* रायपुर शहर विकास की संस्था * * 1963 से कार्यरत संस्था * * लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस * * इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस से सम्मानित
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Nov 9, 2009
Nov 6, 2009
रायपुरा फ्लैट्स की लॉटरी से दमके चेहरे
कल बोरियाखुर्द के 1800 फ्लैट्स की होगी लाटरी
सुबह 11 बजे से शुरु की गई लाटरी में 1005 वैध पंजीयनकर्ताओं के नाम शामिल थे लॉटरी में आरक्षित श्रेणी के लिए 103फ्लैट्स की लाटरी निकाली गई.प्राधिकरण के अधिकारियों ने लाटरी निकालने के लिए शहीद स्मारक भवन में आए आवेदकों को आमंत्रित कर उनके हाथों से ही लाटरी निकलवाई. 9 शारीरिक विकलांगों को भूतल पर फ्लैट्स देने के लिए लाटरी निकाली गई.इस अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया,कलेक्टर रायपुर के प्रतिनिधि श्री रमेश शर्मा,नगरीय प्रशासन विभाग के श्री जे.पी.सोनी,नगर निगम उपायुक्त श्री श्रीकृष्ण दुबे,नगर तथा ग्राम निवेश के श्री ठाकुर उपस्थित थे.लॉटरी का संचालन प्राधिकरण के सहायक राजस्व अधिकारी रविशंकर दीक्षित, रमेश राव व धर्मेन्द्र सिंह सेंगर ने किया.कल शहीद स्मारक भवन में 11बजे बोरियाखुर्द के पंजीयनकर्ताओं के 1800 फ्लैट्स की लाटरी निकाली जाएगी.
लाटरी निकलते ही खुश हुई महिला लॉटरी के दौरान काफी देर तक अपने परिजनों की लाटरी ना निकलते देख एक महिला मंच पर आई और उसने लाटरी निकालने की इच्छा व्यक्त की.अधिकारियों ने महिला को अवसर दिया तो संयोग से उसके हाथों उसके ही एक परिजन की लाटरी निकली तो वह खुशी से चीख उठी.
Nov 5, 2009
गरीबों के मकान की लॉटरी कल - परसों शहीद स्मारक भवन में
रायपुरा के 972 व बोरियाखुर्द 1800 फ्लैट्स शामिल
रायपुर, 05 नंवबर 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा रायपुरा और बोरियाखुर्द में में गरीबों के लिए बनाए गए फ्लैट्स की लॉटरी 06 व 07 नवंबर 2009 को शहीद स्मारक भवन, रजंबंधा मैदान में सुबह 11 बजे से होगी. डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के नाम से जाने वाली इस फ्लैट्स योजना में रायपुरा के फ्लैट्स की लॉटरी 06 नवंबर को होगी. बोरियाखुर्द के फ्लैट्स की लाटरी 07 नवंबर को होगी.
गरीबों को छत मुहैया कराने वाली यह राज्य प्रवर्तित योजना है. इसके अन्तर्गत रायपुरा में 972 व बोरियाखुर्द में 1800 फ्लैट्स का निर्माण किया गया है. फ्लैट्स की लाटरी कलेक्टर रायपुर द्वारा नामित प्रतिनिधि की उपस्थिति में होगी. लॉटरी में निकले फ्लैट्स नंबरों के आधार पर वैध पंजीयन वाले आवेदकों को फ्लैट्स का आवंटन किया जाएगा. प्राधिकरण की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत कुल 3888 फ्लैट्स का निर्माण किया गया है. इसके पहले हीरापुर में 816, सरोना में 300 फ्लैट्स का आवंटन कर किया जा चुका है. यह पहला मौका है जब प्राधिकरण ने इतनी बड़ी संख्या में गरीबों के लिए 3 सौ वर्गफुट आकार के पक्के मकान बनाएं है.
देवेन्द्रनगर के आठ भूखंडों पर अवैध निर्माण हटे
रायपुर, 05 नंवबर 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण ने देवेन्द्रनगर सेक्टर 2 के आठ भूखंडों पर किए गए अवैध कब्जों की झोपड़ियों को हटा दिया.अवैध रुप से बसे कुछ लोग वहां डेयरी का व्यवसाय कर रहे थे.इसके अलावा भूखंड से लगे अवैध रुप से चल रहे कई ठेलों को भी हटाया गया.कब्जा हटाने गए दल में प्राधिकरण के प्रभारी कार्यपालन अभियंता पी.एम.कोल्हे,संपदा अधिकारी प्रीतपाल सिंह होरा,सहायक अभियंता बी.के.ठाकुर,अनिलगुप्ता,उपअभियंता के.के.अवस्थी,नगर निगम के उप अभियंता के.के.शर्मा, ज्ञानेश त्रिपाठी सहित देवेन्द्रनगर का पुलिस बल शामिल था.
Nov 4, 2009
कमल विहार शासन की योजना – श्री राजेश मूणत
रायपुर, 04 नंवबर 2009. आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने कहा है कि कमल विहार योजना के क्रियान्वयन के लिए किसी प्रकार राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी.यह योजना छत्तीसगढ़ शासन की है इसलिए किसी को भी किसी प्रकार की शंका नहीं होनी चाहिए.उन्होंने कहा कि रायपुर को मास्टर प्लॉन के अनुसार विकसित करना है.इसलिए कमल विहार जैसी योजना तैयार की गई है तथा इसमें भूस्वामियों को उनकी भूमि के बदले 35प्रतिशत भूखंड दिए जाएंगे. श्री मूणत ने आज होटल बेबीलान में रायपुर विकास प्राधिकरण व नया रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित निवेशक क्रॉंन्फ्रेंस में अपने संबोधन को दौरान उक्त बातें कही.
श्री मूणत ने कहा कि रायपुर शहर को व्यवस्थित रुप से बसाना है.यहां शैक्षणिक,स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए, इसीलिए कमल विहार योजना के संबंध में जानकारी देने के लिए कल रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तुति दी गई. उन्होंने कहा कि यह योजना जनभागीदारी से ही की जा रही है और इसमें हम प्रदेश के निवेशकों, बिल्डर्स को भी जोड़ना चाहतें है इसलिए यह कार्यशाला का आयोजित की गई है.निवेशकों की कार्यशाला को प्रदेश के मुख्य सचिव श्री पी.जॉए.उम्मेन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री बैजेन्द्र कुमार,नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस.एस. बजाज, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने भी संबोधित किया.
निवेशकों को कमल विहार योजना की जानकारी देते हुए की आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि योजना क्षेत्र के विकसित होने के साथ ही आगामी पांच वर्षों में योजना क्षेत्र जनसंख्या लगभग 1 लाख 75 हजार से 2 लाख तक बढ़ जाएगी. उन्होंने कहा कि योजना का अभिन्यास व इन्फ्रास्ट्रक्चर आधुनिक शहरी विकास की अवधारणा पर आधारित है.योजना क्षेत्र 15सेक्टरों में विभाजित की गई है.इसमें प्राधिकरण को प्राप्त आवासीय भूमि के अलावा सेक्टर स्तर की व्यवासायिक.शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य उपयोग हेतु भूमि आरक्षित की गई है.योजनास्तर की अधोसंरचना अर्थात ट्रंक इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास रायपुर विकास प्राधिकरण स्वयं करेगा. इसमें फोर लेन रिंग रोड, फ्लॉईओव्हर, बॉयपास रोड, अन्य मुख्य सड़कें, विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था की जाएगी. सेक्टर स्तर पर सड़क – नाली, पुलिया, सर्विस डक्ट, डी सेन्ट्रलाईज्ड ट्रीटमेंट (सीवेज) प्लाटस लैंडस्केपिंग एंव गार्डन का विकास कार्य के लिए योजना में प्राधिकरण को उपलब्ध आवासीय, व्यवसायिक,स्वास्थ्य,शिक्षण की भूमि डेव्हलपर बिल्डर को हस्तांतरित कर उपरोक्त वर्णित अधोसंरचना विकास कराया जाना प्रस्तावित है.इस प्रक्रिया के लिए प्राधिकरण द्वारा डेव्हलपर व बिल्डर्स से निविदाएं आमंत्रित की जाएगी.
Nov 3, 2009
रायपुर विकास प्राधिकरण की नई टॉऊन डेव्लपमेंट स्कीम - कमल विहार -
रायपुर विकास प्राधिकरण की नई टॉऊन डेव्लपमेंट स्कीम
- कमल विहार -
ग्राम डूंडा, टिकरापारा, बोरियाखुर्द, देवपुरी तथा डूमरतराई के
भूस्वामियों के साथ संवाद
03 नवंबर 2009 को शहीद स्मारक भवन, रायपुर में
श्री अमित कटारिया,मुख्य कार्यपालन अधिकारी
रायपुर विकास प्राधिकण द्वारा की गई प्रस्तुति.
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• पिछले कुछ दशकों में रायपुर शहर का विस्तार काफी तेजी से हुआ है.• शहर विस्तार से समस्याएं भी बढ़ी हैं.
• रायपुर शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए पहले जो नगर विकास योजनाएं बनाई गई थी उन योजनाओं का सही दिशा में क्रियान्वयन नहीं हो पाया. इस कारण राययपुर का समुचित विकास नहीं हो सका.
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• शहर में ऐसी हैं समस्याएं
• रायपुर शहर के खमतराई, भनपुरी, रामनगर जैसे कई नए क्षेत्र आज सकरी सड़कों, अव्यवस्थित बसाहट होने, पानी एवं नालियों के अभाव और गंदगी के कारण काफी बदतर स्थिति में हैं.
• आवासीय, कृषि एवं अन्य उपयोग की भूमि पर अवैध तथा सुविधाहीन कालोनियों के निर्माण से नागरिकों की समस्याएं बढ़ी हैं.
• राजधानी बनने के बाद से रायपुर की आबादी तेजी से बढ़ी है.
• बढ़ती आबादी के अनुपात में आवासीय, व्यावसायिक एवं सार्वजनिक एवं सामाजिक सुविधाएं नहीं बढ़ी हैं.
• सुविधाएं नहीं बढ़ने से नागरिकों की परेशानियां विकराल स्वरूप में उभर रही है.
• इन्हीं समस्याओं के निराकरण की दिशा में रायपुर विकास प्राधिकरण 8 टॉऊन डेव्लपमेंट स्कीम तैयार कर रहा है.
• रायपुर विकास प्राधिकरण जनभागीदारी से शहर का विकास करना चाहता है.
• इस दिशा में तैयार की गई टॉऊन डेव्लपमेंट स्कीम एक जांची परखी योजना है.
• योजना की डिजाइन एवं वित्तीय आंकलन हेतु कई स्तरों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यापक अध्ययन किया गया है ताकि योजना का स्वरुप व्यवहारिक हो.
एक नई पहल
• रायपुर विकास प्राधिकरण शहर विकास की दिशा में टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम अर्थात नगर विकास योजना के माध्यम से विकास की दिशा में एक नई पहल कर रहा है.
• प्राधिकरण द्वारा इन योजनाओं को छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में दिए गए प्रावधानों के अनुरुप प्रस्तावित किया गया है.
• रायपुर विकास प्राधिकरण शहर विकास के लिए 8 नई योजनाएं तैयार कर रहा है. इनमें से सबसे पहले कमल विहार इन्टीग्रेटेड टॉऊनशिप योजना का प्रस्ताव तैयार किया गया है. ये योजनाएं रायपुर विकास योजना पुनर्विलोकित 2021 अर्थात मास्टर प्लॉन के अनुसार तैयार की जा रही हैं.
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• रायपुर शहर की सुव्यवस्थित एवं सुविधायुक्त बसाहट के लिए बनाई जा रही 8 नगर विकास योजनाओं में से पहली पायलट योजना के रुप में प्राधिकरण द्वारा टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम – 04
- कमल विहार -
आरंभ की जा रही है.
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विकास योजना की प्रक्रिया
प्रक्रिया – 01 : योजना क्षेत्र का सर्वेक्षणविकास योजना की प्रक्रिया
प्रक्रिया – 02 : योजना की सीमा निर्धारण
प्रक्रिया – 03 :
(अ) खसरा सीमा का अकंन एवं सूची तैयार करना.
(ब) खसरा क्षेत्रफल की गणना.
(स) प्रकाशन के लिए प्रारुप योजना तैयार करना.
प्रक्रिया – 04 : योजना क्षेत्र में मास्टर प्लॉन के अनुसार सड़कों का अकंन.
प्रक्रिया – 05 :
(अ) योजना क्षेत्र में नए मुख्य मार्गो का प्रस्ताव
(ब) सेक्टरों की सीमा का निर्धारण
प्रक्रिया – 06 : सेक्टरों में आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत,सामाजिक एवं आमोद – प्रमोद व अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए योजना का आंकल्पन.
प्रक्रिया – 07 : भूखंडों का पुनर्गठन
(अ) प्रत्येक भूस्वामी की भूमि के बदले दिए जाने वाले भूखंड की गणना कर सूची तैयार करना.
(ब) सेक्टर का अभिन्यास तैयार कर भूस्वामियों को दिए जाने वाले भूखंड का अकंन (मूल भूमि अथवा उसके नजदीक)
प्रक्रिया – 08 : सेक्टर अभिन्यास तैयार कर खसरा नक्शे में चिन्हांकन.
प्रक्रिया – 09 : सेक्टर का विस्तृत अभिन्यास
ग्रिड पध्दति पर आधारित अभिन्यास
अधिक्तम भू उपयोग का अभिन्यास.
सुविधाजनक परिचालन पथ.
प्रमुख मार्गों से सीधे प्रवेश के बदले अन्य सुरक्षित मार्गों से प्रवेश.
• अभिन्यास की स्वीकृति के साथ ही भू स्वामियों को उनकी मूल भूमि के बदले 35 %विकसित भूखंड दिया जाएगा.
• सभी भूस्वामी को दिए जाने वाले आवासीय भूखंड को सीधे सड़क उपलब्ध होगी.
• आमोद – प्रमोद, हरित क्षेत्र एवं सार्वजनिक व अर्ध्द सार्वजनिक क्षेत्र के भूस्वामियों को भी आवासीय भूखंड दिए जाएंगे.
• मूल भूमि का उपयोग व्यावसायिक होने पर भूस्वामी को 35% व्यावसायिक भूमि का भूखंड दिया जाएगा.
- कमल विहार योजना : विवरण -
• योजना का क्षेत्रफल - 879 हेक्टेयर (2171 एकड़)• योजना क्षेत्र - ग्राम डूंडा,टिकरापारा,बोरियाखुर्द, देवपुरी तथा डूमरतराई के भाग
• सेक्टर की संख्या - 15
• अनुमानित लागत - लगभग 900 करोड रुपए
• योजना अवधि - 5 वर्ष
- भूमि का प्रस्ताव -
• योजना क्षेत्र के भूस्वामियों को दी जाने वाली भूमि का क्षेत्रफल - उनके मूल रकबे का 35%• भूखंड का न्यूनतम आकार - 40 वर्गमीटर (430 वर्गफुट)
- कमल विहार योजना का प्रस्ताव -
• प्रस्तावित विकास कार्य - योजना स्तर पर
(1) योजना क्षेत्र में मास्टर प्लान में प्रस्तावित समस्त मार्ग रिंग रोड नं. 4 एवं बायपास मार्ग.
(2) जल प्रदाय हेतु फिल्टर प्लांट, राइजिंग मेन एवं ओवर हैड टैंकों निर्माण
(3) समस्त मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था.
(4) आमोद-प्रमोद हेतु आरक्षित लगभग 245 एकड़ क्षेत्र (बोरिया तालाब सहित) का विकास कार्य.
सेक्टर स्तर पर
(1) सड़कों का निर्माण.
(2) नाली, पुलियों एवं सर्विस डक्ट का निर्माण.
(3) पेयजल व्यवस्था.
(4) बाह्य विद्युतीकरण सब स्टेशन निर्माण सहित.
(5) विकेन्द्रीकृत ट्रीटमेंट प्लांट सीवर लाइन सहित.
(6) उद्यानों का विकास.
- विकास कार्य हेतु राशि की व्यवस्था -
(अ) 35% विकसित भूखंड देने व अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए भूमि छोड़ने के पश्चात प्राधिकरण के पास शेष विक्रय योग्य भूमि के विक्रय से प्राप्त राशि से यथा संभव समस्त विकास कार्य किया जाना प्रस्तावित है.(ब) योजना क्षेत्र के भूस्वामियों से विकास के मद में यथासंभव न्यूनतम राशि ली जाना प्रस्तावित है.
- भूमि का मूल्यांकन -
(अ) योजना क्षेत्र में आने वाली भूमि का मूल्यांकन रायपुर के कलेक्टर गाईड लाईन में दी गई दरों के आधार पर किया जा रहा है.(ब) विकसित भूखण्डों का मूल्यांकन योजना क्षेत्र की भूमियों के औसत दर एवं लोकेशन के आधार पर किया जा रहा है.
- पूर्व निर्मित संरचनाएं -
(1) योजना में सम्मिलित ग्रामों की मूल बस्तियों के क्षेत्र को योजना में सम्मिलित नहीं किया गया. (2) योजना क्षेत्र में पूर्व से निर्मित संरचनाओं से एवं अनुमोदित कॉलोनियों के स्वामियों से आंशिक विकास शुल्क लिया जाना प्रस्तावित है
- भू स्वामियों को होने वाले लाभ -
(1) छोटे भूस्वामियों को नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से भूखंड के अभिन्यास (Layout) के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी किन्तु उन्हें निर्माण कार्य हेतु सक्षम अधिकारी से भवन अनुज्ञा प्राप्त करनी होगी.(2) बडे़ भूस्वामियों को भूखंडों को विकसित करते समय अथवा भवन निर्माण के समय आर्थिक रुप से कमजोर (EWS) वर्ग के लिए भूमि एवं सामुदायिक खुले क्षेत्र छोड़ने की आवश्यकता नहीं होगी.
(3) नगर विकास योजना के क्रियान्वयन से भूमिस्वामियों को उनके विकसित भूखण्डों की कीमतों में लगभग तीन से चार गुना या उससे भी ज्यादा वृद्धि होने की संभावना है.
(4) योजना के अंतर्गत भूस्वामियों को यथासंभव उनकी मूल भूमि के समीप पुनर्गठित विकसित भूखंड उपलब्ध कराया जाएगा. हर भूखंड को सड़क उपलब्ध होगी.
(5) भूमिस्वामियों को प्राप्त होने वाले विकसित भूखण्ड पूर्णतः फ्रीहोल्ड होंगे.
(6) भूस्वामियों को प्राप्त होने वाले भूखंड पर आसानी से ऋण उपलब्ध होगा.
(7) योजना का क्षेत्र सुव्यवस्थित एवं नागरिक सुविधायुक्त होगा.
- योजना के भूखंडों के मूल्य बढ़ने के कारक -
(1) योजना में 42 एकड़ (वृहद स्तर) का सी.बी.डी. अर्थात केन्द्रीय व्यवासायिक क्षेत्र का प्रावधान.(2) आमोद – प्रमोद के लिए 245 एकड़ (वृहद स्तर ) का भूमि प्रावधान.
(3) सार्वजनिक व अर्ध्दसावर्जनिक उपयोग हेतु 57 एकड़ भूमि का प्रावधान.
(4) भूखंड का पूर्णतः फ्रीहोल्ड होना.
(5) उच्च स्तरीय अधोसंरचना विकास .
(6) छ्त्तीसगढ़ शासन द्वारा स्वीकृत योजना.
जनभागीदारी से शहर का विकास
• छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को राजधानी का स्वरुप देने के लिए जनभागीदारी आवश्यक है.• रायपुर विकास प्राधिकरण अपने दायित्व के अनुसार देश की सबसे बेहतर टॉऊन डेव्हलमेंट योजना का क्रियान्यवन कर नागरिकों को बेहतर जीवन के लिए नागरिक सुविधाएं देने तत्पर है.
• आप नागरिकों का सहयोग रायपुर को बेहतर व्यस्थित और सुन्दर बनाएगा.
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Nov 2, 2009
कमल विहार योजना के भूखंड फ्रीहोल्ड रहेंगे
3 को भूस्वामियों से 4 को निवेशकों से संवाद
रायपुर, 02 नंवबर 2009. छत्तीसगढ़ की पहली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम कमल विहार के भूखंड फ्री होल्ड होंगे. फ्री होल्ड का आशय है कि भूस्वामियों को उनकी भूमि के बदले जो विकसित भूखंड दिए जाएंगे उन पर किसी प्रकार का भू भाटक नहीं लिया जाएगा.कमल विहार योजना के भूस्वामियों को योजना के विस्तृत जानकारी देने के संबंध में कल 3 नवंबर दोपहर 3 बजे शहीद स्मारक भवन में एक सभा का आयोजन रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया है.
आरडीए कमल विहार योजना के संबंध में 4 नवंबर प्रातः 11 बजे नया रायपुर विकास प्राधिकरण के साथ मिल कर हॉटल बेबीलॉन में निवेशकों तथा बिल्डर्स की एक क्रॉंन्फ्रेस का भी आयोजन कर रहा है.योजना में अधोसंरचना विकास करने हेतु निवेशकों व बिल्डर्स की मदद ली जानी है. इसलिए कॉंन्फ्रेंस में कमल विहार में क्या कार्य किए जाने है तथा इस संबंध में विकास एवं नागरिक सुविधाओं के संबंध निवेशकों व बिल्डर्स की भागीदारी कैसे होगी तथा उनसे क्या अपेक्षाएं है इस संबंध में जानकारी दी जाएगी तथा सुझाव लिए जाएंगे.
राजधानी की सबसे बड़ी योजना के रुप में विकसित होने वाली यह योजना ग्राम डूंडा, बोरियाखुर्द, टिकरापारा, देवपुरी तथा डुमरतराई, के क्षेत्र में क्रियान्वित होगी. 2170 एकड़ में बनने वाली टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम अहमदाबाद के अनुभवों से और बेहतर हो इसका प्रयास किया जा रहा है. योजना तैयार करने वाले विशेषज्ञों के अनुसार जनभागीदारी के साथ यह योजना पांच सालों में पूर्ण करने का लक्ष्य है. रायपुर विकास प्राधिकरण 900 करोड रुपए की इस योजना का नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम के अन्तर्गत शीघ्र ही राजपत्र में प्रकाशन कर भू स्वामियों से सुझाव व आपत्तियां आमंत्रित करेगा.