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Aug 28, 2018

अटल जी व्यक्ति नहीं महामानव थे - श्री संजय श्रीवास्तव

आरडीए ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को दी श्रध्दांजलि
बाजपेयी की प्रेरणानुसार कार्य ही उनको सच्ची श्रध्दांजलि

रायपुर, 28 अगस्त 2018, रायपुर विकास प्राधिकरण ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए उन्हें विन्रम श्रध्दांजलि अर्पित की. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने इस अवसर पर श्री वाजपेयी के कार्यों का उल्लेख करते कहा कि वे एक व्यक्ति नहीं वरन एक व्यक्तित्व और महामानव थे. उन्होंने महामानव के रुप में देश के लिए कार्य किया. हमें श्री अटल बिहारी वाजपेयी व्दारा दी गई प्रेरणा के अनुसार काम करना चाहिए. यही उनके प्रति सच्ची श्रध्दांजलि होगी.
इस अवसर पर प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति एक शोक संदेश का पठन किया. शोक संदेश में बाजपेयी जी के देश के प्रति किए गए कार्यो का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उनके निधन से न केवल भारत अपितु पूरी दुनिया से एक दूरदर्शी, परिपक्व संवेदनशील, विशाल ह्रदृयी दृढ़ संकल्पी नेता का महाप्रयाण हुआ है. इससे निर्मित शून्य की पूर्ति असंभव है. लेकिन उनके दिखाए रास्ते पर चल कर हम भारत को एक महान राष्ट्र बनाने के उनके संकल्प को पूरा करने पर में सहयोगी बनेंगे. छत्तीसगढ़ को पूर्ण विकसित, सशक्त और खुशहाल प्रदेश बनाने का सपना हमें साकार करना है. कृतज्ञ छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता परम श्रध्देय श्री अटल जी को शत – शत प्रणाम. इसके उपरांत प्राधिकरण परिवार ने दो मिनट का मौन रख कर अटल जी के प्रति अपनी श्रध्दांजलि दी.

रायपुर विकास प्राधिकरण की इस श्रध्दांजलि सभा में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री गोवर्धन दास खंडेलवाल, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, संचालक मंडल के सदस्य श्री गोपी साहू, श्री नारद कौशल, श्री रविद्र बंजारे, श्रीमती सुनयना शुक्ला, श्रीमती एम. लक्ष्मी, प्राधिकरण कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री राजकुमार अवस्थी, लीएंड एसोसियेट के श्री अजय सिंह राठौर सहित प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे. 



















Aug 13, 2018

✅ कमल विहार में स्थायी विद्युत कनेक्शन शुरु

निवासियों को कनेक्शन के लिए विद्युत कंपनी को करना होगा आवेदन

रायपुर, 13 अगस्त 2018, कमल विहार योजना के निवासियों तथा नए घरों का निर्माण करने वालों को अब स्थायी विद्युत कनेक्शन मिलना शुरु हो गया है. कमल विहार सेक्टर 4 के निवासी श्री लोकेश कुमार पचबिए को आज छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड व्दारा उनके आवेदन पर पहला स्थायी विद्युत कनेक्शन प्रदान किया.
रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने बताया कि कमल विहार के निवासियों को हो रही दिक्कत के फलस्वरुप प्राधिकरण के अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया था कि वे विद्युत सब स्टेशन से ट्रांसफार्मर और ट्रांसफार्मर से फीडर पिल्लरों को उर्जीकृत किए जाने के बाद हर प्लॉट तक स्थायी कनेक्शन दिए जाने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के साथ समन्वय बना कर कार्य करें. फलस्वरुप आज कमल विहार में श्री लोकेश कुमार को पहला स्थायी विद्युत कनेक्शन दिया गया. इस कनेक्शन के बाद वहां रह रहे निवासियों को जिन्होंने अस्थायी विद्युत कनेक्शन ले रखा है उन्हें अब स्थायी विद्युत कनेक्शन मिल सकेगा. श्री सिंह ने कहा कि स्थायी विद्युत कनेक्शन हेतु आवेदकों को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के पुरैना स्थित कार्यालय से संपर्क करना होगा.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिंह ने बताया की कमल विहार में अपना मकान बना कर रहने वाले निवासियों ने इसके पहले सेक्टर 3 व सेक्टर 5 के ट्रांसफार्मर से विभिन्न सेक्टरों में काफी दूर दूर तक बिजली की तारें खींच कर कनेक्शन लिया था. इतनी दूरी से कनेक्शन लेने के कारण वहां के खंबों पर झूलती हुई तारों के कारण खंबों पर अनावश्यक वजन बढ़ा तथा खंबों पर खिचाव पड़ने के कारण पहले एक दो दुर्घटनाएं हो चुकी है. इसलिए प्राधिकरण ने नागरिकों की सुविधा और असुविधाओं को दूर करने के लिए सेक्टर 2,4,5,6,7ए, 8ए, 9 व 10 के विभिन्न स्थानों में स्थापित किए गए फीडर पिल्लरों को उर्जीकृत किया है ताकि कमल विहार के हर प्लॉट को स्थायी विद्युत कनेक्शन दिया जा सके.

Aug 4, 2018

✅ कमल विहार के विरुद्ध एऩजीटी, नई दिल्ली में दायर याचिका खारिज

रायपुर 04 अगस्त 2018, नेशनल ग्रीन ट्रॉयब्यूनल, प्रधान पीठ, नई दिल्ली ने रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना के अंतर्गत पर्यावरणीय अनुमति के संबंध में याचिकाकर्ता राजेन्द्र शंकर शुक्ला व्दारा विरुध्द भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर विकास प्राधिकरण के विरुद्ध प्रस्तुत याचिका को खारिज कर दिया है.
इस संबंध में प्राधिकरण के अधिवक्ता श्री राजुल कुमार श्रीवास्तव ने माननीय ट्रॉयब्यूनल के समक्ष यह जानकारी प्रस्तुत की थी कि कमल विहार योजना की पर्यावरणीय स्वीकृति भारत सरकार पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राज्य स्तर समाघात निर्धारित प्राधिकरण छत्तीसगढ़ के पत्र क्रमांक 868/एस.ई.ए.सी.छ.ग./सी.जी./10 दिनांक 22.01.2018 के अनुसार प्राप्त की जा चुकी है. इस पर माननीय ट्रॉयब्यूनल ने अपने निर्णय में कहा है कि रायपुर विकास प्राधिकरण ने सूचित किया है कि याचिकाकर्ता के भूखंड पर रायपुर विकास प्राधिकरण ने कोई निर्माण नहीं किया है. वहीं याचिका कर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि प्राधिकरण को पर्यावरण की अनुमति 25.01.2011 को दी गई है. ऐसी अनुमति पर आपत्ति नहीं की जा सकती है. अतः याचिका कर्ता का आवेदन मूलतः खारिज किया जाता है.
उल्लेखनीय है कि राजेन्द्र शंकर शुक्ला एवं अन्य ने रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना के निर्माण के संबंध में सक्षम प्राधिकारी से पर्यावरणीय अनुमति लेने तक भूमि पर विकास कार्य करने पर रोक लगाने व भूखंडों के विक्रय पर रोक लगाने की मांग की थी. जिसे माननीय नेशनल ग्रीन ट्रॉयब्यूनल ने सुनवाई के बाद गत 27 जुलाई को खारिज कर दिया.