Search This Blog

Jan 28, 2009

श्री अमित कटारिया ने आरडीए सीईओ का कार्य संभाला

रायपुर 28 जनवरी 2008, राज्य शासन के आदेश के बाद आज शाम भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री अमित कटारिया ने श्री एम.डी.दीवान से रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पदभार ग्रहण किया.
इस अवसर पर प्राधिकरण के प्रभारी अधीक्षण अभियंता डी.एस.परौहा, भवन अनुज्ञा अधिकारी प्रीतपाल सिंह होरा, राजस्व अधिकारी प्रणव सिहं और जनसंपर्क अधिकारी, कर्मचारी संघ के सचिव धर्मेन्द्र सिंह सेंगर ने उनका स्वागत किया. श्री कटारिया ने पदभार ग्रहण करने के बाद प्राधिकरण की गतिविधियों की जानकारी ली. श्री कटारिया नगर निगम रायपुर के आयुक्त भी है. श्री दीवान अब आगामी आदेश तक उपसचिव, छत्तीसगढ़ शासन होगें.

आरडीए में 10 दैनिक वेतनभोगी श्रमिक नियमित

रायपुर 28 जनवरी 2008, रायपुर विकास प्राधिकरण में 1989 से कार्यरत दस दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को कार्यभारित स्थापना के अन्तर्गत सांख्येत्तर रुप से नियमित कर दिया गया है।
आवास एवं पर्यावरण विभाग, छ्तीसगढ़ शासन के आदेश के अनुसार श्रीमती पंचबाई, बिसेसर, श्रीमती महेशीबाई, भोलाराम साहू, तुलाराम, परसराम, भगवान, श्रीमती सुनीता व रामरतन को कार्यभारित स्थापना में रुपए 2550 – 3200 के वेतनमान में नियमित किया गया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस।एस। बजाज के अनुमोदन पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम।डी। दीवान ने आज इस आशय का आदेश जारी किया।

Jan 27, 2009

आरडीए में एकल खिड़की प्रणाली शुरु


· भवन निर्माण एनओसी अब बिना नक्शे के मिलेगी
· सूचना का अधिकार के आवेदन भी एकल खिड़की से
· इ - गवर्नेंस व कॉल सेन्टर पर भी विचार

रायपुर 27 जनवरी 2008, रायपुर विकास प्राधिकरण में भवन निर्माण की एनओसी अब बिना नक्शे के 7 कार्यदिवसों में मिलने लगेगी. हस्तांतरण व नामांतरण के प्रकरणों में भी 10 कार्यदिवसों में निपटारा हो जाएगा बशर्ते आवेदकों नें सभी बकाया राशि का भुगतान समय से कर दिया हो. नल कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए अब 7 दिनों में सीधे सहायक यंत्री के माध्यम से नल कनेक्शन मिलेगा. पिछले पखवाड़े प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के निर्देश पर शहरवासियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में प्राधिकरण कार्यालय में एकल खिड़की प्रणाली लागू की गई है.
गणतंत्र दिवस के अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण में एकल खिड़की प्रणाली का शुभारंभ करते हुए प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज ने कहा कि अब नागरिकों को अधिक सुविधाएं देने की मानसिकता से कार्य करने की आवश्यक्ता है और दिशा में काफी कार्य किया जाना हैं. उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा शहर के नागरिकों को और बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में इ – गवर्नेंस तथा काल सेन्टर की सुविधाएं देने पर भी विचार किया जा रहा है. श्री बजाज ने कहा कि अब भवन निर्माण या पुर्ननिर्माण की एनओसी के लिए नक्शा संलग्न करने की आवश्यक्ता नहीं होगी. आवेदकों को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत करने के 7 कार्यदिवसों में अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल जाएगा. इसके पूर्व श्री बजाज नें प्राधिकरण कार्यालय परिसर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडा रोहण किया. राजधानी वासियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में शुरु की गई एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से प्राधिकरण की योजना क्षेत्रों में भवनों के निर्माण - पुर्ननिर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाणपत्र, पट्टा हस्तांरण - नामांतरण, नल कनेक्शन, भारहीनता, पंजीयन शुल्क की वापसी, भाड़ाक्रय पर किश्तों के भुगतान हेतु आवेदन लिए जाएगें. एकल खिड़की के माध्यम से 7 से 15 कार्य दिवसों में आवंटितियों के आवेदनों का समाधान हो जाएगा. सूचना के अधिकार के अन्तर्गत आवेदन पत्र भी एकल खिड़की के माध्यम से लिए जाएगें. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. दीवान के अनुसार एकल खिड़की के माध्यम से भवन निर्माण व पुर्ननिर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र 7 कार्यदिवसों में दिया जाएगा. संपत्तियों के हस्तांतरण व नामांतरण 10 कार्यदिवसों में, नल कनेक्शन 7 कार्यदिवसों में, भारहीनता प्रमाणपत्र 7 कार्यदिवसों में, पंजीयन शुल्क की वापसी 10 कार्य दिवसों में, भाड़ाक्रय प्रणाली में आवंटित भवनों का एक मुश्त भुगतान 15 कार्य दिवसों में हो जाएगा. पंजीयन शुल्क वापसी का आवेदन प्रपत्र निशुल्क उपलब्ध होगा, एक मुश्त भुगतान हेतु आवेदन प्रपत्र 20 रुपए में तथा अन्य के लिए आवेदन प्रपत्र 50 रुपए मूल्य पर उपलब्ध होगा. श्री दीवान के अनुसार पूर्व में निर्धारित समय में कमी करते हुए निर्माण की एनओसी में तीन, हस्तांतरण व नामांतरण में 5 दिनों की कमी की गई है. सूचना के अधिकार के अन्तर्गत प्राप्त आवेदन पत्र भी एकल खिड़की के माध्यम से लिए जाएगें किन्तु इसके प्रकरण निराकरण की अवधि पूर्व के अनुसार 30 दिन की होगी. एकल खिड़की में प्रस्तुत आवेदन पत्रों के निराकरण के लिए प्राधिकरण के राजस्व अधिकारी प्रणव सिंह को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है. इस संबंध में किसी भी जानकारी के लिए उनसे सीधे मोबाईल फोन नंबर 9302809110 पर कार्यालयीन अवधि में प्रातः 10.30 बजे से सांयः 5.30 बजे तक संपर्क किया जा सकता है. एकल खिड़की प्रारंभ करने के अवसर पर प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. दीवान, संचालनालय नगरीय प्रशासन विभाग के श्री हेमंत पहारे, संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश, रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.

Jan 24, 2009

26 जनवरी से आरडीए में एकल खिड़की प्रणाली

रायपुर 24 जनवरी 2008, नागरिकों को बेहतर सुविधा देने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण गणतंत्र दिवस से एकल खिड़की प्रणाली शुरु करने जा रहा है. इसमें हितग्राहियों को एक ही काऊन्टर में अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा और निश्चित समय में उन प्रकरणों का निराकरण कर दिया जाएगा. प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के निर्देश पर प्राधिकरण में भवनों के निर्माण - पुर्ननिर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाणपत्र, पट्टा हस्तांरण - नामांतरण, नल कनेक्शन, भारहीनता, पंजीयन शुल्क की वापसी, भाड़ाक्रय पर किश्तों के भुगतान हेतु एकल खिड़की प्रारंभ की जा रही है. इसके माध्यम से 7 से 15 कार्य दिवसों में आवंटितियों के आवेदनों का समाधान हो जाएगा. सूचना के अधिकार के अन्तर्गत प्राप्त आवेदन पत्र भी एकल खिड़की के माध्यम से लिए जाएगें. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज 26 जनवरी को सुबह 9 बजे इसका शुभारंभ करेगें.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. दीवान के अनुसार एकल खिड़की के माध्यम से भूखंड, भवन के निर्माण व पुर्ननिर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र 7 कार्यदिवसों में दिया जाएगा. संपत्तियों के हस्तांतरण व नामांतरण 10 कार्यदिवसों में, नल कनेक्शन 7 कार्यदिवसों में, भारहीनता प्रमाणपत्र 7 कार्यदिवसों में, पंजीयन शुल्क की वापसी 10 कार्य दिवसों में, भाड़ाक्रय प्रणाली में आवंटित भवनों का एक मुश्त भुगतान 15 कार्य दिवसों में हो जाएगा. पंजीयन शुल्क वापसी का आवेदन प्रपत्र निशुल्क उपलब्ध होगा, एक मुश्त भुगतान हेतु आवेदन प्रपत्र 20 रुपए में तथा अन्य के लिए आवेदन प्रपत्र 50 रुपए मूल्य पर उपलब्ध होगा. प्राधिकरण के राजस्व अधिकारी प्रणव सिंह एकल खिड़की प्रणाली के प्रभारी होगें. इस संबंध में किसी जानकारी के लिए उनसे मोबाईल नं. 9302809110 पर कार्यालयीन अवधि में संपर्क किया जा सकता है. प्राधिकरण के अध्यक्ष के अनुसार नागरिकों की सुविधाएं को और बेहतर बनाने की दिशा में इ – गवर्नेस तथा कॉल सेन्टर लागू करने पर विचार किया जा रहा है.

Jan 21, 2009

ट्रांसपोर्टनगर में रजिस्ट्री व एनओसी लेने की होड

  • ट्रांसपोर्टनगर में शुरु हुआ निर्माण

रायपुर 21 जनवरी 2008, प्राधिकरण की नोटिस मिलने के बाद ट्रांसपोर्ट व्यावसायियों नें ट्रांसपोर्टनगर में भूखंड की राशि जमा करना शुरु कर दिया है. कुछ व्यावसायियों ने निर्माण भी प्रारंभ कर दिया है. नोटिस मिलने के साथ ही पिछले बीस दिनों में प्राधिकरण कोष में लगभग पौने दो करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं. साथ ही रजिस्ट्री और मानचित्र की एनओसी लेने की दिशा में भी होड लग गई है.
राज्य शासन की मंशा के अनुरुप ट्रांसपोर्टनगर को राजधानी के यातायात की दृष्टि से शीघ्र विकसित किया जाना है. इस हेतु आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के निर्देश पर प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्ट व्यावसायियों से चर्चा कर ट्रांसपोर्ट के कारोबार को शीघ्र ही शुरु करने की दिशा में प्रयास शुरु कर दिया है.
प्राधिकरण ने पिछले पखवाड़े डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर के लगभग एक हजार आंवटितियों को नोटिस जारी कर भूखंड की रजिस्ट्री कराने, नक्शा पास करा कर निर्माण प्रारंभ करने की सूचना दी थी. नोटिस में कहा गया था कि आंवटितियों को पट्टे की शर्त क्रमांक तीन के अनुसार एक वर्ष के भीतर निर्माण पूरा करना है किन्तु अधिकांश आवंटितियों ने भवन निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल नहीं किया है. अतः जिन लोगो ने भूखंड की पूरी राशि जमा नहीं की है वे पूर्ण राशि का भुगतान करे. रजिस्ट्री कराये और मानचित्र के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल कर निर्माण प्रारंभ करें. नोटिस मिलने के बाद ट्रांसपोर्टनगर के आंवटितियों में अब रजिस्ट्री कराने और एनओसी लेने की होड लगने लगी है. प्राधिकरण के राजस्व शाखा में भी इन दिनों औसतः प्रतिदिन 30 रजिस्ट्रियां की जा रही है. तकनीकी शाखा के सहायक यंत्री की मानचित्र की एनओसी पत्रक जारी करने में व्यस्तता बढ़ गई है. उल्लेखनीय है कि डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्टनगर में प्राधिकरण ने एक हजार एक सौ उन्नीस भूंखडों का आवंटन किया है जिसमें से दिसंबर 2008 तक लगभग साढ़े पांच सौ लोगो ने ही रजिस्ट्री कराई थी. ट्रांसपोर्ट व्यावसायियों के इस उत्साह से प्राधिकरण को आशा है कि शीघ ही यहां कारोबार शुरु हो जाएगा.

Jan 17, 2009

आरडीए में लिपिकों की सीटें बदली

रायपुर 17 जनवरी 2008, रायपुर विकास प्राधिकरण में प्रशासनिक कसावट लाने की दिशा में दस लिपिकों के मध्य नये सिरे से कार्यों का विभाजन किया गया है. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज के निर्देश पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. दीवान ने आज लिपिकों के कार्यविभाजन का आदेश जारी किया.
प्राधिकरण में काफी लंबे संमय से एक ही शाखा में पदस्थ रहे लिपिकों में श्रीमती हेमंत बर्छिया को राजस्व से स्थापना, श्रीमती कल्याणी अवधिया को स्थापना से राजस्व, मदन चन्द्राकर को राजस्व से अनुज्ञा, सतीश शुक्ला को अनुज्ञा से राजस्व, धनीराम चन्द्राकर को राजस्व से स्थापना, कु. मंजुला ठाकुर को स्थापना से राजस्व, जॉनसन मसीह को विद्युत-जलप्रदाय, भाष्कर दीवान को तकनीकी से राजस्व, बंसत तिवारी को राजस्व से विधि व देवेन्द्र शर्मा को विधि से राजस्व शाखा में पदस्थ किया गया है.

Jan 11, 2009

- रायपुर विकास प्राधिकरण -

रायपुर विकास प्राधिकरण को नगर विकास के लिए 1963 में नगर सुधार न्यास के नाम से मध्यप्रदेश शासन द्वारा गठित किया गया था। 21 अप्रैल 1977 में नगर सुधार न्यास का दर्जा बढ़ा कर राज्य शासन ने इसे रायपुर विकास प्राधिकरण के रुप में परिवर्धित किया। सन् 2002 में रायपुर विकास प्राधिकरण को नगर निगम में विलीन कर दिया गया था। 28 अक्टूबर 2004 को रायपुर विकास प्राधिकरण का पुनर्गठन किया गया। वर्तमान में श्री एस० एस० बजाज इसके अध्यक्षश्री एम०डी० दीवान मुख्य कार्यपालन अधिकारी हैं। रायपुर विकास प्राधिकरण वर्तमान में अब तक के सबसे बड़े बजट पर काम कर रहा है। इसकी कई योजनाएं है जो रायपुर शहर को राजधानी के स्वरुप में बदलने में महत्वपूर्ण है। प्राधिकरण ने शहर को व्यस्थित विकास की दिशा में लगातार काम किया है। इसकी देवेन्द्रनगर कालोनी में सिटी सेन्टर कम मल्टीप्लेक्स की अवधारण को साकार किया जा रहा है। यह मल्टीप्लेक्स देश के बड़े सिटी मॉल्स में से एक होगा। देवेन्द्रनगर में छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्पियों और कलाकारों के लिए छत्तीसगढ़ हॉट का विकास राज्य शासन द्वारा किया गया है।