Search This Blog

Sep 11, 2014

आंधप्रदेश में नई राजधानी बनाने रायपुर के विकास मॉडल का अध्ययन

आंध्रप्रदेश के मंत्री की टीम ने देखा कमल विहार
भूअर्जन नीति समझने पर दिया जोर

रायपुर, 11 सितबंर 2014. आंधप्रदेश के विजयवाड़ा में नई राजधानी बनाने के लिए वहां की सरकार देश के विभिन्न भागों की भूअर्जन की नीतियों को समझने की दिशा में आज रायपुर पहुंची. वहां के नगरीय निकाय और शहरी विकास मंत्री डॉ. पी. नारायणा के नेतृत्व में अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की एक उच्च स्तरीय टीम ने पहले नया विश्राम गृह में छत्तीसगढ़ के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के साथ मुलाकात कर कमल विहार योजना की अवधारणा का प्रस्तुतिकरण देखा. 

आंध्रप्रदेश की टीम की रुचि जनभागीदारी के साथ बनी नगर विकास योजना कमल विहार के लिए की गई भूमि अर्जन को लेकर ज्यादा थी. प्रस्तुतिकरण देखने के बाद टीम सीधे कमल विहार पहुंची और वहां उन्होंने अधोसंरचना विकास के अन्तर्गत भूमिगत नालियां, सीवर लाईन, स्ट्रॉम वाटर पाईप लाईन, संचार केबल तथा जलप्रदाय की पाईप लाईनों से हर भूखंड को दिए जाने वाले कनेक्शन के बारे में अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज से काफी विस्तार से जानकारी ली. अधिकारियों ने कमल विहार के विकास कार्यों और बनी योजना को सराहा और कई तकनीकी जिज्ञासाओं पर सवाल भी पूछे. 
टीम के एक सदस्य ने बताया कि वे पिछले दो दिनों में गांधीनगर और चंडीगढ़ में शहरी  विकास का अध्ययन करके रायपुर आएं हैं. इसके बाद वे भुनेश्वर का अध्ययन करने उडीसा भी जाएंगे. उल्लेखनीय है की छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व्दारा राज्य में किए जा रहे विकास कार्यों की राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के बाद देश – विदेश से लोग छत्तीसगढ़ को देखने आने लगे हैं. काबुल डेव्हलपमेंट अथॉरिटी और दिल्ली डेव्हलपमेंट अथॉरिटी के बाद  गत 25 अगस्त को आंध्रप्रदेश के गुंटूर जिले के तेनाली, पोन्नूर और नरसापुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और अधिकारियों ने भी कमल विहार और नया रायपुर के विकास कार्यों का अध्ययन किया था.
इस टीम में आंध्रप्रदेश के नगरीय प्रशासन आयुक्त श्रीमती वाणी मोहन, शहरी वित्त अधोसंरचना विकास निगम के श्री मधुसूदन रेड्डी, राजधानी निर्माण के सलाहकार और पूर्व विधायक श्री बी. मस्तान, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के इंजीनियर इन चीफ श्री पांडुरंगा राव, डायरेक्टर टॉऊन एंड कन्ट्री प्लॉनिंग श्री टी. रेड्डी व नेल्लूर के महापौर श्री शेख अब्दुला शामिल थे. रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौरभ कुमार, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी. आर. नारंग, नया रायपुर के महाप्रबंधक (प्रशासन) श्री महादेव कावरे, मुख्य अभियंता श्री सलिल श्रीवास्तव भी उपस्थित थे. 

Aug 25, 2014

आंध्रप्रदेश की नई राजधानी बनाने के पहले कमल विहार और नया रायपुर देखने पहुंची टीम

आंध्रप्रदेश की टीम का कमल विहार का दौरा
रायपुर, 25 अगस्‍त 2014. आंधप्रदेश की नई राजधानी बनाने के पहले वहां की राज्य सरकार ने देश के सात बड़े नगरों के विकास देखने के लिए अपनी टीमें भेजी हैं. इसमें से एक टीम रायपुर विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना और नया रायपुर देखने आज रायपुर पहुंची. मध्यम स्तर के अधिकारियों और पदाधिकारियों की इस टीम में गुंटूर जिले के तेनाली, पोन्नूर और नरसापुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और अधिकारियों ने पहले रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय में सीईओ श्री सौरभ कुमार और मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया से भेंट की तथा उनसे कमल विहार के सिध्दांत, योजना की अवधारणा और उसके क्रियान्वयन का जानकारी ली. दोपहर बाद यह टीम कमल विहार योजना स्थल गई और वहां के विकास कार्यों का अवलोकन किया.

तेनाली नगर पालिका परिषद के आयुक्त श्री गोपीनाथ ने बताया कि आंधप्रदेश सरकार ने डॉ. रमन सिंह की छत्तीसगढ़ सरकार व्दारा विकसित किए जा रहे नया रायपुर और कमल विहार योजना में हो रहे आधुनिक विकास के बारे में काफी कुछ सुना रखा था. इसलिए वहां के नगरीय निकाय और शहरी विकास मंत्री डॉ. नारायण राव ने एक दल को अध्ययन के लिए रायपुर भेजा है. उन्होंने कहा कि हम यहां शहर के नए विकास को समझने के लिए आएं ताकि इसका लाभ आंध्रप्रदेश की नई राजधानी बनाने में मिल सके. उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने सात अलग – अलग टीमों को देश के अन्य शहरों में भी भेजा है जिनमें नवी मुंबई, गांधीनगर, चंड़ीगढ़, बंगलूरू, नया रायपुर शामिल है. रायपुर आई टीम कल नया रायपुर और परसों रायपुर शहर का दौरा करेगी.    

आंध्रपदेश के इस दल में पोन्नूर नगर पालिका की अध्यक्ष डॉ. (श्रीमती) सज्जा हेमलता, वार्ड सदस्य श्रीमती शेख मुख्तार बेगम, नरसापुर नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पी. रतनमाला, तेनाली नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष श्री एम. कोटेश्वर राव, आयुक्त श्री पी. गोपीनाथ, नगर निवेशक श्री अशोक कुमार शामिल थे. इस अवसर पर प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर.नारंग, सलाहकार कंपनी के वैपकास और ली एंड एसोसियेट के इंजीनियर्स भी शामिल थे.  

Aug 21, 2014

मुख्य सचिव ने किया कमल विहार का दौरा

आरडीए का कार्य मॉस्टर प्लॉन के अनुसार शहर का विकास करना – श्री विवेक ढांड

रायपुर, 21 अगस्‍त 2014. छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड ने कहा है कि रायपुर विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य मास्टर प्लान के प्रावधानों के अनुसार शहर का विकास करना है. इस दिशा में शहर की विभिन्न मुख्य सडकों का निर्माण भी किया जाना चाहिए. श्री ढांड ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना भ्रमण के दौरान उक्त बातें कहीं.
कमल विहार योजना भ्रमण के दौरान प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौरभ कुमार ने मुख्य सचिव को बताया कि प्राधिकरण ने योजना में विज्ञापित किए गए 600 भूखंडों में से 60 प्रतिशत भूखंडों का विक्रय कर लिया है. अधिकारियों ने बताया कि कमल विहार योजना में आवासीय भूखंडों की काफी मांग है. लॉटरी के व्दारा आवंटन एवं भारी मांग व स्पर्धा के कारण प्राधिकरण को लगभग 400 आवेदकों को भूखंड न मिलने के कारण राशि वापस करनी पडी है. वर्तमान में प्राधिकरण के व्दारा आवासीय के साथ ही व्यावसायिक, सार्वजनिक तथा अर्द्धसार्वजनिक, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक प्रयोजन के 339 भूखंडों का विक्रय विज्ञापन के माध्यम से किया जा रहा है.
                          

मुख्य सचिव को यह बताया गया कि कमल विहार योजना में कुल 7787 विकसित भूखंड है. जिनमें से 6687 विकसित भूखंड वहां के भूमि स्वामियों को दिए जा रहे है. इनमें से प्राधिकरण व्दारा मात्र 1100 आवासीय भूखंडों का ही निर्धारित दर पर विक्रय किया जा रहा है. आवासीय भूखंड हेतु 1335 रुपये लीज होल्ड तथा 1615 रुपये फ्री होल्ड की दर निर्धारित की गई है. इसके अतिरिक्त आवासीय, व्यावसायिक, सार्वजनिक तथा अर्द्धसार्वजनिक, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक प्रयोजन के 95 भूखंड निविदा के माध्यम से विक्रय किए जा रहे है. प्राधिकरण के अधिकारियो ने योजना में शामिल बोरिया तालाब की जानकारी देते हुए बताया कि इसका सौंदर्यीकरण का कार्य भी किया जाएगा. मुख्य सचिव को जानकारी दी गई कि यहां की सड़कों और स्‍ट्रीट लाइटों को छोड़कर सभी बुनियादी अधोसंरचनाएं भूमि के अंदर बिछाई गई हैं. भूमिगत अधोसंरचना विकास के अंतर्गत भूमिगत नाली, बिजली, पानी, टेलीफोन एवं संचार के केबल, सीवर लाइन, बारिश के पानी की निकासी के पाईप लाइन तथा उपचारित पानी के पाईप लाईनें बिछाई गई है. इससे यहां किसी भी प्रकार की गंदगी एवं प्रदूषण नहीं होगा और न ही बारिश के पानी भराव की कोई संभावना होगी. इस अवसर पर  प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्य पालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, योजना के सलाहकार बिल्डक्राफ्ट, वाप्कोस तथा ली एंड एसोसिएट के अधिकारी उपस्थित थे.

Aug 19, 2014

श्री सौरभ कुमार आरडीए सीईओ के प्रभार में

रायपुर, 19 अगस्‍त 2014. राज्य शासन ने रायपुर विकास प्राधिकरण व नया रायपुर के सीईओ श्री अमित कटारिया के प्रशासनिक प्रशिक्षण में जाने के कारण चिप्स के सीईओ श्री सौरभ कुमार को रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का प्रभार दिया है. भारतीय प्रशासनिक सेवा 2009 बैच के अधिकारी श्री सौरभ कुमार ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पद का प्रभार ग्रहण कर लिया है. श्री कटारिया प्रशिक्षण के बाद आगामी 10 अक्टूबर तक रायपुर लौटेंगे. 


Aug 16, 2014

आरडीए के लिए यह साल स्वर्णिम उपलब्धियों वाला रहा – श्री बजाज

सभी को नई सोच के साथ काम करना है – श्री कटारिया


रायपुर, 16 अगस्‍त 2014. रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर न्यू राजेन्द्र नगर स्थित नए कार्यालय में तिरंगा फहराने के बाद कल सभी अधिकारियो और कर्मचारियों का आव्हान किया है कि वे संस्था के कार्यो को और बेहतर बनाए. उन्होंने कहा कि पिछला वर्ष प्राधिकरण के लिए एक स्वर्णिम उपलब्धियों वाला रहा है. इस दौरान रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा विकसित की गयी नगर विकास योजना कमल विहार की देश - विदेश में प्रशंसा होने लगी है. इसलिए अब हम पर यह दायित्व है कि हम आने वाले समय में और बेहतरीन कार्य करें. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने इस अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि गत वर्ष प्राधिकरण ने विकास कार्यो के माध्यम से जो साख बनाई है वह अपने आप में एक उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने गुणवत्ता के साथ कार्य किया है इसलिए संस्था का नाम भी हुआ है. अब आगे हमें एक नई सोच के साथ काम करते रहना है. झंडारोहण के अवसर पर प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, श्री श्रीचंदझा, श्री अनवर खान, राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य, प्रशासनिक अधिकारी श्री ए.डी.जान सहित कई अधिकारी,कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित थे.









Aug 6, 2014

1692 एकड़ की होगी नगर विकास योजना क्रमांक - 5

नगर विकास योजना क्रमांक - 5 के आशय की घोषणा
आरडीए ने योजना का मानचित्र व चतुर्सीमा किया सार्वजनिक

रायपुर, 06 अगस्‍त 2014. रायपुर के मॉस्टर प्लॉन को लागू करने की दिशा में रायपुर विकास प्राधिकरण जो छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में दिए गए प्रावधानों के अनुरुप रायपुर में नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी है व्दारा नगर विकास योजना क्रमांक –5 तैयार करने के आशय की घोषणा कर दी है. एक अगस्त को छत्तीसगढ़ राजपत्र में की गई घोषणा के अनुसार डूमरतराई, देवपुरी अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा (सभी के भाग) में नगर विकास योजना क्रमांक – 5 तैयार की जाएगी. नगर तथा ग्राम निवेश प्राधिकारी व्दारा छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 50 की उपधारा (2) के अधीन राजपत्र के भाग -1 में नगर विकास योजना क्रमांक – 5 बनाने की घोषणा की है. राजपत्र के अतिरिक्त रायपुर से प्रकाशित तीन हिन्दी व दो अग्रेंजी समाचार पत्रों में भी नगर विकास योजना तैयार करने की घोषणा का प्रकाशन किया गया है.
नगर विकास योजना के लिए राजपत्र व समाचार पत्रों में योजना की चतुर्सीमाओं में आने वाले खसरा नंबरों तथा क्षेत्र के नाम का उल्लेख किया गया है. योजना के तीन भाग होंगे जिनमें पार्ट – ए, बी व सी है. इन तीनों भागों की चतुर्सीमाएं सूचना में दी गई है. नगर तथा ग्राम निवेश प्राधिकारी व्दारा इसके अतिरिक्त चतुर्सीमाओं को दर्शाने वाला खसरा मानचित्र भी प्राधिकरण की वेबसाईट आरडीए डॉट कॉम पर उपलब्ध करा दिया है. यह मानचित्र प्राधिकरण कार्यालय, कार्यालय कलेक्टर रायपुर, आयुक्त नगर पालिक निगम रायपुर तथा संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर के कार्यालय में भी अवलोकन के लिए उपलब्ध करा दिया गया है.

 प्राधिकरण ने गत 5 जून को राज्य शासन को नगर विकास योजना क्रमांक – 5 तैयार करने के लिए एक प्रस्ताव प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने के लिए भेजा था. इस प्रस्ताव के अनुसार योजना क्षेत्र में स्वीकृत अभिन्यास, आबादी, निर्मित क्षेत्र, हरित क्षेत्र तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्र को शामिल नहीं करने का उल्लेख था. प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव में कहा था कि नगर विकास योजना के क्रियान्‍वयन से रायपुर शहर के मास्‍टर प्‍लान के अनुसार मुख्‍य मार्गों को जोड़ने वाली सड़कों का भी विकास हो सकेगा. इस प्रस्ताव पर आवास एवं पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन व व्दारा 12 जून को डूमरतराई, देवपुरी अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा में नगर विकास योजना क्रमांक – 5 बनाने की सैध्दांतिक प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है.
नगर विकास योजना क्रमांक 5 के पार्ट – ए डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह व फुंडहर का क्षेत्र शामिल है. तथा इसका अनुमानित क्षेत्रफल लगभग 1020 एकड़ है. पार्ट – बी में फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा का क्षेत्र शामिल है तथा इसका अनुमानित क्षेत्रफल लगभग 641 एकड़ है. पार्ट – सी में पूर्व एवं प्रस्तावित नगर विकास योजना को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली मास्टर प्लॉन 2021 (पुनर्विलोकित) के सभी सड़कों का विकास प्रस्तावित है. इसका अनुमानित क्षेत्रफल लगभग 31 एकड़ है. इस प्रकार योजना का कुल संभावित क्षेत्रफल 1692 एकड़ है. प्रस्ताव के अनुसार पार्ट – ए एवं पार्ट – बी के अनुमानित रकबों के अन्तर्गत स्वीकृत अभिन्यास, आबादी, निर्मित क्षेत्र, हरित क्षेत्र एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय आदि का क्षेत्र शामिल नहीं किया जाएगा. 

Aug 2, 2014

नगर निगम पार्षदों ने देखा और सराहा कमल विहार

कमल विहार के विकास कार्यों का अध्ययन

रायपुर, 02 अगस्‍त 2014. नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति और कई पार्षदों ने आज आयुक्त, उपायुक्‍त, सभी जोन कमिशनरों और इंजीनियर्स के साथ कमल विहार योजना का भ्रमण कर विकास और निर्माण कार्यों का अध्ययन किया. रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने कमल विहार योजना में किए गए अधोसंरचना विकास कार्यों की जानकारी देते हुए इससे होने वाले लाभ से उन्हें अवगत कराया. श्री कटारिया ने कहा कि इस योजना का मूल उद्देश्‍य शहर में हो रहे बेतरतीब विकास के बदले सुव्‍यवस्थित एवं नियोजित रूप से विकास करना है.

आरडीए के सीईओ श्री कटारिया ने पार्षदों को बताया कि कमल विहार में सड़क और स्‍ट्रीट लाइटों को छोड़कर सभी बुनियादी अधोसंरचनाएं भूमि के अंदर बिछाई गई हैं. इससे यहां किसी भी प्रकार की गंदगी एवं प्रदूषण नहीं होगा और न ही बारिश के पानी भराव की कोई संभावना होगी. उन्होंने कहा कि योजना पहले विकास फिर बसाहट के सिद्धांत पर विकसित की गई है. जिसमें योजना क्षेत्र के भू-स्‍वामियों को उनकी अविकसित भूमि के बदले विकसित भूखंड वापस किए जा रहे हैं. श्री कटारिया ने पार्षदों को जनभागीदारी से बनाई गई कमल विहार योजना में भूअर्जन हेतु लैण्‍ड पुलिंग की प्रक्रिया तथा उसके लाभ की भी जानकारी दी. पार्षदों ने चर्चा के दौरान कमल विहार योजना की सराहना करते हुए कहा कि यहां हुए निर्माण कार्य से सफाई और अन्य रखरखाव के कार्यो की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. पार्षदों ने कमल विहार में में भूखंड प्राप्‍त करने की प्रक्रिया की भी जानकारी ली.
      नगर निगम के पदाधिकारियों ने पहले कमल विहार योजना के सेक्‍टर – 7 में पहुंचकर भूमिगत नाली, बिजली, पानी, टेलीफोन एवं संचार के केबल, सीवर लाइन, बारिश के पानी की निकासी के पाइप लाइन तथा उपचारित प्रदूषित पानी के पाइप लाइन का अवलोकन किया. उसके बाद उन्होंने बस से योजना के अन्य सेक्टरों सहित स्कूल के सामने रिंग रोड का अवलोकन किया. श्री कटारिया ने उन्हें बताया कि कमल विहार में हर भूखंड के सामने सभी बुनियादी सुविधाओं के लिए कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराया गया हैं. जिसमें भवन निर्माण के साथ ही नाली, पानी, बिजली, संचार केबल, सीवर लाइन इत्‍यादि का कनेक्‍शन जोड़कर उसका उपयोग किया जा सकेगा.
      कमल विहार योजना के विकास एवं निर्माण के अध्‍ययन के इस दौरे में नगर निगम के सभापति श्री संजय श्रीवास्‍तव, नेता प्रतिपक्ष श्री सुभाष तिवारी, आयुक्‍त श्री अवनीश कुमार शरण, उपायुक्‍त श्री जे.आर. सोनी, पार्षदगण श्री सतनाम सिंह पनाग, श्री प्रमोद दुबे, श्री समीर अख्‍तर, श्री जगदीश आहूजा, श्रीमती रेखाप्रकाश रामटेके, श्री जग्‍गूसिंह ठाकुर, श्री प्रफुल्‍ल विश्‍वकर्मा, श्री सुमीत दास, श्री जसबीर ढिल्‍लन, श्रीमती भारती अवतार बागल, श्री प्रेम बिरनानी, श्री दीनानाथ शर्मा, श्री राधेश्‍याम बुन्‍देला, श्री ज्ञानेश शर्मा, श्री अनीस अहमद, श्री रितेश त्रिपाठी, श्री पुरूषोत्‍तम देवांगन, श्री सहदेव व्‍यवहार, श्री गोविंद मिश्रा, श्री बजरंग निषाद, श्री सूर्यकांत राठौर, श्री राकेश धोतरे, श्री लेखराम सोनकर, श्री सुनील बांद्रे, श्री खेमलाल साहू, श्री अशोक मनवानी, श्रीमती अनिता अरविन्‍द यादव, ममता सुभाष अग्रवाल, अंजनी राधेश्याम विभार, एल्डरमैन हाजी मुन्ना, कमल हरपाल व श्री योगेश शेन्डे शामिल थे. नगर निगम के उपायुक्त श्री जे.आर. सोनी, सभी जोन के कमिश्नर, व इंजीनियर्स सहित प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया और राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य भी इस भ्रमण को दौरान उपस्थित थे.  

Jul 22, 2014

कमल विहार जैसी योजनाओं के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति जरूरी – श्री राजेश मूणत

जनसंवाद के कारण कमल विहार को मिली सफलता – विजय रिसवुड
प्लॉट देने के पहले अधोसंरचना का विकास करना उल्लेखनीय
रायपुर, 22 जुलाई 2014, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अर्बन प्लॉनर सलाहकार श्री विजय रिसवुड ने कहा है जनता से निरतंर संवाद बनाए रखने के कारण कमल विहार योजना को अच्छी सफलता मिली है. उन्होंने कहा कि योजना में भूखंड देने से पहले सड़क, नाली, बिजली, पानी, संचार, सीवर लाईन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, भूमि के रिचार्ज जैसी व्यवस्था करना एक उल्लेखनीय कार्य है. डीडीए की टीम शाम को आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत से उनके निवास पर मिली. श्री मूणत ने टीम से कमल विहार योजना के अनुभवों को साझा करते कहा कि कमल विहार जैसी नगर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए राजनैतिक इच्छा शक्ति होना बेहद जरूरी है.
श्री रिसवुड ने कहा कि हमने दिल्ली में भी कमल विहार योजना के बारे में सुन रखा था इसलिए इस योजना में भूमि अर्जन के लिए जनभागीदारी से लैंड पूलिंग स्कीम को समझने के लिए यहां आए हैं. डीडीए की टीम ने आज दोपहर में कमल विहार योजना का भ्रमण कर वहां के विकास और निर्माण कार्यों को समझा. शाम को टीम ने प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया से उनके कार्यालय में मुलाकात की. श्री रिसवुड ने कहा कि राजधानी नई दिल्ली में जनभागीदारी से योजना बनाने के लिए काफी कुछ काम करने की आवश्यकता होगी. हम आगे भी कमल विहार के बारे में जानने के लिए प्राधिकरण से अपना संपर्क बनाए रखेंगे.
प्राधिकरण में डीडीए की टीम को कमल विहार योजना से संबंधित एक विस्तृत प्रेजेन्टेशन दिखाया गया. जिसमें योजना की प्रक्रिया दिखाई गई. टीम के सदस्यों ने मुख्य रुप से भूमि अर्जन, राजस्व और तकनीकी पहलूओं पर अपनी कई जिज्ञासों के कई प्रश्न पूछे. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री बजाज ने डीडीए के अधिकारियों को बताया कि हमने पूरे योजना दौरान किसी भी भूमि के भूउपयोग में कोई परिवर्तन नहीं किया है. वहीं श्री कटारिया ने कहा कि हमने कमल विहार योजना के प्रकाशन और आपत्तियों की सुनवाई के पहले और बाद में लगातार जनता और समाज के हर वर्ग से संपर्क बनाए रखा और उनसे संवाद करते रहे. योजना का छत्तीसगढ के राजपत्र में अंतिम प्रकाशन के बाद हमने भूमि स्वामियों से उनकी लिखित सहमति ली. और उसके बाद योजना के लिए सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 500 करोड़ रुपए का ऋण लेकर विकास और निर्माण का कार्य प्रारंभ किया. अब जबकि विकास कार्य काफी हो चुका है हम भूमि स्वामियों को उनके विकसित भूखंड देने के लिए रजिस्ट्री कर रहे हैं. श्री कटारिया ने बताया कि कमल विहार योजना अवैध प्लॉटिंग काफी संख्या में थी और लोगों ने यहां काफी छोटे – छोटे प्लॉट खरीद रखे थे. उन सभी को विकसित प्लॉट देना काफी चुनौती भरा था. इसके लिए हमने अपनी प्लॉनिंग में काफी ध्यान रखा और जनता के हित में योजना का विकास किया.
बैठक में डीडीए के अर्बन प्लॉनर सलाहकार श्री विजय रिसवुड, मुख्य अभियंता श्री अशोक निगह, योजना शाखा के निदेशक श्री पी.एस. उत्तरवार और श्री विनोद सकले, डिप्टी कमिश्नर लैंड एक्यूजीशन श्री व्यास, नया रायपुर डेव्हलपमेंट अथॉरिटी के योजनाकार श्री शेकदर, रायपुर विकास प्राधिकरण के एडीशनल सीईओ श्री शरीफ मोहम्मद और सीई श्री जे. एस. भाटिया, योजना के सहायक यंत्री श्री राजीव अग्रवाल, राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य और कमल विहार के योजना सलाहकार बिल्टक्रॉफ्ट के श्री जाकिर खान उपस्थित थे. 

Jul 21, 2014

कमल विहार का अध्ययन करने कल डीडीए की टीम शहर में

भूअर्जन नीति, प्रक्रिया, प्लॉनिंग और क्रियान्वयन पर करेगी अध्ययन

रायपुर, 21 जुलाई 2014, जनभागीदारी के साथ बनाई जा रही नगर विकास योजना कमल विहार का अध्ययन करने के लिए कल दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की एक टीम रायपुर आ रही है.  टीम का नेतृत्व डीडीए के सलाहकार अर्बन प्लॉनर श्री विजय रिसवुड करेंगे. उनके साथ डीडीए के मुख्य अभियंता श्री अशोक निगह, योजना शाखा के निदेशक श्री पी.एस. उत्तरवार और श्री विनोद सकले व डिप्टी कमिश्नर लैंड एक्यूजीशन श्री व्यास भी आ रहे हैं. शाम को यह टीम आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के साथ भी मुलाकात करेगी.  
रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार दिल्ली विकास प्राधिकरण की एक टीम कल दोपहर कमल विहार का स्थल भ्रमण करेगी. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के साथ कमल विहार में भूमि अर्जन की नीति, प्रक्रिया और उसके लिए अपनाई गई कानूनी विधियों, योजना की प्लॉनिंग व इंजीनिरिंग की अवधारणा और उसके क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा करेगी. टीम का मुख्य उद्देश्य यहां की लैंड पूलिंग पालिसी का अध्ययन कर उसे देश की राजधानी नई दिल्ली में भी लागू करने का है. श्री कटारिया ने बताया कि डीडीए की टीम दिल्ली में पूर्व में अपनाई गई अपनी भूअर्जन पालिसी के अनुभवों को भी साझा करेगी. उल्लेखनीय है कि कमल विहार योजना की सफलता के बाद पूरे देश का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ है कि कैसे जनभागीदारी के साथ एक बड़ी नगर विकास योजना सफलता के साथ विकसित की जा सकती है. 


Jul 19, 2014

कमल विहार अच्छी अवधारणा की योजना – श्री सत्यनारायण शर्मा

आरडीए ने बोरियातालाब का क्षेत्रफल 128 से बढ़ा कर 235 एकड़ किया
गरीबों के लिए 80 एकड़ क्षेत्र में हाऊसिंग बोर्ड बनाएगा आवास
रायपुर, 19 जुलाई 2014, रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा ने कहा है कि कमल विहार योजना की अवधारणा काफी अच्छी है. किसी को अंदाजा भी नहीं होगा कि कमल विहार इतना अच्छा बन रहा है. वे आज रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के साथ योजना में स्थित बोरियाखुर्द के तालाब का अवलोकन करने गए थे.
लगातार हो रही बारिश के बावजूद श्री शर्मा में कमल विहार योजना के अन्तर्गत आने वाले ग्राम बोरियाखुर्द के पूर्व सरपंच श्री रामाधार साहू, पूर्व पंचों मोहन साहू, इकबाल अंसारी और संजू धीवर के साथ बोरियाखुर्द तालाब का क्षेत्र देखने गए थे. ग्रामीणों ने कुछ समय पहले उनसे यह शिकायत की थी कि कमल विहार योजना के कारण बोरिया तालाब का क्षेत्रफल 128 एकड़ से कम कर दिया गया है. इस पर प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कटारिया ने विधायक को जानकारी दी कि कमल विहार क्षेत्र से लगे तालाब का क्षेत्र तो पहले से काफी बढ़ा दिया गया है अब इसका क्षेत्रफल बढ़ा कर लगभग 235 एकड़ कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों के लिए तालाब का उपयोग तो होता ही रहेगा. इसके अतिरिक्त यहां वॉटर स्पोर्टस और पिकनिक स्पोर्ट्स भी विकसित किए जाने की योजना है. इसके लिए विभिन्न प्रकार के प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने आरडीए के अधिकारियों से कहा कि यदि वे तालाब के तटबंध या उसके सामांतर भूमिगत रुप से कोई पाईप लाईन बिछाने चाहते हैं तो इस पर किसी को भी आपत्ति नहीं है. श्री कटारिया ने बताया कि कमल विहार योजना में गरीबों के लिए लगभग 80 एकड़ क्षेत्र आरक्षित रखा गया है. इसमें आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल व्दारा आवासीय मकान बनाएं जाएंगे.

इसके बाद विधायक श्री शर्मा ने प्राधिकरण के सीईओ श्री कटारिया के साथ कमल विहार के सेक्टर 7 में किए गए अधोसंरचना विकास के कार्यों का अवलोकन किया. श्री कटारिया ने विकसित की गई अधोसंरचना के बारे में बताया कि रायपुर शहर में पहली बार नाली,पानी,बिजली, संचार के केबल, सीवर लाईन और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से उपचारित जल सहित भूमिगत जल को रिचार्ज करने के लिए ऐसी व्यवस्था इतने वृहद पैमाने में की गई है. इससे पूरा क्षेत्र काफी साफ सुथरा होगा और गंदगी से मुक्त होगा. श्री कटारिया ने आगे कहा कि योजना में ऐसी व्यवस्था की जा रही है जिससे यहां दैनिक रखरखाव की परेशानियां काफी कम हो जाएंगी और बहुत की कम मेटेनेंस की आवश्यकता होगी. रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री शर्मा ने कमल विहार का अवलोकन के दौरान कहा कि कमल विहार एक अच्छी है और यहां डेव्हलपमेंट का कार्य भी काफी अच्छा हुआ है. इस दौरान प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, सीई श्री जे.एस. भाटिया, राजस्व अधिकारी पुलक भट्टाचार्य सहित अन्य कई अधिकारी उपस्थित थे. 

कमल विहार में कई सालों तक सड़कों के रखरखाव की आवश्कता नहीं

क्रेडाई के सदस्यों ने देखा कमल विहार, दिए सुझाव और पूछे प्रश्न
रायपुर 19 जुलाई 2014, रियल इस्टेट डेव्हलपर्स एसोसियेशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) रायपुर के सदस्यों आज कमल विहार योजना का भ्रमण कर विकास कार्यों से रुबरू हुए और योजना की जानकारी ली. इस मौके पर रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने

योजना की विशेषताओं की जानकारी देते हुए कहा कि यहां हो रहे सड़क निर्माण की गुणवत्ता के कारण आगामी कई सालों तक इसके रखरखाव की आवश्यक्ता नहीं होगी. योजना में विद्युत आपूर्ति के बारे में उन्होंने बताया कि यहां लगभग डेढ़ लाख की आबादी की गणना कर लगभग 80 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर और सब स्टेशन का प्रावधान किया गया है. जिससे यहां के निवासियों को निरन्तर रुप से बिजली मिलती रहेगी. इसी प्रकार कूड़े व कचरे के प्रबंधन के लिए भी योजना तैयार की जा रही है. श्री कटारिया ने कहा कि उम्मीद है कि अगले साल जून तक कमल विहार का विकास कार्य पूरा कर लिया जाएगा. 

      पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कमल विहार नई नगर विकास योजना – 5 से इस मायने में अलग होगी कि वहां इतनी संख्या में अवैध प्लॉटिंग नहीं हुई है. इसलिए वहां बहुत छोटे प्लॉट काटने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. श्री कटारिया ने क्रेडाई के सदस्यों को बताया कि योजना के सेक्टर 3 में पिकनिक स्पॉट व वाटर स्पोर्टस के लिए विभिन्न प्रकार के प्रस्तावों पर अभी विचार किया जा रहा है कि किस मॉडल पर इसे विकसित किया जाए. क्रेडाई के सदस्यों ने आरडीए के सीईओ से कई सवाल पूछे. इसमें एक सदस्य ने पूछा कि क्या प्राधिकरण और क्रेडाई के सदस्यों के साथ कोई ज्वांईट वेंचर भी किया जा सकता है ? इस पर श्री कटारिया ने कहा कि उनके पास ऐसा कोई सुझाव है तो वे दें यदि सुझाव व्यवहारिक होगा तो उस पर विचार किया जा सकता है. एक अन्य सवाल कि क्या बड़े व्यावसायिक भूखंड का आवंटन किश्तों में किया जा सकता है ? इस पर श्री कटारिया ने कहा कि यदि उनकी तरफ से कोई  लिखित प्रस्ताव आता है और राज्य सरकार इस पर अनुमति देती है तो इस पर विचार किया जा सकता है.
 प्राधिकरण की ओर से क्रेडाई के सदस्यों को उनके प्रोजेक्टस के लिए कमल विहार में उपलब्ध आवासीय, व्यवसायिक, सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक, स्वास्थ्य व शैक्षणिक  भूखंडों की जानकारी भी दी गई ताकि वे इस पर शहर वासियों के लिए नई योजनाएं बना सकें. इस मौके पर प्राधिकरण के अतिरिक्त सीईओ श्री शरीफ मोहम्मद, सीई श्री जे.एस. भाटिया,राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य, क्रेडाई रायपुर के अध्यक्ष आनंद सिघानिया, सचिव रमेश राव, कोषाध्यक्ष सुनील खेतान, कार्यकारिणी सदस्य संजय बघेल, विजय नाथानी,रवि फतनानी, शैलेष वर्मा सहित कई सदस्य उपस्थित थे.  

Jul 16, 2014

रायपुरा में एससीजेड बनाने भूस्वामियों के साथ बैठक 23 को

भूमि के सीमांकन के लिए कलेक्टर को भी भेजा गया अनुरोध पत्र 

रायपुर, 16 जुलाई 2014, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना में विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र अर्थात स्पेशल कमर्शियल जोन (एससीजेड) बनाने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने भूमि स्वामियों को चर्चा के लिए 23 जुलाई शाम 4 बजे प्राधिकरण कार्यालय आमंत्रित किया है. इस बैठक में योजना में भूस्वामियों की भागीदारी पर चर्चा की जाएगी. प्राधिकरण की इस नगर विकास योजना क्रमांक – एक के माध्यम से रायपुर शहर में बाजारों के विकेन्द्रीकरण हेतु मास्टर प्लॉन के अनुसार लगभग 116 एकड़ क्षेत्र में विभिन्न व्यवसायके लिए विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किया जाना है.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने योजना में शीघ्र विकास प्रारंभ करने के उद्देश्य से कलेक्टर रायपुर को एक पत्र लिख कर भूमि स्वामियों के भू-अभिलेखों और वास्तविक कब्जे की जानकारी के लिए सीमांकन करने का अनुरोध किया है. उल्लेखनीय है कि इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना में प्राधिकरण व्दारा छत्तीसगढ का सबसे बड़ा रिक्रिएशन पार्क व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल के निर्माण के साथ ही मध्यम वर्ग के लिए 302 डुप्लेक्स आवास, निम्न आय वर्ग के लिए डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत 972 फ्लैट्स, विभिन्न आकार के आवासीय भूखंडों की सुविधा उपलब्ध कराई है. इसके अलावा इन्दप्रस्थ रायपुरा के फेज - 2 के अन्तर्गत कमल विहार योजना की तर्ज पर नए आवासीय भूखंड विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है. साथ ही योजना में 120 मल्टीस्टोरी फ्लैट्स का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है.  

Jul 9, 2014

कमल विहार में विकसित भूखंड लेने भूस्वामियों की रुचि बढ़ी

विशेष कैम्प में तीन दिन में साठ लोगों ने कराई रजिस्ट्री
रजिस्ट्री कराने अन्य शहरों से आ रहे हैं भूस्वामी


रायपुर, 9 जुलाई 2014, कमल विहार में हो रहे विकास और निर्माण कार्य को देखते हुए विकसित भूखंड लेने के लिए भूमि स्वामियों की रुचि अब बढ़ने लगी है. रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा कलेक्ट्रोरेट स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में 07 जुलाई से लगाये गए विशेष कैम्प में पिछले तीन दिनों में 60 रजिस्ट्रियों का निष्पादन हो गया है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के निर्देश पर राजस्व शाखा के अधिकारी प्रातः 11 बजे से 4 बजे तक कमल विहार योजना के भूमि स्वामियों को आबंटित विकसित भूखंडों की रजिस्ट्री का कार्य कर रहे है. प्राधिकरण का यह विशेष कैम्प 18 जुलाई तक चलेगा. विकसित भूखंड लेने के लिए कोरबा, नगरी, भिलाई और बिलासपुर में रह रहे भूमि स्वामियों ने कैम्प में पहुंचकर अपनी रजिस्ट्री कराई. प्राधिकरण व्दारा भूस्वामियों को प्रतिदिन फोन पर विकसित भूखंड लेने के लिए लगातार सूचना देकर आमंत्रित किया जा रहा है.

इंद्रप्रस्थ फेस-02 के भूस्वामियों को भी दिया जा रहा है विकसित भूखंड

रायपुर 9 जुलाई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना क्र.-1 इंद्रप्रस्थ रायपुरा में विकसित की जाने वाली आवासीय भूखंडो की योजना के अंतर्गत इंद्रप्रस्थ फेस-02 के भूस्वामियों को विकसित भूखंडों का आवंटन तथा उसके अनुबंध की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है.
प्राधिकरण के राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य ने बताया कि इंद्रप्रस्थ फेस-02 योजना में शामिल भूमिस्वामी प्राधिकरण के कार्यालय से भूखंड का आवंटन आदेश प्राप्त कर अनुबंध निष्पादन करा सकते है. अनुबंध निष्पादन कलेक्टोरेट स्थित उपपंजीयक (रजिस्ट्री) कार्यालय में चल रहे विशेष कैम्प में भी किया जा रहा है. अनुबंध हेतु भूमि स्वामियों को पहचान पत्र,सौ रुपये का स्टॉप पेपर, पांच फोटो तथा वर्तमान खसरा बी-1 एवं खसरे की प्रति, बैनामा,ऋण पुस्तिका की छायाप्रति साथ लाना होगा. 


Jul 7, 2014

मास्टर प्लान की जमीनों की जमाखोरी होने के कारण शहर का विकास रूका

आबादी, निर्मित व कृषि क्षेत्र पर नगर विकास योजना – 5 नहीं बनेंगी

रायपुर, 7 जुलाई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना – 5 में आबादी, कृषि भूमि तथा बसाहट वाले क्षेत्रों को शामिल नहीं किया जाएगा. योजना में नए भू-अर्जन नियमों में दिए गए प्रावधानों के अनुरूप ही कार्य किया जाएगा. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज यह बात रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व विधायक श्री रमेश वर्ल्यानी व श्री इंदरचंद धाड़ीवाल के साथ प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे एक प्रतिनिधि मंडल से कही. श्री कटारिया ने आज पूरे प्रतिनिधि मंडल के साथ कार्यालय परिसर में ही आमने - सामने बैठकर उनकी बातों को सुना, चर्चा की और उनके कई सवालों का जवाब भी दिया. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि मंडल ने अपनी मांगो के संबंध में जो ज्ञापन सौंपा है उस पर विचार किया जाएगा और शासन को भी उससे अवगत कराया जाएगा.

श्री कटारिया ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि दरअसल जिस तरह से आलू व प्याज की जमाखोरी होती है वैसे ही रायपुर शहर में भी लोग मास्टर प्लान के अंतर्गत आवासीय,व्यावसायिक, सार्वजनिक तथा अर्ध्द-सार्वजनिक भू-उपयोग की जमीनों की जमाखोरी कर रहे है. इस कारण शहर में नागरिकों को सुविधाजनक आवास तथा अन्य उपयोग के लिए भूखंड उपलब्ध नहीं हो पा रहे है. उन्होंने कहा कि दरअसल जमीन की जमाखोरी करने वालों ने इन जमीनों को घेर रखा है तथा इस कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि हमें इसी भूमियों का रायपुर की विकास योजना के परिपेक्ष्य में उपयोग करना होगा. श्री कटारिया ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि यदि आप सभी जो रायपुर शहर को अच्छा बनाना चाहते हैं तो शहर के मास्टर प्लान में दिए गए प्रस्ताव के अनुसार व्यावसायिक, आवासीय तथा अन्य भू–उपयोग की जमीनों में बुनियादी अधोसंरचना का विकास करना जरूरी है.
      प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि डुमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभान्डीह एवं जोरा क्षेत्र में बनने वाली नगर विकास योजना – 5 में आबादी व बसाहट, निर्मित व स्वीकृत अभिन्यास सहित कृषि क्षेत्र पर योजना नहीं बनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान शहर के मास्टर प्लान के अनुसार सड़क, नाली, पानी, बिजली, सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा यदि शासन या प्राधिकरण शहर का विकास नहीं करेगा तब भी शहर का विकास अपने आप होता जाएगा जैसा की अब तक होता आया है. यह विकास गंदी और झुग्गी बस्ती की श्रृंखला जैसा विकास होगा जहां बुनियादी सुविधाओं के लिए लोगों को काफी तरसना पड़ता है और संघर्ष करना पड़ता है. यदि हम पहले से ही नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं दे देंगे तो शहर में तोड़फोड़ करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी जैसा कि शहर में पहले होता आया है.
श्री कटारिया ने आगे कहा कि नया रायपुर कोई नगर विकास योजना नहीं है. इसे कमल विहार से जोड़ा जाना ठीक नहीं है. वरन् यह एक नए शहर का विकास है. जहां छत्तीसगढ़ की आधुनिक राजधानी का विकास किया जा रहा है. नया रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की योजना के अनुसार विकास और निर्माण किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ शासन का उद्देश्य है कि रायपुर और नया रायपुर का विकास सुनियोजित तरीके से हो.

प्राधिकरण की कमल विहार योजना के संबंध में श्री कटारिया ने कहा कि यह योजना लैंड पूलिंग अर्थात् भूस्वामियों की जनभागीदारी के साथ बनाई गई योजना है. कमल विहार में लगभग 5 हजार भूस्वामियों में से साढ़े 4 हजार लोगों ने योजना में शामिल होने के लिए अपनी भूमि प्रदान की है. जिन 5 सौ लोगों ने अपनी भूमि को योजना में शामिल नहीं होने दिया उनकी भूमि के एवज में भूअर्जन अधिकारी व्दारा अनिवार्य भूअर्जन अधिनियिम के अन्तर्गत मुआवजे का भुगतान किया गया है. प्राधिकरण के संचालक मंडल ने जनहित में ऐसे लोगों की मांग पर कमल विहार योजना में विकसित भूखंड देने का निर्णय लिया. ऐसे लगभग 4 सौ लोगों ने पुनः विकसित भूखंड लेने के लिए प्राधिकरण कार्यालय में आवेदन दिए हैं. उन्हें भी भूखंड दिया जा रहे हैं. श्री कटारिया ने कहा कि कमल विहार योजना में जमीन बेचने पर पहले भी प्रतिबंध नही था और आज भी नहीं है.

कमल विहार में लॉटरी से 70 आवासीय भूखंड आबंटित

कई भूखंडों पर कड़ी स्पर्धा के बाद लाटरी से मिले प्लॉट

रायपुर, 7 जुलाई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना में आवासीय भूखंडों को पाने के लिए आज आवेदकों के बीच काफी कश्मकश थी, कारण था एक ही भूखंड पर कई लोगों का आवेदन. प्राधिकरण को प्राप्त 118 आवेदनों में से 70 आवेदकों को आज लॉटरी से भूखंडों का आवंटन हुआ. प्राधिकरण की इस योजना में 159 आवासीय भूखंडो के लिए गत 
दिनों विज्ञापन जारी करके आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे. कुल 159 भूखंडो में से 56 भूखंड अनुसूचित जाति/ जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सैनिक एवं भूतपूर्व सैनिक, शासकीय एवं राविप्रा के कर्मचारी, निराश्रित एवं साधनहीन विधवा के लिए आरक्षित थे. आरक्षित श्रेणी में कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 16 आवेदको को लॉटरी से आवासीय भूखंडों का आवंटन किया गया. जबकि सामान्य श्रेणी में भी कड़ा संघर्ष था. इसमें कुल  103 भूखंडो के लिए 54 आवेदकों को लॉटरी से भूखंड मिले. लॉटरी के अवसर पर प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य व सहायक राजस्व अधिकारी श्री रविशंकर दीक्षित उपस्थित थे.