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Apr 28, 2016

बच्चों को पानी का महत्व समझाने के विषय को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करना एक अच्छी की पहल होगी – श्री संजय श्रीवास्तव

रायपुर28 अप्रैल 2016रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि बच्चों को पानी के महत्व की जानकारी देने के लिए इसे शुरु से ही स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करना एक अच्छी पहल होगी. यह बात उन्होंने शिमला में आयोजित दो दिवसीय रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और भूजल प्रबंधन कार्यशाला में विशेषज्ञों से चर्चा के दौरान कही. कार्यशाला में पानी के महत्व और उसके संरक्षण के बारे में बच्चों को बचपन से ही जानकारी देने के संबंध में बताया गया कि गुजरात सरकार के वाटर एंड सेनिटेशन मैनेजमैंट आर्गेनाईजेशन के सलाहकार के श्री आर.एन. शुक्ला ने कुछ समय पहले एक प्रस्ताव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भेजा था कि जल संरक्षण और उसकी उपयोगिता के बारे में ऐसी जानकारियों को स्कूलों के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए.
        
रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि जल संरक्षण और उसके प्रबंधन के संबंध में इस कार्यशाला में जो चर्चा हो रही है उसके बेहतर निष्कर्ष जो छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए उपयोगी होंगे उसकी जानकारी वे प्रदेश के मुख्मंत्री डॉ. रमन सिंह को देंगे ताकि उन सुझावों को प्रदेश के हित में लागू किया जा सके.
भूजल संरक्षण, प्रबंधन विषय पर आज श्री श्रीवास्तव ने कार्यशाला के दौरान कई विशेषज्ञों से चर्चा की और रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा कमल विहार योजना व इन्द्रप्रस्थ योजना में भूजल प्रबंधन, वर्षा के जल का संचय, जल पुनर्भरण तकनीक तथा प्रदूषित जल के शोधन करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के उपयोग के संबंध में भी जानकारी दी. श्री श्रीवास्तव ने कहा कि 45 सालों से जल संरक्षण और उसके प्रबंधन पर कार्य कर रहे श्री आर.एन. शुक्ला के अनुभवों का लाभ लेने के लिए उन्हें छत्तीसगढ़ आमंत्रित किया जाएगा ताकि वे यहां जल संरक्षण एवं उसके प्रबंधन में काम करने वालों को बेहतर तकनीक की जानकारी दे सकें.  

Apr 27, 2016

भूजल प्रबंधन और रेन वॉटर हॉर्वेस्टिंग कार्यशाला में भाग लेने संजय श्रीवास्तव शिमला गए

28 व 29 अप्रैल को दिवसीय कार्यशाला
रायपुर, 27 अप्रैल 2016रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और भूजल प्रबंधन विषय पर शिमला में आयोजित एक कार्यशाला में शामिल होने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव आज नई दिल्ली के लिए रवाना हुए, वे कल वहां से शिमला पहुंच कर दो दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में भाग लेंगे.
नई दिल्ली की संस्था एवरीथिंग एबॉऊट वॉटर व्दारा आयोजित इस कार्यशाला में जल तथा प्रदूषित जल के प्रबंधन व उसके संरक्षण एवं संवर्धन विषय पर 28 व 29 अप्रैल 2016 को विभिन्न विशेषज्ञों के व्याख्यान, व्यावहारिक अभ्यास, केस स्टडीज सहित उपस्थित प्रतिनिधियों के बीच सीधे चर्चा होगी. श्री संजय श्रीवास्तव इस कार्यशाला में रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना, इन्द्रप्रस्थ योजना पर भूजल प्रबंधन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना सहित मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व्दारा सुझाए गए वर्षा जल पुनर्भरण तकनीक, भूजल संचय एवं प्रबंधन के संबंध में उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे. इस कार्यशाला में भाग लेने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण के जल आपूर्ति के वरिष्ठ सहायक अभियंता श्री अनिल गुप्ता भी साथ गए हैं. 

Apr 12, 2016

कमल विहार की श्मशान भूमि पर बाऊन्ड्रीवाल का भूमिपूजन

ग्राम डूंडा के विकास के अंतर्गत सुविधा की दृष्टि  

के लिए बनाई जा रही बॉऊन्ड्रीवॉल 

रायपुर, 12 अप्रैल 2016कमल विहार में कृष्णा पब्लिक स्कूल के पीछे सेक्टर11 ए में स्थित ग्राम डूंडा की श्मशान की भूमि पर बाऊन्ड्रीवाल बनाने के लिए आज रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भूमि पूजन किया. इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री नंदे साहू, पार्षद श्रीमती यशोधर कमल साहू, पार्षद प्रतिनिधि श्री कमल साहू और रायपुर ग्रामीण के विधायक के प्रतिनिधि श्री पंकज शर्मा और प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया भी उपस्थित थे.

लगभग चार एकड़ में 27.20 लाख रुपए की लागत से बनने वाली बॉऊन्ड्रीवॉल की कुल लंबाई 825 मीटर होगी. यह बॉऊन्ड्रीवॉल कॉलम तथा बीम की संरचना पर आधारित होगी. बॉऊन्ड्रीवाल के निर्माण से आवासीय क्षेत्र का हिस्सा अलग हो जाएगा. श्री श्रीवास्तव ने आज भूमि पूजन के साथ ही अधिकारियों को यह कहा कि वे समय सीमा के साथ गुणवत्ता का भी ध्यान रखें. कमल विहार योजना के साथ लगे गांव के निवासियों ने काफी समय पहले से यह मांग की थी कि श्मशान के क्षेत्र की बॉऊन्ड्रीबाल का निर्माण कर उसे घेर दिया जाए. इसी परिपेक्ष्य में प्राधिकरण व्दारा कमल विहार योजना के साथ ही योजना में आने वाले ग्रामों के विकास की सुविधा देने के लिए यह कार्य कर रहा है. इस संबंध में योजना की अवधारणा के समय ही यह कहा गया था कि प्राधिकरण योजना में आने वाले गांवों के लिए विकास कार्य कर उन्हें सुविधाएं देगा. उसी के अन्तर्गत आज वहां बॉऊन्ड्रीवॉल का कार्य प्रारंभ किया गया है. 

Apr 5, 2016

विकसित भूखंड लेने पहुंचने लगे भूस्वामी

6 व 7 को भी होंगे अनुबंध व निश्चयात्मक अनुबंध

रायपुर5 अप्रैल 2016रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा विकसित भूखंड देने की सूचना देने पर आज कई भूमिस्वामी कलेक्टोरेट स्थित पंजीयक कार्यालय पहुंचे. भूमि स्वामियों की भागीदारी से बनी कमल विहार और इन्द्रप्रस्थ  रायपुरा योजना में लगातार कार्य होने के बाद अब भूखंडों में बुनियादी सुविधाएं विकसित कर ली गई हैं. 
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे के निर्देश पर प्रसार माध्यमों के साथ ही टेलीफोन पर भूस्वामियों को अनुबंध कर विकसित भूखंड लेने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है. विकसित भूखंड देने की प्रक्रिया में पहले अनुबंध फिर निश्चयात्मक अनुबंध किया जा रहा है. प्राधिकरण के राजस्व शाखा के अधिकारी और कर्मचारी पूरे द्स्तावेज और कम्प्यूटर सहित आज से तीन दिवसीय विशेष शिविर के लिए रजिस्ट्री ऑफिस के सामने हाल में पहुंचे. आज वहां कई भूस्वामियों ने जानकारी ली और दोनों ही योजनाओं में विकसित भूखंड देने के लिए अनुबंध के दस्तावेज भी तैयार किए गए. यह शिविर 6 और 7 अप्रैल को भी जारी रहेगा. भूमि स्वामियों को विकसित भूखंड लेने के लिए एक सौ रुपए के नॉन जुडिशियल स्टांम्पभूमि की मूल रजिस्ट्री या मूल ऋण पुस्तिकातीन पासपोर्ट फोटो,अद्यतन बी - 1 एवं खसरे की प्रति तथा अपना पहचान पत्र ले कर जाना होगा.  

Apr 4, 2016

कमल विहार और इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा के शेष बचे भूस्वामियों को विकसित भूखंड देने आरडीए का 3 दिवसीय शिविर आज से

भूस्वामियों को अविकसित के बदले मिलेंगे विकसित भूखंड

रायपुर, 4 अप्रैल 2016कमल विहार और इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा योजना के ऐसे भूस्वामी जिनके सहयोग से नगर विकास योजनाएं बनाई गई हैं. उनको अब रायपुर विकास प्राधिकरण विकसित भूखंड दे रहा है. इसी कड़ी में कल से कलेक्टोरेट स्थित पंजीयक कार्यालय रायपुर में प्राधिकरण का राजस्व शाखा एक विशेष कैंप लगा रहा है. जिसमें आरडीए की टीम वहीं पर भूमि स्वामियों से अनुबंध कर उन्हें भूखंड आवंटन के लिए रजिस्ट्री के दस्तावेज तैयार कर के देगी जो रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकेंगे. यह कैम्प 5,6 व 7 अप्रैल को तीन दिन तक चलेगा.

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के अनुसार तीन दिवसीय शिविर में भूमि स्वामियों को एक सौ रुपए के नान जुडिशियल स्टांम्प पेपर, मूल रजिस्ट्री अथवा मूल ऋण पुस्तिका, तीन पासपोर्ट फोटो, अद्यतन बी - 1 एवं खसरे की प्रति तथा अपना पहचान पत्र लाना होगा. इस विशेष कैंप में प्राधिकरण व्दारा योजना में शामिल होने के लिए पहला अनुबंध तथा विकसित भूखंड आवंटन के लिए निश्चयात्मक अनुबंध दोनो ही निष्पादित किए जाएंगे. श्री कावरे का कहना है कि प्राधिकरण अविकसित भूमि के बदले योजना में सहभागी बने भूस्वामियों को विकसित भूखंड वापस दे रहा है. विकसित भूखंड में हर भूखंड को सड़क, भूमिगत नाली,बिजली,पानी सहित भूमिगत सीवर लाईन, विकसित योजना में खेल मैदान, उद्यान, बाजार की सुविधाएं भी प्रदान कर रहा है, इसलिए हमारी  भूस्वामियों से अपील है कि वे रजिस्ट्री ऑफिस में आकर अनुबंध निष्पादित कराएं और अपने नाम का सर्वसुविधायुक्त विकसित भूखंड प्राप्त कर लें.  

Apr 3, 2016

इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा और कमल विहार के भूस्वामियों से अनुबंध के लिए 5 से 7 अप्रैल तक रजिस्ट्री कार्यालय में विशेष शिविर

अनुबंध कर विकसित भूखंड लेने की लिए विशेष शिविर

रायपुर, 3 अप्रैल 2016, इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा और कमल विहार योजना के भूस्वामी जिनकी भूमि इन योजनाओं में शामिल की गई है उनके साथ अनुबंध के लिए रजिस्ट्री (पंजीयक कार्यालय) ऑफिस में एक विशेष शिविर 5, 6 व 7 अप्रैल को लगाया जा रहा है. रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने बताया कि इस शिविर में प्राधिकरण के राजस्व शाखा के अधिकारी और कर्मचारी उपलब्ध रहेंगे. शिविर के दौरान रजिस्ट्री कार्यालय में ही भूस्वामियों के अनुबंध तैयार कर वहीं पंजीयक के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. प्राधिकरण व्दारा योजना में शामिल होने के लिए पहला अनुबंध तथा विकसित भूखंड आवंटन के लिए निश्चयात्मक अनुबंध दोनो ही निष्पादित किए जाएंगे. श्री कावरे ने भूस्वामियों से अपील की है कि वे अनुबंध निष्पादित कर जल्द से जल्द प्राधिकरण से अपना सर्वसुविधायुक्त विकसित भूखंड प्राप्त कर लें.  

देवेन्द्रनगर के 100 भूखंडों पर भवन निर्माण नहीं करने का कारण पूछेगा आरडीए

जवाब उपयुक्त नहीं पाए जाने पर भूखंड का अनुबंध होगा निरस्त
 रायपुर, 3 अप्रैल 2016, देवेद्रनगर के सौ से ज्यादा रिक्त भूखंड जिन पर मकान नहीं बनाए गए हैं को रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा कारण बताओ सूचना दे कर यह पूछेगी कि उन्होंने नियम के अनुसार निर्धारित समय में अपने भूखंड पर भवन निर्माण का काम क्यों नहीं किया. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे और मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया ने आज सुबह राजस्व शाखा के अधिकारियों का साथ देवेन्द्रनगर के सभी सेक्टरों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने पाया कि कई भूखंड रिक्त पड़े हैं. वे आवंटित तो है और रिक्त भी पर उनमें अनुबंध की शर्तों के अनुरुपर निर्धारित दो वर्ष की अवधि में निर्माण कार्य नहीं किया गया है.
उल्लेखनीय है कि देवेन्द्रनगर 1983 से अस्तित्व में आई थी और वहां पांच सेक्टरों में आवासीय योजना विकसित की गई थी. इसके अतिरिक्त वहां व्यावसायिक योजना भी विकसित की गई थी. सन् 2008 में यहां प्रदेश के सबसे पहले मॉल की अवधारणा पर कार्य शुरु किया गया था जो 10 अक्टूबर 2010 को बन कर शुरु हो गया था.

Apr 1, 2016

आरडीए अध्यक्ष का देवेन्द्रनगर स्थित पत्रकार कॉलोनी का दौरा

रायपुर 01 अप्रैल 2016, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने आज प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे तथा मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया के साथ देवेन्द्रनगर स्थित पत्रकार कालोनी का दौरा कर वहां प्राधिकरण की संपत्तियों का अवलोकन किया. उन्होंने उन रिक्त भूखंडो का अवलोकन किया जो आवंटन के के बाद रिक्त पड़े है जिनमें आज तक निर्माण नहीं किया गया है. इस अवसर पर पार्षद श्री गोपाल सोनी, पूर्व पार्षद श्री दिलीप सारथी भी उपस्थित थे. 

8 विक्रय अभिकर्ताओं का अनुबंध निरस्त

सरचार्ज में छूट की अवधि एक माह बढ़ी
लागत बढ़ने से कमल विहार के छोटे आवासीय प्लॉटों की दरें बढ़ी
रायपुर 01 अप्रैल 2016, रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा 3 लाख रुपए तक की सरचार्ज राशि में दी जा रही छूट को बढ़ा कर 30 अप्रैल तक कर दिया गया, पहले यह छूट 31 मार्च तक थी. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे के पास आवंटितियों व्दारा इस संबंध में लगातार मांग आ रही थी की सरचार्ज राशि में छूट की अवधि को आगे बढ़ाया जाए. इस पर प्राधिकरण के संचालक मंडल की बजट बैठक में बकायादारों व्दारा एक मुश्त राशि जमा करने पर सरचार्ज की राशि में छूट की अवधि को एक माह तक और बढ़ा दिया गया है. 
संचालक मंडल व्दारा लिए गए एक और निर्णय के अनुसार विभिन्न योजनाओं में विक्रय की जाने वाली संपत्तियों के लिए नियुक्त किए गए 8 एजेंटो (विक्रय अभिकर्ता) व्दारा कार्य नहीं किए जाने के कारण उनका अनुबंध समाप्त कर दिया गया है. प्राधिकरण ने इससे पूर्व में कुल 18 एजेंटो की नियुक्ति की थी जिनमें से आठ एजेंटों व्दारा व्यवसाय नहीं किया जा रहा था, इस कारण उनका अनुबंध समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इनमें मंजिन्दर सिंह भामरा, चन्द्रकांत बावरिया, महेन्द्र कोचर जैन, डागा बन्धु दीपक डागा, सुशांत पोलाई, विकल्प अग्रवाल, सुलभ अग्रवाल और राजेश गिदवानी शामिल हैं.  
      वहीं प्राधिकरण व्दारा बड़े भूखंडों को छोटे किए जाने के फलस्वरुप उसके अधोसंरचना की लागत बढ़ने का कारण 2000 वर्गफुट के तक आवासीय प्लॉटों की दरें 5 प्रतिशत बढ़ा दी हैं. इससे पहले फ्रीहोल्ड के भूखंडों का मूल्य 1696 रुपए प्रति वर्गफुट था जिसे बढ़ा कर 1781 रुपए प्रति वर्गफुट तथा लीज होल्ड प्लॉटों की दरें 1402 रुपए प्रति वर्गफुट से बढ़ा कर 1472 रुपए प्रति वर्गफुट कर दिया गया है.

      उल्लेखनीय है कि सरचार्ज राशि में रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा 31 मार्च तक आवंटितियों को एकमुश्त राशि का भुगतान करने पर आवासीय संपत्तियों की सरचार्ज राशि पर 50 प्रतिशत, व्यावसायिक संपत्तियों पर 40 प्रतिशत तथा शैक्षणिक संपत्तियों पर 45 प्रतिशत सरचार्ज राशि में छूट दी गई थी जो 3 लाख रुपए तक के सरचार्ज राशि पर ही दी जा रही थी. अब इस छूट को बढ़ा कर अब 30 अप्रैल तक कर दिया गया है.