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Sep 27, 2015

इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में तीन पार्क विकसित होंगे

-    पाथवे निर्माण का भूमिपूजन -
रायपुर, 27 सितंबर 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण ने अपने इस वर्ष बजट के दौरान उद्यान विकास के लिए जो प्रस्ताव रखा था उसके परिपेक्ष्य में आज इन्द्रप्रस्थ रायपुरा के तीन उद्यानों में
पॉथवे निर्माण का भूमिपूजन किया गया. योजना में पहले से ही उद्यानों के लिए जगह छोड़ी गई थी जिसमें कुछ दिन पूर्व हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के दौरान विभिन्न प्रजाति के पौधों का रोपण भी किया गया था. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया और अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग और स्थानीय रहवासियों की उपस्थिति में भूमिपूजन कर पॉथवे निर्माण कार्य की शुरुआत की. इसके अन्तर्गत तीन उद्यानों में लोगों की सैर करने के लिए 2 मीटर चौड़े पॉथवे का निर्माण किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि रायपुर विकास प्राधिकरण के वर्ष 2015 -16 के बजट में नए उद्यान विकसित करने के लिए 25 लाख रुपए की राशि का प्रावधान किया था.  

इस अवसर पर इन्द्रप्रस्थ रायपुरा के रहवासियों ने पूरी योजना में साफ – सफाई, मवेशियों के सड़क पर घूमने तथा असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाने का आग्रह किया. इस पर सीईओ श्री कावरे ने आश्वस्त किया कि वे इस संबंध में नगर पालिक निगम रायपुर तथा पुलिस विभाग को क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पत्र लिख कर कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे. 



Sep 23, 2015

कमल विहार को दूसरी बार मिला राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार मिला

दिल्ली में मिला 'ऑर्डर ऑफ मेरिट अवार्ड'
रायपुर, 23 सितंबर  2015, रायपुर विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना कमल विहार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का " आर्डर ऑफ मेरिट अवार्ड " प्रदान किया गया है. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कल ऩई दिल्ली के इंडिया हैबीटॉट सेन्टर में पूर्व शहरी विकास सचिव श्री एम. रामचन्द्रन से यह अवार्ड प्राप्त किया. इस अवसर प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे, मुख्य अभियंता श्री जे. एस. भाटिया, सलाहकार श्री आनंद वोलेटी भी उपस्थित थे.


तेजी से विकसित हो रही कमल विहार योजना में जनता की सहभागिता, भूखंड के आवंटन के लिए तैयार किए गए पारदर्शी लॉटरी मैनेजमैंट सिस्टम, जलप्रदाय के लिए कम्प्यूटर आधारित प्रणाली से 24 घंटे पानी वितरण, कस्टमर रिलेशन मैनेजमैंट, गंदे पानी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में उपचारित कर उससे उद्यानों की सिंचाई और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पंपों को सौर्य उर्जा के माध्यम से संचालित करने की अवधारणा के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर " ऑर्डर ऑफ मेरिट का अवार्ड " प्रदान किया गया है.
प्राधिकरण के सीईओ श्री एम. डी. कावरे ने जानकारी दी कि नई दिल्ली की कोचर ग्रुप की कंसलटेंसी सर्विस लिमिटेड व्दारा आयोजित 41 वें सम्मिट ट्रांसफार्मेटिव्ह गव्हर्नेंस में पूरे देश भर से शहरी विकास की संस्थाओं से गवर्नेंस विषय विषय पर प्रविष्ठियां आमंत्रित की थी. जिसमें विभिन्न संस्थाओं से लगभग 1500 प्रविष्ठियां प्राप्त हुई थी. जिसमें से 350 संस्थाओं की पहले दौर में चुना गया. दूसरे दौर में 40 संस्थाओं का चयन कर विशेषज्ञों के समक्ष उनके उत्कृष्ट कार्यों की प्रस्तुति के लिए नई दिल्ली आमंत्रित किया गया था.
रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार नगर विकास योजना के लिए यह दूसरा अवसर है जब उसे राष्ट्रीय स्तर का यह दूसरा अवार्ड एक ही योजना के लिए मिला है. इसके पहले कमल विहार को नए और उन्नत श्रेणी की अवधारणा के लिए 22 फरवरी 2012 में नई दिल्ली में हडको डिजाईन अवार्ड प्राप्त हुआ था.
आर्डर ऑप मेरिट अवार्ड प्रदान करने वाली दिल्ली की संस्ता कंसलटेंसी सर्विस लिमिटेड 1997 से रणनीती एवं प्रबंधन के क्षेत्र में सार्वजनिक सथा शासकीय उपक्रमों, बैंकिग व वित्तीय सेवा व बीमा सेक्टर, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन , उर्जा, शिक्षा तथा सूचना एवं संचाल तकनीक के सेक्टर में काम कर रही है.

Sep 18, 2015

कमल विहार में बनेंगे पांच बस स्टॉप

अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने किया भूमि पूजन
रायपुर, 18 सितंबर 2015, कमल विहार से हो कर गुजरने वाली रिंग रोड में पांच बस शेल्टर बनाने के
लिए आज रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भूमि पूजन कर इसके निर्माण की शुरुआत की. सर्वसुविधायुक्त इस बस स्टॉप में विकलांगों के लिए बस में चढ़ने के लिए अलग से रैम्प बनाया जाएगा. 720 वर्गफुट में बनने वाले बस स्टॉप में तीन दुकानें, पुरुष व महिला शौचालय और बस यात्रियों के प्रतीक्षा करने और बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था होगी. पांच बस स्टॉप के निर्माण की कुल लागत 61.92 लाख रुपए आंकी गई है. इसके नि्र्माण क लिए तीन माह का समय दिया गया है. अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भूमि पूजन के अवसर पर उपस्थित इंजिनियरों से कहा कि वे कार्य की बेहतरीन गुणवत्ता बनाएं रखें, निर्माण कार्य की सुरक्षात्मक उपायों पर भी ध्यान दें तथा समय प्रबंधन करते हुए निर्धारित समय सीमा में निर्माण करें.

बस स्टॉप के भूमि पूजन के अवसर पर प्राधिकरण के सीईओ श्री एम.डी. कावरे, अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री जे. एस.भाटिया, कार्यपालन अभियंता श्री पी. एम. कोल्हे, सहायक अभियंती श्री अनिल गुप्ता, श्री के.पी. देवांगन, श्री एम.एस. पांडे भी उपस्थित थे.
कमल विहार में 1000 ने लिया कब्जा,13 करोड़ के प्लॉट भी बिके
रायपुर, 18 सितंबर 2015, कमल विहार योजना में ऐसे भूमि स्वामी जिन्होंने योजना में अपनी भूमि दे कर सहभागिता निभाई है उनमें से एक हजार से ज्यादा भूस्वामियों ने अपने विकसित भूखंड का लिया कब्जा ले लिया है. आज तक 1010 भूस्वामियों ने स्थल कार्यालय में उपस्थित हो कर अपने विकसित भूखंड का कब्जा ले लिया है. वहीं हर शुक्रवार को होने वाली लॉटरी तथा निविदा आवंटन में इस शुक्रवार को 12 करोड़ 93 लाख रुपए के आवासीय,शैक्षणिक तथा मल्टी स्टोरीड फ्लैट्स बनाने के लिए एक बड़े भूखंडों का समूह भी बिका. इसी प्रकार इन्द्रपस्थ रायपुरा योजना के फेज  2 में भी 72 लाख रुपए के प्लॉटों की बिक्री हुई.   


Sep 11, 2015

छत्तीसगढ़ की सबसे हॉट प्रापर्टी कमल विहार की सेल फिर बढ़ी

एक ही दिन में 15.75 करोड़ के प्लॉट बिके
प्रापर्टी लोन मेला में प्लॉटों की जानकारी लेने वालों की अच्छी प्रतिक्रिया
रायपुर 11 सितंबर 2015, छत्तीसगढ़ की सबसे हॉट प्रापर्टी कमल विहार अब लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनती जा रही है. आज रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना में 15.75 करोड़ रुपए के 4 बड़े व्यावसायिक सहित अन्य प्लॉटों की ब्रिकी हुई. जो अब तक हर सप्ताह होने वाली बिक्री की श्रृंखला की दूसरी सबसे बड़ी बिक्री थी. उधर प्राधिकरण कार्यालय परिसर में आयोजित प्रापर्टी लोन मेला में प्ल़ॉट व फ्लैट खरीदने वालों की भी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. यह प्रापर्टी मेला कल अंतिम दिन है. 
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कमल विहार के प्लॉटों की लगातार हो रही ब्रिक्री के संबंध में कहा कि इससे यह पता चलता है कि सभी वर्ग के लोगों ने कमल विहार योजना को खूब पसंद किया है और वे इस योजना में अपना घर और व्यवसाय भी करना चाहते हैं. श्री श्रीवास्तव ने कहा कि अब तो प्लॉट लेने वालों ने वहां अपना मकान बनाना भी शुरु कर दिया है. हाल ही में दो लोगों ने अपने भवन निर्माण का कार्य शुरु किया है इसके पहले वहां बनने वाला पहला मकान भी अब दो मंजिल तक बन चुका है. साथ ही कई लोग अब अपने मकान का नक्शा नगर पालिक निगम रायपुर से पास करवा रहें है ताकि वे शीघ्र ही निर्माण प्रारंभ कर सकें.
प्राधिकरण के सीईओ श्री एम.डी. कावरे ने बताया कि हर सप्ताह होने वाले विक्रय में इसके पहले 10 जुलाई 2015 को 25 करोड़ रुपए की अधिकतम बिक्री का रिकार्ड था. इसके बाद यह दूसरी सबसे बड़ी बिक्री है. जिसमें 15.75 करोड़ रुपए के प्लॉट का रिकार्ड विक्रय हुआ है. श्री कावरे ने बताया कि प्राधिकरण के पास कमल विहार में अब बड़े बड़े आकार के आवासीय भूखंडों सहित व्यावसायिक, सार्वजनिक अर्ध्द सार्वजनिक, शैक्षणिक व स्वास्थ्य प्रयोजन के भूखंड ही विक्रय के लिए उपलब्ध हैं. उन्होंने बताया कि इन्द्रप्रस्थ योजना जिसमें कमल विहार योजना जैसी ही अधोसंरचना विकसित की जा रही है वहां भी आवासीय, व्यावसायिक, मिश्रित व स्वास्थ्य प्रयोजन के भूखंड और 2बीएचके व 3बीएचके के फ्लैट्स विक्रय के लिए उपलब्ध हैं. इन्द्रप्रस्थ में हर सप्ताह गुरुवार को प्लॉटों का आवंटन किया जा रहा है.  

Sep 9, 2015

PROPERTY LOAN  MELA 

Organised by Raipura Development Authority at RDA Office, New Rajendra Nagar,RAIPUR (Chhattisgarh). Mela will be from 10, 11 & 12 September 2015 at Office Time.
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Sep 3, 2015

कमल विहार में पूर्व में की गई अवैध प्लॉटिंग में सड़क नाली उद्यान की भूमि नहीं, तो भूखंड देने पर होगा विचार


रायपुर 3 सितंबर 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि कमल विहार योजना में पूर्व में की गई अवैध प्लॉटिंग में जिन व्यक्तियों की भूमि सड़क, नाली या उद्यान में नहीं पाई जाती है तो उन्हें जांच के उपरांत विकसित भूखंड देने पर सकारात्मक रुप से विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों की भूमि सड़क, नाली या उद्यान की पाई जाएगी उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के साथ ही सड़क की भूमि पर विकसित भूखंड देने का दावा करने वाले लोगों की पहचान करने के लिए प्राधिकरण व्दारा सूची की पुनः जांच करवाई जा रही है. जांच में जिनकी भूमि सड़क, नाली व उद्यान में नहीं पाई जाएगी उनकों विकसित भूखंड देने पर विचार किया जाएगा.
दरअसल अवैध प्लॉटिंग वह है जो बिना कालोनाईजर लायसेंस के बनाई गई है तथा उसका मानचित्र कार्यालय नगर तथा ग्राम निवेश, रायपुर से अनुमोदित नहीं कराया गया है. हर प्लॉट के समक्ष सड़क होती है जो सार्वजनिक होती है उस पर कोई व्यक्ति न तो निर्माण कर सकता है और ना ही उस पर कोई घेरेबंदी कर सकता है. किन्तु कमल विहार में ऐसे ही अवैध प्लॉटिंग कर नागरिकों को अवैध रुप से प्लॉट बेचे गए हैं जिसमें ना तो नक्शा ही पास हो सकता था और ना ही इस पर बैंक से ऋण लिया जा सकता था.

श्री श्रीवास्तव ने आगे कहा कि अनिवार्य भूमि अधिग्रहण के बाद भी भूमिस्वामियों को विकसित भूखंड देना रायपुर विकास प्राधिकरण का जनहित में एक बड़ा निर्णय रहा है. प्राधिकरण संचालक मंडल के इस सद्भावना और परोपकारी निर्णय से सैकड़ों भूमिस्वामियों ने राहत की सांस ली है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जो प्राधिकरण व्दारा निर्धारित समय में अपनी भूमि के बदले विकसित भूखंड लेने की सहमति नहीं दे पाए थे और उनकी भूमि का अनिवार्य भूमि अर्जन तहत उन्हें मुआवजा (अवार्ड) पारित किया जा चुका है, यदि ऐसे भूमि स्वामी कमल विहार में विकसित भूखंड लेना चाहते हैं तो उनके मामलों में भूखंड की उपलब्धता के आधार पर भूखंड देने पर प्राधिकरण व्दारा सदभावनापूर्वक विचार किया जा रहा है. 

Sep 1, 2015

हिन्द स्पोर्टिंग मैदान को स्टेडियम बनाने आरडीए अध्यक्ष का स्थल निरीक्षण

रायपुर 2 सितंबर 2015, हिन्द स्पोर्टिंग मैदान लाखेनगर में स्टेडियम निर्माण के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने आज एसोसियेशन के पदाधिकारियों के साथ लाखेनगर मैदान का निरीक्षण किया. एसोसियेशन व्दारा गत दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह को स्टेडियम निर्माण के लिए एक ज्ञापन सौंपा था. इस पर मुख्यमंत्री ने आरडीए अध्यक्ष को स्टेडियम निर्माण के लिए विचार करने का निर्देश पर प्राधिकरण के अध्यक्ष ने सीईओ श्री एम.डी.कावरे, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया के साथ मैदान का अवलोकन किया.
 हिन्द स्पोर्टिंग एसोसियेशन के उपाध्यक्ष श्री आशीष दीवान ने आरडीए अध्यक्ष को बताया कि कि स्टेडियम निर्माण के लिए एसोसियेशन को राज्य शासन से भूमि प्राप्त हो चुकी है. एसोसियेशन व्दारा पूरा प्रोजेक्ट, ड्रॉईंग व डिजाईन सहित तैयार कर लिया है. स्टेडियम निर्माण के प्रस्ताव को पूर्व में रायपुर विकास प्राधिकरण ने आवास एवं पर्यावरण विभाग को भेजा है जो आगे खेल विभाग को स्वीकृति के लिए भेजा गया है.
श्री दीवान ने आरडीए के अध्यक्ष को बताया कि स्टेडियम का निर्माण नहीं हो पाने की कारण उक्त मैदान का लगातार कई वर्षों से दुरुपयोग हो रहा है. स्थानीय लोगों व्दारा शौचालय एवं भवन निर्माण की सामग्री रखी जा रही है. ऐसी स्थिति में खिलाडी मैदान का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं. अतएव रायपुर विकास प्राधिकरण व राज्य़ शासन एक सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम निर्माण की पहल करे. इस अवसर पर प्राधिकरण अधिकारियों सहित संघ के कार्यालय सचिव श्री नीलोत्पल शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

Aug 28, 2015

ट्रांसपोर्ट नगर को बेहतर बनाने बनाएं समितियां – श्री संजय श्रीवास्तव

ट्रांसपोर्टनगर को राजधानी के अनुरुप व्यवस्थित रखने आरडीए अध्यक्ष का दौरा
       रायपुर 28 अगस्त 2015, छत्तीगढ़ के सबसे बड़े ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा में साफ सफाई, पानी की नियमित आपूर्ति, सड़क नाली की मरम्मत, व्यवस्थित पार्किंग और सुरक्षा को बेहतर बनाए रखने के लिए वहां के व्यवसायी समितियों का गठन करेंगे. यह सुझाव प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने आज स्थल निरीक्षण के दौरान व्यवसायियों से चर्चा के दिया. उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर को राजधानी के अनुरुप बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है किन्तु व्यवसायियों को इस बात पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है.
 ट्रासंपोर्ट व्यवसायियों की समिति रायपुर विकास प्राधिकरण, बीरगांव नगर पालिका और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अधिकारियों के संपर्क में रह कर समस्याओं का निराकरण करेगी. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने आज सीईओ श्री एम. डी. कावरे, मुख्य अभियंता जे.एस. भाटिया, बीरगांव नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री एच. के. हल्दकार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यपालन अभियंता श्री संजीव ब्रिजपुरिया, वार्ड के पार्षद श्री शंकर साहू के साथ डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा के ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया.

 ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों में छत्तीसगढ़ ट्रक मालिक संघ के पदाधिकारी श्री शेषनाथ तिवारी और उत्तम कुमार दुबे ने आरडीए अध्यक्ष को बताया कि कई सड़कों पर गढ़डे हो गए हैं. नालियां और पूरा क्षेत्र साफ सफाई के अभाव में काफी गंदा हो गया है. पानी की आपूर्ति भी पर्याप्त नहीं हो रही है. क्षेत्र में खमतराई थाने की चौकी होने के बावजूद भी चोरियां हो रही हैं. ट्रकों की पार्किंग भी पार्किंग स्थल पर न हो कर सड़कों पर हो रही है. सड़कों पर स्पीड ब्रेकर की आवश्यकता है. आरडीए अध्यक्ष श्री श्रीवास्तव ने कहा चूंकि ट्रांसपोर्टनगर काफी बड़ा है इसलिए व्यवसायियों पूरे क्षेत्र को अलग - अलग सेक्टर मानकर तीन चार समितियां बना ले और फिर सभी की एक समन्वित समिति बनाएं. ताकि उनकी हर स्तर की समस्याओं पर ध्यान दिया जा सके. चर्चा के दौरान श्री श्रीवास्तव ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि वे 31 अगस्त दोपहर 3 बजे व्यवसायियों के साथ मिल कर स्थल का मुआयना करें. और ट्रांसपोर्टनगर को बेहतर बनाने के लिए किए जाने वाले कार्य की रणनीति बना कर प्रस्तुत करें. 



Aug 27, 2015

वाजपेयी के सपनों को हकीकत में बदलेगा स्मार्ट सिटीज मिशन – संजय श्रीवास्तव

भविष्य के छत्तीसगढ़ की 3 स्मार्ट सिटीज रायपुर, बिलासपुर और नया रायपुर
रायपुर 27 अगस्त 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि रायपुर शहर को देश के 98 शहरों के स्मार्ट सिटीज मिशन में शामिल कर केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के निर्माता अटल विहारी वाजपेयी के सपनों को हकीकत में बदलने का एक ठोस कदम उठाया हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी विकास की समझ रखने वाले ऐसे क्रांतिकारी है जिसका देश को दशकों से इंतजार था. उनकी विकास  दूरदृष्टि अपने आप में अदभुत है.
आरडीए के अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री एम. वेंकैया नायडू भी बधाई के पात्र है उन्होंने इस मिशन पर काफी तेजी के साथ काम किया. रायपुर को स्मार्ट सिटीज मिशन में शामिल करने से यहां पर्याप्त पानी की आपूर्ति, निश्चित विद्युत आपूर्ति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता, कुशल शहरी गतिशीलता और सार्वजनिक, परिवहन, किफायती आवास, सुदृढ़ आई टी कनेक्टिविटी और डिजटलीकरण, सुशासन, विशेष रूप से ई-गवर्नेंस और नागरिक भागीदारी, टिकाऊ पर्यावरण, नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा, विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों की सुरक्षा, और स्वास्थ्य और शिक्षा की दिशा में काम होगा. उन्होंने कहा राज्यों के पास सीमित संसाधनों और विशेषज्ञता की कमी होने के कारण शहरों का बेहतर और समन्वित विकास नहीं हो पाया है. अब स्मार्ट सिटीज मिशन के माध्यम से केन्द्र सरकार व्दारा विशेषज्ञता और हर शहर को स्मार्ट बनाने के लिए भी राशि उपलब्ध होगी.  
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि 14वीं सदी में बना रायपुर पुरानी बसाहट के कारण यहां आधुनिक संरचना का अभाव है जो स्मार्ट सिटीज मिशन से आधुनिक स्वरुप में बदलेगा. श्री संजय श्रीवास्तव ने आगे कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ में अब तीन स्मार्ट सिटीज होंगी. रायपुर बिलासपुर और नया रायपुर. उन्होंने कहा कि आज नया रायपुर तो डॉ. रमन सिंह की विकासात्मक सोच के कारण देश विदेश में भी जाना जा रहा है. कहीं न कहीं नया रायपुर का विकास भी स्मार्ट सिटीज मिशन के लिए प्रेरक रहा है. श्री श्रीवास्तव ने कहा कि स्मार्ट सिटीज मिशन का उद्देश्य ऐसे शहरों को बढ़ावा देने का है जो मूल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएं और अपने नागरिकों को एक सभ्य गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान करे. यह एक स्वच्छ और टिकाऊ पर्यावरण एवं 'स्मार्ट' समाधानों के प्रयोग का मौका भी देगा. सबसे बड़ी बात यह है कि स्मार्ट सिटीज मिशन शहरों को उनकी सबसे अहम जरूरतों एवं जीवन में सुधार करने के लिए सबसे बड़े अवसरों को उपलब्ध कराएगा. जिससे सुनहरे बदलाव की कल्पना साकार होगी. 

Aug 26, 2015

प्रापर्टी खरीदने बैंकों से ऋण की सुविधा उपलब्ध कराएगा आरडीए

10, 11 व 12 सिंतबर को आरडीए में होगा प्रापर्टी लोन मेला
रायपुर 26 अगस्त 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण अब नागरिकों को अपनी विक्रय योग्य संपत्तियों खरीदने के लिए ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बैंकों का सहयोग ले रहा है. इस संबंध में प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने आज विभिन्न बैंकों एवं वित्तीय के अधिकारियों को कार्यालय आमंत्रित कर उन्हें प्राधिकरण व्दारा आगामी 10 से 12 सिंतबर 2015 तक कार्यालय परिसर में आयोजित होने वाले प्राप्रर्टी लोन मेला की जानकारी दी.
श्री कावरे ने इस अवसर पर बैंकों को कमल विहार योजना के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि कमल विहार योजना के क्रियान्वयन में कहीं कोई रोक नहीं लगाई गई है. कमल विहार में विकास और निर्माण का कार्य तीव्र गति से चल रहा है और यहां जिन भूस्वामियों को विकसित भूखंड दिए गए हैं या जिन लोगों ने वहां प्राधिकरण से अपने आवास, व्यवसाय इत्यादि के लिए प्लॉट लिए हैं उन्हें किसी भी प्रकार से कोई आशंका करने की या डरने की कोई आवश्यक्ता नहीं है. बैक के अधिकारियों को बताया गया कि टॉऊन एंड कंट्री प्लॉनिंग व्दारा अनुमोदित प्राधिकरण की इन्द्रप्रस्थ योजना में भी आवासीय, व्यावसायिक, मिश्रित व स्वास्थ्य प्रयोजन के भूखंड आवंटन के लिए उपलब्ध हैं, वे इसके लिए भी ऋण की सुविधा अपने ग्राहकों को दे सकते हैं.
इस बैठक में सेन्ट्रल बैंक, कैनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआई बैंक, ऐक्सिस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया,अपेक्स बैंक, इंडसईंड बैंक, विजया बैंक, कैन फिन होम लिमिटेड, एलआईसी हॉऊसिंग फॉयनेंस लिमिटेड, सेन्ट बैंक होम फायनेंस लिमिटेड के अधिकारी उपस्थित थे.  

Aug 25, 2015

ट्रांसपोर्टनगर में नोटिस के बाद धड़ाधड़ निर्माण

रायपुर 25 अगस्त 2015, रावांभाठा ट्रांसपोर्ट नगर में जिन लोगों ने प्लॉट लेने के बाद से अपनी दुकानों, वर्कशॉप इत्यादि का निर्माण कार्य़ शुरु नहीं किया था रायपुर विकास प्राधिकरण की लगातार नोटिस मिलने और अधिकारियों के स्थल निरीक्षण के बाद अब अधिकांश लोगों ने तेजी से निर्माण करना शुरु कर दिया है.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे और मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया ने पिछले कुछ समय से लगातार स्थल निरीक्षण कर आवंटितों को भूखंड पर निर्माण करने के लिए प्रोत्साहित किया है. प्राधिकरण ने गत 16 अप्रैल को कई साल पहले से आवंटित प्लॉटों पर निर्माण नहीं करने वाले 26 आवंटितियों के भूखंडों का आवंटन निरस्त कर दिया था. प्राधिकरण व्दारा आवंटितियों के साथ किए गए पट्टा निष्पादन की कंडिका 4 में इस बात का उल्लेख है कि यदि आवंटिति निर्धारित अवधि में निर्माण कार्य नहीं करता है तो उसका पट्टा निरस्त कर दिया जाएगा.  इसके बाद इसमें से 22 लोगों ने नोटिस मिलने के बाद से निर्माण शुरु किया है. इसी दौरान प्राधिकरण ने ऐसे और 58 आवंटितियों की पहचान कर निर्माण कार्य करने के लिए नोटिस दिया था जिस पर सभी आवंटितियों ने निर्माण कार्य शुरु कर दिया है.
डॉ. खूबचंद बघेल ट्रॉंसपोर्टनगर में 29 आवंटिति ऐसे पाए गए थे जिन्होंने प्लॉट पर आधा - अधूरा निर्माण कर रखा था. इन लोगों में से किसी ने सिर्फ नींव तक, तो किसी ने लिंटल लेवल तक, तो किसी ने छत की ऊंचाई तक दीवारें खड़ी कर निर्माण अधूरा छोड़ रखा था. ऐसे सभी लोगों ने भी अब नोटिस मिलने के बाद से प्लॉट पर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है. प्राधिकरण के सीईओ श्री कावरे ने अनुसार यह कार्रवाई इसीलिए की जा रही है ताकि बिलासपुर मार्ग और रिंग रोड पर खड़े रहने वाले बड़े और छोटे माल वाहक ट्रांसपोर्ट नगर से ही अपना व्यवसाय संचालित करे. यहां ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के लिए पार्किंग सहित अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध है.
10 लाख से अधिक राशि के बकायादारों की सूची का सार्वजनिक प्रकाशन होगा
रायपुर, 25 अगस्त 2015, प्राधिकरण के सीईओ श्री कावरे ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में वसूली की स्थिति की समीक्षा की. समीक्षा में सहायाक राजस्व अधिकारी ने जानकारी दी कि प्राधिकरण को कुल 17.78 करोड़ रुपए की वसूली करना है. इस हेतु बड़े बकायादारों के नामों की एक अलग सूची तैयार की जाए तथा ऐसे बकायादारो की सूची का समाचार पत्रों में नाम प्रकाशित कर सूचना दी जाए ताकि राशि की वसूली हो सके.

Aug 24, 2015

कमल विहार को 'स्कॉच ऑडर ऑफ मेरिट' अवार्ड

रायपुर 24 अगस्त 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना कमल विहार को नई दिल्ली में आज देश के सर्वश्रेष्ठ 40 नगर पालिक निगमों के प्रोजेक्ट के अंतर्गत स्कॉच ऑडर ऑफ मेरिट  अवार्ड देने की घोषणा की गई है.
प्राधिकरण को यह अवार्ड देश भर के 300 से भी ज्यादा नगर निगमों के प्रोजेक्टों की प्रस्तुतिकरण के आधार पर मिला है. इस अवार्ड के साथ ही कमल विहार 22 एवं 23 सितंबर 2015 को अंतिम 10 सर्वश्रेष्ठ नगर निगमों को मिलने वाले स्कॉच स्मार्ट गवर्नेंस अवार्ड 2015 की दौड़ में शामिल हो गया है. 
नई दिल्ली की रणनीतिक और प्रबंधन सलाहकार कंपनी स्कॉच कंसलटेंसी सर्विस लिमिटेड की सीईओ डॉ. गुरशरन धनंजल ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री एम.डी. कावरे को भेजे गए एक ईमेल संदेश में स्कॉच ऑडर ऑफ मेरिट” देने की सूचना दी. 1997 से कार्यरत रणनीति एवं प्रबंधन के क्षेत्र में स्कॉच कंसलटेंसी सर्विस लिमिटेड सार्वजनिक तथा शासकीय उपक्रमों, बैंकिंग व वित्तीय सेवा व बीमा सेक्टर, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन, उर्जा, शिक्षा तथा सूचना एवं संचार तकनीक के सेक्टर में काम करने वाली संस्था है.
अब आगामी 22 एवं 23 सितंबर को नई दिल्ली के हैबीटॉट सेन्टर में देश - विदेश से आए लगभग 500 प्रतिनिधियों के समझ प्रतिभागियों की योजनाओं के संबंध में प्रस्तुति एवं चर्चा के उपरांत उनको मिले वोटों के आधार पर स्कॉच स्मार्ट गवर्नेंस अवार्ड 2015 की घोषणा की जाएगी.
कमल विहार देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक है जो जनभागीदारी के साथ 1600 एकड़ में विकसित की जा रही है. इसके विकसित होने से अवैध रुप से हो रही प्लॉटिंग से प्रभावित लोगों को काफी राहत मिली है. कमल विहार के योजना क्षेत्र में आने वाले 90 प्रतिशत भूमि स्वामियों ने योजना में स्वयं को शामिल करने के लिए अपनी लिखित सहमति दी है. योजना में कुल4969 भूमि स्वामी जिन्हें अब विकसित भूखंड दिए जा रहे हैं. योजना में अब तक 800 भूस्वामियों ने  अपने विकसित भूखंड का कब्जा ले लिया है. योजना में अब तक 85 प्रतिशत विकास और निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है. इसके अतिरिक्त प्राधिकरण के विकास कार्यों के व्यय राशि के लिए 1195 भूखंडों में से लगभग 700 भूखंडों का विक्रय किया जा चुका है. जिससे 300 करोड़ रुपए राशि किस्तों में प्राप्त होगी. जिसमें से 150 करोड़ रुपए प्राधिकरण को प्राप्त हो चुकी हैं. जबकि योजना में आवासीय के अतिरिक्तव्यावसायिक,सार्वजनिक तथा अर्धसार्वजनिकस्वास्थ्य तथा शैक्षणिक भूखंड भी उपलब्ध कराए गए हैं.

Aug 23, 2015

स्कूल ऑफ प्लॉनिंग एंड ऑर्किटेक्चर नई दिल्ली के छात्रों का कमल विहार स्टडी टूर


रायपुर 23 अगस्त 2015, स्कूल ऑफ प्लॉनिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली के बैचलर ऑफ प्लानिंग के 32 छात्र – छात्राओं ने आज अपने स्टडी टूर के अंतर्गत कमल विहार क्षेत्र का दौरा कर इसकी योजना और इसकी लैंडपूलिंग प्रणाली को समझा. 
संस्था की एसोसियेट प्रोफेसर डॉ. पूनम प्रकाश के साथ आए इस अध्ययन दल पहले स्थल कार्यालय गया. वहां रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने कमल विहार योजना के संबंध में योजना की अलग – अलग स्तर पर प्लॉनिंग, भूमि अर्जन, भूस्वामियों के साथ जनभागीदारी, निर्माण कार्य, भूखंडों के विक्रय और उसकी मार्केटिंग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. इसके बाद छात्र – छात्राओं के विभिन्न सवालों तथा जिज्ञासाओं का समाधान किया गया. कल इन छात्रों को प्राधिकरण कार्यालय में योजना के सलाहकार बिल्टक्रॉफ्ट व्दारा योजना की अवधारणा के संबंध में पावर पांइट प्रस्तुति के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी जाएगी.
                                             

Aug 20, 2015

कमल विहार के विकास और निर्माण पर कोई रोक नहीं

- निवेशकों को डरने की आवश्यक्ता नहीं - 

रायपुर 20 अगस्त 2015रायपुर विकास प्राधिकरण ने कहा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने कमल विहार योजना के विकास और निर्माण कार्यो में किसी प्रकार की कोई रोक नहीं लगाई है. माननीय न्यायालय ने 13 अपीलकर्ताओं की 30 एकड़ भूमि को कमल विहार में से पृथक करने की अपील को मान्य किया है. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने कहा कि प्राधिकरण हमेशा की तरह माननीय न्यायालय के निर्णय का पूरी तरह से सम्मान और पालन करेगा. निवेशकों को इससे डरने की आवश्यक्ता नहीं. 

श्री कावरे के अनुसार कमल विहार के निवेशकों को इससे डरने की आवश्यक्ता नहीं है. उन्होंने कहा कि कमल विहार योजना ‘‘लैंड पूलिंग‘‘ का एक बेहतरीन उदाहरण है. केन्द्र शासन ने भी कमल विहार की लैंड पूलिंग की तरह नगर विकास योजना बनाने के निर्देशसभी राज्यों को दिए हैं. उल्लेखनीय है कि कमल विहार देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक है जो जनभागीदारी के साथ 1600 एकड़ में विकसित की जा रही है. इसके विकसित होने से अवैध रुप से हो रही प्लॉटिंग से प्रभावित लोगों को काफी राहत मिली है. कमल विहार के योजना क्षेत्र में आने वाले 90 प्रतिशत भूमि स्वामियों ने योजना में स्वयं को शामिल करने  के लिए अपनी लिखित सहमति दी है. योजना में कुल 4969 भूमि स्वामी जिन्हें अब विकसित भूखंड दिए जा रहे हैं. योजना में आज तक 748 लोगों ने अपने विकसित भूखंड का कब्जा ले लिया है. योजना में अब तक 85 प्रतिशत विकास और निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है. इसके अतिरिक्त प्राधिकरण के विकास कार्यों के व्यय राशि के लिए 1195 भूखंडों में से लगभग 700 भूखंडों का विक्रय किया जा चुका है. जिससे 300 करोड़ रुपए राशि किस्तों में प्राप्त होगी. जिसमें से 150 करोड़ रुपए प्राधिकरण को प्राप्त हो चुके हैं. जबकि  योजना में आवासीय के अतिरिक्त, व्यावसायिक, सार्वजनिक तथा अर्धसार्वजनिक, स्वास्थ्य तथा शैक्षणिक भूखंड भी उपलब्ध कराए गए हैं. योजना में बुनियादी सुविधाओं के लिए अधोसंरचना भी विश्व स्तर की है. यह योजना इतनी लोकप्रिय हुई है कि छत्तीसगढ़ के कई निवासी जो विदेशों में काम कर रहे हैं उन्होंने भी इसमें अपने और अपने परिवारों के लिए भूखंड लिए हैं. छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित कई अन्य बड़े नगरों के लोगों ने भी यहां भूखंड खरीदे हैं.
कमल विहार को नए और उन्नत नगरों की अभिनव योजना की ईको सिटी श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर हडको डिजाईन अवार्ड 2012  13 भी प्राप्त हुआ है. योजना की लोकप्रियता के चलते इसका अध्ययन करने के लिए की कई संस्थाओं ने इसका दौरा किया. योजना में भूमि अर्जन की लैंड पूलिंग पालिसी का अध्ययन करने के लिए भारत सरकार नई दिल्ली से नगर तथा ग्राम निवेश संगठन, दिल्ली विकास प्राधिकरण, आंध्रप्रदेश की नई राजधानी बनाने वाली टीम और अफगानिस्तान में न्यू काबुल सिटी विकसित करने वाले योजनाकारों के दल ने भी यहां भ्रमण किया  

Aug 18, 2015

डॉ कलाम के मन में युवाओं के लिए एक जज्बा था – डॉ. रमन सिंह

कमल विहार योजना को धऱातल में लाने का श्रेय़ श्री राजेश मूणत को
ऑक्सीजोन में जनप्रतिनिधियों, समाजिक व अन्य संघठनों ने लगाए औषधीय पौधे


रायपुर 18 अगस्त 2015मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी. जे. अब्दुल कलाम हमेशा से ही अपने कर्तव्य के लिए सचेत रहें. उन्होंने अपनी अंतिम सांस तक युवा पीढ़ी की चिंता की. डॉ. कलाम के मन में युवा पीढ़ी के लिए एक जज्बा था. अपने जीवन के अंतिम शब्द तक वे हजारों युवाओं को आधुनिक भारत के निर्माण की उनकी कल्पना से अवगत करा रहे थे. यह बातें प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कमल विहार में पौधरोपण के अवसर आयोजित कार्यक्रम में कही. उन्होंने कहा कि आज डॉ. कलाम के नाम पर कमल विहार में एक ऑक्सीजोन की शुरुआत की जा रही है इसके लिए आरडीए के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव बधाई के पात्र हैं.
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना की पहचान देश ही नही वरन विदेशों में हो रही है. मुख्यमंत्री ने कमल विहार योजना को धऱातल में लाने का श्रेय़ आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत को देते हुए उन्होंने कहा कि यह उनकी सोच और परिश्रम का कारण संभव हुआ है. डॉ. सिंह ने कहा कि जब कोई व्यक्ति वृक्ष लगाता है तो वह  उससे हमेशा के लिए जुड़ जाता है. यहां जो लोग वृक्ष लगाएंगे वे कमल विहार से भी जुड जाएंगे. उन्होंने कहा प्रदेश भर में हरिहर छत्तीसगढ़ के लिए जो 10 करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य रखा गया है वह लक्ष्य पूरा होते तक जारी रहेगा. इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि रायपुर विकास प्राधिकरण ने पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के लिए ऑक्सीजोन में वृक्षारोपण की जो शुरुआत की है वह प्रशंसनीय है.
रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने अपने स्वागत भाषण में कहा मुख्यमंत्री जी ने हो हरिहर छत्तीसगढ़ की शुरुआत की है. उसमें प्राधिकरण भी सशक्त भूमिका निभाएगा. ऑक्जीजोन को डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नाम पर करने के कारणों को जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज जिस शख्स के नाम से यह ऑक्सीजोन विकसित किए जाने की शुरुआत हो रही है. उस शख्स का कहना था कि इससे पहले की सपने सच हों, आपको सपने देखने होंगे . उनकी यह बात पूरी तरह से सही है कि डॉ. रमन सिंह जी ने देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक कमल विहार का सपना देखा, चार साल पहले उसके विकास कार्य की नींव रखी और आज देखिए वह सपना कैसे सच हो गया है. डॉ. कलाम हमेशा से देश के युवाओं और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के बारे में बातें करते थे. वे युवाओं को कहते थे कि सफलता से ज्यादा असफलता की कहानियां पढ़ो उनसे आपको सफल होने के विचार मिलेंगे . उनकी यह बात बताती है कि वे कितने अनुभवी और दूरदर्शी थे. इसलिए उनके विचारों को भविष्य की पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए इस ऑक्सीजोन को डॉ.कलाम के नाम से समर्पित कर रहे हैं. आरडीए के अध्यक्ष श्री श्रीवास्तव ने आगे कहा कि आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने विकास के जिन कार्यों को आगे बढ़ाया हम उन कार्यों को और आगे बढ़ाएंगे. कार्यक्रम के अंत में प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने उपस्थितजनों का धन्यवाद ज्ञापित किया.

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री सहित अतिथियों और आगंतुकों ने ऑक्सीजोन के विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों का रोपण किया. जनप्रतिनिधियों के साथ कई समाज और संगठन के लोगों ने भी ऑक्सीजोन में पौधे लगाए. इस कार्यक्रम में आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत, वन, विधि और विधायी कार्य मंत्री श्री महेश गागड़ा, पूर्व सांसद श्री गोपाल व्यास, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पद्मश्री महादेव पांडे, श्री बृजलाल शर्मा और पन्नालाल पडंया, मुख्य सचिव श्री विवेक ढॉंड, आवास एवं पर्यावरण सचिव श्री संजय शुक्ला,विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, विधायक श्री श्रीचंद सुन्दरानी, श्री रसिक परमार, श्री छगन मूंदडा, श्रीमती सरला जैन, श्यामा चक्रवर्ती और पूर्व विधायक श्री नंदे साहू, शासकीय स्कूल बोरियाखुर्द, कृष्णा पब्लिक स्कूल, जे. आर. दानी कन्या शाला और जे.एन. पांडे स्कूल के छात्र - छात्रों सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे.   


Aug 16, 2015

कमल विहार में डॉ. कलाम के नाम पर बनेगा ऑक्सीजोन

आंगतुक व्यक्ति मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ लगाएंगे एक पौधा  
रायपुर 16 अगस्त 2015कमल विहार योजना में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को समर्पित ऑक्सीजोन में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पौधरोपण करेंगें. यह कार्यक्रम 18 अगस्त को सुबह 10.30 बजे आयोजित हैं. रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने बताया कि कमल विहार के सेक्टर 3 में बोरिया तालाब के पीछे 5 एकड़ क्षेत्र में में लगभग पांच हजार पौधे लगाए जाएंगे. इस हेतु सभी वर्ग, समाज और युवाओं को आमंत्रित किया जा रहा है ताकि वे अपने मुख्यमंत्री के साथ ऑक्सीजोन में एक पौधा भी लगाएँ 
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के अनुसार पांच एकड़ में औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा. जिनमें नीम, करंज, जामुन, पीपल, अर्जुन, हर्रा, बहेड़ा, आंवला, सीसू, पेल्टाफार्म जैसे पौधों का रोपण किया जाएगा. ऑक्सीजोन विकसित करने का कार्य छत्तीसगढ़ शासन की विशेषज्ञ संस्था छत्तीगढ़ राज्य वन विकास निगम को सौंपा गया है. ऑक्सीजोन बेहतर रुप से विकसित हो इसके लिए वन विकास निगम तीन साल तक इसका रखरखाव करेगा. ऑक्सीजोन जल्दी से विकसित हो सके इसके लिए यहां 3 से 4 फुट व 12 से 15 फुट तक के पौधे रोपित किए जाएंगे.

श्री कावरे ने आगे बताया कि ऑक्सीजोन में ऐसे औषधीय पौधे व वृक्ष होते हैं जो अधिक मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ते हैं. ऑक्सीजोन वाले क्षेत्र में हजारों की संख्या में पौधे लगाए जाते हैं. औषधीय गुणों से भरपूर वृक्ष वायु को शुध्द करते हैं तथा वह आसपास के वातावरण में आक्सीजन की मात्रा को बढ़ा देते हैं. इससे वहां रहने वालों को शुध्द ऑक्सीजन मिलती है और उनका स्वास्थ काफी अच्छा रहता है. आक्सीजन देने वाले वृक्षों में पीपल एक ऐसा दैवीय वृक्ष है जो दिन के अतिरिक्त रात में भी आक्सीजन देता है. 
हमारी आजादी हमारा गौरव - श्री संजय श्रीवास्तव
रायपुर 16 अगस्त 2015, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कार्यालय प्रांगण में तिरंगा झंडा फहराया. इस अवसर पर उन्होंने आजादी के दौरान वीर शहीदों को याद करते हुए कहा कि आजादी के बाद हमें जो अभिव्यक्ति मिली हैं वहा हमारे लिए गौरव की बात है. उन्होंने कहा कि रायपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से हम सबको जनता की सेवा करने का मौका मिला है ऐसी सेवा का अवसर मिलना हमारे लिए एक ईश्वरी वरदान है. हम सबको रायपुर शहर के विकास की दिशा में नियमित रुप से बेहतर कार्य करना है.

            प्राधिकरण के सीईओ श्री एम. डी. कावरे ने इस मौके पर अधिकारियों और कर्मचारियों का आव्हान किया कि वे आज इस बात का संकल्प लें कि प्राधिकरण आने वाले सभी हितग्राहियों की शिकायतों पर वे नियमित रुप से ध्यान देंगें.
उन्होंने यह भी कहा कि प्राधिकरण की सभी कॉलोनियों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक एक समितियों का निर्माण वहां अनिवार्य रुप से कर लिया जाए. इस अवसर पर प्राधिकरण के अतिरिक्त सीईओ श्री यू. एस. अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग सहित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे.