Search This Blog

Apr 28, 2015

रहते शिलांग में प्लॉट खरीदा कमल विहार में

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की छबि देख कर रायपुर में लिया प्लॉट
                           छत्तीसगढ़ पहले कभी नहीं देखा
रायपुर 28 अप्रैल 2015, भारत के उत्तर पूर्व में स्थित राज्य मेघालय की राजधानी है शिलांग. यहां दूरसंचार विभाग में काम करने वाले इंजीनियर असित घोष छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से काफी प्रभावित हैं. इसीलिए उन्होंने राजधानी रायपुर के कमल विहार में अपने लिए एक प्लॉट खरीदा है. रिटायरमेंट के बाद वे अपने परिवार के साथ ही रायपुर में ही रहना चाहते हैं. क्योंकि उन्हें
छत्तीसगढ़ और यहां के लोग काफी अच्छे लगे. यही नहीं वे अपने एक मित्र जो उनके सीनियर भी रहे हैं को तीन बार की लगातार कोशिशों के बाद कमल विहार में एक प्लॉट दिलवाने में सफल रहे हैं. ताजुब्ब की बात यह है कि इन दोनों ने इसके पहले छत्तीसगढ़ का नाम भर सुना था पर वे यहां कभी आए नहीं थे.  बिलासपुर में रहने वाले एक मित्र ने उन्हें रायपुर में अपने लिए एक बिल्डर से मकान खरीदने की बात बताते हुए सुझाव दिया था कि यदि वे रहने के लिए कोई प्रापर्टी खरीदना चाहते हैं तो रायपुर में ही लें. यहां प्लॉट या मकान खरीदना एक खरा सौदा है.  
श्री घोष के सीनियर रहे श्री अंतिश सेनगुप्ता बीएसएनएल में डिविजनल इंजीनियर थे, वे अब रिटायर हो चुके हैं पर दोनों की अच्छी मित्रता है. शिलांग में रह कर रायपुर जैसे एक अनजान शहर मे उन्होंने प्रापर्टी क्यों ली. इस पर असित कहते हैं कि मैं अकसर पत्र पत्रिकाओं और टेलीविजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को देखता और सुनता था. मैने यह महसूस किया कि वे छत्तीसगढ़ में काफी अच्छा काम कर रहें हैं और अपने राज्य विकास का काफी काम कर रहे हैं. तभी से मैंने यहां प्लॉट लेने का मन बना लिया था. इस कारण मुझे छत्तीसगढ़ को और जानने की इच्छा हुई. मेरे बिलासपुर वाले मित्र से भी अक्सर बातें होती रहती थी. सो उनके कहने पर मैंने और अंतिश जी ने यह निर्णय लिया कि हम रायपुर में ही अपने लिए प्लॉट लेंगे ताकि रिटायरमेंट के बाद यहां सुकून से रह सकें. वे कहते हैं कि शिलांग आदिवासीवासी बहुल क्षेत्र है और वहां छठी अनुसूची लागू होने के कारण संपत्ति खरीदना काफी मुश्किल है. शिलांग शहर के लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में ही सामान्य व्यक्ति संपत्ति खरीद सकता है पर वहां जमीन की खरीदी – बिक्री बहुत कम होती है. आदिवासी क्षेत्र होने के कारण सामान्य वर्ग वहां भूमि नहीं खरीद सकता. बंगाल में चार भाईयों के नाम पर उनके परिवार का एक बड़ा प्लॉट है लेकिन कोई उनके प्लॉट पर कब्जा न कर बैठे यही डर हमेशा लगता रहता है. चूंकि छत्तीसगढ़ और यहां के लोग काफी अच्छे लगे इसलिए मैंने यहां अपने मित्र के साथ अपने लिए  कमल विहार में एक प्लॉट खरीदा.

दो महीने पहले फोन पर व्हॉट्स अप के माध्यम से जब इन्हें आरडीए के अधिकारियों ने कमल विहार के प्लॉटों की जानकारी भेजी तो दोनों ने एक साथ मिल कर कमल विहार में प्लॉट लेने की सोची और  शिलांग से ही अपना आवेदन रायपुर विकास प्राधिकरण को भेजा. चूंकि प्लॉट का आवंटन लॉटरी से हो रहा था. इसमें असित घोष की लॉटरी तो निकल गई पर अंतिश सेनगुप्ता रह गए उनको कोई प्लॉट नहीं मिला. श्री सेनगुप्ता ने दूसरी और तीसरी बार फिर अपनी किस्मत आजमाई पर इस बार भी वे असफल रहे. इस दौरान वे लगातार प्राधिकरण की वेबसाईट, फेसबुक और अधिकारियों के संपर्क में रहे. लगातार धोखा देती किस्मत के बाद आखिर में दोनों ने यह फैसला किया कि वे स्वयं रायपुर जाकर देखेंगे की लॉटरी कैसे की जा रही है. अप्रैल के पहले सप्ताह में वे दोनों लाटरी के दो दिन पहले रायपुर पहुंचे. पहले उन्होंने कमल विहार देखा और दूसरे दिन नया रायपुर. तीसरे दिन शुक्रवार को वे रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय आए. लेकिन वो जिस आकार का प्लॉट लेना चाहते थे वह उपलब्ध नहीं थे. चूंकि वे इस बार प्लॉट लेने के दृढ़ इरादे से आए थे सो उन्होंने आवासीय प्लॉट के बदले सार्वजनिक - अर्ध्द सार्वजनिक उपयोग का प्लॉट लेने का फैसला किया. जिसमें वे नीचे बैंक, कार्यालय या होटल और ऊपर निवास बना सकते थे. सो उन्होंने टेन्डर भरा और इस बार किस्मत ने उनका पूरा साथ दिया और उनको 1500 वर्गफुट का उनकी पसंद का प्लॉट मिल गया. प्लॉट मिलने के बाद उन्होंने बताया कि हमारी जब अधिकारियों से बात होती थी तो ऐसा लगता ही नहीं था कि हमारी किसी सरकारी संस्था के लोगों से बात हो रही है. सबका व्यवहार इतना अच्छा है कि हमें तो शक हो गया था कि शायद हम किसी निजी संस्था वालों से तो बात कर नहीं कर रहे हैं. यहां आकर हमे वाकई अच्छा लगा की किसी सरकारी संस्था के लोग भी इस तरह से अच्छा व्यवहार कर सकते हैं.

Apr 27, 2015

कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में प्लॉटों को हो सकेगा एकीकरण

कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ - रायपुरा के लिए राज्य शासन के निर्देश  
सर्विस रोड स्थित भूखंड पर सर्विस लेन की चौड़ाई के आधार पर छोड़ना होगा आफसेट
विकसित भूखंड का नहीं अब मूल भूमि का ही एफएआर मिलेगा

      रायपुर, 27 जुलाई 2015, आवास एवं पर्यावरण विभाग छत्तीसगढ़ शासन व्दारा 23 अप्रैल को एक निर्देश जारी कर कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा तथा विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र रायपुरा में आवंटित भूखंडों को संयुक्तिकरण करने, योजना की सर्विस लेन पर स्थित भूखंडों को मुख्य सड़क की चौड़ाई के बजाय सर्विस लेन की चौड़ाई के आधार पर आफसेट छोड़ने तथा योजना के मूल भूमि के एफएआर के आधार पर ही आवंटित भूखंड को एफएआर देने का निर्देश जारी किया है. रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री महादेव कावरे के अनुसार राज्य शासन के इस निर्देश से योजना के भूखंडधारियों को पहले से ज्यादा क्षेत्र में निर्माण का लाभ तो मिलेगा ही साथ ही इससे नागरिक प्राधिकरण की योजनाओं में भूखंड लेने के लिए भी आकर्षित होंगे.
आवास एवं पर्यावरण विभाग के जारी नए निर्देश के अनुसार रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं में आवंटित किए जा रहे सभी भूखंडों पर भवन निर्माण के लिए दिए जाने वाले भवन निर्माण अनुज्ञा के लिए कुर्सी क्षेत्र अर्थात फ्लोर एरिया रेशो अब आवंटित भूखंड के आधार पर नहीं वरन मूल भूमि के रकबे आधार पर दिया जाएगा. इस पर निर्माण क्षेत्र का अनुपात भूखंड के क्षेत्रफल के आधार पर ही होगा. इसका सीधा लाभ अब भूखंडधारियों को मिलेगा.
यदि राज्य शासन के इस निर्देश को कमल विहार के संदर्भ में समझने की कोशिश करें तो यदि किसी को आवंटित भूखंड का कुर्सी क्षेत्र अर्थात एफएआर (फ्लोर एरिया रेशो) 1.25 है तो उस पर नियमतः कुल 1250 वर्गफुट पर निर्माण किया जा सकता है. नए निर्देश के अनुसार यदि उसकी मूल भूमि का एफएआर 1.50 है तो भूखंड स्वामी 1.50 एफएआर के आधार पर भूखंड पर 1500 वर्गफुट क्षेत्र में निर्माण कर सकेगा. उल्लेखनीय है कि इसके लिए भूखंड स्वामी को भवन का मानचित्र तैयार कर नगर पालिक निगम रायपुर से भवन निर्माण अनुज्ञा प्राप्त करना होगा.
राज्य शासन के निर्देश में प्राधिकरण की कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा योजना में जिन मुख्य सड़कों पर सर्विस मार्गों का निर्माण किया गया है उनमें भवन निर्माण के लिए मुख्य सड़कों की चौड़ाई के आधार पर ऑफसेट नहीं छोड़ना पड़ेगा वरन अब सर्विस मार्ग की चौड़ाई के आधार पर ही ऑफसेट छोड़ना होगा, जो अनिवार्य रुप से कम से कम 3 मीटर होना चाहिए. इस निर्देश के पहले भूखंडधारियों को मुख्य व ज्यादा चौड़े मार्ग के आधार पर ज्यादा ऑफसेट छोड़ना पड रहा था जो अब तुलनात्मक रुप से कम कर दिया गया है.  

आवास एवं पर्यावरण विभाग ने कमल विहार और इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना में आवंटित पुनर्गठित विकसित भूखंडों के एकीककरण अर्थात संयुक्तिकरण के लिए अभिन्यास में संशोधन की आवश्यक्ता को भी समाप्त कर दिया है. इससे उन व्यक्तियों, फर्मो और एक ही परिवार के सदस्यों को एक बड़ी राहत मिलेगी जो अपने भूखंड को एक मान कर उस पर भवन का निर्माण करना चाहते हैं. इस आदेश के बाद अब एक से अधिक आवंटित पुनर्गठित भूखंडों का संयुक्तिकरण कर भवन का मानचित्र स्वीकृत कराया जा सकेगा. इसके लिए अलग से योजना के अभिन्यास में संशोधन की आवश्यकता नहीं पडेगी.  

Apr 24, 2015

आरडीए के राजस्व अधिकारी श्री भट्टाचार्य भारमुक्त

रायपुर, 24 अप्रैल 2015, प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे रायपुर विकास प्राधिकरण के राजस्व अधिकारी (तहसीलदार) श्री पुलक भट्टाचार्य को आज भारमुक्त कर दिया गया. राज्य शासन के आदेश के अनुसार उनका स्थानांतरण जिला दुर्ग में किया गया है. प्राधिकरण कार्यालय में आज अध्यक्ष श्री
एस. एस. बजाज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने प्रतीक चिन्ह दे कर उनकी सेवाओं का सम्मान किया. इस अवसर पर अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री जे. एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी. आर. नारंग सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.

Apr 23, 2015

इन्द्रपस्थ – रायपुरा में आवासीय प्लॉट 1705 रुपए प्रति वर्गफुट में बिका

ऑफसेट दर से 225 रुपए ऊपर तक भरा गया टेन्डर   
रायपुर, 22 अप्रैल 2015, कमल विहार की तर्ज पर विकसित हो रहे इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेज 2 के आवासीय भूखंडों को आज लोगों ने हाथों हाथ लिया. रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में हुई निविदा में आवासीय भूखंड निर्धारित ऑफसेट दर से 225 रुपए ऊपर की दर पर बिका. आवासीय
भूखंडों की निर्धारित ऑफसेट दर 1480 रुपए के मुकाबले निविदा में अधिकतम दर 1705 रुपए तथा न्यूनतम दर 1501 रुपए प्रति वर्गफुट रही. आवासीय में 30 भूखंडों में से 13 भूखंडों की निविदाएं प्राप्त हुई. जिसका आकार 786 से 4079 वर्गफुट तक था. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे के अनुसार निविदा में आई दरों के औसत के आधार पर अब इस योजना में आवासीय भूखंडों की दरें निर्धारित की जाएंगी उसके बाद बाकी भूखंडों को लॉटरी के माध्यम से आवंटित किया जाएगा. जबकि अन्य श्रेणी के भूखंडों को निविदाओं के माध्यम से विक्रय किए जाने का नियम हैं फलस्वरुप इसे निविदाओं के माध्यम से ही विक्रय किया जाएगा.

इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा में आज आवास सह व्यावसायिक मिश्रित दस भूखंडों में से चार भूखंडों के लिए निविदाएं डाली गई. इसकी निर्धारित ऑफसेट दर 2072 रूपए थी जिसमें अधिकतम दर 2116 रुपए रही जो ऑफसेट दर से 44 रुपए अधिक रही. इस श्रेणी में 1536 से 4410 वर्गफुट तक के भूखंड उपलब्ध थे. शैक्षणिक में एक ही भूखंड 26,350 वर्गफुट का था जिसके लिए आई निविदा की दर 375 रुपए प्रति वर्गफुट रही जबकि इसका ऑफसेट रेट 370 रुपए का था.
श्री कावरे ने किया इंद्रप्रस्थ – रायपुरा स्थल निरीक्षण
 इससे पहले आज सुबह आरडीए के सीईओ श्री कावरे ने इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा फेज 2 का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को कहा
कि वे योजना के अर्न्तगत आने वाली संरचानाओं को शीघ्र ही मुआवजा दे कर उसे तोडने की कार्रवाई करें. उन्होंने इंजीनियर्स से कार्य की गुणवत्ता तथा समय सीमा का ध्यान रख कर काम करने को कहा. योजना के प्रवेश व्दार के पास बन रहे एक शॉपिंग सेन्टर व्दारा एकत्रित की गई मिट्टी को भी उन्होंने नोटिस दे कर हटाने का निर्देश अधिकारियों दिया.

Apr 21, 2015

आरडीए ने न्यू राजेन्द्रनगर के उद्यान में बन रहे धार्मिक स्थल को हटाया

रायपुर, 21 अप्रैल 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज न्यू राजेन्द्रनगर के जनता मकानों के सामने स्थित उद्यान में कब्जा कर धार्मिक स्थल के लिए किए जा रहे निर्माण को हटा दिया गया. लगभग डेढ़ सौ वर्गफुट में हो रहे निर्माण को आज दोपहर जेसीबी मशीन से हटाया गया. प्राधिकरण प्रशासन के अनुसार नियम विरूध्द ऐसे किसी भी निर्माण से स्थानीय निवासियों को सतर्क रहना चाहिए तथा यदि कोई इस प्रकार बिना अनुमति के निर्माण करता है तो ऐसे लोगों की जानकारी प्राधिकरण को दी जाए ताकि यथा समय कार्रवाई की जा सके.


Apr 15, 2015

कमल विहार के 1500 भूस्वामियों को मिले विकसित भूखंड


रायपुर, 15 अप्रैल 2015, कमल विहार योजना में लगभग 15 सौ भूमि स्वामियों को रायपुर विकास प्राधिकरण ने विकसित भूखंड दे दिया गया है. विकसित भूखंड देने की यह प्रक्रिया इन दिनों लगातार जारी है. रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के निर्देश पर राजस्व शाखा ने एक बार फिर से विशेष अभियान शुरु कर योजना में शामिल हुए भूस्वामियों के साथ निश्चयात्मक अनुबंध कर रहा है. यह वे भूमि स्वामी है जिन्होंने कमल विहार
योजना में शामिल होने के लिए अपनी अविकसित भूमि देने की सहमति प्रदान की थी.
श्री कावरे के अनुसार जिन भूमि स्वामियों को विकसित भूखंड दिए गए है वे स्थल पर जा कर अपना भूखंड योजना के इंजीनियर्स की मदद से देख सकते हैं तथा नगर पालिक निगम रायपुर से उसका मानचित्र स्वीकृत करवा कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर सकते हैं.  प्राधिकरण की राजस्व शाखा के अधिकारी इन दिनों कमल विहार के मूल भूमि स्वामियों को टेलीफोन पर सूचना दे कर उन्हें कार्यालय आमंत्रित कर रहे हैं और उनके दिए गए विकसित भूखंडों की रजिस्ट्री करवा रहे हैं. उल्लेखनीय है कमल विहार में कुल भूमि स्वामियों की संख्या 4969 और भूखंडों की संख्या 7787 हैं. लगभग 1085 करोड़ रुपए की लागत वाली कमल विहार योजना के विकास कार्यों के व्यय के लिए प्राधिकरण के पास 1195 भूखंड हैं जिनका विक्रय भी साथ ही साथ किया जा रहा है. इनमें आवासीय के अतिरिक्त व्यावसायिक, शैक्षणिक, सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक तथा स्वास्थ्य प्रयोजनों के भूखंडों का हर शुक्रवार को आवंटन किया जा रहा है.  

Apr 9, 2015

कमल विहार का पहला सम्पवेल अगले माह बन कर होगा तैयार

कमल विहार के निरीक्षण के दौरान ही आरडीए के सीईओ श्री एम. डी. कावरे ने सेक्टर दो में निर्माणाधीन पानी के एक सम्पवेल का भी निरीक्षण किया. उन्होंने ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कमल विहार में निर्माण कार्य करने वाले आवंटितियों को पानी की सुविधा जल्द से जल्द देना है इसके लिए मई के अंत तक उक्त कार्य पूरा कर लें. मुख्य अभियंता श्री जे. एस. भाटिया ने इस दौरान जानकारी दी कि पूरे कमल विहार में जल वितरण के लिए पांच भूमिगत सम्पवेल का निर्माण किया जा रहा है. 




कमल विहार के रास्ते से हो कर विमान तल जाएंगे राष्ट्रपति

रायपुर, 9 अप्रैल 2015, भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी 17 अप्रैल को भारतीय प्रबंधन संस्थान सेजबहार के दीक्षांत समारोह के बाद लौटते समय रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार की रिंग रोड से होकर माना विमानतल जाएंगे. जिला प्रशासन के निर्देश पर आज रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने कमल विहार में निर्मित रिंग रोड का मुख्य अभियंता के साथ स्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने योजना के इंजीनियर्स को निर्देश दिया कि वे पूरी सड़क को साफ सुथरा रखें, रिंग रोड मुख्य लेन व निर्धारित स्थानों व टर्निंग स्थल पर ट्रैफिक सिग्नल बोर्ड्स लगाएं तथा पूरे मार्ग तथा उसके आसपास किसी भी प्रकार से मिट्टी या पत्थर का संग्रहण न करने दें. उन्होंने निर्देश दिया कि साढ़े तीन किलोमीटर के इस मार्ग में सड़क निर्माण की पूरी तरह से तकनीकि जांच कर लें यदि किसी स्थान पर सड़क खराब हो या खराब होने की कोई आशंका हो तो उसका तत्परता के साथ सुधार कार्य कर लिया जाए. इसके लिए उन्होंने योजना के वरिष्ठ इंजीनियर्स को लगातार कमल विहार योजना में रह कर कार्य कराने का निर्देश दिया.

Mar 31, 2015

कमल विहार के व्यावसायिक भूखंड अब 25% और 36 किश्तों में

मूल भूस्वामियों को छोटे के बदले बड़े प्लॉट लेने का अवसर
9 और एजेंटो की नियुक्ति
रायपुर, 30 मार्च 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण संचालक मंडल ने इस बार की बजट बैठक के दौरान कई अन्य प्रस्तावों पर विचार कर हितग्राहियों व आवंटितियों को कई नई सुविधाएं दी हैं. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के अनुसार कमल विहार के व्यावसायिक भूखंडों का कब्जा अब मात्र 25% की राशि देने पर दे दिया जाएगा ताकि उस पर भवन निर्माण का कार्य तेजी से हो सके और तथा शेष भुगतान 36 समान मासिक किश्तों में करने की भी सुविधा दी जाएगी. कमल विहार में भवन निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए भूखंडधारियों को पानी के टैंकर की सुविधा, योजना में शामिल भूस्वामी जिन्हें भूमि के बदले विकसित भूखंड दिए गए हैं उन्हें अब अपने छोटे भूखंडों के बदले 2750 वर्गफुट से बड़े प्लॉट लेने की भी सुविधा मिलेगी. कमल विहार में आवेदन कर भूखंड नहीं लेने पर राशि राजसात करने की बदले अब पंजीयन राशि में मात्र 20% राशि की कटौती होगी. इसके अलावा प्राधिकरण की अन्य योजनाओं की संपत्ति विक्रय के लिए 9 और विक्रय अभिकर्ताओं की नियुक्ति तथा डुमरतराई में रीजनल व सिटी बस स्तर के बस टर्मिनल का निर्माण के प्रस्ताव का अनुमोदन संचालक मंडल व्दारा किया गया है.      
व्यावसायिक भूखंडों का कब्जा अब मात्र 25 प्रतिशत राशि में, भुगतान 36 माह में
      कमल विहार योजना में व्यावसायिक भूखंडों को विकसित करने के लिए अब 36 माह की किश्तों में निविदा के आधार पर दी जाएगी. निविदा के साथ ही आवेदक 10 प्रतिशत की राशि जमा करेगा. निविदा स्वीकृति के बाद निविदादाता को एक माह भीतर 15 प्रतिशत राशि जमा करना होगा. इस प्रकार उसे भूखंड का कब्जा लेने के पहले मात्र 25 प्रतिशत राशि ही प्राधिकरण को देनी होगी. भूखंड कब्जा लेने के बाद भूखंडधारी नियमानुसार भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ कर सकेगा. इसके बाद शेष 75 प्रतिशत राशि निविदाता को 36 माह की मासिक किश्तों में जमा करने की सुविधा मिलेगी. पूरी राशि जमा करने के बाद ही ऐसे आवेदकों के भूखंडों की रजिस्ट्री की जाएगी.
निर्माण के लिए कमल विहार में टैंकर से मिलेगा पानी
कमल विहार योजना में कुछ दिन पहले एक भूखंडधारी आशीष भट्टाचार्य ने सेक्टर एक में अपने मकान का निर्माण प्रारंभ किया है. चूंकि प्राधिकरण लगातार कई भूखंड स्वामियों की रजिस्ट्री कर उन्हें भूखंड का कब्जा सौंप रहा है. ऐसे में भवन का निर्माण करने वाले भूखंडधारियों को सहूलियत देने और निर्माण कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए प्राधिकरण ने टैंकर के माध्यम से पानी देने का निर्णय लिया है. इसके लिए प्राधिकरण के पानी के टैंकर योजना में ही निर्मित सम्पवेल से दस पैसे प्रति लीटर की दर से जल की आपूर्ति करेगा. प्राधिकरण इस हेतु साढ़े चार हजार लीटर के टैंकर उपलब्ध कराएगा, जिसके लिए आवंटिती को 450 रुपए का भुगतान करना होगा.   
योजना के मूल भूस्वामी छोटे भूखंड दे कर ले सकेंगे बडे भूखंड
कमल विहार में जिन भूस्वामियों को उनकी मूल भूमि के बदले अर्थात विनिमय में छोटे भूखंड मिले हैं वे अब 2750 वर्गफुट से बड़े आकार के भूखंड प्राधिकरण को अन्तर की राशि व अन्य देय प्रभार का भुगतान कर फ्रीहोल्ड में दूसरा भूखंड ले सकेंगे. संचालक मंडल ने इस प्रस्ताव को भी बैठक में स्वीकृति दी किन्तु ऐसे भूखंडों के संबंध में प्राधिकरण को विज्ञापन जारी कर आवेदन पत्र आमंत्रित करना होगा. 
पंजीयन राशि राजसात नहीं, मात्र 20% की कटौती
प्राधिकरण की कमल विहार योजना में भूखंड आवंटन के संबंध में पूर्व यह शर्त थी कि यदि आवेदक को लाटरी से आवंटन होता है और वह उस आवंटन को स्वीकार नहीं करता है तो ऐसी स्थिति में पूरी पंजीयन राशि राजसात हो जाएगी. संचालक मंडल ने अब इसमें आवेदकों को राहत देते हुए यह निर्णय लिया है कि लाटरी से भूखंड का आवंटन होने बाद किन्तु प्रथम किश्त देय होने के पहले यदि आवंटिती व्दारा जमा पंजीयन राशि वापस करने की मांग की जाती है तो पंजीयन राशि में 20 प्रतिशत राशि की कटौती कर शेष राशि बिना किसी ब्याज के आवेदक को वापस कर दी जाए. 
डुमरतराई में रीजनल व सिटी बस का टर्मिनल
रायपुर से जगदलपुर मुख्य मार्ग पर यातायात की सुगमता और सुविधा के लिए ग्राम डुमरतराई के 5 एकड़ भूमि पर बस टर्मिनल बनाने की सहमति प्राधिकरण संचालक मंडल ने देते हुए इसका प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया है. लगभग 14.51 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाले बस टर्मिनल में रीजनल स्तर की 8 बसों के लिए, सिटी स्तर की 3 बसों के लिए, रात में 5 रीजनल बसों और 3 सिटी स्तर की बसों के लिए पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध होगी. बस टर्मिनल परिसर के 30 हजार वर्गफुट क्षेत्र में दुकानों, रेस्टॉरेंट व अन्य मूलभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा. डुमरतराई की प्रस्तावित यह भूमि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की है जिस पर बस टर्मिनल का निर्माण रायपुर विकास प्राधिकरण करेगा और बाद में इसे संचालन के लिए नगर पालिक निगम रायपुर को सौंप दिया जाएगा. इस हेतु तीनों निकायों के बीच एक त्रिपक्षीय अनुबंध होना प्रस्तावित है.
संपति विक्रय करने के लिए अब 14 एजेंट
प्राधिकरण में नियुक्त विक्रय अभिकर्ता अब कमल विहार के अतिरिक्त इन्द्रप्रस्थ फेज – 02 तथा रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर के भूखंड, भक्त माताकर्मा व्यवासायिक परिसर की दुकानें और कुशाभाऊ ठाकरे आवास योजना के फ्लैट्स भी विक्रय कर सकेंगे. पूर्व में प्राधिकरण ने कमल विहार योजना के ऐसे अविक्रित भूखंडों के लिए जो 3 बार विज्ञापन के बाद भी विक्रय नहीं हो पाए थे ऐसे भूखंडों के लिए 5 विक्रय अभिकर्ताओं मजिन्दर सिंह भामरा, भोजराज साहू, शशांक सिंह, चन्द्रकांत बावरिया और राजेश गिदवानी की नियुक्ति की थी. प्राधिकरण व्दारा इसके बाद पुनः विज्ञापन के माध्यम से और 9 और विक्रय अभिकर्ताओं की नियुक्ति की है जिसे संचालक मंडल ने अपनी स्वीकृति प्रदान की. इन विक्रय अभिकर्ताओं में अमित गुप्ता, आशीष कुमार सोनी, दीपक डागा, निर्मल कुमार जैन, सुशांत पोलाई, महेन्द्र कुमार जैन, रामनारायण मिश्रा, सुरेश कुकरेजा और सुरेश केशवानी शामिल हैं. इस प्रकार प्राधिकरण की संपत्तियों का विक्रय करने के लिए अब 14 एजेंटों की नियुक्ति हो चुकी है.
दो साल में भवन निर्माण नहीं तो पट्टा निरस्त

रायपुर विकास प्राधिकरण की विभिन्न पुरानी योजनाओं में जिन आवंटितियों ने दिए गए निर्धारित समय में भवनों का निर्माण नहीं किया है उनके पट्टे निरस्त कर उस पर पुर्नप्रवेश कर भूखंड का कब्जा वापस ले लिया जाएगा. प्राधिकरण संचालक मंडल की बैठक में कल यह निर्णय लिया गया. आरडीए ने अपनी विभिन्न पुरानी योजनाओं में 30 वर्षीय पट्टे में भूखंडों का आवंटन किया है. आवंटन के समय हुई रजिस्ट्री में इस बात का उल्लेख था कि आवंटिती एक वर्ष में भवन अनुज्ञा प्राप्त करेगा तथा दो वर्षों में भवन का निर्माण कर लेगा किन्तु आवंटितियों ने भूखंड पर कोई निर्माण नहीं कर उसे खाली रखा है. ऐसे आवंटितियों को आरडीए ने भवन निर्माण नहीं करने के लिए कारण बताओं सूचना जारी की है. इसके बावजूद भी आवंटितियों ने आज तक भवन का निर्माण नहीं किया है. संचालक मंडल का यह निर्णय छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश विकसित, भूमियों, गृहों भवनों तथा अन्य संरचनाओं का व्ययन नियम 1975 के नियम 38 व 51 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार लिया गया है.

Mar 30, 2015

आरडीए के बजट में कई नई योजनाएं

---------------------- बजट 2014 - 15 ---------------------
खारुन नदी तट विकास, मास्टर प्लॉन की एम.आर. रोड, ट्रांसपोर्ट नगर, बस टर्मिनल,
 एक नया उद्यान, ईएसी कॉलोनी का पुनर्निर्माण और नगर विकास योजना - 05

रायपुर, 30 मार्च 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण के वर्ष 2015 -16 के बजट में कई नई योजनाएं लाई गई है. कुछ योजनाएं बड़ी हैं तो कुछ छोटी. इसमें खारुन नदी तट विकास, ईएसी

कॉलोनी का पुर्ननिर्माण, शहर में विभिन्न क्षेत्रों में मास्टर प्लॉन के अनुसार प्रस्तावित एम. आर. रोड का निर्माण, टाटीबंध में ट्रांसपोर्ट नगर का विकास, डुमरतराई एवं महासमुन्द रोड पर बस टर्मिनल का निर्माण, रायपुर शहर में एक नया उद्यान और कमल विहार की तर्ज पर नगर विकास योजना क्रमांक 05 शामिल है. प्राधिकरण का वर्ष 2015
– 16 का कुल बजट 6 अरब 40 करोड़ 49 लाख 61 हजार का है. आरडीए के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज की उपस्थिति में आज मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने संचालक मंडल के सचिव के रुप में बजट प्रस्ताव रखा. जिसे आज संचालक मंडल ने सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान दी.
      बजट :- रायपुर विकास प्राधिकरण का इस वर्ष का बजट प्रारंभिक अवशेष के साथ 6 अरब 40 करोड़ 49 लाख 61 हजार का है. जिसमें 6 अरब 23 करोड़ 58 लाख 61 हजार की आवक तथा 5 अरब 98 करोड़ 23 लाख 49 हजार की जावक का अनुमान किया गया है. प्रारंभिक शेष के रुप में 16 करोड़ 90 लाख 72 हजार तथा अनुमानित अंतिम शेष की राशि 42 करोड़ 26 लाख 12 हजार रुपए का अनुमान लगाया गया है. वित्त वर्ष 2014 – 15 के लिए 2 अरब 16 करोड़ 55 लाख 41 हजार की आवक तथा 2 अरब 19 करोड़ 66 लाख 85 हजार रुपए का जावक पुनर्रीक्षित बजट प्रस्तुत किया गया.
जावक :- बजट में प्राधिकरण की विभिन्न विकास एवं निर्माण योजनाओं में 3 अरब 20 करोड़ 99 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे जो कुल बजट का 51.47 प्रतिशत होता है. कमल विहार ऋण की अदायगी हेतु 1 अरब 75 करोड़ रुपए प्रस्तावित है जो कि कुल बजट का 28.06 प्रतिशत होत है. प्राधिकरण के स्टॉफ के वेतन भत्ते आदि के भुगतान हेतु कुल बजट की 2.22 प्रतिशत राशि तथा कार्यालयीन व प्रशासनिक व्यय हेतु 3.60 प्रतिशत राशि का प्रावधान रखा गया है.
आवक :- आवक में अधिकांश हिस्सा भूखंडों व भवनों के विक्रय की प्रब्याजि से प्राप्त होगी. इससे प्राधिकरण को लगभग 3 अरब 63 करोड़ 67 लाख 85 हजार रुपए मिलेंगे जो कि कुल बजट का 58.32 प्रतिशत होता है. प्रस्तावित ऋण के रुप में प्राधिकरण को लगभग 1 अरब 62 करोड़ 25 लाख रुपए मिलेंगे जो कुल बजट का 26 प्रतिशत है. विविध आय एवं प्राप्तियों में लगभग 49 करोड़ 28 लाख रुपए मिलेंगे जो बजट का 7.90 प्रतिशत है. शासन से अनुदान के रुप 5.75 करोड़ रुपए जो कि 0.92 प्रतिशत है, भूभाटक से 15.038 करोड़ रुपए मिलेंगे जो 2.4 प्रतिशत तथा भूखंडों के फ्रीहोल्ड से होने वाली आवक रुपए 4.88 करोड़ होगी जो बजट का 0.78 प्रतिशत होता है.
प्रस्तावित नई योजनाएं :- वर्ष 2015 – 16 के बजट में नई योजनाओं में खारुन नदी तट विकास योजना है. योजना के अन्तर्गत खारुन नदी के तट के दोनों ओर तट का विकास और नौका विहार, सायकल ट्रैक, आमोद – प्रमोद के लिए पार्क, व्यावसायिक, आवासीय व कार्यालय हेतु योजना तैयार की जाएगी. इस हेतु राज्य शासन के निर्देश पर बजट में 550 लाख रुपए रखे गए हैं. जिलाधीश कार्यालय के पीछे ईएसी कालोनी हेतु 18.89 एकड़ क्षेत्र में आवासीय, व्यावसायिक और डेढ़ हजार दर्शक क्षमता वाले ऑडिटोरियम के निर्माण हेतु प्रस्तावित कर उसके लिए 220 लाख रुपए रखे गए हैं. शहर के यातायात के दबाव के कम करने के लिए डुमरतराई व महासमुन्द रोड पर बस टर्मिनल बनाने के लिए 50 लाख रुपए बजट में रखे गए हैं. जिसमें सलाहकार की नियुक्ति, भूमि अधिग्रहण व निर्माण कार्य शामिल हैं. नगर विकास योजना क्रमांक – 05 हेतु एक करोड़ रुपए का प्रावधान है. रायपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में एम. आर. रोड के निर्माण कार्य हेतु 5 करोड़, टाटीबंध में ट्रांसपोर्ट नगर के विकास हेतु एक करोड़ रुपए तथा रायपुर शहर में एक उद्यान हेतु 25 लाख रुपए का प्रावधान बजट में रखा गया है.  
वर्तमान योजनाएं :- 1600 एकड़ में विकसित की जा रही कमल विहार योजना में शेष विकास कार्यों के लिए बजट में 239.10 करोड़ रुपए, नगर विकास योजना क्रमांक – 01 के इन्द्रप्रस्थ योजना रायपुरा के फेज – 02 में 130 एकड़ क्षेत्र में अधोसंरचना का विकास कार्य किया जा रहा है इस यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से 78.75 करोड़ का ऋण लिया गया है तथा योजना हेतु बजट में 50.2 करोड़ रुपए, इन्द्रप्रस्थ फेज – 01 में निर्माणाधीन 120 फ्लैट्स के लिए 12 करोड़ रुपए, विशेषीकृत व्यवासायिक योजना (स्पेशल कर्मशियल जोन) के लिए 20 लाख रुपए तथा डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्ट नगर रावांभाठा में विकास कार्य हेतु 2.11 करोड़ रुपए का प्रावधान इस वर्ष के बजट में किया गया है.

प्राधिकरण संचालक मंडल की बैठक में अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे, आवास एवं पर्यावरण विभाग के अवर सचिव श्री जी.एल. सांखला, नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर के संयुक्त संचालक श्री संदीप बागड़े, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता श्री पी. के. खरे, नगर पालिक निगम के अपर आयुक्त डॉ. जे. आर. सोनी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री आर. के चौबे तथा प्राधिकरण के अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल उपस्थित थे.