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Nov 28, 2015

आरडीए में विवादित प्रकरणों को बातचीत के जरिए सुलझाने की पहल

आरडीए अध्यक्ष ने की विकास कार्यों की समीक्षा  
बोरियाखुर्द में भी बनेंगे ईड्ब्लूएस व एलआईजी फ्लैट्स
रायपुर, 28 नवंबर 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण के विरुध्द चल रहे न्यायालयों के प्रकरणों एवं अन्य मामलों में विवाद की स्थिति को आपसी बातचीत से सुलझाया जाए.यह बात प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने आज एक समीक्षा बैठक में कही. इसके अतिरिक्त बोरियाखुर्द में इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में प्रस्तावित ईडब्लूएस एवं एलआईजी भवनों की तरह ही निम्न आय वर्ग के लिए फ्लैट्स का निर्माण किए जाएंगे. 


 आरडीए के अध्यक्ष ने समीक्षा बैठक में अधिकारियो से कहा कि प्राधिकरण के  विरुध्द कई मामले न्यायालयों में लंबित हैं तथा कई मामलों में आम लोगों से विवाद की स्थिति निर्मित होती रहती है. इसलिए संबंधित लोगों को प्राधिकरण के कार्यालय आमंत्रित कर उनसे सीधे बातचीत की पहल की जाए, नियमों की जानकारी देते हुए ऐसे लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए. श्रीवास्तव ने कहा कि प्राधिकरण की ऐसी आवासीय कालोनियों जिसमें फ्लैट्स बने हुए है वहां से नियमित रुप से साफ सफाई की शिकायत आती रहती है. इसलिए वे नगर पालिक निगम के अधिकारियों से चर्चा कर ऐसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए प्रस्ताव तैयार करें ताकि निवासियों की शिकायत दूर हो सके. श्री श्रीवास्तव ने प्राधिकरण की विकास एवं निर्माण योजना के लिए समय सीमा पर कार्य करने की का निर्देश भी दिया. वहीं हिन्द स्पोर्टिंग मैदान में स्टेडियम निर्माण के लिए पहले से की गई प्लॉनिंग एवं एसोसियेशन के पदाधिकारियों से चर्चा कर शीघ्र ही कार्रवाई करते हुए इसके लिए एमओयू तैयार किए जाने के निर्देश दिया. उन्होंने ईएसी कॉलोनी पुर्ननिर्माण योजना हेतु भूमि के आवंटन के संबंध में हो रही देरी के संबंध में निर्देश दिया कि संबंधित विभागों में जा कर प्रकरणों का फालोअप किया जाए और यदि कोई परेशानी हो रही हो तो उससे उन्हें अवगत कराया जाए ताकि वे शासन स्तर पर चर्चा की जा सकें. बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री यू.एस.अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग, समस्त कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और सहायक राजस्व अधिकारी उपस्थित थे. 

Nov 26, 2015

हनुमान मंदिर योजना : दुकानदारों की किरायेदारी और लीज अवधि का होगा नवीनीकरण

रिक्त कक्ष हॉल को किराए पर देने और बकाया वसूली के निर्देश

रायपुर, 26 नवंबर 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण की शास्त्री चौक स्थित हनुमान मंदिर योजना के अतंर्गत व्यवसाय कर रहे दुकानदारों की किरायेदारी तथा लीज अवधि का नवीनीकरण किया जाएगा. रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कल योजना के निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों को उक्त निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जिन किरायेदारों पर राशि बकाया हो उसे तत्काल नोटिस दे कर वसूली की जाए.

आरडीए अध्यक्ष ने पूरे परिसर को और बेहतर बनाने के लिए कार्य योजना तैयार कर नए प्रस्ताव रखने का भी निर्देश दिया. श्री श्रीवास्तव ने हनुमान मंदिर योजना में रिक्त कार्यालय उपयोग के कक्ष व हॉल को किराये पर देने का निर्देश दिया. श्री श्रीवास्तव ने कहा कि बकाया राशि भी समय पर वसूल की जाए ताकि दुकानदारों पर सरचार्ज का अतिरिक्त भार नहीं पड़े. उन्होंने कहा परिसर में लगाए गए होर्डिंग्स के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की जाए.

Nov 19, 2015

बकाया राशि जमा नहीं करने वाले 34 आवंटितियों के फ्लैट्स सील

न्यू राजेन्द्रनगर और बोरियाखुर्द में हुई कार्रवाई
रायपुर 19 नवंबर 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण ने बकाया राशि जमा नहीं करने वाले 34 आवंटितियों के फ्लैट्स सील कर दिए. इसमें कुशाभाऊ ठाकरे आवास योजना, न्यू राजेन्द्रनगर के तीन और बोरियाखुर्द स्थित डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना के 31 फ्लैट्स शामिल हैं. प्राधिकरण प्रशासन के अनुसार इन आवंटितियों ने लगातार सूचना क बाद भी काफी समय से राशि जमा नहीं की है. इन पर मूल राशि के साथ हर माह सरचार्ज राशि भी जुड़ रही है. बकाया राशि जमा नहीं करने वालों आवंटितियों पर कार्रवाई नियमित रुप से आगे भी जारी रहेगी.

जिनके फ्लैट्स सील किए गए हैं उनमें कुशाभाऊ ठाकरे आवास योजना, न्यू राजेन्द्रनगर के तीन आवंटितियों श्रीमती सरोज जायसवाल, श्रीमती ज्योति दास व अजय लाहेजा के फ्लैट्स सील किए गए. डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना बोरियाखुर्द के रस्त्रपाल वान्द्रे, राहुल खंडेलवाल, बरसाती साहू,ज्ञानेश श्रीवास्तव, श्रीमती कुसुम मिश्रा, सुरेश कुमार साहू,श्रीमती मुन्नी अजमत, मनोज कुमार, मो. खलील, श्रीमती लक्ष्मी दीपक बकवाना, प्रेम नारायण सिन्हा, मनीष गोहिया, गौतमचंद बोथरा, श्रीमती कांतीदेवी ठाकुर, श्रीमती सुनीता शर्मा, मो. ईशाक, श्रीमती रेखा व्दिवेदी, मंजू देवांगन, श्रीमती ज्योति छाबड़िया, श्रीमती सुशीला नायडू, नीलरतन कर्मकार, अब्बास अली, राजेश कुमार अवस्थी, अब्दुल सईद अख्तर, श्रीमती अंबिका देवी, राजकुमार गोधवानी, सुनील कुमार वैष्णव, जगदीश साहू, अनूप कुमार जाधव, श्रीमती देवीदास गोंविदानी और श्रीमती ममता साहू के फ्लैट्स सील किए गए हैं. 

Nov 18, 2015

कमल विहार के प्लॉटों पर अब मिलेगी 3 प्रतिशत अतिरिक्त छूट

जनवरी से बढ़ेंगी भूखंड की दरें      
इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में बनेंगे एलआईजी ईडब्लूएस के 2720 फ्लैट्स
रायपुर, 18 नवंबर 2015, रायपुर विकास प्राधिकरण निम्न आय वर्ग तथा आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लिए इन्द्रप्रस्थ रायपुरा में 2720 फ्लैट्स बनाएगा किन्तु फ्लैट्स का निर्माण शुरु करने से पहले प्राधिकरण डिमांड सर्वेक्षण कराया जाएगा. यह फ्लैट्स प्रधानमंत्री आवास योजना के मापदंडों के अनुसार बनाए जाएंगे ताकि आवंटितियों को केन्द्र सरकार से मिलने वाला अनुदान तथा बैंक से सीधे् ऋण की सुविधा का लाभ मिल सके. इसके अतिरिक्त कमल विहार के भूखंड के आवंटितियों को 31 दिसंबर 2015 तक एकमुश्त राशि भुगतान करने पर 3 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाएगी जो पहले से दी जा रही 12 प्रतिशत की छूट के अतिरिक्त होगी. यह निर्णय आज रायपुर विकास प्राधिकरण की बैठक में संचालक मंडल में लिया गया. बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने की.   

प्राधिकरण संचालक मंडल के सदस्य सचिव प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने बताया कि एलआईजी फ्लैट्स का क्षेत्रफल 605 वर्गफुट तथा ईडब्लूएस फ्लैट्स का क्षेत्रफल 381 वर्गफुट का होगा. मांग सर्वेक्षण में 70 प्रतिशत आवेदन आने की स्थिति में ही फ्लैट्स का निर्माण कार्य शुरु किया जाएगा.
अवार्ड की राशि वापस कर भूखंड लेने वालों को किस्तों में ब्याज की सुविधा
कमल विहार योजना में अनिवार्य भूअर्जन की अवार्ड राशि जमा कर विकसित भूखंड लेने वाले भूमि स्वामियों को 31 दिसंबर तक अंतिम अवसर देते हुए संचालक मंडल ने ब्याज की राशि जमा करने के लिए 12 किस्तों में जमा करने की सुविधा दे दी है. कमल विहार योजना के निजी भूमि स्वामी जिनकी भूमि का अर्जन योजना के लिए किया गया तथा उन्हें अवार्ड राशि दे दी गई थी यदि वे योजना में भूखंड चाहते हैं तो वे अवार्ड राशि के साथ ब्याज की राशि तथा सर्विस चार्ज जमा कर विकसित भूखंड ले सकते हैं. इसमें यदि कोई भूमि स्वामी ब्याज की राशि किस्तों में जमा करना चाहता है तो उसे 12 किस्तों की सुविधा भी दी जाएगी. किन्तु रजिस्ट्री पूरी राशि जमा होने के बाद ही की जाएगी.
जनवरी 2016 से कमल विहार की बढ़ेंगी दरें
प्राधिकरण के संचालक मंडल ने कमल विहार योजना में बड़े भूखंडों को छोटे भूखंडों में परिर्वर्तित करने के कारण विकास कार्य के लिए अतिरिक्त रुप से लगने वाली राशि के लिए जनवरी 2016 से विक्रय किए जाने वाले भूखंडों की दरें बढ़ाने की स्वीकृति दी है. इस निर्णय के अनुसार आवासीय भूखंडों, सेक्टर लेवल व सार्वजनिक एवं अर्ध्द सार्वजनिक उपयोग के भूखंडो तथा स्कीम लेवल व्यावसायिक के भूखंडों में वृध्दि की जाएगी. 
31 दिसंबर 2015 तक राशि जमा करने पर मिलेगी 3% की छूट
संचालक मंडल ने 31 दिसंबर 2015 तक कमल विहार योजना के आवंटितियों व्दारा भूखंड की समस्त राशि जमा करने पर 3 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट देने का निर्णय लिया है. प्राधिकरण पहले ही निर्धारित तिथि के पूर्व राशि जमा करने वाले आवंटितियों को प्रतिदिन (प्रो रेटा) के आधार पर 12 प्रतिशत की छूट दे रहा है.  
आज संचालक मंडल की बैठक में अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम.डी. कावरे, वित्त विभाग के संयुक्त संचालक श्री सतीश पांडेय, आवास एवं पर्यावरण विभाग के अवर सचिव श्री जी.एल.सांकला, उप वन संरक्षक श्री विनोद मिश्रा, नगर निवेशक श्री एम. एन. ठाकुर तथा नगर तथा ग्राम निवेश के संयुक्त संचालक श्री विनीत नायर और अतिरिक्त सीईओ श्री यू.एस. अग्रवाल उपस्थित थे.  

Nov 17, 2015

छोटे प्लॉट उपलब्ध कराते ही कमल विहार में प्लॉट की मांग बढ़ी

पहले दिन ही 4.23 करोड़ के प्लॉट बिके, प्लॉट चुनने की सुविधा के कारण बढ़ा आकर्षण

रायपुर, 17 नवंबर 2015, जनता की मांग पर छोटे प्लॉट, प्लॉट चुनने की सुविधा और सप्ताह में तीन दिन आवंटन किए जाने के कारण कमल विहार में बिजनेस और आवासीय भूखंडों की मांग तेजी से बढ़ी है. कल पहले ही दिन कमल विहार के बिजनेस 3 और आवासीय उपयोग के 8 भूखंड बिके, जिसकी कीमत लगभग 4 करोड 23 लाख रुपए है. इसमें तीन आवेदकों ने बिजनेस के भूखंड खरीदे. गत दिनों मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व्दारा की गई समीक्षा बैठक में कमल विहार में बड़े भूखंडों को छोटा करने का निर्देश दिया गया था. इस बैठक में आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत और रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव भी उपस्थित थे.
इसके बाद प्राधिकरण ने आवासीय के साढ़े 6 सौ से साढ़े 27 सौ वर्गफुट आकार के 122 भूखंड आवंटन के लिए उपलब्ध कराए गए हैं. जबकि आवासीय में बड़े आकार के 2750 से 20,677 वर्गफुट आकार के 89 प्लॉट हैं. स्कीम लेवल के 64 व्यावसायिक भूखंड सेन्ट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में उपलब्ध हुए हैं. सेक्टर लेवल व्यावसायिक में 52 प्लॉट विक्रय के लिए हैं. उल्लेखनीय है कि कमल विहार में पूर्व में उपलब्ध कराए गए स्कीम लेवल के व्यावसायिक भूखंड पहले से ही बिक चुके थे.

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे के अनुसार सेक्टर लेवल सहित शैक्षणिक और स्वास्थ्य प्रयोजन के भूखंड भी विक्रय के लिए उपलब्ध हैं. पहले 2750 वर्गफुट से छोटे आवासीय भूखंडों के लिए चयन का कोई प्रावधान नहीं था किन्तु अब आवेदक अपनी पसंद के तीन भूखंडों के विकल्प का उपयोग कर सकेंगे. यदि किसी भूखंड के लिए एक से अधिक आवेदन आए तो उस स्थिति में लॉटरी होगी अन्यथा आवेदक को भूखंड आवंटित हो जाएगा. श्री कावरे ने बताया कि पहले सप्ताह में शुक्रवार के दिन ही भूखंडों का आवंटन किया जाता था, अब इसे बढ़ा कर तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार कर दिया गया है. यही नहीं समय पूर्व भुगतान की स्थिति में प्राधिकरण व्दारा प्रो रेटा के आधार पर 12 प्रतिशत की छूट भी उपलब्ध करा रहा है.    

Nov 7, 2015

कमल विहार में अब फिर मिलेंगे छोटे प्लॉट

// छोटे भूखंडों के चयन के लिए तीन विकल्पों की सुविधा मिलेगी //
- एक से अधिक आवेदन पर होगी लाटरी, अब सप्ताह में तीन होगा आवंटन -

रायपुर, 07 नवंबर 2015, कमल विहार योजना में छोटे प्लाटों की भारी मांग के चलते रायपुर विकास प्राधिकरण अब आवासीय भूखंडों के 600 वर्गफुट से बड़े आकार के136 भूखंड, व्यवसायिक उपयोग के लिए 3400 वर्गफुट से अधिक आकार के 24 भूखंड तथा सार्वजनिक एवं अर्ध्द-सार्वजनिक उपयोग के लिए 2300 वर्गफुट से अधिक आकार के लिए 31 भूखंड की बिक्री शुरु करने जा रहा है. प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है. यही नहीं आवेदक अपनी प्राथमिकता के अनुसार स्वयं के लिए तीन भूखंडों के चयन का विकल्प दे सकेगा, जिसके आधार पर भूखंड व अन्य संपत्तियों का आवंटन होगा किन्तु एक से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त होने पर लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया जाएगा.
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. डी. कावरे ने बताया कि अब तक कमल विहार में जो भूखंड बेचे गए हैं उसमें छोटे आकार के भूखंडों की काफी ज्यादा मांग रही है. बड़े भूखंड भी बिके है पर पूरे छत्तीसगढ़ ही नहीं वरन देश और विदेशों से भी लोगों ने कमल विहार में छोटे प्लॉटों के प्रति काफी रुझान दिखाया है. श्री कावरे ने बताया कि प्राधिकरण ने यह निर्णय लिया है कि अब 16 नवंबर से हर सप्ताह शुक्रवार के अलावा सोमवार और बुधवार को भी कमल विहार के भूखंडों का आवंटन किया जाएगा ताकि लोग अपनी पसंद के भूखंड प्राप्त कर सकें.
इसके अतिरिक्त आरडीए अध्यक्ष श्री श्रीवास्तव ने कल देवेन्द्रनगर योजना का दौरा कर व्यावसायिक क्षेत्र की 40 हजार वर्गफुट भूमि तथा सिटी सेन्टर में व्यावसायिक संपत्ति विक्रय के लिए अच्छा वर्किंग प्लॉन बनाए जाने का निर्देश दिया ताकि राजधानी में व्यवसाय करने वाले लोगों को एक और बेहतर स्थान मिल सके.

Nov 6, 2015

देवेन्द्रनगर में नई व्यावसायिक संपत्ति विक्रय की तैयारी में आरडीए

सिटी सेन्टर में भी व्यावसायिक स्थान उपलब्ध कराएगा आरडीए
रायपुर, 06 नवंबर 2015, देवेन्द्रनगर योजना के व्यावसायिक क्षेत्र में व्यवसायियों को 40 हजार वर्गफुट भूमि पर एक नई कार्य योजना बना कर संपत्तियां उपलब्ध कराई जाएगी. रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने आज देवेन्द्रनगर योजना के व्यावसायिक क्षेत्र
का दौरा कर अधिकारियों को एक बेहतर प्रस्ताव तैयार करने को कहा. देवेन्द्रनगर आज पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के सबसे समृध्द क्षेत्र के रुप में जाना जाता है. यहां प्राधिकरण ने कपड़ा व्यवसाय के साथ ही अन्य व्यवसायिक गतिविधियों के लिए भूमि उपलब्ध कराई है जिसे कारण यह लोगों की यह लोगों के लिए एक अच्छे शॉपिंग का केन्द्र के रुप में विकसित हो गया है. छत्तीसगढ़ शासन व्दारा यहां छत्तीसगढ़ हॉट विकसित किया गया है जो इसी व्यावसायिक क्षेत्र में है, जहां देश के कई भागों से हस्तशिल्पी आकर अपना व्यापार करते हैं. आज के भ्रमण के दौरान प्राधिकरण की सीईओ श्री एम.डी. कावरे, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर. नारंग भी उपस्थित थे.
आरडीए के अध्यक्ष ने सिटी सेन्टर कम मल्टीप्लेक्स का भी अवलोकन किया और वहां प्राधिकरण की 40 हजार वर्गफुट निर्मित क्षेत्र का अवलोकन किया. प्राधिकरण को यहां  निर्मित क्षेत्र को विक्रय करना है. श्री श्रीवास्तव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सिटी सेन्टर कम मल्टीप्लेक्स में व्यावसायिक संपत्ति विक्रय के लिए अच्छा वर्किंग प्लॉन बनाए ताकि व्यवसाय करने वाले लोगों को एक बेहतर स्थान पर उचित स्थान मिल सके.