड पूर्णतः फ्रीहोल्‍ड होंगे.
(6) भूस्वामियों को प्राप्त होने वाले भूखंड पर आसानी से ऋण उपलब्ध होगा.
(7) योजना का क्षेत्र सुव्यवस्थित एवं नागरिक सुविधायुक्त होगा.
- योजना के भूखंडों के मूल्य बढ़ने के कारक -
(1) योजना में 42 एकड़ (वृहद स्तर) का सी.बी.डी. अर्थात केन्द्रीय व्यवासायिक क्षेत्र का प्रावधान.
(2) आमोद – प्रमोद के लिए 245 एकड़ (वृहद स्तर ) का भूमि प्रावधान.
(3) सार्वजनिक व अर्ध्दसावर्जनिक उपयोग हेतु 57 एकड़ भूमि का प्रावधान.
(4) भूखंड का पूर्णतः फ्रीहोल्‍ड होना.
(5) उच्च स्तरीय अधोसंरचना विकास .
(6) छ्त्तीसगढ़ शासन द्वारा स्वीकृत योजना.
 जनभागीदारी से शहर का विकास
• छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को राजधानी का स्वरुप देने के लिए जनभागीदारी आवश्यक है.
• रायपुर विकास प्राधिकरण अपने दायित्व के अनुसार देश की सबसे बेहतर टॉऊन डेव्हलमेंट योजना का क्रियान्यवन कर नागरिकों को बेहतर जीवन के लिए नागरिक सुविधाएं देने तत्पर है.
• आप नागरिकों का सहयोग रायपुर को बेहतर व्यस्थित और सुन्दर बनाएगा.
----------------------------------------------------------------------

Nov 2, 2009

कमल विहार योजना के भूखंड फ्रीहोल्ड रहेंगे

3 को भूस्वामियों से 4 को निवेशकों से संवाद
         रायपुर, 02 नंवबर 2009. छत्तीसगढ़ की पहली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम कमल विहार के भूखंड फ्री होल्ड होंगे. फ्री होल्ड का आशय है कि भूस्वामियों को उनकी भूमि के बदले जो विकसित भूखंड दिए जाएंगे उन पर किसी प्रकार का भू भाटक नहीं लिया जाएगा.कमल विहार योजना के भूस्वामियों को योजना के विस्तृत जानकारी देने के संबंध में कल 3 नवंबर दोपहर 3 बजे शहीद स्मारक भवन में एक सभा का आयोजन रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया है.
         आरडीए कमल विहार योजना के संबंध में 4 नवंबर प्रातः 11 बजे नया रायपुर विकास प्राधिकरण के साथ मिल कर हॉटल बेबीलॉन में निवेशकों तथा बिल्डर्स की एक क्रॉंन्फ्रेस का भी आयोजन कर रहा है.योजना में अधोसंरचना विकास करने हेतु निवेशकों व बिल्डर्स की मदद ली जानी है. इसलिए कॉंन्फ्रेंस में कमल विहार में क्या कार्य किए जाने है तथा इस संबंध में विकास एवं नागरिक सुविधाओं के संबंध निवेशकों व बिल्डर्स की भागीदारी कैसे होगी तथा उनसे क्या अपेक्षाएं है इस संबंध में जानकारी दी जाएगी तथा सुझाव लिए जाएंगे. 
        राजधानी की सबसे बड़ी योजना के रुप में विकसित होने वाली यह योजना ग्राम डूंडा, बोरियाखुर्द, टिकरापारा, देवपुरी तथा डुमरतराई, के क्षेत्र में क्रियान्वित होगी. 2170 एकड़ में बनने वाली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम अहमदाबाद के अनुभवों से और बेहतर हो इसका प्रयास किया जा रहा है. योजना तैयार करने वाले विशेषज्ञों के अनुसार जनभागीदारी के साथ यह योजना पांच सालों में पूर्ण करने का लक्ष्य है. रायपुर विकास प्राधिकरण 900 करोड रुपए की इस योजना का नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम के अन्तर्गत शीघ्र ही राजपत्र में प्रकाशन कर भू स्वामियों से सुझाव व आपत्तियां आमंत्रित करेगा.

Oct 31, 2009

आरडीए के अधीक्षक गणेशराम यदु सेवानिवृत

1971 में पहला वेतन 272 रुपए आज अंतिम वेतन 21 हजार
रायपुर, 31 अक्टूबर 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण के अधीक्षक श्री गणेशराम यदु 31 साल की नौकरी के बाद आज सेवानिवृत हो गए. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने उन्हें शाल श्रीफल देकर उनकी सेवाओं का सम्मान किया. उन्होंने कहा कि श्री यदु के कार्य की प्रशंसा सुन कर मैं भी उनका प्रशंसक हो गया हूं. मृदु भाषी और अपने कार्यों से प्राधिकरण में लोकप्रिय रहे श्री यदु प्राधिकरण की पहली पीढ़ी के कर्मचारियों में से माने जाते रहे हैं.
1971 में नगर सुधार न्यास, रायपुर में मुद्रलेखक के रुप में नौकरी की शुरुआत करने वाले यदु को आज भी याद था कि उन्हें जो पहला वेतन मिला था वह 272 रुपए थे. आज सेवानिवृत होने पर उनका मासिक वेतन 21 हजार रुपए था. श्री उन्होंने नौकरी के दौरान अपने विभिन्न अवसरों को याद करते हुए बताया कि वे रायपुर नगर सुधार न्यास के पूर्व अध्यक्ष श्री राजाराम दुबे के कार्यकाल को सबसे अच्छा मानते हैं. 1971 में श्री दुबे के अधीनस्थ अपनी नौकरी की शुरुआत करने वाले श्री यदु ने बताया कि उस समय नगर सुधार न्यास में कुल 15 कर्मचारी कार्यरत थे. श्री दुबे कर्मचारियों के साथ कंधा से कंधा मिला कर काम करते थे और हर कर्मचारी को प्रोत्साहित करते थे. मुख्य अभियंताओं में श्री यदु को श्री एच. आर. अग्रवाल ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है. प्राधिकरण की नौकरी के दौरान अधिकांश समय उन्होंने तकनीकी शाखा में निर्माण कार्यों की कार्यालयीन प्रक्रिया से जुडे कार्यों को बेहतर ढ़ंग से संचालित किया. मृदु भाषी श्री यदु ने जो भी कार्य किया वह पूर्ण निष्ठा से किया. प्राधिकरण में मुद्रलेखक के बाद वे उच्च श्रेणी लिपिक, सहायक अधीक्षक और फिर अधीक्षक बने. श्री यदु की सेवानिवृति के अवसर पर प्रभारी कार्यपालन अभियंता पी.एम.कोल्हे, संपदा अधिकारी प्रीतपाल सिंह होरा, सहायक अभियंता अनवर खान, गुरुचरण सिंह होरा. योगेशचन्द्र साहू, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेन्द सिंह सेंगर, अनिल शर्मा, नरेन्द्र जैन, कुमदनी अवधिया, श्रीमती रंजना त्रिपाठी, बी.के. ठाकुर, मन्नूलाल सिन्हा, अशोक मेथानी, के.के.अवस्थी, एम.एस.पांडे उपस्थित थे.

Oct 30, 2009

कमल विहार में सीबीडी सहित कई नागरिक सुविधाएं

टॉऊन डेवलपमेंट स्कीम से अवैध कालोनियों पर लगेगी रोक
रायपुर, 30 अक्टूबर 2009. छत्तीसगढ़ की पहली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम कमल विहार योजना के प्रारंभिक रुप से तैयार किए प्रस्ताव में सेन्ट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट सहित कई नागरिक सुविधाओं का प्रावधान रखा गया है.लगभग 2170एकड़ में विकसित होने वाली इस योजना से भूस्वामियों की संपत्ति के मूल्य में कई गुना इजाफा होगा.प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत का मानना है कि कमल विहार जैसी टॉऊन डेव्लपमेंट स्कीम के क्रियान्वयन से राजधानी में अवैध रुप से विकसित होने वाली कालोनियों पर भी रोक लगेगी.
         रायपुर के मास्टर प्लॉन अर्थात रायपुर नगर विकास योजना पुनर्विलोकित 2021 में सड़क निर्माण के प्रस्ताव के अनुसार कमल विहार क्षेत्र में कुल छह प्रमुख मार्गों का निर्माण किया जाना है. इसमें 75 मीटर चौड़ी रिंग रोड, 75 मीटर चौड़ी एक बायपास रोड तथा अन्य मार्ग 45 व 30 मोटर चौड़े होगें. सुगम यातायात के लिए फ्लाई ओव्हर भी होगा. योजना क्षेत्र में जिनकी भूमि आमोद – प्रमोद में आएगी उन्हे भी विकसित आवासीय भूखंड दिए जाएंगे. बोरिया तालाब के क्षेत्र को हरित व मनोरंजन के उद्देश्य से विकसित किया जाएगा.मास्टर प्लॉन के अनुसार आमोद प्रमोद के लिए कमल विहार में 245 एकड़ भूमि निर्धारित है.
         कमल विहार में एक सेन्ट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट अर्थात केन्द्रीय व्यावसायिक क्षेत्र का प्रावधान किया गया है जिसका क्षेत्रफल लगभग 42एकड़ होगा.सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक क्षेत्र हेतु जिसमें सामाजिक,सांस्कृतिक,प्रशासनिक,शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए लगभग 57 एकड़ भूमि का प्रावधान किया गया है.
        रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए प्रारंभिक प्रस्ताव में योजना का व्यय लगभग 9 सौ करोड़ रुपए आंका गया है.योजना में भू स्वामियों को उनकी कुल भूमि का 35 प्रतिशत भूमि विकसित भूखंड के रुप में मिलेगा. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार इस योजना के लिए वास्तुविदों व इंजीनियरों की टीम ने कई स्तर पर तकनीकी व वित्तीय आंकलन कर एक बेहतर प्रस्ताव तैयार किया है इसलिए यह उम्मीद की जानी चाहिए कि राजधानी की यह पहली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम अहमदाबाद से बेहतर साबित होगी.उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरुप योजना क्षेत्र के भू स्वामियों को कमल विहार के तैयार किए गए प्रस्ताव की जानकारी देने के लिए 03 नंवबर दोपहर 3 बजे को शहीद स्मारक भवन में एक सभा का आयोजन किया गया है.
         श्री कटारिया ने कहा कि कमल विहार योजना क्षेत्र में गरीबों के लिए 15 प्रतिशत तथा उद्यानों एवं खुले मैदानों के उपयोग के लिए 10 प्रतिशत भूमि सुरक्षित रखी गई है. योजना में सड़क, नाली, बिजली, पानी की सुविधा दी जाएगी तथा इसके लिए व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित भूमि के विक्रय से प्राप्त राशि से योजना का विकास किया जाएगा.

Oct 29, 2009

गरीबों के फ्लैट्स की लाटरी 6 व 7 को शहीद स्मारक भवन में


रायपुरा के 972 व बोरियाखुर्द 1800 फ्लैट्स शामिल
रायपुर, 29 अक्टूबर 2009. गरीबों के लिए राज्य प्रवर्तित डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना की लाटरी 6 व 7 नवंबर को शहीद स्मारक भवन में प्रातः 11 बजे से होगी. 6 नवंबर को रायपुरा तथा 7 नवंबर को बोरियाखुर्द के फ्लैट्स की लाटरी कलेक्टर रायपुर द्वारा नामित प्रतिनिधि की उपस्थिति में होगी.रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा इस योजना के अन्तर्गत रायपुरा में 972 फ्लैट्स तथा बोरियाखुर्द में 1800फ्लैट्स बन कर तैयार हो गए हैं.आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत द्वारा शीघ्र ही इन फ्लैट्स की लाटरी कर आवंटन के निर्देश पर प्राधिकरण ने आवेदकों की सूची का प्रकाशन कर दिया है.दो दिन पहले श्री मूणत ने आरडीए के अधिकारियों को कहा था कि शासन की मंशा के अनुरुप गरीबों को छत देने की इस योजना में पूर्ण पारदर्शिता रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि गरीबों को उनका मकान शीघ्र ही मिल जाए.
            आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने बताया कि प्राधिकरण में प्राप्त आवेदन पत्रों का पंजीयन कर उसमें वैध व त्रुटिपूर्ण पंजीयनकर्ताओं की एक सूची कलेक्टर कार्यालय, तहसील कार्यालय तथा शास्त्री चौक स्थित रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय के सूचना पटल में अवलोकन के लिए लगा दी गई है.प्राधिकरण की सूची के विवरण में यदि किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो वह तीन दिन के भीतर अपनी आपत्ति प्राधिकरण कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है. प्राधिकरण की डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत कुल 3888 फ्लैट्स का निर्माण पूरी कर लिया है. इसके पहले हीरापुर में 816, सरोना में 300 फ्लैट्स का आवंटन कर किया जा चुका है. यह पहला मौका है जब प्राधिकरण ने इतनी बड़ी संख्या में गरीबों के लिए 3 सौ वर्गफुट आकार के पक्के मकान बनाएं है. न्यून निम्न आय वर्ग के लिए बने इन मकानों की कीमत लगभग 2.05 लाख रुपए है.

ट्रांसपोर्टनगर में विशेष शिविर की अवधि दो दिन बढ़ी 31 अक्टूबर तक निर्माण करे अन्यथा आवंटन रद्द होगा


रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर में दुकानों का निर्माण करने के लिए मानचित्र हेतु अनापत्ति प्रमाणपत्र व नल कनेक्शन हेतु काफी संख्या में आ रहे ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के लिए शिविर की अवधि को दो दिनों के लिए बढ़ा दी गई है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार यह शिविर अब 30 व 31 अक्टूबर को रावांभाठा के नए बस टर्मिनल में 11 बजे से 4 बजे तक जारी रहेगा. विशेष शिविर के दूसरे दिन आज 62 मानचित्र के अनापत्ति प्रमाण पत्र तथा 52 नल कनेक्शन के आवेदनों को स्वीकृति दी गई.श्री कटारिया ने आज शाम प्राधिकरण कार्यालय में मिलने आए ट्रक ओनर एसोसियेशन के पदाधिकारियों जगदीश मित्तल,हरचरण सिंह साहनी,बनारसी पांडे व परविन्दर सिंह भाटिया को स्पष्ट रुप से कहा कि यदि वे 31अक्टूबर तक दुकानों का निर्माण शुरु नहीं करने पर भूखंड का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ट्रकों को सड़क पर खड़ा किए जाने पर जिला प्रशासन व पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी.

कमल विहार के भूस्वामियों के साथ आरडीए का संवाद 3 नंवबर को शहीद स्मारक भवन में

रायपुर, 29 अक्टूबर 2009. रायपुर शहर की पहली टाऊन डेव्हल्पमेंट स्कीम कमल विहार योजना कैसी होगी तथा इसकी प्रक्रिया क्या होगी यह बताने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने 3 नंवबर दोपहर 3 बजे शहीद स्मारक भवन में योजना क्षेत्र के भूस्वामियों के साथ संवाद के लिए एक सभा का आयोजन किया है.गत दिनों आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने प्राधिकरण के अधिकारियों को योजना क्षेत्र में आने वाले भूमि के भूस्वामियों को योजना के प्रारुप की जानकारी एक सरल स्वरुप में देने के लिए कहा था.
            प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार ग्राम बोरियाखुर्द, टिकरापारा, देवपुरी, डुमरतराई, डूंडा क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित कमल विहार योजना के विकास के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने प्रारुप तैयार कर लिया है.नौ सौ करोड रुपए की कमल विहार योजना में भूस्वामियों को उनकी कुल भूमि का 35 प्रतिशत विकसित भूखंड दिया जाना प्रस्तावित है. इसके अलावा गरीबों के लिए 15 प्रतिशत तथा उद्यानों एवं खुले मैदानों के उपयोग के लिए 10 प्रतिशत भूमि सुरक्षित रखी जाएगी. योजना में सड़क, नाली, बिजली, पानी की सुविधा दी जाएगी तथा इसके लिए व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित भूमि के विक्रय से प्राप्त राशि से योजना का विकास किया जाएगा.अधिकारियों ने बताया कि योजना का प्रारुप तैयार करने में सभी विषयों को ध्यान में रखा गया है.मास्टर प्लॉन के अनुसार चौड़ी सड़कों का प्रावधान किया गया है तथा योजना में होने वाले खर्च के साथ सभी विकल्पों व वित्तीय आंकलन के आधार पर एक बेहतर प्रस्ताव तैयार किया गया है.
            श्री कटारिया के अनुसार शीघ्र ही कमल विहार योजना के विकास के संबंध में नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम के अनुसार प्रारुप योजना (ड्रॉफ्ट स्कीम)का प्रकाशन कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि भू स्वामियों को उक्त सभा में योजना के संबध में जानकारी दी जाएगी.उन्होंने कहा कि टाऊन डेव्लपमेंट स्कीम के अन्तर्गत छत्तीसगढ की यह पहली योजना है.अहमदाबाद में ऐसी सौ से ज्यादा योजनाएं क्रियान्वित हुई है तथा वहां के भूस्वामी स्वयं ऐसी योजनाओं में शामिल होते हैं. उन्होंने कहा कि यह जनभागीदारी की एक सफल एवं परखी हुई योजना है जिसमें भूस्वामी को आर्थिक लाभ होगा तथा राजधानी का सुनियोजित व सुव्यवस्थित विकास होगा.श्री कटारिया ने कहा कि इन्ही कारणों से हम योजना क्षेत्र के भूस्वामियों को जानकारी देने हेतु आमंत्रित कर रहे हैं.

Oct 28, 2009

900 करोड की होगी कमल विहार योजना


कुल भूमि के बदले मिलेगा 35% विकसित भूखंड

रायपुर, 28 अक्टूबर 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण की नई टाऊन डेव्हल्पमेंट स्कीम (टीडीएस) में सभी भूस्वामियों को भूखंड दिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा. योजना में भूस्वामियों को उनकी कुल भूमि का 35 प्रतिशत विकसित भूखंड दिया जाएगा. इसके अलावा गरीबों के लिए 15 प्रतिशत तथा उद्यानों एवं खुले मैदानों के उपयोग के लिए 10 प्रतिशत भूमि सुरक्षित रखी जाएगी. आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने कल मंत्रालय स्थित कक्ष में प्राधिकरण की कमल विहार योजना के प्रारंभिक रुप से तैयार किए गए प्रारुप का अवलोकन के दौरान उक्त बातें कही.

प्राधिकरण की बोरियाखुर्द, टिकरापारा, देवपुरी, डुमरतराई, डूंडा क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित कमल विहार योजना के संबंध में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आवास एवं पर्यावरण मंत्री को पूरे प्रस्ताव की जानकारी दी. अधिकारियों ने अहमदाबाद अरबन डेव्लपमेंट अथारिटी के प्लॉटों को पुनर्गठन के संबंध में क्रियान्वित की जा रही योजना के संबंध में बताया कि अहमदाबाद में भूस्वामियों को उनकी भूमि का लगभग 50 प्रतिशत भूखंड वापस दिया जाता है किन्तु उसमें 50 प्रतिशत विकास शुल्क भी लिया जाता है. इसके अलावा गुजरात शासन टॉऊन प्लॉनिंग के नियमों के अनुसार गरीबों के लिए 5 प्रतिशत भूखंड तथा उद्यानों एवं खुले मैदानों के उपयोग के लिए 5 प्रतिशत भूखंड आरक्षित किया जाता है. जबकि छत्तीसगढ़ शासन के नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में गरीबों के लिए 15 प्रतिशत भूखंड तथा उद्यानों एवं खुले मैदानों के उपयोग के लिए 10 प्रतिशत भूखंड आरक्षित रखे जाने का प्रावधान है. इस प्रकार गुजरात के मुकाबले छत्तीसगढ़ के नियमों में गरीबों के लिए 10 प्रतिशत अधिक भूखंड तथा उद्यानों एवं खुले मैदानों के उपयोग के लिए 5 प्रतिशत अधिक भूमि आरक्षित किए जाने का प्रावधान है. इस आधार पर आंकलन कर प्राधिकरण ने कमल विहार योजना में कुल भूमि का 35 प्रतिशत विकसित भूखंड देने निर्णय लिया है. इस तरह योजना में सड़क, नाली, बिजली, पानी की सुविधा दी जाएगी तथा इसके लिए व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित भूमि के विक्रय से प्राप्त राशि से योजना का विकास किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि योजना का प्रारुप तैयार करने में सभी विषयों को ध्यान में रखा गया है. मास्टर प्लॉन के अनुसार चौड़ी सड़कों का प्रावधान किया गया है तथा योजना में होने वाले खर्च के साथ सभी विकल्पों व वित्तीय आंकलन के आधार पर एक बेहतर प्रस्ताव तैयार किया गया है.

प्राधिकरण के अधिकारियों ने बैठक में चर्चा के दौरान बताया कि पुराना धमतरी रोड से नए धमतरी रोड के बीच के क्षेत्र में बनने वाली कमल विहार योजना की प्रारंभिक आंकलन के अनुसार अनुमानित लागत लगभग 900 करोड रुपए आंकी गई है तथा यह योजना पांच सालों में पूर्ण रुप से विकसित हो जाएगी. कमल विहार योजना 15 सेक्टर में विभाजित की गई है. योजना में विकास एवं निर्माण कार्य एक साथ कई डेव्हलपर कंपनियों के माध्यम से कराया जाएगा. आवास मंत्री ने कमल विहार योजना के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त करते हुए शीघ्र ही इसे राजपत्र में प्रकाशन करने तथा नियमानुसार योजना क्षेत्र के भूस्वामियों को इसके प्रारुप से अवगत कराने को कहा. उन्होंने कहा कि भूस्वामियों से सुझाव व आपत्तियां भी आमंत्रित की जाए. उन्होंने कहा जनहित के लिए क्रियान्वित की जाने वाली पूरी योजना का विवरण जनता के समक्ष रखा जाना चाहिए. यदि इसमें कोई बेहतर सुझाव आते है तो उन्हे भी शामिल किया जाना चाहिए. श्री मूणत ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की मंशा है कि प्रदेश के नागरिक सुव्यवस्थित रुप से अच्छी कालोनियों में निवास करें. राजधानी के सुव्यवस्थित विकास से अवैध कालोनी पर रोक लगेगी तथा जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. आवास मंत्री ने आशा व्यक्त की कि टॉऊन डेव्हलेपमेंट योजना से समाज का हर वर्ग लाभान्वित होगा.

---------------------------------------------------------------------------------
अहमदाबाद व रायपुर की टॉऊन डेव्हल्पमेंट स्कीम का तुलनात्मक विवरण
---------------------------------------------------------------------------------
विवरण                      अहमदाबाद अरबन                                   रायपुर 
                                  डेव्हलपमेंट अथारिटी                         विकास प्राधिकरण 
                                                (प्रतिशत में)                          (प्रतिशत में)
---------------------------------------------------------------------------------
भूस्वामियों को दिए जाने                    50                                      35
वाला पुर्नगठित भूखंड
---------------------------------------------------------------------------------
गरीबों के लिए आरक्षित भूखंड               5                                     15
---------------------------------------------------------------------------------

उद्यानों एवं खुले मैदानों के 
के उपयोग के लिए आरक्षित भूखंड          5                                     10
---------------------------------------------------------------------------------
                  कुल                             60                                   60
----------------------------------------------------------------------------------

Oct 26, 2009

31 अक्टूबर तक ट्रांसपोर्टनगर में निर्माण शुरु नहीं करने पर भूखंड निरस्त होंगे

नक्शा, नल, विद्युत के लिए 28 - 29 को विशेष शिविर
रायपुर, 26 अक्टूबर 2009. रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर में 31 अक्टूबर तक दुकानों का निर्माण न करने वाले भूखंडधारियों के भूखंड निरस्त कर दिए जाएंगे. कलेक्टर रायपुर की अध्यक्षता में दो सप्ताह पूर्व हुई बैठक में भी ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को यह निर्देश दिया गया था कि वे 31अक्टूबर तक ट्रांसपोर्टनगर में आवंटित भूखंडों पर निर्माण शुरु कर दे अन्यथा भूखंडों का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा.प्राधिकरण व बीरगांव नगर पालिका द्वारा योजना में निर्माण,विद्युत व नल कनेक्शन व भारहीनता प्रमाणपत्र हेतु 28 व 29 अक्टूबर को विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है.
         प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार बिलासपुर मार्ग में ट्रकों के खड़े होने से शहर के आवागमन में काफी परेशानी हो रही है.इस संबंध में जनवरी से लगातार व्यवसायियों को डॉ.खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्ट नगर रावांभाठा में कारोबार स्थापित करने के लिए आग्रह किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि पूर्व में 57व्यवसायियों को भूखंड की प्रीमियम राशि अर्थात प्रब्याजि राशि जमा नहीं करने की सूचना देते हुए राशि जमा नहीं करने पर भूखंड निरस्त किए जाने की जानकारी दी गई थी. ऐसे सभी आवंटिती जिन्होंने सूचना मिलने के बाद भी पूर्ण राशि जमा नहीं की है उनके भूखंड निरस्त कर दिए गए है.
         श्री कटारिया ने कहा कि रावांभाठा में ट्रांसपोर्ट की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए व्यवसायियों को प्राधिकरण की ओर से पूरा सहयोग दिया जा रहा है.इसी क्रम में भवन निर्माण, नल कनेक्शन, विद्युत कनेक्शन व भारहीनता प्रमाणपत्र जारी करने हेतु नगर पालिका परिषद बीरगांव और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 28 व 29 अक्टूबर को विशेष शिविर अर्थात कैम्प कार्यालय का आयोजन किया गया है. दो दिवसीय विशेष शिविर प्रातः 11 बजे से 4 बजे तक रावांभाठा में नवनिर्मित बस स्टैन्ड परिसर में होगा. कैम्प कार्यालय में एनओसी व स्वीकृति दी जाएंगी. श्री कटारिया के अनुसार राजधानी की यातायात व्यवस्था सुचारु रुप संचालित होती रहे इसके लिए जरूरी है कि ट्रकों का संचालन ट्रांसपोर्टनगर से हो. उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 70 व्यवसायियों ने अपनी दुकानों का निर्माण किया है तथा कुछ ने वहां अपने कारोबार का संचालन शुरु कर दिया है. उल्लेखनीय है कि ट्रांसपोर्टनगर के 1337 भूखंडों में से 1115 भूंखड आवंटित किए जा चुके हैं. इनमें लगभग एक हजार आवंटितियों ने भूखंड की रजिस्ट्री कराई है जिनमें लगभग 700 आवंटितियों ने ही भवन निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल किया है.