जनभागीदारी की योजना अब देश भर में बनी मिसाल
रायपुर, 29 सितंबर 2015, प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के निर्देश के बाद से कमल
विहार के मूल भूस्वामियों को उनके विकसित भूखंडों का कब्जा लगातार दिया जा रहा है.
रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने बताया कि
कमल विहार स्थल कार्यालय में नियमित रुप से लगे विशेष कैंप में आज तक कुल 1051
भूमि स्वामियों ने विकसित भूखंडों का कब्जा ले लिया है. विकसित भूखंड देने का यह
सिलसिला नियमित रुप से जारी है. रविवार को छोड़ कर अन्य शासकीय अवकाश के दिनों में
भी भूमि स्वामी अपने को आवंटित भूखंडों का कब्जा ले रहे है.
प्राधिकरण ने नगर विकास योजना कमल विहार के लिए जिन 90 प्रतिशत भूमि स्वामियों
के साथ योजना बनाने की जो साझेदारी की है वह अब एक मिसाल बन गई है. लैंड पूलिंग
योजना का यह मॉडल देश भर में एक चर्चा का विषय बन गया है. देश विदेश के कई
विशेषज्ञ पहले ही जनभागीदारी की इस योजना के बारे में कई मंचो पर चर्चा कर रहे
हैं. इसी सिलसिले में गत दिनों कमल विहार योजना के भूमि प्रबंधन को श्रेष्ठ मानते
हुए आर्डर ऑफ मेरिट का अवार्ड प्रदान किया गया.
प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने नई दिल्ली में आर्डर ऑफ मेरिट
का अवार्ड प्राप्त करने के बाद विशेषज्ञों से चर्चा करते हुए कमल विहार लैंड
पूलिंग प्रणाली के बारे में जानकारी दी और बताया कि केन्द्र सरकार ने भी इस योजना
की जानकारी मांगी है. इसके अलावा दिल्ली विकास प्राधिकरण ने भी कमल विहार की तर्ज
पर भूमि प्रबंधन की नई पॉलिसी बना रही है.