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Oct 31, 2009

आरडीए के अधीक्षक गणेशराम यदु सेवानिवृत

1971 में पहला वेतन 272 रुपए आज अंतिम वेतन 21 हजार
रायपुर, 31 अक्टूबर 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण के अधीक्षक श्री गणेशराम यदु 31 साल की नौकरी के बाद आज सेवानिवृत हो गए. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने उन्हें शाल श्रीफल देकर उनकी सेवाओं का सम्मान किया. उन्होंने कहा कि श्री यदु के कार्य की प्रशंसा सुन कर मैं भी उनका प्रशंसक हो गया हूं. मृदु भाषी और अपने कार्यों से प्राधिकरण में लोकप्रिय रहे श्री यदु प्राधिकरण की पहली पीढ़ी के कर्मचारियों में से माने जाते रहे हैं.
1971 में नगर सुधार न्यास, रायपुर में मुद्रलेखक के रुप में नौकरी की शुरुआत करने वाले यदु को आज भी याद था कि उन्हें जो पहला वेतन मिला था वह 272 रुपए थे. आज सेवानिवृत होने पर उनका मासिक वेतन 21 हजार रुपए था. श्री उन्होंने नौकरी के दौरान अपने विभिन्न अवसरों को याद करते हुए बताया कि वे रायपुर नगर सुधार न्यास के पूर्व अध्यक्ष श्री राजाराम दुबे के कार्यकाल को सबसे अच्छा मानते हैं. 1971 में श्री दुबे के अधीनस्थ अपनी नौकरी की शुरुआत करने वाले श्री यदु ने बताया कि उस समय नगर सुधार न्यास में कुल 15 कर्मचारी कार्यरत थे. श्री दुबे कर्मचारियों के साथ कंधा से कंधा मिला कर काम करते थे और हर कर्मचारी को प्रोत्साहित करते थे. मुख्य अभियंताओं में श्री यदु को श्री एच. आर. अग्रवाल ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है. प्राधिकरण की नौकरी के दौरान अधिकांश समय उन्होंने तकनीकी शाखा में निर्माण कार्यों की कार्यालयीन प्रक्रिया से जुडे कार्यों को बेहतर ढ़ंग से संचालित किया. मृदु भाषी श्री यदु ने जो भी कार्य किया वह पूर्ण निष्ठा से किया. प्राधिकरण में मुद्रलेखक के बाद वे उच्च श्रेणी लिपिक, सहायक अधीक्षक और फिर अधीक्षक बने. श्री यदु की सेवानिवृति के अवसर पर प्रभारी कार्यपालन अभियंता पी.एम.कोल्हे, संपदा अधिकारी प्रीतपाल सिंह होरा, सहायक अभियंता अनवर खान, गुरुचरण सिंह होरा. योगेशचन्द्र साहू, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेन्द सिंह सेंगर, अनिल शर्मा, नरेन्द्र जैन, कुमदनी अवधिया, श्रीमती रंजना त्रिपाठी, बी.के. ठाकुर, मन्नूलाल सिन्हा, अशोक मेथानी, के.के.अवस्थी, एम.एस.पांडे उपस्थित थे.

Oct 30, 2009

कमल विहार में सीबीडी सहित कई नागरिक सुविधाएं

टॉऊन डेवलपमेंट स्कीम से अवैध कालोनियों पर लगेगी रोक
रायपुर, 30 अक्टूबर 2009. छत्तीसगढ़ की पहली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम कमल विहार योजना के प्रारंभिक रुप से तैयार किए प्रस्ताव में सेन्ट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट सहित कई नागरिक सुविधाओं का प्रावधान रखा गया है.लगभग 2170एकड़ में विकसित होने वाली इस योजना से भूस्वामियों की संपत्ति के मूल्य में कई गुना इजाफा होगा.प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत का मानना है कि कमल विहार जैसी टॉऊन डेव्लपमेंट स्कीम के क्रियान्वयन से राजधानी में अवैध रुप से विकसित होने वाली कालोनियों पर भी रोक लगेगी.
         रायपुर के मास्टर प्लॉन अर्थात रायपुर नगर विकास योजना पुनर्विलोकित 2021 में सड़क निर्माण के प्रस्ताव के अनुसार कमल विहार क्षेत्र में कुल छह प्रमुख मार्गों का निर्माण किया जाना है. इसमें 75 मीटर चौड़ी रिंग रोड, 75 मीटर चौड़ी एक बायपास रोड तथा अन्य मार्ग 45 व 30 मोटर चौड़े होगें. सुगम यातायात के लिए फ्लाई ओव्हर भी होगा. योजना क्षेत्र में जिनकी भूमि आमोद – प्रमोद में आएगी उन्हे भी विकसित आवासीय भूखंड दिए जाएंगे. बोरिया तालाब के क्षेत्र को हरित व मनोरंजन के उद्देश्य से विकसित किया जाएगा.मास्टर प्लॉन के अनुसार आमोद प्रमोद के लिए कमल विहार में 245 एकड़ भूमि निर्धारित है.
         कमल विहार में एक सेन्ट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट अर्थात केन्द्रीय व्यावसायिक क्षेत्र का प्रावधान किया गया है जिसका क्षेत्रफल लगभग 42एकड़ होगा.सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक क्षेत्र हेतु जिसमें सामाजिक,सांस्कृतिक,प्रशासनिक,शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए लगभग 57 एकड़ भूमि का प्रावधान किया गया है.
        रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए प्रारंभिक प्रस्ताव में योजना का व्यय लगभग 9 सौ करोड़ रुपए आंका गया है.योजना में भू स्वामियों को उनकी कुल भूमि का 35 प्रतिशत भूमि विकसित भूखंड के रुप में मिलेगा. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार इस योजना के लिए वास्तुविदों व इंजीनियरों की टीम ने कई स्तर पर तकनीकी व वित्तीय आंकलन कर एक बेहतर प्रस्ताव तैयार किया है इसलिए यह उम्मीद की जानी चाहिए कि राजधानी की यह पहली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम अहमदाबाद से बेहतर साबित होगी.उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरुप योजना क्षेत्र के भू स्वामियों को कमल विहार के तैयार किए गए प्रस्ताव की जानकारी देने के लिए 03 नंवबर दोपहर 3 बजे को शहीद स्मारक भवन में एक सभा का आयोजन किया गया है.
         श्री कटारिया ने कहा कि कमल विहार योजना क्षेत्र में गरीबों के लिए 15 प्रतिशत तथा उद्यानों एवं खुले मैदानों के उपयोग के लिए 10 प्रतिशत भूमि सुरक्षित रखी गई है. योजना में सड़क, नाली, बिजली, पानी की सुविधा दी जाएगी तथा इसके लिए व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित भूमि के विक्रय से प्राप्त राशि से योजना का विकास किया जाएगा.

Oct 29, 2009

गरीबों के फ्लैट्स की लाटरी 6 व 7 को शहीद स्मारक भवन में


रायपुरा के 972 व बोरियाखुर्द 1800 फ्लैट्स शामिल
रायपुर, 29 अक्टूबर 2009. गरीबों के लिए राज्य प्रवर्तित डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना की लाटरी 6 व 7 नवंबर को शहीद स्मारक भवन में प्रातः 11 बजे से होगी. 6 नवंबर को रायपुरा तथा 7 नवंबर को बोरियाखुर्द के फ्लैट्स की लाटरी कलेक्टर रायपुर द्वारा नामित प्रतिनिधि की उपस्थिति में होगी.रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा इस योजना के अन्तर्गत रायपुरा में 972 फ्लैट्स तथा बोरियाखुर्द में 1800फ्लैट्स बन कर तैयार हो गए हैं.आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत द्वारा शीघ्र ही इन फ्लैट्स की लाटरी कर आवंटन के निर्देश पर प्राधिकरण ने आवेदकों की सूची का प्रकाशन कर दिया है.दो दिन पहले श्री मूणत ने आरडीए के अधिकारियों को कहा था कि शासन की मंशा के अनुरुप गरीबों को छत देने की इस योजना में पूर्ण पारदर्शिता रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि गरीबों को उनका मकान शीघ्र ही मिल जाए.
            आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने बताया कि प्राधिकरण में प्राप्त आवेदन पत्रों का पंजीयन कर उसमें वैध व त्रुटिपूर्ण पंजीयनकर्ताओं की एक सूची कलेक्टर कार्यालय, तहसील कार्यालय तथा शास्त्री चौक स्थित रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय के सूचना पटल में अवलोकन के लिए लगा दी गई है.प्राधिकरण की सूची के विवरण में यदि किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो वह तीन दिन के भीतर अपनी आपत्ति प्राधिकरण कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है. प्राधिकरण की डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत कुल 3888 फ्लैट्स का निर्माण पूरी कर लिया है. इसके पहले हीरापुर में 816, सरोना में 300 फ्लैट्स का आवंटन कर किया जा चुका है. यह पहला मौका है जब प्राधिकरण ने इतनी बड़ी संख्या में गरीबों के लिए 3 सौ वर्गफुट आकार के पक्के मकान बनाएं है. न्यून निम्न आय वर्ग के लिए बने इन मकानों की कीमत लगभग 2.05 लाख रुपए है.

ट्रांसपोर्टनगर में विशेष शिविर की अवधि दो दिन बढ़ी 31 अक्टूबर तक निर्माण करे अन्यथा आवंटन रद्द होगा


रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर में दुकानों का निर्माण करने के लिए मानचित्र हेतु अनापत्ति प्रमाणपत्र व नल कनेक्शन हेतु काफी संख्या में आ रहे ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के लिए शिविर की अवधि को दो दिनों के लिए बढ़ा दी गई है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार यह शिविर अब 30 व 31 अक्टूबर को रावांभाठा के नए बस टर्मिनल में 11 बजे से 4 बजे तक जारी रहेगा. विशेष शिविर के दूसरे दिन आज 62 मानचित्र के अनापत्ति प्रमाण पत्र तथा 52 नल कनेक्शन के आवेदनों को स्वीकृति दी गई.श्री कटारिया ने आज शाम प्राधिकरण कार्यालय में मिलने आए ट्रक ओनर एसोसियेशन के पदाधिकारियों जगदीश मित्तल,हरचरण सिंह साहनी,बनारसी पांडे व परविन्दर सिंह भाटिया को स्पष्ट रुप से कहा कि यदि वे 31अक्टूबर तक दुकानों का निर्माण शुरु नहीं करने पर भूखंड का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ट्रकों को सड़क पर खड़ा किए जाने पर जिला प्रशासन व पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी.

कमल विहार के भूस्वामियों के साथ आरडीए का संवाद 3 नंवबर को शहीद स्मारक भवन में

रायपुर, 29 अक्टूबर 2009. रायपुर शहर की पहली टाऊन डेव्हल्पमेंट स्कीम कमल विहार योजना कैसी होगी तथा इसकी प्रक्रिया क्या होगी यह बताने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने 3 नंवबर दोपहर 3 बजे शहीद स्मारक भवन में योजना क्षेत्र के भूस्वामियों के साथ संवाद के लिए एक सभा का आयोजन किया है.गत दिनों आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने प्राधिकरण के अधिकारियों को योजना क्षेत्र में आने वाले भूमि के भूस्वामियों को योजना के प्रारुप की जानकारी एक सरल स्वरुप में देने के लिए कहा था.
            प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार ग्राम बोरियाखुर्द, टिकरापारा, देवपुरी, डुमरतराई, डूंडा क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित कमल विहार योजना के विकास के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने प्रारुप तैयार कर लिया है.नौ सौ करोड रुपए की कमल विहार योजना में भूस्वामियों को उनकी कुल भूमि का 35 प्रतिशत विकसित भूखंड दिया जाना प्रस्तावित है. इसके अलावा गरीबों के लिए 15 प्रतिशत तथा उद्यानों एवं खुले मैदानों के उपयोग के लिए 10 प्रतिशत भूमि सुरक्षित रखी जाएगी. योजना में सड़क, नाली, बिजली, पानी की सुविधा दी जाएगी तथा इसके लिए व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित भूमि के विक्रय से प्राप्त राशि से योजना का विकास किया जाएगा.अधिकारियों ने बताया कि योजना का प्रारुप तैयार करने में सभी विषयों को ध्यान में रखा गया है.मास्टर प्लॉन के अनुसार चौड़ी सड़कों का प्रावधान किया गया है तथा योजना में होने वाले खर्च के साथ सभी विकल्पों व वित्तीय आंकलन के आधार पर एक बेहतर प्रस्ताव तैयार किया गया है.
            श्री कटारिया के अनुसार शीघ्र ही कमल विहार योजना के विकास के संबंध में नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम के अनुसार प्रारुप योजना (ड्रॉफ्ट स्कीम)का प्रकाशन कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि भू स्वामियों को उक्त सभा में योजना के संबध में जानकारी दी जाएगी.उन्होंने कहा कि टाऊन डेव्लपमेंट स्कीम के अन्तर्गत छत्तीसगढ की यह पहली योजना है.अहमदाबाद में ऐसी सौ से ज्यादा योजनाएं क्रियान्वित हुई है तथा वहां के भूस्वामी स्वयं ऐसी योजनाओं में शामिल होते हैं. उन्होंने कहा कि यह जनभागीदारी की एक सफल एवं परखी हुई योजना है जिसमें भूस्वामी को आर्थिक लाभ होगा तथा राजधानी का सुनियोजित व सुव्यवस्थित विकास होगा.श्री कटारिया ने कहा कि इन्ही कारणों से हम योजना क्षेत्र के भूस्वामियों को जानकारी देने हेतु आमंत्रित कर रहे हैं.

Oct 28, 2009

900 करोड की होगी कमल विहार योजना


कुल भूमि के बदले मिलेगा 35% विकसित भूखंड

रायपुर, 28 अक्टूबर 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण की नई टाऊन डेव्हल्पमेंट स्कीम (टीडीएस) में सभी भूस्वामियों को भूखंड दिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा. योजना में भूस्वामियों को उनकी कुल भूमि का 35 प्रतिशत विकसित भूखंड दिया जाएगा. इसके अलावा गरीबों के लिए 15 प्रतिशत तथा उद्यानों एवं खुले मैदानों के उपयोग के लिए 10 प्रतिशत भूमि सुरक्षित रखी जाएगी. आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने कल मंत्रालय स्थित कक्ष में प्राधिकरण की कमल विहार योजना के प्रारंभिक रुप से तैयार किए गए प्रारुप का अवलोकन के दौरान उक्त बातें कही.

प्राधिकरण की बोरियाखुर्द, टिकरापारा, देवपुरी, डुमरतराई, डूंडा क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित कमल विहार योजना के संबंध में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आवास एवं पर्यावरण मंत्री को पूरे प्रस्ताव की जानकारी दी. अधिकारियों ने अहमदाबाद अरबन डेव्लपमेंट अथारिटी के प्लॉटों को पुनर्गठन के संबंध में क्रियान्वित की जा रही योजना के संबंध में बताया कि अहमदाबाद में भूस्वामियों को उनकी भूमि का लगभग 50 प्रतिशत भूखंड वापस दिया जाता है किन्तु उसमें 50 प्रतिशत विकास शुल्क भी लिया जाता है. इसके अलावा गुजरात शासन टॉऊन प्लॉनिंग के नियमों के अनुसार गरीबों के लिए 5 प्रतिशत भूखंड तथा उद्यानों एवं खुले मैदानों के उपयोग के लिए 5 प्रतिशत भूखंड आरक्षित किया जाता है. जबकि छत्तीसगढ़ शासन के नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में गरीबों के लिए 15 प्रतिशत भूखंड तथा उद्यानों एवं खुले मैदानों के उपयोग के लिए 10 प्रतिशत भूखंड आरक्षित रखे जाने का प्रावधान है. इस प्रकार गुजरात के मुकाबले छत्तीसगढ़ के नियमों में गरीबों के लिए 10 प्रतिशत अधिक भूखंड तथा उद्यानों एवं खुले मैदानों के उपयोग के लिए 5 प्रतिशत अधिक भूमि आरक्षित किए जाने का प्रावधान है. इस आधार पर आंकलन कर प्राधिकरण ने कमल विहार योजना में कुल भूमि का 35 प्रतिशत विकसित भूखंड देने निर्णय लिया है. इस तरह योजना में सड़क, नाली, बिजली, पानी की सुविधा दी जाएगी तथा इसके लिए व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित भूमि के विक्रय से प्राप्त राशि से योजना का विकास किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि योजना का प्रारुप तैयार करने में सभी विषयों को ध्यान में रखा गया है. मास्टर प्लॉन के अनुसार चौड़ी सड़कों का प्रावधान किया गया है तथा योजना में होने वाले खर्च के साथ सभी विकल्पों व वित्तीय आंकलन के आधार पर एक बेहतर प्रस्ताव तैयार किया गया है.

प्राधिकरण के अधिकारियों ने बैठक में चर्चा के दौरान बताया कि पुराना धमतरी रोड से नए धमतरी रोड के बीच के क्षेत्र में बनने वाली कमल विहार योजना की प्रारंभिक आंकलन के अनुसार अनुमानित लागत लगभग 900 करोड रुपए आंकी गई है तथा यह योजना पांच सालों में पूर्ण रुप से विकसित हो जाएगी. कमल विहार योजना 15 सेक्टर में विभाजित की गई है. योजना में विकास एवं निर्माण कार्य एक साथ कई डेव्हलपर कंपनियों के माध्यम से कराया जाएगा. आवास मंत्री ने कमल विहार योजना के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त करते हुए शीघ्र ही इसे राजपत्र में प्रकाशन करने तथा नियमानुसार योजना क्षेत्र के भूस्वामियों को इसके प्रारुप से अवगत कराने को कहा. उन्होंने कहा कि भूस्वामियों से सुझाव व आपत्तियां भी आमंत्रित की जाए. उन्होंने कहा जनहित के लिए क्रियान्वित की जाने वाली पूरी योजना का विवरण जनता के समक्ष रखा जाना चाहिए. यदि इसमें कोई बेहतर सुझाव आते है तो उन्हे भी शामिल किया जाना चाहिए. श्री मूणत ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की मंशा है कि प्रदेश के नागरिक सुव्यवस्थित रुप से अच्छी कालोनियों में निवास करें. राजधानी के सुव्यवस्थित विकास से अवैध कालोनी पर रोक लगेगी तथा जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. आवास मंत्री ने आशा व्यक्त की कि टॉऊन डेव्हलेपमेंट योजना से समाज का हर वर्ग लाभान्वित होगा.

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अहमदाबाद व रायपुर की टॉऊन डेव्हल्पमेंट स्कीम का तुलनात्मक विवरण
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विवरण                      अहमदाबाद अरबन                                   रायपुर 
                                  डेव्हलपमेंट अथारिटी                         विकास प्राधिकरण 
                                                (प्रतिशत में)                          (प्रतिशत में)
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भूस्वामियों को दिए जाने                    50                                      35
वाला पुर्नगठित भूखंड
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गरीबों के लिए आरक्षित भूखंड               5                                     15
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उद्यानों एवं खुले मैदानों के 
के उपयोग के लिए आरक्षित भूखंड          5                                     10
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                  कुल                             60                                   60
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Oct 26, 2009

31 अक्टूबर तक ट्रांसपोर्टनगर में निर्माण शुरु नहीं करने पर भूखंड निरस्त होंगे

नक्शा, नल, विद्युत के लिए 28 - 29 को विशेष शिविर
रायपुर, 26 अक्टूबर 2009. रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर में 31 अक्टूबर तक दुकानों का निर्माण न करने वाले भूखंडधारियों के भूखंड निरस्त कर दिए जाएंगे. कलेक्टर रायपुर की अध्यक्षता में दो सप्ताह पूर्व हुई बैठक में भी ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को यह निर्देश दिया गया था कि वे 31अक्टूबर तक ट्रांसपोर्टनगर में आवंटित भूखंडों पर निर्माण शुरु कर दे अन्यथा भूखंडों का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा.प्राधिकरण व बीरगांव नगर पालिका द्वारा योजना में निर्माण,विद्युत व नल कनेक्शन व भारहीनता प्रमाणपत्र हेतु 28 व 29 अक्टूबर को विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है.
         प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार बिलासपुर मार्ग में ट्रकों के खड़े होने से शहर के आवागमन में काफी परेशानी हो रही है.इस संबंध में जनवरी से लगातार व्यवसायियों को डॉ.खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्ट नगर रावांभाठा में कारोबार स्थापित करने के लिए आग्रह किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि पूर्व में 57व्यवसायियों को भूखंड की प्रीमियम राशि अर्थात प्रब्याजि राशि जमा नहीं करने की सूचना देते हुए राशि जमा नहीं करने पर भूखंड निरस्त किए जाने की जानकारी दी गई थी. ऐसे सभी आवंटिती जिन्होंने सूचना मिलने के बाद भी पूर्ण राशि जमा नहीं की है उनके भूखंड निरस्त कर दिए गए है.
         श्री कटारिया ने कहा कि रावांभाठा में ट्रांसपोर्ट की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए व्यवसायियों को प्राधिकरण की ओर से पूरा सहयोग दिया जा रहा है.इसी क्रम में भवन निर्माण, नल कनेक्शन, विद्युत कनेक्शन व भारहीनता प्रमाणपत्र जारी करने हेतु नगर पालिका परिषद बीरगांव और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 28 व 29 अक्टूबर को विशेष शिविर अर्थात कैम्प कार्यालय का आयोजन किया गया है. दो दिवसीय विशेष शिविर प्रातः 11 बजे से 4 बजे तक रावांभाठा में नवनिर्मित बस स्टैन्ड परिसर में होगा. कैम्प कार्यालय में एनओसी व स्वीकृति दी जाएंगी. श्री कटारिया के अनुसार राजधानी की यातायात व्यवस्था सुचारु रुप संचालित होती रहे इसके लिए जरूरी है कि ट्रकों का संचालन ट्रांसपोर्टनगर से हो. उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 70 व्यवसायियों ने अपनी दुकानों का निर्माण किया है तथा कुछ ने वहां अपने कारोबार का संचालन शुरु कर दिया है. उल्लेखनीय है कि ट्रांसपोर्टनगर के 1337 भूखंडों में से 1115 भूंखड आवंटित किए जा चुके हैं. इनमें लगभग एक हजार आवंटितियों ने भूखंड की रजिस्ट्री कराई है जिनमें लगभग 700 आवंटितियों ने ही भवन निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल किया है.

Oct 23, 2009

एलपीजी शवदाह गृह का संचालन करेगा बढ़ते कदम

  • जनभागीदारी बढ़ाने आरडीए का निर्णय
  • बढ़ते कदम करेगा एलपीजी शवदाह गृह संचालन
रायपुर, 23 अक्टूबर 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण ने सामाजिक सेवा में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए शहर की गैर सरकारी संगठन बढ़ते कदम को मारवाड़ी श्‍मशान घाट स्थित एलपीजी शवदाह गृह के संचालन व रखरखाव की जिम्‍मेदारी दी है.प्राधिकरण संचालक मंडल की कल हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया.
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरुप प्राधिकरण ने जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है.उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए एलपीजी शवदाह गृह आज एक बेहतर विकल्प है तथा यह सामाजिक रीति रिवाजों के अनुकूल भी है.श्री बजाज ने कहा कि बढ़ते कदम संस्‍था ने एलपीजी शवदाह गृह में शवों के अंतिम संस्‍कार के लिए प्रेरित किया है. इस संस्था ने सामाजिक कार्यों के अन्तर्गत शव वाहन के रुप में स्वर्गरथ, एम्बुलेंस की सुविधा, शवों को सुरक्षित रखने के लिए कॉफिन फ्रिजर तथा देवेन्द्रनगर में मरचुरी की स्थापना का कार्य भी किया है.संस्था के कार्य को देखते हुए प्राधिकरण ने उन्हे मारवाड़ी श्मशानघाट में प्राधिकरण द्वारा विकसित एलपीजी शवदाह गृह के संचालन व रखरखाव की संपूर्ण जिम्मेदारी दी है.
       उल्लेखनीय है प्रदेश के पहले एलपीजी शवदाह गृह का गत वर्ष 01 अक्टूबर को लोकार्पण किया गया था. 25 लाख रुपए की लागत से बने गैसीय शवदाह गृह का निर्माण ठाणे महाराष्ट्र की कंपनी चिरंतन उद्योग ने किया है. यहां इंडियन ऑयल कंपनी शव दहन के लिए रियायती दरों पर सिलेन्डर उपलब्ध करा रही है.

कमल विहार योजना का प्रारुप तैयार

               रायपुर, 23 अक्टूबर 2009. शहर की नई टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के अन्तर्गत प्लॉटो के पुनर्गठन के संबंध में भूमि स्वामियों को उनकी भूमि के बदले में दिए जाने वाले विकसित भूखंड के क्षेत्रफल के संबंध में रायपुर विकास प्राधिकरण ने प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार कर लिया है. यह प्रस्‍ताव अब राज्‍य शासन को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा. उक्त निर्णय कल प्राधिकरण संचालक मंडल की बैठक में लिया गया. बैठक में देवेन्द्रनगर में बन रहे मल्टीप्लेक्स का नाम छत्तीसगढ़ सिटी सेन्टर किए जाने को भी मंजूरी दी गई. प्राधिकरण के अतिरिक्त निर्माण वाले भूखंडों के विक्रय के संबंध में अनुमति दिए जाने हेतु एक समिति बनाए जाने का निर्णय भी लिया गया जो इस संबंध में परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी. 
              टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के अन्तर्गत रायपुर विकास प्राधिकरण ने कमल विहार, डूण्डा की इन्टीग्रेटेड टॉऊनशिप योजना का पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया है.योजना में होने वाले खर्च के साथ पूरा वित्तीय आंकलन व योजना के व्यावहारिक होने का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा. शासन के अनुमोदन के उपरांत योजना का प्रारुप अर्थात ड्रॉफ्ट स्कीम का प्रकाशन किया जाएगा.प्रकाशन के बाद आम जनता इसका अवलोकन कर सकेगी तथा भू स्वामियों से आपत्तियां आमंत्रित की जाएगी. बैठक में जानकारी दी गई कि टॉऊन डेव्हलेपमेंट स्कीम के अन्तर्गत सेक्टर 2, 3 व 5 की योजना तैयार करने हेतु प्रस्ताव शासन को भेजा गया है. बैठक में प्राधिकरण के अध्‍यक्ष श्री एस.एस. बजाज, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी अमित कटारिया, नगर तथा ग्राम निवेश के संयुक्त संचालक द्वय श्री वी.पी. मालवीय व श्री के.पी. बाजपेयी तथा सहायक वन संरक्षक श्री विनोद मिश्रा उपस्थित थे.

Oct 3, 2009

किशोर कुमार सहगल का निधन

रायपुर, 03 अक्टूबर 2009, रायपुर विकास प्राधिकरण में कार्यरत श्री किशोर कुमार सहगल का आज सुबह रामकृष्ण अस्पताल रायपुर में निधन हो गया. 54वर्षीय श्री सहगल प्राधिकरण में 1981 से सहायक ग्रेड - 3 के पद पर कार्यरत थे. वे अपने पीछे एक पुत्र और पत्नी छोड़ गए है. दोपहर में उनका मारवाड़ी श्मशानघाट में दाह संस्कार किया गया.रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया,कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह सेंगर, सचिव अब्दुल आरिफ, प्राधिकरण अभियंता संघ के अध्यक्ष अनिल गुप्ता सचिव व सचिव के.के.अवस्थी ने श्री सहगल के निधन पर शोक व्यक्त किया है.