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Jul 6, 2017

 रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव के दो साल
 शहर विकास की बड़ी सोच और साकार कर दिखाने का जज्ब़ा
u विकास और निर्माण की उपलब्धियां u

 रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने अपने दो साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व्दारा 6 जुलाई 2015 को शहर विकास की जिम्मेदारी देने के बाद से श्री श्रीवास्तव ने शहर विकास और निर्माण के लिए कई कार्य किए. उन्होंने एक साथ रायपुर विकास की दिशा में कई उपलब्धियां हासिल की. गत दो सालों के दौरान प्राधिकरण के अध्यक्ष के रुप में संजय श्रीवास्तव आरडीए ने अध्यक्ष के रूप में जो कार्य किए हैं वह प्राधिकरण के फेस बुक पेज आरडीएरायपुर और ब्लॉग वेबसाईट आरडीएरायपुर डॉट ब्लॉग स्पॉट डॉट इन पर भी दर्ज है.


 दो साल अर्थात 730 दिनों में संजय श्रीवास्तव ने अपने सहयोगी उपाध्यक्षों  गोवर्धन दास खंडेलवाल व रमेश सिंह ठाकुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे, संचालक मंडल के सदस्य गोपी साहू, नारद कौशल, रविन्द्र बंजारे, श्रीमती सुनयना शुक्ला, श्रीमती एम लक्ष्मी व अन्य सभी शासकीय सदस्यों, अतिरिक्त सीईओ एस.आर. दीवान, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया तथा रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के साथ कई योजनाओं की शुरुआत की और कुछ का लोकार्पण भी किया. इस दौरान जनता से जनसंवाद के साथ उन्हें नागरिक दायित्वों के साथ ही समय - समय पर प्रेरित भी किया. लोगों को सहूलियतें भी दी, उनको उनके सपनों का घर, व्यवसाय के लिए संपत्तियां उपलब्ध कराई गई. प्राधिकरण के कार्य की दक्षता को बढ़ाने और बेहतर करने की दिशा में भी कई कार्य किए गए. वर्तमान योजनाओं के साथ ही साथ भविष्य की कई अन्य योजनाओं पर भी विशेषज्ञों के साथ विचार विमर्श और मंथन भी लगातार जारी है.

 योजनाएं जो शुरु की गई
 ईडब्लूएस-एलआईजी फ्लैट्स निर्माण : प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 5 मार्च को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कर कमलों से भूमि पूजन किया. इसके बाद इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में क्रमशः 1472 ईडब्लूएस व 944 एलआईजी फ्लैट्स योजना का पंजीयन करते निर्माण शुरु कर दिया गया है.
 एलआईजी फ्लैट्स का निर्माण : बोरियाखुर्द योजना में प्रधानमंत्री आवास योजना के 1984 एलआईजी फ्लैट्स निर्माण का संचालक मंडल की बैठक में संकल्प पारित कर निर्माण कार्य शुरु किए जाने की प्रक्रिया शुरु की गई है.
 रो-हाऊस डुप्लेक्स निर्माण : कमल विहार योजना में 66  रो-हाऊस डुप्लेक्स निर्माण हेतु संचालक मंडल की बैठक में संकल्प पारित कर इसके पंजीयन किया जा रहा और निर्माण कार्य शुरु कर दिया गया है.
 श्मशानघाट की बॉऊन्ड्रीवाल का निर्माण : कमल विहार सेक्टर 11 ए के अंतर्गत कृष्णा पब्लिक स्कूल के पीछे ग्राम डूंडा की श्मशान भूमि पर बॉऊन्ड्रीवाल निर्माण शुरु किया गया है.
 कम्युनिटी हॉल व शॉपिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण : डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना बोरियाखुर्द के निवासियों की बुनियादी जरूरतों की आवश्यकता हेतु दो कम्युनिटी हॉल व दो शॉपिंग कॉम्पलेक्स में 48 दुकानों के निर्माण कार्य शुरु किया.
 परंपराएं जीवित रखने मुक्तिधाम का विकास : कमल विहार के सेक्टर 1 में पूर्व से अधूरे पड़े श्मशान को विकसित कर उसे सुविधाजनक बनाने के लिए भूमि पूजन किया गया. इसमें श्मशान गृह के लिए लगभग 1.70 एकड़ क्षेत्र में गेट तथा बॉऊन्ड्रीवाल की लागत 11.44 लाख रुपए, शेड निर्माण का कार्य 2.81 लाख रुपए की लागत से तथा टिकरापारा से कमल विहार पहुंच मार्ग के समांतर बनी क्रांक्रीट की नाली के ऊपर स्लैब निर्माण के कार्य पर 15.21 लाख रुपए की लागत से बनेगा.

 जनसुविधाएं
 टोल फ्री नंबर : जनता को आरडीए से सीधे जानकारी मिले इसके लिए प्राधिकरण कार्यालय में टोलफ्री फोन नंबर 1800 - 233 - 7188 की स्थापना कर इसकी शुरुआत की.
 छोटे आवासीय भूखंड : मध्यम आय वर्ग की लगातार मांग पर कमल विहार के बड़े आवासीय भूखंडों को छोटे भूखंडों में परिवर्तित कर उपलब्ध कराया गया.
 किस्तों में भुगतान की छूट :  गत वर्ष 2016 में कमल विहार योजना में आवंटितियों व्दारा संपूर्ण देय किस्तों का एकमुश्त भुगतान किए जाने पर 12 प्रतिशत के स्थान पर 15 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई.
 आवंटितियों को छूट दे कर आर्थिक राहत दी : गत वर्ष आवंटितियों को बकाया राशि के सरचार्ज में 40 प्रतिशत से  50 प्रतिशत की छूट प्रदान कर उन्हें आर्थिक राहत प्रदान की गई. इस वर्ष भी प्राधिकरण संचालक मंडल की स्वीकृति के उपरांत 10 अगस्त 2017 तक बकाया राशि एकमुश्त राशि भुगतान पर बकायादारों को सरचार्ज में 30 प्रतिशत की छूट दी जा रही है.
 ब्याज की बचत का सीधा लाभ जनता को दिया : कमल विहार योजना में विकास हेतु सेन्ट्रल बैंक से लिए 600 करोड़ रुपए के ऋण के ब्याज में भविष्य की अदायगी के बदले की बचत का लाभ विकसित भूखंड लेने वाले आवेदकों को दिया. इस हेतु गत वर्ष विकसित भूखंड की निर्धारित दरों में 30 % व 15 % की सीधी छूट तथा समय पूर्व भुगतान पर प्रो रेटा आधार पर 12 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई. ऐसी छूट देने के कारण नवंबर 2016 में प्राधिकरण की कमल विहार योजना में रिकार्ड बिक्री हुई और 29 दिनों में 225 प्लॉट सहित कुल 75 करोड़ रुपए की बिक्री हुई.
 डिस्काउंट मॉडल पर पुनः छूट दी गई : कमल विहार योजना में बचत का लाभ देने के लिए इस वर्ष भी डिस्कॉऊंट मॉडल पर बिजनेस के प्लॉटों पर 30 % व शैक्षणिक, स्वास्थ्य तथा 2000 वर्गफुट से बड़े आकार के प्लॉटों पर 10% की छूट दी गई.  
 अनुबंध निष्पादन हेतु विशेष कैंप : कमल विहार और इन्द्रप्रस्थ – रायपुरा की योजना हेतु अपनी भूमि देने वाले भूस्वामियों को विकसित भूखंड देने के लिए कलेक्टोरेट कार्यालय स्थित पंजीयक कार्यालय में समय - समय पर अनुबंध निष्पादन हेतु नियमित रुप से कैम्प का आयोजन.
 सफाई व्यवस्था : डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजनाओं में संधारण, रखरखाव, साफ सफाई और कचरा प्रबंधन के लिए नई व्यवस्था लागू की गई. ऐसी ही व्यवस्था प्राधिकरण की उन योजनाओं में भी लागू की गई जो नगर पालिक निगम को स्थानांतरित नहीं हुई है.
 स्वाईप मशीन की स्थापना : प्राधिकरण में राशि जमा करने तथा कैशलेस करने दिशा में पहली स्वाईप मशीन लगाई गई. इससे आवेदकों तथा आवंटितियों को डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भुगतान की सुविधा मिली.
 गरीबों को ऋण उपलब्ध कराने की मदद : जरूरत मंदों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बैंकों तथा नॉन बैंकिंग फायनेंशियल कंपनियों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया.

 लोकार्पित योजनाएं
 इन्द्रप्रस्थ अपार्टमेंट का लोकार्पण : मध्यम वर्ग के लिए इन्दप्रस्थ रायपुरा में इन्द्रप्रस्थ अपार्टमेंट के अंतर्गत 120 फ्लैट्स जो क्रमशः 2 व 3 बीएचके हैं का लोकार्पण का 01 जून 2017 को किया गया. इस योजना में प्राधिकरण व्दारा पहला पानी शुध्द करने वाला एसटीपी संयंत्र स्थापित किया गया है. फ्लैट्स की कीमत 2079 रुपए प्रति वर्गफुट है जो रायपुर शहर में विक्रय किए जा रहे अन्य सभी फ्लैट्स के मुकाबले काफी कम है.
 इन्दप्रस्थ रायपुरा में व्यावसायिक परिसर व उद्यान का लोकार्पण  : इन्द्रप्रस्थ रायपुरा योजना में निवासियों के लिए 6 दुकानों के व्यावसायिक परिसर का लोकार्पण और 3 उद्यानों की सौगात दी गई.
 पानी टैंकर उपलब्ध कराए : गर्मी के दिनों में प्राधिकरण की योजनाओं में पानी की समस्या के निराकरण के लिए पानी के तीन टैंकरों का कटोरातालाब योजना स्थित आरडीए के स्टोर में लोकार्पण किया गया. प्राधिकरण की योजनाओं के बाहर नागरिकों की मांग पर आपात परिस्थितियों में पानी का एक टैंकर निशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है.
 नलकूप खनन : प्राधिकरण की सांईनगर व देवेन्द्रनगर स्थित चाणक्य परिसर में पीने के पानी की कमी को दूर करने के लिए दो नलकूपों का खनन किया गया.  गर्मी के दिनों में कमल विहार के डूंडा तालाब के जल स्तर को बनाए रखने के लिए भी एक नए नलकूप का खनन किया गया. 
 छोटी - छोटी दुकानें – मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के लोकसुराज अभियान के दौरान नागरिकों को सुविधा देने के लिए डीईओ ऑफिस के पास (टैगोर नगर चौक पर) लगभग 15.16 लाख रुपए की लागत से बनी 70 व 94 वर्गफुट की 12 छोटी दुकानों का लोकार्पण 14 जून 2017 को किया गया.  
 कमल विहार में स्मार्ट सोलर लाईट : प्राधिकरण ने पहली बार अपने सबसे बड़े प्रोजेक्ट कमल विहार में 27 जून 2017 को सौर्य उर्जा से संचालित स्मार्ट सोलर लाईटों को शुरु किया गया.

 वर्तमान योजनाएं - पर्यावरण संरक्षण की योजनाएं
 डॉ.ए.पी.जे अब्दुल कलाम ऑक्सीजोन का विकास : 18 अगस्त 2015 को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व्दारा लागू योजना "हरियर छत्तीसगढ़ - हरियर रायपुर" के अतंर्गत रायपुर विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में 12 हजार पौधों के रोपण की शुरुआत की गई. इसके अंतर्गत कमल विहार योजना में पूर्व राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे अब्दुल कलाम के नाम पर ऑक्सीजोन में प्रदेश के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों,  सामाजिक व अन्य संगठनों के सहयोग से औषधीय पौधों का रोपण किया गया.
 हरियाली की पहल : पिछले वर्ष 13 जुलाई 2016 को पर्यावरण के प्रति जागरुकता बढ़ने और नागरिको व्दारा सामूहिक प्रयास की पहल हुई. इसके अतंर्गत प्राधिकरण की विकसित कालोनियों में से एक देवेन्द्रनगर की त्रिशरण विकास समिति व न्यू राजेन्द्रनगर की आशियाना नागरिक समिति को प्रोत्साहित कर उद्यान विकसित करने व परिसर को हरा भरा करने की पहल की गई तथा पौधरोपण का कार्य किया गया.
 पौधरोपण हेतु इस साल का लक्ष्य : इस वर्ष रायपुर विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में 7500 पौधरोपण का लक्ष्य रख कर विश्व पर्यावरण दिवस से पौधरोपण की शुरुआत की गई है.

 नव निर्माण के लिए नई योजनाएं
 नई योजनाओं की कवायद : टाटीबंध के मैकेनिक नगर का विस्तार, हीरापुर-जरवाय में ट्रांसपोर्टनगर, दलदल सिवनी में आवासीय-व्यावसायिक-ट्रांसपोर्ट व्यावसाय, सड्ढू में नई आवासीय योजनाओं के लिए विचार मंथन शुरु किया गया.
 नए फ्लैट्स निर्माण की पहल प्रारंभ : आधुनिक अवधारणा पर प्राधिकरण की योजनाओं यथा राजेन्द्रनगर (कार्यालय परिसर के पीछे), कमल विहार में नए फ्लैट्स निर्माण के लिए आर्किटेक्ट व प्लॉनर के प्रस्तुतिकरण के आधार पर चयन प्रक्रिया प्रारंभ की गई है.
 नया पुष्प बाजार : शारदा चौक योजना में 1984 में बसे पुष्प बाजार के व्यावसायियों की मांग और सहमति के आधार पर पुष्प बाजार के लिए नए भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसमें आधुनिक सुविधाएं और पार्किंग इत्यादि की व्यवस्था भी होगी.  
 बोरिया तालाब को पर्यटन केन्द्र की योजना : 250 एकड़ क्षेत्र का बोरिया तालाब (गजराजाबांधा तालाब) जो कमल विहार योजना में अतंर्गत आता है. 29.14 करोड़ रुपए की लागत से बोरिया तालाब सौन्दर्यीकरण कर इसे पर्यटन केन्द्र के रुप में विकसित किया जाएगा. इसके पहले चरण में लगभग 10 करोड़ की लागत से तालाब का गहरीकरण, तट का निर्माण, सायकल ट्रैक, फुटपाथ तथा आसपास के गांव  वालों के लिए निस्तारी के लिए पचरी का निर्माण किया जाएगा.
 गैसीय शवदाह गृह का उन्नयन : मारवाड़ी श्मशान घाट में गैसीय शवदाह गृह को के उन्नयन के लिए राज्य शासन से मिलने वाले 50 लाख रुपए की अनुदान राशि से कार्य किया जाएगा.

 अवार्ड एवं सम्मान
 राष्ट्रीय स्तर का सम्मान स्कॉच ऑर्डर ऑफ मेरिट अवार्ड  : कमल विहार योजना में जनता की सहभागिता, भूखंड के आवंटन के लिए तैयार किए गए पारदर्शी लॉटरी मैनेजमैंट सिस्टम, जलप्रदाय के लिए कम्प्यूटर आधारित प्रणाली से 24 घंटे पानी वितरण,  कस्टमर रिलेशन मैनेजमैंट, गंदे पानी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में उपचारित कर उद्यानों की सिंचाई और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पंपों को सौर्य उर्जा के माध्यम से संचालित करने की अवधारणा के कारण नई दिल्ली में 23 सितंबर 2015 को राष्ट्रीय स्तर पर  "स्कॉच ऑर्डर ऑफ मेरिट का अवार्ड " प्राप्त किया.

 कार्यदक्षता और बेहतर हुई
 बकाया राशि की वसूली : आरडीए की बकाया राशि की वसूली हेतु लगातार समीक्षा की फलस्वरुप गत वर्ष की तुलना में  इस वर्ष 2015 – 2016 में 33 प्रतिशत अधिक वसूली. बेहतर राजस्व वसूली के लिए आरडीए के तीन कर्मचारियों को पुरस्कृत किया. इस वर्ष भी रिकार्ड वसूली की ओर कदम उठाए गए हैं.
 मैंनेजमैंट इन्फरमेशन सिस्टम : नागरिकों को बेहतर सुविधा देने और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को सुगम व पारदर्शी बनाने के लिए  मैंनेजमैंट इन्फरमेशन सिस्टम (एमआईएस) के उन्नयन हेतु एक सॉफ्टवेयर कंपनी की नियुक्त कर कार्य प्रारंभ किया गया है.
 ई-टेन्डरिंग के माध्यम से पारदर्शिता : निविदा व ठेके के माध्यम से कराए जाने वाले विकास और निर्माण कार्यो में स्वस्थ्य स्पर्धा व पारदर्शिता हेतु 20 लाख रुपए से अधिक राशि वाले कार्य ई-टेन्डरिंग (www.eproc.cgstate.gov.in) के माध्यम से किए जाने की प्रक्रिया शुरु की गई है.  
 बिजली की बचत : प्राधिकरण की योजनाओं में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर बिजली की बचत के लिए आटोमैटिक ऑन –ऑफ स्ट्रीट लाईट कंट्रोल यूनिट टाईम स्वीच लगाने की शुरुआत.
 प्रशिक्षण : प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों में व्यक्तित्व विकास, व्यवहार और निवेश पर 19 फरवरी 2016 को कार्यालय परिसर में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
 वित्तीय देनदारी बेहतर हुई : कमल विहार योजना के ऋण अदायगी को सुगम व व्यवहारिक बनाते हुए इसकी किस्तों का पुर्ननिर्धारण कर आरडीए की वित्तीय देयता को और बेहतर बनाया. इस हेतु प्राधिकरण की देनदारी के लिए वित्त विषय के विशेषज्ञों के माध्यम से वित्तीय माडल तैयार किया गया.
 कैलेन्डर का प्रकाशन : पहली बार रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा वर्ष 2017 का कैलेन्डर का प्रकाशन किया गया.

 जनसंवाद और प्रेरणा
 नागरिको से सीधा संवाद : रायपुर शहर में बाजारों के विक्रेन्द्रीकरण की दिशा में कमल विहार, इन्द्रप्रस्थ योजना में नई व्यावसायिक गतिविधियां प्रारंभ करने विभिन्न व्यावसाय के कई संगठनों व उनके प्रतिनिधियों से लगातार संवाद की पहल की गई. शारदा चौक के व्यवसायियों को भी कार्यालय आमंत्रित कर नए पुष्प बाजार भवन बनाए जाने हेतु सकारात्मक चर्चा हुई.
 आवंटितियों को भवन निर्माण के लिए प्रेरित किया : प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में आवंटित किन्तु रिक्त पड़े व्यावसायिक व आवासीय भूखंड जिनमें भवन निर्माण नहीं किए गए थे, ऐसे आवंटितियों को प्रेरित कर भूखंडों पर भवन निर्माण प्रारंभ कराया.

 संपतियों का विक्रय
 प्रापर्टी लोन मेला : आम जनता को अपने घर खरीदने के लिए बैंकों से आसान किस्तों में ऋण मिल सके इस हेतु रायपुर विकास प्राधिकरण की पहल पर 10 जुलाई 2015 को कार्यालय परिसर में पहले प्रापर्टी लोन मेले की शुरुआत की. इसके माध्यम से नागरिकों को बैंक व वित्तदायी संस्थाओं से ऋण ले कर अपना घर, दुकानें, व्यावसायिक तथा आवासीय भूखंड खरीदने में काफी मदद मिली. प्राधिकरण व्दारा गत दो वर्षों में 7 प्रापर्टी लोन मेले का आयोजन किया जा चुका है.
 प्रदर्शनियों और मेलों में सहभागिता : रायपुर विकास प्राधिकरण की विभिन्न संपत्तियों को विक्रय में वृध्दि करने के लिए लगातार कई प्रदर्शनियों व प्रापर्टी मेलों में भाग ले कर संपत्ति विक्रय को बढ़ाया.
 प्रापर्टी सेल कॉऊन्टर की स्थापना : प्राधिकरण की विभिन्न संपत्तियों के विक्रय के लिए कमल विहार योजना तथा शास्त्री चौक स्थित पुराने कार्यालय भवन में दो प्रापर्टी सेल कॉऊन्टर की स्थापना की गई.

Jun 29, 2017

आरडीए की पहली स्मार्ट सोलर लाईटों से जगमगया कमल विहार

विद्युत बिल में 50% की होगी बचत


रायपुर, 27 जून 2017, रायपुर विकास प्राधिकरण ने पहली बार अपने सबसे बड़े प्रोजेक्ट कमल विहार में सौर्य उर्जा से संचालित स्मार्ट सोलर लाईटें शुरु कर दी है. कल रात प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी.कावरे, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, संचालक मंडल सदस्य श्री गोपी साहू, श्री नारद कौशल, रविन्द्र बंजारे, श्रीमती एम. लक्ष्मी, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी सहित स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में स्मार्ट सोलर लाईटों की शुरुआत हुई.

प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव कल रात सात बजे रिंग रोड पर कृष्णा पब्लिक स्कूल के पास आटोमैटिक स्विच ऑन ऑफ प्रणाली पर आधारित सोलर लाईट की शुरुआत करते हुए कहा कि अब हम हर क्षेत्र में उन्नत टेक्नॉलाजी की ओर बढ़ रहे हैं. स्मार्ट सोलर लाईट की इस तकनीक से विद्युत न होने पर भी कमल विहार में अंधेरा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि अभी तो लगभग 1650 मीटर में इसकी शुरुआत हो रही है. पर कुछ समय बाद कमल विहार के अन्य क्षेत्रों में भी स्मार्ट सोलर लाईटें जगमगाएंगी.

 मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे बताया कि वर्तमान में 1650 सोलर लाईटें लगाई गई है. जो 36 वॉट की है. इससे प्राधिकरण के वार्षिक विद्युत व्यय में लगभग 50 प्रतिशत की बचत होगी. उन्होंने बताया कि पूरे कमल विहार योजना में कुल 2167 सोलर लाईटें लगना है, जो क्रमबध्द ढंग से शुरु की जाएगी. प्राधिकरण की पहली स्मार्ट सोलर लाईट के इस कार्य में प्राधिकरण के मुख्य अभियंता जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, कार्यपालन अभियंता व्दय श्री प्रमोद भास्कर और श्री सुरेश कुंजाम की अहम भूमिका रही.  


Jun 27, 2017

गरीबों को सपनों का घर देने आरडीए अब ऋण भी उपलब्ध कराएगा

रायपुर, 27 जून 2017, रायपुर विकास प्राधिकरण आवास के जरूरतमंद लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ईडब्लूएएस व एलआईजी फ्लैट्स उपलब्ध कराने के लिए बैंकों तथा नॉन बैंकिंग फायनेंशियल कंपनियों के माध्यम से ऋण की सुविधा उपलब्ध कराएगा. आवास के जरूरतमंदो को आवास उपलब्ध कराने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने आज दो दिवसीय प्रापर्टी लोन मेला का अवलोकन करने के बाद वित्तदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से एक बैठक के दौरान उक्त बातें कही.

 

श्री श्रीवास्तव ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दो दिवसीय प्रापर्टी लोन मेला के बाद लगातार छह दिनों तक प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ईडब्लूएएस व एलआईजी फ्लैट्स के ऐसे आवेदनकर्ताओं को प्राधिकरण कार्यालय में आमंत्रित कर उन्हें ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद भी करें.  

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने बताया कि जिन आवेदकों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ईडब्लूएएस व एलआईजी फ्लैट्स के लिए आवेदन किया है किन्तु उन्हें बैंकों से ऋण नहीं मिल पा रहा है. उन्हें प्राधिकरण अपने प्रयासों से ऋण लेने की सहायता प्रदान करेगा. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अतंर्गत इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में ईडब्लूएस फ्लैटस उपलब्ध करा रहा है, जिसमें केन्द्र सरकार व्दारा 1.50 लाख रुपए का अनुदान तथा  बोरियाखुर्द के एलआईजी फ्लैट्स में 6 लाख रुपए के ऋण पर केन्द्र सरकार व्दारा 6.5 प्रतिशत का ब्याज अनुदान की सुविधा दी जा रही है. 

Jun 26, 2017

कमल विहार में बड़े शहरों के आर्किटेक्टस की डिजाईन पर बनने लगे घर

पौने दो सौ से अधिक घरों का हो रहा निर्माण
आरडीए के 66 रोहाऊस डुप्लेक्स का निर्माण भी प्रगति पर

        रायपुर 26 जून 2017,   विहार योजना में अब लोगों ने अपने सपनों का घर बनाना शुरु कर दिया है. प्लॉट मालिक अपनी रुचि के अनुसार नए-नए डिजाईन के मकान बना रहे हैं. कल ही सेक्टर 10 में एक प्लॉट स्वामी श्री जोगीराम साहू ने प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव को आमंत्रित कर पूजा पाठ कर अपने नए घर में गृह प्रवेश किया. श्री साहू ने बताया कि उन्होंने अपने घर निर्माण स्थानीय इंजीनियरों की देखरेख में कराया है और इसका एलीवेशन मुंबई के एक आर्किटेक्ट से बनवाया है.  
     
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने बताया कि अब कमल विहार योजना के कई सेक्टरों में लोगों ने अपने भवन निर्माण का कार्य शुरु कर दिया है. तीन महीने पहले तक कुल 206 भूखंड मालिकों ने अपने भवन निर्माण के लिए भवन निर्माण अनुज्ञा प्राप्त कर लिया था. इसके बाद नगर पालिक निग्म रायपुर से कई और नक्शे स्वीकृत हुए हैं. सेक्टर 4,5,6,7,8 व सेक्टर 9 में अब तेजी से घर बन रहे हैं. सेक्टर 2 में एक बिल्डर ने भी फ्लैट्स बनाना शुरु कर दिया है. श्री कावरे के अनुसार कमल विहार में स्थायी विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया चल रही है और शीघ्र ही यहां लोगों को विद्युत व पानी का कनेक्शन स्थायी रुप से मिलने लगेगा. स्ट्रीट लाईट हेतु सोलर लाईट का भी परीक्षण किया जा रहा है. श्री कावरे ने बताया कि प्राधिकरण व्दारा कमल विहार में 66 रोहाऊस डुप्लेक्स भवनों का निर्माण भी तेज गति से किया जा रहा है. उम्मीद है कि इनका निर्माण इस साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा.

Jun 24, 2017

आरडीए का प्रापर्टी लोन मेला 27 व 28 जून को

प्रापर्टी, ऋण, ब्याज और ऋण अवधि की जानकारी मिलेगी  

रायपुर 24 जून 2017, रायपुर शहर में अपनी संपत्ति खरीदने वालों को बैंकों और अन्य वित्तदायी संस्थाओं से प्रापर्टी खरीदने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने आसान और ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में 27 व 28 जून को एक प्रापर्टी लोन मेला का आयोजन कर रहा है. दो दिवसीय यह मेला प्रातः 11 बजे से सांय 5 बजे तक प्राधिकरण के न्यू राजेन्द्रनगर स्थित कार्यालय परिसर में होगा. प्राधिकरण व्दारा पहले भी ऐसे आयोजनों से नागरिकों को ऋण ले कर संपत्ति खरीदनें में काफी सहूलियत हुई थी. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव के निर्देश पर होने वाले इस मेले में की बैंकों के ऋण देने वाले अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.ड़ी. कावरे ने बताया कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के अतिरिक्त इस बार नॉन बैंकिंग के क्षेत्र में कार्य करने वाली वित्तीय संस्थाओं को भी प्रापर्टी मेले में आमंत्रित किया गया है. ऐसी वित्तदायी संस्थाएं बहुत की कम आय वाले लोगों को बहुत की कम दस्तावेजों पर भी ऋण उपलब्ध करा देती है. उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की प्रापर्टी पर लोगों का काफी भरोसा है, इसलिए प्रापर्टी खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए प्रापर्टी मेला के आयोजन से एक ही स्थान पर विभिन्न वित्तदायी संस्थाओं व्दारा दिए जा रहे ऋण, ब्याज और अवधि की जानकारी मिलने से काफी सुविधा होती है.
श्री कावरे ने बताया कि रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा आयोजित प्रापर्टी लोन मेला में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में ईडब्लूएस फ्लैट्स, बोरियाखुर्द में एलआईजी फ्लैट्स, कमल विहार और इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में बिजनेस अन्य व्यवसाय के लिए (30% की छूट के साथ) विकसित प्लॉट, स्कूल, क्लिनिक, हॉस्पिटल, 2000 वर्गफुट से बड़े आकार के आवासीय प्लॉट (10% की छूट), डुप्लेक्स भवन, फ्लैट्स, बोरियाखुर्द (कमल विहार के पास) में दुकानें, शैलेन्द्रनगर में कोचिंग क्लॉसेस, ब्यूटी पार्लर, डॉक्टर चेम्बर्स, ऑफिस, चार्टेड एंकाऊटेंट, आर्किटेक्ट व अन्य प्रोफेशनल के लिए उपयुक्त कंसल्टेंसी चेम्बर्स, न्यू राजेन्द्रनगर में छोटे फ्लैट्स, ट्रांसपोर्टनगर रावांभाठा में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के लिए विकसित प्लॉट, दुकानें व हॉल उपलब्ध है. ट्रांसपोर्टनगर में 5 एकड़ का एक बड़ा प्लॉट भी उपलब्ध है. इनकी जानकारी भी प्राधिकरण की मार्केटिंग शाखा व्दारा दी जाएगी.

Jun 21, 2017

तहसीलदार के माध्यम से वसूल होगी आरडीए की बकाया राशि

भू-राजस्व बकाया की वसूली में पहले नोटिस
फिर चल – अचल संपत्ति की कुर्की का प्रावधान

रायपुर, 21 जून 2017, रायपुर विकास प्राधिकरण ने अपनी पुरानी योजनाओं में बकाया राशि की वसूली के लिए अब भू राजस्व संहिता के अंतर्गत राशि वसूल करने का निर्णय लिया है. इसके अंतर्गत रायपुर के तहसीलदार को प्राधिकरण व्दारा लगभग 2 करोड़ रुपए की वसूली के लिए 240 रेव्हन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट (आरआरसी) भेजे गए हैं.  

     
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे के अनुसार छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के अंतर्गत धारा 63 (क) में बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया दी गई है. इस अधिनियम के अंतर्गत प्राधिकरण की कई योजनाओं के ऐसे आवंटिति जो लंबे समय से राशि का भुगतान नहीं कर रहे हैं तथा पूर्व के ऐसे आवंटिति जिनका आवंटन निरस्त किया जा चुका है उन पर भूभाटक अथवा किश्तों की राशि का बकाया है वह वसूल की जाती है. उल्लेखनीय है कि तहसीलदार व्दारा ऐसी वसूली के अंतर्गत पहले संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी किया जाता है. राशि जमा करने पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती किन्तु नोटिस जारी किए जाने के बाद भी यदि राशि जमा नहीं की जाती है तो चल व अचल संपत्ति की कुर्क करने की कार्रवाई भी की जाती है. श्री कावरे के अनुसार प्राधिकरण के योजना के बकायादारों को बार बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भी उनके व्दारा लंबे समय से राशि जमा नहीं कराई जा रही है और न ही बकायादार इसके प्रति गंभीर है. इसलिए मजबूरी में प्राधिकरण को ऐसी कार्रवाई करना पड रहा है.  

Jun 20, 2017

आरडीए का इस बरसात में 7500 पौधरोपण का लक्ष्य

कमल विहार के आक्सीजोन में पौधे की बढ़त अच्छी

रायपुर, 20 जून 2017, रायपुर विकास प्राधिकरण इस वर्ष अपनी योजनाओं में वर्षा ऋतु के मौसम में 7500 पौधों का रोपण करेगा. कमल विहार के विकास और निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान उक्त निर्णय लिया गया. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने बैठक में निर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रों व्दारा कमल विहार के सेक्टर एक में धीमी गति से कार्य करने पर नाराजगी व्यक्त की तथा कहा कि कार्य की गति में तेजी लाई जानी चाहिए.

बैठक में बताया गया कि कमल विहार का सेक्टर एक 160 एकड़ के विस्तारित सबसे बड़ा सेक्टर है इसलिए वहां बारिश के कारण परेशानी नहीं हो इसलिए तेजी से कार्य किए जाने की आवश्यक्ता है. आरडीए के अध्यक्ष ने निर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रों प्रोजेक्ट मैंनेजमैंट कंपनी वैपकॉस व प्राधिकरण के इंजीनियर्स व सलाहकार बिल्टक्रॉफ्ट नियमित रुप से बैठक कर कार्य के विषयों को सुलझाने तथा पूर्ण समन्यव के साथ कार्य करने तथा का निर्देश दिया गया.  

 कमल विहार योजना में वृक्षारोपण के संबंध में प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे ने गत वर्षा ऋतु में रोपित पौधों की जानकारी ली तो पता चला कि डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ऑक्सीजोन में रोपित पौधों की अच्छी बढ़त  है किन्तु वहीं लार्सन एंड टूब्रों कंपनी व्दारा रोपित पौधों की स्थिति ठीक नहीं है. इस पर अध्यक्ष ने कारण उन्हें नोटिस देने का निर्देश दिया. इसी प्रकार रिंग रोड पर पौधरोपण करने वाली एजेंसी व व्दारा कार्य में लापरवाही करने पर उसको नोटिस दे कर कार्य निरस्त करने का निर्देश दिया.