रायपुर, 17 सितंबर 2009, राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा गृह त्रृण में ब्याज की कमी का लाभ हितग्राहियों को देने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण ने रायपुरा में निर्माणाधीन इन्द्रप्रस्थ डुप्लेक्स आवासीय योजना में भुगतान की भाड़ाक्रय प्रणाली के बजाय स्ववित्तीय योजना लागू करने का निर्णय लिया है. इसके फलस्वरुप आठ विभिन्न श्रेणियों के डुप्लेक्स मकानों की कीमत में 20 साल तक की किश्तों में भुगतान करने पर हितग्राहियों को लगभग 8 लाख 28 हजार रुपए से 15 लाख 48 हजार रुपए का फायदा होगा. प्राधिकरण द्वारा अपनी पहली डुप्लेक्स योजना हेतु अगस्त 2008 में 302 मकानों के लिए 246 मकानों का पंजीयन किया था.
गत दिनों प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री एस.एस.बजाज व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कटारिया द्वारा योजना के लिए पूर्व में हडको से ऋण लेकर निर्माण योजना की समीक्षा की थी. समीक्षा में यह पाया कि निर्माण अवधि के दौरान ऋण राशि पर देय ब्याज की गणना मूलधन में जोडी जाती है तथा हडको से ऋण लेने पर हितग्राहियों को सवा 11 प्रतिशत की दर से मूलधन के साथ ब्याज देना होगा, जबकि राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा ब्याज दर में की गई कमी के फलस्वरुप पहले व दूसरे- तीसरे वर्ष में फिक्सड रेट पर क्रमशः 8 प्रतिशत व साढ़े 8 प्रतिशत व चौथे वर्ष से 20 वर्ष तक फ्लोटिंग रेट पर 9 प्रतिशत की दर से ब्याज देय होगा जो प्राधिकरण द्वारा हडको से ऋण लेने की स्थिति से सवा 3 से सवा 2 प्रतिशत तक कम है, और इसका सीधा फायदा हितग्राहियों को मिलेगा. इस कारण प्राधिकरण के संचालक मंडल ने इन्द्रप्रस्थ योजना के लिए हडको से ऋण लेकर भाड़ाक्रय प्रणाली के बदले स्ववित्तीय योजना लागू कर हितग्राहियों को आर्थिक लाभ देने का निर्णय लिया है.
उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण ने पंजीयन के समय आवेदकों से डुप्लेक्स मकान की अनुमानित कीमत की 10 प्रतिशत राशि आवेदन के साथ जमा कराई थी. उस समय योजना के लिए हडको से ऋण लिया जाना था किन्तु बाद में बैंकों द्वारा गृह ऋण के ब्याज में आई कमी का लाभ इन्द्रप्रस्थ योजना के पंजीयनकर्ताओं को देने हेतु समीक्षा की.प्राधिकरण ने इस संबंध में सभी पंजीयनकर्ताओं को अपने इस निर्णय से अवगत करा दिया है.प्राधिकरण ने भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों से भी चर्चा कर पंजीयनकर्ताओं को सरल प्रक्रिया के माध्यम से त्वरित ऋण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था.बैंक के अधिकारियों ने प्रस्ताव पर रुचि दिखाते हुए ऐसे ऋण प्रकरणों पर स्वीकृति देना शुरु कर दिया है.श्री बजाज के अनुसार पंजीयनकर्ता किसी भी वित्तदायी संस्था या बैंक से ऋण ले सकते हैं. पंजीयनकर्ता चाहे तो वे एक मुश्त राशि भी जमा कर सकते हैं. इसमें कोई बंदिश नहीं है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की मंशा है कि प्राधिकरण बेहतर निर्माण के साथ सुविधाजनक कीमत पर हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराए.श्री बजाज ने बताया कि प्राधिकरण ने निर्माण की गुणवता को बेहतर बनाने तथा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में इन्द्रप्रस्थ योजना के पंजीयनकर्ताओं को हर शनिवार अपने बनते हुए डुप्लेक्स मकान का स्थल पर अवलोकन करने का अवसर उपलब्ध कराया है. इस हेतु निर्माण स्थल पर योजना के सहायक अभियंता हर शनिवार प्रातः 11 बजे से 3:00 तक पर उपलब्ध रहेंगे.