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Jun 27, 2014

रायपुर में हो रहे 'रिबन डेव्हलपमेंट' को रोकने नियोजित विकास जरूरी – श्री बजाज

जनभागीदारी के साथ शहर का समन्वित विकास आवश्यक श्री कटारिया
रायपुर, 27 जून 2014, शहर में हो रहे रिबन डेव्हलपमेंट को रोकने के लिए शहर का नियोजित विकास आवश्यक है. रायपुर विकास प्राधिकरण शहर के मॉस्टर प्लॉन को विकसित करने की दिशा में ही काम कर रहा है. शहर विकास के लिए लिए प्राधिकरण ने अन्य प्रदेशों में बनाई गई विकास योजनाओं की बेहतर स्थितियों का अध्ययन कर उसके आधार पर कमल विहार जैसी योजना बनाई है. रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज ने कल शाम न्यू सर्किट हाऊस में आयोजित कार्यशाला के दौरान उक्त बातें कहीं. उन्होंने कहा कि हमें रायपुर शहर को एक बड़े स्वरुप में देखने और उसके विकास करने की आवश्यकता है. इसके लिए जब हमें शहर में नियोजित ढ़ंग से कार्य करेंगे तभी बेहतर विकास कर सकेंगे. इस अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया भी उपस्थित थे.
 







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रिबन डेव्हलपमेंट - दरअसल रिबन डेव्हलपमेंट उसे कहा जाता है जिसमें शहर के मध्य से बाहर की ओर जाने वाली मुख्य सड़कों के किनारे बसाहट होती जाती है.  इसमें सड़कों के दोनो ओर एक प्लॉट या कुछ सीमित दूरी तक की गहराई तक ही विकास हो पाता है उसके पीछे का हिस्सा खाली रह जाता है. और सड़क के किनारें ऐसा विकास होता चला जाता है.
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प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री बजाज ने आगे कहा कि शहर का बसाहट जिस ओर होता है उसके आधार पर शहर का मास्टर प्लान बनाया जाता है. पिछले पचास साठ सालों के दौरान जोनल प्लॉन की सड़कों का जो विकास होना था वह नहीं हो पाया. उन्होंने कहा कि अभी जो विकास हो रहा है वह आसपास के क्षेत्रों में ही रहा है हमें मास्टर प्लान के अनुसार शहर के समग्र दिशा की ओर रेडियल विकास करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा के क्षेत्र में नई नगर विकास योजना बनाने के दौरान यहां जो भी सुझाव आज यहां दिए गए हैं उन पर विचार किया जाएगा.

 प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने कार्यशाला के दौरान के कहा कि राजधानी रायपुर में जनभागीदारी के साथ शहर का समन्वित विकास आवश्यक है. प्राधिकरण की नई नगर विकास योजना रायपुर और नया रायपुर को जोड़ने का प्रयास है. श्री कटारिया ने कहा कि नई नगर विकास योजना में हम स्वीकृत अभिन्यास, आबादी क्षेत्र, सघन निर्मित क्षेत्र, कृषि विश्वविद्यालय और मास्टर प्लॉन के अनुसार प्रावधानित हरित क्षेत्र को अलग कर योजना का अभिन्यास तैयार करेंगे. श्री कटरिया ने कहा कि राज्य शासन सहभागिता के साथ रायपुर शहर को बेहतर बनाना चाहता है. इसमें मुख्य रुप से बुनियादी अधोसंरचना का विकास आवश्यक है ताकि अनियमित तथा गंदी बस्ती जैसा विकास न हो.
  कार्यशाला के दौरान कमल विहार योजना के बारे यह बताया गया कि कमल विहार योजना जो जनभागीदारी के साथ विकसित की गई है इसमें वर्तमान में कोई भी न्ययालयीन प्रकरण नहीं है. दो बार हाईकोर्ट में दायर प्रकरणों में प्राधिकरण के हित में निर्णय आया है.     
कार्यशाला में प्राधिकरण की ओर से राजस्व अधिकारी पुलक भट्टाचार्य तथा ली एंड एसोसियेट के आनंद वोलेटी नें कमल विहार योजना में पूंजी निवेश के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया. क्रेडाई के अध्यक्ष आनंद सिंघानिया ने रियल इस्टेट से संबंधित विषयों तथा समस्याओं पर अपना पक्ष रखा. कार्यशाला में प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया भी उपस्थित थे.  



Jun 26, 2014

शहर विकास के लिए बेहतरीन योजना, शासन का सहयोग, पारदर्शिता, जनप्रतिनिधियों व मीडिया से संवाद जरूरी

काबुल के योजनाकारों का प्रशिक्षण में श्री अमित कटारिया का संबोधन
रायपुर, 26 जून 2014, अफगानिस्तान में बनने वाली न्यू काबुल सिटी बनाने के लिए योजनाकारों को एक साथ कई मोर्च पर काम करना होगा. रायपुर विकास प्राधिकरण और नया रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया कल होटल गेटवे में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) व्दारा देशॉबज सिटी डेव्हलपमेंट अथारिटी (डीसीडीए) काबुल, अफगानिस्तान के योजनाकारों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि नगर विकास योजना और नया शहर विकसित करने के लिए योजनाकारों को मुख्यतः चार बिन्दुओं पर ध्यान केन्द्रित करना होगा.  
श्री कटारिया ने कहा कि सबसे पहले उन्हें शहरी विकास के लिए एक बेहतरीन अवधारणा के साथ कानूनी और स्थानीय परिवेश के साथ तालमेल रखनी वाली एक बेहतरीन योजना बनानी होगी. इसमें भविष्य में योजना में सभी प्रकार की आने वाली समस्याओं के प्रति पहले से सजग हो कर काम करना होगा. दूसरा शासन के मुखिया और उनके मंत्रियों को योजना के सभी पक्षों से अवगत कराते हुए उनको बताया जाना चाहिए कि योजना से नागरिकों सहित भूमि स्वामी कैसे लाभान्वित होंगे. इस दौरान यदि शासन पक्ष की ओर से कोई सुझाव या परिवर्तन की बात उठे तो उसके अनुरुप योजना में संशोधन करना चाहिए. तीसरा योजना के बारे में पूर्ण पारदर्शिता रखी जाए. जनप्रतिनिधियों, सिटीजन फोरम जैसे कई मंचों के प्रतिनिधियों, नागरिकों, जनता सभी को उससे होने वाले फायदों के बारे में जानकारी दी जाए तथा बराबर संवाद बनाए रखा जाए. चौथा मीडिया समाज के एक सजग प्रहरी के रुप में काम करता है अतः उसके साथ नगर विकास जैसे मुद्दो पर मीडिया के साथ नियमित रुप से संवाद बनाए रखना चाहिए.

14 जून को कमल विहार का दौरा कर चुके डीसीडीए के योजनाकारों ने आज प्रशिक्षण के दौरान श्री कटारिया से कमल विहार में भूमि अर्जन और योजना बनाने की प्रक्रिया पर कई सवाल किए और उसे अपने देश के परिपेक्ष्य में समझने की कोशिश की. श्री कटारिया ने बताया कि अनिवार्य भूमि अर्जन कर योजना बनाना काफी आसान है किन्तु जब जनभागीदारी से योजना बनाना हो तो यह काफी चुनौती भरा होता है. एक अच्छी योजना बनानी पड़ती है और उससे होने वाले लाभ के बारे में सभी को बता कर उन्हें संतुष्ट करना पड़ता है. नगर विकास योजना के लिए वित्तीय प्रबंधन की जानकारी देते हुए श्री कटारिया ने कहा कि रायपुर में कमल विहार बनाना दरअसल पुराने शहर में अधोसंरचना का विकास करने का कार्य है पर नया रायपुर एक नया शहर बनाने का कार्य है. दोनों में काफी अन्तर है पर उद्देश्य एक ही है. नागरिकों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं देना. 
जापान, टर्की और भारत के शहरों के विकास का अध्ययन कर काबुल में एक नया शहर ' काबुल न्यू सिटी ' (केएनसी) बनाने के लिए रायपुर आए काबुल डीसीडीए के दल में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर अमानुल्लाह अहफन्जोई, सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर दाऊद फैसल, सीनियर पावर इंजीनियर मोहम्मद शोएब साहिबजादा, भूमि प्रबंधक दाद मोहम्मद खालिद तथा मोहम्मद इदरीस सादेक के साथ जायका के वरिष्ठ सलाहकार सईद अंजुम शामिल थे. 

Jun 24, 2014

नगर विकास योजना पर कार्यशाला 26 को न्यू सर्किट हाऊस में

रायपुर, 24 मई 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा के क्षेत्र को सम्मिलित कर नगर विकास योजना तैयार करने के संबंध में जानकारी देने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया है. 26 जून शाम 5 बजे न्यू सर्किट हाऊस में होने वाले इस कार्यशाला में रीयल एस्टेट के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था क्रेड्राई, सीआईआई, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, स्कूल तथा महाविद्यालयों तथा अन्य संभावित निवेशकों को आमंत्रित किया गया है. कार्यशाला में प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एक प्रेजेन्टेशन के माध्यम से नगर विकास की अवधारणा की प्रस्तुति करेंगे. इस दौरान कमल विहार योजना के अनुभवों को भी साझा किया जाएगा तथा वहां पूंजी निवेश की संभावानाओं को भी रेखांकित किया जाएगा.

कमल विहार के व्यावसायिक भूखंडो के विक्रय तिथि में बढ़ाई गई

निविदा की अंतिम तिथि अब 10 जुलाई 2014 
 रायपुर, 24 मई 2014, कमल विहार की व्यावसायिक संपत्तियों को खरीदने और पूंजी निवेश के इच्छुक लोगों की मांग पर रायपुर विकास प्राधिकरण ने कमल विहार योजना के व्यावसायिक, सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक, शैक्षणिक तथा स्वास्थ्य के भूखंडो की निविदा तिथि को 15 दिन आगे बढा दिया है. पहले निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 25 जून थी जिसे बढाकर 10 जुलाई 2014 कर दिया गया है. अब निविदा आवेदन पत्र, नियम एवं शर्ते रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय में 10 जुलाई 2014 शाम 5 बजे तक प्राप्त किये जा सकेंगे. आवेदन पत्र रायपुर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट आरडीए रायपुर डॉट कॉम से भी डॉऊन लोड किए जा सकते है.

अवैध प्लॉटिंग करने वालों को कमल विहार में नहीं मिलेगा प्लॉट

अवैध प्लॉटिंग करने वालों ने अपने सारे प्लॉट बेच डाले और रोड रास्ते की जमीन को अपना बताकर कमल विहार में प्लॉट लेने के लिए दिया आवेदन
रायपुर, 24 मई 2014, शहर में कई सालों से अवैध प्लॉट बना कर बेचने वालों के विरुध्द अब कार्रवाई शुरु की जाएगी. बिना सड़क, नाली, बिजली पानी की सुविधाएं दिए तथा सक्षम अधिकारी से भवन निर्माण की अनुज्ञा के लिए बिना प्लॉट बेचने वाले लोगों ने कमल विहार योजना में भी विकसित भूखंड लेने का प्रयास किया था जिसे रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने विफल कर दिया है.
प्राधिकरण को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रायपुर व्दारा कमल विहार योजना क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वाले की सूची उपलब्ध कराई है. इस सूची में उन सभी अवैध प्लॉटिंग करने वाले लोगों के नाम तथा प्लॉटिंग के बाद शेष सड़क, उद्यान एवं खुली भूमि के समस्त खसरा नंबरों एवं रकबे का उल्लेख है. प्लॉट बेच देने के बाद बची शेष भूमियों के बदले अवैध प्लॉट करने वाले तत्वों ने प्राधिकरण व्दारा मूल भूमि के बदले 35 प्रतिशत क्षेत्र के बराबर के विकसित भूखंड लेने का प्रयास किया था. प्राधिकरण को राजस्व विभाग से मिली अवैध प्लॉट की सूची के अनुसार अब किसी भी ऐसे व्यक्तियों को विकसित भूखंड नहीं दिए जाएंगे, साथ ही प्राधिकरण कॉलोनाइजर एक्ट के अन्तर्गत अपराधिक प्रकरण दर्ज करने हेतु नगर निगम रायपुर एवं अनुविभागीय अधिकारी रायपुर को पत्र लिख रहा है. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 (ग) के अन्तर्गत अवैध कालोनियों का विकास करने तथा बिना अनुज्ञा भूमि के व्यपवर्तन करने पर 3 से 7 वर्ष के कारावास का प्रावधान है.      
दरअसल जमीन की खरीद फरोख्त करने वाले ऐसे कुछ तत्वों ने राजधानी रायपुर के क्षेत्रों में विकास योजना में भूमि के उपयोग के विरुध्द कृषि तथा अन्य उपयोग की भूमि पर अपना नक्शा बना कर कई एजेंटो के माध्यम से हजारों की संख्या में प्लॉट काट कर बेचे. ऐसे प्लॉटों तक पहुंच पाना और मौके पर प्लॉट की स्थिति को देख पाना भी लोगों के काफी मुश्किल था. आकर्षक विज्ञापन और लुभावने प्रस्तावों के साथ किश्तों तथा लाटरी में प्लॉट देने के ऐसे षड़यंत्र में आम जनता को काफी परेशानी में डाला.
जहां-जहां अवैध प्लॉट काट कर बेचे गए वह अधिकांश कागजों में थे मौके पर न तो कोई मकान बनाने की स्थिति में था और न ही बैंक या किसी अन्य संस्था से ऋण लेने की स्थिति में था. इक्का दुक्का लोगों ने अपने पैसे से किसी प्रकार से मकान बनाया तो ऐसे अवैध प्लॉटों पर पहुंचनें के लिए न तो सड़क बनी थी और न ही पानी की सुविधा थी. तारों में झुलते हुए बिजली के खुले तारों और आसपास के भूमि पर नाली का पानी बहाने वाले ऐसे मकानों में रहने वालो को लगातार कई समस्याओं से दो चार होना पड़ता था. आम जनता को इन्ही समस्याओं से निजात दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने रायपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से नगर विकास योजना कमल विहार का क्रियान्वयन किया. जनभागीदारी के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही कमल विहार योजना में पहली बार रायपुर विकास प्राधिकरण लगभग 5 हजार भूस्वामियों को उनकी भूमि के बदल बिना कोई शुल्क लिए विकसित भूखंड प्रदान कर रहा है. प्राधिकरण रायपुर शहर के मॉस्टर प्लॉन के क्रियान्वयन की दिशा में आधुनिक अधोसंरचना के साथ नगर विकास योजनाओं को लागू कर नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, अच्छा पर्यावरण और व्यवस्थित आवासीय सुविधाएं देने का कार्य कर रहा है. 

Jun 23, 2014

कमल विहार में 380 भूस्वामियों को विकसित भूखंड मिले

रजिस्ट्री के लिए 7 से 14 जुलाई तक कलेक्ट्रोरेट में लगेगा विशेष कैम्प
सड़क-रास्ते की भूमि के आधार पर अवैध प्लाटिंग करने वालों को नही मिलेंगे भूखंड

रायपुर, 23 जून 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण ने अपने पूर्व वायदे के अनुसार कमल विहार योजना के अंतर्गत आने वाले भू-स्वामियो को विकसित भूखंड देना शुरू कर दिया है. अब तक 380 ऐसे भूमि स्वामियो को जिनकी भूमि कमल विहार योजना के लिए ली गई थी उनको विकसित भूखंड देने के लिए प्राधिकरण व्दारा लगातार रजिस्ट्रियां की जा रही है. प्राधिकरण ने आज ऐसे 380 भूस्वामियों की सूची जारी की जिन्हें विकसित भूखंड दिए गए हैं. (अवलोकन हेतु सूची संलग्न).
प्राधिकरण प्रशासन ने आज स्पष्ट किया है कि कमल विहार में अवैध प्लाटिंग करने वाले यह दुष्प्रचार कर भ्रामक अफवाहे फैला रहे है कि प्राधिकरण ने जिनकी भूमि कमल विहार योजना बनाने के लिए ली है उनको अभी तक विकसित भूखंड नही लौटाए है. जबकि सच्चाई यह है कि प्राधिकरण व्दारा लगातार भूस्वामियों की रजिस्ट्री कर रहा है.
      रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज कार्यालय में हुई एक बैठक में राजस्व विभाग को कहा कि वे आगामी 7 से 14 जुलाई तक कलेक्ट्रोरेट परिसर में एक विशेष कैम्प लगाकर कमल विहार योजना के भूमि स्वामियों से अनुबंध और रजिस्ट्री की कार्रवाई में तेजी लाए. श्री कटारिया ने कहा है कि जिन भूमि स्वामियों को विकसित भूखंड आबंटित कर दिए गए है वे कमल विहार योजना में प्रक्रिया के तहत भवन निर्माण अनुज्ञा लेकर निर्माण का कार्य कर सकते है. श्री कटारिया ने कहा कि जो लोग कमल विहार योजना में अवैध रूप से प्लाटिंग कर के अब अपनी सड़क-रास्ते की भूमि के आधार पर विकसित भूखंड लेने का प्रयास कर रहे हैउन्हें किसी भी प्रकार से भूखंड नही दिया जाएगा.

Jun 17, 2014

सरोना में भी नगर विकास योजना की मांग

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत को प्रतिनिधि मंडल दिया ज्ञापन
योजना के लिए भूमि स्वामी 600 एकड़ निजी भूमि देने को तैयार

रायपुर17 जून 2014, रायपुर विकास प्राधिकरण को छत्तीसगढ़ शासन से कमल विहार के बाद एक और नई नगर विकास योजना की मंजूरी मिलने के बाद ग्राम सरोना में भी टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम बनाने की मांग को लेकर आज एक प्रतिनिधि मंडल आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत से मिला. श्री कन्हैयालाल छुगानी के नेतृत्व में छह सदस्य प्रतिनिधि मंडल ने आज श्री मूणत को एक ज्ञापन सौंपकर यह अनुरोध किया कि सरोना ईटा भट्टा क्षेत्र में 25 परिवारों की 600 एकड़ निजी भूमि और 125 एकड़ शासकीय भूमि उपलब्ध है, यहां पर कमल विहार योजना के जैसी एक और नगर विकास योजना बनाई जाए. योजना बनाने के लिए वहां के सभी भूमि स्वामी अपनी निजी भूमि देने को सहमत है.
     
बाद में यह प्रतिनिधि मंडल आवास एवं पर्यावरण मंत्री के निर्देश पर रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया से उनके कार्यालय में मिला. प्रतिनिधियों ने श्री कटारिया को जानकारी दी कि सरोना के क्षेत्र में रेल्वे स्टेशन, रिंग रोड     नं. 01 और अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) होने के कारण यह क्षेत्र पहले से ही टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के लिए सर्वथा उपयुक्त है. अतः हमारा अनुरोध है कि राज्य शासन और रायपुर विकास प्राधिकरण इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान कर शीघ्र ही क्रियान्वित करें. श्री कटारिया ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि माननीय मंत्री जी और स्थानीय निवासियो की अपेक्षा के अनुरूप इस प्रस्ताव के सभी पहलुओं का अध्ययन कर उचित निर्णय लिया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि आवास एवं पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन व्दारा गत दिनो रायपुर विकास प्राधिकरण को डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा के क्षेत्र को सम्मिलित कर नगर विकास योजना तैयार करने की सैध्दांतिक प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है. प्राधिकरण में आए प्रतिनिधि मंडल में कन्हैयालाल छुगानी, सुशील सचदेव, मनोज जैन, श्री श्रीचंद, दीपक अठवानी और झामनदास शामिल थे. 

Jun 16, 2014

आरडीए की नई टॉऊन डेव्हलपमेंट योजना को शासन की स्वीकृति

कमल विहार की तर्ज पर बनेगी नगर विकास योजनाएं
 रायपुर16 जून 2014, आवास एवं पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण को डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा के क्षेत्र को सम्मिलित कर नगर विकास योजना तैयार करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है. आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव व्दारा जारी एक आदेश में राज्य शासन व्दारा रायपुर विकास प्राधिकरण को नई नगर विकास योजना बनाने की सैध्दांतिक प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है.
रायपुर विकास प्राधिकरण ने इसी महीने राज्य शासन को नई नगर विकास योजनाओं के संबंध में पत्र प्रेषित कर प्रशासकीय स्वीकृति मांगी थी. शासन ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के प्रावधानों के अनुरुप यह स्वीकृति प्रदान की है. प्राधिकरण ने राज्य शासन को प्रेषित अपने पत्र में प्राधिकरण ने कहा था कि कमल विहार से लगे हुए क्षेत्र डुमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह, फुंडहर, लाभान्डीह एवं जोरा क्षेत्र में तीव्र गति से अनियमित विकास एवं निर्माण किया जा रहा हैं. ऐसी स्थिति में इन क्षेत्रों में अधोसंरचना का विकास किया जाना अति आवश्यक हैं अन्यथा यह क्षेत्र भी अनियमित विकसित क्षेत्र बन जाएगा. इन क्षेत्रों में कुछ क्षेत्र कमल विहार तथा कुछ क्षेत्र नया रायपुर क्षेत्र की सीमा से लगे हुए हैं इसलिए यह आवश्यक है कि इन क्षेत्रों में नियमित विकास हो और यहां उच्च स्तरीय अधोसंरचना विकसित हो. इससे इन क्षेत्रों में रायपुर मास्टर प्लॉन में प्रस्तावित मुख्य सड़कों का भी विकास किया जा सकेगा. प्राधिकरण के पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया था कि नई नगर विकास योजना के क्षेत्र में स्वीकृति अभिन्यास, आबादी, निर्मित क्षेत्र, हरित क्षेत्र एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय आदि के क्षेत्र को विस्तृत सर्वेक्षण के बाद छोड़कर योजना तैयार की जाएगी.
 रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा वर्तमान में देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक नगर विकास योजना एक अर्थात कमल विहार योजना का विकास किया जा रहा है. इसमें लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. अगले महीने इसे कुछ सेक्टरों का लोकार्पण किया जाएगा. योजना में विश्व स्तरीय अधोसंरचना विकास के साथ आवासीय, व्यावसायिक, मनोरंजन, उद्यान एवं खेल मैदान के साथ सार्वजनिक एवं अर्ध्द सार्वजनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है. इसके अतिरिक्त प्राधिकरण व्दारा ग्राम रायपुरा के क्षेत्र में नगर विकास योजना क्रमांक एक 'इन्द्रप्रस्थ रायपुरा' भी विकसित की है. इसके अतंर्गत डुप्लेक्स भवन, न्यून निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए फ्लैट्स, आवासीय भूखंडों का विकास किया है. योजना में अभी कई और आवासीय भूखंड विकसित किए जा रहे है. साथ ही यहां छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा रिक्रिएशन पार्क एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल विकसित किया जा रहा है.   

Jun 14, 2014

कमल विहार - नया रायपुर के विकास की अवधारणा को देख बनेगी न्यू काबुल सिटी

 रायपुर14 जून 2014, छत्तीसगढ़ अब देश के उन शहरों में से एक हो गया है जहां देशविदेश से लोग यह देखने और सीखने के लिए आने लगे है कि एक नए शहर का विकास कैसे किया जाता है और बने हुए शहरों का विकास कैसे किया जाए. देशॉबज बरीकॉब सिटी डेव्हलपमेंट अथारिटी (डीसीडीए) काबुल, अफगानिस्तान के पांच अधिकारियों ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना और नया रायपुर के विकास कार्यों को देखा. वे इसका अध्ययन कर काबुल में बनने वाले न्यू काबुल सिटी का विकास करेंगे.

काबुल की इस टीम ने कमल विहार भ्रमण के दौरान रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से भूमि अर्जन और लोगों की सहभागिता के बारे में जानकारी लेने में काफी दिलचस्पी दिखाई और कई सवाल पूछे. जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) के माध्यम से से भारत के नए शहरों में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और नया रायपुर के विकास की योजना तैयार करने से ले कर उसके क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत अध्ययन के लिए यह टीम रायपुर आई है.

दरअसल यह टीम जायका की तकनीकी मदद से जापान, टर्की और भारत के शहरों के विकास का अध्ययन कर काबुल में एक नया शहर ' काबुल न्यू सिटी ' (केएनसी) बनाना चाहती है. दोपहर बाद कमल विहार पहुंची टीम ने कमल विहार योजना के विकास कार्यों को काफी रुचि से देखा. कमल विहार की भूमिगत अधोसंरचना के अंतर्गत टीम ने सेक्टर 7 में हर भूखंडों तक पहुंचाई गई बुनियादी सुविधाओं यथा बिजली, पानी, नाली इत्यादि के कनेक्शन को देखा. प्राधिकरण के अधिकारियों ने उन्हें बताया गया कि हर प्लॉट के सामने तक पहुंचाई गई सुविधा के लिए यहां पांईट तय किए गए हैं. जब भी भूखंडधारी अपना भवन बनाएगा उसकी मांग पर उन पांईट से उन्हें बुनियादी सुविधाएं दे दी जाएंगी. 

 काबुल डीसीडीए के दल में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर अमानुल्लाह अहफन्जोई, सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर दाऊद फैसल, सीनियर पावर इंजीनियर मोहम्मद शोएब साहिबजादा, भूमि प्रबंधक दाद मोहम्मद खालिद तथा मोहम्मद इदरीस सादेक के साथ जायका के वरिष्ठ सलाहकार सईद अंजुम शामिल थे. रायपुर विकास प्राधिकरण की ओर से राजस्व अधिकारी पुलक भट्टाचार्य, सहायक अभियंता के.पी. देवांगन व अनिल गुप्ता, उप अभियंता एम. एस. पांडे, कमल विहार के सलाहकार जाकिर खान, ली एसोसियेट के आनंद वोलेटी, मुस्तफा अहमद ने डीसीडीए के दल को योजना की जानकारी दी.

Jun 5, 2014

कमल विहार जैसी एक और योजना बनाएगा आरडीए – श्री राजेश मूणत

कमल विहार और रिक्रिएशन पार्क का लोकार्पण जुलाई में 
रायपुर, 05 जून 2014, कमल विहार योजना और रायपुरा के रिक्रिएशन पार्क और स्वीमिंग पूल का लोकार्पण जुलाई में होगा. आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं के भ्रमण के दौरान उक्त बातें कही. श्री मूणत ने कहा कि कमल विहार की अच्छी सफलता को देखते हुए आरडीए इसी तर्ज पर एक और नगर विकास योजना शुरु करेगी.
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने आज पहले रायपुर विकास प्राधिकरण की इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना का अवलोकन किया. इस दौरान प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने बताया कि इन्द्रप्रस्थ फेस-1 का निर्माण पूरा हो चुका है तथा फेस-2 की शुरूआत की जा रही है. इन्द्रप्रस्थ फेस-1 में जहां प्राधिकरण व्दारा न्यून निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए फ्लैट्स तथा डुप्लेक्स भवनों का निर्माण कर हितग्राहियों को आवंटित किया गया है, वहीं फेस-2 में नियमित आकार के भू-खण्ड विकसित कर आवंटित किए जाने की योजना है. श्री कटारिया ने बताया कि इन्द्रप्रस्थ योजना में आमोद प्रमोद के लिए आरक्षित 18.77 एकड़ भूमि पर छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा रिक्रियेशन पार्क और अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल का निर्माण अंतिम चरण में है.
प्राधिकरण व्दारा नियुक्त डेव्हलपर कंपनी मेसर्स पंचामृत इन्टरटेनमेंट कोलकाता व्दारा रिक्रिएशन पार्क विकसित किया गया है. रिक्रिएशन पार्क को चार हिस्सों में विकसित किया जा रहा है - ड्राई जोन, वाटर जोन, टनल शॉपिंग और क्लब हाऊस. इनमें क्लब हाऊस के अलावा शेष तीन हिस्से पूरे किए जा चुके हैं. ड्राई जोन के अंतर्गत हवाई झूला, टॉय ट्रेन, गो कार्ट, ओपन थियेटर, आक्टोपस, एनाकोन्डा और स्ट्राईकिंग कार जैसे मनोरंजन सुविधाओं का निर्माण किया गया है. वॉटर जोन के अंतर्गत स्वीमिंग पूल, बेबीपूल, वेव पूल और वॉटर राइड्स का निर्माण किया गया है. टनल शॉपिंग के तहत 42 भूमिगत तल पर दुकानों निर्माण किया गया है. श्री मूणत ने कहा कि प्राधिकरण व्दारा निर्मित यह रिक्रियेशन पार्क छत्तीसगढ़ और विशेष कर रायपुरवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है. यह रायपुर शहर के साथ-साथ आस-पास के शहरों के निवासियों के मनोरंजन का महत्वपूर्ण साधन साबित होगा। 
रायपुरा के बाद श्री मूणत देश की सबसे बड़ी नगर विकास योजनाओं में से एक कमल विहार गए. लगभग16 सौ एकड़ में विकसित की जा रही कमल विहार योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए प्राधिकरण के सीईओ श्री अमित कटारिया ने कहा कि योजना में स्थित 250 एकड़ क्षेत्र वाले बोरिया तालाब को वाटर स्पोर्टस और रिक्रिएशन के लिए विकसित किया जाना है. उन्होंने कहा कि कमल विहार में विश्व स्तरीय अधोसंरचना का विकास किया गया है. यहां नाली, पानी, बिजली, दूरसंचार, बारिश के पानी की निकासी और उपचारित गंदे पानी की निकासी के लिए सभी अधोसंरचनाओं को भूमि के नीचे बनाया गया है. प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया ने आवास एवं पर्यावरण मंत्री को बताया गया कि हर भूखंड को बुनियादी सुविधाएं यथा बिजली, पानी, नाली इत्यादि के कनेक्शन उनके प्लॉट के सामने तक पहुंचा कर सील कर दिए गए है. जब भी वे इसके कनेक्शन की मांग करेंगे उन्हें यह उपलब्ध करा दिए जाएंगे.
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने इस अवसर पर अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हर सेक्टर के ब्लॉक से भूखंडों तक पहुंच को आसान बनाने के लिए साईनेज बोर्ड लगाएं. श्री मूणत ने जून माह के अंत तक कमल विहार के चार सेक्टरों, सेक्टर 4, 5, 6 और सेक्टर 7 का का काम पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि जुलाई माह में इसका लोकार्पण किया जा सके.
प्राधिकरण की योजनाओं के भ्रमण के दौरान श्री मूणत के साथ प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री एन. बैजेन्द्र कुमार, सचिव श्री संजय शुक्ला, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज, प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया मौजूद, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद और मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया उपस्थित  थे.