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Apr 30, 2015

आरडीए के पूनाराम यादव सेवानिवृत

हर दीपावली में कार्यालय में आकर दीप जलाया
         रायपुर 30 अप्रैल 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण में कार्यरत जमादार श्री पूनाराम यादव आज सेवानिवृत हो गए. 39 साल की सेवा के बाद उन्हे रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों
और कर्मचारियों ने उनकी सेवाओं का सम्मान करते हुए उन्हें बिदाई दी. आरडीए की अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल ने उन्हें श्रीफल व शाल दे कर उनके कार्यों की सराहना की और सम्मानित किया. बेहद अनुशासित और कार्य के प्रति समर्पित पूनाराम को प्राधिकरण से इतना लगाव था कि वे हर दीपावली की रात कार्यालय में आ कर दिया जलाया करते थे. इस अवसर पर प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस.भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग, प्रशासकीय अधिकारी श्री ए.डी. जान, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र सिंह सेंगर सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.


Apr 29, 2015

आरडीए ने 1700 भूखंड किए फ्रीहोल्ड

30 साल की लीज अवधि पूरी, 800 को भेज रहे सूचना
रायपुर 29 अप्रैल 2015, राज्य शासन व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं के आवासीय भूखंडों को फ्रीहोल्ड करने की सुविधा देने के बाद से रायपुर विकास प्राधिकरण ने 1700 भूखंड फ्रीहोल्ड कर दिए हैं. वहीं विभिन्न योजनाओं में जिन 800 भूखंडों व भवनों की 30 साल की लीज अवधि समाप्त हो रही है उन्हें लीज नवीनीकरण की सूचना भेजी जा रही है.
आरडीए के सीईओ श्री एम. डी. कावरे ने आज कार्यालय में हुई एक बैठक में राजस्व शाखा को निर्देश दिया है कि वे प्राधिकरण की जिन योजनाओं की भूमि राजस्व रिकार्ड में दर्ज है उनमें आने वाले सभी भूखंडों के फ्रीहोल्ड के आवेदनों का तुरंत निपटारा करें. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के आधिपत्य की ऐसी भूमि जो नजूल, शासकीय व अन्य भूमि है तथा राजस्व रिकार्ड में किन्ही कारणों से प्राधिकरण के नाम पर दर्ज नहीं हुई है, उसके संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई की जाए ताकि प्राधिकरण के नाम पर भूमि दर्ज की जा सके. इससे अन्य आवंटितियों की संपत्ति फ्रीहोल्ड की जा सके. बैठक में बताया गया कि देवेन्द्रनगर, शैलेन्द्रनगर, कटोरातालाब, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अतंर्गत संपत्तियों को नियमित रुप से फ्रीहोल्ड किया जा रहा है. 
उल्लेखनीय है कि फ्रीहोल्ड का अर्थ है कि आवासीय भूखंड के फ्रीहोल्ड होने पर आवंटितियों को भविष्य में प्राधिकरण को कोई भूभाटक नहीं देना होगा और ना ही उसे अपने भूखंड के विक्रय करने के लिए किसी प्रकार की अनुमति लेनी होगी. फ्रीहोल्ड होने के बाद आवंटिति भूभाटक और विक्रय की अनुमति लेने की औपचारिकता से पूरी तरह से मुक्त हो जाते हैं.

 सन् 1963 से नगर सुधार न्यास और 1977 से रायपुर विकास प्राधिकरण के अस्तित्व में आने के बाद से आवंटित भूखंड व भवन 30 साल के पट्टे अर्थात लीज पर दिए गए थे. इनमें अधिकांश की लीज अवधि समाप्त हो गई है या समाप्त होने वाली है. प्राधिकरण व्दारा नियमित रुप से आवंटितियों की संपत्ति की लीज का नवीनीकरण कर रहा है. वर्तमान में 800 आवासीय भूखंड तथा भवनों की लीज अवधि पूरी हो रही है. इसलिए ऐसे सभी आवंटितियों को प्राधिकरण लीज नवीनीकरण कराने के लिए सूचनाएं भेज रहा है ताकि वे समय रहते ही लीज का नवीनीकरण करा सकें.   

Apr 28, 2015

रहते शिलांग में प्लॉट खरीदा कमल विहार में

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की छबि देख कर रायपुर में लिया प्लॉट
                           छत्तीसगढ़ पहले कभी नहीं देखा
रायपुर 28 अप्रैल 2015, भारत के उत्तर पूर्व में स्थित राज्य मेघालय की राजधानी है शिलांग. यहां दूरसंचार विभाग में काम करने वाले इंजीनियर असित घोष छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से काफी प्रभावित हैं. इसीलिए उन्होंने राजधानी रायपुर के कमल विहार में अपने लिए एक प्लॉट खरीदा है. रिटायरमेंट के बाद वे अपने परिवार के साथ ही रायपुर में ही रहना चाहते हैं. क्योंकि उन्हें
छत्तीसगढ़ और यहां के लोग काफी अच्छे लगे. यही नहीं वे अपने एक मित्र जो उनके सीनियर भी रहे हैं को तीन बार की लगातार कोशिशों के बाद कमल विहार में एक प्लॉट दिलवाने में सफल रहे हैं. ताजुब्ब की बात यह है कि इन दोनों ने इसके पहले छत्तीसगढ़ का नाम भर सुना था पर वे यहां कभी आए नहीं थेबिलासपुर में रहने वाले एक मित्र ने उन्हें रायपुर में अपने लिए एक बिल्डर से मकान खरीदने की बात बताते हुए सुझाव दिया था कि यदि वे रहने के लिए कोई प्रापर्टी खरीदना चाहते हैं तो रायपुर में ही लें. यहां प्लॉट या मकान खरीदना एक खरा सौदा है.  
श्री घोष के सीनियर रहे श्री अंतिश सेनगुप्ता बीएसएनएल में डिविजनल इंजीनियर थे, वे अब रिटायर हो चुके हैं पर दोनों की अच्छी मित्रता है. शिलांग में रह कर रायपुर जैसे एक अनजान शहर मे उन्होंने प्रापर्टी क्यों ली. इस पर असित कहते हैं कि मैं अकसर पत्र पत्रिकाओं और टेलीविजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को देखता और सुनता था. मैने यह महसूस किया कि वे छत्तीसगढ़ में काफी अच्छा काम कर रहें हैं और अपने राज्य विकास का काफी काम कर रहे हैं. तभी से मैंने यहां प्लॉट लेने का मन बना लिया था. इस कारण मुझे छत्तीसगढ़ को और जानने की इच्छा हुई. मेरे बिलासपुर वाले मित्र से भी अक्सर बातें होती रहती थी. सो उनके कहने पर मैंने और अंतिश जी ने यह निर्णय लिया कि हम रायपुर में ही अपने लिए प्लॉट लेंगे ताकि रिटायरमेंट के बाद यहां सुकून से रह सकें. वे कहते हैं कि शिलांग आदिवासीवासी बहुल क्षेत्र है और वहां छठी अनुसूची लागू होने के कारण संपत्ति खरीदना काफी मुश्किल है. शिलांग शहर के लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में ही सामान्य व्यक्ति संपत्ति खरीद सकता है पर वहां जमीन की खरीदी बिक्री बहुत कम होती है. आदिवासी क्षेत्र होने के कारण सामान्य वर्ग वहां भूमि नहीं खरीद सकता. बंगाल में चार भाईयों के नाम पर उनके परिवार का एक बड़ा प्लॉट है लेकिन कोई उनके प्लॉट पर कब्जा न कर बैठे यही डर हमेशा लगता रहता है. चूंकि छत्तीसगढ़ और यहां के लोग काफी अच्छे लगे इसलिए मैंने यहां अपने मित्र के साथ अपने लिए  कमल विहार में एक प्लॉट खरीदा.

दो महीने पहले फोन पर व्हॉट्स अप के माध्यम से जब इन्हें आरडीए के अधिकारियों ने कमल विहार के प्लॉटों की जानकारी भेजी तो दोनों ने एक साथ मिल कर कमल विहार में प्लॉट लेने की सोची और  शिलांग से ही अपना आवेदन रायपुर विकास प्राधिकरण को भेजा. चूंकि प्लॉट का आवंटन लॉटरी से हो रहा था. इसमें असित घोष की लॉटरी तो निकल गई पर अंतिश सेनगुप्ता रह गए उनको कोई प्लॉट नहीं मिला. श्री सेनगुप्ता ने दूसरी और तीसरी बार फिर अपनी किस्मत आजमाई पर इस बार भी वे असफल रहे. इस दौरान वे लगातार प्राधिकरण की वेबसाईट, फेसबुक और अधिकारियों के संपर्क में रहे. लगातार धोखा देती किस्मत के बाद आखिर में दोनों ने यह फैसला किया कि वे स्वयं रायपुर जाकर देखेंगे की लॉटरी कैसे की जा रही है. अप्रैल के पहले सप्ताह में वे दोनों लाटरी के दो दिन पहले रायपुर पहुंचे. पहले उन्होंने कमल विहार देखा और दूसरे दिन नया रायपुर. तीसरे दिन शुक्रवार को वे रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय आए. लेकिन वो जिस आकार का प्लॉट लेना चाहते थे वह उपलब्ध नहीं थे. चूंकि वे इस बार प्लॉट लेने के दृढ़ इरादे से आए थे सो उन्होंने आवासीय प्लॉट के बदले सार्वजनिक - अर्ध्द सार्वजनिक उपयोग का प्लॉट लेने का फैसला किया. जिसमें वे नीचे बैंक, कार्यालय या होटल और ऊपर निवास बना सकते थे. सो उन्होंने टेन्डर भरा और इस बार किस्मत ने उनका पूरा साथ दिया और उनको 1500 वर्गफुट का उनकी पसंद का प्लॉट मिल गया. प्लॉट मिलने के बाद उन्होंने बताया कि हमारी जब अधिकारियों से बात होती थी तो ऐसा लगता ही नहीं था कि हमारी किसी सरकारी संस्था के लोगों से बात हो रही है. सबका व्यवहार इतना अच्छा है कि हमें तो शक हो गया था कि शायद हम किसी निजी संस्था वालों से तो बात कर नहीं कर रहे हैं. यहां आकर हमे वाकई अच्छा लगा की किसी सरकारी संस्था के लोग भी इस तरह से अच्छा व्यवहार कर सकते हैं.

Apr 27, 2015

कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में प्लॉटों को हो सकेगा एकीकरण

कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ - रायपुरा के लिए राज्य शासन के निर्देश  
सर्विस रोड स्थित भूखंड पर सर्विस लेन की चौड़ाई के आधार पर छोड़ना होगा आफसेट
विकसित भूखंड का नहीं अब मूल भूमि का ही एफएआर मिलेगा

      रायपुर, 27 जुलाई 2015, आवास एवं पर्यावरण विभाग छत्तीसगढ़ शासन व्दारा 23 अप्रैल को एक निर्देश जारी कर कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा तथा विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र रायपुरा में आवंटित भूखंडों को संयुक्तिकरण करने, योजना की सर्विस लेन पर स्थित भूखंडों को मुख्य सड़क की चौड़ाई के बजाय सर्विस लेन की चौड़ाई के आधार पर आफसेट छोड़ने तथा योजना के मूल भूमि के एफएआर के आधार पर ही आवंटित भूखंड को एफएआर देने का निर्देश जारी किया है. रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री महादेव कावरे के अनुसार राज्य शासन के इस निर्देश से योजना के भूखंडधारियों को पहले से ज्यादा क्षेत्र में निर्माण का लाभ तो मिलेगा ही साथ ही इससे नागरिक प्राधिकरण की योजनाओं में भूखंड लेने के लिए भी आकर्षित होंगे.
आवास एवं पर्यावरण विभाग के जारी नए निर्देश के अनुसार रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं में आवंटित किए जा रहे सभी भूखंडों पर भवन निर्माण के लिए दिए जाने वाले भवन निर्माण अनुज्ञा के लिए कुर्सी क्षेत्र अर्थात फ्लोर एरिया रेशो अब आवंटित भूखंड के आधार पर नहीं वरन मूल भूमि के रकबे आधार पर दिया जाएगा. इस पर निर्माण क्षेत्र का अनुपात भूखंड के क्षेत्रफल के आधार पर ही होगा. इसका सीधा लाभ अब भूखंडधारियों को मिलेगा.
यदि राज्य शासन के इस निर्देश को कमल विहार के संदर्भ में समझने की कोशिश करें तो यदि किसी को आवंटित भूखंड का कुर्सी क्षेत्र अर्थात एफएआर (फ्लोर एरिया रेशो) 1.25 है तो उस पर नियमतः कुल 1250 वर्गफुट पर निर्माण किया जा सकता है. नए निर्देश के अनुसार यदि उसकी मूल भूमि का एफएआर 1.50 है तो भूखंड स्वामी 1.50 एफएआर के आधार पर भूखंड पर 1500 वर्गफुट क्षेत्र में निर्माण कर सकेगा. उल्लेखनीय है कि इसके लिए भूखंड स्वामी को भवन का मानचित्र तैयार कर नगर पालिक निगम रायपुर से भवन निर्माण अनुज्ञा प्राप्त करना होगा.
राज्य शासन के निर्देश में प्राधिकरण की कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना में जिन मुख्य सड़कों पर सर्विस मार्गों का निर्माण किया गया है उनमें भवन निर्माण के लिए मुख्य सड़कों की चौड़ाई के आधार पर ऑफसेट नहीं छोड़ना पड़ेगा वरन अब सर्विस मार्ग की चौड़ाई के आधार पर ही ऑफसेट छोड़ना होगा, जो अनिवार्य रुप से कम से कम 3 मीटर होना चाहिए. इस निर्देश के पहले भूखंडधारियों को मुख्य व ज्यादा चौड़े मार्ग के आधार पर ज्यादा ऑफसेट छोड़ना पड रहा था जो अब तुलनात्मक रुप से कम कर दिया गया है.  

आवास एवं पर्यावरण विभाग ने कमल विहार और इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना में आवंटित पुनर्गठित विकसित भूखंडों के एकीककरण अर्थात संयुक्तिकरण के लिए अभिन्यास में संशोधन की आवश्यक्ता को भी समाप्त कर दिया है. इससे उन व्यक्तियों, फर्मो और एक ही परिवार के सदस्यों को एक बड़ी राहत मिलेगी जो अपने भूखंड को एक मान कर उस पर भवन का निर्माण करना चाहते हैं. इस आदेश के बाद अब एक से अधिक आवंटित पुनर्गठित भूखंडों का संयुक्तिकरण कर भवन का मानचित्र स्वीकृत कराया जा सकेगा. इसके लिए अलग से योजना के अभिन्यास में संशोधन की आवश्यकता नहीं पडेगी.  

Apr 24, 2015

आरडीए के राजस्व अधिकारी श्री भट्टाचार्य भारमुक्त

रायपुर, 24 अप्रैल 2015, प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे रायपुर विकास प्राधिकरण के राजस्व अधिकारी (तहसीलदार) श्री पुलक भट्टाचार्य को आज भारमुक्त कर दिया गया. राज्य शासन के आदेश के अनुसार उनका स्थानांतरण जिला दुर्ग में किया गया है. प्राधिकरण कार्यालय में आज अध्यक्ष श्री
एस. एस. बजाज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने प्रतीक चिन्ह दे कर उनकी सेवाओं का सम्मान किया. इस अवसर पर अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री जे. एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी. आर. नारंग सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.

Apr 23, 2015

इन्द्रपस्थ – रायपुरा में आवासीय प्लॉट 1705 रुपए प्रति वर्गफुट में बिका

ऑफसेट दर से 225 रुपए ऊपर तक भरा गया टेन्डर   
रायपुर, 22 अप्रैल 2015, कमल विहार की तर्ज पर विकसित हो रहे इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेज 2 के आवासीय भूखंडों को आज लोगों ने हाथों हाथ लिया. रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में हुई निविदा में आवासीय भूखंड निर्धारित ऑफसेट दर से 225 रुपए ऊपर की दर पर बिका. आवासीय
भूखंडों की निर्धारित ऑफसेट दर 1480 रुपए के मुकाबले निविदा में अधिकतम दर 1705 रुपए तथा न्यूनतम दर 1501 रुपए प्रति वर्गफुट रही. आवासीय में 30 भूखंडों में से 13 भूखंडों की निविदाएं प्राप्त हुई. जिसका आकार 786 से 4079 वर्गफुट तक था. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे के अनुसार निविदा में आई दरों के औसत के आधार पर अब इस योजना में आवासीय भूखंडों की दरें निर्धारित की जाएंगी उसके बाद बाकी भूखंडों को लॉटरी के माध्यम से आवंटित किया जाएगा. जबकि अन्य श्रेणी के भूखंडों को निविदाओं के माध्यम से विक्रय किए जाने का नियम हैं फलस्वरुप इसे निविदाओं के माध्यम से ही विक्रय किया जाएगा.

इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में आज आवास सह व्यावसायिक मिश्रित दस भूखंडों में से चार भूखंडों के लिए निविदाएं डाली गई. इसकी निर्धारित ऑफसेट दर 2072 रूपए थी जिसमें अधिकतम दर 2116 रुपए रही जो ऑफसेट दर से 44 रुपए अधिक रही. इस श्रेणी में 1536 से 4410 वर्गफुट तक के भूखंड उपलब्ध थे. शैक्षणिक में एक ही भूखंड 26,350 वर्गफुट का था जिसके लिए आई निविदा की दर 375 रुपए प्रति वर्गफुट रही जबकि इसका ऑफसेट रेट 370 रुपए का था.
श्री कावरे ने किया इंद्रप्रस्थ रायपुरा स्थल निरीक्षण
 इससे पहले आज सुबह आरडीए के सीईओ श्री कावरे ने इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेज 2 का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को कहा
कि वे योजना के अर्न्तगत आने वाली संरचानाओं को शीघ्र ही मुआवजा दे कर उसे तोडने की कार्रवाई करें. उन्होंने इंजीनियर्स से कार्य की गुणवत्ता तथा समय सीमा का ध्यान रख कर काम करने को कहा. योजना के प्रवेश व्दार के पास बन रहे एक शॉपिंग सेन्टर व्दारा एकत्रित की गई मिट्टी को भी उन्होंने नोटिस दे कर हटाने का निर्देश अधिकारियों दिया.

Apr 21, 2015

आरडीए ने न्यू राजेन्द्रनगर के उद्यान में बन रहे धार्मिक स्थल को हटाया

रायपुर, 21 अप्रैल 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज न्यू राजेन्द्रनगर के जनता मकानों के सामने स्थित उद्यान में कब्जा कर धार्मिक स्थल के लिए किए जा रहे निर्माण को हटा दिया गया. लगभग डेढ़ सौ वर्गफुट में हो रहे निर्माण को आज दोपहर जेसीबी मशीन से हटाया गया. प्राधिकरण प्रशासन के अनुसार नियम विरूध्द ऐसे किसी भी निर्माण से स्थानीय निवासियों को सतर्क रहना चाहिए तथा यदि कोई इस प्रकार बिना अनुमति के निर्माण करता है तो ऐसे लोगों की जानकारी प्राधिकरण को दी जाए ताकि यथा समय कार्रवाई की जा सके.


Apr 15, 2015

कमल विहार के 1500 भूस्वामियों को मिले विकसित भूखंड


रायपुर, 15 अप्रैल 2015, कमल विहार योजना में लगभग 15 सौ भूमि स्वामियों को रायपुर विकास प्राधिकरण ने विकसित भूखंड दे दिया गया है. विकसित भूखंड देने की यह प्रक्रिया इन दिनों लगातार जारी है. रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के निर्देश पर राजस्व शाखा ने एक बार फिर से विशेष अभियान शुरु कर योजना में शामिल हुए भूस्वामियों के साथ निश्चयात्मक अनुबंध कर रहा है. यह वे भूमि स्वामी है जिन्होंने कमल विहार
योजना में शामिल होने के लिए अपनी अविकसित भूमि देने की सहमति प्रदान की थी.
श्री कावरे के अनुसार जिन भूमि स्वामियों को विकसित भूखंड दिए गए है वे स्थल पर जा कर अपना भूखंड योजना के इंजीनियर्स की मदद से देख सकते हैं तथा नगर पालिक निगम रायपुर से उसका मानचित्र स्वीकृत करवा कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर सकते हैं.  प्राधिकरण की राजस्व शाखा के अधिकारी इन दिनों कमल विहार के मूल भूमि स्वामियों को टेलीफोन पर सूचना दे कर उन्हें कार्यालय आमंत्रित कर रहे हैं और उनके दिए गए विकसित भूखंडों की रजिस्ट्री करवा रहे हैं. उल्लेखनीय है कमल विहार में कुल भूमि स्वामियों की संख्या 4969 और भूखंडों की संख्या 7787 हैं. लगभग 1085 करोड़ रुपए की लागत वाली कमल विहार योजना के विकास कार्यों के व्यय के लिए प्राधिकरण के पास 1195 भूखंड हैं जिनका विक्रय भी साथ ही साथ किया जा रहा है. इनमें आवासीय के अतिरिक्त व्यावसायिक, शैक्षणिक, सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक तथा स्वास्थ्य प्रयोजनों के भूखंडों का हर शुक्रवार को आवंटन किया जा रहा है.  

Apr 9, 2015

कमल विहार का पहला सम्पवेल अगले माह बन कर होगा तैयार

कमल विहार के निरीक्षण के दौरान ही आरडीए के सीईओ श्री एम. डी. कावरे ने सेक्टर दो में निर्माणाधीन पानी के एक सम्पवेल का भी निरीक्षण किया. उन्होंने ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कमल विहार में निर्माण कार्य करने वाले आवंटितियों को पानी की सुविधा जल्द से जल्द देना है इसके लिए मई के अंत तक उक्त कार्य पूरा कर लें. मुख्य अभियंता श्री जे. एस. भाटिया ने इस दौरान जानकारी दी कि पूरे कमल विहार में जल वितरण के लिए पांच भूमिगत सम्पवेल का निर्माण किया जा रहा है. 




कमल विहार के रास्ते से हो कर विमान तल जाएंगे राष्ट्रपति

रायपुर, 9 अप्रैल 2015, भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी 17 अप्रैल को भारतीय प्रबंधन संस्थान सेजबहार के दीक्षांत समारोह के बाद लौटते समय रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार की रिंग रोड से होकर माना विमानतल जाएंगे. जिला प्रशासन के निर्देश पर आज रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने कमल विहार में निर्मित रिंग रोड का मुख्य अभियंता के साथ स्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने योजना के इंजीनियर्स को निर्देश दिया कि वे पूरी सड़क को साफ सुथरा रखें, रिंग रोड मुख्य लेन व निर्धारित स्थानों व टर्निंग स्थल पर ट्रैफिक सिग्नल बोर्ड्स लगाएं तथा पूरे मार्ग तथा उसके आसपास किसी भी प्रकार से मिट्टी या पत्थर का संग्रहण न करने दें. उन्होंने निर्देश दिया कि साढ़े तीन किलोमीटर के इस मार्ग में सड़क निर्माण की पूरी तरह से तकनीकि जांच कर लें यदि किसी स्थान पर सड़क खराब हो या खराब होने की कोई आशंका हो तो उसका तत्परता के साथ सुधार कार्य कर लिया जाए. इसके लिए उन्होंने योजना के वरिष्ठ इंजीनियर्स को लगातार कमल विहार योजना में रह कर कार्य कराने का निर्देश दिया.