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Aug 25, 2014

आंध्रप्रदेश की नई राजधानी बनाने के पहले कमल विहार और नया रायपुर देखने पहुंची टीम

आंध्रप्रदेश की टीम का कमल विहार का दौरा
रायपुर, 25 अगस्‍त 2014. आंधप्रदेश की नई राजधानी बनाने के पहले वहां की राज्य सरकार ने देश के सात बड़े नगरों के विकास देखने के लिए अपनी टीमें भेजी हैं. इसमें से एक टीम रायपुर विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना और नया रायपुर देखने आज रायपुर पहुंची. मध्यम स्तर के अधिकारियों और पदाधिकारियों की इस टीम में गुंटूर जिले के तेनाली, पोन्नूर और नरसापुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और अधिकारियों ने पहले रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय में सीईओ श्री सौरभ कुमार और मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया से भेंट की तथा उनसे कमल विहार के सिध्दांत, योजना की अवधारणा और उसके क्रियान्वयन का जानकारी ली. दोपहर बाद यह टीम कमल विहार योजना स्थल गई और वहां के विकास कार्यों का अवलोकन किया.

तेनाली नगर पालिका परिषद के आयुक्त श्री गोपीनाथ ने बताया कि आंधप्रदेश सरकार ने डॉ. रमन सिंह की छत्तीसगढ़ सरकार व्दारा विकसित किए जा रहे नया रायपुर और कमल विहार योजना में हो रहे आधुनिक विकास के बारे में काफी कुछ सुना रखा था. इसलिए वहां के नगरीय निकाय और शहरी विकास मंत्री डॉ. नारायण राव ने एक दल को अध्ययन के लिए रायपुर भेजा है. उन्होंने कहा कि हम यहां शहर के नए विकास को समझने के लिए आएं ताकि इसका लाभ आंध्रप्रदेश की नई राजधानी बनाने में मिल सके. उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने सात अलग अलग टीमों को देश के अन्य शहरों में भी भेजा है जिनमें नवी मुंबई, गांधीनगर, चंड़ीगढ़, बंगलूरू, नया रायपुर शामिल है. रायपुर आई टीम कल नया रायपुर और परसों रायपुर शहर का दौरा करेगी.    

आंध्रपदेश के इस दल में पोन्नूर नगर पालिका की अध्यक्ष डॉ. (श्रीमती) सज्जा हेमलता, वार्ड सदस्य श्रीमती शेख मुख्तार बेगम, नरसापुर नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पी. रतनमाला, तेनाली नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष श्री एम. कोटेश्वर राव, आयुक्त श्री पी. गोपीनाथ, नगर निवेशक श्री अशोक कुमार शामिल थे. इस अवसर पर प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, अधीक्षण अभियंता श्री पी.आर.नारंग, सलाहकार कंपनी के वैपकास और ली एंड एसोसियेट के इंजीनियर्स भी शामिल थे.  

Aug 21, 2014

मुख्य सचिव ने किया कमल विहार का दौरा

आरडीए का कार्य मॉस्टर प्लॉन के अनुसार शहर का विकास करना  श्री विवेक ढांड

रायपुर, 21 अगस्‍त 2014. छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड ने कहा है कि रायपुर विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य मास्टर प्लान के प्रावधानों के अनुसार शहर का विकास करना है. इस दिशा में शहर की विभिन्न मुख्य सडकों का निर्माण भी किया जाना चाहिए. श्री ढांड ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण की कमल विहार योजना भ्रमण के दौरान उक्त बातें कहीं.
कमल विहार योजना भ्रमण के दौरान प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौरभ कुमार ने मुख्य सचिव को बताया कि प्राधिकरण ने योजना में विज्ञापित किए गए 600 भूखंडों में से 60 प्रतिशत भूखंडों का विक्रय कर लिया है. अधिकारियों ने बताया कि कमल विहार योजना में आवासीय भूखंडों की काफी मांग है. लॉटरी के व्दारा आवंटन एवं भारी मांग व स्पर्धा के कारण प्राधिकरण को लगभग 400 आवेदकों को भूखंड न मिलने के कारण राशि वापस करनी पडी है. वर्तमान में प्राधिकरण के व्दारा आवासीय के साथ ही व्यावसायिक, सार्वजनिक तथा अर्द्धसार्वजनिक, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक प्रयोजन के 339 भूखंडों का विक्रय विज्ञापन के माध्यम से किया जा रहा है.
                          

मुख्य सचिव को यह बताया गया कि कमल विहार योजना में कुल 7787 विकसित भूखंड है. जिनमें से 6687 विकसित भूखंड वहां के भूमि स्वामियों को दिए जा रहे है. इनमें से प्राधिकरण व्दारा मात्र 1100 आवासीय भूखंडों का ही निर्धारित दर पर विक्रय किया जा रहा है. आवासीय भूखंड हेतु 1335 रुपये लीज होल्ड तथा 1615 रुपये फ्री होल्ड की दर निर्धारित की गई है. इसके अतिरिक्त आवासीय, व्यावसायिक, सार्वजनिक तथा अर्द्धसार्वजनिक, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक प्रयोजन के 95 भूखंड निविदा के माध्यम से विक्रय किए जा रहे है. प्राधिकरण के अधिकारियो ने योजना में शामिल बोरिया तालाब की जानकारी देते हुए बताया कि इसका सौंदर्यीकरण का कार्य भी किया जाएगा. मुख्य सचिव को जानकारी दी गई कि यहां की सड़कों और स्‍ट्रीट लाइटों को छोड़कर सभी बुनियादी अधोसंरचनाएं भूमि के अंदर बिछाई गई हैं. भूमिगत अधोसंरचना विकास के अंतर्गत भूमिगत नाली, बिजली, पानी, टेलीफोन एवं संचार के केबल, सीवर लाइन, बारिश के पानी की निकासी के पाईप लाइन तथा उपचारित पानी के पाईप लाईनें बिछाई गई है. इससे यहां किसी भी प्रकार की गंदगी एवं प्रदूषण नहीं होगा और न ही बारिश के पानी भराव की कोई संभावना होगी. इस अवसर पर  प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्य पालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, योजना के सलाहकार बिल्डक्राफ्ट, वाप्कोस तथा ली एंड एसोसिएट के अधिकारी उपस्थित थे.

Aug 19, 2014

श्री सौरभ कुमार आरडीए सीईओ के प्रभार में

रायपुर, 19 अगस्‍त 2014. राज्य शासन ने रायपुर विकास प्राधिकरण व नया रायपुर के सीईओ श्री अमित कटारिया के प्रशासनिक प्रशिक्षण में जाने के कारण चिप्स के सीईओ श्री सौरभ कुमार को रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का प्रभार दिया है. भारतीय प्रशासनिक सेवा 2009 बैच के अधिकारी श्री सौरभ कुमार ने आज रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पद का प्रभार ग्रहण कर लिया है. श्री कटारिया प्रशिक्षण के बाद आगामी 10 अक्टूबर तक रायपुर लौटेंगे. 


Aug 16, 2014

आरडीए के लिए यह साल स्वर्णिम उपलब्धियों वाला रहा – श्री बजाज

सभी को नई सोच के साथ काम करना है श्री कटारिया


रायपुर, 16 अगस्‍त 2014. रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर न्यू राजेन्द्र नगर स्थित नए कार्यालय में तिरंगा फहराने के बाद कल सभी अधिकारियो और कर्मचारियों का आव्हान किया है कि वे संस्था के कार्यो को और बेहतर बनाए. उन्होंने कहा कि पिछला वर्ष प्राधिकरण के लिए एक स्वर्णिम उपलब्धियों वाला रहा है. इस दौरान रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा विकसित की गयी नगर विकास योजना कमल विहार की देश - विदेश में प्रशंसा होने लगी है. इसलिए अब हम पर यह दायित्व है कि हम आने वाले समय में और बेहतरीन कार्य करें. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने इस अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि गत वर्ष प्राधिकरण ने विकास कार्यो के माध्यम से जो साख बनाई है वह अपने आप में एक उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने गुणवत्ता के साथ कार्य किया है इसलिए संस्था का नाम भी हुआ है. अब आगे हमें एक नई सोच के साथ काम करते रहना है. झंडारोहण के अवसर पर प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरीफ मोहम्मद, मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया, कार्यपालन अभियंता श्री पी.एम. कोल्हे, श्री श्रीचंदझा, श्री अनवर खान, राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य, प्रशासनिक अधिकारी श्री ए.डी.जान सहित कई अधिकारी,कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित थे.









Aug 6, 2014

1692 एकड़ की होगी नगर विकास योजना क्रमांक - 5

नगर विकास योजना क्रमांक - 5 के आशय की घोषणा
आरडीए ने योजना का मानचित्र व चतुर्सीमा किया सार्वजनिक

रायपुर, 06 अगस्‍त 2014. रायपुर के मॉस्टर प्लॉन को लागू करने की दिशा में रायपुर विकास प्राधिकरण जो छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में दिए गए प्रावधानों के अनुरुप रायपुर में नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी है व्दारा नगर विकास योजना क्रमांक 5 तैयार करने के आशय की घोषणा कर दी है. एक अगस्त को छत्तीसगढ़ राजपत्र में की गई घोषणा के अनुसार डूमरतराई, देवपुरी अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा (सभी के भाग) में नगर विकास योजना क्रमांक 5 तैयार की जाएगी. नगर तथा ग्राम निवेश प्राधिकारी व्दारा छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 50 की उपधारा (2) के अधीन राजपत्र के भाग -1 में नगर विकास योजना क्रमांक 5 बनाने की घोषणा की है. राजपत्र के अतिरिक्त रायपुर से प्रकाशित तीन हिन्दी व दो अग्रेंजी समाचार पत्रों में भी नगर विकास योजना तैयार करने की घोषणा का प्रकाशन किया गया है.
नगर विकास योजना के लिए राजपत्र व समाचार पत्रों में योजना की चतुर्सीमाओं में आने वाले खसरा नंबरों तथा क्षेत्र के नाम का उल्लेख किया गया है. योजना के तीन भाग होंगे जिनमें पार्ट ए, बी व सी है. इन तीनों भागों की चतुर्सीमाएं सूचना में दी गई है. नगर तथा ग्राम निवेश प्राधिकारी व्दारा इसके अतिरिक्त चतुर्सीमाओं को दर्शाने वाला खसरा मानचित्र भी प्राधिकरण की वेबसाईट आरडीए डॉट कॉम पर उपलब्ध करा दिया है. यह मानचित्र प्राधिकरण कार्यालय, कार्यालय कलेक्टर रायपुर, आयुक्त नगर पालिक निगम रायपुर तथा संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर के कार्यालय में भी अवलोकन के लिए उपलब्ध करा दिया गया है.

 प्राधिकरण ने गत 5 जून को राज्य शासन को नगर विकास योजना क्रमांक 5 तैयार करने के लिए एक प्रस्ताव प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने के लिए भेजा था. इस प्रस्ताव के अनुसार योजना क्षेत्र में स्वीकृत अभिन्यास, आबादी, निर्मित क्षेत्र, हरित क्षेत्र तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्र को शामिल नहीं करने का उल्लेख था. प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव में कहा था कि नगर विकास योजना के क्रियान्‍वयन से रायपुर शहर के मास्‍टर प्‍लान के अनुसार मुख्‍य मार्गों को जोड़ने वाली सड़कों का भी विकास हो सकेगा. इस प्रस्ताव पर आवास एवं पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन व व्दारा 12 जून को डूमरतराई, देवपुरी अमलीडीह, फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा में नगर विकास योजना क्रमांक 5 बनाने की सैध्दांतिक प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है.
नगर विकास योजना क्रमांक 5 के पार्ट ए डूमरतराई, देवपुरी, अमलीडीह व फुंडहर का क्षेत्र शामिल है. तथा इसका अनुमानित क्षेत्रफल लगभग 1020 एकड़ है. पार्ट बी में फुंडहर, लाभांडीह एवं जोरा का क्षेत्र शामिल है तथा इसका अनुमानित क्षेत्रफल लगभग 641 एकड़ है. पार्ट सी में पूर्व एवं प्रस्तावित नगर विकास योजना को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली मास्टर प्लॉन 2021 (पुनर्विलोकित) के सभी सड़कों का विकास प्रस्तावित है. इसका अनुमानित क्षेत्रफल लगभग 31 एकड़ है. इस प्रकार योजना का कुल संभावित क्षेत्रफल 1692 एकड़ है. प्रस्ताव के अनुसार पार्ट ए एवं पार्ट बी के अनुमानित रकबों के अन्तर्गत स्वीकृत अभिन्यास, आबादी, निर्मित क्षेत्र, हरित क्षेत्र एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय आदि का क्षेत्र शामिल नहीं किया जाएगा. 

Aug 2, 2014

नगर निगम पार्षदों ने देखा और सराहा कमल विहार

कमल विहार के विकास कार्यों का अध्ययन

रायपुर, 02 अगस्‍त 2014. नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति और कई पार्षदों ने आज आयुक्त, उपायुक्‍त, सभी जोन कमिशनरों और इंजीनियर्स के साथ कमल विहार योजना का भ्रमण कर विकास और निर्माण कार्यों का अध्ययन किया. रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया ने कमल विहार योजना में किए गए अधोसंरचना विकास कार्यों की जानकारी देते हुए इससे होने वाले लाभ से उन्हें अवगत कराया. श्री कटारिया ने कहा कि इस योजना का मूल उद्देश्‍य शहर में हो रहे बेतरतीब विकास के बदले सुव्‍यवस्थित एवं नियोजित रूप से विकास करना है.

आरडीए के सीईओ श्री कटारिया ने पार्षदों को बताया कि कमल विहार में सड़क और स्‍ट्रीट लाइटों को छोड़कर सभी बुनियादी अधोसंरचनाएं भूमि के अंदर बिछाई गई हैं. इससे यहां किसी भी प्रकार की गंदगी एवं प्रदूषण नहीं होगा और न ही बारिश के पानी भराव की कोई संभावना होगी. उन्होंने कहा कि योजना पहले विकास फिर बसाहट के सिद्धांत पर विकसित की गई है. जिसमें योजना क्षेत्र के भू-स्‍वामियों को उनकी अविकसित भूमि के बदले विकसित भूखंड वापस किए जा रहे हैं. श्री कटारिया ने पार्षदों को जनभागीदारी से बनाई गई कमल विहार योजना में भूअर्जन हेतु लैण्‍ड पुलिंग की प्रक्रिया तथा उसके लाभ की भी जानकारी दी. पार्षदों ने चर्चा के दौरान कमल विहार योजना की सराहना करते हुए कहा कि यहां हुए निर्माण कार्य से सफाई और अन्य रखरखाव के कार्यो की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. पार्षदों ने कमल विहार में में भूखंड प्राप्‍त करने की प्रक्रिया की भी जानकारी ली.
      नगर निगम के पदाधिकारियों ने पहले कमल विहार योजना के सेक्‍टर 7 में पहुंचकर भूमिगत नाली, बिजली, पानी, टेलीफोन एवं संचार के केबल, सीवर लाइन, बारिश के पानी की निकासी के पाइप लाइन तथा उपचारित प्रदूषित पानी के पाइप लाइन का अवलोकन किया. उसके बाद उन्होंने बस से योजना के अन्य सेक्टरों सहित स्कूल के सामने रिंग रोड का अवलोकन किया. श्री कटारिया ने उन्हें बताया कि कमल विहार में हर भूखंड के सामने सभी बुनियादी सुविधाओं के लिए कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराया गया हैं. जिसमें भवन निर्माण के साथ ही नाली, पानी, बिजली, संचार केबल, सीवर लाइन इत्‍यादि का कनेक्‍शन जोड़कर उसका उपयोग किया जा सकेगा.
      कमल विहार योजना के विकास एवं निर्माण के अध्‍ययन के इस दौरे में नगर निगम के सभापति श्री संजय श्रीवास्‍तव, नेता प्रतिपक्ष श्री सुभाष तिवारी, आयुक्‍त श्री अवनीश कुमार शरण, उपायुक्‍त श्री जे.आर. सोनी, पार्षदगण श्री सतनाम सिंह पनाग, श्री प्रमोद दुबे, श्री समीर अख्‍तर, श्री जगदीश आहूजा, श्रीमती रेखाप्रकाश रामटेके, श्री जग्‍गूसिंह ठाकुर, श्री प्रफुल्‍ल विश्‍वकर्मा, श्री सुमीत दास, श्री जसबीर ढिल्‍लन, श्रीमती भारती अवतार बागल, श्री प्रेम बिरनानी, श्री दीनानाथ शर्मा, श्री राधेश्‍याम बुन्‍देला, श्री ज्ञानेश शर्मा, श्री अनीस अहमद, श्री रितेश त्रिपाठी, श्री पुरूषोत्‍तम देवांगन, श्री सहदेव व्‍यवहार, श्री गोविंद मिश्रा, श्री बजरंग निषाद, श्री सूर्यकांत राठौर, श्री राकेश धोतरे, श्री लेखराम सोनकर, श्री सुनील बांद्रे, श्री खेमलाल साहू, श्री अशोक मनवानी, श्रीमती अनिता अरविन्‍द यादव, ममता सुभाष अग्रवाल, अंजनी राधेश्याम विभार, एल्डरमैन हाजी मुन्ना, कमल हरपाल व श्री योगेश शेन्डे शामिल थे. नगर निगम के उपायुक्त श्री जे.आर. सोनी, सभी जोन के कमिश्नर, व इंजीनियर्स सहित प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री जे.एस. भाटिया और राजस्व अधिकारी श्री पुलक भट्टाचार्य भी इस भ्रमण को दौरान उपस्थित थे.