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Jul 22, 2014

कमल विहार जैसी योजनाओं के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति जरूरी – श्री राजेश मूणत

जनसंवाद के कारण कमल विहार को मिली सफलता विजय रिसवुड
प्लॉट देने के पहले अधोसंरचना का विकास करना उल्लेखनीय
रायपुर22 जुलाई 2014, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अर्बन प्लॉनर सलाहकार श्री विजय रिसवुड ने कहा है जनता से निरतंर संवाद बनाए रखने के कारण कमल विहार योजना को अच्छी सफलता मिली है. उन्होंने कहा कि योजना में भूखंड देने से पहले सड़क, नाली, बिजली, पानी, संचार, सीवर लाईन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, भूमि के रिचार्ज जैसी व्यवस्था करना एक उल्लेखनीय कार्य है. डीडीए की टीम शाम को आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत से उनके निवास पर मिली. श्री मूणत ने टीम से कमल विहार योजना के अनुभवों को साझा करते कहा कि कमल विहार जैसी नगर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए राजनैतिक इच्छा शक्ति होना बेहद जरूरी है.
श्री रिसवुड ने कहा कि हमने दिल्ली में भी कमल विहार योजना के बारे में सुन रखा था इसलिए इस योजना में भूमि अर्जन के लिए जनभागीदारी से लैंड पूलिंग स्कीम को समझने के लिए यहां आए हैं. डीडीए की टीम ने आज दोपहर में कमल विहार योजना का भ्रमण कर वहां के विकास और निर्माण कार्यों को समझा. शाम को टीम ने प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया से उनके कार्यालय में मुलाकात की. श्री रिसवुड ने कहा कि राजधानी नई दिल्ली में जनभागीदारी से योजना बनाने के लिए काफी कुछ काम करने की आवश्यकता होगी. हम आगे भी कमल विहार के बारे में जानने के लिए प्राधिकरण से अपना संपर्क बनाए रखेंगे.
प्राधिकरण में डीडीए की टीम को कमल विहार योजना से संबंधित एक विस्तृत प्रेजेन्टेशन दिखाया गया. जिसमें योजना की प्रक्रिया दिखाई गई. टीम के सदस्यों ने मुख्य रुप से भूमि अर्जन, राजस्व और तकनीकी पहलूओं पर अपनी कई जिज्ञासों के कई प्रश्न पूछे. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री बजाज ने डीडीए के अधिकारियों को बताया कि हमने पूरे योजना दौरान किसी भी भूमि के भूउपयोग में कोई परिवर्तन नहीं किया है. वहीं श्री कटारिया ने कहा कि हमने कमल विहार योजना के प्रकाशन और आपत्तियों की सुनवाई के पहले और बाद में लगातार जनता और समाज के हर वर्ग से संपर्क बनाए रखा और उनसे संवाद करते रहे. योजना का छत्तीसगढ के राजपत्र में अंतिम प्रकाशन के बाद हमने भूमि स्वामियों से उनकी लिखित सहमति ली. और उसके बाद योजना के लिए सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 500 करोड़ रुपए का ऋण लेकर विकास और निर्माण का कार्य प्रारंभ किया. अब जबकि विकास कार्य काफी हो चुका है हम भूमि स्वामियों को उनके विकसित भूखंड देने के लिए रजिस्ट्री कर रहे हैं. श्री कटारिया ने बताया कि कमल विहार योजना अवैध प्लॉटिंग काफी संख्या में थी और लोगों ने यहां काफी छोटे छोटे प्लॉट खरीद रखे थे. उन सभी को विकसित प्लॉट देना काफी चुनौती भरा था. इसके लिए हमने अपनी प्लॉनिंग में काफी ध्यान रखा और जनता के हित में योजना का विकास किया.
बैठक में डीडीए के अर्बन प्लॉनर सलाहकार श्री विजय रिसवुड, मुख्य अभियंता श्री अशोक निगह, योजना शाखा के निदेशक श्री पी.एस. उत्तरवार और श्री विनोद सकले, डिप्टी कमिश्नर लैंड एक्यूजीशन श्री व्यास, नया रायपुर डेव्हलपमेंट अथॉरिटी के योजनाकार श्री शेकदर, रायपुर विकास प्राधिकरण के एडीशनल सीईओ श्री शरीफ मोहम्मद और सीई श्री जे. एस. भाटिया, योजना के सहायक यंत्री श्री राजीव अग्रवाल, राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य और कमल विहार के योजना सलाहकार बिल्टक्रॉफ्ट के श्री जाकिर खान उपस्थित थे. 

Jul 21, 2014

कमल विहार का अध्ययन करने कल डीडीए की टीम शहर में

भूअर्जन नीति, प्रक्रिया, प्लॉनिंग और क्रियान्वयन पर करेगी अध्ययन

रायपुर21 जुलाई 2014, जनभागीदारी के साथ बनाई जा रही नगर विकास योजना कमल विहार का अध्ययन करने के लिए कल दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की एक टीम रायपुर आ रही है.  टीम का नेतृत्व डीडीए के सलाहकार अर्बन प्लॉनर श्री विजय रिसवुड करेंगे. उनके साथ डीडीए के मुख्य अभियंता श्री अशोक निगह, योजना शाखा के निदेशक श्री पी.एस. उत्तरवार और श्री विनोद सकले व डिप्टी कमिश्नर लैंड एक्यूजीशन श्री व्यास भी आ रहे हैं. शाम को यह टीम आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के साथ भी मुलाकात करेगी.  
रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार दिल्ली विकास प्राधिकरण की एक टीम कल दोपहर कमल विहार का स्थल भ्रमण करेगी. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के साथ कमल विहार में भूमि अर्जन की नीति, प्रक्रिया और उसके लिए अपनाई गई कानूनी विधियों, योजना की प्लॉनिंग व इंजीनिरिंग की अवधारणा और उसके क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा करेगी. टीम का मुख्य उद्देश्य यहां की लैंड पूलिंग पालिसी का अध्ययन कर उसे देश की राजधानी नई दिल्ली में भी लागू करने का है. श्री कटारिया ने बताया कि डीडीए की टीम दिल्ली में पूर्व में अपनाई गई अपनी भूअर्जन पालिसी के अनुभवों को भी साझा करेगी. उल्लेखनीय है कि कमल विहार योजना की सफलता के बाद पूरे देश का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ है कि कैसे जनभागीदारी के साथ एक बड़ी नगर विकास योजना सफलता के साथ विकसित की जा सकती है. 


Jul 19, 2014

कमल विहार अच्छी अवधारणा की योजना – श्री सत्यनारायण शर्मा

आरडीए ने बोरियातालाब का क्षेत्रफल 128 से बढ़ा कर 235 एकड़ किया
गरीबों के लिए 80 एकड़ क्षेत्र में हाऊसिंग बोर्ड बनाएगा आवास
रायपुर19 जुलाई 2014, रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा ने कहा है कि कमल विहार योजना की अवधारणा काफी अच्छी है. किसी को अंदाजा भी नहीं होगा कि कमल विहार इतना अच्छा बन रहा है. वे आज रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के साथ योजना में स्थित बोरियाखुर्द के तालाब का अवलोकन करने गए थे.
लगातार हो रही बारिश के बावजूद श्री शर्मा में कमल विहार योजना के अन्तर्गत आने वाले ग्राम बोरियाखुर्द के पूर्व सरपंच श्री रामाधार साहू, पूर्व पंचों मोहन साहू, इकबाल अंसारी और संजू धीवर के साथ बोरियाखुर्द तालाब का क्षेत्र देखने गए थे. ग्रामीणों ने कुछ समय पहले उनसे यह शिकायत की थी कि कमल विहार योजना के कारण बोरिया तालाब का क्षेत्रफल 128 एकड़ से कम कर दिया गया है. इस पर प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कटारिया ने विधायक को जानकारी दी कि कमल विहार क्षेत्र से लगे तालाब का क्षेत्र तो पहले से काफी बढ़ा दिया गया है अब इसका क्षेत्रफल बढ़ा कर लगभग 235 एकड़ कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों के लिए तालाब का उपयोग तो होता ही रहेगा. इसके अतिरिक्त यहां वॉटर स्पोर्टस और पिकनिक स्पोर्ट्स भी विकसित किए जाने की योजना है. इसके लिए विभिन्न प्रकार के प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने आरडीए के अधिकारियों से कहा कि यदि वे तालाब के तटबंध या उसके सामांतर भूमिगत रुप से कोई पाईप लाईन बिछाने चाहते हैं तो इस पर किसी को भी आपत्ति नहीं है. श्री कटारिया ने बताया कि कमल विहार योजना में गरीबों के लिए लगभग 80 एकड़ क्षेत्र आरक्षित रखा गया है. इसमें आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल व्दारा आवासीय मकान बनाएं जाएंगे.

इसके बाद विधायक श्री शर्मा ने प्राधिकरण के सीईओ श्री कटारिया के साथ कमल विहार के सेक्टर 7 में किए गए अधोसंरचना विकास के कार्यों का अवलोकन किया. श्री कटारिया ने विकसित की गई अधोसंरचना के बारे में बताया कि रायपुर शहर में पहली बार नाली,पानी,बिजली, संचार के केबल, सीवर लाईन और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से उपचारित जल सहित भूमिगत जल को रिचार्ज करने के लिए ऐसी व्यवस्था इतने वृहद पैमाने में की गई है. इससे पूरा क्षेत्र काफी साफ सुथरा होगा और गंदगी से मुक्त होगा. श्री कटारिया ने आगे कहा कि योजना में ऐसी व्यवस्था की जा रही है जिससे यहां दैनिक रखरखाव की परेशानियां काफी कम हो जाएंगी और बहुत की कम मेटेनेंस की आवश्यकता होगी. रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री शर्मा ने कमल विहार का अवलोकन के दौरान कहा कि कमल विहार एक अच्छी है और यहां डेव्हलपमेंट का कार्य भी काफी अच्छा हुआ है. इस दौरान प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, सीई श्री जे.एस. भाटिया, राजस्व अधिकारी पुलक भट्टाचार्य सहित अन्य कई अधिकारी उपस्थित थे. 

कमल विहार में कई सालों तक सड़कों के रखरखाव की आवश्कता नहीं

क्रेडाई के सदस्यों ने देखा कमल विहार, दिए सुझाव और पूछे प्रश्न
रायपुर 19 जुलाई 2014, रियल इस्टेट डेव्हलपर्स एसोसियेशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) रायपुर के सदस्यों आज कमल विहार योजना का भ्रमण कर विकास कार्यों से रुबरू हुए और योजना की जानकारी ली. इस मौके पर रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने

योजना की विशेषताओं की जानकारी देते हुए कहा कि यहां हो रहे सड़क निर्माण की गुणवत्ता के कारण आगामी कई सालों तक इसके रखरखाव की आवश्यक्ता नहीं होगी. योजना में विद्युत आपूर्ति के बारे में उन्होंने बताया कि यहां लगभग डेढ़ लाख की आबादी की गणना कर लगभग 80 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर और सब स्टेशन का प्रावधान किया गया है. जिससे यहां के निवासियों को निरन्तर रुप से बिजली मिलती रहेगी. इसी प्रकार कूड़े व कचरे के प्रबंधन के लिए भी योजना तैयार की जा रही है. श्री कटारिया ने कहा कि उम्मीद है कि अगले साल जून तक कमल विहार का विकास कार्य पूरा कर लिया जाएगा. 

      पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कमल विहार नई नगर विकास योजना 5 से इस मायने में अलग होगी कि वहां इतनी संख्या में अवैध प्लॉटिंग नहीं हुई है. इसलिए वहां बहुत छोटे प्लॉट काटने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. श्री कटारिया ने क्रेडाई के सदस्यों को बताया कि योजना के सेक्टर 3 में पिकनिक स्पॉट व वाटर स्पोर्टस के लिए विभिन्न प्रकार के प्रस्तावों पर अभी विचार किया जा रहा है कि किस मॉडल पर इसे विकसित किया जाए. क्रेडाई के सदस्यों ने आरडीए के सीईओ से कई सवाल पूछे. इसमें एक सदस्य ने पूछा कि क्या प्राधिकरण और क्रेडाई के सदस्यों के साथ कोई ज्वांईट वेंचर भी किया जा सकता है ? इस पर श्री कटारिया ने कहा कि उनके पास ऐसा कोई सुझाव है तो वे दें यदि सुझाव व्यवहारिक होगा तो उस पर विचार किया जा सकता है. एक अन्य सवाल कि क्या बड़े व्यावसायिक भूखंड का आवंटन किश्तों में किया जा सकता है ? इस पर श्री कटारिया ने कहा कि यदि उनकी तरफ से कोई  लिखित प्रस्ताव आता है और राज्य सरकार इस पर अनुमति देती है तो इस पर विचार किया जा सकता है.
 प्राधिकरण की ओर से क्रेडाई के सदस्यों को उनके प्रोजेक्टस के लिए कमल विहार में उपलब्ध आवासीय, व्यवसायिक, सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक, स्वास्थ्य व शैक्षणिक  भूखंडों की जानकारी भी दी गई ताकि वे इस पर शहर वासियों के लिए नई योजनाएं बना सकें. इस मौके पर प्राधिकरण के अतिरिक्त सीईओ श्री शरीफ मोहम्मद, सीई श्री जे.एस. भाटिया,राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य, क्रेडाई रायपुर के अध्यक्ष आनंद सिघानिया, सचिव रमेश राव, कोषाध्यक्ष सुनील खेतान, कार्यकारिणी सदस्य संजय बघेल, विजय नाथानी,रवि फतनानी, शैलेष वर्मा सहित कई सदस्य उपस्थित थे.  

Jul 16, 2014

रायपुरा में एससीजेड बनाने भूस्वामियों के साथ बैठक 23 को

भूमि के सीमांकन के लिए कलेक्टर को भी भेजा गया अनुरोध पत्र 

रायपुर16 जुलाई 2014, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना में विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र अर्थात स्पेशल कमर्शियल जोन (एससीजेड) बनाने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने भूमि स्वामियों को चर्चा के लिए 23 जुलाई शाम 4 बजे प्राधिकरण कार्यालय आमंत्रित किया है. इस बैठक में योजना में भूस्वामियों की भागीदारी पर चर्चा की जाएगी. प्राधिकरण की इस नगर विकास योजना क्रमांक एक के माध्यम से रायपुर शहर में बाजारों के विकेन्द्रीकरण हेतु मास्टर प्लॉन के अनुसार लगभग 116 एकड़ क्षेत्र में विभिन्न व्यवसायके लिए विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किया जाना है.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने योजना में शीघ्र विकास प्रारंभ करने के उद्देश्य से कलेक्टर रायपुर को एक पत्र लिख कर भूमि स्वामियों के भू-अभिलेखों और वास्तविक कब्जे की जानकारी के लिए सीमांकन करने का अनुरोध किया है. उल्लेखनीय है कि इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना में प्राधिकरण व्दारा छत्तीसगढ का सबसे बड़ा रिक्रिएशन पार्क व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल के निर्माण के साथ ही मध्यम वर्ग के लिए 302 डुप्लेक्स आवास, निम्न आय वर्ग के लिए डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत 972 फ्लैट्स, विभिन्न आकार के आवासीय भूखंडों की सुविधा उपलब्ध कराई है. इसके अलावा इन्दप्रस्थ रायपुरा के फेज - 2 के अन्तर्गत कमल विहार योजना की तर्ज पर नए आवासीय भूखंड विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है. साथ ही योजना में 120 मल्टीस्टोरी फ्लैट्स का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है.  

Jul 9, 2014

कमल विहार में विकसित भूखंड लेने भूस्वामियों की रुचि बढ़ी

विशेष कैम्प में तीन दिन में साठ लोगों ने कराई रजिस्ट्री
रजिस्ट्री कराने अन्य शहरों से आ रहे हैं भूस्वामी


रायपुर9 जुलाई 2014, कमल विहार में हो रहे विकास और निर्माण कार्य को देखते हुए विकसित भूखंड लेने के लिए भूमि स्वामियों की रुचि अब बढ़ने लगी है. रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा कलेक्ट्रोरेट स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में 07 जुलाई से लगाये गए विशेष कैम्प में पिछले तीन दिनों में 60 रजिस्ट्रियों का निष्पादन हो गया है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के निर्देश पर राजस्व शाखा के अधिकारी प्रातः 11 बजे से 4 बजे तक कमल विहार योजना के भूमि स्वामियों को आबंटित विकसित भूखंडों की रजिस्ट्री का कार्य कर रहे है. प्राधिकरण का यह विशेष कैम्प 18 जुलाई तक चलेगा. विकसित भूखंड लेने के लिए कोरबा, नगरी, भिलाई और बिलासपुर में रह रहे भूमि स्वामियों ने कैम्प में पहुंचकर अपनी रजिस्ट्री कराई. प्राधिकरण व्दारा भूस्वामियों को प्रतिदिन फोन पर विकसित भूखंड लेने के लिए लगातार सूचना देकर आमंत्रित किया जा रहा है.

इंद्रप्रस्थ फेस-02 के भूस्वामियों को भी दिया जा रहा है विकसित भूखंड

रायपुर 9 जुलाई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना क्र.-1 इंद्रप्रस्थ रायपुरा में विकसित की जाने वाली आवासीय भूखंडो की योजना के अंतर्गत इंद्रप्रस्थ फेस-02 के भूस्वामियों को विकसित भूखंडों का आवंटन तथा उसके अनुबंध की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है.
प्राधिकरण के राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य ने बताया कि इंद्रप्रस्थ फेस-02 योजना में शामिल भूमिस्वामी प्राधिकरण के कार्यालय से भूखंड का आवंटन आदेश प्राप्त कर अनुबंध निष्पादन करा सकते है. अनुबंध निष्पादन कलेक्टोरेट स्थित उपपंजीयक (रजिस्ट्री) कार्यालय में चल रहे विशेष कैम्प में भी किया जा रहा है. अनुबंध हेतु भूमि स्वामियों को पहचान पत्र,सौ रुपये का स्टॉप पेपर, पांच फोटो तथा वर्तमान खसरा बी-1 एवं खसरे की प्रति, बैनामा,ऋण पुस्तिका की छायाप्रति साथ लाना होगा. 


Jul 7, 2014

मास्टर प्लान की जमीनों की जमाखोरी होने के कारण शहर का विकास रूका

आबादी, निर्मित व कृषि क्षेत्र पर नगर विकास योजना 5 नहीं बनेंगी

रायपुर7 जुलाई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना 5 में आबादी, कृषि भूमि तथा बसाहट वाले क्षेत्रों को शामिल नहीं किया जाएगा. योजना में नए भू-अर्जन नियमों में दिए गए प्रावधानों के अनुरूप ही कार्य किया जाएगा. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज यह बात रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व विधायक श्री रमेश वर्ल्यानी व श्री इंदरचंद धाड़ीवाल के साथ प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे एक प्रतिनिधि मंडल से कही. श्री कटारिया ने आज पूरे प्रतिनिधि मंडल के साथ कार्यालय परिसर में ही आमने - सामने बैठकर उनकी बातों को सुना, चर्चा की और उनके कई सवालों का जवाब भी दिया. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि मंडल ने अपनी मांगो के संबंध में जो ज्ञापन सौंपा है उस पर विचार किया जाएगा और शासन को भी उससे अवगत कराया जाएगा.

श्री कटारिया ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि दरअसल जिस तरह से आलू व प्याज की जमाखोरी होती है वैसे ही रायपुर शहर में भी लोग मास्टर प्लान के अंतर्गत आवासीय,व्यावसायिक, सार्वजनिक तथा अर्ध्द-सार्वजनिक भू-उपयोग की जमीनों की जमाखोरी कर रहे है. इस कारण शहर में नागरिकों को सुविधाजनक आवास तथा अन्य उपयोग के लिए भूखंड उपलब्ध नहीं हो पा रहे है. उन्होंने कहा कि दरअसल जमीन की जमाखोरी करने वालों ने इन जमीनों को घेर रखा है तथा इस कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि हमें इसी भूमियों का रायपुर की विकास योजना के परिपेक्ष्य में उपयोग करना होगा. श्री कटारिया ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि यदि आप सभी जो रायपुर शहर को अच्छा बनाना चाहते हैं तो शहर के मास्टर प्लान में दिए गए प्रस्ताव के अनुसार व्यावसायिक, आवासीय तथा अन्य भूउपयोग की जमीनों में बुनियादी अधोसंरचना का विकास करना जरूरी है.
      प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि डुमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभान्डीह एवं जोरा क्षेत्र में बनने वाली नगर विकास योजना 5 में आबादी व बसाहट, निर्मित व स्वीकृत अभिन्यास सहित कृषि क्षेत्र पर योजना नहीं बनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान शहर के मास्टर प्लान के अनुसार सड़क, नाली, पानी, बिजली, सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा यदि शासन या प्राधिकरण शहर का विकास नहीं करेगा तब भी शहर का विकास अपने आप होता जाएगा जैसा की अब तक होता आया है. यह विकास गंदी और झुग्गी बस्ती की श्रृंखला जैसा विकास होगा जहां बुनियादी सुविधाओं के लिए लोगों को काफी तरसना पड़ता है और संघर्ष करना पड़ता है. यदि हम पहले से ही नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं दे देंगे तो शहर में तोड़फोड़ करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी जैसा कि शहर में पहले होता आया है.
श्री कटारिया ने आगे कहा कि नया रायपुर कोई नगर विकास योजना नहीं है. इसे कमल विहार से जोड़ा जाना ठीक नहीं है. वरन् यह एक नए शहर का विकास है. जहां छत्तीसगढ़ की आधुनिक राजधानी का विकास किया जा रहा है. नया रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की योजना के अनुसार विकास और निर्माण किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ शासन का उद्देश्य है कि रायपुर और नया रायपुर का विकास सुनियोजित तरीके से हो.

प्राधिकरण की कमल विहार योजना के संबंध में श्री कटारिया ने कहा कि यह योजना लैंड पूलिंग अर्थात् भूस्वामियों की जनभागीदारी के साथ बनाई गई योजना है. कमल विहार में लगभग 5 हजार भूस्वामियों में से साढ़े 4 हजार लोगों ने योजना में शामिल होने के लिए अपनी भूमि प्रदान की है. जिन 5 सौ लोगों ने अपनी भूमि को योजना में शामिल नहीं होने दिया उनकी भूमि के एवज में भूअर्जन अधिकारी व्दारा अनिवार्य भूअर्जन अधिनियिम के अन्तर्गत मुआवजे का भुगतान किया गया है. प्राधिकरण के संचालक मंडल ने जनहित में ऐसे लोगों की मांग पर कमल विहार योजना में विकसित भूखंड देने का निर्णय लिया. ऐसे लगभग 4 सौ लोगों ने पुनः विकसित भूखंड लेने के लिए प्राधिकरण कार्यालय में आवेदन दिए हैं. उन्हें भी भूखंड दिया जा रहे हैं. श्री कटारिया ने कहा कि कमल विहार योजना में जमीन बेचने पर पहले भी प्रतिबंध नही था और आज भी नहीं है.

कमल विहार में लॉटरी से 70 आवासीय भूखंड आबंटित

कई भूखंडों पर कड़ी स्पर्धा के बाद लाटरी से मिले प्लॉट

रायपुर7 जुलाई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना में आवासीय भूखंडों को पाने के लिए आज आवेदकों के बीच काफी कश्मकश थी, कारण था एक ही भूखंड पर कई लोगों का आवेदन. प्राधिकरण को प्राप्त 118 आवेदनों में से 70 आवेदकों को आज लॉटरी से भूखंडों का आवंटन हुआ. प्राधिकरण की इस योजना में 159 आवासीय भूखंडो के लिए गत 
दिनों विज्ञापन जारी करके आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे. कुल 159 भूखंडो में से 56 भूखंड अनुसूचित जाति/ जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सैनिक एवं भूतपूर्व सैनिक, शासकीय एवं राविप्रा के कर्मचारी, निराश्रित एवं साधनहीन विधवा के लिए आरक्षित थे. आरक्षित श्रेणी में कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 16 आवेदको को लॉटरी से आवासीय भूखंडों का आवंटन किया गया. जबकि सामान्य श्रेणी में भी कड़ा संघर्ष था. इसमें कुल  103 भूखंडो के लिए 54 आवेदकों को लॉटरी से भूखंड मिले. लॉटरी के अवसर पर प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य व सहायक राजस्व अधिकारी श्री रविशंकर दीक्षित उपस्थित थे.

Jul 5, 2014

कमल विहार के आवासीय भूखंडो के लॉटरी 7 जुलाई दोपहर 2 बजे

रायपुर, 5 जुलाई 2014, कमल विहार के 159 आवासीय भूखंडो के आबंटन हेतु  रायपुर विकास प्राधिकरण के न्यू राजेन्द्र नगर स्थित कार्यालय में सोमवार 7 जुलाई को दोपहर 2 बजे कम्प्यूटर व्दारा लॉटरी निकाली जाएगी. सबसे पहले आरक्षित भूखंडो की लॉटरी निकाली जाएगी. प्राधिकरण व्दारा 540 वर्गफुट से 3800 वर्गफुट तक के कुल 159 आवासीय भूखंडो की लॉटरी निकाली जाएगी.

कमल विहार में भूस्वामियों को विकसित भूखंड देने विशेष कैम्प

7 से 18 जुलाई तक चलेगा कैम्प

रायपुर, 5 जुलाई  2014, कमल विहार योजना के लिए अपनी भूमि देने वाले भूस्वामियों को विकसित भूखंड देने के लिए 7 से 18 जुलाई तक कलेक्टोरेट स्थित रजिस्ट्री आफिस में रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा विशेष कैम्प लगाया जा रहा है, प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के निर्देश पर राजस्व शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी सोमवार 7 जुलाई प्रातः 11 बजे से शाम 4 बजे तक रजिस्ट्री आफिस के सामने वाले हॉल में बैठेगे. प्राधिकरण व्दारा भूमि स्वामियों को विकसित भूखंड लेने के लिए दूरभाष पर लगातार सूचना दी जा रही है ताकि वे उनको आबंटित भूखंड की रजिस्ट्री अपने नाम पर करा सकें.

विशेष रजिस्ट्री कैम्प में दो तरह के अनुबंध किए जाएगे. प्राधिकरण व्दारा पहला अनुबंध भूमि स्वामी को उनकी भूमि के स्थान पर विकसित भूखंड दिए जाने हेतु सहमति से संबंधित है. दूसरा और अंतिम अनुबंध प्राधिकरण व्दारा विकसित भूखंड का अंतिम रूप से आबंटन से संबंधित है. अधिकांश भूमि स्वामी व्दारा पहला अनुबंध कराया जा चुका है. किंतु जिन भूस्वामियो ने पहला अनुबंध नही किया है उन्हें पहले अपनी भूमि देने के संबंध में अनुबंध करना होगा. पहले अनुबंध के लिए भूस्वामी को अपना पहचान पत्र,सौ रुपये का स्टॉप पेपर, पांच फोटो तथा वर्तमान खसरा बी-1 पांचसाला लाना होगा. जबकि दूसरे और अंतिम अनुबंध के लिए भूमि स्वामी को सौ रुपये का स्टॉप पेपर, चार फोटो तथा भूमि की रजिस्ट्री साथ लानी होगी.

Jul 4, 2014

कमल विहार की भू-अर्जन व राजस्व की समस्याएं दूर होंगी – ठाकुर राम सिंह

कलेक्टर का कमल विहार भ्रमण

रायपुर4 जुलाई 2014, कलेक्टर ठाकुर राम सिंह ने कहा है कि कमल विहार योजना में भूअर्जन तथा राजस्व संबंधित सभी प्रकरणों का निराकरण शीघ्र ही कर दिया जाएगा. योजना के निरीक्षण के दौरान उन्होंने भूमिगत अधोसंरचनाओं में भूमिगत नाली, बिजली व दूरसंचार के केबल, जलप्रदाय बारिश के पानी के निकासी, शोधित जल के लिए बिछाई गई पाईप लाईनों की तकनीक का अवलोकन किया. कलेक्टर ने रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के साथ बोरिया तालाब, प्रस्तावित सिटी पार्क क्षेत्र का भी अवलोकन किया.
श्री कटारिया ने कलेक्टर को कमल विहार योजना क्षेत्र में भू-जल के रिचार्ज के संबंध में जानकारी दी कि योजना में बनने वाले छह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से प्राप्त होने वाले शोधित जल से उद्यानों की सिचाई की जाएगी. इससे योजना के भू-जल स्तर को बनाए रखे जाने में काफी मदद मिलेगी. योजना में मॉस्टर प्लान की एमआर - 21 सड़क को नया धमतरी रोड से जोड़ने में आ रही बाधा के संबंध में कलेक्टर ने एडीएम श्री संजय अग्रवाल को निर्देश दिया कि वे स्थल का तहसीलदार व पटवारी से सर्वेक्षण कराकर इसका निराकरण करावाएं.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कलेक्टर को योजना में स्ट्रीट लाईन की जानकारी देते हुए बताया कि सेक्टर के अदंर की सड़कों पर हर दो खम्बों के बीच एक सोलर लाईट लगाई गई है. इससे रात के समय बिजली न रहने की स्थिति में भी सड़कें सोलर लाईट के माध्यम से प्रकाशित होती रहेंगी. कलेक्टर ने कमल विहार स्थल कार्यालय में योजना की अवधारणा तथा उसकी प्रक्रिया संबंधित पावर पाइंट प्रेजेन्टेशन तथा भूमिगत अधोसंरचना के मॉडल का भी अवलोकन किया.
कलेक्टर के स्थल निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता श्री जे.एस.भाटिया, नया रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के श्री सलील श्रीवास्तव व चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एल.के. पाणीग्रही भी उपस्थित थे.

Jul 3, 2014

कमल विहार के आने से पार्षदों की साफ सफाई की जिम्मेदारी कम होगी

 रायपुर शहर की महिलाओं ने किया कमल विहार का भ्रमण
रायपुर3 जुलाई 2014, कमल विहार योजना का विकास और निर्माण कार्य देखने के बाद आज रायपुर शहर की महिलाओं ने कहा है कि यहां बसाहट के बाद क्षेत्र के पार्षद की साफ सफाई जैसी कई जिम्मेदारियां कम हो जाएगी. पार्षद श्रीमती मीनल चौबे,श्रीमती प्रभा दुबे, श्रीमती कुमुद रेड्डी, श्रीमती शारदा गोस्वामी के साथ लगभग 70 महिलाओं ने आज शाम रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ कमल विहार के विकास कार्यो का अवलोकन किया.




कमल विहार दर्शन के लिए आई महिला दल के सदस्यों ने कहा कि हम कमल विहार के बारे में अक्सर सुनते थे आज देख कर लगा कि वाकई यह हमारे प्रदेश की एक सबसे अच्छी आवासीय योजना है. जहां सारी सुविधाएं हैं और एक आधुनिक कालोनी की तरह यहां का विकास हो रहा है. महिला दल के सदस्यों ने योजना के पर्यावरण और साफ-सफाई के संबंध में कहा कि कमल विहार में किसी भी प्रकार के प्रदूषण और मच्छरों से यहां के निवासियों को कभी कोई परेशानी नहीं होगी. यह इस योजना की सबसे अच्छी बात है.   
प्राधिकरण के अधिकारियों ने महिला दल के सदस्यों को कमल विहार योजना की विशेषताओं की जानकारी देते हुए उन्हें भूमिगत नाली, जलप्रदाय, विद्युत व संचार, शोधित जल तथा बारिश के पानी की निकासी के लिए भूमिगत पाईप लाइनो के बिछाए जाने की तकनीक की जानकारी दी. यह भी बताया गया कि कमल विहार के 15 सेक्टरो में 155 उद्यानों, खेल मैदानों और खुली भूमि छोड़ी गई है. इसके अतिरिक्त गंदे पानी को उपचारित कर शुद्ध करने के लिए 6 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी योजना में लगाए जाएगे.
कमल विहार दर्शन के इस भ्रमण में श्रीमती शारदा गोस्वामी, अमिता झा,रेणुका बक्शी,शैलेन्दी परगनिया, नीलम सिंह, वंदना अग्रवाल, मुरली नायडू, सुषमा शिवहरे, मोनिका साहू, नीलू वर्मा, पूर्णिमा मानिकपुरी, शशिभट्ट, पदमाचंद्राकर, ईभा माजेरी, सरोज वशिष्ठ सहित कई अन्य महिलाएं शामिल थी. प्राधिकरण की ओर से मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, कार्यपालन अभियंता श्री अनवर खान, राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य, ली एसोसिएट के श्री आनंद गोलेटी, उप अभियंता श्री एम.एस. पाण्डेय ने महिला दल को योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.

Jul 2, 2014

नगर विकास योजना 5 को आरडीए संचालक मंडल ने दी स्वीकृति

योजना बनाने कंसलटेंट भी नियुक्त  

रायपुर2 जुलाई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक मंडल ने आज डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा के क्षेत्र में नगर विकास योजना बनाने की स्वीकृति प्रदान कर दी. यह स्वीकृति छत्तीसगढ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 50 (1) के अन्तर्गत दी गई है. संचालक मंडल में प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार इन क्षेत्रों में स्वीकृत अभिन्यास, आबादी, निर्मित क्षेत्र, हरित क्षेत्र तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्र को शामिल नहीं किया गया है. नगर विकास योजना 5 के क्रियान्‍वयन से रायपुर शहर के मास्‍टर प्‍लान के अनुसार मुख्‍य मार्गों को जोड़ने वाली सड़कों का विकास हो सकेगा.
  


रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्‍यक्ष श्री एस.एस. बजाज की अध्‍यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक में प्राधिकरण के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया व्‍दारा प्रस्‍तुत एक अन्‍य प्रस्‍ताव में नई नगर विकास योजना को तैयार करने के लिए कन्‍सलटेंट की नियुक्ति को भी स्‍वीकृति प्रदान की गई. प्राधिकरण व्दारा इस हेतु निविदा आमंत्रित की गई थी. जिसमें देश भर से कुल 7 कंसलटेंट्स् व्दारा अपने तकनीकी एवं वित्तीय प्रस्ताव रखे गए थे. जिसमें बिल्ट क्राफ्ट इंजीनियरिंग को उपयुक्त पाया गया.
संचालक मंडल की आज की बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, आवास एवं पर्यावरण विभाग के अवर सचिव श्री जी.एल. सांकला, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के संयुक्त संचालक श्री एम.के. गुप्ता व श्री संदीप बागडे, उप वन संरक्षक श्री विनोद मिश्रा, छत्तीसगढ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के  अधीक्षण अभियंता श्री पी.के. खरे, नगर पालिक निगम के अपर आयुक्त डॉ. जे.आर. सोनी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री एस.के. अग्रवाल तथा प्राधिकरण के एडिशनल सी.ई.ओ. श्री शरीफ मोहम्मद भी उपस्थित थे.