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Jul 28, 2009

न्यू राजेन्द्रनगर से आरडीए ने 17 लाख वसूले 3 फ्लैट्स सील









रायपुर, 28 जुलाई 2009. वसूली अभियान के अन्तर्गत रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज साढ़े 17 लाख रुपए की वसूली की. न्यू राजेन्द्रनगर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे फ्लैट्स के बकायादारों ने स्थल पर ही राजस्व शाखा के कर्मचारियों को नगद व चैक के रुप में राशि जमा कराई. तीन आवंटितियों द्वारा राशि जमा नहीं किए जाने के कारण उनके फ्लैट्स में ताला लगा कर सील किया गया.
जिनके फ्लैट्स सील किए गए उनमें नताशा लाहेजा, सोनू सिंह व अमितेश ठक्कर शामिल हैं. प्राधिकरण की इस योजना में बकायादारों से लगभग 43 लाख रुपए की राशि लेना बाकी है. प्राधिकरण का अमला कल पुनः इस योजना में फिर वसूली करेगा. इसके बाद कटोरातालाब योजना के मैथिलीशरण गुप्त अपार्टमेंट और शैलेन्द्रनगर योजना के पंकज विक्रम अपार्टमेंट और इंदिरा मार्केट (बॉम्बे मार्केट) में वसूली दल जाएगा.

Jul 27, 2009

हीरापुर में 17 फ्लैट्स पर आरडीए ने लगाए ताले

कुशाभाऊ ठाकरे फ्लैट्स न्यू राजेन्द्रनगर में कल से वसूली
रायपुर, 27 जुलाई 2009. बकाया राशि वसूली अभियान के अन्तर्गत रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज हीरापुर के 17 बकायादारों के फ्लैट्स सील कर दिए. शनिवार को 14 फ्लैट्स के बाद आज सतरह बकायादारों पर की गई कार्रवाई से आवंटितियों ने राशि जमा करना शुरु कर दिया है.
वसूली के लिए हीरापुर पहुंचे प्राधिकरण के कर्मचारियों ने बकायादारों से डेढ़ लाख रुपए की वसूली की. कुछ लोगो ने प्राधिकरण कार्यालय में जाकर भी राशि जमा कराई. आज राजेन्द्रकुमार मारकंड़े, मोहम्मद एजाज अहमद, सुरेन्द्र शर्मा, शेख हुसैन, अशफाक हुसैन, राजेन्द्र कुमार वैष्णव, नजमा बेगम, श्रीमती गुरमीत कौर, अमित मिश्रा, तारकेश्वरी, सतेन्द्र रंगशाही, श्रीमती राधादेवी, तरुण कुमार, गुरुचरण सिंह, मोहम्मद जलीम हुसैन, सुधीर शर्मा, जहरुल हसन के फ्लैट्स में ताला लगाकर सील किया गया. प्राधिकरण को हीरापुर के चार सौ फ्लैट्स से लगभग 75 लाख रुपए वसूल करना है. कल प्राधिकरण के राजस्व कर्मचारियों का दल न्यू राजेन्द्रनगर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे आवास योजना के 108 फ्लैट्स के आवंटितियों से बकाया राशि की वसूली करेगा.

Jul 25, 2009

आरडीए ने हीरापुर में 14 फ्लैट्स सील किए









न्यू राजेन्द्रनगर व इंदिरा मार्केट में अगले सप्ताह होगी कार्रवाई
रायपुर, 25 जुलाई 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज हीरापुर में फ्लैट्स के बकायादारों द्वारा राशि जमा नहीं किये जाने पर 14 फ्लैट्स को सील कर दिया. प्राधिकरण की राजस्व शाखा ने पहले कई बार इन बकायादारों को नोटिस जारी कर राशि जमा करने की सूचना दी थी. बार बार सूचना देने के बाद भी राशि जमा नहीं करने पर प्राधिकरण ने कार्रवाई की. बकाया राशि वसूली अभियान में अगले सप्ताह प्राधिकरण द्वारा न्यू राजेन्द्रनगर और इंदिरा मार्केट में वसूली की कार्रवाई की जाएगी.
प्राधिकरण के राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने आज डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना हीरापुर पहुंचने पर पाया गया कि वहां के कई फ्लैट्स में ताला लगा हुआ है तथा पूर्व में चस्पा की गई नोटिस लगी हुई है. इसके बावजूद बकायादारों ने राशि जमा नहीं की है. इसलिए ऐसे बंद पड़े 14 फ्लैट्स में ताला लगा कर उसे सील कर दिया गया. आज सुब्रत कुमार कश्यप, गिरधारीलाल परमार, शाकिर अहमद, बद्रीप्रसाद शर्मा, पम्मी दम्मोहे, सिध्दार्थ कानखेड़े, नीलेश नेमा, कविता रीतेश गोहिल, श्रीमती नसीमा बानों, विनिता अनुरागी, रमेश कुमार अग्रवाल, अमित गोयल, कौसर अली, श्रीमती बरखा रानी के फ्लैट्स सील किए गए. राजस्व विभाग के अनुसार हीरापुर के लगभग 4 सौ फ्लैट्स पर लगभग 75 लाख रुपए बकाया है. इसी प्रकार कुशाभाऊ ठाकरे आवास योजना न्यू राजेन्द्रनगर के फ्लैट्स मालिकों से लगभग 70 लाख रुपए तथा इंदिरा मार्केट के व्यावसायियों से लगभग 24 लाख रुपये की वसूली किया जाना है.उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने ट्रांसपोर्टनगर के बकायादारों द्वारा राशि जमा नहीं करने पर 31 जुलाई के बाद भूखंड निरस्त करने की कार्रवाई कर राशि राजसात करने तथा भूखंडों को पुनः नियमानुसार विक्रय करने की कार्रवाई करने के भी निर्देश राजस्व शाखा को दिया है.

Jul 24, 2009

वसूली के लिए आरडीए की कालोनियों में लगेगें कैम्प


बकाया न देने पर फ्लैट्स पर लगेगें ताले, भूखंड होगें निरस्त

रायपुर, 24 जुलाई 2009. आरडीए अब बकायादारों से राशि वसूलने अपनी कालोनियों में कैम्प लगाकर वसूली करेगा. प्राधिकरण प्रशासन ने बार बार सूचना देने के बावजूद राशि जमा नहीं करने वाले बड़े बकायादारों के मकानों को सील करने तथा ट्रांसपोर्टनगर के बकायादारों द्वारा राशि जमा नहीं करने पर 31 जुलाई के बाद भूखंड निरस्त करने के निर्देश राजस्व विभाग को दिए है।

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने कल राजस्व शाखा की एक समीक्षा बैठक के दौरान बकाया राशि वसूलने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन आवंटितियों ने बकाया राशि का भुगतान निर्धारित समय के बावजूद नहीं किया है उनसे पूरी राशि सरचार्ज सहित वसूली जाए. बैठक में बताया गया कि आंवटितियों को कई बार राशि जमा करने की लिखित सूचना और समय दिया गया है किन्तु उनके द्वारा राशि जमा नहीं की जा रही है।

हीरापुर में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के अन्तर्गत कई फ्लैट्स मालिकों ने लंबे समय से राशि जमा नहीं की है तथा आवंटितियों के फ्लैट्स भी बंद पड़े हैं. इसलिए ऐसे आंवटितियों के फ्लैट्स को ताला लगा कर सील कर दिया जाएगा. रावांभाठा ट्रांसपोर्टनगर में कई भूखंड़धारियों ने कई बार सूचना देने के बावजूद राशि जमा नहीं की है इसलिए उनके भूखंड 31 जुलाई के बाद निरस्त कर राशि राजसात कर ली जाएगी तथा इन भूखंडों को पुनः नियमानुसार विक्रय करने की कार्रवाई की जाएगी.

Jul 15, 2009

आरडीए के खाली भूखंड़ो के विक्रय पर प्रतिबंध

14 हजार एकड़ में 8 टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम को संचालक मंडल की स्वीकृति

रायपुर, 14 जुलाई 2009. आरडीए के खाली भूखंडो को विक्रय की अब अनुमति नहीं दी जाएगी. 31 अक्टूबर तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं करने पर ऐसे भूखंड निरस्त कर पुनर्प्रवेश की कार्रवाई की जाएगी. भूखंडों को फ्रीहोल्ड करने के मामले में तैयार किया गया प्रस्ताव राज्य शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा. आठ नई टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम तथा टाटीबंध में ट्रांसपोर्टनगर योजना के संबंध में राज्य शासन से अनुमति ली जाएगी. यह निर्णय कल रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक मंडल की बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज ने की.
संचालक मंडल द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार प्राधिकरण की योजनाओं में खाली पड़े भूखंड़ों पर 31 अक्टूबर 2009 तक का निर्माण नहीं करने पर भूखंड का आवंटन निरस्त कर उस पर पुनर्प्रवेश कर लिया जाएगा. योजनाओं में खाली पड़े भूखंडों को विक्रय की अब अनुमति नहीं दी जाएगी.
प्राधिकरण की कालोनियों के भूखंड को फ्रीहोल्ड करने के मामले में संचालक मंडल ने तैयार किए गए प्रस्ताव को राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया. प्रस्ताव के अनुसार भूखंडों को 30 वर्ष के स्थान पर अब 99 वर्ष की लीज अवधि पर दिया जाएगा तथा बची अवधि पर वर्तमान दर पर भू भाटक निर्धारित कर एक मुश्त राशि ली जाएगी. शासकीय भूमि को भी फ्रीहोल्ड करने के संबंध में शासन से अनुरोध किया जाएगा.
संचालक मंडल ने आठ नई टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम तथा टाटीबंध में ट्रांसपोर्टनगर योजना हेतु अनुशंसा करते हुए शासन से स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है. इसके अनुसार लगभग 14 हजार एकड़ में आठ सेक्टरों पर टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के अन्तर्गत भूखंड़ो का पुनर्गठन किया जाएगा. टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के अन्तर्गत सेक्टर एक में टाटीबंध, सरोना एवं रायपुरा, सेक्टर दो में भाठागांव, चंगोराभाठा एवं मठपुरैना, सेक्टर तीन में बोरियाखुर्द, मठपुरैना व डूंडा, सेक्टर चार में डूंडा, टिकरापारा, बोरियाखुर्द, देवपुरी व डूमरतराई, सेक्टर पांच में देवपुरी, डुमरतराई, फुंडर एवं अमलीडीह, सेक्टर छह में लाभांडीह, जोरा, तेलीबांधा, एवं शंकरनगर, सेक्टर सात में मोवा, दलदल सिवनी एवं सड्ढू तथा सेक्टर आठ में कचना, पिरदा व सकरी को शामिल किया गया है. टाटीबंध में लगभग 200 एकड़ पर मास्टर प्लान में भूउपयोग के अनुसार ट्रांसपोर्टनगर विकसित किया जाएगा. टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम हेतु प्रस्ताव को शासन से अनुमति मिलने के बाद राजपत्र में इसका प्रकाशन कराया जाएगा. इन स्कीमों के अन्तर्गत सबसे पहले सेक्टर चार में शामिल डूंडा, टिकरापारा, बोरियाखुर्द, देवपुरी व डूमरतराई को सबसे पहले पायलेट परियोजना के अन्तर्गत शुरु किया जाएगा.
संचालक मंडल की इस बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस. बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी व नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री अमित कटारिया,नगर तथा ग्राम निवेश के संयुक्त संचालक श्री वी.पी. मालवीय व के.पी.वाजपेयी तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अधीक्षण अभियंता श्री एच. के. चन्दनिहा उपस्थित थे.

Jul 8, 2009

कॉलोनी नहीं टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम बना रहा है आरडीए – श्री कटारिया

रायपुर, 08 जुलाई 2009. रायपुर विकास प्राधिकरण ने कहा है कि वह किसी एक कालोनी का निर्माण नहीं कर रहा है वरन मास्टर प्लॉन के अनुसार रायपुर शहर के लिए टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम पर कार्य कर रहा है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने कहा है कि प्राधिकरण शहर विकास के लिए बनाए गए मास्टर प्लॉन में दिए गए भूउपयोग के प्रावधानों के अनुरुप टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के माध्यम से राजधानी के सुव्यवस्थित बसाहट की दिशा में काम कर रहा है. इसके लिए किसी की भूमि अर्जित नहीं की जाएगी.

श्री कटारिया ने कहा कि नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम के अनुसार टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम के अन्तर्गत प्राधिकरण प्लॉटों का पुनर्गठन कर भूमि के निर्धारित उपयोग के अनुसार विकास का कार्य करेगा. प्राधिकरण नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 49 व 50 के अन्तर्गत नगर विकास स्कीम के क्रियान्वयन का कार्य कर रहा है. इन धाराओं के अन्तर्गत भूमि के पुनर्गठन का स्पष्ट प्रावधान है. इसके अन्तर्गत भवनों, मार्गों, नालियों, मल वहन लाइनों तथा अन्य वैसी सुख-सुविधाओं के प्रयोजन के लिए प्लाटों का पुनर्गठन का कार्य राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से आरंभ किया जा सकता है.

प्लाटों का पुनर्गठन हेतु प्राधिकरण द्वारा नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, रायपुर से अभिन्यास अनुमोदित करवाया जाएगा. इसके साथ ही भूस्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर अनुबंध कर सड़क, नाली, पेयजल व विद्युत की बुनियादी सुविधाओं सहित उद्यान, खुले क्षेत्र व अन्य अधोसंरचनाओं का विकास किया जाएगा. अधोसंरचना के विकास के लिए राशि की व्यवस्था योजना की व्यावासायिक व अन्य भूमि के विक्रय से प्राप्त राशि मे से किया जाएगा. शेष बची विकसित भूमि भूस्वामियों को बिना विकास शुल्क लिए वापस कर दी जाएगी जो कम से कम तीस प्रतिशत तक होगी. छत्तीसगढ़ शासन के नियम के अनुसार ऐसे अभिन्यास में आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों के लिए भूखंड अथवा निर्मित मकान देने का भी प्रावधान है. इसलिए यह कहा जा सकता है कि योजना में गरीबों को भी भूमि मिलेगी. भू उपयोग के अनुसार योजना की व्यावसायिक भूमि के विक्रय से प्राप्त राशि से अधोसंरचना का विकास किया जाएगा.

श्री कटारिया ने कहा कि गुजरात के अहमदाबाद शहर के विकास के लिए 1979 से नगर विकास स्कीम का क्रियान्वयन किया जा रहा है और वहां लगभग ऐसी एक सौ टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम पूर्ण हो चुकी है. अहमदाबाद में टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम भी मूलतः भूखंडों के पुनर्गठन से संबंधित है. वहां विकास प्राधिकरण ने भूस्वामियों की भूमि का अधिग्रहण नहीं किया है. स्कीम में भूस्वामियों से अनुबंध कर पूरे क्षेत्र का विकास करते हुए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है तथा भूस्वामियों से उनको वापस दिए जाने वाले भूखंड के लिए विकास शुल्क लिया जाता है. प्लॉटों के पुनर्गठन के इस कार्य को वहां की जनता ने बड़े ही हर्ष से स्वीकार किया है. वहां के अधिकारी बताते हैं कि भूस्वामी स्वयं उनके पास आते हैं और अपनी भूमि प्राधिकरण को देते हैं ताकि उनकी भूमि नगर विकास स्कीम के अन्तर्गत शामिल हो जाए तथा क्षेत्र का विकास होने से उन्हें भी आर्थिक लाभ हो. रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम में शामिल भूस्वामियों पर इस बात का कोई बंधन नहीं होगा कि वे अपनी भूमि किसी को नहीं बेच सकते वरन वे इस बात के लिए स्वतंत्र होंगे कि वे किसी को भी अपनी भूमि का विक्रय कर सकें तथा उसमें मास्टर प्लॉन में उल्लेखित भूउपयोग के अनुसार मानचित्र सक्षम अधिकारी से अनुमोदित करवा कर अपने भूखंड का विकास और उस पर निर्माण कर सकें.
छत्तीसगढ़ शासन का नगर तथा ग्राम निवेश विभाग नगर विकास की योजना अर्थात मास्टर प्लॉन तैयार करने का कार्य करता है. जबकि नियम के अनुसार रायपुर विकास प्राधिकरण का गठन स्‍थानीय प्राधिकारी के रूप में मास्टर प्लॉन को क्रियान्वित करने के लिए किया गया है. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का भी यह मानना है कि रायपुर नगर में बुनियादी अधोसंरचनाओं के विकास नहीं होने शहर का अनियमित रुप से विकास हुआ है. इसलिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सुव्यवस्थित और बेहतर जीवन के लिए टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम का क्रियान्वयन आवश्यक हो गया है. इसलिए गुजरात के शहरी विकास के अनुभव के आधार पर रायपुर विकास प्राधिकरण राजधानी रायपुर के सुव्यवस्थित विकास और राज्य़ शासन के सुशासन की नीति के आधार पर टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम क्रियान्वयन की दिशा में कार्य कर रहा है जो लोकहित में है तथा एक कल्याणकारी योजना है.


Jul 2, 2009

सबसे पहले सेक्टर चार के डूंडा, बोरियाखुर्द टिकरापारा देवपुरी व डुमरतराई ग्राम पर बनेगी योजना










टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम पर कार्रवाई हुई तेज
रायपुर 02 जुलाई 2009. शहर की टॉऊन डेव्हलपमेंट स्कीम को सिध्दांततः सहमति मिलने के बाद रायपुर विकास प्राधिकरण ने योजना पर कार्रवाई तेज कर दी है.शहर विकास की इन ऩई योजनाओं के संबंध में प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने आज प्रस्तावित आठ योजनाओं में सबसे पहली योजना सेक्टर चार का स्थल निरीक्षण किया.इस सेक्टर के अन्तर्गत ग्राम डूंडा,बोरियाखुर्द, टिकरापारा, देवपुरी और डुमरतराई को शामिल किया गया है. अहमदाबाद में शहर के विकास की दिशा में भूअर्जन के बदले भू स्वामियों के भूमि का पुर्नगठन करते हुए बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई है. यह योजना भी उसके अनुरुप ही बनाई जा रही है.

श्री कटारिया ने प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ इन गावों में तकनीकी शाखा द्वारा करवाए गए सर्वेक्षण मानचित्र का परीक्षण किया. स्थल पर उन्होंने कहा कुछ और खाली क्षेत्रों को भी योजना सीमा में शामिल किया जाए. उन्होंने पुराना धमतरी रोड स्थित बोरियातालाब, टिकरापारा, डूंडा व देवपुरी सहित डुमरतराई ग्राम के खाली पडें क्षेत्रों सहित विकसित हो रही आवासीय कालोनियों का निरीक्षण किया. प्राधिकरण की सेक्टर चार की प्रस्तावित योजना क्षेत्र में नहर,हरित क्षेत्र के साथ ही आमोद प्रमोद व बोरिया तालाब स्थित है. योजना क्षेत्र में प्रस्तावित मास्टर प्लॉन के अनुसार विभिन्न चौड़ाई के चार प्रमुख नगरीय मार्ग, एक रिंग रोड, आवासीय एवं वाणिज्यिक के साथ ही सार्वजनिक एवं अर्ध्द सार्वजनिक का भू उपयोग भी निर्धारित है. इस कारण पुराना धमतरी रोड से नया धमतरी राजमार्ग के बीच यह स्थान टॉऊन डेव्हलपमेंट के लिए काफी उपयुक्त पाया गया है.इस अवसर पर प्राधिकरण के प्रभारी अधीक्षण अभियंता दुर्गाशंकर परोहा, कार्यपालन अभियंता पी.आर.नारंग, संपदा अधिकारी प्रीतपाल सिंह होरा, सहायक अभियंता पी.एम.कोल्हे, अनवर खान, योगेश साहू, के.पी.देवागंन, अनिल गुप्ता, राजीव अग्रवाल, राजस्व अधिकारी प्रणव सिंह, उप अभियंता एच. पी. पंडरिया, राजस्व विभाग के पटवारी तथा योजनाकार भी उपस्थित थे.

Jul 1, 2009

आरडीए के ट्रैक्टर चालक दुलाल विश्वास सेवानिवृत


रायपुर 01 जुलाई 2009,रायपुर विकास प्राधिकरण के ट्रैक्टर चालक श्री दुलाल विश्वास कल सेवानिवृत हो गए.प्राधिकरण के प्रभारी अधीक्षण अभियंता श्री दुर्गाशंकर परोहा ने श्री विश्वास को श्रीफल व शाल देकर उनकी लंबी सेवाओं के लिए सम्मानित किया उन्होंने कहा कि वे योजना स्थल के एक कर्मठ कर्मचारी रहे है. इस अवसर पर प्राधिकरण कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह सेंगर ने भी श्री विश्वास को श्रीफल दे कर उनके दीर्घायु होने की कामना की.इस मौके पर श्री विश्वास को सी.पी.एफ.की राशि चेक भी प्रदान किया गया.
इस अवसर पर श्री विश्वास ने बताया कि वे 30साल पहले अपने एक रिश्तेदार के आमंत्रण कोलकात्ता से रायपुर आए थे.यहां उन्होंने प्राधिकरण में हेल्पर के रुप में देवेन्द्रनगर से अपनी नौकरी की शुरुआत की.अपनी नौकरी के दौरान उन्होंने रायपुर विकास प्राधिकरण की देवेन्द्रनगर योजना में माल ढ़ुलाई और पानी के टैंकर को लाने ले जाने का कार्य किया.रायपुर के पंडरी में रहने वाले श्री दुलाल कहते है कि उन्हे छत्तीसगढ़ काफी अच्छा लगा इसलिए उनका परिवार भी यहीं बस गया है.