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Dec 13, 2014

Dec 5, 2014

कमल विहार का लोकार्पण 25 जनवरी 2015 को – श्री राजेश मूणत

हर सेक्टर में लगेंगे जानकारी देने वाले होर्डिंग्स
मध्‍यम आय वर्ग के लिए आवास का प्रस्‍ताव तैयार के निर्देश

रायपुर 05 दिसंबर 2014. कमल विहार योजना के चार सेक्टरों का लोकार्पण 25 जनवरी 2015 को मुख्‍यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हाथों होगा. आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने आज रायपुर विकास
प्राधिकरण की कमल विहार योजना के अवलोकन के दौरान उक्‍त घोषणा की. श्री मूणत ने कहा कि लोकार्पण के पहले सेक्‍टर 4, 5 6, 7 के अधोसंरचना विकास का सभी कार्य पूरा कर लिया जाए. उन्‍होंने प्राधिकरण के अधिकारियों से कमल विहार के चारों दिशाओं में भव्‍य एवं आकर्षक प्रवेश व्‍दार बनाए जाने का कार्य शीघ्रता से पूर्ण करने को कहा. श्री मूणत ने कमल विहार के भूखंडों पर नागरिकों के लिए मध्‍यम आय वर्ग के लिए फ्लैट्स, आवास और डुप्‍लेक्‍स बनाने की संभावनाओं पर विचार कर प्रस्‍ताव तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया.
श्री मूणत ने आज देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक कमल विहार योजना के कई सेक्‍टरों का आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री संजय शुक्‍ला, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्‍यक्ष श्री एस.एस. बजाज, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के साथ निरीक्षण कर विकास कार्यों का
जायजा लिया. उन्होंने कहा कि कमल विहार के सभी 15 सेक्‍टरों की तैयार की गई कार्ययोजना के अनुसार हर एक सेक्‍टर के कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा प्राधिकरण स्‍तर पर की जाए. यदि इसमें किसी अन्‍य विभाग के साथ समन्‍वय की आवश्‍यकता हो तो इस बात से उन्‍हें सीधे अवगत कराए जाए ताकि कार्य में तेजी लाई जा सके.

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने धमतरी राष्‍ट्रीय राजमार्ग से कमल विहार और फुण्‍डहर जाने वाले मार्ग के चौक को राष्‍ट्रीय राजमार्ग के मापदण्‍डों के अनुसार चौड़ा करने के भी निर्देश देते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग तथा रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी एक साथ बैठकर इसकी डिजाईन 10 दिसंबर तक पूर्ण कर उसका प्रस्‍ताव उन्‍हें दिखाएं. श्री मूणत ने प्राधिकरण के अधिकारियों से कहा कि वे नगर विकास की इतनी बड़ी योजना विकसित कर रहे हैं तो उन्‍हें भूखंडधारियों, आवंटितियों तथा यहां आने वाले लोगों की जानकारी के लिए बड़े होर्डिंग्‍स लगाना चाहिए ताकि किसी को भूखंड तक पहुंचने में कोई तकलीफ न हो. इन होर्डिंग्‍स पर कमल विहार का मानचित्र हो तथा यहां दी जाने वाली विभिन्‍न सुविधाओं का उल्‍लेख भी किया जाए. 
श्री मूणत ने चर्चा के दौरान अधिकारियों से यह  कि देश के बड़े अन्‍य शहरों में विकास और निर्माण के जो कार्य हो रहे हैं उसके मुकाबले हमारा काम उससे बेहतर है. इस अवसर पर प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग, कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, प्रोजेक्ट मैंनेजमैंट कंसलटेंट वैपकॉस, लार्सन एंड टूर्बो के प्रतिनिधि उपस्थित थे.  

Dec 3, 2014

Nov 28, 2014

अवैध प्लाटिंग कर सड़क की भूमि के बदले प्लॉट मांगने वालों को कमल विहार में नहीं मिलेंगे भूखंड

नामांतरण के बाद नियमित रुप से हो रहा विकसित भूखंडों का आवंटन
 रायपुर 28 नवंबर 2014, कमल विहार योजना में रायपुर विकास प्राधिकरण उन भूस्वामियों को विकसित भूखंडों का आवंटन नहीं करेगा जिन्होंने अवैध रुप से प्लॉटिंग कर सड़क अथवा रास्ते कि लिए छोड़ी गई भूमि के बदले विकसित भूखंडों की मांग की हैं. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने ऐसे अवैध प्लॉटिंग करने वाले सभी लोगों की सूची आयुक्त नगर निगम को भेजी है. इन सभी के विरुध्द कालोनाईजर एक्ट के उल्लंघन करने के कारण एफआईआर दर्ज कराते हुए कार्रवाई की जाएगी.
अवैध प्लॉटिंग कर किया शर्तों का उल्लंघन
श्री कटारिया ने कहा है कि भले ही अवैध प्लाटिंग करने वाले भूमि स्वामियों से प्राधिकरण के साथ अपना पहला अनुबंध कर लिया है. पर उन्हें अनुबंध की शर्त के उल्लघंन के कारण विकसित भूखंड नहीं दिया जाएगा. जिनके साथ पहला अनुबंध किया गया है उस अनुबंध की शर्त क्रमांक 4 में स्पष्ट रुप से इस बात का उल्लेख है कि " भूमि स्वामी यह भी आश्वासित एवं घोषित करता है कि उक्त भूमि अवैध भूखंडों की श्रेणी में नहीं आती एवं योजना क्षेत्र के अंतर्गत अनाधिकृत व्यक्तियों के व्दारा की गई अवैध रुप से प्लॉटिंग के बाद उनके व्दारा रोड, गार्डन इत्यादि के मद में छोड़ी गई भूमि के श्रेणी में भी नहीं आता है. इसलिए वह अपनी भूमि के अर्जन के प्रतिफल में पुनर्गठित विकसित भूखंड का हकदार है. " इस कारण ऐसे लोगों को विकसित भूखंड देने का सवाल ही नहीं उठता वरन ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.  
हाईकोर्ट से भी याचिका खारिज हुई
छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 50 के अंतर्गत गठित समिति व्दारा नगर विकास योजना क्रमांक 4 (कमल विहार) के संबंध में दिनांक 8 जून 2010 को प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक मंडल व्दारा भी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना प्लॉट काट कर बेचने तथा कालोनाईजर एक्ट की उल्लंघन  करते हुए सड़क, नाली इत्यादि सार्वजनिक मद में छोड़ी गई भूमि जो भूमिस्वामी के नाम पर राजस्व अभिलेख में दर्ज है को विकसित प्लॉट नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया था. ऐसे अवैध प्लॉटिंग की जानकारी जिला प्रशासन रायपुर से लिए जाने का उल्लेख है. प्राधिकरण ने आगे कहा है कि ऐसे अवैध प्लॉटिंग वाले कुल छह लोग जिन्होंने आरडीए के साथ पहला अनुबंध किया था और वे कलेक्टर रायपुर व्दारा भेजी गई टुकड़ों में ब्रिक्री की गई भूमि की सूची में शामिल थे. ऐसे लोगों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में याचिका दायर की थी जिसे माननीय उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है.
अवैध प्लॉटिंग की,धोखे से बेचे प्लॉट, अब कमल विहार में मांग रहे हैं प्लॉट
प्राधिकरण का कहना है कि छत्तीसगढ़ शासन व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से नगर विकास योजना कमल विहार का विकास इसलिए किए जा रहा है ताकि राज्य के नागरिकों को अवैध प्लॉटिंग से होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके. लेकिन अवैध प्लॉटिंग करने वालों ने बिना सक्षम अधिकारी से नक्शा पास कराए कागजों पर नक्शे बनाएं, ढ़ेर सारे अवैध प्लॉट काटे और उसे नागरिकों को धोखे से बेचा. अब उसी नक्शे की सड़कों की जमीन को अपना बता कर उसके बदले कमल विहार में विकसित प्लॉट मांग रहे हैं. यानि एक तो ऐसे लोगों ने नियम विरुध्द काम किया, आम नागरिकों से धोखा किया और ऊपर से बड़ी सीनाजोरी से कमल विहार में प्लॉट मांग रहे हैं. 
नामांतरण के बाद लगातार हो रहा दूसरा अनुबंध
श्री कटारिया ने कहा कि कमल विहार योजना में शामिल 4969 भूमि स्वामियों में से वर्तमान में 861 लोगों को विकसित भूखंड का आवंटन कर उनके साथ दूसरा अनुबंध कर लिया गया है. प्रक्रिया के अन्तर्गत जिन लोगों ने प्राधिकरण के साथ पहला अनुबंध कर अपनी भूमि कमल विहार योजना के लिए सहमति दी है उसके आधार पर तहसीलदार रायपुर व्दारा पहले ऐसे भूमि स्वामियों की भूमि का रायपुर विकास प्राधिकरण के नाम पर नामांतरण किया जा रहा है. प्राधिकरण के नाम पर भूमि का नामांतरण हो जाने के बाद प्राधिकरण व्दारा भूमि स्वामियों से दूसरा अनुबंध कर नियमित रुप से विकसित भूखंडों का आवंटन किया जा रहा है. वर्तमान में एक हजार भूमि स्वामियों के नामांतरण के साथ ही उन्हें सूचित किया गया है कि वे प्राधिकरण से दूसरा अनुबंध कर विकसित भूखंड प्राप्त कर लें. नामांतरण की यह प्रक्रिया लगातार हो रही है. जैसे जैसे प्राधिकरण के नाम पर भूमि का नामांतरण हो रहा है वैसे वैसे प्राधिकरण भूमि स्वामियों को उनके भूखंडों का दूसरा और अंतिम आवंटन कर रहा है.     
नागरिकों को धोखे से बेचा प्लॉट
श्री कटारिया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग वाले काफी रसूखदार और राजनैतिक पहुंच वाले लोग है जिन्होंने असली भूस्वामियों की जमीनों को कौडियों की भाव खरीदा, उस पर अवैध प्लॉट काट कर बेचा, उसका स्वयं फायदा लिया, पूरे छत्तीसगढ़ के नागरिकों को धोखा दिया और कही सामने नहीं आए. अवैध प्लॉट खरीदने वालों को संकरी सड़कों, नाली, बिजली, पानी और बैंक ऋण लेने की काफी परेशानी होती रही. प्लॉट खरीदने वाले न तो वे अपना मकान बना पाए और न ही उनकी राशि का उपयोग हो पाया. ऐसे में छत्तीसगढ़ शासन ने नगर विकास योजना कमल विहार के माध्यम से आम नागरिकों को राहत दी. यही नहीं ऐसे लोग पिछले चार सालों से जब से कमल विहार के विकास का कार्य शुरु हुआ है तब से लगातार इसका प्रायोजित दुष्प्रचार कर रहे हैं. 

Nov 17, 2014

छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा रिक्रिएशन पार्क
 - वंडरलैंड पार्क - 
इन्द्रप्रस्थ रायपुरा











Nov 16, 2014

उद्घाटन के बाद व्यवस्था देखने फिर वंडरलैंड पार्क पहुंचे श्री मूणत

युवाओं के साथ खिचाई सेल्फी
रायपुर,16 नवम्बर 2014, वंडरलैंड के उद्घाटन के बाद वहां की व्यवस्था कैसी है है और लोगों के लिए बनाए गए मनोरंजन स्थल में क्या लोग वाकई इसका आनंद ले पा रहें हैं इसका हाल - चाल जानने  के लिए आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत आज शाम वंडरलैंड पार्क पहुंचे. इस दौरान रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया और वंडरलैंड के संचालक श्री विजय चौधरी भी वहां मौजूद थे.
      रायपुर विकास प्राधिकरण और पंचामृत इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता व्दारा इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में विकसित वंडरलैंड पार्क के उद्घाटन के 17 वें दिन आज आवास एवं पर्यावरण मंत्री वहां दोबारा पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों के साथ वाटर पार्क के विभिन्न राईड्स और पूल का अवलोकन किया. रविवार होने के कारण आज वंडरलैंड में काफी लोग छुट्टियों का आनंद मनाने परिवार सहित वहां पहुंचे थे. कुछ लोग तो अन्य शहरों से भी वंडरलैंड पार्क का आनंद लेने आए थे. वंडरलैंड के संचालक के अनुसार आज लगभग दो हजार लोगों ने यहां अपने परिवार और मित्रों के साथ अपना मनोरंजन किया.
      दरअसल आवास एवं पर्यावरण मंत्री आज यह देखने के लिए वंडरलैंड पार्क गए थे कि वंडरलैंड में जनता को उपलब्ध कराई गई सुविधाएं ठीक से काम कर रहीं है या नहीं और यहां की व्यवस्था में क्या क्या सुधार किया जा सकता है. मंत्री जी ने 19 एकड़ क्षेत्र में बने पूरे वंडरलैंड का भ्रमण किया और वंडरलैंड के संचालक को कहा कि राजधानी होने के कारण लोग पर्यटन की दृष्टि से नियमित रुप से लोग यहां आएंगे. इसलिए उन्हें न सिर्फ मनोरंजन के लिए उपलब्ध कराए गए साधनों की सेवा और संरक्षण पर नियमित रुप से ध्यान देना होगा वरन सफाई की व्यवस्था अच्छी रखनी होगी. उन्होंने पार्क के संचालक को कहा कि यहां के चेंजिग रुम को और बड़ा किया जाए तथा विभिन्न स्थानों पर अच्छे बड़े आकार के डस्टबिन लगाए जाएं. उन्होंने कहा कि वंडरलैंड पार्क के विभिन्न उपकरणों को नियमित रुप से पेन्ट कर उसे सुन्दर रखना चाहिए. श्री मूणत ने बोटिंग एरिया भी देखा और उसे और बेहतर स्वरुप में विकसित कर शीघ्र ही शुरु करने पर जोर दिया. श्री मूणत ने कहा वंडरलैंड पार्क में मनोरंजन के लिए क्लब हाऊस का काम भी जल्द पूरा कर उसे चालू किया जाए. 
                   मंत्री के साथ युवाओं ने खिचवाई सेल्फी फोटो

      रविवार होने के कारण वंडरलैंड पार्क में आज काफी संख्या में लोग पहुंचे थे. उनमें से परिवार के साथ कई युवा और बच्चे भी शामिल थे. इनमें से कई लोगो जो मंत्री जी को जानते थे. उन्होंने मंत्री जी को अपने पास आते देख उनका अभिवादन किया. इस पर हल्के फुल्के अंदाज में मंत्री जी ने भी बच्चों और युवाओं से पूछा कि उन्हें इस पार्क में आ कर कैसा लग रहा है तो लोगों ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि बहुत अच्छा लग रहा है. हमें मजा आ रहा है.  मंत्री जी जब और आगे स्वीमिंग पूल की ओर बढ़े तो कुछ युवाओं ने मंत्री जी को रोक कर उनसे अपने मोबाईल से सेल्फी फोटो खिचाने का आग्रह किया. मंत्री जी ने कहा ठीक है और उन्होंने ऐसे युवाओं के साथ उनके मोबाईल पर अपनी सेल्फी फोटो भी खिचवाई. 

       आवास एवं पर्यावरण मंत्री के इस भ्रमण के दौरान प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, अतिरिक्त सीईओ श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी. आर. नारंग, वंडरलैंड पार्क के संचालक श्री विजय चौधरी, श्री बजंरग खंडेलवाल, श्री आशीष अग्रवाल, श्री अशोक पांडेय, श्री अमित मैशेरी भी उपस्थित थे.   





           

Nov 10, 2014

 - I N O F O R M A T I O N -  

No News till the Municipal Corporation's Election is over

Raipur, Chhattisgarh State Election Commission has declaired the Urban Bodies Polls. It will be held on 8th December and 11th December 2014,  Result will be declaired on 15th December 2014. Due to Model code of Conduct Raipur Development Authority will not post any Development News till the Election is over.
 

Nov 6, 2014

8 नवंबर से शुरु होगा आरडीए का वंडरलैंड पार्क

-  छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा रिक्रिएशन पार्क है वंडरलैंड -
रायपुर 6 नवंबर 2014 / 30 अक्टूबर को जिस वंडरलैंड पार्क का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लोकार्पण किया था उसके एम्युजमेंट पार्क में लगे मनोरंजन के झूलों का परीक्षण करने के बाद अब इसे 8 नवंबर को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा नियुक्त डेव्हलपर कंपनी पंचामृत के संचालक श्री रामरतन चौधरी ने बताया कि हमने लगभग सारा तकनीकी परीक्षण कर लिया है. अब हम इसे शनिवार को जनता के लिए प्रारंभ कर देगें.
गत दिनों आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने मीडिया के साथ योजना स्थल के भ्रमण के बाद इसके प्रवेश शुल्क में कमी करने की घोषणा की थी. श्री मूणत ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के चलते एक माह के लिए रियायती शुल्क रखने का निर्देश कंपनी को दिया था. जिस पर कंपनी ने अपनी सहमति दे दी थी. पार्क में घूमने और ज्वांइट व्हील अथवा टॉय ट्रेन में से किसी एक के लिए डेव्हलपर कंपनी की टिकिट का शुल्क 25 रुपए रखा गया है. एम्युजमेंट अथवा वॉटर पार्क के लिए अलग – अलग टिकटों का शुल्क 99 रुपए होगा तथा पूरा पैकेज जिसमें एम्युजमेंट और वॉटर पार्क की टिकिट 150 रुपए की होगी.
रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया के अनुसार वंडरलैंड पार्क लोगों का मनोरंजन ही नहीं करेगा वरन खेल और शैक्षणिक गतिविधियों के रुप में भी लोगों को आकर्षित करेगा.
इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा स्थित वंडरलैंड पार्क पहुंचने के लिए सुन्दर नगर से आगे रिंग रोड स्थित रायपुरा चौक पहुंच कर दायीं ओर सर्विस रोड पर मुड़ना होगा. यहां से टाटीबंध की ओर लगभग डेढ़ किलोमीटर आगे जा कर शुभ होंडा शोरुम के पहले बायीं की ओर का रास्ते से सीधे वंडरलैंड पार्क पहुंचा जा सकता है.  

वंडरलैंड पार्क के 19 एकड़ क्षेत्र में मुख्यतः चार प्रमुख गतिविधियां संचालित होंगी. जिसमें ड्रॉई जोन, वॉटर जोन, व्यावसायिक तथा क्लब हाऊस को शामिल किया गया है. वंडरलैंड पार्क में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के एक स्वीमिंग पूल का निर्माण किया गया है जिससे राज्य सरकार की मंशा के अनुरुप छत्तीसगढ़ में तैराकी के क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा मिलेगा तथा प्रदेश की नई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आने का मौका मिलेगा. वंडरलैंड पार्क में जो सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं उनमें मल्टी लेवल स्लाईड, साईक्लोन, पेन्डुलम, मल्टी फैमली स्लाईड, रेन डांस, गैन्ट व्हील राईड, टॉय ट्रेन, गो-कार्ट, क्रिकेट पिच, साईंस पार्क, फ्रिसवी राईड, स्विंग चेयर राईड, ऑक्टोपस, रिवर केव में संपूर्ण रामायण के चलचित्र की झांकी, मल्टीलेन किड्स स्लाईड, वेबपूल, नियाग्रा फॉल तथा बोर्ड क्लब की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है. यह कहा जा सकता है कि वंडरलैंड पार्क राजधानी रायपुर आने वाले लोगों के लिए एक पर्यटन केन्द्र के रुप में आकर्षण का केन्द्र होगा.  

Nov 5, 2014

कमल विहार की अंतिम बाधा भी दूर हुई

राज्य शासन ने 292 एकड़ शासकीय भूमि की हस्तांतरित

      रायपुर, 05 नवम्बर 2014, राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना में आने वाली समस्त शासकीय भूमि हस्तांतरित कर दी है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने बताया कि कमल विहार योजना टिकरापारा, बोरियाखुर्द, डुमरतराई, डूंडा तथा देवपुरी के भू-भागों पर 1600 एकड़ में विकसित की गई है. इस योजना में स्थित 291.97 एकड़ शासकीय भूमि प्राधिकरण के स्थानांतरित होने से अब कमल विहार योजना की सारी बाधाएं दूर हो गई है.
      छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 30 अक्टूबर को जारी अपने आदेशों में टिकरापारा की 7.249 हेक्टेयर, बोरियाखुर्द की 67.367 हेक्टेयर, डुमरतराई की 6.980 हेक्टेयर, देवपुरी की 6.871 हेक्टेयर तथा डूंडा की 29.742 हेक्टेयर भूमि प्राधिकरण को ह्स्तांतरित करते हुए पानी के नीचे, तालाब, पानी के नीचे अन्य, रास्ता, घास, मरघट, शौच, खलिहान, नहर नाली इत्यादि की भूमि के आमजनों को निस्तार के अधिकार को बनाए रखते हुए भूमि का हस्तांतरण किया है. शासन के आदेश के अनुसार बोरियाखुर्द कुल 291.97 एकड़ अर्थात 118.209 हेक्टेयर भूमि अब प्राधिकरण की नगर विकास योजना 4 कमल विहार में शामिल हो गई है.

       लगभग 1085 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रही कमल विहार योजना में तीव्र गति से विकास हो रहा है तथा अगले वर्ष के मध्य तक योजना का विकास पूरा कर लिया जाएगा. योजना में भूखंड आवंटन के प्रति भी लोगों ने खासी रुचि दिखाई है. लगभग साढ़े 4 सौ भूखंड का चार किश्तों में भुगतान की सुविधा के साथ आवंटन किया जा चुका है. व्यावसायिक भूखंडों में देश के कई अन्य शहरों के व्यवसायियों ने भूखंड खरीदे हैं. यही नहीं विदेशों में रह रहे 6 अप्रवासी भारतीयों ने भी यहां अपनी रुचि दिखाते हुए भूखंड क्रय किए हैं. 

Oct 30, 2014

आरडीए का वंडर पार्क राजधानी में लोगों के घूमने के लिए एक अच्छी जगह – डॉ. रमन सिंह

छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े रिक्रिएशन पार्क वडंरलैंड का लोकार्पण

रायपुर, 30 अक्टूबर 2014, मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा है कि रायपुर अब एक महानगर का रुप ले रहा है और यहां वंडरलैंड पार्क खुलने के बाद लोगों को घूमने के लिए एक अच्छी जगह मिल गई है इसमें काफी संभावनाएं है. उन्होंने आज रायपुर विकास प्राधिकरण की इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में रिक्रिएशन पार्क वंडरलैंड पार्क का लोकार्पण करते हुए उक्त बातें कही.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पार्क में रामायण की जो झांकी प्रदर्शित की गई है वह अपने आप में देखने लायक है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 5 सालों में बढ़िया काम किया है और आगे भी बढ़िया काम करेगी. डॉ सिंह ने कहा कि चार साल पहले जब इसका भूमिपूजन करने के लिए मुझे बुलाया गया था तब मन में एक प्रश्न था किया क्या यह समय पर पूरा हो जाएगा ? पर आज मैं प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री बजाज और सीईओ श्री कटारिया सहित सभी अधिकारियों को बधाई देता हूं कि उन्होंने इसे समय पर पूरा कर लोकार्पित करवाया. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्राधिकरण की 110 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाली इन्द्रपस्थ आवासीय योजना के फेस 2 का भी भूमिपूजन किया.    
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री रमेश बैस ने कहा कि वंडरलैंड पार्क के उद्घाटन से रायपुर शहर के विकास की एक और कड़ी जुड़ गई है. उन्होंने कहा कि यदि हमारे घर मेहमान आते थे तो उन्हें घुमाने में हमें बड़ी मुश्किल होती थी. ज्यादा से ज्यादा हम मेहमानों को बूढ़ा तालाब तक घूमा दिया करते थे. लेकिन अब इस पार्क के शुरु होने से बच्चों का भी सपना पूरी हुआ है. श्री बैस ने कहा कि यह अच्छी बात है कि शासन ने पिछले दस सालों में जितने कार्यों का भूमिपूजन किया है उसका उदघाटन कर उसे जनता को भी सौंपा है.
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने इस मौके पर कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ से राजधानी आने वाले लोग इस पार्क में अच्छे से घूम सके इसके लिए यहां प्रवेश का शुल्क कम कर 25 रुपए किया गया है. इससे लोग इस पार्क को पूरा घूम पाएंगे और टॉय ट्रेन का भी आनंद ले पाएंगे.
कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत को एम्युजमेंट पार्क की योजना को सफलता पूर्वक पूरा करने पर बधाई देते हुए कहा कि यह पार्क पूरे छत्तीसगढ़ की पहचान बनेगा. श्री अग्रवाल ने कहा कि किसी भी शहर का विकास वहां आने वाली फ्लोटिंग पापुलेशन के कारण होता है. रायपुर में वंडरलैंड पार्क बनने से यहां लोगों का आना जाना बढ़ेगा. इससे अब हम भी कह सकेंगे हमारे रायपुर में एम्युजमेंट पार्क है. इससे छ्त्तीसगढ़ की एक अलग पहचान बनेगी.   
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वंडरलैंड पार्क में देश में दूसरे नंबर का सबसे ज्वांइट व्हील लगाया गया है. श्री कटारिया ने बताया कि 19 एकड़ क्षेत्र में बने वंडरलैंड पार्क की लागत 25 करोड़ रुपए तथा इन्द्रप्रस्थ फेज 2 की आवासीय योजना जो 130 एकड़ में विकसित होगी उसकी लागत लगभग 110 करोड़ रुपए हैं.

इस अवसर पर प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अमर अग्रवाल, बिहार के शिक्षा मंत्री श्री बिशन सिंह पटेल, रायपुर उत्तर के विधायक श्री श्रीचंद सुन्दरानी तथा वार्ड के पार्षद श्री दीनबंधु सिंह ठाकुर विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे. इस  मौके पर रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया, प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सोनी, श्री श्याम बैस, पूर्व उपाध्यक्ष श्री रतनलाल डागा, श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, श्री वर्धमान सुराना, पूर्व संचालक मंडल के सदस्य श्री गोविंद दुबे,श्री दीनानाथ शर्मा, नगर निगम के सभापति श्री संजय श्रीवास्तव, पंचामृत इंटरटेनमेंट प्रा. लिमिटेड के निदेशक श्री राम रतन चौधरी व श्री विजय चौधरी भी सहित नगर निगम के कई पार्षद, प्राधिकरण के अतिरिक्त सीईओ श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी. आर. नारंग भी उपस्थित थे.  

Oct 25, 2014

इन्द्रप्रस्थ के रिक्रिएशन पार्क ‘वडंरलैंड’ का लोकार्पण 30 अक्टूबर को

प्रदेश का सबसे बड़ा रिक्रिएशन पार्क 
रायपुर, 25 अक्टूबर 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण और पंचामृत इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता व्दारा इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में रिक्रिएशन पार्क वंडरलैंड का लोकार्पण गुरुवार 30 अक्टूबर 2014 की शाम को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व्दारा किया जाएगा. मुख्यमंत्री इसके साथ ही नगर विकास योजना क्रमांक 1 की इन्द्रप्रस्थ फेज 2 की आवासीय भूखड़ों की योजना का भूमिपूजन भी करेंगे. वडंरलैंड पार्क छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और आधुनिक रिक्रिएशन पार्क होगा जहां अर्न्तराष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल का निर्माण भी किया गया है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज अधिकारियों के साथ योजना स्थल का का निरीक्षण कर लोकार्पण से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए.

लगभग 19 एकड़ में विकसित हुए इस रिक्रिएशन पार्क में मुख्यतः चार प्रमुख गतिविधियां होंगी. इसमें ड्रॉई जोन के अन्तर्गत झूले, ट्रेन, स्ट्रॉकिंग कार इत्यादि होंगे. वॉटर जोन में स्वीमिंग पू, वोट क्लब और रेन डांस, टनल शॉपिंग में व्यवासियक तथ क्लब हाऊस का प्रावधान किया गया है. श्री कटारिया ने डेव्हलपर कंपनी पंचामृत इंटरटेनमेंट व्दारा किए गए कार्यों का अवलोकन कर तैयारियों के संबंधित आवश्यक निर्देश भी दिए. भ्रमण के दौरान प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग, कार्यापालन अभियंता श्री श्रीचंद झा व श्री अनवर खान के साथ पंचामृत इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता के श्री रतन चौधरी व श्री विजय चौधरी भी उपस्थित थे.   

Oct 7, 2014

ओमान में रहते हुए कमल विहार का प्लॉट खरीदा


रायपुर, 7 अक्टूबर 2014, खाड़ी के देशों में से एक ओमान में जिंदल समूह के लिए कार्य कर रहे शुभांशु झा ने रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना में अपना मकान बनाने के लिए एक प्लॉट खरीदा है. इसे तकनीक का कमाल कहें या उनके अपने शहर रायपुर के प्रति प्रेम का. श्री झा ने ओमान में बैठे बैठे ही कमल विहार में अपना मकान बनाना का जो सपना देखा था उसकी दिशा में आज एक कदम और आगे बढ़ाया हैं.   

दरअसल जबसे श्री झा को कमल विहार योजना के बारे में पता चला तब से वे इंटरनेट और फोन के जरिए आरडीए के अधिकारियों के लगातार संपर्क में थे. पिछले महीने उन्होंने आरडीए की वेबसाईट से आवेदन पत्र डॉऊनलोड किया और ओमान के अपने बैंक के माध्यम से रायपुर विकास प्राधिकरण के बैंक खाते में प्लॉट की धरोहर राशि जमा कराई और अपना आवेदन कोरियर के माध्यम से प्राधिकरण के कार्यालय भेजा. आरडीए ने लाटरी वाले दिन सभी के आवेदन के साथ उनका भी आवेदन खोला. श्री झा ने अपनी पसंद का जो प्लॉट मांगा था उसमें कोई प्रति स्पर्धा नहीं होने के कारण वह प्लॉट उन्हें आवंटित हो गया. प्लॉट आवंटित होने के बाद उन्होंने ईमेल के माध्यम से प्लॉट आवंटन के आदेश की प्रतिलिपि मांगी. आरडीए से आवंटन आदेश की प्रति मिलते ही उन्होंने रायपुर के एक बैंक से संपर्क किया तो बैंक ने उन्हें रायपुर आकर औपचारिकता पूरी करने के लिए कहा. रायपुर आने के बाद वे बैंक गए तो वहां अधिकारियों ने उन्हें आरडीए से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लाने के लिए कहा. बस इसी काम से वे आज प्राधिकरण के कार्यालय आए थे. उन्होंने प्राधिकरण में राजस्व अधिकारी पुलक भट्टाचार्य और सहायक राजस्व अधिकारी श्री आर.एस. दीक्षित से मिल कर एनओसी  की बात बताई तो प्राधिकरण के अधिकारियों ने उन्हें चाय पिलाई और हाथो हाथ एनओसी दे दी. श्री झा ने प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया से भी मुलाकात की और कमल विहार के विकास के संबंध में जानकारी ली. बाद में आरडीए के अधिकारियों ने उन्हें कमल विहार में उनको आवंटित प्लॉट दिखाया. उन्हें जिस सेक्टर में प्लॉट मिला है वहां अभी विकास कार्य चल रहा है. पहली बार कमल विहार का मुआयना करने के बाद उन्होंने कहा कि मैं कमल विहार के कार्य से मैं बेहद संतुष्ट हूं और खुश हूं कि मैं यहां अपना मकान बनाऊंगा. विकास के मामले में मैं कमल विहार को नौ में से दस नंबर देता हूं.  

Oct 2, 2014

आरडीए में स्वच्छता को और बेहतर बनाने के लिए सफाई अभियान की हुई शुरुआत


रायपुर, 02 अक्टूबर 2014. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के इस आव्हान के साथ कि हम सबको अपने कर्म स्थल को किसी मंदिर या पूजा स्थल की तरह पवित्र मानकर उसकी स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए आज रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में भी  स्वच्छता अभियान की शुरुआत की गई. प्राधिकरण के अतिरिक्त् मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद और मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया ने आज कार्यालय परिसर के प्रवेश व्दार के बाहर और सीढ़ियों में स्वयं झाड़ू लगा कर अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहित कर राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान की शुरुआत की. 
श्री शरीफ ने अधिकारियों के साथ कार्यालय के अन्दर का निरीक्षण कर साफ सफाई की बेहतर व्यवस्था तथा मानक निर्धारण करने के संबंध में चर्चा की. उन्होंने कहा कि साफ सफाई के संबंध में नियमित रुप स्थाई व्यवस्था तथा उसकी मानिटरिंग होती रहे ऐसी व्यवस्था का कार्यक्रम बनाया जाए. इस अवसर पर प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग, कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे व श्री अनवर खान, सहायक अभियंता श्री वाय.सी. साहू, श्री अनिल गुप्ता, श्री एम.एस. पांडे, श्री बी.के. ठाकुर उप अभियंता श्री सुशील शर्मा उपस्थित थे.

 
  

Sep 20, 2014

कमल विहार में अनियमित आकार के बदले नियमित आकार के भूखंड लाटरी से दिए जाएंगें – श्री बजाज

लाटरी से नियमित भूखंड ही आवंटित होंगे

रायपुर, 20 सितबंर 2014. रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज ने कहा है कि कमल विहार योजना में जिन व्यक्तियों को लाटरी के माध्यम से अनियमित आकार के भूखंड मिले है यदि वे इसकी जगह नियमित आकार के भूखंड लेना चाहते हैं तो वे अपना आवेदन प्राधिकरण कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं. श्री बजाज ने आज प्राधिकरण कार्यालय में एक समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को उक्त निर्देश दिया कि वे भविष्य में नियमित आकार के भूखंडों को ही लाटरी में शामिल करें तथा आवेदकों को भूखंडों के आकार की जानकारी भी उपलब्ध कराएं.   
श्री बजाज ने आगे कहा कि ऐसे समस्त आवंटिती जिन्हें कमल विहार में अनियमित आकार के भूखंड लाटरी से प्राप्त हुए हैं वे सभी नियमित आकार के भूखंड प्राप्त करने के लिए अपना आवेदन आवेदन प्राधिकरण कार्यालय में दस दिनों में प्रस्तुत कर दें.

Sep 19, 2014

Sep 11, 2014

आंधप्रदेश में नई राजधानी बनाने रायपुर के विकास मॉडल का अध्ययन

आंध्रप्रदेश के मंत्री की टीम ने देखा कमल विहार
भूअर्जन नीति समझने पर दिया जोर

रायपुर, 11 सितबंर 2014. आंधप्रदेश के विजयवाड़ा में नई राजधानी बनाने के लिए वहां की सरकार देश के विभिन्न भागों की भूअर्जन की नीतियों को समझने की दिशा में आज रायपुर पहुंची. वहां के नगरीय निकाय और शहरी विकास मंत्री डॉ. पी. नारायणा के नेतृत्व में अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की एक उच्च स्तरीय टीम ने पहले नया विश्राम गृह में छत्तीसगढ़ के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के साथ मुलाकात कर कमल विहार योजना की अवधारणा का प्रस्तुतिकरण देखा. 

आंध्रप्रदेश की टीम की रुचि जनभागीदारी के साथ बनी नगर विकास योजना कमल विहार के लिए की गई भूमि अर्जन को लेकर ज्यादा थी. प्रस्तुतिकरण देखने के बाद टीम सीधे कमल विहार पहुंची और वहां उन्होंने अधोसंरचना विकास के अन्तर्गत भूमिगत नालियां, सीवर लाईन, स्ट्रॉम वाटर पाईप लाईन, संचार केबल तथा जलप्रदाय की पाईप लाईनों से हर भूखंड को दिए जाने वाले कनेक्शन के बारे में अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज से काफी विस्तार से जानकारी ली. अधिकारियों ने कमल विहार के विकास कार्यों और बनी योजना को सराहा और कई तकनीकी जिज्ञासाओं पर सवाल भी पूछे. 
टीम के एक सदस्य ने बताया कि वे पिछले दो दिनों में गांधीनगर और चंडीगढ़ में शहरी  विकास का अध्ययन करके रायपुर आएं हैं. इसके बाद वे भुनेश्वर का अध्ययन करने उडीसा भी जाएंगे. उल्लेखनीय है की छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व्दारा राज्य में किए जा रहे विकास कार्यों की राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के बाद देश विदेश से लोग छत्तीसगढ़ को देखने आने लगे हैं. काबुल डेव्हलपमेंट अथॉरिटी और दिल्ली डेव्हलपमेंट अथॉरिटी के बाद  गत 25 अगस्त को आंध्रप्रदेश के गुंटूर जिले के तेनाली, पोन्नूर और नरसापुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और अधिकारियों ने भी कमल विहार और नया रायपुर के विकास कार्यों का अध्ययन किया था.
इस टीम में आंध्रप्रदेश के नगरीय प्रशासन आयुक्त श्रीमती वाणी मोहन, शहरी वित्त अधोसंरचना विकास निगम के श्री मधुसूदन रेड्डी, राजधानी निर्माण के सलाहकार और पूर्व विधायक श्री बी. मस्तान, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के इंजीनियर इन चीफ श्री पांडुरंगा राव, डायरेक्टर टॉऊन एंड कन्ट्री प्लॉनिंग श्री टी. रेड्डी व नेल्लूर के महापौर श्री शेख अब्दुला शामिल थे. रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस. एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौरभ कुमार, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी. आर. नारंग, नया रायपुर के महाप्रबंधक (प्रशासन) श्री महादेव कावरे, मुख्य अभियंता श्री सलिल श्रीवास्तव भी उपस्थित थे. 

Aug 25, 2014

आंध्रप्रदेश की नई राजधानी बनाने के पहले कमल विहार और नया रायपुर देखने पहुंची टीम

आंध्रप्रदेश की टीम का कमल विहार का दौरा
रायपुर, 25 अगस्‍त 2014. आंधप्रदेश की नई राजधानी बनाने के पहले वहां की राज्य सरकार ने देश के सात बड़े नगरों के विकास देखने के लिए अपनी टीमें भेजी हैं. इसमें से एक टीम रायपुर विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना और नया रायपुर देखने आज रायपुर पहुंची. मध्यम स्तर के अधिकारियों और पदाधिकारियों की इस टीम में गुंटूर जिले के तेनाली, पोन्नूर और नरसापुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और अधिकारियों ने पहले रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय में सीईओ श्री सौरभ कुमार और मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया से भेंट की तथा उनसे कमल विहार के सिध्दांत, योजना की अवधारणा और उसके क्रियान्वयन का जानकारी ली. दोपहर बाद यह टीम कमल विहार योजना स्थल गई और वहां के विकास कार्यों का अवलोकन किया.

तेनाली नगर पालिका परिषद के आयुक्त श्री गोपीनाथ ने बताया कि आंधप्रदेश सरकार ने डॉ. रमन सिंह की छत्तीसगढ़ सरकार व्दारा विकसित किए जा रहे नया रायपुर और कमल विहार योजना में हो रहे आधुनिक विकास के बारे में काफी कुछ सुना रखा था. इसलिए वहां के नगरीय निकाय और शहरी विकास मंत्री डॉ. नारायण राव ने एक दल को अध्ययन के लिए रायपुर भेजा है. उन्होंने कहा कि हम यहां शहर के नए विकास को समझने के लिए आएं ताकि इसका लाभ आंध्रप्रदेश की नई राजधानी बनाने में मिल सके. उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने सात अलग अलग टीमों को देश के अन्य शहरों में भी भेजा है जिनमें नवी मुंबई, गांधीनगर, चंड़ीगढ़, बंगलूरू, नया रायपुर शामिल है. रायपुर आई टीम कल नया रायपुर और परसों रायपुर शहर का दौरा करेगी.    

आंध्रपदेश के इस दल में पोन्नूर नगर पालिका की अध्यक्ष डॉ. (श्रीमती) सज्जा हेमलता, वार्ड सदस्य श्रीमती शेख मुख्तार बेगम, नरसापुर नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पी. रतनमाला, तेनाली नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष श्री एम. कोटेश्वर राव, आयुक्त श्री पी. गोपीनाथ, नगर निवेशक श्री अशोक कुमार शामिल थे. इस अवसर पर प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर.नारंग, सलाहकार कंपनी के वैपकास और ली एंड एसोसियेट के इंजीनियर्स भी शामिल थे.